पदमावती पर रोक की गलत खबर वायरल होने से उदयपुर से मुंबई तक मचा हडकंप

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फिल्म पद्मावती पर उदयपुर में रोक की खबर वायरल होने से मचा उदयपुर से मुंबई तक में हडकंप – पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय से जारी पत्र में त्रुटी से हुई गलत फहमी।

उदयपुर। पद्मावती फिल्म पर रोक नहीं लगी है। सोशल मिडिया में पुलिस उपाधीक्षक का कानून व्यवस्था बनाए रखने के सम्बन्ध में जारी पत्र में शब्दों की गलती की वजह से गलत फहमी हुई और यह खामियों वाला लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिससे उदयपुर से मुंबई देहली तक हडकंप मच गया कि फिल्म पद्मावती पर रोक लग गयी। जबकि उदयपुर जिला कलेक्टर ने पुलिस जिला अधीक्षक को पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन के वक़्त विरोध को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने का पत्र जारी किया था। इस पर पुलिस अधीक्षक ने उपाधीक्षक व्रत नगर को कानून व्यवस्था बनाए रखने के दिशा निर्देश जारी किये थे। लेकिन पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से जारी पत्र में मामूली शब्दों की त्रुटी से शब्दों के अर्थ का अनर्थ हो गया और बाकी का काम सोशल मीडिया के फेक मेसेजों ने पूरा कर दिया। कुछ ही घंटों में त्रुटी वाला उपाधीक्षक कार्यालय से जारी पत्र पुरे देश में वायरल हो गया। उदयपुर पोस्ट के पास भी दिल्ली मुम्बई से कई लोगों के कॉल और मेसेज आये कि क्या उदयपुर में पद्मावती फिल्म पर रोक लग गयी है ?
जबकि एसा बिलकुल नहीं है। फिल्म पद्मावती पर रोक नहीं लगी है । फिल्म 1 दिसंबर को पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार रिलीज होगी।
फिल्म में पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के स्वप्न प्रेम द्रश्य होने की आशंका को लेकर पुरे मेवाड़ में विरोध है। फिल्म प्रदर्शन को रोकने की मांग मेवाड़ के कई संगठन कर चुके है। लेकिन अभी तक सेंसर बोर्ड या सूचना प्रसारण मंत्रालय से फिल्म को प्रदर्शित होने से रोकने के सन्दर्भ में कोई दिशा निर्देश नहीं आये है।
आइये हम दिखाते है कि जिला कलेक्टर ने क्या निर्देश दिए थे और पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से क्या गलती हुई।

यह लेटर जिला कलेक्टर द्वारा २७ अक्तूबर को फिल्म प्रदर्शन में होने वाले विरोध को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक को दिया गया था

 

यह पत्र पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से जारी हुआ था जिसमे  विधी में लिखी गयी लाइन ” पद्मावती को शहर के सिनेमाघरों में चलाने से रोक लगाने बाबत ” को लेकर ग़लतफ़हमी हो गयी . इसमें फिल्म प्रदर्शन के समय कानून व्यवस्था बनाए रखने बाबत भी लिखा जाना चाहिए था . हालाँकि यही गलती जिला कलक्टर कार्यालय से भी हुई है लेकिन पत्र में स्पष्ट लिखा हुआ है कि प्रदर्शन को रोकने की संभावना के मद्देनज़र कानून व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्था करें .

जबकि इसकी जगह

 

लुटेरे बने हुए है शहर में ब्याज माफिया, नहीं खोफ किसी कानून का – मजबूर को बनाते है शिकार।

उदयपुर। शहर में ब्याज माफिया के होसले इतने बुलंद है कि कानून और उसके रखवालों को ये ब्याजखोर टुच्चे अपनी जेब में रखने का दावा करते है। और दावा करें भी क्यूँ नहीं जब इन पर संगीन जुर्म साबित होने के बावजूद कोई कारवाई नहीं होती। और कानून के रखवाले रुपयों के दम पर इन ब्याज खोरों के रखवाले बन जाते है। एसा ही एक मामला अम्बा माता थाणे का सामने आया है जिसमे जरूरत मंद इंसान को २५ लाख रूपये ब्याज पर दिए और उससे 80 लाख रूपये के मकान पर धोखे से कब्जा जमा लिया।
दरअसल अम्बामाता थाना क्षेत्र में रहने वाले ललित प्रकाश पालीवाल ने किसी के पैसे चुकाने के लिए हाथीपोल क्षेत्र के एक सूदखोर से 25 लाख रूपए चार प्रतिषत ब्याज की दर पर पर लिए थे और उसके एवज में गारंटी के तौर पर अपने बेशकीमती मकान की रजिस्ट्री सूदखोर के परिचित के नाम करवा ली, लेकिन सूदखोर गैंग ने शनिवार को बेबस ललित प्रकाष के मकान के ताले तोड़ दिए और सारा सामान बाहर निकालकर वहां पर निर्माण कार्य शुरू करवाने लगे। हालाकी सूचना मिलते ही अम्बामाता थाना पुलिस मौके पर पंहुची और आॅटो में रखे सामान को जब्त करते हुए वहां मौजूद सभी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब पूरे परिवार को अम्बामाता थाना पुलिस से ही इंसाफ मिलने की आस है।
सूदखोर रामचंद्र तेली, भरत खटीक और उसकी गैंग की कब से नजर प्रकाश पालीवाल के मकान पर थी। पूरे सुनियोजित तरीके से इस गैंग से जुड़े लोग ललित प्रकाश और उसके परिवार को फांसने में कामयाब रहे। न्यू रामपुरा क्षेत्र की मैन रोड़ पर आने वाले इस बेशकीमती मकान की कीमत करीब 80 लाख रूपए बताई जा रही है। ललित प्रकाश पालीवाल की माने तो उनके पास में ही रहने वाले प्रशांत यादव से उसके पंद्रह लाख रूपए ब्याज पर लिए है तो जो प्रषांत यादव में कुछ ही दिनों में बढ़ाकर करीब 23 लाख कर दिए। पैसे नहीं चुका पाने और बार – बार प्रषांत यादव द्वारा दबाव बनाए जाने से पूरा पालीवाल परिवार परेशान होने लगा। इस पर प्रशांत यादव ने ही सूदखोर रामचंद्र तेली, भरत खटीक से ललित प्रकाष पालीवाल को मिलवाया और जिसने 4 प्रतिशत ब्याज की दर पर करीब 25 लाख रूपए ललित प्रकाष पालीवाल के खाते में डलवाए और गारंटी के तौर पर न्यू रामपुरा में स्थिल पालीवाल के बेशकीमती मकान की रजिस्ट्री मौखिक रूप से तीन महीने में पैसे नहीं चुका पाने की शर्त पर करवा ली। वहीं पालीवाल के खाली साईन किए हुए पूरी चैकबुक भी भरत खटीक ने रख ली। हालाकि इस मकान के दोनों तरफ रास्ते है इसलिए शातिर ब्याज माफियाओं और भूमाफियाओं ने दो रजिस्ट्रियां करवाई। जिसके गवाह भी गैंग से ही जुड़े रामचंद्र तेली, हेमन्त पालीवाल, नरेश कुमार शर्मा और नीतिन नैणावा बन गए। वहीं आगे वाली रजिस्ट्री तो चंद्रप्रकाश रांका और पीछे वाली रजिस्ट्री नरेश शर्मा के नाम पर करवा दी। करीब चार पांच दिन पहले जब ललित प्रकाश पालीवाल को रामचंद्र तेली और भरत खटीक ने रामचद्र की होटल पर बुलाया और मकान खाली करने की धमकी देने लगे इस पर जब ललित पालीवाल ने कहा कि ब्याज की तारिख में भी अभी समय है उस पर उन्होंने कहा कि अब मकान हमारा हो गया है। यह सुनकर तो मानो ललित प्रकाष पालीवाल के पैरों तले से जमीन खिसक गई हो उसने काफी गुहार की लेकिन इन सूदखोरों का दिल नहीं पसीजा। शनिवार को तो इन्होंने हद ही पार कर दी और न्यू रामपुरा के उस मकान के ताले तोड़कर सारा सामान बाहर फैक दिया। जिसकी रजिस्ट्री करवाई थी। इस पर पालीवाल ने अम्बामाता थाने में सूचना दी। सूचना मिलते ही थाने का जाब्ता मौके पर पंहुचा और आॅटो में सामान भरते लोगों को हिरासत में लिया और आॅटो सहित सभी को थाने ले आई। बाद में ललित प्रकाष पालीवाल ने थाने में रामचंद्र तेली, भरत खटीक, राकेष हरिजन, नितेष षर्मा, चंद्र प्रकाष रांका, नरेष षर्मा के खिलाफ कानूनन कारवाई कर उचित न्याय की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इस पर अम्बामाता थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिज जांच शुरू कर दी है।

उदयपुर में ड्राइवर ने की मालकिन की ह्त्या -शहर में फैली सनसनी

उदयपुर . शुक्रवार की रात को बदला स्थित एक युवक ने पुराने विवाद को लेकर अपनी मालकिन रही महिला की चाकुओं से गोद कर ह्त्या कर दी .

कुमकुम अपार्टमेंट निवासी टीना राजावत रात को अपने बेटे आदित्य व ड्राइवर रौनक जैन के साथ कार में भुवाणा से अपने घर जा रही थी। रास्ते में पुराने ड्राइवर सिलावटवाड़ी निवासी नईम खान पीछा करते हुए अपार्टमेंट तक पहुंच गया। जैसे ही कार अपार्टमेन्ट में पहुची और टीना राजावत कार से निचे उतरी ड्राइवर नईम ने टीना से अभद्रता करते हुए थाणे में टीना द्वारा किये गए केस को वापस लेने के लिए धमकाया . बाद में दोनों के बिच विवाद बढ़ गया . विवाद के बिच ही नईम ने चाक़ू निकाल कर टीना पर ताबड़तोड़ वार कर दिए . इससे पहले की नईम वहां से भागता . टीना के बेटे और ड्राइवर ने शोर मचा दिया जिससे आसपास और अपार्टमेन्ट के लोग आगये और उन्होंने नईम को पकड़ लिया व् उसकी धुनाई करदी .

इधर, चालक और पुत्र टीना को लेकर निजी चिकित्सालय लेकर पहुंचे जहां से हालत गंभीर होने पर उसे एमबी चिकित्सालय रेफर किया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। सुबह सूचना पर सूखेर थानाधिकारी मांगीलाल पंवार मय जाब्ता घटनास्थल पर पहुंचे, मौके से आवश्यक साक्ष्य लिए। घटनास्थल व पार्किंग में खून के कतरें पड़े मिले, पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ व घटनास्थल की तस्दीक की। पुत्र व ड्राइवर के बयान लिए। मुर्दाघर में पोस्टमार्टम की आवश्यक कार्य्वाही कर शव परिजनों के सुपुर्द किया। चिकित्सकों के अनुसार मृतका के शरीर पर चार से पांच घाव थे, अत्यधिक रक्त स्त्राव के कारण मौत होने की पुष्टी हुई।

मसाला फिल्म पद्मावती के बहाने मेवाड़ के इतिहास के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ( देखिये वीडियो )

उदयपुर। मेवाड़ की आन पद्मावती पर संजय लीला भंसाली की रिलीज़ होने वाली मसाला मूवी पद्मावती के मसाला फिल्मांकन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पदमावती की छवि के साथ छेड़छाड़ मेवाड़ के किसी बाशिंदे को कुबूल नहीं। इस बात की हुंकार चित्तोडगढ से उठ चुकी है। रानी पद्मिनी ने अपनी लाज और सम्मान के लिए जोहर किया था। ऐसे इतिहास के साथ अगर कोई फिल्मकार अपनी मसाला फिल्मों के लिए इस्तमाल करेगा तो मेवाड़ इसको बर्दाश्त नहीं करेगा।
चित्तोडगढ में आज सिर्फ राजपूत ही नहीं हर समाज के लोग विरोध में सड़कों पर उतर आये और एक सुर में उन्होंने आवाज़ बुलंद की है कि जिस अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मिनी को कभी देखा भी नहीं उसका फिल्म में चाहे स्वप्न में ही क्यूँ ना हो प्रेम द्रश्य बर्दाश्त नहीं होगा।
मेवाड़ की इस भावना को देखते हुए चाहे चित्तोडगढ के सांसद सीपी जोशी हों चाहे उदयपुर के सांसद अर्जुन मीना हों उन्हें अपनी सरकार से मांग कर जन भावना को देखते हुए इस फिल्म के प्रदर्शन को रुकवाना चाहिए। या फिर अगर इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं की है तो फिल्म के निर्माता ने जैसा कि पहले विवाद के समय कहा था कि वह राजस्थान के एक प्रतिनिधि मंडल को फिल्म रिलीज के पहले फिल्म दिखाएगा उसके बाद ही रिलीज करेगा तो प्रतिनिधि मंडल को फिल्म दिखाने की व्यव्बस्था करनी चाहिए। जनभावना के विपरीत केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि पद्मावती फिल्म के रीलिज को लेकर राजस्थान में कोई समस्या नहीं आएगी। जब कि उन्हें खुद फिल्म का विरोध कर इसको सेंसर के पहले सेंसर कर प्रदर्शित करने की इजाजत देनी चाहिए।
बहरहाल मेवाड़ के हर बाशिंदे को अपने इतिहास के साथ छेड़छाड़ की आशंका को लेकर गुस्सा है और यदि फिल्म रिलीज हो जाती है और उसमे एसा कुछ भी द्रश्य हुआ जो मेवाड़ की अस्मिता के हिसाब से सम्मानजनक ना हुआ तो फिर शायद सिनेमा घरों में फिल्म को चलने नहीं दिया जाएगा।

https://www.youtube.com/watch?v=6ijhZosiIr4&t=99s

शोर्य का प्रतिक विजय स्तंभ अब पूरी तरह बंद , नहीं देख सकेगें अन्दर से

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उदयपुर। मेवाड़ की वीरता और शोर्यता का प्रतिक विजय स्तंभ अब हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। मालवा पर मेवाड़ की विजय का प्रतीक राजस्थान में शौर्य का सुमेरू माने जाने वाले ऐतिहासिक स्मारक विजय स्तंभ पर चढऩे का सपना अब सपना ही बना रहेगा, क्योंकि सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की रिपोर्ट के बाद पुरातत्व विभाग ने इस ऐतिहासिक स्मारक को बंद करने का निर्णय लिया है। सूत्रों की माने तो विजय स्तंभ की संकरी सीढिय़ां और सीढिय़ों पर लोगों के चलने से हुई फिसलन, विजय स्तंभ पर आई दरारें और फुटफॉल या फूट वाइब्रेशन के कारण हो रहे नुकसान के चलते इस स्मारक को आम लोगों के चढऩे, उतरने के लिए बंद कर दिया गया है। अब विजय स्तंभ को पर्यटक या आम लोग बाहर से ही निहार पाऐंगे, उसके अंदर की खूबसूरती को निहारने की कसक मन ही मन में रह जाएगी। वैसे विभाग की ओर से डेढ साल पूर्व ही विजय स्तंभ को कैमिकल वॉश के बहाने आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था, उस समय भी कई संगठनों और लोगों ने इसे खोलने का आग्रह किया था, लेकिन शुक्रवार को पुरातत्व विभाग की टीम ने इसे हमेशा के लिए बंद करने के संकेत दे दिए हैं। आपको बता दे कि विजय स्तंभ की इमारत 9 मंजिला है और इसकी ऊंचाई 122 फीट है। इसे देखने के लिए देश और दुनिया से लाखों लोग हर साल चित्तौडग़ढ़ के दुर्ग पर आते हैं। विजयस्तंभ को बंद करने के निर्णक के बाद चित्तौडग़ढ़ आए पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने सांसद सी.पी.जोशी ने मुलाकात की। उन्होंने सांसद के साथ हुई बैठक में बताया कि विजय स्तंभ में लगातार दरारों के बढऩे और सीढिय़ों पर फिसलन होने के कारण विजय स्तंभ को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ब्लास्टिंग से निश्चित रूप से नुकसान होता है और इस संबंध में मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन विजय स्तंभ जैसे स्मारक को फुट वाइब्रेशन या फुटफॉल यानि पैदल चढऩे-उतरने से होने वाले कंपन के कारण अधिक नुकसान हो रहा है। चैदहवीं षताब्दी में बने ऐतिहासिक स्मारक की सुरक्षा के मद्देनजर ये कदम उठाया गया है।

फिल्म “पद्मावती” का प्रदर्शन हुआ तो देश भर के सिनेमाघर में आग लगेगी

उदयपुर। पद्मावती फिल्म पर रोक नहीं लगी तो देश में बहुत कुछ जल जाएगा।फिल्म में अलाउद्दीन के साथ पद्मिनी का प्रेम प्रसंग दिखाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महारानी पद्मिनी पर संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म “पद्मावती” के विरोध में सर्व समाज एवं विभिन्न संगठनों के आह्वान पर आयोजित चित्तौड़गढ़ बंद का भारी असर शहर में दिखाई दिया। किले की पाडन पोल से बंद समर्थक विशाल जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर फिल्म पद्मावती पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की।
ज्ञापन देने से पूर्व जुलूस में शामिल लोगों ने चैराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन और लोगों के आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर को मौके पर पहुंचकर ही ज्ञापन लेना पड़ा। बंद के आह्वान को देखते हुए सभी निजी स्कूलों सहित आवश्यक सेवाएं भी बंद शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ में बंद रही। इतिहास से छेड़छाड़ के मामले को लेकर किए गए बंद बंद में सांसद और विधायक ने भी शामिल होकर समर्थन दिया। इस दौरान शहर के बाजार जिनमें सदर बाजार, गांधी चैक, गोल प्याऊ चैराहा, सुभाष चौक, प्रतापनगर, कुंभानगर, कलेक्ट्रेट चैराहा, मीरा नगरी, महाराणा प्रताप सेतु मार्ग, न्यू क्लॉथ मार्केट सहित विभिन्न बाजार के व्यापारियों ने फिल्म के विरोध में स्वेच्छा से ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। विभिन्न सामाजिक संगठन और व्यापारिक संगठन के आह्वान पर आयोजित बंद से पूर्व बड़ी संख्या में बंद समर्थक पाडनपोल दरवाजे पर पहुंचे और एक खुली जीप में महारानी पद्मिनी का चित्र स्थापित कर शहर के मुख्य मार्गों से जुलूस निकाला गया। जुलूस के गोल प्याऊ चैराहा पर पहुंचने पर सांसद सीपी जोशी भी पहुंचे और इतिहास के साथ छेड़छाड़ के मामलों का विरोध करते हुए कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ किसी भी तरीके से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जुलूस में शामिल बड़ी संख्या में लोग सीधे ही कलेक्ट्रेट चैराहे पहुंचे जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। सभा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेन, रेडिमेड होजरी एसोसिएशन, चारभुजा कुमावत सेवा संस्थान, गैर अनुदानी शिक्षण संस्थान, वैष्णव बैरागी युवा संस्थान, गुर्जर समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, जैन समाज, खटीक समाज, स्वर्णकार समाज, अफीम किसान संघर्ष समिति, फार्मासिस्ट एसोसिएशन, दवा व्यवसाय एसोसिएशन, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद सहित सभी समाजों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में पद्मावती फिल्म की रीलिज के विरूद्ध स्वर बुलंद किए।

करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संजय लीला भंसाली से लिखित में दिया था कि अलाउद्दी और पद्मिनी के निजी जीवन को अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के तौर पर नहीं दिखाएंगे।
फिल्म का प्रमोशन जब भी होगा, उससे पहले यह फिल्म सामाजिक संगठनों और इतिहासकारों को दिखाई जाएगी। यह धोखाधड़ी है। आवश्यकता है कि प्रधानमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करे। बात नहीं बनी तो न्यायालय की शरण ली जाएगी।
कालवी ने कहा कि भंसाली का दुर्भाग्य था कि ताली बजाते वक्त हाथों के बीच उनका सिर आ गया था तो थप्पड़ लग गए। उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि इतिहास को लेकर जो भी फिल्में बने, उस पर प्री सेंसर बोड़ बने क्यों कि सेंसर बोर्ड तो काम खत्म होने के बाद काम करता है।
प्रदर्षन में श्री राश्ट्रीय राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी, राजपूत करणीसेना के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, जिला प्रमुख लीला जाट, सभापति सुशील शर्मा, प्रधान प्रवीणसिंह, विहिप के जिला मंत्री सुधीर भटनागर, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तेजपालसिंह खोर, नगर अध्यक्ष प्रदीपसिंह नारेला, कोषाध्यक्ष पुष्पेंद्रसिंह चैहान, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष बृजेंद्रसिंह भाटी, करणी सेना के जिलाध्यक्ष गोविंदसिंह खंगारोत सहित समग्र समाज और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। दूसरी तरफ केंद्रीय सेवक स्मृति ईरानी ने फिल्म व्यवसाय से जुड़े करण जौहर के एक सवाल के जवाब में कहा कि पद्मावती फिल्म के रीलिज को लेकर राजस्थान में कोई समस्या नहीं आएगी। भारतीय आर्थिक शिखर सम्मेलन में फिल्मकार करण जौहर ने स्मृति ईरानी से जानकारी मांगते हुए पूछा था कि फिल्म के प्रदर्शन को लेकर राजस्थान प्रदेश में समस्याएं आ सकती हैं। जिसके जवाब में स्मृति ईरानी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि फिल्म प्रदर्शित होकर रहेगी तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि फिल्म को लेकर राजस्थान प्रदेश ही नहीं वरन गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश में भी फिल्म के प्रदर्शन को लेकर विरोध जताया जा रहा है।

वसुन्धरा सरकार की टीम में शामिल हुए हरीश राजानी, राज्य मंत्री का दर्जा मिला .

उदयपुर। राजस्थान सिंधी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष हरिश राजानी अब राज्य सरकार के मंत्री मण्डल में शामिल हो गए । गुरूवार को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने हरीष राजानी को राज्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा की है। सनराईस इंस्टीट्यूट के निदेषक राजानी को अब वह सारी सुविधाएं मिलेगी जो हर प्रदेश मंत्री को सरकार की ओर से मिलती आ रही है। राजानी को मिलने वाली सुविधाओं पर होने वाला समस्त खर्च सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग जिनमे कला और संस्कृति विभाग शामिल है वह वहन करेंगे। हरीष राजानी के प्रदेश में राज्यमंत्री बनने की घोशणा होने ही उनके प्रषंसको और शुभचिन्तकों में ख़ुशी की लहर छा गईं वहीं राजानी ने भी राज्यसरकार का धन्यवाद देते हुए उन्हें मिले पद पर पूरी तरह से खरा उतरने की बात सोशल मिडिया के माध्यम से कही है।

माय गुरुकुल कोचिंग सेंटर ने एक ही क्लास में जानवरों की तरह छात्र भरे – विरोध हुआ तो गुंडई करने बुला लिए बाउंसर मुस्टंडे।

उदयपुर। शिक्षा का सौदा करने वाले शिक्षा माफिया ने कोचिंग सेंटर के जरिये रुपयों की लालच में पहले तो रीट की कोचिंग के लिए जानवरों की तरह छात्रों को एक ही क्लास में भर दिया। जब व्यवस्था नहीं संभली और कोचिंग करने आये छात्र छात्राओं ने विरोध किया तो उनको काबू में करने के लिए मुस्टंडे बाउंसर बुलवा लिए। हंगामे के बाद कोचिंग सेंटर संचालक ने व्यवस्था सही करने का आश्वाशन लिया लेकिन इसके पीछे सवाल यह उठता है कि क्या इन शिक्षा के माफियाओं पर किसी का कोई अंकुश नहीं है। इन्हें क्या किसी नियम में नहीं बाँधा जा सकता ?
शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य सरकार द्वारा रीट फर्स्ट और सेकण्ड लेवल की घोषणा क्या हुई शहर में कोचिंग सेंटर के नाम पर खुली हुई बड़ी बड़ी दुकानों की चांदी हो गयी। बिना नियम और बिना कोई अंकुश के इन शिक्षा के लुटेरों ने बड़े अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन के जरिये छात्रों को लुभा लुभा कर अपनी शिक्षा की दूकान में बुला लिया।
एसी ही शिक्षा की दूकान माय गुरुकुल ने रीट फर्स्ट और सेकण्ड लेवल की कोचंग के लिए भारी फीस लेकर एडमिशन दे दिया। नवभारत स्कूल में क्लास लगाईं जहाँ स्थिति यह है कि एक ही हॉल में सेकड़ों छात्र जानवरों की तरह भर दिए। एक सिखाने वाला जिसकी आवाज़ चोथी लाइन से आगे जाती नहीं और कोचिंग दी जा रही है। पढ़ने आए बच्चे बाहर तक बैठे हुए थे। वहीं एक टेण्ट भी लगाया गया था जहां छात्रों के बैठने की व्यवस्था की जा रही थी। ऐसे में छात्रों को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था और वह परेषान हो गए थे। हाॅल में सुबह से बेच में आए छात्र छात्राए दिनभर बैठे रहते थे और बाद में आने वाले छात्रों को मजबूरन बाहर ही बैठना पड़ता था। विद्यार्थी पहले से ही टेण्ट से पड़ने वाली गर्मी से परेषान ऐसे में न तो फेकल्टी की आवाज उन तक आ रही थी न ही प्रोजेक्टर दिखाई दे रहा था। छात्रों ने इसकी शीकायत कई बार गुरूकुल प्रशासन को की लेकिन किसी ने एक न सुनी। बुधवार को सेकड़ों छात्र इस अव्यवस्था से परेशान हो कर माय गुरूकुल कोचिंग इंस्टीट्यूट और उसके निदेषक खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिखाई दिए। माय गुरुकुल का निदेशक बजाय अपनी गलती स्वीकारने की बजाए हद ही पार कर दी। खाकी से मदद जगह उसने बाउंसर कहे जाने वाले मुस्टंडो को बुलाकर देश के भविष्य बनने वाले छात्रों के साथ बाहूबल दिखाने का प्रयास किया। यह पूरा घटनाक्रम काफी देर तक शहर की सबसे व्यस्त माने जानी वाली सड़क अशोकनगर पर चलता रहा और भूपालपुरा थाने की पुलिस मुकदर्षक बनकर देखती रही। छात्रों की पीड़ा सुनकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिशद के पदाधिकारी भी मौके पर पंहुच गए और छात्रों के साथ में विरोध प्रदर्षन करने लग गए और चेतावनी दी कि अगर जल्द ही व्यवस्था सूचारू नहीं हुई तो छात्रों की फीस वापस लौटानी पड़ेगी और अगर ऐसा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सवाल आखिर यह उठता है कि शिक्षा की दूकान चलाने वाले इन कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन का क्या कोई अंकुश नहीं है। जितना पैसा ये लोग छात्रों से लेते है उस स्तर की पढाई यह करवा भी रहे है या नहीं कोई सुविधा दे रहे या नहीं क्या इस बात की कोई मोनिटरिंग नहीं करता है। अखबारों में बड़े बड़े लाखों रूपये के विज्ञापन देकर ये शिक्षा के माफिया आखिर छात्रों के मजबूर माँ बाप को कब तक लूटते रहेगें।

उदयपुर पोस्ट हर छात्र से कहना चाहता है कि जो भी छात्र इन कोचिंग सेंटर में पढने जाता है उसमे इस तरह की कोई भी अव्यवस्था, अनियमितता दिखाई देती है तो हमे जरूर सूचित करें।
अगर इन्होने शिक्षा की दूकान ही खोल रखी है तो फिर हक़ से इन्हें मजबूर करो की तुम्हे सही शिक्षा दें क्यूँ कि तुम इसकी उन्हें जरूरत से अधिक कीमत चुका रहे हो।
अनियमितता या समस्या होने पर हमे जरूर सूचित करें।

RNT मेडिकल कोलेज में होती रही रेगिंग , सोया रहा कॉलेज प्रशासन – सुप्रीम कोर्ट ने दिए कारवाई के निर्देश

उदयपुर। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रशासन को सीनियर छात्रों द्धारा जूनियर छात्रों की रैंगिग की भनक तक नही लगी। जब जूनियर छात्रों के परिजनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वेब पोर्टल पर शिकायत की तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया ओर तीन छात्राओं सहित कुल नौ स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए निलम्बित किया।
कुछ दिनों पूर्व उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कोलेज के सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की जम कर रेगिंग ली। सुप्रीमकोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद सीनियर छात्रों ने यह कृत्य मेडिकल कोलेज बेधड़क किया, मेडिकल कोलेज प्रशासन नींद में सोया रहा उसको भनक तक नहीं लगी। खोफ में जी रहे जूनियर छात्रों ने जब यह बात अपने परिजनों को बताई तब परिजनों ने इसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट के वेब पोर्टल पर की। सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कारवाई करते हुए कोलेज प्रशासन को रेगिंग करने वाले सीनियर मेडिकल छात्रों के के खिलाफ कारवाई करने के आदेश दिए जिसके बाद मेडिकल कोलेज प्रशासन ने गुपचुप तरीके से कारवाई कर दी। रैगिंग मामले में लिप्त दो छात्राओं सहित कुल नौ स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए निलम्बित करने के आदेश जारी किए गए। वहीं सभी छात्रों पर 25 – 25 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया। इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की नाक के ​नीचे जुनियर छात्रों की रैगिंग होती रही लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। अब गुपचुप तरीके से कार्रवाई तो कर दी गई लेकिन कॉलेज के प्रींसीपल मिडिया से बातचीत करने को बचते रहे और पूरे मामले पर एंटी रैगिंग स्क्वायर्ड के इंचार्ज डाक्टर सलभ शर्मा से बात करने को कहा। लेकिन जब मिडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने कहा कि जूनियर छात्रों की ओर से किसी तरह की कोई शिकायत नही की गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर आदेश मिलने के बाद तुरत रैगिंग करने वालों छात्र -छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की गई साथ ही कॉलेज के एंटी रैगिंग स्क्वायर्ड को निर्देश दिये है कि वह समय – समय पर हाॅस्टल और काॅलेज परिसर में जाकर पूरी तरह से जांच करें। इसके साथ ही उन्हांेने यह भी कहा कि जिन पर कार्रवाई की गई है उन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है वहीं उनके अभिभावकों को काॅलेज में उपस्थित होने निर्देष भी दिए हंै। कोलेज प्रिंसिपल डॉ डीपी सिंह ने बताया कि कई बार शिकायत नहीं आती है ऐसे में किसी तरह की कोई कार्रवाई नही होती है और अब सभी को सचेत किया गया है कि किसी को कोई भी रैंगिग को लेकर सूचना मिले तो तुरंत ही सूचित करे ताकि कार्रवाई हो सके।

फतहसागर में आरटीडीसी की स्पीड बोट ने मछुआरों की बोट को टक्कर मारी।

उदयपुर। फतहसागर झील में बुधवार को आरटीडीसी की स्पीड बोट ने मछुवारों की बोट को टक्कर मार दी। जिससे मछुआरों की बोट पलट गई और दोनो ही मछुवारे घायल हो गए, जिनमें से एक को ज्यादा चोट लगी। सीसी कमरे में कैद हुई टक्कर की वारदात।
बुधवार शाम को तेज गति से फतहसागर में चलती आरटीडीसी की बोट ने मछुआरों की बोट को टक्कर मार दी। टक्कर की वजह से मछुआरों की बोट पलट गयी और उसमें बैठे दो मछुआरे घायल हो गए। गौरतलब है कि कुछ माह पहले छोटी बच्ची चहक की फतहसागर में हुई मौत के बाद हरकत में आया प्रशासन ने झील में संचालित दोनो ही नाव कम्पनियों की सीमा तय कर दी थी। लेकिन पर्यटकों से अधिक वसूली के चक्कर में आरटीडीसी संचालक की ओर से आए दिन तय सीमा का उल्लंघन किया जा रहा है। आज हुआ हादसा की भी यही वजह बताई जा रही है। आरटीडीसी के ठेकेदार की तय सीमा थी इसके बावजूद वह दुसरे ठेकेदार की सीमा में अपनी आदत के अनुसार घुस गया और नतीजतन मछुआरों की बोट को टक्कर मार के पलट दी। टक्कर लगने के बाद मछुआरे को अम्बामाता सेटेलाईट चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। सेटेलाईट अस्पताल से आरटीडीसी संचालक ने घायल मछुआरे को भरपाई की लालच देकर किसी अन्य अस्पताल में भेजा और मामले को दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है। जबकि टक्कर की घटना एमएम बोटिंग की जेटी पर लगे सीसी कैमरे में कैद हो गयी।
अपने रसूख के दम पर आरटीडीसी के ठेकेदार आयेदिन नियमों का उलंघन कर पर्यटकों को नोका विहार करवाते है कुछ दिन पहले भी पर्यटकों और बच्चों को बिना लाइफ जेकेट के लग्जरी डबल डेकर बोट में सेर करवा रहे थे। मना जा रहा है कि आरटीडीसी ठेकेदार पहुच की वजह से जिम्मेदार लोग भी ठेकेदार के खिलाफ कोई कारवाई नहीं कर रहे।

https://youtu.be/C5cBnijDoe0

विडियो में आखरी में नेहरू गार्डन की जेटी के पास स्पीड बोट टक्कर मरती हुई निकल गयी