पद्मावती फिल्म के समर्थन में राजस्थान का पूर्व राजघराना – विरोध को बताया तमाशा

उदयपुर पोस्ट . जहाँ एक तरफ पुरे देश में पद्मावती फिल्म को लेकर जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये जारहे है वही राजस्थान के बदनोर राज घराने के रणजय सिंह की पत्नी अर्चना सिंह ने पद्मावती  फिल्म के विरोध कोतमाशा बताते हुए रोक लगाने की बात कही है। अर्चना सिंह ने कहा की वह फिल्म पर तब तक कोई प्रतिक्रया नहीं दे सकती जबतक इस फिल्म को वह नहीं देख लेती। उन्होंने बाकी लोगों से भी एसा ही करने की सलाह दी है।

अर्चना ने इस तमाशे पर रोक लगाने की बात कही है। अर्चना ने कहा कि मुझे लगता है कि पद्मावती मामले को पूरी तरह पेचीदा बना दिया गया है। मैं एक ऐसे लडक़े को जानती हूं, जिसने इस फिल्म पर काम किया है, उसका कहना है कि फिल्म में एक भी ऐसा सीन नहीं है, जिसमें कोई दिक्कत हो और वो ख़ुद भी एक राजपूत है।

>गौरतलब है कि राजपूतों, राजनेताओं और सामाजिक संगठनों के बाद राजस्थान के कई पूर्व राजघराने भी इस फिल्म के विरोध में खुलकर सामने आए हैं। इन पूर्व राजघरानों का कहना है कि संजय लीला भंसाली को इतिहास की समझ नहीं है। भंसाली ने पूरे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर फिल्म में दर्शाया है। जो वे कतई सहन नहीं करेंगे।

मेवाड़ की राजनीति का ठेका एक ही व्यक्ति का नहीं है – उदयपुर से रखूंगा विधानसभा चुनाव में दावेदारी

उदयपुर पोस्ट . उदयपुर भाजपा के करता धरता गुलाबचंद कटारिया ने जिसे तेसे नगर निगम का विवाद ख़त्म किया अब भाजपा नेता मांगीलाल जोशी नें हाल ही में अगले विधानसभा चुनाव के लिए उदयपुर शहर में अपनी दावेदारी की घोषणा करते हुए भाईसाब की मुश्किलें बढ़ा दी है. मांगीलाल जोशी ने मामली के एक कार्यक्रम में उदयपुर शहर के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर खुले आम बगावत का एलान कर दिया है . और साथ ही मावली से कुलदीप सिंह साकरिया का समर्थन भी किया है .

गौरतलब है कि स्व भेरोसिंह शेखावत मंच के सभी दिग्गज कटारिया विरोधी है जिसमे मुख्य मांगीलाल जोशी है . और मना जारहा था कि २०१८ के विधानसभा चुनाव कटारिया के लिए इतने आसान नहीं होने वाले . मेवाड़ में भाजपा की राजनीति के सर्वेसर्वा कटारिया के खिलाफ खुले आम बगावत के स्वर अभी से बुलंद हो गए है . शेखावतमंच से जुड़े भाजपा के वरिष्ठ नेता मांगीलाल जोशी का कहना है कि वे अगला विधानसभा चुनाव मावली से नहीं लडेंगे। उन्होंने कहा कि दावेदारी रखूंगा तो उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र सीट से ही रखूंगा। वे रविवार को कस्बे में एक शो-रूम के ग्राहक स्नेह मिलन कार्यक्रम के बाद उन्होंने पास ही खड़े भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुलदीपसिंह चूंडावत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये मावली से दावेदारी रख रहे हैं। यहां से और भी लोग दावेदारी में हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व प्रधान सुशील ओस्तवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश चपलोत, गोपाल चौधरी, रोहित जोशी सहित क्षेत्र के कई सरपंच और सदस्य मौजूद थे।

मांगीलालजोशी ने अपने बयान को लेकर एक समाचार पत्र में बयान दिया कि गुलाबचंद कटारिया साल 2003 से चुनाव लड़ रहे हैं। किसी एक ही व्यक्ति का ठेका थोड़े ही है। जोशी ने कहा कि कटारिया के कहने पर ही उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में मावली से दावेदारी रखी थी। जोशी ने कहा कि राजनीति में सबको दावेदारी रखने का अधिकार है। उदयपुर शहर विधानसभा सीट से साल 1998 में चुनाव लड़ा भी था।

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Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Pavan Kaushik

’जावर खदान की विरासत को संग्राहलय के रूप में विकसित करने की आवष्यकता’’ – श्री सुनील दुग्गल

 

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने डाॅ. पाॅल टी. क्रेडाक, श्री के.टी.एम. हेगडे़, श्री एल.के. गुर्जर एवं एल. विलीज द्वारा ’प्रारंभिक भारतीय धातु-विज्ञान’ पर आधारित पुस्तक का सोमवार को हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय में विमोचन किया। इस अवसर पर श्री सुनील दुग्गल ने कहा कि इस क्षेत्र को संग्राहलय के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है जिससे आम जन विशेषकर विद्यार्थियों और पर्यटकों को हमारी विरासत से अवगत कराया जा सके। उन्होंने बताया कि प्राचीन खनन एवं प्रद्रावण पद्धतियों को चित्रों द्वारा प्रदर्शन किया जाए एवं विष्व स्तर का संग्राहलय बनाया जाए।

इस पुस्तक में राजस्थान के अरावली पहाड़ियों में प्रारंभिक धातु विज्ञान, उत्तर पष्चिम भारत में तीन सदियों से सीसा-जस्ता एवं चांदी का उत्पादन, हिन्दुस्तान जिंक की स्थापना जावर, राजपुरा-दरीबा एवं आगुचा खदानों के इतिहास एवं स्मारक का वर्णन, खनन प्रचालन का अनुसंधान, धरातलीय स्थलों पर सर्वेक्षण एवं उत्खनन, खदानों में औद्योगिक सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण, लाभकारी खनन, चांदी उत्पादन की प्रक्रिया, जस्ता एवं ब्रास का उत्पादन तथा 17वीं से 21वीं सदियों के दौरान विलुप्त और पुनरूद्धार-भारतीय उद्योग का विस्तृत वर्णन किया गया।

पुरातात्विक सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के तीन प्रमुख स्थानों जावर, दरीबा एवं आगुचा में धातु एवं खनन किया जाता था। उदयपुर से 45 कि.मी. दक्षिण में स्थित जावर की पहाड़ियों में आज से 3000 वर्ष पूर्व जस्ता-सीसा धातु का खनन एवं प्रद्रावण किया जाता था। पूरे क्षेत्र में फैले हुए प्राचीन खनन एवं प्रद्रावण अवशेष इस तथ्य के मूक प्रमाण है। आज भी जावर खदान में जस्ता धातु का मुख्य धातु के रूप में तथा चांदी का उत्पादन किया जा रहा है।

इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन श्री पवन कौषिक ने बताया कि उदयपुर में देष-विदेष से हजारों पर्यटक हर वर्ष घूमने आते हैं। जावर खनन की विरासत से अवगत कराने के लिए सग्रहालय बनने से देष-विदेष के पर्यटकों, आम जन एवं विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। विष्व में सबसे पहले जस्ता-सीसा का उत्पादन भारत में हुआ था तथा इसका केन्द्र जावर रहा।

इस समारोह में हिन्दुस्तान जिंक के पूर्व निदेषक (खनन) श्री एच.वी. पालीवाल, पूर्व वरिष्ठ खनन अधिकारी श्री कान सिंह चैधरी, हिन्दुस्तान जिं़क के भूतपूर्व वरिष्ठ भू-विज्ञानी श्री एल.के. गुर्जर, हिन्दुस्तान जिं़क के निदेषक (प्रोजेक्टस) श्री नवीन कुमार सिंघल, हेड-कार्पोरेट रिलेषन्स श्री प्रवीण कुमार जैन एवं जिं़क के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

फिल्म पद्मावती पर पंगा बरकरार भीलवाडा बंद – हुआ लाठीचार्ज

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न्यूज़ पोस्ट . संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर पंगा लगातार कायम है . हर रोज़ कही ना कही विरोध प्रदर्शन किये जारहे है . इसी कड़ी में शनिवार को सर्व समाज द्वारा पद्मावती की रिलीज के विरोध में भीलवाड़ा बंद का आव्हान किया था . बंद के दौरान कृषि उपज मंदी के पास कुछ बाइक सवार युवक शराब की दूकाने बंद करवा रहे थे इस दौरान कुछ झड़प हो गयी . इस बिच वहां पहुची पुलिस ने स्थिति को देखते हुए बंद करवा रहे युवकों को बल प्रयोग कर वहां से खदेड़ा . बाद में सब्जी मंदी में भी पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा .

विभिन्न समाज, संगठनों के लोग व कार्यकर्ता सुबह नौ बजे ही बंद करवाने बाजार में उतर आए। फिल्म के विरोध में उतरे अधिकांश लोगों ने केसरिया टोपी, मफलर व साफा बांधे रखा है। बंद का असर कॉलोनियों तक में नजर आया। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता वाहन रैली के रूप में चित्रकूट धाम पहुंचे। यहां से विशाल जुलूस के रूप में वो स्टेशन चौराहे पर पहुंचे। यहां विशाल सभा हो रही है। सभा स्थल पुलिस छावनी में तब्दील है। बाजारों में आरएसी समेत पुलिस बल तैनात है। व्रजवाहन व दमकलें भी लगाई गई। बंद से टेक्सटाइल कारोबार भी ठप रहा। पेट्रोल पम्प भी दो घंटे बंद रहे। बंद के दौरान कृषि उपज मंडी क्षेत्र स्थित शराब की दुकान में तोडफ़ोड़ की घटना हुई है

भीलवाड़ा बंद में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान, करणी सेना, भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर्स, एबीवीपी, स्वर्णकार समाज, व्यापार संघ, नेताजी सुभाष मार्केट एसोसिएशन, बालाजी मार्केट एसोसिएशन, क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएशन, भीलवाड़ा बार एसोसिएशन, सर्व ब्राह्मण समाज, कीर, सुवालका, पूर्बिया, खटीक, सिंधी, सुखवाल, तेली साहू समाज, बैरागी आदि समाज शामिल है।

कपासन आरएनटी कॉलेज के छात्रों ने बताई पद्मावती और राणा रतन सिंह की आन-बान और शान ( PHOTO )

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उदयपुर। मौका था कपासन के आरएनटी कॉलेज ऑफ़ टीचर एजुकेशन में फ्रेशर पार्टी का। जहाँ फ्रेशर छात्र छात्राओं ने रानी पद्मावती और राणा रतन सिंह के सम्मान में मिस फ्रेशर और मिस्टर फ्रेशर के शो की थीम ही राजपुताना रखी। राजपूती परिधानों में सजे जब रेम्प पर चल कर आये तो कॉलेज में मौजूद हर कोई ताली बजाय नहीं रह सका। फ्रेशर पार्टी में छात्र छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का जम कर प्रदर्शन किया। छात्र छात्राओं के सिंगल और ग्रुप डांस ने पार्टी में जान दाल दी। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं की होसला अफजाई करने के लिए विशिष्ठ अतिथि के रूप पहुचे 2014 से 17 तक बोडी बिल्डिंग में मिस्टर राजस्थान रहे व् 2017 के आल इण्डिया मिस्टर यूनिवर्सिटी रहे बंटी डायर, जिन्होंने  फ्रेशर को प्रोत्साहित किया,

पार्टी को चार चाँद लगाने के लिए छात्र छात्राओं के बिच अतिथि के रूप में पहुचे एक्स फेक्टर फेम शाहनवाज़ उर्फ़ बंटी ने अपने सुरीले आवाज़ में नॉन स्टॉप मेलोडी से सभी को झुमने पर मजबूर कर दिया।
कपासन के आरएनटी कोलेज ऑफ़ टीचर एजुकेशन की फ्रेशर पार्टी में रानी पद्मावती और राणा रतन सिंह का शौर्य दिखा फिल्म पद्मावती का अपने तरह का अनूठा विरोध किया। कॉलेज में फ्रेशर पार्टी की थीम ही राजपुताना रख दी हर एक छात्रा राजपूती पोशाक में सज धज कर आई और सभी छात्र राजपूती लिबास पहन कर आये। मिस और मिस्टर फ्रेशर के लिए भी स्टेज पर हर राउंड राजपूती पोशाक का ही हुआ। आर एन टी ग्रुप की सेक्रेटरी नीमा खान ने बताया कि रानी पद्मावती चित्तौड़गढ़ ही नहीं हिन्दुस्तान की शान है। जिस तरह से भंसाली द्वारा फिल्म में दर्शाने की कोशिश की जारही है वह स्वीकार योग्य नहीं है। कॉलेज के फ्रेशर बच्चे एक तरह से नासमझ संभाली तक यह सन्देश पहुँचाना चाहते है कि यहाँ हर एक रानी पद्मिनी और राणा रतन सिंह को सम्मान और अभिमान की नज़र से देखता है और उन्ही के सम्मान में समपर्पित आज की यह फ्रेशर पार्टी आयोजित की है जिसमे हर एक छात्र ने राजपूती आन बान और शान को दिखाया है। छात्राओं ने घूमर करके दिखाया की असल में घूमर इस तरह होता है।
आरएनटी ग्रुप के चेयर मेन वसीम खान ने सभी फ्रेशर छात्र छात्राओं को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और आगामी माह में आरएनटी ग्रुप के सभी कॉलेजों के इंटर कॉलेज खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। 

स्थानीय अधिकारियों और नेताओं की मिलिभगत के बिना द ललित के अवैध गेट खुलना नामुमकीन।

उदयपुर। भाजपा शासनकाल में भ्रष्‍टाचार किस कदर तक फैला हुआ है इसका ताजा उदाहरण इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस करोड़ों रुपए की सरकारी होटल को कोड़ियों के दाम में खरीद लिया था, उसके काफी हिस्से में झील किनारे निर्माण भी करवा दिया और अब सेटिंग करके नियम विपरीत गेट भी खोल दिए हैं। जबकि कुछ समय पूर्व स्‍थानीय नगर निगम ने उक्‍त गेट को बंद करवा दिया था। अब स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश देकर नगर निगम द्वारा बंद करवाए “द ललित होटल” के गेट खोलने का फरमान जारी कर दिया है। स्वायत्त शासन विभाग ने फतहसागर से 100 कदम की दूरी पर होटल दी ललित (लक्ष्मी विलास) के दो गेट खोलने के आदेश दे दिए हैं। बिना मंजूरी बने ये दरवाजे नगर निगम ने बंद करवाए थे। स्‍थानीय स्‍तर पर विरोध होने पर निगम की बोर्ड बैठक में पूरे सदन ने विरोध किया था और जिसके बाद गेट के आगे रेडीमेड ब्राउण्डीवाल खड़ी करवा दी थी। अब सवाल यह उठता है कि जब नगर निगम ने इसको अवैध माना था तो अधिकारियों ने इसको सही कैसे मान लिया?
शहर में स्थित जिस बेशकीमती सरकारी होटल को तत्कालीन सरकार उस समय के निजामों ने कोडियों के दाम बेच दिया था उसी होटल में अब अवैध रूप से दरवाजे भी बना दिए गए और उन्हें खोलने को फरमार विभाग की ओर से भी आ गया। इससे बडी कमजोर उदयपुर के सूरमाओं के लिए ओर कोई नहीं होगी। इमानदारी का दम भरने वाले महापौर जी को सबसे पहले राज्य सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए तुरन्त प्रभाव से इस पर एक्शन लेना चाहिए ताकी जनता के बीच में उनकी यह छवि बरकरार रहे। वहीं अब शहरवासियों को भी राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में खड़े होकर प्रदर्शन करना चाहिए और हर हाल में इस दरवाजे को बंद कराने की कोशिश करनी चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो यकीन मानिए वह दिन दूर नहीं जब फतहसागर का यह छौर आम लोगों के लिए बंद सा हो जाएगा और खास लोग इसे अपनी विलासिता का स्थान बना लेंगे। इस पूरे मसले पर क्षेत्र में पूर्व पार्शद अजय पोरवाल ने स्थानीय प्रषासन की मिलीभगत होने का दावा किया है। उनकी माने तो अगर यहां के लोग इस फैसले के खिलाफ होते तो आज भी विरोध कर सकते थे। लेकिन उनका मौन रहना साबित करता है कि यहां से ही तथाकथित होटेल मालिक को राजधानी से स्वीकृति लाने का इषारा किया गया हो।

थानेदार ने खाई जेल की हवा

इसको भी आजमाइए

 

भाईसाब की भपकी के बाद शांत हुए समिति अध्यक्ष और महापौर – नगर निगम की नुरा कुश्ती को लगा विराम

उदयपुर। उदयपुर शहर की नगर निगम का हाई वोल्टेज ड्रामा गृहमंत्री की घुड़की के बाद अब ख़त्म होने के आसार है। गृहमंत्री ने असंतुष्ट समिति अध्यक्ष और महापौर की आमने सामने बैठा कर साम दाम दंड भेद तरीके इस्तमाल करते हुए समझा दिया और भपकी देते हुए आगे के लिए निर्देश भी देदिए की कोई मीडिया के पास नहीं जाएगा और मीडिया में सिर्फ जिलाध्यक्ष ही बयान देंगे।
पिछले कई दिनों से महापौर चन्द्र सिंह कोठारी की कार्य करने के तरीकों से नाराज़ समिति अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था तब से नगर निगम में महापौर और पार्षदों के बिच खींचा तानी चल रही थी। इस कुश्ती को रोकने के लिए नगर निगम और उदयपुर भाजपा के कर्ता धर्ता गृहमंत्री शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ” भाईसाब” निपटारे के लिए उदयपुर पहुचे और आनन – फानन में समितिध्यक्षों और महापौर की गुप्त बैठक भाईसाहब ने पार्टी कार्यालय में लेने की बात कहकर सभी को बुला लिया, लेकिन इसकी भनक मिडिया को लग गई। जब इस सियासी ड्रामे को कवर करने के लिए मिडियाकर्मी मौके पर पंहुच गए तो सभी को दुरभाश पर कटारिया ने अनयत्र जगह बुला लिया जिसका पता बाद में नहीं लग पाया। हालाकि सभी समितिध्यक्ष, महापौर और जिलाध्यक्ष गाड़ियों में बैठते हुए जरूर कैमरे में कैद हो गए। सूत्र बताते है कि देबारी में किसी जगह पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सभी असन्तुष्ट सामिति अध्यक्षांे और महापौर चंद्रसिंह कोठारी से आमने – सामने बात कराई। साथ ही साफ कर दिया कि चंद्रसिंह कोठारी महापौर की कुर्सी पर बने रहेंगे। भाई साहब के इस बयान के बाद समितिध्यक्षों के चहेरों पर मायूसी छा गई, सभी रूंदे कंठों से भाई साहब की हां में हां मिलाते रहे और आखिरकार वहीं हुआ जो भाई साहब ने चाहा था। बाद में किसी को भी सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देने के निर्देष दिए गए और इसके लिए अधिकृत रूप से जिलाध्यक्ष दिनेष भट्ट को अधिकृत किया गया। साथ ही कटारिया ने चंद्रसिंह कोठारी से भी व्यवहार में शीथिलता लाने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि गुरूवार के बयान में राजस्थान के दुसरे नम्बर के नेता और शहर विधायक ने कहा था कि अगर कोठारी महापौर की कुर्सी को नहीं संभाल पाए तो वह इस महापौर की कमान संभाल लेंगे। इससे यह बात तो साबित हो गई कि भाईसाहब का निगम मोह अभी भी नहीं छुटा है। वैसे शायद अब शहर में होता काम दिखाई देने लगेगा क्योंकि तीन साल पूरे होने आए है और जनता को कनवेंस करने के लिए दो साल ही चाहिए है। गृहमंत्री कटारिया ने शुक्रवार को अपने उदयपुर प्रवास के दौरान सिर्फ समिति अध्यक्षों और महापौर की बैठक ही ली, इससे तो यह साबित होता है कि हर बार रविवार को अपने गृहक्षेत्र में आने वाले कटारिया को डेमेज कंट्रोल मैनेज्ड करने के लिए शुक्रवार को ही आना पड़ा। पार्टी के नेताओं में अब यह उम्मीद जताई जारही है कि भाईसाब की घुड़की के बाद सारे समिति अध्यक्ष अब शांत बैठ जायेगें अब कोई कुछ नहीं बोल सकेगा।

पद्मावती के विरोध में ख़ुदकुशी या हत्या ? – नाहरगढ़ पर लटका मिला युवक का शव

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उदयपुर . पद्मावती फिल्म का विरोध धीरे धीरे अब विकराल रूप में आगया है . आज जयपुर नाहर गढ़ पर एक युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला . जहाँ शव लटका हुआ था वहां लिखा हुआ था ” पद्मावती का विरोध करने वालों  हम सिर्फ पुतले ही नहीं लटकाते हम में है दम” .

जानकारी के अनुसार जयपुर के नाहरगढ़ फोर्ट पर शुक्रवार सुबह एक शख्स की लाश लटकी मिली। पास में ही पत्थरों पर लिखा मिला कि पद्मावती का विरोध करने वालों हम सिर्फ पुतले नहीं जलाते हैं। वहां करीब आधा दर्जन सन्देश पद्मावती के विरोध में लिखे हुए थे . पुलिस फिलहाल इस मामले को खुदकुशी और हत्या, दोनों एंगल से देख रही है। एक पत्थर पर चेतन तांत्रिक भी लिखा मिला है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कहा कि पद्मावती फिल्म से जुड़ी जो धमकियां पत्थर पर लिखी मिली हैं, वो इसी व्यक्ति से जुड़ी हैं या नहीं, ये कहना मुश्किल है।
– मृतक का नाम चेतन सैनी (40) बताया जा रहा है, जो शास्त्री नगर इलाके का रहने वाला है। लड़के के पास से मुंबई का एक टिकट भी मिला है।

बता दें कि पद्मावती के विरोध के चलते फिल्ममेकर्स ने फिलहाल रिलीज टाल दी है। ये भी कहा कि भारत में रिलीज से पहले फिल्म विदेश में रिलीज नहीं होगी। पद्मावती को ब्रिटिश सेंसर बोर्ड ने बिना कट लगाए स्क्रीनिंग की मंजूरी दे दी है।

राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए।

अब तक विरोध मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक तक पहुंच गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में सरकार ने इसे रिलीज नहीं करने की बात कही।
– राजस्थान की राजपूत करणी सेना के अलावा राजघराने भी फिल्म के खिलाफ है। इनकी मांग है कि इसे रिलीज करने के पहले उन्हें दिखाई जाए।
– राजनाथ सिंह, उमा भारती, लालू प्रसाद यादव, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने बयान दिए कि लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
– गुरुवार को राजपूतों ने चित्तौड़गढ का किला बंद रखकर प्रदर्शन किया था।
– करणी सेना ने सूर्पणखा की तरह दीपिका पादुकोण की नाक काटने, हरियाणा के बीजेपी नेता ने दीपिका और भंसाली का सिर काटने पर 10 करोड़ के इनाम का एलान किया था।

जनता की समस्या देखने आने के लिए निगम प्रशासन को दिए पीले चावल

उदयपुर। नगर निगम में महापौर और समिति अध्यक्षों के बिच में घमासान चल रहा है इसी बिच प्रतिपक्ष नेता मोहसिन खान ने जनता की समस्याओं से निगम प्रशासन को अवगत करवाते हुए शहर में लोगों के बिच आकर जनता की समस्या सुनने के पीले चावल दे कर न्योता दिया।
नगर निगम का मोजुदा बोर्ड अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।  एक तरफ शहर की व्यवस्था चोपट हो रखी है दूसरी तरफ समिति अध्यक्ष और महापौर के बिच चली आरही खिचातान की वजह से चार समिति अध्यक्ष समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देचुके है। इसी बिच आज प्रतिपक्ष के नेता मोहसीन खान और पर्यावरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव ने नगर निगम प्रशासन को पीले चावल देकर जनता की समस्या सुनने के लिए न्योता दिया। मोहसीन खान का कहना है कि भाजपा के बोर्ड को आपस में लड़ने भिड़ने से फुर्सत नहीं और यहाँ जनता समस्याओं के बिच घिरती जा रही है। मोहसिन खान ने बताया कि शहर में  ट्राफिक व्यवस्था सुचारू करने, आवारा पशुओं को नियंत्रण करने ,  पर्यावरण की दृष्टि से शहर में उजाड़ पड़े पार्को में पेड़ पौधे लगाकर उनका विकास कर नये ऑक्सीजन पॉकेट उपलब्ध कराने की नगर निगम प्रशासन से की है और निगम की चार दिवारी से निकल कर जनता के बिच आने के पीले चावल भी दिए है।  हम सभी को बाकायदा न्योता दे कर आये है कि अब तो जनता के बिच आओ और उनकी समस्याएँ सुनों।  पीले चावल देने के दौरान अभिजीत खींची, अभिषेक सिंह, मनदीप चौहान, प्रशान्त कुमावत, रवि चौधरी, कुलदीप सिंह सोलंकी, आशीष
श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।