उदयपुर। इस्लाम के आखरी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद स.अ.स. के विलादत के अवसर पर १२ रबीउल अव्वल को जश्न ए ईद मिलादुन्नबी पुरे जोश खुशियों के साथ मनाया गया। इस मोके पर शहर में विशाल भव्य जुलुस ए मोहम्मदी निकाला गया जिसमे शहर ही नहीं आसपास के जिले भर से मुस्लिम लोगों ने भाग लिया। हज़ारों की तादात में मुस्ली युवा बच्चे बूढ़े हर कोई इश्क ए रसूल की दीवानगी दीवाना दिखाई दिया। दिन में एक बजे अंजुमन चोक से रवाना हुआ जुलुस बड़ा बाज़ार, घंटाघर, हाथीपोल , नयी पुलिया, अम्बावगढ , रना जी चौराहा , मल्ला तलाई होता हुआ शाम को मगरिब के बाद इमरत रसूल बाबा की दरगाह पर जा कर ख़त्म हुआ जहाँ पर हुजुर स.अ.स. को सलाम पेश करने के साथ संम्पन्न हुआ।
शनिवार सुबह से ही हर मुस्लिम बस्तियों में जश्न ए ईद मिलाद की रोनक दिखाई दे रही थी। युवा सफ़ेद कुर्ता पजामा कोई पगड़ी तो कोई टोपी पहले जुलूसे मोहम्मदी के लिए तय्यार थे। मोहल्लों में सुबह से ही तबर्रुक वितरिक किया जारहा था। इस बार हर मुस्लिम मोहल्ले से जुलुस पहले अंजुमन चोक पहुचा जिसके बाद एक आशिके रसूल के दीवानों का विशाल जुलुस जुलुस ए मोहम्मदी के रूप में शहर भर में होता हुआ निकला। घोड़े ऊंट कार जीप आदि वाहनों पर बैठे युवा मोहम्मद साहब की शान में नात पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। डीजे पर आशिक ए रसूल ने आक़ा की शान में नात चला राखी थी जिसपर हरे सफ़ेद रंग के इस्लामी परचम लहराते हुए झूमते हुए चल रहे थे। कई युवाओं के हाथ में लहराते तिरंगे जुलुस की शान बढ़ा रहे थे।
हर जगह कदम कदम पर खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी जश्न हर तरह के खाने पिने की चीजें बांटी जा रही थी। हर मुस्लिम बस्ती शानदार तरीके से सजा राखी थी। हाथीपोल नयी पुलिया और आखिर में मल्लातलाई में सड़कों पर सज्जा देखने लायक थी। इन जगहों पर भीड़ भी भारी रही। ईद मिलादुन्नबी के मोके पर कई संगथाओं ने अस्पताल में फल फ्रूट वितरित किये गरीब बच्चों को मिठाइयाँ व् नए कपडे भी वितरित किये।
उदयपुर। दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल, एवं बचपन प्ले स्कूल कपासन द्वारा जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मोके पर शानदार कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमे नन्हे-नन्हे बच्चों द्वारा इस्लाम धर्म के आखरी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब की शान में प्रार्थना की गयी और आँगन वाड़ी के गरीब बच्चों में मिठाइयाँ वितरित की गयी।
दीक्षा इंटरनेशनल ग्रुप की परम्परा रही है कि हर धर्म के तीज त्योहारों को पूरी मोहब्बत और भव्य तरीके से मनाया जाता है। इसी कड़ी में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी ग्रुप की “बचपन प्ले स्कूल” व् “दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल” के छोटे छोटे बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ मनाया। बचपन प्ले स्कूल की डायरेक्टर नीमा खान ने बताया कि इस मोके पर बच्चों ने हज़रत मोहम्मद स.अ.स. की शान में नाअत पढ़ी। शिक्षकों ने बच्चों को मोहम्मद साहब द्वारा दी गयी शिक्षा को साझा किया और बच्चों को बताया कि मोहम्मद साहब का सबसे बड़ा पैगाम था आपसी मोहब्बत और भाई चारा। साथ ही आका मोहम्मद साहब ने शिक्षा पर कितना और क्यों जोर दिया था।
देंखे इन छोटे बच्चों का प्यारा विडियो
https://youtu.be/nUqQjkXt2mM
दीक्षा इंटरनेशनल शूल के डायरेक्टर वसीम खान ने बताया कि हमारे ग्रुप से जुड़ा हर स्कूल और कॉलेज आपसी भाईचारे की एक मिसाल है जहाँ हर तीज त्यौहार आपसी सौहार्द के साथ मनाया जाता है जहाँ हर एक छात्र ख़ुशी से भाग केते है। वसीम खान ने बताया की जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मोके पर बचपन प्ले स्कूल और दीक्षा इंटरनेशनल के बच्चों ने कसबे की आँगनवाड़ी के गरीब बच्चों के साथ भी सेलिब्रेट किया गया। गरीब बच्चों को मिठाइयां और कपडे वितरित किये गए।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर रोशनी से जगमगाई मुस्लिम बस्तियां
आज अंजुमन चौक से एक साथ चलेगा जुलूस
उदयपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के पहले की रात शहर की मुस्लिम बस्तियां ऐसी जगमगाई मनो आका की आमद से नूर की बारिश हो गयी हो। शहर की मुस्लिम बस्तियां रोशनी से जगमगा रही है। शनिवार को शहर में जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। जिसमें सभी मौहल्लों का जुलूस एक साथ दोपहर 1.30 बजे अंजुमन चौक से रवाना होगा।
शहर के खांजी पीर सिलावट वाड़ी, धोली बावड़ी, मल्ला तलाई सविना आदि हर मुस्लिम बस्तियों की रोनक शुक्रवार की रात देखने लायक थी। हर घर हर सड़क रोशनी में जगमगा रही है। मजहबेइस्लाम के आखिरी पैगम्बर मुहम्मद स.अ.व. के दुनिया में आमद के उत्सव जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मोके पर बच्चा बच्चा खुश दिखाई दे रहा था। हर जगह खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी जहाँ तबर्रुक बांटा जा रहा था।
खानजी पीर में खाने पिने और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गयी थी जहाँ शहर के सभी मुस्लिम बच्चे महिलाऐं युवा शरीक हुए।
मल्लातलाई की मस्जिद उमर बिन ख़त्ताब र. अ. रज़ा कोलोनी की रोशनी तिरगें के तीन रंगों की रोशनी से जगमगा रही थी जो शहर भर में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के रूप में मनाए जाने वाले ईद मिलादुन्नबी को लेकर मुस्लिम मौहल्लों को लकदक रोशनी से सजाया गया है। शनिवार को निकलने वालेे जुलूस-ए-मोहम्मदी में मोहब्बत का पैगाम देते हुए इस बार कई सालों बाद सभी मौहल्लों का जुलूस अंजुमन चौक पहुंचेगा जहां से विशाल रूप लेकर यह जुलूस सिंधी बाजार, बडा बाजार, घंटाघर, मोती चौहट्टा, हाथीपोल, सिलावटवाडी, अम्बावगढ कच्ची बस्सती, राणाजी चौराहा, रजा कॉलोनी होते हुए मल्लातलाई ब्रह्मपोल स्थित मौलाना हजरत जहीरूल हसन सा. की मजार पर पहुंचेगा। आयड, पहाडा, सुंदरवास, अलीपुरा से आने वाले जुलूस देहलीगेट, बापूबाजार होते हुए अंजुमन चौक पहुंचेंगे।
आयड में ’आमदे रसूल’ मनेगा: आयड नौजवान सोसायटी की ओर से ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आयड ऑटो स्टेण्ड चौक पर बाद नमाज मगरीब ’आमदे रसूल’ मनाया गया। इस दौरान सोसायटी की ओर से मगरीब बाद 12वीं तारीख लगने के साथ ही एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देकर तबर्रूक के तौर पर मिठाईयां बांटी गयी। ’आमदे रसूल’ की शान में यहां बनाए जा रहे स्टेज से नआतख्वां नातिया कलाम पेश करेंगे। नबी की शान में झंडे लहराकर इस्तकबाल किया गया।
post info.इंजिनियर कॉलेज में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी तैयार हो जाएं। आइआइटी की पात्रता और एन आई टी टी व् प्रदेश के इंजीनियरिंग कोलेज में दाखिले के लिए होने वाली जे ई ई मेन्स के एक्जाम के फार्म एक दिसंबर से ऑनलाइन भरना शुरू हो जायेगें। विद्यार्थियों को फ़ार्म के साथ अपने आधार कार्ड की जानकारी देना जरूरी है। बिना आधार कार्ड के मुश्किलें बढ़ सकती है।
जानकारी के अनुसार सीबीएससी द्वारा आयोजित जे ई ई मेन्स के लिए एक दिसंबर ऑनलाइन फ़ार्म भरे जायेगें। अन्य परीक्षाओं की तरह जेईई मेंस के आवेदन में भी आधार कार्ड जरूरी किया है। विद्यार्थियों को आधार कार्ड का नम्बर, जन्मतिथि और अन्य सूचनाएं देनी जरूरी होंगी। जिन विद्यार्थियों ने कार्ड नहीं बनाएं हैं वे आधार कार्ड बनवाने के बाद ही आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई की जेईई मेन्स की ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रेल तथा ऑनलाइन परीक्षा 15-16 अप्रेल को होगी। जे ई ई मेन्स का कार्यक्रम ऑनलाइन आवेदन : 1 दिसम्बर से 1 जनवरी 2018 तक ऑफलाइन परीक्षा-8 अप्रेल : ऑनलाइन परीक्षा- 15 और 16 अप्रेल वेबसाइट पर प्रवेश पत्र : मार्च के द्वितीय सप्ताह में वेबसाइट पर उत्तर कुंजी : 24 से 27 अप्रेल परिणाम की घोषणा : 30 अप्रेल, ऑल इंडिया रैंक की घोषणा : 31 मई
ऐसे होंगे एडमिशन :
जेईई मेन्स की परीक्षा में पास होने वाले 2 लाख 24 हजार स्टूडेंट्स इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के लिए होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा के पात्र होंगे। बकाया स्टूडेंट्स को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) और विभिन्न राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेज (जिन्होंने जेईई मेन्स अपनाया है) में प्रवेश दिए जाएंगे। इन स्टूडेंट्स को रैंकिंग और कट ऑफ माक्र्स के अनुरूप प्रवेश मिलेंगे।
हिन्दुस्तान जिंक में आध्यात्मिक गुरू गौड़गोपाल जी दास का संबोधन
जीवन में सफलता को हासिल करना और उसे महसूस करने में अंतर है, सफलता कई लोग हासिल करते हैं लकिन बहुत कम लोग उसे महसूस करते है। आप जीवन को चुने, खुषी को चुन,े अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं। आपको हर जगह पर जिम्मेदारी निभानी है जिसे प्रसन्नता से निभाते हुए सफलता पाई जा सकती है। यह बात पिछले 21 वर्षों से इस्काॅन से जुड़े गुरू गौडगोपालदास ने मंगलवार को हिन्दुस्तान जिं़क यषद भवन के आॅडिटोरियम में जिं़क कर्मचारियों के लिए ‘एन इनसाईट’ कार्यक्रम के तहत अपने उद्बोधन में कही। जिं़क के सभी कर्मचारी गुरू गौड़गोपाल दास के उद्बोधन से गौरवान्वित हुए।
गुरू परम गौड़गोपाल जी दास ने कहा कि क्या आप अंदर से खुष है?,उसे पहचानिए, मन के भीतर से खुष रहना और खुषी के आडंबर में गहरा अंतर है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में स्थिरता होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि एक हल्का सा हिलाने से सोडे की बोतल में उछाल आ जाता है जबकि पानी की बोतल शांत प्रवृति प्रस्तुत करती हैै। मनुष्य के चरित्र में जल जैसा स्वभाव होना चाहिए। निरंतर गति का नाम है जीवन। हर इंसान के जीवन में सदैव ऐसे पल आते हैं, जब उसे लगता है कि दुनिया कितनी सुंदर है और जीवन कितना आनंदायी है। जीवन में गति का अर्थ है, जीवन के हर पल को पूरी चेतना से जीना। उन्होंने जीने के रास्ते बताते हुए कहा कि स्वयं को ही जीना पड़ता है आप उत्साह से जीये तथा निराष होकर ना जीये। उन्होंने कहा कि आधुनिक सभ्यता की पहचान संस्कृति और सभ्यता को भूलना नहीं है। वरन प्रगति, उन्नति को जीवन में संतुलन बनाकर सफलता के लिए जिम्मेदार बने।
उन्होने कहा कि संघर्ष ही जीवन है, हर मनुष्य के जीवन में चुनौतियां आती है, लेकिन चुनौतियों का सामना करने से पहले हार मानना कमजोरी है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अपनी-अपनी समस्याएं होती लेकिन समस्याओं से भागना समाधान नहीं है बल्कि समस्याओं का समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। जीवन में आरम्भ से लेकर अंत तक कई प्रकार की बाधाएं आती है लेकिन यह आप पर निर्भर है कि आप क्या चयन करते हो और उसे कितना बड़ा मानते हो।
गुरू गोपाल दास जी ने बताया कि मनुष्य को जीवन सदैव खुष एवं प्रसन्न होकर जीना चाहिए। खुषियों को बांटना चाहिए। सुख-दुख बांटने से जीवन में हलकापन आता है। जीवन में समस्याओं को लेकर बैठने से कार्य बिगड़ता है। दोस्तों, रिष्तेदारों एवं शुभचिन्तकों को समस्याओं के बारे में बताने से समाधान मिलता है। प्रत्येक को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी होती है। कार्य को समय पर पूर्ण करना चाहिए लेकिन व्यक्ति को कार्य के साथ-साथ दिमाग को कुछ समय के लिए विश्राम भी देना चाहिए जिससे अधिक एवं बेहतर कार्य किया जा सके।
उन्होनें जिं़क के कर्मचारियों का उत्सावर्धक करते हुए कहा कि अपने कार्य का आदर करते हुए स्वयं के लिए समय निकाले जिसमें अपनी पंसद की अभिरूचि को पूरा करे, मेडिटेषन से जुड़े और ध्यान करें जिससे आप में ऊर्जा का संचार हो।
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकरी श्री सुनील दुग्गल ने गुरू गौड़गोपाल दास को धन्यवाद दिया। श्री दुग्गल ने कहा कि जीवन एक अवसर है जिसमें हम माध्यम बनकर बड़ी-बड़ी उपब्धियों को हासिल कर सकते हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम उन अवसरों का सकारात्मक लाभ कैसे उठाये जिससे हमें ही नहीं दूसरों को भी लाभ मिले।
इस अवसर पर गुरू गौड़गोपाल जी दास एवं श्री सुनील दुग्गल ने हिन्दुस्तान जिं़क के यषद भवन परिसर में वृक्षारोपण किया एवं उच्च अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चा भी की।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा इस प्रकार की मोटिवेषनल स्पीच से कर्मचारियों को कार्य में क्षमतावर्धन के साथ-साथ मानसिक तौर पर शांति और कार्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है। हिन्दुस्तान जिं़क ’एन इनसाईट’ कार्यक्रम की यह दूसरी प्रस्तुती है, पहले कार्यक्रम में अभिनेता आषीष विद्यार्थी हिन्दुस्तान जिं़क के कर्मचारियों से रूबरू हो चुके है।
उदयपुर पोस्ट। क्या कोई पत्नी अपने ही सुहाग को खत्म करवा सकती है। जिसके साथ सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने का वचन अग्नि के सामने लेती है उसी पति को मरवाने के लिए कुछ भी करगुजरने को तैयार हो जाती है। बात हो रही है एक ऐसी ही कलयुगी पत्नी की जिसने अपने पति को मरवाने के लिए दो प्रेमियों के साथ षड़यंत्र रचा और आखिरकार सुखेर थाने की सुनसान सड़क पर अपने सुहाग का खात्मा प्रेमियों द्वारा करवा दिया। हत्या भी ऐसी निर्मम की कोई भी मृतक का चेहरा तक नहीं पहचान पाए। मंगलवार सुबह भोईवाड़ा निवासी विनोद माली का शव दो सौ फीट सड़क पर पड़ा मिला ,इसके बाद से ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और कयास लगाए जा रहे थे कि इतने सीधे और सरल व्यक्तित्व वाले शक्श को आखिरकार कौन मार सकता है, क्योंकि विनोद की किसी से दुष्मनी भी नहीं थी। खाकी ने इस पूरे मामले में छानबिन मृतक के घर से ही शुरू की तो पत्नी मोनिका के बयान संदिग्ध लगे, मोनिका को तुरन्त खाकी ने हिरासत में ले लिया। वहीं मृतक की काॅल डिटेल में भी साफ हो गया था कि उसे फोन करके बुलाया गया था। बुधवार शाम को सुखेर थाना पुलिस ने पूरे हत्याकाण्ड से राज खोलते हुए बताया कि मोनिका तलाकषुदा थी और उसके घरवालों ने जबरन उसकी शादी विनोद माली से करवा दी। लेकिन मोनिका का प्रेमसंबंध दुर्गेष तेली से चल रहा था। शादी के बाद भी मोनिका दुर्गेष के बीच संबंध बरकरार थे, वहीं विनोद माली की बहिन सुनिता के देवर कपिल उर्फ बिट्टू माली से भी मोनिका की मित्रता हो गई। करीब एक महीने पहले मोनिका का फोन व्यस्त रहने से विनोद और उसमें अनबन शुरू हो गई। जिस कारण विनोद में मोनिका की सिम तोड़कर फेंक दी यही बात मोनिका को अखर गई और उसने विनोद का काम तमाम करने की ठान ली। चार दिन पूर्व ही मोनिका फिर पीहर से ससुराल आई थी, इससे पूर्व उसने कपिल और दुर्गेष से विनोद को मारने की योजना बना डाली थी। सताईस नवम्बर को मोनिका ने उसकी सास से फोन से अपने पहले प्रेमी दुर्गेष से बात की और कहा कि या तो मुझे मार दो या उसे। इसके बाद दुर्गेष ने कपिल से बात की ओर एक योजना के तहत उदयपुर पंहुच गया। कपिल जो कि दुर्गेष की बहन का देवर था विनोद को गाड़ी ठीक करने के बहाने से चित्रकूट नगर बुलाया जहां पहले से ही मौजूद दुर्गेष ने विनोद की आंखों में मिर्ची डाल दी। विनोद भागने लगा तो दोनो ने उसका पीछा किया और पत्थरों से उसके चेहरे को इस तरह कुचल डाला की उसकी षिनाख्त तक नहीं हो सके। हत्या की पुश्टि मोनिका ने अपनी पड़ोसन माया के फोन से दुर्गेष और कपिल से की। हत्या के बाद दुर्गेष तो निम्बाहेड़ा वाली बस में फिर बैठ गया, जबकि कपिल फिर से विवाह समारोह में षिरकत करने पंहुच गया।
Gout is a type of arthritis that causes inflammation, usually in one joint, that begins suddenly.Gouty arthritis is caused by the deposition of crystals of uric acid in a joint.Gout can cause symptoms and signs such asnodules under the skin called tophi,joint redness,swollen joints,joint pain, andwarmth of the joint.The most reliable method to diagnose gout is to have fluid removed from an inflamed joint and examined under a microscope for uric acid crystals.Chronic gout is treated using medications that lower the uric acid level in the body.Left untreated, gout can cause irreversible joint damage, kidney problems, and tophi.Triggers for acute attacks of gout include surgery, dehydration, beveragessweetened with sugar or high fructose corn syrup, beer, liquor, red meat, and seafood.Cherries may help prevent gout attacks.
What causes gout
Gout is caused by too much uric acid in the bloodstream and accumulation of uric acid
डॉ. काजल वर्मा
crystals in tissues of the body. Uric acid crystal deposits in the joint cause
-inflammation of the joint leading to pain
– redness
– heat, and swelling.
Uric acid is normally found in the body as a byproduct of the way the body breaks down certain proteins called purines. Causes of an elevated blood uric acid level (hyperuricemia) include genetics
-obesity
– certain medications such as diuretics (water pills),
-chronic decreased kidney function. What are risk factors for gout
There are many risk factors for gout. Gout is more common after surgery, trauma, and dehydration. Certain medications such as diuretics (commonly known as water pills), which treat high blood pressure, that raise the level of uric acid in the bloodstream are risks for gout. Surprisingly, medications that lower the level of uric acid in the bloodstream, such as allopurinol (Zyloprim, Aloprim), can also initially cause a flare of gout. This is because anything that raises or lowers the uric acid level can cause a gout flare by causing uric acid crystals to deposit in a joint. Low-dose aspirin can precipitate gout attacks. The treatment of certain types of cancer can cause gout because of high levels of uric acid released when the cancer cells are destroyed. Degenerative arthritis also makes affected joints more likely to be the site of a gouty attack.
DIETARY RECOMMENDATIONS
-Maintain a diet low in purines.
-Limit intake of caffeine, cauliflower, dried beans, lentils, peas, oatmeal, spinach and yeast products.
-Consume plenty of purified water as this promotes the excretion of uric acid and prevents development of kidney stones.
-Drink fresh or frozen cherry juice as it prevents uric acid crystals from forming.
-Blueberries, cherries and strawberries neutralize uric acid and have antioxidant properties so eat more of them.
-Enjoy foods such as rice, millet, starchy vegetables, green vegetables, corn, cornbread, fruit, eggs, nuts, and herbal teas.
-Avoid alcohol as it may provoke acute attacks.
-The gout diet should be high in complex carbohydrates and low in protein.
Homeopathic Treatment for Gout
Homoeopathic medicines can be a big boon for all those who suffer from high uric acid. These medicines work by reducing the uric acids overproduction by the body and accelerating the removal of this waste product from through the kidneys.
Homoeopathy is known to control the uric acid diathesis and is also useful in acute attacks. Homeopathy helps in controlling the pain during the acute attack of gout as well as helps in preventing the recurrence of such episodes. It helps in reducing stiffness and improves the mobility of the joints.
One big advantage that homoeopathy offers in the treatment of high uric acid is that once treated the chances of relapse are very less, this is also subjected to the condition that diet and Alcohol and weight are well controlled.
The Homeopathic medicines for Gout have to be specific to every individual person. That is the reason a detailed history is required to customise the treatment for Gout. The Homeopathic treatment for Gout is chalked out after a detailed analysis and review of your past treatments for Gout and medicines for Gout taken by you.
With continued treatment patient notices the reduction in the frequency of attacks and intensity of pains with gradually leading to complete cure.
उदयपुर। जाने इस शहर को क्या हो गया है। इस शहर में रहने वाले क्या समझे खुद को सुरक्षित या फिर एक बाड़े में बंधे भेड़ बकरी कि उनके साथ कभी भी कहीं भी कोई भी घटना घाट सकती है। हर रोज़ चोरी हो रही है। हर रोज़ कही ना कही गुंडागर्दी की खबरें सुनाने को आती है। हत्याओं का तो जैसे दौर चल गया है। मंगलवार को सुखेर थाना क्षेत्र में शहर के ही रहने वाले एक युवक की इतनी बेरहमी से हत्या की गयी कि देखने वाले अच्छे अच्छे के दिल दहल गए।
जानकारी के अनुसार एक युवक की किसी ने बेरहमी से हत्या कर दी। युवक का शव होटल भैरव गढ़ के निकट निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में मिला है। युवक की पहचान छोटी भोईवाड़ा निवासी विनोद माली के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों को मौके पर बुलाकर शव की शिनाख्त की है।
पुलिस ने बताया कि छोटी भोईवाड़ा निवासी विनोद माली का शव सुबह मेडिकल कॉलेज परिसर में मिला। सुबह यहां से गुजरने वाले लोगों ने शव देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर शव की जेब से मिले कागजों के आधार पर परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने ही शव की शिनाख्त भी की।
फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उसके बाद ही मौत के कारणों का सुराग लग पाएगा। फिलहाल पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है साथ ही मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ जारी है। मौके पर कई जगह खून भी बिखरा हुआ मिला है। चेहरा पत्थरों से मार कर पूरा बिखेर दिया गया था।
Hindustan Zinc Mining Academy’, set up by Hindustan Zinc, in collaboration with ‘Skill Council for Mining Sector’ and training partner ‘Indian Institute of Skill Development Pvt. Ltd’, is expected to spend Rs.30 Crore in the next five years to train about 500 ITI pass-outs in Jumbo Drill Operations and Winding Engine operations.
Recently the company organized placement drive for these students and 126 passing-out students got jobs with an average package of Rs. 25,000/- per month. Hindustan Zinc’s business partners have come together to employ these trained youths and use them for their different operations. These candidates have been recruited by companies like SK Khetan, BGE Mining Pvt Ltd, SMSL, Aravali Construction Co, Teknomin Construction Limited, UTM Engineering Pvt Ltd, AAC Mining Executors India Pvt Limited, to name a few. Hindustan Zinc itself engages about 200 Jumbo Drill Operators and 45 Winding Engine Operators. As Hindustan Zinc mines are in expansion mode, the opportunities for employment is only likely to increase.
The Chief Executive Officer of Hindustan Zinc, Mr. Sunil Duggal, who is also the Chairman of Governing Board of ‘Skill Council for Mining Sector’, informed that “Hindustan Zinc completely endorses the Hon’ble Prime Minister Narendra Modi Ji’s thoughts on the scope of creating millions of employment opportunities through natural resource sector. The prime objective of setting up ‘Hindustan Zinc Mining Academy’ is to enhance employability of eligible youths of Rajasthan. This Academy will provide trained Jumbo Drill Operators and Winding Engine Operators to the Indian mining industry, who would also have training in Banks-men and Bellman Operations. The company is set to invest Rs. 30 crore in five years on the training program.”
Hindustan Zinc Mining Academy has three Centres running at Bhilwara, Rajsamand and Zawar near Udaipur with 260 candidates from all over Rajasthan. All Academy centres run in a professional manner with inbuilt monthly monitoring systems. Since the course is residential, the academy has a provision for free boarding and lodging facilities for all the selected candidates in all training programs.
Earlier, in October 2016, Hindustan Zinc commenced 18 month long Jumbo Drill Operator Training to 120 ITI/Diploma pass-outs and in Winding Engine Operator Training Program, 47 ITI/Diploma pass-outs were enrolled in February 2017 and their eight months training got complete in October 2017. Besides Winding Engine Training, these candidates are also being given exposure in Banks-men and Bellman Operations.
With the setting up of India’s perhaps first Mining Academy, Hindustan Zinc is developing an ecosystem and contributing in unlocking India’s potential in mining. This is certainly going to enhance India’s capability in the skilling of people in mining space and putting India on growth path.
About five years back, in the year 2012, mining sector accounted for about 3 million direct jobs and additional 8 million jobs indirectly. But the mining sector aspires to contribute 7-8% to India’s GDP and if this happens, India would realize a GDP of 9% in the coming years. This is expected to create at least 25 million jobs, directly and indirectly.
The McKinsey Global Institute report suggests that development of mining sector will be important if India has to achieve 7% plus GDP growth. The report further says that mining sector alone has the potential to create 6 million additional jobs by 2025. The sector can contribute an additional USD 125 billion to India’s output and USD 47 billion to India’s GDP by 2025.
उदयपुर। कॉमर्स कॉलेज में सोमवार को मुख्य द्वार के आसपास खड़े वाहनों को लेकर कॉलेज अध्यक्ष सहित कुछ छात्रों ने जम कर उत्पात मचाया। कॉमर्स कॉलेज के दर्जनों छात्र सोमवार को गुण्डई पर उतर आए और उन्होंने जो कुछ किया वह आज तक इतिहास में कभी नहीं हुआ होगा। पड़े लिखे इन गुण्डों ने अपनी ताकत का पूरा इस्तेमाल किया और एक घण्टे तक खूब उत्पात मचाया। इनकी इस हरकत के बाद तो इन्हें छात्रनेता कहने की जरूरत भी हमे महसूस नहीं हुई क्योंकि जिस तरह बेकसूर शहर वासियों के वाहनों को इन्होंने क्षति पंहुचाई और शहर में काफी देर तक खौफ का माहौल पैदा किया वह गुण्डागर्दी से कम नहीं था। अपनी गुंडई पर उतरे कॉलेज अध्यक्ष और उसके साथियों ने पुलिस के सामने होने से भी नहीं चुके बाद में पुलिस ने पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए छात्रों को वहां से खदेड़ा और अध्यक्ष सहित दो छात्रों को हिरासत में लेकर कारवाई शुरू की।
जानकारी के अनुसार कॉमर्स कॉलेज के बाहर गेट के आसपास वाहनों की पार्किंग को लेकर छात्र नेता हिमांशु बागड़ी और वर्तमान कोमर्स कोलेज अध्यक्ष हिमांशु पंवार विरोध करने खड़े हो गए और कार को में रोड पर लगा कर मुख्य रास्ता रोक दिया। धीरे धीरे विरोध इस कदर बढ़ गया कि दोनों छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ गुंडई करने पर आमादा हो गए और वहां खड़े सारे वाहनों के कांच तोड़ते हुए दहशत फेलाने लग गए। मोके पर पहुची पुलिस से भी आमने सामने होते हुए भूपालपुरा थाना अधिकारी चांदमल से कहा सुनी करने लगे। यहाँ तक कि पुलिस से कहा सुनी के बिच बात हाथापाई तक पहुच गयी। मामला बिगड़ते देख पुलिस ने छात्रों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया बाद में बेकाबू हुए कोलेज अध्यक्ष हिमांशु पंवार और उसके साथ दो छात्रों को बल पूर्वक जीप में बैठा कर कारवाई के लिए थाणे ले गए जहाँ राजकार्य में बाधा तोड़फोड़ और उत्पात मचाने का केस दर्ज किया। इस घटना के बाद पुलिस ने रोड पर खडे़ वाहनों को किनारे लगवाया और यातायात को सुचारू करवाया। गौरतलब है कि पूर्व में भी पार्किंग को लेकर छात्रों और पुलिस में विवाद हो चुका है। मामला ज्यादा बढ़़ने पर पुलिस ने लाठियां भी भांजी थी।