ऑनलाइन ठगी- एटीम चुरा कर निकाल लिए 50 हज़ार रूपये , बैंक कर्मचारी के मिलीभगत की आशंका

उदयपुर . ट्रेन से बेग चोरी हुआ उसमे रखे दो एटीम भी चुरालिये लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि उन एटीम से 50 हज़ार रुपये निकलवा लिए गए . जब कि चुराने वाले के पास अटीम के पिन नंबर कहाँ से आगये .

ऑनलाइन ठगी के मामले तो सामने आते रहे हैं लेकिन इस प्रकार का मामला पहली बार सामने आया है जब पिन नंबर का पता कर ठगी हुई। पुलिस इस मामले में साइबर एक्सपर्ट की सलाह ले रही है। परिवादी ने मामले में कैनरा बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। पुलिस के अनुसार बेदला बड़गांव लिंक रोड निवासी दिलीप कुमार पुत्र सुरेश नाथ नंदा ने मामला दर्ज कराया है। केस में परिवादी ने बताया है कि 13 अक्टूबर को पत्नी मंदिरा नंदा के साथ ट्रेन से कोलकाता गया था। उनके पास एक बड़ा बैग और एक छोटा बैग था जिसमें बैंक एटीएम सहित कई दस्तावेज थे। कोलकाता पहुंचने के बाद जब बैग देखा तो छोटा बैग नहीं था जिससे यह शंका हुई कि उदयपुर घर पर ही छूट गया होगा। इसके एक माह बाद 4 नवंबर को उदयपुर लौटे तो घर पर भी बैग नहीं था तो उन्होंने बैंक में जाकर जानकारी ली। इस दौरान सामने आया कि कोलकाता, हरियाणा में एटीएम मशीन से करीब 50 हजार रुपए नकदी निकाली गई।

एफआईआरमें बताया कि मधुबन स्थित कैनरा बैंक में खाता है। नकदी विड्रॉल होने पर बैंक की तरफ से पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज या अन्य प्रकार से सूचना नहीं दी। बैंक के कर्मचारियों ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने दो बार हमारे मोबाइल नंबर की बजाए अन्य मोबाइल नंबर के बारे में बताया। इससे यह लगता है कि बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत है। वहीं 15 अक्टूबर को खाते में 9163 रुपए थे लेकिन एटीएम से 10 हजार रुपए विड्रॉल हुए।

साइड नहीं देने की छोटी सी बात पर चला दिए चाक़ू – तीन युवक घायल

उदयपुर . लगता है युवकों को जेब में चाक़ू लेकर निकलना एक फेशन या मानसिक बिमारी बन गयी है, इसे युवकों को ना तो घर के किसी बड़े सदस्य की सिख याद रहती है ना ही पुलिस का खोफ रहता है . चाँदपोल में रविवार की रात सिर्फ साइड नहीं देने जैसी छोटी सी बात पर चाक़ू बाजी हो गयी .

पुलिस ने बताया कि लाल घाट निवासी नदीम पुत्र असलम शेख, राहुल पुत्र मोहनलाल सेन, जहीर उर्फ मोनू तीनों बाइक पर जा रहे थे। इधर नागा नगरी निवासी सोहेब और इरशाद रहे थे। दानों पक्षों में इंडिकेटर से साइड देने के बाद विवाद हो गया। इसके बाद सोहेब और इरशाद ने तीनों युवक पर चाकू से हमला कर दिया। बाद में पीड़ित पक्ष ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया . ताज्जुब की बात है कि युवक जेब में चाक़ू लेकर चल रहे है क्या ये युवक घर से ही तय करके निकलते है कि रास्ते में जो कोई भी ज़रा सी कहा सुनी करेगा उन्हें चाक़ू मार देंगे . ईएसआई विकृत मानसिकता आखिर युवकों में किसलिए आरही है. इसे युवकों को इस बात का खोफ भी नहीं कि रास्ते में अगर पुलिस वाले कही चेकिंग करलेते है तो हमे मुसीबत का सामना करना पद जायेगा . छोटी सी बात पर किसी की जान लेने पर उतारू इसे युवकों पर पुलिस द्वारा कड़ी कारवाई की जानी चाहिए .

बीएन की छात्राओं ने बताया भंसाली को ऐसा होता है घूमर – कुम्भलगढ़ किया बंद

उदयपुर। मेवाड़ राजवंश के 42 वें वंशज राणा रावल रतन सिंह की महारानी पद्मिनी को लेकर संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई गई विवादित फिल्म पद्मावती पर बवाल लगातार जारी है । इसी कड़ी में फिल्म निर्माता द्वारा जारी किए गएघूमर नृत्य के गाने को लेकर भी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में उदयपुर में पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली भोपाल नोबल्स यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में घूमर नृत्य कर के इस फिल्म का और दीपिका पादुकोण द्वारा किए गए नृत्य का विरोध किया है। दरअसल बीएन कन्या महाविद्यालय की पढ़ने वाली यह राजपूत छात्राएं हाल ही में फिल्म के प्रोमो के रूप में रिलीज हुए घूमर नृत्य के गाने का विरोध कर रही है। इन गल्र्स दलील है कि पद्मावती फिल्म में यह गाना पूरी तरीके से गलत दर्शाया गया है । यही नहीं दीपिका पादुकोण द्वारा जिस तरह की वेशभूषा धारण की गई और जो फिल्म का सेट है वह भी पूरी तरह गलत है । ऐसे में लड़कियों ने पारंपरिक परिधानों में घूमर नृत्य पेश कर आने वाली पीढ़ी को इस नृत्य के बारे में जानकारी और उसका महत्व बताया । नृत्य करने वाली लड़कियों का साफ कहना है कि फिल्म में जो घूमर नृत्य दिखाया गया है वह पूरी तरीके से गलत है । राजपूत समाज की महारानिया न तो इस तरह का नृत्य कभी करती थी और ना ही उनका पहनावा इस तरीके क्या होता था । साथ ही महिलाओं द्वारा जहां पर नृत्य किया जाता था वहां पर पुरुषों की इंट्री तो कतई होती ही नहीं थी । ऐसे में आने वाली पीढ़ी को सही घूमर नृत्य को बताने और संजय लीला भंसाली को संदेश देने के उद्देश्य से इन कन्याओं ने पद्मिनी हाउस में नृत्य इसके बारे में अवगत कराया है ।
इधर पद्मावती विवाद पर शहर विधायक व् गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कटारिया ने साफ किया कि अब फिल्म के प्रदर्शन पर एक बार रोक लग गयी है ओर कुछ लोगों ने फिल्म को देखा भी है, जिन्होने फिल्म देखी है वह सभी यही कह रहे हंै कि फिल्म में ऐसे कोई दृश्य नही है जो कि आपत्तिजनक हो, लेकिन फिर भी सेंसर बोर्ड के निर्णय के बाद ही फिल्म के प्रदर्शन पर सोचा जा सकता है।

कुम्भलगढ़ बंद रू
रानी पद्मिनि की फिल्म को लेकर चल रहा बवाल चित्तोड़ दुर्ग के बाद राजसमन्द जिले के एतिहासिक कुम्भलगढ़ किले तक पहुच चूका है। इसी कड़ी में शनिवार को राजपूत करनी सेना के कार्यक्रताआंे और सर्व समाजांे के सैंकड़ो लोगांे ने कुम्भलगढ़ किले पर प्रदर्शन करते हुए इसके मुख्य द्वार को बंद कर दिया। फिल्म पद्मावती का विरोध कर रहे इन लोगों ने दुर्ग के किले के मुख्य द्वार को बंद करने के बाद वहां पर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान बड़ी तादाद में सर्व समाजों के लोगों के साथ भारी पुलिस लवाजमा भी मौके पर तैनात रहा। कुम्भलगढ़ दुर्ग के बंद होने से अब वहां घुमने आने वाले देशी और विदेशी सैलानियों को मायुस होकर लौटना पड़ेगा। करणी सेना के पदाधिकारियों ने साफ किया कि इस फिल्म में जिस तरीके से मेवाड़ और पद्मिनि के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है उसका कुम्भलगढ़ के सर्व समाजो में जोरदार विरोध है। ऐसे में सिर्फ एक दिन का बंद कर हम लोग चेतावनी देते हैं कि अगर इस फिल्म का प्रसारण होता है तो हमारी और से आगे उग्र आन्दोलन किया जायेगा !

पद्मावती पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा आवश्यक बदलाव किये बिना फिल्म रिलीज़ ना हो

पोस्ट न्यूज़ .मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पद्मावती फिल्म तब तक रिलीज न हो, जब तक इसमें आवश्यक बदलाव नहीं किए जाएं ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
उन्होंने पत्र में कहा है कि इस संबंध में सेंसर बोर्ड को भी फिल्म प्रमाणित करने से पहले इसके सभी संभावित नतीजों पर विचार करना चाहिए। प्रसिद्ध इतिहासकारों, फिल्मी हस्तियों और पीड़ित समुदाय के सदस्यों की एक समिति गठित की जाए जो इस फिल्म तथा इसकी कथानक पर विस्तार से विचार-विमर्श करे। उसके बाद ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए जाए जिससे किसी भी समाज की भावनाओं को आघात न लगे।
श्रीमती राजे ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपनी समझ के अनुसार फिल्म बनाने का अधिकार है लेकिन कानून व्यवस्था, नैतिकता और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचने की स्थिति में मौलिक अधिकारों पर भी तर्क के आधार पर नियंत्रण रखने का प्रावधान भारत के संविधान में है। इसलिए पद्मावती फिल्म की रिलीज पर पुनर्विचार किया जाए।
केन्द्रीय मंत्री को पत्र लिखने के लिए मेवाड़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर श्रीमती राजे से मुलाकात कर उनका आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल में यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान आक्या, मेवाड क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालू सिंह कानावत, मेवाड क्षत्रिय महासभा के संरक्षक मनोहर सिंह कृष्णावत एवं तेज सिंह बांसी, जोहर स्मृति संस्थान, चित्तौड़गढ़ के महामंत्री भंवर सिंह खरड़ी, कोषाध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, चित्तौड़ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खोर शामिल थे।

बांसवाडा के दो अंजुमन सदर की हत्याओं का मास्टर माइंड सिराज नेपाल में गिरफ्तार

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उदयपुर . बांसवाडा में पूर्व सदर अबुलाला और उसके भाई सोहराब खान की ह्त्या का मुख्य साजिशकर्ता  हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमदनि गेंग के साथ नेपाल में धर लिया गया . नेपाल पुलिस ने निवारक अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जिस पर तीनों को 4 महीने की कैद की सजा सुनाई गई है। अब चार महीने बाद ही भारत लाने की कवायद की जा सकती है .

बांसवाडा अंजुमन इस्लामिया संस्था के मरहूम सदर सोहराब खान की गोली मारकर हत्या करने वाले मास्टर माइंड हिस्ट्रीशीटर भाइयों सिराज-इम्तियाज और साथी काशिफ को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया। यहां पर एक दूसरे मामले में उन्हें शुक्रवार को 4 महीने की कैद सुनाई गई है। तीनों को वहां की पुलिस ने सदर सोहराब की हत्या के ठीक 29 दिनबाद ही 4 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था। नेपाल पुलिस ने निवारक अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की थी। जिसमें जांच में तीनों के स्थानीय नागरिक नहीं होने और अपराधिक रिकॉर्ड होना पाया गया था।
तीनों शातिरों में से शूटर काशिफ की गिरफ्तारी ने शहर पुलिस समेत निगरानी एजेंसियों की पोल भी खोलकर रख दी है। झालावाड़ का 24 वर्षीय काशिफ उर्फ कासम उर्फ कालू उन्हीं पांच शूटरों में से एक है, जिसने 7 अक्टूबर को अंजुमन इस्लामिया के सदर सोहराब खान की राजतालाब में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस शूटरों को बांसवाड़ा और दूसरे शहरों में तलाशती रही, लेकिन काशिफ बॉर्डर पारकर नेपाल लौट गया। काशिफ पहले भी नेपाल सिराज के साथ रहता था और वारदात को अंजाम देने के लिए भारत लौटा

तीनोंआरोपियों को नेपाल के गिरफ्तार करने के बाद भी बांसवाड़ा पुलिस टीम भारत नहीं लौटी। टीम नेपाल-भारत के बीच सोनाली बॉर्डर पर ही कैंप कती रही। टीम इसका इंतजार कर रही थी कि अगर तीनों को जमानत मिल गई तो हो सकता है कि नेपाल पुलिस उनके भारत भेज दे। जिस पर तीनों को बॉर्डर पर ही गिरफ्तार कर लिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार सिराज और उनके साथियों की माली हालत भी वहां ठीक नहीं थी। हालांकि सिराज का परिवार फिलहाल कहां है, इसकी स्थिति अब तक साफ नहीं हो पाई है।

राजसमन्द में सर्व समाज के साथ मंत्री किरण माहेश्वरी आई धरना प्रदर्शन में .

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उदयपुर . पुरे देश में पद्मावती फिल्म का विरोध हो रहा है वही दूसरी तरफ चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार विरोध में बयान दे रहे है लेकिन इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन से दुरी बनाये हुए है वही राज्य में पहली बार उच्च  शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी सांसद हरिओम पंवार धरना प्रदर्शन में शामिल हुए.

मेवाड़गौरव रक्षा मंच के आह्वान पर राजसमंद जिले के सर्व समाज ने फिल्म पद्मावती के विरोध में शुक्रवार को पुरानी कलेक्ट्री के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मंच के भरत पालीवाल ने बताया की फिल्म पद्मावती में रानी पद्मिनी के व्यक्तित्व और इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है। रानी पद्मिनी का व्यक्तित्व भारतीय नारी के लिए आर्दश है ऐसे आर्दश चरित्र के प्रति भारतीय समाज की गहरी निष्ठा सम्मान रहा है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनोहर सिंह, कृष्णावत ने रानी पद्मिनी के जीवन पर ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराते हुए इस फिल्म को किसी भी स्थिति में रिलीज नहीं होने देने का आह्वान किया। सभा को सांसद हरिओम सिंह राठौड़, उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने भी संबोधित करते हुए फिल्म में रानी पद्मिनी के चरित्र एवं इतिहास से संबंधित जो गलत कथानक फिल्माए गए है उनका विरोध किया और सेंसर बोर्ड सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान पीसीसी सदस्य हरिसिंह राठौड़, श्रीराजपूत करणी सेना प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह ताल, जिलाध्यक्ष चंद्रभानसिंह मोयणा, अर्जुनसिंह चूंडावत, पूर्व सरपंच दिग्विजयसिंह भाटी, पूर्व केलवा सरपंच दिग्विजयसिंह राठौड़, युवा कांग्रेस राजसमंद विधान सभा अध्यक्ष मुकेश भार्गव, प्रदीप पालीवाल, सुन्दरलाल कुमावत, अशोक टांक, संगीता चौहान, महेंद्रसिंह चौहान, झौर सरपंच शिवचरण सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या लोग मौजूद थे।

कांस्टेबल का अपहरण करने वाला कांस्टेबल अजमेर में पकड़ा गया

उदयपुर। खाकी ने ही कुछ दिनों पहले खाकी का अपहरण किया और अब वहीं खाकी, खाकी की कैद मेें है। यह मामला सूरजपोल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस लाईन में तैनात कांस्टेबल कानसिंह ने गत 2 नवम्बर को उसके अपहरण का रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके तहत उसने बताया कि कांस्टेबल धर्मीचंद ने उसे लाईन के प्रवेष द्वार पर फोन करके बुलाया । जब वह वहां पंहुचा तो धर्मीचंद और उसके साथ आए चार लोगों ने उसे जबरन स्वीफ्ट कार में डालकर डबोक की ओर ले गए। जहां इन सभी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और कहा कि अशोक मुंशी के खिलाफ आए दिन शिकायत करता रहता है इसलिए तुझे आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। हालाकि कानसिंह जैसे – तैसे खुद को आरोपियों के चंगुल से मुक्त होने में सफल रहा और रिपोर्ट दर्ज करवाई। इस पर सूरजपोल थाना पुलिस ने कई दिनों से फरार चल रहे धर्मीचंद को आखिरकार शुक्रवार को गिरफ्तार कर ही लिया। पुलिस ने आरोपी धर्मीचंद को अजमेर जिले से गिरफ्तार किया है। अब कांस्टेबल धर्मीचंद से पुलिस इस अपहरण और इसके पीछे छिपे राज उगलवाएंगी।

Are You Suffering from Sleep Disorder…Zinc can help you have a sound sleep…

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Zinc plays an essential role in neurotransmitter function and helps maintain cognition. It is necessary in the metabolism of Melatonin which is a key hormone for healthy sleep. Zinc is one of the three minerals that have a sedative effect on the nervous system (the others are Calcium and Magnesium) and is also thought to help mental recovery post-stress.

A research study by Rondanelli et al in 2011 tested the effect of Zinc, Melatonin & Magnesium on patients with primary insomnia and found that the treatment had a beneficial effect on the quality of sleep. It is thought that whilst the Melatonin helped with sleep onset, it was Magnesium and Zinc that had a positive effect on the restorative value of sleep.

Consumption of Zinc helps to have less wake-ups in the night. It is an excellent & safe sleep aid; and also has a calming & antidepressant effect.

Pavan Kaushik

Along with helping to regulate sleep, Zinc has shown to improve the vividness of dreams. As explained over at Nutrition Central (one of the world’s largest nutrition supplement companies), “When researching the signs and symptoms of vitamin B6 and Zinc deficiency, Dr. Carl Pfeiffer, from the Brain Bio Center in New Jersey, found that an alarming proportion of deficient people couldn’t recall their dreams. After supplementing with B6 and Zinc, dream recall would return.”

Using Zinc for sleep is an excellent way to improve general sleeping ability. It regulates the sleep portion of the circadian rhythm. Melatonin is able to normalize the Zinc level in people who had a low level of Zinc in their body. Studies published in the Journal of American Geriatrics Society have revealed that the combination of Zinc, Melatonin and Magnesium is highly recommended to help improve the quality of sleep of insomnia patients.

Zinc supplement, if taken at night will be beneficial for the body in multiple ways. Zinc is involved in the production of at least 300 enzymes, helps in hundreds of body processes, from producing DNA to repairing cells and boosting immune system. The mineral can help to sleep better at night, along with a host of additional benefits.

Pavan Kaushik, Head of Corporate Communication                                              Hindustan Zinc, Udaipur

बजरी माफिया की बल्ले बल्ले – बजरी मिलेगी लेकिन तीन गुना दामों में

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उदयपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने उदयपुर में बजरी खनन बंद करने के आदेश दिए या नहीं लेकिन बजरी के दामों में एक दिन में ही दुगुना उछाल आगया। बजरी खनन माफिया की एक ही दिन में बल्ले बल्ले हो गयी। दुगुने दाम में बजरी खुले आम धडल्ले से बिकती रही और जिम्मेदार अधिकारी कागजों में खनन को बंद करवाने के आदेश निकालते रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण की मंजूरी के चलते बजरी खनन पर रोक लगा दी है उदयपुर में आने वाली बजरी पर भी कहने को कथित तौर पर रोक लग गयी लेकिन असल में बजरी बड़ी आसानी से मिल रही है। बस फर्क आया है तो यह कि कल तक जो बजरी ५०० से ६०० रूपये टन मिल रही थी आज वही बजरी १००० से १२०० रूपये में बिकी, बजरी माफियाओं की एक ही रात में बल्ले बल्ले हो गयी। जिनके निर्माण कार्य चल रहे है वे प्रताप नगर सुखेर रेती स्टेण्ड चक्कर काटते रहे।
उदयपुर में सुमेरपुर, बस्सी, भीलवाडा,नाथद्वारा, राजसमन्द, सरदार गढ़ से रेती आरही है जो 500 से 600 रूपये टन में बिक रही थी। आज यही रेती दुगुने दामों में बिकी। यही नहीं सूत्रों की माने तो कई रेती माफिया ने अपने खाली पड़े प्लाट और खेतों में रेती का स्टोक कर लिया है। आने वाले दिनों में जब अधिकारी सख्ती करदेंगे तब यह रेती मनमाने दामों में बिकेगी। जिन लोगों के मकानों के निर्माण कार्य अधूरे है उनके लिए मुसीबत हो गयी है। रेती माफिया पर प्रशासन की कोई लगाम नहीं। चाहे प्रशासनिक अधिकारी हो खान विभाग हो या आरटीओ ये सिर्फ चंद दिन मोनिटरिंग करते है उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के दम पर ये माफिया मूंह मांगी कीमत वसूलते है।
निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों का कहना है कि रेती अब भी उसी तरह और उसी तादाद में आएगी जैसे पहले आती थी फर्क इतना है कि कीमतें दुगुनी हो जाएगी। इधर जो सरकारी कार्य कर रहे है उन ठेकेदारों का कहना है कि उदयपुर में आने वाली रेती कही भी ईएसआई नहीं जहाँ से पर्यावरण मंजूरी ले राखी हो इसे में सरकारी कार्य सारे रुक जायेगें। क्यूँ की इतनी महगी रेती लेकर सरकारी कार्य नहीं किये जा सकते।
रेती ट्रक चालक यूनियन के अध्यक्ष अन्तोश का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रेती की खरीद फरोख्त में काला बाजारी बढ़ जाएगी। अगले दो दिन बाद चाहिए जितनी रेती मिलेगी लेकिन उसके दाम दो से तीन गुने होंगे।

 

दिमागी बुखार के लिए अलर्ट – तीन बीमारियों से ही 265 मौत

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post news. चिकित्सा विभाग की लापरवाही और अनदेखी के चलते मौसमी बीमारियों का कहर जारी है। डेंगू, स्वाइन फ्लू और स्क्रब टाइफस से इस साल 266 लोग मौत के मुंह में जाने के बावजूद मौत का सिलसिला जारी है।
स्वाइन फ्लू केे मिशिगन वायरस से 239, डेंगू से 10 स्क्रब टाइफस से 17 जाने से चिकित्सा विभाग के दावे फेल साबित और इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। हकीकत ये है कि अकेले डेंगू से 50 से ज्यादा मौत हो गई , लेकिन विभाग सिर्फ एलाइजा को ही कन्फर्म मानता है। अब सवाल उठता है कि यदि विभाग एलाइजा को कन्फर्म मानता है, तो कार्ड टेस्ट पर रोक लगानी चाहिए। इससे पहले निजी अस्पतालों और हरेक जगह एलाइजा जांच सुविधा विकसित करनी चाहिए। इधर, बूंदी जिले की केशोरायपाटन निवासी एक महिला के ब्लड सैंपल की जांच में जापानी एनसिफेलाइटिस यानि जापानी बुखार मिलने पर चिकित्सा विभाग हरकत में आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्य में पहला मामला आने पर हर तरह से अलर्ट रहने के लिए कहा है। देश में तमिलनाडु के वेल्लोर में 1995 में पहला मामला मिला था।
जापानी एनसिफेलाइटिस : यहएक प्रकार से दिमागी बुखार है, जो वायरल संक्रमण के कारण फैलता है। यह मच्छर से फैलता है। एक बार शरीर के संपर्क में आने पर सीधा दिमाग पर असर डालता है। दिमाग में जाते ही सोचने, समझने, देखने और सुनने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह बीमारी छूने से नहीं फैलती है। इससे 1 से 14 साल तक की उम्र के बच्चे एवं 65 साल से अधिक लोग चपेट में आते हैं। बीमारी का प्रकोप अगस्त, सितंबर और अक्टूबर-नवंबर में ज्यादा होता है। संक्रमण काल 5 से 15 दिन है। और मृत्यु दर 0.3 से 60 फीसदी है।
22राज्य प्रभावित : देशमें जापानी एनसिफेलाइटिस से प्रभावित 22 राज्यों में असम, बिहार, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, ओड़ीशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा वेस्ट बंगाल शामिल हैं।