बॉलीवुड के रोमांटिक स्टार शशिकपूर ने कहा इस दुनिया को अलविदा

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पोस्ट न्यूज़ . अपने जमाने के रोमांटिक और मशहूर अभिनेता कपूर फेमली के एक स्तम्भ शशि कपूर इस दुनिया में नहीं रहे . शशि कपूर 79 साल के थे पिछले काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे और मुंबई  कोकिलाबेन अस्पताल में भारती थे .

दादा फाल्के पुरूस्कार से सम्मानित अभिनेता शशि कपूर अपने जमाने के खासे फेमस अभिनेता रह चुके है उन्होंने बीसियों हिट फिल्मों में काम किया था . प्रथ्वी राजकपूर के बेटे राजकपूर और शम्मी कपूर के भाई शशि कपूर ने 18 मार्च 1938 को पृथ्वी राज कपूर के घर में जन्मे शशि कपूर ने बतौर बाल कलाकार काम शुरू किया था. 1961 में वह फ़िल्म ‘धर्म पुत्र’ से बतौर हीरो बड़े पर्दे पर आए थे. फ़िल्म ‘चोरी मेरा काम’, ‘फांसी’, ‘शंकर दादा’, ‘दीवार’, ‘त्रिशूल’, ‘मुकद्दर’, ‘पाखंडी’, ‘कभी-कभी’ और ‘जब जब फूल खिले’ जैसी करीब 116 फिल्मों में अभिनय किया था. जिसमें 61 फिल्मों में शशि कपूर बतौर हीरो पर्दे पर आए और करीब 55 मल्टीस्टारर फिल्मों के हिस्सा बने थे.

अमिताभ बच्चन के साथ इनकी जोड़ी खूब सराही गई थी. फ़िल्म इंडस्ट्री में शशि कपूर को कई पुरस्कार मिले. 2011 में भारत सरकार की तरफ से उन्हें पद्मभूषण से भी नवाजा गया था. शशि कपूर हिन्दी फ़िल्मों में लोकप्रिय कपूर परिवार के सदस्य थे. साल 2015 में उनको 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया था.

आइडिया पर लगातार काम करने से मिलेगी सफलता, ‘थिंकिंग बिग, थिंकिंग ग्लोबल’ का दिया मंत्र

उदयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश में और देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस उन्हें तराशने और मार्गदर्शन की जरूरत है। मुख्य मंत्री रविवार को यहाँ मोहनलाल सुखाडिया में आयोजित दो दिवसीय डीजी फेस्ट के समापन के अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि सूचना प्रधोयोगिकी के स्केटर में तीन दशक पूर्व इस प्रकार की उपलब्धियों की कल्पना भी नहीं की जासकती थी।लेकिन वर्तमान पीढ़ी इसका जो लाभ ले रही है।वह इस क्षेत्र के समर्पित।शोधकर्ताओं की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।बांसवाडा, सागवाडा तथा सिरोही के छात्रों द्वारा डीजी फेस्ट में उत्कृष्ठ प्रदर्शन पर उन्हें बधाई देते हुए मंचासीन जनप्रतिनिधियों को इंगित करते हुए कहा कि आप अब कभी मत कहना कि हमारा क्षेत्र पिछडा हुआ है। क्यूंकि वहां अंकित जैन और शिवम् जैसी प्रतिभाएं है जो क्षेत्र के विकास में जुडी हुई है। स्टार्टअप में सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि बदलाव के आइडिया‘ज  पर लगातार काम करेंगे, तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता।

 

थिंकिंग बिग, थिंकिंग ग्लोबल

उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद के सदस्य श्री मोहनदास पई ने ‘थिंकिंग  बिग, थिंकिंग  ग्लोबल’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सफल होने के लिए दुनिया भर में फैला विशाल कैनवास तब मिलता है, जब युवा अपनी असीमित क्षमता का पूरे आत्मविश्वास के साथ उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में असीमित  क्षमता है, उसका उपयोग कर आप अपने व देश के भविष्य को बदल सकते हैं। उन्होंने युवाओं को सीख देते हुए कहा कि वे जो भी करें, उसमें विशेषज्ञता हासिल करें। साथ ही उन्हें प्रोब्लम सॉल्वर बनना चाहिए। भारत जैसे विशाल देश में आज भी ऐसी कई समस्याएं हैं, जिनका तकनीक के उपयोग से बेहतर समाधान ढूंढा जा सकता है। यह समाधान न सिर्फ देश के विकास में अपना योगदान देंगे, अपितु ये युवाओं को सफल उद्यमी बनाने में सहायक होंगे।

टेक्नोलोजी फॉर चेंज

ऑटोडेस्क के एमडी श्री प्रदीप नायर ने ‘टेक्नोलोजी फॉर चेंज’ विषय पर विचार रखते हुए कहा कि क्लाउड कम्प्यूटिंग ने तकनीक की दुनिया बदल दी है। भारत जैसे तेजी से विकसित होते हुए देश में क्लाउड  कम्प्यूटिंग के उपयोग से सकारात्मक तकनीकी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में डिजायनिंग हब बनने की प्रचुर संभावनाएं हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के साथ अब ‘डिजायन इन इंडिया’ की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिभाएं डिजायनिंग के क्षेत्र में अपना हुनर दिखा रही हैं लेकिन इसका पूरा लाभ फिलहाल पूरा नहीं मिल पा रहा है। भारत के डिजायनिंग हब बनने से उन्हें भरपूर मौके मिलेंगे।

सफल स्टार्ट अप के लिए अच्छी टीम जरूरी

ओयो रूम्स के संस्थापक श्री रितेश अग्रवाल ने राजस्थान के  साथ अपने खास जुड़ाव की यादें साझा करते हुए कहा कि वे वैज्ञानिक बनना चाहते थे और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ रहे थे। तभी उनके दिमाग में स्वयं के उद्यम का खयाल आया और आज अपनी एक भी होटल प्रोपर्टी नहीं होने के बावजूद उनके द्वारा शुरू की गई कंपनी देश की सबसे बड़ी होटल चैन्स में से एक है। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल स्टार्टअप के लिए जो बिंदु सबसे आवश्यक है, वह है अच्छी टीम। टीम का विश्वास आप तभी जीत सकते हैं, जब आप स्वयं कड़ी मेहनत करें और एक मिसाल  कायम  करें। उन्होंने कहा कि  भारत में अवसरों की कोई कमी नहीं है। युवाओं को उसका लाभ लेना चाहिए। 

सुप्रीम एविएशन के अमित अग्रवाल ने कहा कि एक पायलट के रूप में अमरीका में आलीशान जिंदगी होने के बावजूद उनके मन में खयाल आया कि उन्हें उद्यमी बनना चाहिए। यही सोचकर उन्होंने विभिन्न शहरों को जोड़ने वाली एयरलाइन कंपनी बनाने की ठानी। उन्होंने कहा कि शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी के मामले में आज राजस्थान देश में सबसे आगे है। सूचना, प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने सत्र में विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा रखी और आभार जताया।

विभिन्न सत्रों में युवाओं ने की शिरकत

डिजिफेस्ट में विभिन्न विषयों पर समानांतर सत्र आयोजित किए गए।  ‘यंग एंटरप्रेन्योरशिप’ सत्र में एनपीसीआई के श्री विपिन द्विवेदी ने सफलता की यात्रा को साझा करते हुए कहा कि आप अपना काम करते जाइए, लोग अपने आप जुड़ते जाएंगे। उबेर के डायरेक्टर,पब्लिक अफेयर श्री कोलिन टूज, जूम कार के फाउंडर व सीईओ श्री ग्रेग मोरेन ने भी अपनी कामयाबी की कहानी से युवाओं का दिल जीता और उन्हें प्रेरणा दी। तीसरे सत्र ‘इन्नोवेशंस एट एंटरप्राइजेज लीवरेजिंग स्टार्टअप्स’ में पेप्सिको के सीटीओ अनिल शर्मा, होंडा एसआईईएल के सीआईओ श्री हिलाल खान, लाल पैथ लैब्स के सीईओ श्री मूनेंद्र सोपर्णा, ओबेराय होटल्स के सीआईओ राजेश चोपड़ा आदि ने स्टार्टअप्स के लाभ, चुनौतियां एवं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कारगर उपायों एवं तकनीकी आयामों पर विचार रखे। चौथे सत्र ‘फंड रेजिंग फॉर स्टूडेंट स्टार्ट अप्स’ में माईक्रोसॉफ्ट के स्टार्टअप्स डायरेक्टर नवीन असरानी, इंस्टा ऑफिस के कॉ-फाउंडर श्री विकास लखानी,जेननेक्स्ट इनोवेशन हब के इकोसिस्टम डवलपमेंट हैड राजीव वैष्णव ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप्स में फंड मैनेजमेंट के गुर दिए, वहीं आपात प्रबंधन, व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी प्रशिक्षण एवं अनुभवों का लाभ उठाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों के बारे में जाने, उनकी यात्रा को समझें और उससे सीखते हुए आगे बढें।

पांचवें सत्र राजस्थान स्पीक्स में एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि हममें हर तरह के माहौल में आगे बढने की हिम्मत होनी चाहिए। लोजीनेक्स्ट सॉल्यूशंस के प्रेसीडेंट मृदुल खंडेलवाल ने टाइम मैनेजमेंट, इच्छा शक्ति और समर्पण के साथ काम करने पर बल दिया। वर्ड ऑफ माउथ कन्स्ल्टिंग के विनीत पांछी ने भी विचार व्यक्त करते हुए युवाओं को प्रेरणा दी।

जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मोके पर डूंगरपुर के MMB ग्रुप ने उन तक भी शांति और सच्चाई का सन्देश पहुचाया जिन्हें समाज बहिष्कृत कर चुका है।

post न्यूज़। जरूरत मंदों के घरों तक राशन पानी पहुंचाने के लिए जाने जाने वाले डूंगरपुर के एम्एमबी ग्रुप ने जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मोके पर समाज के उन लोगों तक भी शांति और सुकून का सन्देश पहुंचाया जिनके कर्मो के चलते क़ानून ने सजा दी है।
जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के पर एमएमबी ग्रुप ने डूंगरपुर कारागृह में बंद कैदियों को फल फ्रूट वितरित किये। एमएमबी ग्रुप के अध्यक्ष नूर मोहम्मद मकरानी ने जेल में बंद कैदियों को हज़रत मोहम्मद स.अ.स. के आदर्शों को बताते हुए कहा की कानून ने जो सजा दी है उसको सबक समझ कर सही राह पर चलना चाहिए और जेल से बाहर आकर सच्ची राह को अपना समाज में मिसाल कायम करनी चाहिए। नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि जश्न ए ईद मीलादुन्नबी के मोके पर जेल में बंद कैदियों में फल फ्रूट वितरण कर हम यह सन्देश पहुचाना चाहते है कि चाहे कोई वजह रही हो जेल में बंद कैदी भी इंसान है और उन्हें सच्चाई और धर्म गुरुओं के आदर्शों की राह दिखाते हुए मुख्य धारा में लाने का प्रयास होना चाहिए। अगर हमारे एक प्रयास से आज जेल में बंद कैदी अपनी बाकी की ज़िन्दगी सही और सच्चाई के राह पर ले जाते है तो यह हर समाज के लिए गर्व की बात होगी। इस मोके पर ब्राहमण महासभा के संरक्षक धर्मेन्द्र शर्मा ने भी भाग लिया।
गौरतलब है कि डूंगरपुर का एमएमबी बी ग्रुप गरीबों और जरूरत मंदों के घरों तक राशन पानी पहुचाने के लिए जाना जाता है। धर्म और जात पात के भेदभाव से ऊपर उठ कर जरूरतमंदो की सहायता एमएमबी ग्रुप द्वारा की जाती है। एमएमबी ग्रुप के अध्यक्ष नूर मोहम्मद मकरानी निस्वार्थ इस कार्य को सालों से अंजाम देते आरहे है और हर एक धर्म समाज के तीज त्योहारों पर समाज से जुड़े सोहार्द और भाईचारे के कार्यों को अंजाम देते आरहे है। जिला प्रशासन की तरफ से नूर मोहम्मद मकरानी को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।

उदयपुर के जुलुस ए मोहम्मदी में करीब दो करोड़ रूपये का तबरुक बांटा जाता है- जुलुस ए मोहम्मदी में मोजूद कोई खाली हाथ नहीं जाता।

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उदयपुर। आशिक़ ए रसूल के दीवानों का यह हाल है कि पुरे शहर में सिर्फ एक दिन में जुलुस के दौरान दो करोड़ रूपये से ज्यादा विभिन्न तरह की खाने पिने की चीजें वितरित कर देते है। जिसमें फ्रूटी, आइस क्रीम, अलुबदे, कोल्ड ड्रिंक, चिकन दाना, पुलाव, चोकलेट, फ्रूट केक, मफिन केक, खीर, रबड़ी, राब, छाछ आदि हर एक खाने पिने की चिओजें बांटी जाती है।
करीब एक लाख से अधिक लोग जुलुस में शरीक होते है और जुलुस की शान यह है कि एक भी बच्चा युवा महिला या वृद्ध एसा नहीं होता है जिसको कही कोई खाने पिने से वंचित होना पडा हो। आशिक़ ए रसूल जुलुस में आये लोगों को रोक रोक कर उन्हें हर खाने पिने की चीजें देते है।
उदयपुर पोस्ट की टीम ने शनिवार को पुरे जुलुस का मुआयना किया तो करीब 107 बड़ी स्टालें और 389 छोटी स्टालें लगी हुई थी इसके अलावा हर मोहल्लों में करीब 150 से अधिक खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी। उदयपुर पोस्ट की टीम ने एक अनुमान लगाया और स्टाल लगाने वालों से पूछा तो चोकाने वाला आंकड़ा सामने आया कम से कम 5000 हज़ार और अधिक से अधिक सवा लाख रूपये तक खर्च कर खाने पिने की चीजें बांट देते है। हालाँकि भीड़ ज्यादा होने की वजह से बांटने का तरिका कई बार सही नहीं होता लेकिन इसके बावजूद जुलुस में मोजूद हर एक बच्चे बच्चे के साथ में कुछ न कुछ खाने की चीज मिल जाती है।
जुलुस के बाद कई मोहल्लों में आम नयाज़ का कार्यक्रम भी होता है जिसमे २१ हज़ार रूपये से एक लाख रूपये तक का खर्च होता है। इसके अलावा जश्न ए ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर हर मुस्लिम मोहल्लों में रौशनी से सजाया जाता है जहाँ कई खाने पिने की स्टालें लगी रहती है और रात ८ बजे से देर रात १२ बजे तक जश्न का माहोल रहता है जिसमे शहर कोग शरीक होते है। खानजी पीर जिसमे मुख्य है जहां ख़ास विशुत सज्जा देखने के लिए हर कोई आता है।

जुलूस-ए-मोहम्मदी में दिखा आशिक़े रसूल का हुजूम – सदाएं गूंजती रही “सरकार की आमद मरहबा” .

उदयपुर। इस्लाम के आखरी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद स.अ.स. के विलादत के अवसर पर १२ रबीउल अव्वल को जश्न ए ईद मिलादुन्नबी पुरे जोश खुशियों के साथ मनाया गया। इस मोके पर शहर में विशाल भव्य जुलुस ए मोहम्मदी निकाला गया जिसमे शहर ही नहीं आसपास के जिले भर से मुस्लिम लोगों ने भाग लिया। हज़ारों की तादात में मुस्ली युवा बच्चे बूढ़े हर कोई इश्क ए रसूल की दीवानगी दीवाना दिखाई दिया। दिन में एक बजे अंजुमन चोक से रवाना हुआ जुलुस बड़ा बाज़ार, घंटाघर, हाथीपोल , नयी पुलिया, अम्बावगढ , रना जी चौराहा , मल्ला तलाई होता हुआ शाम को मगरिब के बाद इमरत रसूल बाबा की दरगाह पर जा कर ख़त्म हुआ जहाँ पर हुजुर स.अ.स. को सलाम पेश करने के साथ संम्पन्न हुआ।

शनिवार सुबह से ही हर मुस्लिम बस्तियों में जश्न ए ईद मिलाद की रोनक दिखाई दे रही थी। युवा सफ़ेद कुर्ता पजामा कोई पगड़ी तो कोई टोपी पहले जुलूसे मोहम्मदी के लिए तय्यार थे। मोहल्लों में सुबह से ही तबर्रुक वितरिक किया जारहा था। इस बार हर मुस्लिम मोहल्ले से जुलुस पहले अंजुमन चोक पहुचा जिसके बाद एक आशिके रसूल के दीवानों का विशाल जुलुस जुलुस ए मोहम्मदी के रूप में शहर भर में होता हुआ निकला। घोड़े ऊंट कार जीप आदि वाहनों पर बैठे युवा मोहम्मद साहब की शान में नात पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। डीजे पर आशिक ए रसूल ने आक़ा की शान में नात चला राखी थी जिसपर हरे सफ़ेद रंग के इस्लामी परचम लहराते हुए झूमते हुए चल रहे थे। कई युवाओं के हाथ में लहराते तिरंगे जुलुस की शान बढ़ा रहे थे।
हर जगह कदम कदम पर खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी जश्न हर तरह के खाने पिने की चीजें बांटी जा रही थी। हर मुस्लिम बस्ती शानदार तरीके से सजा राखी थी। हाथीपोल नयी पुलिया और आखिर में मल्लातलाई में सड़कों पर सज्जा देखने लायक थी। इन जगहों पर भीड़ भी भारी रही। ईद मिलादुन्नबी के मोके पर कई संगथाओं ने अस्पताल में फल फ्रूट वितरित किये गरीब बच्चों को मिठाइयाँ व् नए कपडे भी वितरित किये।

बचपन ने जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का ऐसा समां बांधा कि हर कोई कह उठा “माशाअल्लाह” (Video)

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उदयपुर। दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल, एवं बचपन प्ले स्कूल कपासन द्वारा जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मोके पर शानदार कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमे नन्हे-नन्हे बच्चों द्वारा इस्लाम धर्म के आखरी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब की शान में प्रार्थना की गयी और आँगन वाड़ी के गरीब बच्चों में मिठाइयाँ वितरित की गयी।
दीक्षा इंटरनेशनल ग्रुप की परम्परा रही है कि हर धर्म के तीज त्योहारों को पूरी मोहब्बत और भव्य तरीके से मनाया जाता है। इसी कड़ी में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी ग्रुप की “बचपन प्ले स्कूल” व् “दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल” के छोटे छोटे बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ मनाया। बचपन प्ले स्कूल की डायरेक्टर नीमा खान ने बताया कि इस मोके पर बच्चों ने हज़रत मोहम्मद स.अ.स. की शान में नाअत पढ़ी। शिक्षकों ने बच्चों को मोहम्मद साहब द्वारा दी गयी शिक्षा को साझा किया और बच्चों को बताया कि मोहम्मद साहब का सबसे बड़ा पैगाम था आपसी मोहब्बत और भाई चारा। साथ ही आका मोहम्मद साहब ने शिक्षा पर कितना और क्यों जोर दिया था।

देंखे इन छोटे बच्चों का प्यारा विडियो

https://youtu.be/nUqQjkXt2mM

 

दीक्षा इंटरनेशनल शूल के डायरेक्टर वसीम खान ने बताया कि हमारे ग्रुप से जुड़ा हर स्कूल और कॉलेज आपसी भाईचारे की एक मिसाल है जहाँ हर तीज त्यौहार आपसी सौहार्द के साथ मनाया जाता है जहाँ हर एक छात्र ख़ुशी से भाग केते है। वसीम खान ने बताया की जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मोके पर बचपन प्ले स्कूल और दीक्षा इंटरनेशनल के बच्चों ने कसबे की आँगनवाड़ी के गरीब बच्चों के साथ भी सेलिब्रेट किया गया। गरीब बच्चों को मिठाइयां और कपडे वितरित किये गए।

आमादे रसूल की ख़ुशी में रोशनी से नहाया शहर – हर एक ने दिल से किया इस्तकबाल

ईद मिलादुन्नबी को लेकर रोशनी से जगमगाई मुस्लिम बस्तियां
आज अंजुमन चौक से एक साथ चलेगा जुलूस

उदयपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के पहले की रात शहर की मुस्लिम बस्तियां ऐसी जगमगाई मनो आका की आमद से नूर की बारिश हो गयी हो। शहर की मुस्लिम बस्तियां रोशनी से जगमगा रही है। शनिवार को शहर में जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। जिसमें सभी मौहल्लों का जुलूस एक साथ दोपहर 1.30 बजे अंजुमन चौक से रवाना होगा।
शहर के खांजी पीर सिलावट वाड़ी, धोली बावड़ी, मल्ला तलाई सविना आदि हर मुस्लिम बस्तियों की रोनक शुक्रवार की रात देखने लायक थी। हर घर हर सड़क रोशनी में जगमगा रही है। मजहबेइस्लाम के आखिरी पैगम्बर मुहम्मद स.अ.व. के दुनिया में आमद के उत्सव जश्‍ने ईद मिलादुन्नबी के मोके पर बच्चा बच्चा खुश दिखाई दे रहा था। हर जगह खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी जहाँ तबर्रुक बांटा जा रहा था।
खानजी पीर में खाने पिने और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गयी थी जहाँ शहर के सभी मुस्लिम बच्चे महिलाऐं युवा शरीक हुए।

मल्लातलाई की मस्जिद उमर बिन ख़त्ताब र. अ. रज़ा कोलोनी की रोशनी तिरगें के तीन रंगों की रोशनी से जगमगा रही थी जो शहर भर में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के रूप में मनाए जाने वाले ईद मिलादुन्नबी को लेकर मुस्लिम मौहल्लों को लकदक रोशनी से सजाया गया है। शनिवार को निकलने वालेे जुलूस-ए-मोहम्मदी में मोहब्बत का पैगाम देते हुए इस बार कई सालों बाद सभी मौहल्लों का जुलूस अंजुमन चौक पहुंचेगा जहां से विशाल रूप लेकर यह जुलूस सिंधी बाजार, बडा बाजार, घंटाघर, मोती चौहट्टा, हाथीपोल, सिलावटवाडी, अम्बावगढ कच्ची बस्सती, राणाजी चौराहा, रजा कॉलोनी होते हुए मल्लातलाई ब्रह्मपोल स्थित मौलाना हजरत जहीरूल हसन सा. की मजार पर पहुंचेगा। आयड, पहाडा, सुंदरवास, अलीपुरा से आने वाले जुलूस देहलीगेट, बापूबाजार होते हुए अंजुमन चौक पहुंचेंगे।
आयड में ’आमदे रसूल’ मनेगा: आयड नौजवान सोसायटी की ओर से ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आयड ऑटो स्टेण्ड चौक पर बाद नमाज मगरीब ’आमदे रसूल’ मनाया गया। इस दौरान सोसायटी की ओर से मगरीब बाद 12वीं तारीख लगने के साथ ही एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देकर तबर्रूक के तौर पर मिठाईयां बांटी गयी। ’आमदे रसूल’ की शान में यहां बनाए जा रहे स्टेज से नआतख्वां नातिया कलाम पेश करेंगे। नबी की शान में झंडे लहराकर इस्तकबाल किया गया।

JEE MAINS के लिए हो जाओ तैयार : 1 दिसंबर से भरने होंगे आवेदन , जरूरी है आधार कार्ड

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post info.इंजिनियर कॉलेज में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी तैयार हो जाएं। आइआइटी की पात्रता और एन आई टी टी व् प्रदेश के इंजीनियरिंग कोलेज में दाखिले के लिए होने वाली जे ई ई मेन्स के एक्जाम के फार्म एक दिसंबर से ऑनलाइन भरना शुरू हो जायेगें। विद्यार्थियों को फ़ार्म के साथ अपने आधार कार्ड की जानकारी देना जरूरी है। बिना आधार कार्ड के मुश्किलें बढ़ सकती है।
जानकारी के अनुसार सीबीएससी द्वारा आयोजित जे ई ई मेन्स के लिए एक दिसंबर ऑनलाइन फ़ार्म भरे जायेगें। अन्य परीक्षाओं की तरह जेईई मेंस के आवेदन में भी आधार कार्ड जरूरी किया है। विद्यार्थियों को आधार कार्ड का नम्बर, जन्मतिथि और अन्य सूचनाएं देनी जरूरी होंगी। जिन विद्यार्थियों ने कार्ड नहीं बनाएं हैं वे आधार कार्ड बनवाने के बाद ही आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई की जेईई मेन्स की ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रेल तथा ऑनलाइन परीक्षा 15-16 अप्रेल को होगी।
जे ई ई मेन्स का कार्यक्रम
ऑनलाइन आवेदन : 1 दिसम्बर से 1 जनवरी 2018 तक
ऑफलाइन परीक्षा-8 अप्रेल :
ऑनलाइन परीक्षा- 15 और 16 अप्रेल
वेबसाइट पर प्रवेश पत्र : मार्च के द्वितीय सप्ताह में
वेबसाइट पर उत्तर कुंजी : 24 से 27 अप्रेल
परिणाम की घोषणा : 30 अप्रेल,
ऑल इंडिया रैंक की घोषणा : 31 मई

ऐसे होंगे एडमिशन :
जेईई मेन्स की परीक्षा में पास होने वाले 2 लाख 24 हजार स्टूडेंट्स इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के लिए होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा के पात्र होंगे। बकाया स्टूडेंट्स को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) और विभिन्न राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेज (जिन्होंने जेईई मेन्स अपनाया है) में प्रवेश दिए जाएंगे। इन स्टूडेंट्स को रैंकिंग और कट ऑफ माक्र्स के अनुरूप प्रवेश मिलेंगे।

‘‘सफलता को हांसिल करने और उसे महसूस करने में अंतर’’ – गुरू गौड़गोपाल जी दास

 

हिन्दुस्तान जिंक में आध्यात्मिक गुरू गौड़गोपाल जी दास का संबोधन

जीवन में सफलता को हासिल करना और उसे महसूस करने में अंतर है, सफलता कई लोग हासिल करते हैं लकिन बहुत कम लोग उसे महसूस करते है। आप जीवन को चुने, खुषी को चुन,े अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं। आपको हर जगह पर जिम्मेदारी निभानी है जिसे प्रसन्नता से निभाते हुए सफलता पाई जा सकती है। यह बात पिछले 21 वर्षों से इस्काॅन से जुड़े गुरू गौडगोपालदास ने मंगलवार को हिन्दुस्तान जिं़क यषद भवन के आॅडिटोरियम में जिं़क कर्मचारियों के लिए ‘एन इनसाईट’ कार्यक्रम के तहत अपने उद्बोधन में कही। जिं़क के सभी कर्मचारी गुरू गौड़गोपाल दास के उद्बोधन से गौरवान्वित हुए।

गुरू परम गौड़गोपाल जी दास ने कहा कि क्या आप अंदर से खुष है?,उसे पहचानिए, मन के भीतर से खुष रहना और खुषी के आडंबर में गहरा अंतर है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में स्थिरता होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि एक हल्का सा हिलाने से सोडे की बोतल में उछाल आ जाता है जबकि पानी की बोतल शांत प्रवृति प्रस्तुत करती हैै। मनुष्य के चरित्र में जल जैसा स्वभाव होना चाहिए। निरंतर गति का नाम है जीवन। हर इंसान के जीवन में सदैव ऐसे पल आते हैं, जब उसे लगता है कि दुनिया कितनी सुंदर है और जीवन कितना आनंदायी है। जीवन में गति का अर्थ है, जीवन के हर पल को पूरी चेतना से जीना। उन्होंने जीने के रास्ते बताते हुए कहा कि स्वयं को ही जीना पड़ता है आप उत्साह से जीये तथा निराष होकर ना जीये। उन्होंने कहा कि आधुनिक सभ्यता की पहचान संस्कृति और सभ्यता को भूलना नहीं है। वरन प्रगति, उन्नति को जीवन में संतुलन बनाकर सफलता के लिए जिम्मेदार बने।

उन्होने कहा कि संघर्ष ही जीवन है, हर मनुष्य के जीवन में चुनौतियां आती है, लेकिन चुनौतियों का सामना करने से पहले हार मानना कमजोरी है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अपनी-अपनी समस्याएं होती लेकिन समस्याओं से भागना समाधान नहीं है बल्कि समस्याओं का समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। जीवन में आरम्भ से लेकर अंत तक कई प्रकार की बाधाएं आती है लेकिन यह आप पर निर्भर है कि आप क्या चयन करते हो और उसे कितना बड़ा मानते हो।

गुरू गोपाल दास जी ने बताया कि मनुष्य को जीवन सदैव खुष एवं प्रसन्न होकर जीना चाहिए। खुषियों को बांटना चाहिए। सुख-दुख बांटने से जीवन में हलकापन आता है। जीवन में समस्याओं को लेकर बैठने से कार्य बिगड़ता है। दोस्तों, रिष्तेदारों एवं शुभचिन्तकों को समस्याओं के बारे में बताने से समाधान मिलता है। प्रत्येक को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी होती है। कार्य को समय पर पूर्ण करना चाहिए लेकिन व्यक्ति को कार्य के साथ-साथ दिमाग को कुछ समय के लिए विश्राम भी देना चाहिए जिससे अधिक एवं बेहतर कार्य किया जा सके।

उन्होनें जिं़क के कर्मचारियों का उत्सावर्धक करते हुए कहा कि अपने कार्य का आदर करते हुए स्वयं के लिए समय निकाले जिसमें अपनी पंसद की अभिरूचि को पूरा करे, मेडिटेषन से जुड़े और ध्यान करें जिससे आप में ऊर्जा का संचार हो।

इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकरी श्री सुनील दुग्गल ने गुरू गौड़गोपाल दास को धन्यवाद दिया। श्री दुग्गल ने कहा कि जीवन एक अवसर है जिसमें हम माध्यम बनकर बड़ी-बड़ी उपब्धियों को हासिल कर सकते हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम उन अवसरों का सकारात्मक लाभ कैसे उठाये जिससे हमें ही नहीं दूसरों को भी लाभ मिले।

इस अवसर पर गुरू गौड़गोपाल जी दास एवं श्री सुनील दुग्गल ने हिन्दुस्तान जिं़क के यषद भवन परिसर में वृक्षारोपण किया एवं उच्च अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चा भी की।

हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा इस प्रकार की मोटिवेषनल स्पीच से कर्मचारियों को कार्य में क्षमतावर्धन के साथ-साथ मानसिक तौर पर शांति और कार्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है। हिन्दुस्तान जिं़क ’एन इनसाईट’ कार्यक्रम की यह दूसरी प्रस्तुती है, पहले कार्यक्रम में अभिनेता आषीष विद्यार्थी हिन्दुस्तान जिं़क के कर्मचारियों से रूबरू हो चुके है।

कलयुगी पत्नी ही बनी अपने सुहाग की हत्यारन, प्रेमियों से बोली या तो उसे मार दो या मुझे, खाकी ने 24 घण्टे में खोला राज

उदयपुर पोस्ट। क्या कोई पत्नी अपने ही सुहाग को खत्म करवा सकती है। जिसके साथ सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने का वचन अग्नि के सामने लेती है उसी पति को मरवाने के लिए कुछ भी करगुजरने को तैयार हो जाती है। बात हो रही है एक ऐसी ही कलयुगी पत्नी की जिसने अपने पति को मरवाने के लिए दो प्रेमियों के साथ षड़यंत्र रचा और आखिरकार सुखेर थाने की सुनसान सड़क पर अपने सुहाग का खात्मा प्रेमियों द्वारा करवा दिया। हत्या भी ऐसी निर्मम की कोई भी मृतक का चेहरा तक नहीं पहचान पाए। मंगलवार सुबह भोईवाड़ा निवासी विनोद माली का शव दो सौ फीट सड़क पर पड़ा मिला ,इसके बाद से ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और कयास लगाए जा रहे थे कि इतने सीधे और सरल व्यक्तित्व वाले शक्श को आखिरकार कौन मार सकता है, क्योंकि विनोद की किसी से दुष्मनी भी नहीं थी। खाकी ने इस पूरे मामले में छानबिन मृतक के घर से ही शुरू की तो पत्नी मोनिका के बयान संदिग्ध लगे, मोनिका को तुरन्त खाकी ने हिरासत में ले लिया। वहीं मृतक की काॅल डिटेल में भी साफ हो गया था कि उसे फोन करके बुलाया गया था। बुधवार शाम को सुखेर थाना पुलिस ने पूरे हत्याकाण्ड से राज खोलते हुए बताया कि मोनिका तलाकषुदा थी और उसके घरवालों ने जबरन उसकी शादी विनोद माली से करवा दी। लेकिन मोनिका का प्रेमसंबंध दुर्गेष तेली से चल रहा था। शादी के बाद भी मोनिका दुर्गेष के बीच संबंध बरकरार थे, वहीं विनोद माली की बहिन सुनिता के देवर कपिल उर्फ बिट्टू माली से भी मोनिका की मित्रता हो गई। करीब एक महीने पहले मोनिका का फोन व्यस्त रहने से विनोद और उसमें अनबन शुरू हो गई। जिस कारण विनोद में मोनिका की सिम तोड़कर फेंक दी यही बात मोनिका को अखर गई और उसने विनोद का काम तमाम करने की ठान ली। चार दिन पूर्व ही मोनिका फिर पीहर से ससुराल आई थी, इससे पूर्व उसने कपिल और दुर्गेष से विनोद को मारने की योजना बना डाली थी। सताईस नवम्बर को मोनिका ने उसकी सास से फोन से अपने पहले प्रेमी दुर्गेष से बात की और कहा कि या तो मुझे मार दो या उसे। इसके बाद दुर्गेष ने कपिल से बात की ओर एक योजना के तहत उदयपुर पंहुच गया। कपिल जो कि दुर्गेष की बहन का देवर था विनोद को गाड़ी ठीक करने के बहाने से चित्रकूट नगर बुलाया जहां पहले से ही मौजूद दुर्गेष ने विनोद की आंखों में मिर्ची डाल दी। विनोद भागने लगा तो दोनो ने उसका पीछा किया और पत्थरों से उसके चेहरे को इस तरह कुचल डाला की उसकी षिनाख्त तक नहीं हो सके। हत्या की पुश्टि मोनिका ने अपनी पड़ोसन माया के फोन से दुर्गेष और कपिल से की। हत्या के बाद दुर्गेष तो निम्बाहेड़ा वाली बस में फिर बैठ गया, जबकि कपिल फिर से विवाह समारोह में षिरकत करने पंहुच गया।