पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल – सुसाईट नोट में लिखा था ….

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पोस्ट न्यूज़ । बांसवाडा राजस्थान के गढ़ी थाना क्षेत्र के भगोरा मार्ग स्थित बोहरा एवं लखरा समाज के कब्रिस्तान के पीछे शुक्रवार की सुबह एक खेत में बबूल के पेड़ से फंदे से लटके हुए प्रेमी युगल के शव बरामद हुए। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को मौके पर मिले एक फोल्डऱ से सुसाइड नोट बरामद होने के साथ कॉलेज छात्रा की अंक तालिका, चद्दर पानी एवं सफेद रंग के तरल पदार्थ से भरी हुई दो बोतलें व नमकीन के पैकेट्स बरामद हुए हैं। जो पुलिस के कब्जे में हैं। वहीं सूचना पर पहुंचे दोनों के परिजनों ने हत्या कर शवों को बबूल के पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है। इससे कुछ देर के लिए हादसा स्थल पर विवाद की स्थिति भी बनी। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद दोनों के शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए बांसवाड़ा महात्मा गांधी चिकित्सालय लाया गया

गढ़ी थाना प्रभारी लाभुराम चौघरी ने बताया कि भगोरा मार्ग पर बबूल के पेड़ से शव लटके होने की जानकारी गुरुवार देर शाम को लगी थी। इस पर संबंधित चौकी प्रभारी लक्ष्मणसिंह की ओर से हादसा स्थल को काफी देर तक देखने के प्रयास किए, लेकिन उसको कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद अंधेरा होने की वजह से पुलिस वापस लौट गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह फिर पुलिस तलाशी में जुटी तो मौके पर पहुंची। जहां बोहरा एवं लखारा समाज के कब्रिस्तान के पीछे खेत में बबुल के पेड़ से प्रेमी युगल के शव एक साथ लटके हुए बरामद हुए। इसकी जानकारी पर कुछ देर में ही पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंच गया। इतने में ही मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी एकत्रित हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों ने शिनाख्त के प्रयास भी करवाए, लेकिन सुराग नहीं लगा।

इसके बाद पुलिस ने मौके पर पड़े मिले एक फोल्डर को टटोला, जिसमें छात्रा की अंक तालिका के साथ एक नई कॉपी में सुसाईड नोट भी लिखा हुआ था, जिसमें स्वेच्छा से जहरीला पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या करना लिखा था। इसके साथ ही अंक तालिका से छात्रा की शिनाख्त अड़ोर निवासी मीना पुत्री नानूलाल भगोरा के रूप में हुई। जबकि सुसाइड नोट पर लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की पहचान लोहारियापाड़ा (भगोरा) निवासी किशन पुत्र दलजी कलासुआ के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों के परिजनों को मौके पर बुलाया।

पुलिस के अनुसार युवक 25 वर्षीय किशन का विवाह दो वर्ष पूर्व हो चुका है। जबकि मीना अपनी बहन के घर बांसवाड़ा रह कर एक निजी महाविद्यालय में तृतीय वर्ष में अध्ययनरत थी। छात्रा के जीजाजी के अनुसार मीना गत शुक्रवार को ही घर से कॉलेज जाने निकली थी। वहीं किशन के परिजनों ने बताया कि वह रोजाना परतापुर में मजदूरी के लिए जाता था। जो पिछले पांच दिनों से घर वापस नही लौटा था। दोनों के शव शुक्रवार को एक साथ गले में फंदा ड़ाले हुए एक-दूसरे से लिपटे एवं हाथों में हाथ लिए हुए बरामद हुए हैं।

मौके पर पहुंचे दोनों के परिजन, रिश्तेदार एवं ग्रामीणों ने हत्या का अंदेशा व्यक्त किया। परिजनों ने बताया सुसाइड नोट पर दोनो में किसी के भी हस्ताक्षर नही है। परिजनों का यह भी कहना था कि यदि दोनों ने जहर पिया था तो पेड़ तक पहुंच कर लटकने की संभावना भी नहीं बनती है। फोल्डऱर में सुसाइड नोट के साथ युवती के जाति प्रमाण पत्र की छाया प्रति के टूकड़े मिले। जिस पर परिजनों का कहना है कि इसको फाडऩे की क्या जरुरत पड़ गई।

रंग लाया पार्षद देवेन्द्र जावलिया फैसला – वार्ड में 38 लाख के कामों का हुआ शुभारम्भ

उदयपुर। नगर निगम पार्षद ने समिति अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद महापौर और पार्टी के आला कमानों को कुछ बोलते नहीं बना। आखिर तुरत फुरत में नगर निगम की तरफ से इस्तीफा देने वाले पार्षद के वार्ड में ३८ लाख के वर्क ऑर्डर पास हो गए और कार्य भी शुरू करवा दिए। अब बाकी जिन वार्डों में अभी तक कार्य नहीं हुए है वे पार्षद भी इसी तरह का कदम उठाने के बारे में विचार कर रहे है।
पांच दिन पहले वार्ड १० के पार्षद देवेन्द्र जावलिया ने मोर्निंग वाक् के दौरान गृहमंत्री शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया को aइक्रमण निरोधी समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देदिया था।जावलिया ने कहा था कि पिछले तीन सालों में उनके वार्ड में मात्र 37 लाख के काम हुए। वह जनता को जवाब दे भी तो क्या। वहीं उन्हें अतिक्रमण निरोधी समिति का अध्यक्ष भी बनाया गया, उन्हें लगा कि वह सिर्फ नाम मात्र के अध्यक्ष है और औपचारिकता निभा रहे है क्योंकि असहाय लोगों पर तो निगम तुरन्त कार्रवाई कर रहा है, रसूखदारों के अवैध निर्माण सीना ताने खड़े हुए है। जावलिया के इस्तीफे के बाद निगम में ही नहीं शहर में हडकंप मच गया और सोशल मिडिया पर उदयपुर की जनता ने देवेन्द्र जावलिया के इस कदम की प्रसंशा करते हुए महापौर को आड़े हाथों लिया था। जावलिया के इस कदम के बाद आनन् फानन में निगम प्रबंधन ने वार्ड 10 के लिए 38 लाख के वर्क आॅर्डर पास कर दिए और सिर्फ तीन दिन में पास हुए वर्क आॅर्डर के बारे में जब महापौर चंदर सिंह कोठारी और निर्माण समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह प्रयास तो तीन महीने से चल रहा था। जावलिया के विरोध के बाद वर्कआर्डर पास हुआ यह मात्र मिथ्या है।
इधर सूत्रों की माने तो महापौर के कार्य से नाखुश कई वार्ड के पार्षद और समिति अध्यक्ष इसे है जो यह कदम उठा सकते है। एक समिति अध्यक्ष ने नाम नहीं छपने की सूरत में बताया कि समितियां सिर्फ नाम की बनी हुई है इस बोर्ड का सर्वे सर्वा बन कर सिर्फ एक ही आदमी चला रहा है। पार्धदों की परेशानी या जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं। हमारी समितियों के काम होते है हमसे ही नहीं पूछा जाता है ऐसे में समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहने से क्या मतलब जनता को जवाब भी देना पड़ता है। आगे बताया कि बहुत जल्दी तीन समिति अध्यक्ष और इस्तीफा देदेगें। इस पूरे मामले पर जब नेता प्रतिपक्ष मोहसीन खान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि भले ही भाजपा के 49 पार्शद सत्ता में हो लेकिन महापौर के आगे किसी की नहीं चलती। एक भी समितिध्यक्ष के पास वह ताकत नहीं है कि वह खुद की मर्जी से उसकी समिति का काम ही करवा ले।

उदयपुर में देबारी तिराहे पर ट्रोले के चक्के से कुचलाया युवक का सिर

उदयपुर। देबारी तिराहे पर एक बार फिर बेकाबू ट्रक के निचे बाइक सवार के आजाने से मौत हो गयी। मोटरसाइकिल सवार ट्रक ट्रोले के पहिये के निचे आगया जिससे उसका सर पूरी तरह क्षत विक्षत हो गया। राह चलते लोगों ने जैसे ही देखा एकाएक उनके मूंह से चीख निकल गयी। कानोड़ निवासी महावीर प्रसाद आज सुबह अपनी बैक से उदयपुर काम से आरहा था। देबारी तिराहे पर सामने से आती तेज गति की ट्रक ने महावीर को चपेट में लेलिया। जैसे ही महावीर निचे गिरा उसके सर पर ट्रक का पिचला पहिया चढ़ गया और सर बीरी तरह बिखर गया। मोके पर सर के तुकडे इधर उधर बिखर गए। शव देखते ही लोगों की चीख निकल पड़ी। लोगों ने तुरंत ही मांस के लोथड़े को एक जगह कर मुंह पर चद्दर डाल दी। कुछ ही देर में मौके पर लम्बा जाम लग गया। कई लोग जाम में फंस गए। सूचना पर प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षत विक्षत शव को लोगों की मदद से जीप में रखवाते हुए एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर पहुंचाया। मृतक की जेब से मिले कागजों से उसकी पहचान होने पर परिजनों को दुर्घटना की सूचना दी। परिजन एकाएक समझ नहीं पाए और उदयपुर पहुंच गए।
अस्पताल के मुर्दाघर में शव देखते ही बिलख पड़े। इधर, दुर्घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रोले व मोटरसाइकिल को जब्त कर देबारी चौकी पर रखवाया। और यातायात को बहाल किया। गौरतलब है कि देबारी जिंक चौराहा हादसों का चौराया होने के बाद प्रशासन ने यहां ढ़लान में बैरिकेड्स लगा कर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाई। लेकिन आज भी गुजरने वाले भारवाहक वाहन ढ़लान में बेकाबू होकर भिड़ जाते है।

गेहूं, केरोसिन, रसोई गैस नहीं मिले तो वॉट्सएप कर करें शिकायत

Post. रसद विभाग से जुड़ी करीब-करीब सभी शिकायतों के लिए अब उपभोक्ताओं को दफ्तर जाकर शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग हर जिले के लिए रसद विभाग का एक वॉट्सएप नंबर जारी करेगा।
यह सुविधा केवल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए शुरू की जा रही है। जिले में एक वॉट्सएप नंबर दिया जा रहा है। यह नंबर प्रवर्तन अधिकारी के पास हमेशा एक्टिव रहेगा। जैसे ही शिकायत नंबर पर फ्लैश होगी। वैसे ही तत्काल विभाग हरकत में आएगा और कार्रवाई हो सकेगी।
वास्तव में राशन की दुकानों पर केरोसिन नहीं मिलने और गेहूं खराब और तस्करी किए जाने की शिकायतें सामने आती है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सब्सिडी वाले नीले केरोसिन की कालाबाजारी भी होती है। कई बार गेहूं भी कालाबाजारी में जाता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए वॉट्सएप नंबर जारी किया जा रहा है। यह नंबर शीघ्र ही आमजन को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
रसोई गैस को लेकर जिले में सर्वाधिक शिकायतें आती रही है। वेंडर रास्ते में सिलेंडर से गैस निकाल लेते हैं। उपभोक्ता वजन करने को कहता है तो विवाद हो जाते हैं। सिलेंडर लेना उपभोक्ता की मजबूरी भी होती ही है। साथ ही मौके पर सुनवाई नहीं होती। होम डिलेवरी नहीं किए जाने, गली-चौराहों पर सिलेंडर भरे वाहन खड़े कर वहीं से बांटने जैसे मामले अब भी जिले में आम है। अधिकांश कामकाजी लोगो को यह समस्या सबसे ज्यादा आड़े आती है।
इसी से निपटने के लिए यह वॉट्सएप नंबर काफी उपयोगी साबित होगा। शिकायतकर्ता मौके से फोटो भी खींचकर अपलोड कर सकेंगे जिससे वेंडर बच नहीं सकेंगे। जांच में यह भी साफ हो जाएगा कि सिलेंडर की सील और वजन से छेड़छाड़ वेंडर ने की या संचालक ने।

दहेज़ ह्त्या का दोषी था पति – छह वर्ष बाद कोर्ट ने दी 10 साल की सजा

उदयपुर . विवाहके पांच वर्ष बाद पत्नी को दहेज के लिए शारीरिक मानसिक प्रताड़नाएं देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति को महिला उत्पीड़न मामलों के अतिरिक्त सेशन जज डा. दुष्यंत दत्त ने बुधवार को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। ठोकर चौराहा निवासी विवाहिता ने छह वर्ष पूर्व फांसी लगाकर अपनी जान दी थी।
केस डायरी के मुताबिक मनीषा चौधरी को खुदकुशी के लिए उकसाने के दोषी पति महेंद्र पुत्र कालूलाल चौधरी को न्यायालय ने धारा 304-बी के अंतर्गत 10 वर्ष कठोर कारावास, दहेज उत्पीड़न की धारा 498-ए के अंतर्गत 2 वर्ष कठोर कैद और 5 हजार रुपए जुर्माना की सजाएं सुनाई। अदालत ने मृतका की सास पुष्पादेवी को दहेज यातना और आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोपाें से बरी किया। राज्य सरकार की तरफ से पैरवी लोक अभियोजक प्रेमसिंह पंवार ने की। मनीषा की मौत फंदे पर लटकने से 31 नवंबर 2011 को हुई थी। प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट मृतका के जेठ अमृतलाल ने दर्ज कराकर बताया था कि घटना के दिन सुबह मनीषा घर में अकेली थी। पति महेंद्र तड़के किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। बच्चे स्कूल चले गए थे। साढे़ 10 बजे महेंद्र घर लौटा तो मकान का मेन गेट बंद था। उसने डाेर बेल बजाई मनीषा के फोन पर कई बार रिंग दी। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ौसी के पेचकस से दरवाजा खोला। अंदर बेडरूम में मनीषा अपने दुपट्टे का फंदा बनाकर पंखे से लटकी मिली थी। ससुराल पक्ष ने खुदकुशी का कारण मानसिक तनाव होना बताया था।
पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
5दिसंबर को मृतका के पिता कांतिलाल पटेल निवासी कंधारवाड़ी, बांसवाड़ा ने प्रतापनगर थाने में दूसरी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कांतिलाल ने पति के साथ सास को भी दोषी बताकर रिपोर्ट में कहा था कि मनीषा का विवाह 7 मई 2006 को हुआ था। भरपूर दहेज देने के बावजूद पति सास संतुष्ट नहीं हुए। 10 लाख रुपए की मांग को लेकर यातनाएं देना शुरू कर दिया था। सोने की पांच गिन्नियां दी। मनीषा के पुत्र होने पर चार तोला सोने के कंगन चांदी के बर्तन महेंद्र को 25 ग्राम सोने का ब्रेसलेट दिया। महेंद्र को 51 हजार रुपए नकद भी दिए। उसके बैंक खाते में 2 लाख रुपए जमा और कराए थे। वो नशे में मनीषा को पीटता था।

मेडिकल कॉलेज खेल : महिला और पुरुष वर्ग में आरएनटी बना चैम्पियन

उदयपुर . आरएनटीमेडिकल काॅलेज में हुई मेडिकोज इंटर-कॉलेज खेल प्रतियोगिता वर्चस्व में पुरुष और महिला वर्ग की जनरल चैंपियनशिप का खिताब आरएनटी मेडिकल कॉलेज को मिला। काॅलेज के शारीरिक शिक्षा अधिकारी डाॅ. लोकेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि इंटर-कॉलेज मेडिकोज की खेल प्रतियोगिताएं आरएनटी मेडिकल काॅलेज और महाराणा भूपाल स्टेडियम में हुई। पुरुष वर्ग के साथ महिला वर्ग की भी खेल प्रतियोगिताओं में पूर्ण भागीदारी रही।
डाॅ. राठौड़ ने बताया कि पुरुष और महिला वर्ग के लिए क्रिकेट, वाॅलीबाॅल, बास्केटबाल, फुटबाल, कबड्डी, खो-खो, बेडमिंटन, टेबल टेनिस, केरम, शतरंज, पावर लिफ्टिंग, वेट लिफ्टिंग, रस्सा कस्सी खेल प्रतियोगिताएं हुई। वर्चस्व 2017 का समापन समारोह कॉलेज के न्यू लेवयर थियेटर में हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि काॅलेज के प्राचार्य और निमंत्रक डाॅ. डीपी सिंह रहे। समारोह में डाॅ. राठौड़ ने खेल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान कॉलेज प्राचार्य डीपी सिंह ने अपने उद्बोधन में पुरुष और महिला वर्ग की शानदार भागीदारी की प्रशंसा की और कहा कि खेल हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। इससे हमारा संपूर्ण विकास होता है। समापन समारोह में रेजीडेंट डाॅक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. दीपाराम पटेल एवं महासचिव डाॅ. राजवीरसिंह भी मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेताओं को स्मृति चिन्ह और मेडल पहनाकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में बेडमिंटन पुरुष वर्ग और बैडमिंटन महिला वर्ग में में आरएनटी मेडिकल काॅलेज विजेता,पेसिफिक डेंटल काॅलेज उपविजेता रहा। वहीं टेबल टेनिस पुरुष और महिला वर्ग में आरएनटी विजेता और पीआईएमएस उपविजेता रहा।
क्रिकेट में आरएनटी विजेता, गीतांजली मेडिकल काॅलेज उपविजेता, खो-खो में आरएनटी विजेता, पेसिफिक मेडिकल काॅलेज उपविजेता रहा। इसी तरह वाॅलीबाॅल में आरएनटी, पीआईएमएस उपविजेता, फुटबाल में आरएनटी विजेता, पेसिफिक मेडिकल उपविजेता, कबड्डी में आरएनटी विजेता, पीआईएमएस उपविजेता, केरम में पीआईएमएस विजेता, आरएनटी मेडिकल काॅलेज उपविजेता, शतरंज में पीआईएमएस और आरएनटी उपविजेता, महिला शतरंज में पीआईएमएस विजेता और अमेरिकन मेडिकल काॅलेज उपविजेता, रस्सा-कस्सी में अनंता मेडिकल काॅलेज विजेता और पीआईएमएस उपविजेता रहा।
प्लेयर आॅफ टूर्नामेंट महिला वर्ग में आरएनटी की ऐश्वर्या अग्रवाल को मिला। वहीं पुरुष वर्ग में चार खिलाड़ियों के बराबर अंक होने पर चारों खिलाड़ियों को प्लेयर आॅफ टूर्नामेंट का खिताब दिया गया। इनमें आशीष जैन, दीपक शर्मा, वीरेन सुमित परमार एवं अशोक विश्नोई को प्लेयर आॅफ टूर्नामेंट का खिताब दिया गया।
उदयपुर. मेडिकल कॉलेज खेल प्रतियोगिता में चैम्पियन टीम को ट्रॉफी सौंपते अतिथि।

मारवाड़ी युवा मंच ने आगाह किया कीटनाशक और पेस्टीसाइड से कैंसर का खतरा हर रोज़ बढ़ता जा रहा है .

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उदयपुर। मारवाड़ी युवा मंच द्वारा राष्ट्रीय केंसर जागरूकता दिवस पर राज्य भर में गोष्टियाँ कर पेस्टीसाइड और कीटनाशक दवाओं से बचाव के उपाय सुझाय साथ ही प्रशासन को ज्ञापन देकर इनके रोकथाम की मांग की।
कैंसर जैसी बिमारी की रोकथाम और बचाव के लिए प्रतिज्ञाबद्ध मारवाड़ी युवा मंच ने राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर राजस्थान के कई शहरों में जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर शहरों में पेस्टीसाइड से बचाव और उसको दूर करने के प्रशसनिक स्टार पर कारवाई की मांग की साथ ही किसानों और सब्जियों और फलों के होलसेल विक्रेताओं द्वारा इस्तमाल की जाने वाली कीट नाशक दवाइयों पर प्रतिबन्ध की मांग की है . मारवाड़ी युवा मंच की प्रांतीय केंसर संयोजक डॉ काजल वर्मा ने बताया कि पेस्टीसाइड और कीटनाशक दवाइयों की वजह से मानव शरीर में कैंसर फेलने का काफी खतरा बना रहता है. किसान भाई और सब्जियों के होलसेल विक्रेता अधिक लाभ के चक्कर में इस खतरे को घर घर तक पहुचा रहे है. कीटनाशक दवाइयों की जगह जैविक खाद का उपयोग किया जाना चाहिए और इसके लिए अगर प्रशासन और सरकार किसान भाइयों का सहयोग कर उन्हें शिक्षित करे तो इस खतरे से बचा जा सकता है. डॉ काजल वर्मा ने बताया कि इसी लिए इस बार मारवाड़ी युवा मंच से प्रदेश भर में पेस्टीसाइड और कीटनाशक का इस्तमाल रोकने और कैसंर से बचने का अभीयान चलाया.
इस कड़ी में ,जयपुर कैपिटल एवं जयपुर मूमल शाखा द्वारा जवाहर सर्कल जयपुर पर स्पेशलिस्ट पैनल के साथ एक टॉक शो  आयोजन किया गया। जिसमे भगवान महावीर कैन्सर चिकित्सालय के वरिष्ठ कैन्सर विशेषज्ञ डॉक्टर ललित मोहन शर्मा ,दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र  के कृषि वैज्ञानिक वी एस यादव, जयपुर नगर की पूर्व महापौर श्रीमती ज्योति खंडेलवाल, प्रांतीय अध्यक्ष केदार गुप्ता ,कैपिटल शाखा अध्यक्ष मुकेश शर्मा, मूमल शाखा सचिव श्रीमती शिखा पारीक पैनल में सम्मिलित थी। कार्यक्रम में कैपिटल एवं मूमल शाखा सदस्यों के साथ साथ जयपुर शहर के नागरिकों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में कृषि में खाद्यांनो के उत्पादन में अंधाधुँध कीटनाशको के हो रहे इस्तेमाल से हो रहे स्वास्थ्य को नुक़सान एवं इससे निपटने के प्रयासों पर चर्चा की गई एवं कृषि में कीटनाशकों के इस्तेमाल को रोकने हेतु जगरूकता अभियान आरम्भ किये जाने पर बल दिया गया .
मारवाड़ी युवा मंच की नागौर शाखा ने गोष्ठी का आयोजन किया जिसमे जिला पुलिस अधीक्षक पेरिस देशमुख, कृषि विभाग के उपनिदेशक हरजी राम चौधरी ने शिरकत की मुख्य अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने कहा कि किसी की पीड़ा की अनुभूति करना भी इलाज का आधा हिस्सा है .मरीज को प्रोत्साहित करके बिमारी को मात किया जा सकता है . उन्होंने युवाओं से नशे और व्यसन से दूर रहने की सलाह दी . अध्यक्षता कर रहे कृषि विभाग के उपनिदेशक हरजीराम चौधरी ने कहा की लालच के कारण ही कीटनाशक हमारे शारीर में जा रहा है. इसलिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए . गोष्ठी में डॉ रणवीर चौधरी प्रांतीय केंसर संयोजक डॉ काजल वर्मा . मोजूद रहे . कई छात्रों ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
इसके अलावा मारवाड़ी युवा मंच की सुजानगढ की मुख्यशाखा एवं महिला शाखा सखियाँ, नोखा की मुख्य शाखा, महिला प्रेरणा शाखा , श्री गंगानगर की मुख्य शाखा, नारी चेतना शाखा , उदयपुर की मारवाड़ी युवा मंच एवं महिला लेकसिटी शाखा, एवं हिम्मटसर की मुख्य शाखा, द्वारा अपने अपने जिले में जिला प्रशासन को पेस्टीसाइड और कीटनाशक दवाइयों का मानव जीवन पर प्रभाव बताते हुए रोक की मांग के साथ ज्ञापन दिया . मारवाड़ी युवा मंच की इन सभी शाखाओं ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री कीटनाशक द्वारा मानव जीवन पर कैसर के मंडराते खतरे से आगाह कर इस दिशा में कारवाई करने और किसानों को जैविक खाद के बारे में शिक्षित करने का आग्रह भी किया. कई जिलों की शाखा ने कीटनाशक की रोकथाम के लिए कार्यशाला भी आयोजित की .

नोटबंदी को हुआ एक साल पूरा, देश के हाल फिर भी बेहाल, विपक्ष ने मनाया काल दिवस, प्रधानमंत्री मोदी को दी हिटलर की उपाधि .

उदयपुर . ‘‘जालिम ताना’शाह की देखों कैसी ये मनमर्जी है, कारोबार हु, हैं ठप्प, बर्बादी यहां किसानी है। न जाने किस सख्स ने हिटलर बनने की ठानी है।’’ 8 नवम्बर 2016 . भारत के इतिहास का वह दिन,,,, जिसे युगों – युगों तक भुलाया नहीं जा सकता . इसी दिन प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी ने रात 8 बजते ही अपने उद्बोधन में अचानक पांच सौ और हजार के नोटों का देश में चलन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया था। घोषणा सुनते ही मानो पूर देश में भूचाल सा आगया। बुधवार को नोटबंदी को ,क साल पूरा हो गया। इस दिन को देशभर में कांग्रेस ने काले दिवस के रूप में मनाया। उदयपुर में भी शहर और देहात कांग्रेस के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्री के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हु, नोटबंदी के दिन को देश के इतिहास में काला दिवस माना गया जिला कलेक्ट्री के बाहर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने धरना देने के साथ लोगों से आह्वान किया कि केंद्र सरकार नोटबंदी के बाद भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन , साल में जिस तरह से हालात सामने आ, हैं, उससे साफ तौर पर नोटबंदी का असर देखा जा सकता है कांग्रेसी नेताओं ने मोदी सरकार को नोटबंदी को लेकर जमकर हमला बोला कांग्रेसी नेताओं की मानें तो नोटबंदी के बाद प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से देश में बदलाव होने की बात कही थी और जीडीपी रेट में तेजी आने के संकेत दि, थे लेकिन एसा कुछ नहीं हुआ और नोटबंदी के बाद ना तो काला धन सामने आ पाया और ना ही नोटबंदी से कोई लाभ मिल पाया।

धरती के भगवान बने हैवान, दर्द से कराह रहा है राजस्थान, न सरकार पिघली, न चिकित्सक

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उदयपुर . सेवारत चिकित्सक संघ के समर्थन में बुधवार को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर्स ने कार्य बहिष्कार किया। उदयपुर में सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स ने 2 घंटे तक कार्य बहिष्कार करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि जल्दी डॉक्टरों की समस्याओं के निस्तारण के लिए उचित कदम उठाएं। रेजिडेंट डॉक्टर्स ने आउटडोर के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आह्वान किया कि सेवारत चिकित्सक संघ जिन मांगों को लेकर हड़ताल कर रहा है वह कोई नई नहीं है यह मांगे लंबे समय से चली आ रही है लेकिन सरकार के नकारात्मक रवैये के चलते किसी तरह की सुनवाई नई हो रही है इसलिए अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पढ़ सकता है लेकिन डॉक्टर्स कतई नहीं चाहते कि उन की हड़ताल से मरीजों को परेशानी हो ऐसे में सरकार को डॉक्टर की मांग को ध्यान रखते हुए उचित कदम उठाना चाहिए।

इधर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों के हाल बेहाल है . स्पेशलिस्ट प्रोफ़ेसर की ओर से आज समय पर पहुँचकर डयूटी आवर्स में मरीजों की सुध लेकर कुछ राहत पहुंचाने के प्रयास किए। लेकिन ये व्यवस्था ऊँट के मुँह में जीरा साबित हुई। मरीज मजबूरी में डॉक्टर की आस लगाय बैठे रहे। इधर, ग्रामीण मरीजों का मुख्यालय पर आना जारी रहा। हॉस्पिटल में लापरवाही से मौत के कोई मामला सामने नहीं आया। लेकिन पोस्टमार्टम के लिए मरीजों का कपासन ओर अन्य जगहों से उदयपुर आना जारी रहा। कुल 3 पोस्टमार्टम हुए हैं। इनमें उदयपुर का एक भी नहीं था।
हिरणमगरी सेटेलाइट हॉस्पिटल में मंगलवार को मरीजों की स्थिति खराब दिखाई दी। उन्हें समय पर पहुंचने के बावजूद चिकित्सकों की सुविधा घंटों बाद उपलब्ध हो सकी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति में रोगी दर्द से कराहते दिखे। गरीब तबके के लोगों को मजबूरी में निजी हॉस्पिटल का रूख भी करना पड़ा।

जिला प्रशासन ने निजी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस चिकित्सक उपलब्ध कराने की मांग की गई है, लेकिन अधिकतर निजी चिकित्सक, सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में सेवाएं देने से बचते दिखाई दिए। दूसरी ओर, चिकित्सा प्रशासन ऐसे निजी महाविद्यालयों से सहयोग की अपील कर रहा है, जिनके पास कॉलेज संचालन की एमसीआई से मान्यता ही नहीं हैं। एक कॉलेज को छोडकऱ कोई भी मेडिकल कॉलेज कसौटी के मानदण्डों पर खरा नहीं उतरता।

राजस्थान हिंदी ग्रन्थ अकादमी का पुस्तक पर्व

उदयपुर। राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी का दो दिवसीय पुस्तक पर्व सोमवार को प्रारम्भ हुआ। पर्व के दौरान उदयपुर संभाग के २२ लेखकों को जो हिंदी ग्रन्थ अकादमी से जुड़े हुए है सम्मानित किया जाएगा। पर्व के दौरान छात्राओं के लिए पुतकों पर २५ प्रतिशत की छूट भी राखी गयी है।
सोमवार को मीरा कन्या महाविद्यालय के सभागार में राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी द्वारा आयोजित पुस्तक पर्व का शुभारम्भ हुआ। दो दिन चलने वाले इस पुस्तक पर्व में सभागार में पुतकों की प्रदर्शनी भी लगाईं गयी है। हिंदी पुतकों को आम लोगों के बिच लोकप्रिय बनाने और अकादमी से जुड़े लेखकों को प्रोत्साहित करने के लिए दो दिवसीय उत्सव रखा गया है जिसमे उदयपुर संभाग के कई लेखक जो राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी से जुड़े हुए है वह भाग लेंगे। इन लेखकों में २२ लेखकों को सम्मानित भी किया जाएगा।
अकादमी की निदेशक डाॅ. अनीता नायर ने बताया कि सस्ती दरों पर पुस्तक पुस्तकप्रेमियों तक पहंुचे, यही हमारा उद्देश्य है। इसके लिए अकादमिक परिवार सतत् प्रयत्नशील है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए निदेशक, डाॅ. अनीता नायर ने अकादमी की विशिष्ट उपलब्धियों एवं कार्यों के बारे में बताया और कहा कि प्रबन्धन जैसे विषय में कार्यशाला आयोजित करके इस विषय में हिन्दी माध्यम से पुस्तकों के प्रकाशन का महत्त्वपूर्ण कार्य अकादमी द्वारा किया गया। लगभग सन् 2000 के पश्चात् पुनः लेखकों के लेखन को अभिप्रेरित करने एवं उनके उत्साहवर्धन हेतु संभाग स्तर के प्रबुद्ध लेखकों के सम्मान करने की दिशा में उदयपुर संभाग से प्रथम चरण का आयोजन किया जा रहा है।
इससे पूर्व पुस्तक पर्व के उदघाटन सत्र के दौरान मुख्य अतिथि डाॅ. चक्र कीर्ति सामवेदी, सदस्य, बालकल्याण समिति ने कहा कि ने बताया कि विश्व का प्राचीनतम ग्रन्थ ऋग्वेद है और संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। भाषा ज्ञान एवं भाषा उद्गम के बारे में जानकारी देते हुए अधिक ज्ञानार्जन हेतु विद्यार्थियों को पुस्तकों का लाभ लेने की प्रेरणा दी। मीरा कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. मथारू ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पुस्तक-पर्व के आयोजन हेतु राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी को बधाई दी। पुस्तक खरीद में अकादमी द्वारा दी गई छूट की सराहना के साथ ही छात्राओं को पुस्तकों का महत्त्व बताते हुए पुस्तक खरीदने हेतु प्रेरित किया।
मंगलवार को पुस्तक उत्सव में तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री एवं अध्यक्ष राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी भी भाग लेंगे इस दौरान संभाग के समस्त प्रबुद्ध लेखकों एवं पुस्तक भी सम्मिलित होंगे।