HINDUSTAN ZINC MINING ACADEMY BRINGS JOBS FOR 126 PASSING-OUT RURAL YOUTHS

0

Hindustan Zinc Mining Academy’, set up by Hindustan Zinc, in collaboration with ‘Skill Council for Mining Sector’ and training partner ‘Indian Institute of Skill Development Pvt. Ltd’, is expected to spend Rs.30 Crore in the next five years to train about 500 ITI pass-outs in Jumbo Drill Operations and Winding Engine operations.

Recently the company organized placement drive for these students and 126 passing-out students got jobs with an average package of Rs. 25,000/- per month. Hindustan Zinc’s business partners have come together to employ these trained youths and use them for their different operations. These candidates have been recruited by companies like SK Khetan, BGE Mining Pvt Ltd, SMSL, Aravali Construction Co, Teknomin Construction Limited, UTM Engineering Pvt Ltd, AAC Mining Executors India Pvt Limited, to name a few. Hindustan Zinc itself engages about 200 Jumbo Drill Operators and 45 Winding Engine Operators. As Hindustan Zinc mines are in expansion mode, the opportunities for employment is only likely to increase.

The Chief Executive Officer of Hindustan Zinc, Mr. Sunil Duggal, who is also the Chairman of Governing Board of ‘Skill Council for Mining Sector’, informed that “Hindustan Zinc completely endorses the Hon’ble Prime Minister Narendra Modi Ji’s thoughts on the scope of creating millions of employment opportunities through natural resource sector. The prime objective of setting up ‘Hindustan Zinc Mining Academy’ is to enhance employability of eligible youths of Rajasthan. This Academy will provide trained Jumbo Drill Operators and Winding Engine Operators to the Indian mining industry, who would also have training in Banks-men and Bellman Operations. The company is set to invest Rs. 30 crore in five years on the training program.”

 Hindustan Zinc Mining Academy has three Centres running at Bhilwara, Rajsamand and Zawar near Udaipur with 260 candidates from all over Rajasthan. All Academy centres run in a professional manner with inbuilt monthly monitoring systems. Since the course is residential, the academy has a provision for free boarding and lodging facilities for all the selected candidates in all training programs.

 Earlier, in October 2016, Hindustan Zinc commenced 18 month long Jumbo Drill Operator Training to 120 ITI/Diploma pass-outs and in Winding Engine Operator Training Program, 47 ITI/Diploma pass-outs were enrolled in February 2017 and their eight months training got complete in October 2017. Besides Winding Engine Training, these candidates are also being given exposure in Banks-men and Bellman Operations.

 With the setting up of India’s perhaps first Mining Academy, Hindustan Zinc is developing an ecosystem and contributing in unlocking India’s potential in mining. This is certainly going to enhance India’s capability in the skilling of people in mining space and putting India on growth path.

About five years back, in the year 2012, mining sector accounted for about 3 million direct jobs and additional 8 million jobs indirectly. But the mining sector aspires to contribute 7-8% to India’s GDP and if this happens, India would realize a GDP of 9% in the coming years. This is expected to create at least 25 million jobs, directly and indirectly.

 The McKinsey Global Institute report suggests that development of mining sector will be important if India has to achieve 7% plus GDP growth. The report further says that mining sector alone has the potential to create 6 million additional jobs by 2025. The sector can contribute an additional USD 125 billion to India’s output and USD 47 billion to India’s GDP by 2025.

कॉमर्स कॉलेज में छात्र नेताओं की गुंडई – वाहनों में की तोड़फोड़ पुलिस से की हाथपाई।

उदयपुर। कॉमर्स कॉलेज में सोमवार को मुख्य द्वार के आसपास खड़े वाहनों को लेकर कॉलेज अध्यक्ष सहित कुछ छात्रों ने जम कर उत्पात मचाया। कॉमर्स कॉलेज के दर्जनों छात्र सोमवार को गुण्डई पर उतर आए और उन्होंने जो कुछ किया वह आज तक इतिहास में कभी नहीं हुआ होगा। पड़े लिखे इन गुण्डों ने अपनी ताकत का पूरा इस्तेमाल किया और एक घण्टे तक खूब उत्पात मचाया। इनकी इस हरकत के बाद तो इन्हें छात्रनेता कहने की जरूरत भी हमे महसूस नहीं हुई क्योंकि जिस तरह बेकसूर शहर वासियों के वाहनों को इन्होंने क्षति पंहुचाई और शहर में काफी देर तक खौफ का माहौल पैदा किया वह गुण्डागर्दी से कम नहीं था। अपनी गुंडई पर उतरे कॉलेज अध्यक्ष और उसके साथियों ने पुलिस के सामने होने से भी नहीं चुके बाद में पुलिस ने पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए छात्रों को वहां से खदेड़ा और अध्यक्ष सहित दो छात्रों को हिरासत में लेकर कारवाई शुरू की।

जानकारी के अनुसार कॉमर्स कॉलेज के बाहर गेट के आसपास वाहनों की पार्किंग को लेकर छात्र नेता हिमांशु बागड़ी और वर्तमान कोमर्स कोलेज अध्यक्ष हिमांशु पंवार विरोध करने खड़े हो गए और कार को में रोड पर लगा कर मुख्य रास्ता रोक दिया। धीरे धीरे विरोध इस कदर बढ़ गया कि दोनों छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ गुंडई करने पर आमादा हो गए और वहां खड़े सारे वाहनों के कांच तोड़ते हुए दहशत फेलाने लग गए। मोके पर पहुची पुलिस से भी आमने सामने होते हुए भूपालपुरा थाना अधिकारी चांदमल से कहा सुनी करने लगे। यहाँ तक कि पुलिस से कहा सुनी के बिच बात हाथापाई तक पहुच गयी। मामला बिगड़ते देख पुलिस ने छात्रों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया बाद में बेकाबू हुए कोलेज अध्यक्ष हिमांशु पंवार और उसके साथ दो छात्रों को बल पूर्वक जीप में बैठा कर कारवाई के लिए थाणे ले गए जहाँ राजकार्य में बाधा तोड़फोड़ और उत्पात मचाने का केस दर्ज किया। इस घटना के बाद पुलिस ने रोड पर खडे़ वाहनों को किनारे लगवाया और यातायात को सुचारू करवाया। गौरतलब है कि पूर्व में भी पार्किंग को लेकर छात्रों और पुलिस में विवाद हो चुका है। मामला ज्‍यादा बढ़़ने पर पुलिस ने लाठियां भी भांजी थी।

पद्मावती फिल्म के समर्थन में राजस्थान का पूर्व राजघराना – विरोध को बताया तमाशा

उदयपुर पोस्ट . जहाँ एक तरफ पुरे देश में पद्मावती फिल्म को लेकर जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये जारहे है वही राजस्थान के बदनोर राज घराने के रणजय सिंह की पत्नी अर्चना सिंह ने पद्मावती  फिल्म के विरोध कोतमाशा बताते हुए रोक लगाने की बात कही है। अर्चना सिंह ने कहा की वह फिल्म पर तब तक कोई प्रतिक्रया नहीं दे सकती जबतक इस फिल्म को वह नहीं देख लेती। उन्होंने बाकी लोगों से भी एसा ही करने की सलाह दी है।

अर्चना ने इस तमाशे पर रोक लगाने की बात कही है। अर्चना ने कहा कि मुझे लगता है कि पद्मावती मामले को पूरी तरह पेचीदा बना दिया गया है। मैं एक ऐसे लडक़े को जानती हूं, जिसने इस फिल्म पर काम किया है, उसका कहना है कि फिल्म में एक भी ऐसा सीन नहीं है, जिसमें कोई दिक्कत हो और वो ख़ुद भी एक राजपूत है।

>गौरतलब है कि राजपूतों, राजनेताओं और सामाजिक संगठनों के बाद राजस्थान के कई पूर्व राजघराने भी इस फिल्म के विरोध में खुलकर सामने आए हैं। इन पूर्व राजघरानों का कहना है कि संजय लीला भंसाली को इतिहास की समझ नहीं है। भंसाली ने पूरे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर फिल्म में दर्शाया है। जो वे कतई सहन नहीं करेंगे।

मेवाड़ की राजनीति का ठेका एक ही व्यक्ति का नहीं है – उदयपुर से रखूंगा विधानसभा चुनाव में दावेदारी

उदयपुर पोस्ट . उदयपुर भाजपा के करता धरता गुलाबचंद कटारिया ने जिसे तेसे नगर निगम का विवाद ख़त्म किया अब भाजपा नेता मांगीलाल जोशी नें हाल ही में अगले विधानसभा चुनाव के लिए उदयपुर शहर में अपनी दावेदारी की घोषणा करते हुए भाईसाब की मुश्किलें बढ़ा दी है. मांगीलाल जोशी ने मामली के एक कार्यक्रम में उदयपुर शहर के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर खुले आम बगावत का एलान कर दिया है . और साथ ही मावली से कुलदीप सिंह साकरिया का समर्थन भी किया है .

गौरतलब है कि स्व भेरोसिंह शेखावत मंच के सभी दिग्गज कटारिया विरोधी है जिसमे मुख्य मांगीलाल जोशी है . और मना जारहा था कि २०१८ के विधानसभा चुनाव कटारिया के लिए इतने आसान नहीं होने वाले . मेवाड़ में भाजपा की राजनीति के सर्वेसर्वा कटारिया के खिलाफ खुले आम बगावत के स्वर अभी से बुलंद हो गए है . शेखावतमंच से जुड़े भाजपा के वरिष्ठ नेता मांगीलाल जोशी का कहना है कि वे अगला विधानसभा चुनाव मावली से नहीं लडेंगे। उन्होंने कहा कि दावेदारी रखूंगा तो उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र सीट से ही रखूंगा। वे रविवार को कस्बे में एक शो-रूम के ग्राहक स्नेह मिलन कार्यक्रम के बाद उन्होंने पास ही खड़े भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुलदीपसिंह चूंडावत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये मावली से दावेदारी रख रहे हैं। यहां से और भी लोग दावेदारी में हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व प्रधान सुशील ओस्तवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश चपलोत, गोपाल चौधरी, रोहित जोशी सहित क्षेत्र के कई सरपंच और सदस्य मौजूद थे।

मांगीलालजोशी ने अपने बयान को लेकर एक समाचार पत्र में बयान दिया कि गुलाबचंद कटारिया साल 2003 से चुनाव लड़ रहे हैं। किसी एक ही व्यक्ति का ठेका थोड़े ही है। जोशी ने कहा कि कटारिया के कहने पर ही उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में मावली से दावेदारी रखी थी। जोशी ने कहा कि राजनीति में सबको दावेदारी रखने का अधिकार है। उदयपुर शहर विधानसभा सीट से साल 1998 में चुनाव लड़ा भी था।

Zinc can improve your vision…

In today’s times of increasing working hours and chronic stress, Computer Vision Syndrome and Digital Eye Strain are a common issue. Headache, blurred vision, irritation, extra tearing, excessive blinking and even neck pain are symptoms of the same. In times like these, it is essential to take extra care of vision health.  

 Zinc, the essential trace mineral, or ‘helper molecule’, is vital for eye health. Zinc is highly concentrated in the eye, mostly in the retina and choroid, the vascular tissue layer under the retina. It plays a crucial role in bringing vitamin A from the liver to the retina in order to produce melanin, a protective pigment in the eyes. Zinc has been shown to protect against age-related macular degeneration, night blindness, cataract, damage to optic nerve, impaired vision, poor night vision and cloudy cataracts. A person with Zinc deficiency in their body is also at risk for alopecia (loss of hair from eyebrows and eyelashes), mental sluggishness and increased susceptibility to infection.

 Experts recommend daily amount of Zinc consumption – 8 milligrams (mg) for women and 11 mg for men. Good food sources of Zinc include nuts, seafood, spinach, mushroom, milk, yoghurt, eggs, cocoa, black-eyed peas, tofu and wheat germ.

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Pavan Kaushik

’जावर खदान की विरासत को संग्राहलय के रूप में विकसित करने की आवष्यकता’’ – श्री सुनील दुग्गल

 

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने डाॅ. पाॅल टी. क्रेडाक, श्री के.टी.एम. हेगडे़, श्री एल.के. गुर्जर एवं एल. विलीज द्वारा ’प्रारंभिक भारतीय धातु-विज्ञान’ पर आधारित पुस्तक का सोमवार को हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय में विमोचन किया। इस अवसर पर श्री सुनील दुग्गल ने कहा कि इस क्षेत्र को संग्राहलय के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है जिससे आम जन विशेषकर विद्यार्थियों और पर्यटकों को हमारी विरासत से अवगत कराया जा सके। उन्होंने बताया कि प्राचीन खनन एवं प्रद्रावण पद्धतियों को चित्रों द्वारा प्रदर्शन किया जाए एवं विष्व स्तर का संग्राहलय बनाया जाए।

इस पुस्तक में राजस्थान के अरावली पहाड़ियों में प्रारंभिक धातु विज्ञान, उत्तर पष्चिम भारत में तीन सदियों से सीसा-जस्ता एवं चांदी का उत्पादन, हिन्दुस्तान जिंक की स्थापना जावर, राजपुरा-दरीबा एवं आगुचा खदानों के इतिहास एवं स्मारक का वर्णन, खनन प्रचालन का अनुसंधान, धरातलीय स्थलों पर सर्वेक्षण एवं उत्खनन, खदानों में औद्योगिक सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण, लाभकारी खनन, चांदी उत्पादन की प्रक्रिया, जस्ता एवं ब्रास का उत्पादन तथा 17वीं से 21वीं सदियों के दौरान विलुप्त और पुनरूद्धार-भारतीय उद्योग का विस्तृत वर्णन किया गया।

पुरातात्विक सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के तीन प्रमुख स्थानों जावर, दरीबा एवं आगुचा में धातु एवं खनन किया जाता था। उदयपुर से 45 कि.मी. दक्षिण में स्थित जावर की पहाड़ियों में आज से 3000 वर्ष पूर्व जस्ता-सीसा धातु का खनन एवं प्रद्रावण किया जाता था। पूरे क्षेत्र में फैले हुए प्राचीन खनन एवं प्रद्रावण अवशेष इस तथ्य के मूक प्रमाण है। आज भी जावर खदान में जस्ता धातु का मुख्य धातु के रूप में तथा चांदी का उत्पादन किया जा रहा है।

इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन श्री पवन कौषिक ने बताया कि उदयपुर में देष-विदेष से हजारों पर्यटक हर वर्ष घूमने आते हैं। जावर खनन की विरासत से अवगत कराने के लिए सग्रहालय बनने से देष-विदेष के पर्यटकों, आम जन एवं विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। विष्व में सबसे पहले जस्ता-सीसा का उत्पादन भारत में हुआ था तथा इसका केन्द्र जावर रहा।

इस समारोह में हिन्दुस्तान जिंक के पूर्व निदेषक (खनन) श्री एच.वी. पालीवाल, पूर्व वरिष्ठ खनन अधिकारी श्री कान सिंह चैधरी, हिन्दुस्तान जिं़क के भूतपूर्व वरिष्ठ भू-विज्ञानी श्री एल.के. गुर्जर, हिन्दुस्तान जिं़क के निदेषक (प्रोजेक्टस) श्री नवीन कुमार सिंघल, हेड-कार्पोरेट रिलेषन्स श्री प्रवीण कुमार जैन एवं जिं़क के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

फिल्म पद्मावती पर पंगा बरकरार भीलवाडा बंद – हुआ लाठीचार्ज

0

न्यूज़ पोस्ट . संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर पंगा लगातार कायम है . हर रोज़ कही ना कही विरोध प्रदर्शन किये जारहे है . इसी कड़ी में शनिवार को सर्व समाज द्वारा पद्मावती की रिलीज के विरोध में भीलवाड़ा बंद का आव्हान किया था . बंद के दौरान कृषि उपज मंदी के पास कुछ बाइक सवार युवक शराब की दूकाने बंद करवा रहे थे इस दौरान कुछ झड़प हो गयी . इस बिच वहां पहुची पुलिस ने स्थिति को देखते हुए बंद करवा रहे युवकों को बल प्रयोग कर वहां से खदेड़ा . बाद में सब्जी मंदी में भी पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा .

विभिन्न समाज, संगठनों के लोग व कार्यकर्ता सुबह नौ बजे ही बंद करवाने बाजार में उतर आए। फिल्म के विरोध में उतरे अधिकांश लोगों ने केसरिया टोपी, मफलर व साफा बांधे रखा है। बंद का असर कॉलोनियों तक में नजर आया। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता वाहन रैली के रूप में चित्रकूट धाम पहुंचे। यहां से विशाल जुलूस के रूप में वो स्टेशन चौराहे पर पहुंचे। यहां विशाल सभा हो रही है। सभा स्थल पुलिस छावनी में तब्दील है। बाजारों में आरएसी समेत पुलिस बल तैनात है। व्रजवाहन व दमकलें भी लगाई गई। बंद से टेक्सटाइल कारोबार भी ठप रहा। पेट्रोल पम्प भी दो घंटे बंद रहे। बंद के दौरान कृषि उपज मंडी क्षेत्र स्थित शराब की दुकान में तोडफ़ोड़ की घटना हुई है

भीलवाड़ा बंद में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान, करणी सेना, भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर्स, एबीवीपी, स्वर्णकार समाज, व्यापार संघ, नेताजी सुभाष मार्केट एसोसिएशन, बालाजी मार्केट एसोसिएशन, क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएशन, भीलवाड़ा बार एसोसिएशन, सर्व ब्राह्मण समाज, कीर, सुवालका, पूर्बिया, खटीक, सिंधी, सुखवाल, तेली साहू समाज, बैरागी आदि समाज शामिल है।

कपासन आरएनटी कॉलेज के छात्रों ने बताई पद्मावती और राणा रतन सिंह की आन-बान और शान ( PHOTO )

0

उदयपुर। मौका था कपासन के आरएनटी कॉलेज ऑफ़ टीचर एजुकेशन में फ्रेशर पार्टी का। जहाँ फ्रेशर छात्र छात्राओं ने रानी पद्मावती और राणा रतन सिंह के सम्मान में मिस फ्रेशर और मिस्टर फ्रेशर के शो की थीम ही राजपुताना रखी। राजपूती परिधानों में सजे जब रेम्प पर चल कर आये तो कॉलेज में मौजूद हर कोई ताली बजाय नहीं रह सका। फ्रेशर पार्टी में छात्र छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का जम कर प्रदर्शन किया। छात्र छात्राओं के सिंगल और ग्रुप डांस ने पार्टी में जान दाल दी। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं की होसला अफजाई करने के लिए विशिष्ठ अतिथि के रूप पहुचे 2014 से 17 तक बोडी बिल्डिंग में मिस्टर राजस्थान रहे व् 2017 के आल इण्डिया मिस्टर यूनिवर्सिटी रहे बंटी डायर, जिन्होंने  फ्रेशर को प्रोत्साहित किया,

पार्टी को चार चाँद लगाने के लिए छात्र छात्राओं के बिच अतिथि के रूप में पहुचे एक्स फेक्टर फेम शाहनवाज़ उर्फ़ बंटी ने अपने सुरीले आवाज़ में नॉन स्टॉप मेलोडी से सभी को झुमने पर मजबूर कर दिया।
कपासन के आरएनटी कोलेज ऑफ़ टीचर एजुकेशन की फ्रेशर पार्टी में रानी पद्मावती और राणा रतन सिंह का शौर्य दिखा फिल्म पद्मावती का अपने तरह का अनूठा विरोध किया। कॉलेज में फ्रेशर पार्टी की थीम ही राजपुताना रख दी हर एक छात्रा राजपूती पोशाक में सज धज कर आई और सभी छात्र राजपूती लिबास पहन कर आये। मिस और मिस्टर फ्रेशर के लिए भी स्टेज पर हर राउंड राजपूती पोशाक का ही हुआ। आर एन टी ग्रुप की सेक्रेटरी नीमा खान ने बताया कि रानी पद्मावती चित्तौड़गढ़ ही नहीं हिन्दुस्तान की शान है। जिस तरह से भंसाली द्वारा फिल्म में दर्शाने की कोशिश की जारही है वह स्वीकार योग्य नहीं है। कॉलेज के फ्रेशर बच्चे एक तरह से नासमझ संभाली तक यह सन्देश पहुँचाना चाहते है कि यहाँ हर एक रानी पद्मिनी और राणा रतन सिंह को सम्मान और अभिमान की नज़र से देखता है और उन्ही के सम्मान में समपर्पित आज की यह फ्रेशर पार्टी आयोजित की है जिसमे हर एक छात्र ने राजपूती आन बान और शान को दिखाया है। छात्राओं ने घूमर करके दिखाया की असल में घूमर इस तरह होता है।
आरएनटी ग्रुप के चेयर मेन वसीम खान ने सभी फ्रेशर छात्र छात्राओं को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और आगामी माह में आरएनटी ग्रुप के सभी कॉलेजों के इंटर कॉलेज खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। 

स्थानीय अधिकारियों और नेताओं की मिलिभगत के बिना द ललित के अवैध गेट खुलना नामुमकीन।

उदयपुर। भाजपा शासनकाल में भ्रष्‍टाचार किस कदर तक फैला हुआ है इसका ताजा उदाहरण इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस करोड़ों रुपए की सरकारी होटल को कोड़ियों के दाम में खरीद लिया था, उसके काफी हिस्से में झील किनारे निर्माण भी करवा दिया और अब सेटिंग करके नियम विपरीत गेट भी खोल दिए हैं। जबकि कुछ समय पूर्व स्‍थानीय नगर निगम ने उक्‍त गेट को बंद करवा दिया था। अब स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश देकर नगर निगम द्वारा बंद करवाए “द ललित होटल” के गेट खोलने का फरमान जारी कर दिया है। स्वायत्त शासन विभाग ने फतहसागर से 100 कदम की दूरी पर होटल दी ललित (लक्ष्मी विलास) के दो गेट खोलने के आदेश दे दिए हैं। बिना मंजूरी बने ये दरवाजे नगर निगम ने बंद करवाए थे। स्‍थानीय स्‍तर पर विरोध होने पर निगम की बोर्ड बैठक में पूरे सदन ने विरोध किया था और जिसके बाद गेट के आगे रेडीमेड ब्राउण्डीवाल खड़ी करवा दी थी। अब सवाल यह उठता है कि जब नगर निगम ने इसको अवैध माना था तो अधिकारियों ने इसको सही कैसे मान लिया?
शहर में स्थित जिस बेशकीमती सरकारी होटल को तत्कालीन सरकार उस समय के निजामों ने कोडियों के दाम बेच दिया था उसी होटल में अब अवैध रूप से दरवाजे भी बना दिए गए और उन्हें खोलने को फरमार विभाग की ओर से भी आ गया। इससे बडी कमजोर उदयपुर के सूरमाओं के लिए ओर कोई नहीं होगी। इमानदारी का दम भरने वाले महापौर जी को सबसे पहले राज्य सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए तुरन्त प्रभाव से इस पर एक्शन लेना चाहिए ताकी जनता के बीच में उनकी यह छवि बरकरार रहे। वहीं अब शहरवासियों को भी राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में खड़े होकर प्रदर्शन करना चाहिए और हर हाल में इस दरवाजे को बंद कराने की कोशिश करनी चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो यकीन मानिए वह दिन दूर नहीं जब फतहसागर का यह छौर आम लोगों के लिए बंद सा हो जाएगा और खास लोग इसे अपनी विलासिता का स्थान बना लेंगे। इस पूरे मसले पर क्षेत्र में पूर्व पार्शद अजय पोरवाल ने स्थानीय प्रषासन की मिलीभगत होने का दावा किया है। उनकी माने तो अगर यहां के लोग इस फैसले के खिलाफ होते तो आज भी विरोध कर सकते थे। लेकिन उनका मौन रहना साबित करता है कि यहां से ही तथाकथित होटेल मालिक को राजधानी से स्वीकृति लाने का इषारा किया गया हो।

थानेदार ने खाई जेल की हवा

इसको भी आजमाइए

 

भाईसाब की भपकी के बाद शांत हुए समिति अध्यक्ष और महापौर – नगर निगम की नुरा कुश्ती को लगा विराम

उदयपुर। उदयपुर शहर की नगर निगम का हाई वोल्टेज ड्रामा गृहमंत्री की घुड़की के बाद अब ख़त्म होने के आसार है। गृहमंत्री ने असंतुष्ट समिति अध्यक्ष और महापौर की आमने सामने बैठा कर साम दाम दंड भेद तरीके इस्तमाल करते हुए समझा दिया और भपकी देते हुए आगे के लिए निर्देश भी देदिए की कोई मीडिया के पास नहीं जाएगा और मीडिया में सिर्फ जिलाध्यक्ष ही बयान देंगे।
पिछले कई दिनों से महापौर चन्द्र सिंह कोठारी की कार्य करने के तरीकों से नाराज़ समिति अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था तब से नगर निगम में महापौर और पार्षदों के बिच खींचा तानी चल रही थी। इस कुश्ती को रोकने के लिए नगर निगम और उदयपुर भाजपा के कर्ता धर्ता गृहमंत्री शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ” भाईसाब” निपटारे के लिए उदयपुर पहुचे और आनन – फानन में समितिध्यक्षों और महापौर की गुप्त बैठक भाईसाहब ने पार्टी कार्यालय में लेने की बात कहकर सभी को बुला लिया, लेकिन इसकी भनक मिडिया को लग गई। जब इस सियासी ड्रामे को कवर करने के लिए मिडियाकर्मी मौके पर पंहुच गए तो सभी को दुरभाश पर कटारिया ने अनयत्र जगह बुला लिया जिसका पता बाद में नहीं लग पाया। हालाकि सभी समितिध्यक्ष, महापौर और जिलाध्यक्ष गाड़ियों में बैठते हुए जरूर कैमरे में कैद हो गए। सूत्र बताते है कि देबारी में किसी जगह पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सभी असन्तुष्ट सामिति अध्यक्षांे और महापौर चंद्रसिंह कोठारी से आमने – सामने बात कराई। साथ ही साफ कर दिया कि चंद्रसिंह कोठारी महापौर की कुर्सी पर बने रहेंगे। भाई साहब के इस बयान के बाद समितिध्यक्षों के चहेरों पर मायूसी छा गई, सभी रूंदे कंठों से भाई साहब की हां में हां मिलाते रहे और आखिरकार वहीं हुआ जो भाई साहब ने चाहा था। बाद में किसी को भी सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देने के निर्देष दिए गए और इसके लिए अधिकृत रूप से जिलाध्यक्ष दिनेष भट्ट को अधिकृत किया गया। साथ ही कटारिया ने चंद्रसिंह कोठारी से भी व्यवहार में शीथिलता लाने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि गुरूवार के बयान में राजस्थान के दुसरे नम्बर के नेता और शहर विधायक ने कहा था कि अगर कोठारी महापौर की कुर्सी को नहीं संभाल पाए तो वह इस महापौर की कमान संभाल लेंगे। इससे यह बात तो साबित हो गई कि भाईसाहब का निगम मोह अभी भी नहीं छुटा है। वैसे शायद अब शहर में होता काम दिखाई देने लगेगा क्योंकि तीन साल पूरे होने आए है और जनता को कनवेंस करने के लिए दो साल ही चाहिए है। गृहमंत्री कटारिया ने शुक्रवार को अपने उदयपुर प्रवास के दौरान सिर्फ समिति अध्यक्षों और महापौर की बैठक ही ली, इससे तो यह साबित होता है कि हर बार रविवार को अपने गृहक्षेत्र में आने वाले कटारिया को डेमेज कंट्रोल मैनेज्ड करने के लिए शुक्रवार को ही आना पड़ा। पार्टी के नेताओं में अब यह उम्मीद जताई जारही है कि भाईसाब की घुड़की के बाद सारे समिति अध्यक्ष अब शांत बैठ जायेगें अब कोई कुछ नहीं बोल सकेगा।