Zinc Supplements May Stave Off Cancer Growth

Zinc supplements may halt the rapid growth of esophageal cancer cells, according to a study that could lead to new prevention and treatment strategies for the disease. Previous studies have shown that zinc is essential for maintaining human health and protects the oesophagus or food pipe from cancer. Researchers at the University of Texas, Arlington, U.S. discovered that zinc selectively halts the growth of cancer cells but not normal esophageal epithelial cells. “Zinc deficiency has been found in many cancer patients. Both clinical data and animal studies have shown that this mineral is very important for overall body health and for cancer prevention,” says Dr. Zui Pan, an associate professor of nursing at UTA. The study, published in the FASEB Journal, found that zinc is an important element in many proteins and many enzymes and its absence makes it impossible for cells to function. “Our study, for the first time to our knowledge, reveals that zinc impedes overactive calcium signals in cancer cells, which is absent in normal cells, and thus zinc selectively inhibits cancer cell growth,” says Dr. Pan. “It now appears that zinc and calcium can have a cross talk, meaning that they can be linked.”

 An insufficient amount of zinc can lead to the development of cancer and other diseases, the researchers say. “That is why it is important to have a good diet,” Dr. Pan adds. Zinc enriched foods include spinach, flax seeds, beef, pumpkin seeds and seafood like shrimp and oysters.

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Pavan Kaushik

चक्रवाती तूफ़ान ओखी का असर शहर में हुई बारिश – सर्द हुआ मोसम

पोस्ट न्यूज़। चक्रवाती तूफ़ान ओखी ( Okhi Cyclone ) का असर उदयपुर में भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार सुबह हलकी बारिश के बाद सर्दी बढ़ गयी है। चक्रवाती तूफ़ान ओखी ( cyclonic-storm-okhi ) के कारण मोसम सोमवार सुबह्से ही खराब हो गया था। सर्दी बढ़ने के साथ साथ आसमान में बादल छा गए थे। सूरज दो दिन से बादलों की ओट में छुपा हुआ है। मोसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा चक्त्र्वाती तूफ़ान ओखी के कारण ही मेवाड़ सही राजस्थान में मोसम एसा बना हुआ है। आने वाले दो तीन दिन और मोसम सर्द और बादलों से भरा हुआ ही रहने की आशंका है।
इधर शहर ही नहीं बलिकी पुरे मेवाड हर जगह शादियों की रेल पेल है। अधिकतर शादियाँ खुले में वाटिकाओं में आयोजित हो रही है। एसे में शादी करने वालों की चिंताएं बढ़ गयी है। अगर बारिश हलकी भी आती है या सर्दी और ज्यादा बढती है तो काफी परेशानियों का सामना करना पडेगा,
इधर मोसम सर्द होने के साथ ही शहरवासियों और ख़ास कर सुबह स्कूल जाने वाले नन्हे मुन्नों की मुश्किलें बढ़ गयी है। सुबह सात बजे से नन्हे मुन्ने स्वेटर कोण जेकेट मफलर और हाथों में दस्ताने पहने नज़र आये। कई बच्चे बाइक पर अपने पिता के पीछे दुबके बैठे बैठे दिखे।

The Tooth about Zinc

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While Zinc is present in the human body in cells, bones, eyes etc., it is also naturally present in mouth in the saliva and the enamel of teeth. Zinc is formulated into oral health products to control plaque, reduce malodour, prevent growth of bacteria and inhibit calculus deposits that form on the teeth. Zinc helps prevent diseases that originate from the mouth like: oral ulceration, stomatitis, white tongue coating, mouth sores and burning mouth syndrome.

Zinc is also used when teeth are affected by cavities, in the form of fillings to restore a damaged tooth back to its normal function and shape. Using a mixture of Zinc and other elements, this filling lasts for more than 10 years, is less expensive and can withstand forces.

 In the 1890s, a remedy was introduced which is still undertaken by many people all over

Pavan Kaushik

the world to provide temporary treatment for decaying teeth. By combining Zinc Oxide powder with Clove Oil,  Zinc Oxide Eugenol is created which is used as cement material in dentistry. This well-known combination offers an instant relief for decaying teeth and is used as a temporary filling having anaesthetic and anti-bacterial properties.

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Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा नेत्रहीन छात्रों को दिये गये एंड्राॅइड स्मार्ट फोन

विषेष योग्यजन बच्चों के लिए ’जीवन तरंग जिंक़ के संग’ कार्यक्रम के तहत हिन्दुस्तान जिंक द्वारा विष्व विकलांगता दिवस के अवसर पर प्रज्ञा चक्षु विद्यालय, उदयपुर के कक्षा 1 से 5 तक नेत्रहीन छात्रों को एंड्राॅइड स्मार्ट फोन 4 दिसम्बर, 2017 को वितरण किया गया।

इन एंड्राॅइड स्मार्ट फोन से कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों एवं छात्राओं को पढ़ने एवं लिखने की इस उपकरण पर एक्सेस सुविधा उपलब्ध होगी। ये फोन छात्रों को अपने पाठ्यपुस्तकों को बुकषेयर से डेज़ी प्रारूप में प्रिंट के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आॅनलाइन लाइबे्ररी से एक्सेस करने की सुविधा भी होगी। इससे छात्र अपनी एकडेमिक सामग्री को पढ़ने और तैयार करने में सामान्य छात्रों के बराबर हो पाएंगे तथा वे प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

कक्षा 6 से 12वीं तक छात्रों एवं छात्राओं को पहले ही सर्वषिक्षा अभियान के तहत एंड्राॅइड स्मार्ट फोन दिये जा चुके हैं जिन्हें हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा उपलब्ध कराये गये ज्तंपदमत श्री नितिन पटेल अध्यापकों एवं बच्चों को प्रषिक्षण दे रहें हैं और शेष बच्चों को भी वहीं प्रषिक्षण देंगें। प्रषिक्षण के पश्चात् आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अभिताभ गुप्ता को कक्षा 8वीं के छात्र ईष्वर एवं सचिन ने एंड्राॅइड स्मार्ट फोन पर उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं कक्षा 11वीं के कृष्णा ने कुषलता से लेपटोप पर अपना नाम लिखकर व अन्य एप्लीकेषन पर उपयोग करके दिखाया। कक्षा आठवीं के छात्र अनुराग ने उदयपुर की सुंदरता पर अपने स्वयं द्वारा रचित कविता भी सुनाईं।

आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री अमिताभ गुप्ता ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क इन बच्चों के लिए संगीत अध्यापक भी उपलब्घ कराएंगे। उन्होंने बच्चों की कार्य कुषलता की प्रषंसा करते हुए आष्वस्त किया कि हिन्दुस्तान जिं़क इन विषेष योग्यजन बच्चों के विकास के लिए सदैव कटिबद्ध है।

इस अवसर पर प्रज्ञा चक्षु विद्यालय, उदयपुर की प्राधानाध्यापक श्रीमती आभा शर्मा ने हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा सहयोग की प्रषंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।

ज्ञातव्य रहे कि ऐक्सेसबल डिवाइस से छात्रों को इंटरनेट शक्ति का उपयोग और संासारिक ज्ञान प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी। विषेष रूप से नेत्रहीन छात्रों के लिए बने फोन पर उपयोगकर्ता गेम्स का आनंद भी ले सकेंगे।

हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क का सदैव प्रयास रहा है कि विषेष योग्यजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये स्वैच्छा से आगे आएं एवं समाज का अभिन्न हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाएं।

आज ही हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा बधीर बाल कल्याण विकास समिति भीलवाड़ा के भी सभी बच्चों को एंड्राॅइड स्मार्ट फोन दिये गये।

कार्यक्रम का संचालन हिन्दुस्तान जिं़क की एग्जिक्यूटीव सीएसआर – श्रीमती प्रिंसी गे्रसी सेन ने किया।

मानबाग और आषिश वाटिका से परेशान खासोआम- रसूख के आगे नतमस्तक हुआ निगम.

उदयपुर। शहर में शादीब्याह के सीज़न में निकायों के नियम कायदे सब के सब टाक पर धरे रह गए। जिन वाटिकाओं में पार्किंग नहीं है जिनके पास पार्टी आयोजन की स्वीक्रति नहीं है वह भी अपने रसुखों के दम पर धड़ल्ले से चल रही है। सेक्टर १४ की दो वाटिकाएं खुले आम नियमों की धज्जियाँ उड़ा रही है लेकिन वाटिका मालिक के रसूख के चलते उनपर अंकुश लगाने की कोई सोच भी नहीं सकता। अलबत्ता एसी ही अगर कोई अन्य वाटिका करती है तो निकाय के निरक्षक बंद करवाने पहुच जाते है।
इन दिनों सावों की खासी धूम मची हुई है, चारों तरफ जाम की ऐसी स्थिति है कि वाहन भी रेंगकर चल रहे हैं। हर खासोआम काफी परेशान हो रहा है, लेकिन बेंड, बाजा बारात में सबसे ज्यादा चांदी शहर के गार्डन कूट रहे हैं। निगम और न्यास परिधि में आने वाले इन गार्डनों में से दर्जनों गार्डन अवैध रूप से चल रहे है जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया। एक-दो बार इन दोनो निकायों ने हिम्मत भी की पर अब वह हिम्मत न जाने कहां चली गई है। गार्डनों के बाहर बेतरतीब से अवैध रूप से पार्किंग की जाती है। वहीं वहां से गुजरने वाले वाहनधारियों को इन गार्डनों के बाहर सिक्युरिटी गार्ड में के रूप में खड़े मुस्टण्डे धमकाते हुए भी दिखाई देते है। व्यस्ततम इलाकों में से एक सेक्टर ग्यारह से 14 की तरफ जाने वाले मार्ग पर बने दो गार्डनों का यह हाल है कि पार्किंग सड़क पर होती है और रास्ता जाम रहता है । यह दोनो ही गार्डन रसूखदारों के बताए जाते है जहां तक पंहुचना निगम की भी जद में नहीं है। हिरणमगरी का मानबाग गार्डन जो भाजपा के रसूखदार नेता का है। इसी वजह से यहां पर कोई भी निगम का कर्मचारी कार्रवाई करने नहीं आता है, क्यांेकि अगर वह कार्रवाई करेगा तो कहीं उसकी नौकरी पर ही नहीं बन आए। इस गार्डन में वैसे तो पार्किंग है पर नाम मात्र की। पार्किंग मे तो कम ही मेहमान या मेजबान अपना वाहन पार्क करते हैं क्योंकि सड़क पर ही उन्हें वाहन खड़ा करवाने के लिए गार्डन की तरफ से तैनात सिक्युरिटी कम्पनी के मुस्टंडे मिल जाते हैं जो लाल और हरे रंग के इलेक्ट्रोनिक डण्डे लेकर खड़े रहते है। इसके अलावा आषिश वाटिका जो मान बाग से महज 200 मीटर की दूरी पर होगी। यह भी काफी रसूखदार शक्श की है जिस तक पंहुचना निगम के लिए नामुमकीन सा ही है। यही वजह है कि यहां पर भी गार्ड की वर्दी में तैनात सुरक्षा कर्मी मनमर्जी से वाहनों को सड़क किनारे ही खड़ा कराते है। जिस वजह से खासोआम को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। हालाकि इस वाटिका के ठीक सामने संचालक ने पार्किंग के लिए एक भुखण्ड ले रखा है, लेकिन इतनी बड़ी वाटिका के लिए यह पार्किंग स्थल भी नाकाफी सा लगता है। इसलिए यह सुरक्षा कर्मी यहां आने वाले मेहमानों को सड़क पर ही वाहन खड़ा करने पर मजबूर कर देते है। स्मार्ट सिटी के इन दो गार्डनों की दबंगई के कारण यहां से गुजरने वाले हर खासोआम को कितनी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने कई बार यहां के वार्डपार्षद से भी षिकायत की, लेकिन वह भी कुछ नहीं कर पाए। ऐसा नहीं है कि निगम के कर्ताधर्ता की नजरें यहां नहीं गई होगी। वह खुद भी इन गार्डनों के होने वाले आयोजनों में शिरकत करने आते है और अपनी आंखों से यह नजारा देखने के बाद भी उनका चुप्पी साधना साबित करता है कि वाकई वह शहर विकास के बारे में कितना सोचते हैं। इधर शहर के अन्य हिस्सों में कुछ छोटी वाटिकाएं है जिसमे कम रूपये लेकर आयोजन होता है लेकिन नगर निगम वाले यहाँ जाब्ते के साथ पहुच जाते है और आयोजन में अव्रोश दाल कर वाटिका बंद करवाने और सील करवाने की धमकी देते है। शहर की कई छोटी वाटिकाएं जो नियमों को पूरा नहीं करई बंद है। लेकिन जिनके साथ रसूखदार नेता है वो बिना खोफ अपना काम कर रहे है।

बॉलीवुड के रोमांटिक स्टार शशिकपूर ने कहा इस दुनिया को अलविदा

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पोस्ट न्यूज़ . अपने जमाने के रोमांटिक और मशहूर अभिनेता कपूर फेमली के एक स्तम्भ शशि कपूर इस दुनिया में नहीं रहे . शशि कपूर 79 साल के थे पिछले काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे और मुंबई  कोकिलाबेन अस्पताल में भारती थे .

दादा फाल्के पुरूस्कार से सम्मानित अभिनेता शशि कपूर अपने जमाने के खासे फेमस अभिनेता रह चुके है उन्होंने बीसियों हिट फिल्मों में काम किया था . प्रथ्वी राजकपूर के बेटे राजकपूर और शम्मी कपूर के भाई शशि कपूर ने 18 मार्च 1938 को पृथ्वी राज कपूर के घर में जन्मे शशि कपूर ने बतौर बाल कलाकार काम शुरू किया था. 1961 में वह फ़िल्म ‘धर्म पुत्र’ से बतौर हीरो बड़े पर्दे पर आए थे. फ़िल्म ‘चोरी मेरा काम’, ‘फांसी’, ‘शंकर दादा’, ‘दीवार’, ‘त्रिशूल’, ‘मुकद्दर’, ‘पाखंडी’, ‘कभी-कभी’ और ‘जब जब फूल खिले’ जैसी करीब 116 फिल्मों में अभिनय किया था. जिसमें 61 फिल्मों में शशि कपूर बतौर हीरो पर्दे पर आए और करीब 55 मल्टीस्टारर फिल्मों के हिस्सा बने थे.

अमिताभ बच्चन के साथ इनकी जोड़ी खूब सराही गई थी. फ़िल्म इंडस्ट्री में शशि कपूर को कई पुरस्कार मिले. 2011 में भारत सरकार की तरफ से उन्हें पद्मभूषण से भी नवाजा गया था. शशि कपूर हिन्दी फ़िल्मों में लोकप्रिय कपूर परिवार के सदस्य थे. साल 2015 में उनको 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया था.

आइडिया पर लगातार काम करने से मिलेगी सफलता, ‘थिंकिंग बिग, थिंकिंग ग्लोबल’ का दिया मंत्र

उदयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश में और देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस उन्हें तराशने और मार्गदर्शन की जरूरत है। मुख्य मंत्री रविवार को यहाँ मोहनलाल सुखाडिया में आयोजित दो दिवसीय डीजी फेस्ट के समापन के अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि सूचना प्रधोयोगिकी के स्केटर में तीन दशक पूर्व इस प्रकार की उपलब्धियों की कल्पना भी नहीं की जासकती थी।लेकिन वर्तमान पीढ़ी इसका जो लाभ ले रही है।वह इस क्षेत्र के समर्पित।शोधकर्ताओं की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।बांसवाडा, सागवाडा तथा सिरोही के छात्रों द्वारा डीजी फेस्ट में उत्कृष्ठ प्रदर्शन पर उन्हें बधाई देते हुए मंचासीन जनप्रतिनिधियों को इंगित करते हुए कहा कि आप अब कभी मत कहना कि हमारा क्षेत्र पिछडा हुआ है। क्यूंकि वहां अंकित जैन और शिवम् जैसी प्रतिभाएं है जो क्षेत्र के विकास में जुडी हुई है स्टार्टअप में सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि बदलाव के आइडियाज  पर लगातार काम करेंगेतो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता।

 

थिंकिंग बिगथिंकिंग ग्लोबल

उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद के सदस्य श्री मोहनदास पई ने थिंकिंग  बिगथिंकिंग  ग्लोबल विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सफल होने के लिए दुनिया भर में फैला विशाल कैनवास तब मिलता हैजब युवा अपनी असीमित क्षमता का पूरे आत्मविश्वास के साथ उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में असीमित  क्षमता हैउसका उपयोग कर आप अपने व देश के भविष्य को बदल सकते हैं। उन्होंने युवाओं को सीख देते हुए कहा कि वे जो भी करेंउसमें विशेषज्ञता हासिल करें। साथ ही उन्हें प्रोब्लम सॉल्वर बनना चाहिए। भारत जैसे विशाल देश में आज भी ऐसी कई समस्याएं हैंजिनका तकनीक के उपयोग से बेहतर समाधान ढूंढा जा सकता है। यह समाधान न सिर्फ देश के विकास में अपना योगदान देंगेअपितु ये युवाओं को सफल उद्यमी बनाने में सहायक होंगे।

टेक्नोलोजी फॉर चेंज

ऑटोडेस्क के एमडी श्री प्रदीप नायर ने टेक्नोलोजी फॉर चेंज विषय पर विचार रखते हुए कहा कि क्लाउड कम्प्यूटिंग ने तकनीक की दुनिया बदल दी है। भारत जैसे तेजी से विकसित होते हुए देश में क्लाउड  कम्प्यूटिंग के उपयोग से सकारात्मक तकनीकी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में डिजायनिंग हब बनने की प्रचुर संभावनाएं हैं। मेक इन इंडिया के साथ अब डिजायन इन इंडिया की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिभाएं डिजायनिंग के क्षेत्र में अपना हुनर दिखा रही हैं लेकिन इसका पूरा लाभ फिलहाल पूरा नहीं मिल पा रहा है। भारत के डिजायनिंग हब बनने से उन्हें भरपूर मौके मिलेंगे।

सफल स्टार्ट अप के लिए अच्छी टीम जरूरी

ओयो रूम्स के संस्थापक श्री रितेश अग्रवाल ने राजस्थान के  साथ अपने खास जुड़ाव की यादें साझा करते हुए कहा कि वे वैज्ञानिक बनना चाहते थे और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ रहे थे। तभी उनके दिमाग में स्वयं के उद्यम का खयाल आया और आज अपनी एक भी होटल प्रोपर्टी नहीं होने के बावजूद उनके द्वारा शुरू की गई कंपनी देश की सबसे बड़ी होटल चैन्स में से एक है। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल स्टार्टअप के लिए जो बिंदु सबसे आवश्यक हैवह है अच्छी टीम। टीम का विश्वास आप तभी जीत सकते हैंजब आप स्वयं कड़ी मेहनत करें और एक मिसाल  कायम  करें। उन्होंने कहा कि  भारत में अवसरों की कोई कमी नहीं है। युवाओं को उसका लाभ लेना चाहिए। 

सुप्रीम एविएशन के अमित अग्रवाल ने कहा कि एक पायलट के रूप में अमरीका में आलीशान जिंदगी होने के बावजूद उनके मन में खयाल आया कि उन्हें उद्यमी बनना चाहिए। यही सोचकर उन्होंने विभिन्न शहरों को जोड़ने वाली एयरलाइन कंपनी बनाने की ठानी। उन्होंने कहा कि शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी के मामले में आज राजस्थान देश में सबसे आगे है। सूचनाप्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने सत्र में विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा रखी और आभार जताया।

विभिन्न सत्रों में युवाओं ने की शिरकत

डिजिफेस्ट में विभिन्न विषयों पर समानांतर सत्र आयोजित किए गए।  यंग एंटरप्रेन्योरशिप सत्र में एनपीसीआई के श्री विपिन द्विवेदी ने सफलता की यात्रा को साझा करते हुए कहा कि आप अपना काम करते जाइएलोग अपने आप जुड़ते जाएंगे। उबेर के डायरेक्टर,पब्लिक अफेयर श्री कोलिन टूजजूम कार के फाउंडर व सीईओ श्री ग्रेग मोरेन ने भी अपनी कामयाबी की कहानी से युवाओं का दिल जीता और उन्हें प्रेरणा दी। तीसरे सत्र इन्नोवेशंस एट एंटरप्राइजेज लीवरेजिंग स्टार्टअप्स में पेप्सिको के सीटीओ अनिल शर्माहोंडा एसआईईएल के सीआईओ श्री हिलाल खानलाल पैथ लैब्स के सीईओ श्री मूनेंद्र सोपर्णाओबेराय होटल्स के सीआईओ राजेश चोपड़ा आदि ने स्टार्टअप्स के लाभचुनौतियां एवं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कारगर उपायों एवं तकनीकी आयामों पर विचार रखे। चौथे सत्र फंड रेजिंग फॉर स्टूडेंट स्टार्ट अप्स में माईक्रोसॉफ्ट के स्टार्टअप्स डायरेक्टर नवीन असरानीइंस्टा ऑफिस के कॉ-फाउंडर श्री विकास लखानी,जेननेक्स्ट इनोवेशन हब के इकोसिस्टम डवलपमेंट हैड राजीव वैष्णव ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप्स में फंड मैनेजमेंट के गुर दिएवहीं आपात प्रबंधनव्यावसायिक चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी प्रशिक्षण एवं अनुभवों का लाभ उठाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों के बारे में जानेउनकी यात्रा को समझें और उससे सीखते हुए आगे बढें।

पांचवें सत्र राजस्थान स्पीक्स में एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि हममें हर तरह के माहौल में आगे बढने की हिम्मत होनी चाहिए। लोजीनेक्स्ट सॉल्यूशंस के प्रेसीडेंट मृदुल खंडेलवाल ने टाइम मैनेजमेंटइच्छा शक्ति और समर्पण के साथ काम करने पर बल दिया। वर्ड ऑफ माउथ कन्स्ल्टिंग के विनीत पांछी ने भी विचार व्यक्त करते हुए युवाओं को प्रेरणा दी।

जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मोके पर डूंगरपुर के MMB ग्रुप ने उन तक भी शांति और सच्चाई का सन्देश पहुचाया जिन्हें समाज बहिष्कृत कर चुका है।

post न्यूज़। जरूरत मंदों के घरों तक राशन पानी पहुंचाने के लिए जाने जाने वाले डूंगरपुर के एम्एमबी ग्रुप ने जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मोके पर समाज के उन लोगों तक भी शांति और सुकून का सन्देश पहुंचाया जिनके कर्मो के चलते क़ानून ने सजा दी है।
जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के पर एमएमबी ग्रुप ने डूंगरपुर कारागृह में बंद कैदियों को फल फ्रूट वितरित किये। एमएमबी ग्रुप के अध्यक्ष नूर मोहम्मद मकरानी ने जेल में बंद कैदियों को हज़रत मोहम्मद स.अ.स. के आदर्शों को बताते हुए कहा की कानून ने जो सजा दी है उसको सबक समझ कर सही राह पर चलना चाहिए और जेल से बाहर आकर सच्ची राह को अपना समाज में मिसाल कायम करनी चाहिए। नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि जश्न ए ईद मीलादुन्नबी के मोके पर जेल में बंद कैदियों में फल फ्रूट वितरण कर हम यह सन्देश पहुचाना चाहते है कि चाहे कोई वजह रही हो जेल में बंद कैदी भी इंसान है और उन्हें सच्चाई और धर्म गुरुओं के आदर्शों की राह दिखाते हुए मुख्य धारा में लाने का प्रयास होना चाहिए। अगर हमारे एक प्रयास से आज जेल में बंद कैदी अपनी बाकी की ज़िन्दगी सही और सच्चाई के राह पर ले जाते है तो यह हर समाज के लिए गर्व की बात होगी। इस मोके पर ब्राहमण महासभा के संरक्षक धर्मेन्द्र शर्मा ने भी भाग लिया।
गौरतलब है कि डूंगरपुर का एमएमबी बी ग्रुप गरीबों और जरूरत मंदों के घरों तक राशन पानी पहुचाने के लिए जाना जाता है। धर्म और जात पात के भेदभाव से ऊपर उठ कर जरूरतमंदो की सहायता एमएमबी ग्रुप द्वारा की जाती है। एमएमबी ग्रुप के अध्यक्ष नूर मोहम्मद मकरानी निस्वार्थ इस कार्य को सालों से अंजाम देते आरहे है और हर एक धर्म समाज के तीज त्योहारों पर समाज से जुड़े सोहार्द और भाईचारे के कार्यों को अंजाम देते आरहे है। जिला प्रशासन की तरफ से नूर मोहम्मद मकरानी को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।

उदयपुर के जुलुस ए मोहम्मदी में करीब दो करोड़ रूपये का तबरुक बांटा जाता है- जुलुस ए मोहम्मदी में मोजूद कोई खाली हाथ नहीं जाता।

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उदयपुर। आशिक़ ए रसूल के दीवानों का यह हाल है कि पुरे शहर में सिर्फ एक दिन में जुलुस के दौरान दो करोड़ रूपये से ज्यादा विभिन्न तरह की खाने पिने की चीजें वितरित कर देते है। जिसमें फ्रूटी, आइस क्रीम, अलुबदे, कोल्ड ड्रिंक, चिकन दाना, पुलाव, चोकलेट, फ्रूट केक, मफिन केक, खीर, रबड़ी, राब, छाछ आदि हर एक खाने पिने की चिओजें बांटी जाती है।
करीब एक लाख से अधिक लोग जुलुस में शरीक होते है और जुलुस की शान यह है कि एक भी बच्चा युवा महिला या वृद्ध एसा नहीं होता है जिसको कही कोई खाने पिने से वंचित होना पडा हो। आशिक़ ए रसूल जुलुस में आये लोगों को रोक रोक कर उन्हें हर खाने पिने की चीजें देते है।
उदयपुर पोस्ट की टीम ने शनिवार को पुरे जुलुस का मुआयना किया तो करीब 107 बड़ी स्टालें और 389 छोटी स्टालें लगी हुई थी इसके अलावा हर मोहल्लों में करीब 150 से अधिक खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी। उदयपुर पोस्ट की टीम ने एक अनुमान लगाया और स्टाल लगाने वालों से पूछा तो चोकाने वाला आंकड़ा सामने आया कम से कम 5000 हज़ार और अधिक से अधिक सवा लाख रूपये तक खर्च कर खाने पिने की चीजें बांट देते है। हालाँकि भीड़ ज्यादा होने की वजह से बांटने का तरिका कई बार सही नहीं होता लेकिन इसके बावजूद जुलुस में मोजूद हर एक बच्चे बच्चे के साथ में कुछ न कुछ खाने की चीज मिल जाती है।
जुलुस के बाद कई मोहल्लों में आम नयाज़ का कार्यक्रम भी होता है जिसमे २१ हज़ार रूपये से एक लाख रूपये तक का खर्च होता है। इसके अलावा जश्न ए ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर हर मुस्लिम मोहल्लों में रौशनी से सजाया जाता है जहाँ कई खाने पिने की स्टालें लगी रहती है और रात ८ बजे से देर रात १२ बजे तक जश्न का माहोल रहता है जिसमे शहर कोग शरीक होते है। खानजी पीर जिसमे मुख्य है जहां ख़ास विशुत सज्जा देखने के लिए हर कोई आता है।

जुलूस-ए-मोहम्मदी में दिखा आशिक़े रसूल का हुजूम – सदाएं गूंजती रही “सरकार की आमद मरहबा” .

उदयपुर। इस्लाम के आखरी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद स.अ.स. के विलादत के अवसर पर १२ रबीउल अव्वल को जश्न ए ईद मिलादुन्नबी पुरे जोश खुशियों के साथ मनाया गया। इस मोके पर शहर में विशाल भव्य जुलुस ए मोहम्मदी निकाला गया जिसमे शहर ही नहीं आसपास के जिले भर से मुस्लिम लोगों ने भाग लिया। हज़ारों की तादात में मुस्ली युवा बच्चे बूढ़े हर कोई इश्क ए रसूल की दीवानगी दीवाना दिखाई दिया। दिन में एक बजे अंजुमन चोक से रवाना हुआ जुलुस बड़ा बाज़ार, घंटाघर, हाथीपोल , नयी पुलिया, अम्बावगढ , रना जी चौराहा , मल्ला तलाई होता हुआ शाम को मगरिब के बाद इमरत रसूल बाबा की दरगाह पर जा कर ख़त्म हुआ जहाँ पर हुजुर स.अ.स. को सलाम पेश करने के साथ संम्पन्न हुआ।

शनिवार सुबह से ही हर मुस्लिम बस्तियों में जश्न ए ईद मिलाद की रोनक दिखाई दे रही थी। युवा सफ़ेद कुर्ता पजामा कोई पगड़ी तो कोई टोपी पहले जुलूसे मोहम्मदी के लिए तय्यार थे। मोहल्लों में सुबह से ही तबर्रुक वितरिक किया जारहा था। इस बार हर मुस्लिम मोहल्ले से जुलुस पहले अंजुमन चोक पहुचा जिसके बाद एक आशिके रसूल के दीवानों का विशाल जुलुस जुलुस ए मोहम्मदी के रूप में शहर भर में होता हुआ निकला। घोड़े ऊंट कार जीप आदि वाहनों पर बैठे युवा मोहम्मद साहब की शान में नात पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। डीजे पर आशिक ए रसूल ने आक़ा की शान में नात चला राखी थी जिसपर हरे सफ़ेद रंग के इस्लामी परचम लहराते हुए झूमते हुए चल रहे थे। कई युवाओं के हाथ में लहराते तिरंगे जुलुस की शान बढ़ा रहे थे।
हर जगह कदम कदम पर खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी जश्न हर तरह के खाने पिने की चीजें बांटी जा रही थी। हर मुस्लिम बस्ती शानदार तरीके से सजा राखी थी। हाथीपोल नयी पुलिया और आखिर में मल्लातलाई में सड़कों पर सज्जा देखने लायक थी। इन जगहों पर भीड़ भी भारी रही। ईद मिलादुन्नबी के मोके पर कई संगथाओं ने अस्पताल में फल फ्रूट वितरित किये गरीब बच्चों को मिठाइयाँ व् नए कपडे भी वितरित किये।