यादगार बन गया लेन्टर्न फेस्टिवल 2017 – गवाह बने संगीत पर झूमते हज़ारों युवा

उदयपुर। उदयपुर ब्लॉग द्वारा रविवार को रंगारंग लेंटर्न फेस्टिवल आयोजित किया गया जिसमे हज़ारों युवाओं ने भाग किया। शोर्य गढ़ में आयोजित लेन्टर्न फेस्टिवल में पापोन के सूफियाना क्लासिकल गीतों पर खूब झूमे युवा। स्वराग बेंड और डीजे काविश ने भी फेस्टिवल की रंगीनियों में चार चाँद लगा दिए।
उदयपुर ब्लॉग पिछले पांच सालों से लेन्टर्न फेस्टिवल के जरिये दीपावली के पहले दीवाली की खुशियाँ बिखेरने का कार्य बखूबी कर रहा है। इस बार हज़ारों युवाओं को पापोन के संगीत पर झुमाने का जिम्मा उठाया था जिसको सफलता पूर्वक पूरा किया। शोर्य गढ़ में रविवार को लेन्टर्न फेस्टिवल की शाम ख़ास रंगीनियाँ लेकर आई। शाम चार बजे से ही शहर के युवाओं का आने का सिलसिला शुरू हो गया। फेस्टिवल में कई तरह के गेम्स और सेल्फी के लिए विशेष आयोजन किये गए और छोटे मोटे गिफ्ट दे कर माहोल को पूरी तरह मस्ती भरा बनाए रखा। कही मंगनियार के स्वरों की आवाज़ तो कही लोक कलाकारों के साथ झूमते युवाओं ने फेस्टिवल का पूरा आनंद उठाया। सेल्फी के लिए कई तरह की सुविधाएँ की हुई थी जहाँ लड़कियों ने विभिन्न तरह के पाऊट बना कर सेल्फी का मजा लिया।
शाम ७ बजे स्टेज पर जयपुर के स्वराग बेंड ने जैसे ही राजस्थान का पारंपरिक गीत केसरिया बालम गीत से शाम की शुरुआत की तो माहोल में एक अलग ही रंग बिखर गया। स्वराग बेंड के क्लासिकल लोक गीतों पर जम कर युवा झूमे। “मेरे रश्के कमर तूने पहली नज़र जब नज़र से मिलाई मज़ा अगया” गाने पर युवाओं ने दिल खोल कर बेंड का साथ दिया।
फेस्टिवल के भव्य स्टेज पर रात ठीक आठ बजे पापोन ” खुद से दिल डर गया है” गीत के साथ आगमन किया तो युवाओं और फेस्टिवल में आये लोगों ने दिल खोल कर स्वागत किया। उसके बाद आसाम का लोक गीत ” बजरंगी भाई जान का “तू जो मिला” और सुलतान का सूफियाना गीत “बुल्लेया” पर युवाओं का जोश चरम पर पहुच गया। एक एक कर पापोन ने करीब 15 गीत लगातार गाये। अपनी जगह पर खड़े युवा मोबाइल से कभी सेल्फी लेते तो कभी रिकोर्डिंग करते हुए झूमते रहे। शोर्य गढ़ का गार्डन हज़ारों युवाओं के एक साथ झुमने और मस्ती का गवाह बना।

उदयपुर ब्लॉग के डायरेक्टर संजीत चौहान और उनकी टीम ने फेस्टिवल को बेहतरीन तरीके से संयोजित किया। एक ही जगह हज़ारों युवाओं का मनोरंजन और कार्यक्रम को पूरी सफलता के साथ पूरा करने में पुलिस प्रशासन भी उनका सहयोगी बना रहा। फेस्टिवल में तैनात पुलिस कर्मी, सिक्युरिटी और संजीत चौहान एवं उनकी टीम के कसे हुए मेनेजमेंट के चलते कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के यादगार बन गया।

 

भाजपा नेता मकान सीज होने बाद कही पड़ोस की छत से तो नहीं हो गए दाख़िल और बनाना चाहते है दबाव ?

उदयपुर . भाजपा के शहर जिला महामंत्री के तीन करोड़ 51 लाख रूपये का लों नहीं चुकाने और फाइनेंस कंपनी केपिटल फर्स्ट को बार बार झांसा देने के बाद कोर्ट के आदेश से आज उनका आलिशान मकान सीज हो गया. बीम डब्ल्यू कार में घुमने वाले और आलिशान महल नुमा मकान में रहने वाले भाजपा नेता मोतीलाल डांगी क्या अब अपनी पार्टी और राजनैतिक पहुच से दबाव बना कर सीज की कारवाई को फेल करना चाहते है ?
सूत्रों की माने तो शायद भाजपा नेता फाइनेंस कंपनी के सीज की कारवाई को फेल करने के लिए पार्टी स्तर पर दबाव बना कर ताला खुलवाना चाहते है। इसीलिए जब केपिटल फर्स्ट फाइनेंस कंपनी के अधिकारी सीज करने के लिए घर गए और उन्होंने उनके घर के हर एक कोने की रिकोर्डिंग की तब वह घर पर मोजूद नहीं थे। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने मुख्य बड़े द्वार के पास लगे छोटे द्वार का ताला पुलिस की मोजुदगी में तोडा बाद में पोर्च के अन्दर का साइड द्वार का ताला भी पुलिस की मोजुदगी में तोडा उसके बाद घर में प्रवेश कर दो मंजिला महल नुमा मकान के एक एक कोने का वीडियो बनाते हुए सीज की कारवाई की, और इस कारवाई में कंपनी वालों को करीब ढाई घंटे लगे। इस दौरान ना तो मोतीलाल डांगी ने ना ही बाहर खड़े भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट ने कंपनी वालों को कहा कि अन्दर मोतीलाल व् उनका परिवार मोजूद है। कारवाई के दो घंटे के बाद मोतीलाल और उनके बेटे अपने मकान की छत पर आये और बताया की वह घर में मोजूद है। देर रात तक भाजपा के पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मोके पर मोजूद रहे लेकिन कोर्ट के आदेशों की कारवाई के बाद अन्दर कोई जाने की हिम्मत नहीं कर सका। एडीएम छोगा राम देवासी ने भी साफ़ तौर पर कह दिया कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते वह सिर्फ रेस्क्यू कर मोतीलाल डांगी को छत से बाहर निकाल सकते है।
सूत्रों की माने तो मोतीलाल कारवाई के बाद पड़ोस की छत से अपने घर आ बैठे है । और अब वह बहार नहीं आना चाहते, जानकार बताते है कि शायद कल कोर्ट में मोतीलाल अपने घर के अन्दर होने का कब्ज़ा बताएगें, इधर जबरदस्ती रेस्क्यू कर उन्हें बाहर लाने पर भी आत्महत्या की धमकी दी है । बाहर खड़े भाजपा नेता हंगामा कर दबाव बनाना चाहते है कि किसी तरह सीज किया हुआ ताला खुल जाए लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद सीज किये हुए मकान का ताला खोलना इतना आसान नहीं है। कंपनी वालों ने घर की विद्युत लाइन भी काट दी है। जानकारों की माने तो अब मोतीलाल के पास घर के बाहर आने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।  इसके बाद या तो वह फाइनेंस कंपनी का बकाया चुकाए या फिर कंपनी उनके मकान को नीलाम कर अपनी वसूली करेगी।
सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता की कार बीम डब्ल्यू भी लोन पर ली हुई है और वह भी किश्तें नहीं चुकाने के एवेज में सीज की जा सकती है, हालाँकि इस जानकारी की पुष्ठी उदयपुर पोस्ट नहीं करता।
खबर लिखे जाने तक यह जानकारी आई की भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता मोतीलाल डांगी के घर के बाहर से हट गए थे और पुलिस प्रशासन को उन के स्तर पर कारवाई करने के लिए कह दिया था .

करोड़ों का कर्जा नहीं चुकाने पर भाजपा नेता का मकान हुआ सीज – कोर्ट ने दिए थे आदेश

उदयपुर। करोड़ों का क़र्ज़ नहीं देने पर लग्ज़री लाइफ जीने वाले भाजपा के कद्दावर नेता का बेशकीमती मकान फाइनेंस कंपनी ने कोर्ट के आदेश के अनुसार आज सीज कर दिया गया। सीज करने के दौरान घर में कोई मोजूद नहीं था लेकिन बाद में नेता ने छत पर आकर बताया कि उसका परिवार घर में है और सीज करदिया गया। इधर देर रात तक शहर के भाजपा नेता पुलिस और प्रशासन के पदाधिकारी घर के बाहर मोजूद रहे। कर्ज़दार भाजपा नेता घर से बाहर आने को तय्यार नहीं और पुलिस प्रशासन कोर्ट द्वारा की गयी सीज की कारवाई के बाद ताले नहीं तोड़ सकता वह सिर्फ रेस्क्यू कर भाजपा नेता को बाहर निकाल सकते है।
आज सुबह दस बजे केपिटल फर्स्ट फाइनेंस कंपनी के स्थानीय व् दिल्ली से आये अधिकारियों ने भाजपा के महामंत्री मोती लाल ढांगी पर ३ करोड़ ५१ लाख का लोन नहीं चुकाने के बदले गिरवी रखा दुर्गा नर्सरी रोड स्थित आलिशान मकान को सीज कर दिया। सीज करने के पहले फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने मोतीलाल डांगी से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा की वह परिवार सही घर के बाहर है, यह वार्ता कंपनी वालों ने रिकोर्डिंग करली। बाद में पुलिस जाब्ते के साथ आये फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने एक एक रूम बाथरूम आदि की वीडियों रिकोर्डिंग करते गए और दरवाजे बंद करते गए। आखिर में मुख्य द्वार पर अन्दर और बाहर सील लगा कर कोर्ट का नोटिस चस्पा कर दिया। ढाई घंटे चली सीज की कारवाई के दौरान पुलिस सही कंपनी के अधिकारी मोजूद थे। सीज करते वक़्त घर में कोई मोजूद नहीं था बाहर से ताले लगे हुए थे। सीज की कारवाई के दौरान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट भी मोजूद थे। सीजिंग के दौरान घर के अन्दर कोई नहीं था लेकिन करीब ३ बजे बाद मोतीलाल डांगी अपने बेटे के साथ छत पर आये और निचे खड़े पार्टी के पदाधिकारियों को बताया कि वह परिवार के साथ घर में ही मोजूद थे लेकिन फाइनेंस कंपनी वालों ने हमे अन्दर बंद कर मकान सीज कर दिया। इधर कंपनी के अधिकारी अमित टांक ने बताया कि हमने घर की वीडियो रिकोर्डिंग की है घर के अन्दर कोई नहीं था। अमित टांक ने बताया कि मोतीलाल डांगी ने कंपनी से ३ करोड़ ५१ लाख रूपये का बकाया पिछले साल भर से ज्यादा समय हो गया है लेकिन जमा नहीं करवाया है। कई बार कंपनी वालों ने उन्हें बुलाया व् लोन जमा करवाने के नोटिस भी दिए इसके बावजूद भी लोन जमा नहीं करवाया गया कंपनी ने लोन मकान केकागज़ गिरवी रख दिया था । कंपनी ने विधिवत कोर्ट की कारवाई के अनुसार मकान को सीज किया है।
मकान सीज होने के बाद भी घटना क्रम रुका नहीं और रात ९ बजे तक भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश भट, जिनेन्द्र शाश्त्री, गजपाल सिंह, मनोहर चोधरी, गाजेंद्र भंडारी, प्रेम सिंह शक्तावत, सहित कई भाजपा के पदाधिकारी मोजूद थे। इधर पुलिस अधिकारी भगवत सिंह हिंगड़, हिरणमगरी थाना अधिकारी डॉ हनवंत सिंह सहित पुलिस जाब्ता मोजूद था। प्रशासनिक अधिकारियों में एडीएम छोगाराम देवासी भी मोके पर आये लेकिन सीज किये हुए मकान का ताला कोई नहीं तोड़ सका। एडीएम छोगा राम देवासी ने कहा कि सीज किया हुआ मकान हम नहीं खोल सकते यह कोर्ट के आदेश है। ज्यादा से ज्यादा अगर अन्दर के व्यक्ति बाहर निकालने को कहें तो रेस्क्यू कर के बाहर निकाला जा सकता है।
एडीएम ने भाजपा नेताओं को भी यही कहा कि वह मोती लाल जी से कहे तो हम उन्हें बाहर निकाल सकते है। रात ९ बजे तक कोई सहमती नहीं बन पायी थी।  फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने भी सीज को खोलने में असमर्थता जताई।

Harmone imbalance in males and Homoeopathy – Dr. kajal Verma

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Hormone imbalance (mainly testosterone) in males results in major complaints of erectile dysfunction, infertility, low sex drive, breast development (gynaecomastia), depression, loss of muscle strength, decreased bone density, falling of hair and lowered energy levels
Testosterone

Testosterone is a steroid hormone from the androgen group and is found in both men and women. testosterone is primarily secreted in the testes of males and the ovaries of females, and small amounts are also secreted by the adrenal glands. It’s normal for the body to slow production of testosterone (hypogonadism) between the ages of 30-40

डॉ. काजल वर्मा
Testosterone is the principal male sex hormone and an anabolic steroid. In men, testosterone plays a key role in the development of male reproductive tissues such as sex organs, muscle growth and the prostate. Testosterone is also responsible for sex drive and energy levels as well as promoting secondary sexual characteristics such as facial hair and deepening of the voice.
Females are more sensitive to the testosterone hormone which supports female sexual desire and the maintenance of healthy bones and muscles. On average, an adult male produces about ten times more testosterone than an adult female. While testosterone is essential for good health and well-being, the role of Testosterone in both men and women’s bodies goes beyond sex drive and muscles.
Common symptoms of low testosterone in men include:
-Infertility
-Decreased sex drive
-Fatigue
-Inability to focus
-Decreased muscle mass
-Depression
-Erectile dysfunction
-Weak bones
-Decreased physical strength
-Lower endurance
Testosterone is the same hormone that causes both acne and beard growth, it can also cause the beginning stages of baldness and hair loss. In the presence of androgens, testosterone, and its related hormone DHT, can cause some hair follicles to regress and die. The adrenal glands located above each of our kidneys produce Testosterone, as well as the female ovaries and male testis. Natural supplement replacement with Testosterone can reduce the beginning stages of hair loss and amplify hair follicle strength.
Causes of Low Testosterone
-Hypogonadism, in which underactive testes do not manufacture enough testosterone (low testosterone is also called low-T, or hypogonadism)
-Chronic kidney or liver disease
-Autoimmune diseases
-Chronic obstructive lung disease
-Metabolic disorders like obesity or type 2 diabetes
-Mumps, HIV/AIDS
-Heart failure
-Cancers such as testicular cancer, or a prolactin-secreting tumor (prolactinoma) in the pituitary gland.
Other Causes of Hormone Imbalances in Men
-Diet: A diet high in refined carbohydrates can increase insulin resistance and lead to sex hormone problems.
-Stress and adrenal fatigue: Adrenal fatigue is thought to upregulate aromatase, which leads to high estrogen and low testosterone.
-Environmental chemicals: Personal care products, plastics, and other environmental chemicals contain chemicals called xenoestrogens, which are known to cause hormone imbalances.
-Too much exercise: Excessive amounts of endurance and cardio exercise can lead to high estrogen and low testosterone. High-intensity interval and strength training are better options to avoid hormone imbalances in men.
-Excessive alcohol: Drinking too much alcohol can lower testosterone level.
Advantage of Homeopathic Treatment
Homeopathic mode of treatment offers help in many hormone related health conditions including low testosterone. Homeopathic medicines are safe and work on the root cause of the condition to improve testosterone levels in males. The treatment option available in the conventional mode of medicine is hormone replacement. These are temporary measures and carry a host of side effects. Homeopathy uses natural medicines to treat low testosterone levels and therefore, does not have any toxic side-effects.  Medicine s like agnus cast ,avena sativa ,lyco ,sabal conium ,testes etc are very helpful.
Homoeopathic medicines help by stimulating the testes to produce sufficient testosterone hormone needed to carry out normal functions rather than temporarily supplementing testosterone from an external source.

राजस्थान पुलिस के समर्थन में आई बांसवाड़ा युवा कांग्रेस ।

पोस्ट न्यूज़ बांसवाडा . वेतन विसंगतियों को लेकर प्रदेश भर के पुलिस कर्मी मेष का बहिष्कार कर विरोध जता रहे है . शुक्रवार को बांसवाडा के युवा कांग्रेसी भी वेतन की विसंगतियों से झूझ रहे पुलिस कर्मियों के समर्थन में उतर आये . बांसवाडा जिले युवा कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने पुलिस कर्मियों की मांगों को माने जाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सोंपा .
देश में पुलिस विभाग में कार्यरत हैडकांस्टेबल व कांस्टेबलों के वेतन में कटौती तथा जुलाई से रोकी गई वेतन वृद्धि समेत समेत कुछ मांगो को लेकर जिले भर के पुलिस थानों में कार्यरत हैडकांस्टेबल व कांस्टेबलों ने विगत कुछ दिनों से मैस का बहिष्कार किया तथा विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध कर डय़ूटी पर रहे। पुलिस कर्मचारियों के समर्थन में युवा कांग्रेस ने अध्यक्ष नटवर तेली के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। नटवर तेली ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा महंगाई व काम को देखते हुए राजस्थान पुलिस कांस्टेबल के वेतन में वृद्धिं की थी ज़िसको वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा कटौती करने की तैयारी की जा रही है. जिसके विरोध में राजस्थान पुलिस कांस्टेबल के द्वारा विगत कुछ दिनों से हाथों पर काली पट्टी बंद कर, मेस का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किये जा रहे है. लेकिन वर्तमान सरकार के कानों पर जू तक नहीं रेंगी है तथा सरकार ने इस और अपना ध्यान नहीं दिया जिस पर कुछ कांस्टेबलों द्वारा मुंडन भी करा कर विरोध किया गया लेकिन इसके बावजूद वर्तमान सरकार द्वारा राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की पीड़ा को नहीं सुना जा रहा है .  जिससे प्रदेश में अशांति का माहौल फैला हुआ है । ज्ञापन में कहा  की यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ और उनकी सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक रुख अपनाया जाएगा।
ज़िला प्रवक्ता एडवोकेट इमरान खान पठान ने कहा कि प्रदेश सरकार कुम्भकर्ण की नींद में सोई हुईं है । प्रदेश का हर वर्ग चाहे किसान हो ,मजदुर हो, कर्मचारी हो ,व्यापारी  वर्ग या आम जनता इस समय सभी परेशान हे जिनकी पीड़ा को समझते हुए पुलिस कांस्टेबल ,अध्यापक, टीएसपी वर्ग के अभ्यर्थियों के समर्थन में बांसवाड़ा युवा कांग्रेस कमेटी द्वारा यह ज्ञापन दिया जाकर  मांग की गयी है कि  सारे वर्ग की समस्याओं को सरकार द्वारा तुरंत निराकरण किया जावे तथा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत द्वारा किये गयी पुलिस वेतन वृद्धि को यथावत रखा जावे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के गलत प्रबंधन के कारण सरकार का खजाना खाली हो चुका है। राजस्थान के इतिहास में पहली बार राज्य कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धियों को रोकने के आदेश जारी हुए है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे इस तुगलकी आदेश को वापस लें अन्यथा युवा कांग्रेस इस दमनकारी निर्णय के खिलाफ आंदोलन करेगी।
इस दौरान यह रहे उपस्थित :-
 ज़िला प्रवक्ता एडवोकेट इमरान खान पठान,हरीश पंचाल,मनोहर खड़िया, बुरहान रतलामी, पार्षद श्रीमती देवबाला राठौड़,  अरविंद डामोर,कुलदीप पंड्या,तौसीफ नायक, एडवोकेट जिम्मी सवोत,तपन मेघावत, एडवोकेट अब्दुल वसीम,आसिफ मुस्तफा खान,मनोज डामोर,राकेश रावत,कोदरलाल बुनकर, एडवोकेट नारायणलाल, सुरेश यादव, आसिफ खान, वरिष्ठ कांग्रेसी गुलाम मोहम्मद खोखर,आईटी सेल से जितेंद्र परिहार,उर्विष पाठक,शोभितपाल सिंह, बलवंत वसीटा,शांतिलाल डामोर सहित कई युवा कांग्रेसी कार्यकर्तागण उपस्थित रहें ।

उदयपुर ब्लॉग के लेंटर्न फेस्टिवल (ULF-17) के प्रति उदयपुर के युवाओं की दीवानगी चरम पर – फेस्टिवल 15 को .

संगीत का जादू बिखेरेगें मशहूर सिंगर पापोन

उदयपुर। उदयपुर वासियों के दिल के करीब रोशनी और रंगारंग से भरपूर उदयपुर ब्लॉग द्वारा आयोजित लेन्टर्न फेस्टिवल रविवार 15 अक्तूबर को शिल्प ग्राम के पास शोर्य गढ़ में होने जा रहा है। फेस्टिवल की रंगीनियों में सुरों का जादू बिखेरने के लिए इस बार बोलीवूड के मशहूर गायक पापोन अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे। फेस्टिवल को लेकर युवाओं की दीवानगी का आलम अपने चरम पर है।
उदयपुर ब्लॉग हर वर्ष की तरह इस बार भी लेन्टर्न फेस्टिवल (ULF-17) रविवार को आयोजित होने जा रहा है। लेन्टर्न की रंग बिरंगी रोशनी के बिच इस बार सुरों की गंगा भी बहेगी। बोलीवूड के मशहूर गायक “मोह मोह के धागे” जैसे गानों के फेम पोपान को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। उदयपुर ब्लॉग के संस्थापक डायरेक्टर युवा संजीत चौहान ने बताया कि लेन्टर्न पिछले पांच सालों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। संजीत ने बताया कि इससे होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक कल्याण और ज़रूरतमंदों के बीच समर्पित किया जाता है। इस बार भी इससे होने वाली आय को जरूरत मंदों में ही दान की जायेगी।

पांच साल पहले 300 लोगों के बिच फतहसागर की पाल से उदयपुर ब्लॉग के संजीत और उसके साथ जुड़े कुछ जोशीले युवाओं द्वारा शुरू किया लेन्टर्न फेस्टिवल अब उदयपुर की पहचान बनता जा रहा है। यह फेस्टिवल सिर्फ उदयपुर ही नहीं पुरे प्रदेश में ख्याति पा चुका है जयपुर जोधपुर, कोटा अजमेर बांसवाडा डूंगरपुर के युवा इसमें भाग लेने के लिए आते है . युवाओं को हर वर्ष इस फेस्टिवल का इंतज़ार रहता है।
इस बार रोशनी का यह रंगारंग फेस्टिवल शिल्पग्राम के पास स्थित शोर्य गढ़ में रविवार को शाम 4 से 10 बजे तक के बिच आयोजित होगा। इस बार करीब 6000 लोग इसको देखने पहुचेगें। फेस्टिवल को लेकर उदयपुर ब्लॉग की टीम तय्यारियाँ जोरों पर कर रही है।
रविवार फेस्टिवल की शुरुआत जयपुर के बैंड ष्स्वरागष् की फोक.रॉक और सूफ़ी संगीत के साथ होगी। अंतिम प्रस्तुति के रूप में शहर के कलाकार डीजे कविश भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इन सबके आलावा शाम के चार बजे से ही वहाँ आपको ढेर सारी मस्ती.डांस और म्यूजिक देखने को मिलेगाए इनके साथ आप खाने का मज़ा भी ले पाएँगेए अलग.अलग तरह के कई खाने की स्टाल्स वहाँ आपको सभी तरह के ज़ायके उपलब्ध करवाएगी। कई तरह के गेम्सए क्विज और सेल्फी कार्नर आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे। कई सरप्राइसेज़ भी आपका इंतज़ार करेंगे।

लेन्टर्न फेस्टिवल में प्रवेश करने के लिए अधिकतर पास युवा हाथो हाथ ले चुके है। सशुल्क प्रवेश की मांग लगातार बढती जा रही है। इवेंट के पासेज़ और फेस्टिवल से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इस नंबर 7665555028 पर कॉल कर सकते है।

महारानी साहिबा के फरमान से कवी कुमार विश्वास को केंसल किया तो देश भर के कवियों ने कवी सम्मलेन का ही बहिष्कार कर दिया – डूंगरपुर कवी सम्मलेन

न्यूज़ पोस्ट उदयपुर। डूंगरपुर के लाखों लोगों को जिस कवी समेलन का महीने भर से इंतज़ार था वह मुख्यमंत्री राणी साहिबा के फरमान के बाद मायूसी में बदल गया। कवी सम्मलेन की आयोजक डूंगरपुर की नगर परिषद् ने अपने दीपावली मेले के दौरान होने वाले कवि सम्मेलन में जयपुर सीम हाउस से जारी हुए तुगलकी फरमान के बाद कवी कुमार विशवास को आने के लिए मना कर दिया तो, विरोध में बाकी कवियों ने कवी सम्मलेन का ही बहिष्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार डूंगरपुर में गुरुवार को दीपावली मेले में कवि सम्मेलन होना था जिसमे कुमार विशवास और उदयपुर के आजात शत्रु सहित देश के बड़े बड़े कवी भाग लेने वाले थे। दो दिन पहले ही जयपुर आलाकमान के आदेश पर नगर परिषद् डूंगरपुर को आदेश दिए गए कि डूंगरपुर में होने वाले कवी सम्मलेन में कवी डॉ कुमार विश्वास नहीं आने चाहिए। नगर परिषद् ने कवी सम्मलेन के संयोजक उदयपुर के कवी अजात शत्रु से कहा कि कुमार को केंसल कर दुसरे कवी को आमंत्रित करदो। जब यह बात कवी आजात शत्रु ने बाकी कवियों को कही तो कवी सम्मलेन में आने वाले सभी कवियों ने इसका भारी विरोध जताते हुए कवी सम्मलेन का ही बहिष्कार कर दिया। इधर डूंगरपुर के मेला प्रांगन में गुरुवार को रात ९ बजे तक हज़ारों की तादाद में जमा हुई पब्लिक कुमार विशवास का इंतज़ार करती रही लेकिन वहां कोई नहीं पहुचा। नगर परिषद् के सभापति के के गुप्ता ने आखिर 10 बजे सभी श्रोताओं से माफ़ी मांगी और कहा कि कवियों की फ्लाईट केंसल हो जाने की वजह से कवी नहीं पहुचे।
इधर महारानी साहिबा के इस फरमान का देश भर के कवियों और बुद्धि जीवियों ने जम कर आलोचना की। डॉ कुमार विशवास ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव आकर सभी डूंगरपुर वासियों से माफ़ी मांगी और ना आने की वजह भी बताई। गौरतलब है कि कुमार विशवास आम आदमी पार्टी के नेता है लेकिन वे एक कवी भी है। कवी के रूप में देश भर में उनको करोड़ों सुनने वाले और उनके फेन है। कुमार विशवास कवी के मंच से कभी पार्टी की बात नहीं करते वह सीधे तौर पर अपनी शैली की कविताओं का पाठ ही करते है। अपने फेसबुक लाइव में भी कुमार विशवास ने यह साफ़ किया कि वह चाहे पार्टी से जेड़े हुए है लेकिन कविता के मंच से वे कभी पार्टी की बात नहीं करते ना ही कभी करेगें। वे एक कवी है और मेरी कविता किसी भी पार्टी के नेता की चापलूसी में नहीं बिकेगी।
संयोजक कवी आजात शत्रु का कहना भी कि जिस कवी सम्मलेन का महीने भर पहले से सारा प्रोग्राम तय था उसको दो दिन पहले रद्द करना वह भी राजनैतिक पार्टी के लाभ और हानि को देखते हुए जो बिलकुल गलत है। एक तरह से यह साहित्य और कविता का अपमान है। लाखो लोगों की जनता की भावना का अपमान है।
जानकारी के अनुसार डूंगरपुर में होने वाले कवी सम्मलेन की तारीख महीने भर पहले से तय थी। कुमार विशवास की डेट भी पहले ही तय कर राखी थी। डूंगर पुर नगर परिषद् के जिम्मेदारों को भी जब पता था कि डॉ कुमार विशवास आम आदमी पार्टी के नेता है तो उन्हें पहले ही नहीं बुलाया जाता तो कम ए कम साहित्य और कविता का अपमान तो नहीं होता।

 

 

गुलाबचंद कटारिया ले रहे है राजनीति से संन्यास ? वायरल सच या साजिश

उदयपुर। मेवाड़ भाजपा के कद्दावर नेता, गृहमंत्री और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने राजनीतिक जीवन से संन्यास लेेने की घोषणा की है। वे 74 वर्ष के हो चुके है और स्वास्थ्य की दृश्टि से खुद को कमजोर महसूस कर रहे हैं इसलिए वह अब चाहते है कि उनकी इस स्थाई सीट पर किसी नए चेहरे को मौका मिले और वह अपना बाकी जीवन संघ में लगाना चाहते है। आज सुबह से यह घोषणा पत्र सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है। शहर भर में इस घोषणा पत्र को लेकर पार्टी के नेता अचंभित है। हालाँकि पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि यह घोषणा पत्र किसी की शरारत है।
शहर ही नहीं पूरे प्रदेश में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को जानने वाले किसी भी इंसान ने जैसे ही यह घोशणा पत्र सोशल मिडिया पर पडा, हैरान और अचम्भित  हो गया। सूत्रों के अनुसार यह काम कटारिया के विरोधियों का है। विरोधियों द्वारा यह शरारत उदयपुर से नहीं और जयपुर से की है। दिन भर यह मैसेज आगे से आगे बढ़ता गया और जयपुर से चलकर भाईसाहब के गढ़ उदयपुर तक आ गया। शहर में कई लोग इसे है जिन्होंने बताया की अधिकतर ग्रुप में जयपुर से जुड़े हुए लोगों ने यह मेसेज डाला। दिन भर शहर में इस मेसेज के बारे में ही चर्चा होती रही।  कटारिया समर्थकों का कहना है कि यह भाईसाब के लिए साजिश रची गयी है। इस मामले में पार्टी के प्रवक्ता चंचल अग्रवाल ने भी कहा कि यह फर्जी मेसेज है और किसी की शरारत है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को मेवाड़ के लाड़ले और जन – जन के लोकप्रिय गुलाब चंद कटारिया जीवन के 74 वर्ष पूर्णकर 75 वे वर्श में प्रवेष करने जा रहे है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहर में कई आयोजन भी होंगे। ऐसे में शुक्रवार को भाई साहब इस बात का भी पर्दाफाष कर देंगे की यह शड़यंत्र है या सत्य । सोषल मिडिया पर वायरल हुए उस घोशणा पत्र में अक्षरषह क्या लिखा हुआ था।  ’कटारिया के राजनीतिक सन्यास की घोषणा’  जयपुर – भाजपा प्रदेश की हुई बैठक के बाद राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने जयपुर में कहा जी अब में 74वंे वर्ष पूर्ण करने वाला हुं और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी कमजोर महसूस कर रहा हंु अब में चाहता हु की नए लोगो को मौका मिले । उनसे जब अगले विधानसभा चुनाव के बारे में पूछा तो कहा कि अगली बार भी प्रदेश में भाजपा ही सरकार बनाएगी और रहा सवाल खुद के चुनाव लड़ने का तो में इस बार चुनाव नही लड़ूंगा और राजनीति से पूर्ण सन्यास लेकर संघ को अपना पूर्ण समय दूंगा।

शहर के बीचोबीच चोरों का आतंक, नहीं उड़ी खाकी की नींद, भट्टियानी चैहट्टा से दस लाख के जैवर और डेढ लाख की नगदी की साफ

उदयपुर। उदयपुर शहर में इन दिनों चोरों का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है । खाकी डाल – डाल है तो चोर पात-पात और घण्टाघर थाने की तो बात ही कुछ और मंदिर के दस्तावेज चुराने वाले दादा पोते का अभी तक सुराख नहीं लगा है, वहीं भट्यिानी चैहट्टा इलाके में मंगलवार रात को एक निर्माणाधीन मकान को चोरों ने ऐसी सेंध मारी कि हाल ही यहां रहने आए मकान मालिक का मन ही यहां से उठ गया है। सूने पडे़ मकान से चोर करीब दस लाख रूपये के जेवर और डेढ लाख रूपये की नगदी चुरा कर ले गये। इस घटना की जानकारी भी पीड़ित को तब मिली जब मकान मालिक अपने परिवार के साथ जयपुर से उदयपुर लौटा। मकान मालिक ने जब सुबह उदयपुर आकर घर के ताले खोलने चाहे तो वह टूटे हुए थे। यह देख घर के सभी लोग बेसुध हो गए और सबसे पहले पुलिस को सूचना दी । कुछ देर बाद खाकी भी मौके पर पंहुच गई और घटना के बारे में जानकारी लेते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज जांच षुरू कर दी है। हालाकि इस घटना से पुलिस की रात्रि गस्त पर कई सवाल खडे हो रहे है क्यो कि भट्यिानी चैहट्टा शहर के बीचों बीच होने और जिस मकान में चोरी हुई उसके आसपास कई मकान होने के बाद भी किसी को पता नही चला ऐसे में लगता है कि पुलिस की रात्रि गस्त केवल नाम मात्र की रह गई है। इस चोरी की घटना के बाद मकान मालिक ने बताया कि मकान का निमार्ण कार्य चलने से यहां पर नगदी घर पर ही रखी थी लेकिन अचानक नीजी काम होने से परिवार के साथ जयपुर जाना पड़ा इसके चलते चोरों ने इस घटना को अंजाम दिया।

दिवाली पर स्मार्ट सिटी को गंदा करने की धमकी, साफ करने वाले ही नहीं चलने देंगे एक भी झाडू

उदयपुर। दीपावली के दिन शहर गन्दा करने की धमकी दी है बेरोज़गार सफाई कर्मियों ने। नगर निगम में अटकी पडी सफाई कर्मियों की भर्ती के विरोध में बुधवार को वाल्मिकी ओर हेला समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्री के बाहर नगर निगम की ओर से अटकाई जा रही भर्ती पर रोष व्यक्त किया। मुख्य मंत्री को दिए ज्ञापन में अगर 7 दिन में इसका निस्तारण नहीं किया गया तो दीपोत्सव के दिन शहर गन्दगी से भर जायेगा।
हो सकता है दीपो के महोत्सव के दौरान स्मार्ट सिटी उदयपुर में गंदगी ही गंदगी रहेगी और जिसनें भी इस शहर को साफ करने का प्रयास किया उसे बुरा खामियाजा भुगतना भी पड़ सकता है। 738 जरूरतमंदों ने जिला कलेक्टर के मार्फत मुख्य मंत्री को आज धमकी दी है कि दिवाली से पहले अगर उन्हें सरकारी नियुक्त नहीं मिली तो वह झाडू रोको आंदोलन करेंगे और किसी को भी सफाई नहीं करने देंगे। बेरोजगार सफाई कामगार संघर्श समिति की ओर से बुधवार को मुख्य मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को भर्ती प्रकिृया पूरी करने को लेकर ज्ञापन दिया गया। जिसमें हवाला दिया गया है कि तत्कालीन राजस्थान सरकार ने 2012 में सफाई कामगारों के नवीन पद सृजित करके 20 हजार सफाईकर्मियों की सीधी भर्ती करने की अनुषंसा की गई थी। इसके तहत उदयपुर नगर निगम में 1054 सफाई कर्मचारियों के पदों की आवष्यतानुसार निकाय ने भर्ती करने के लिए दिशा निर्देष जारी किए गए थे। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा बार – बार नियमों में परिवर्तन और टालमटोल की नीति के चलते समय पर भर्तियां नहीं की जा सकी। 2014 में सिर्फ 97 विधवा और 219 महिलाओं का आरक्षित कोटा पूरा करते हुए नियुक्तियां दी गई और बाकी 738 सफाईकर्मियों को बाद में भर्ती करने का आष्वासन दिया गया। इसके बाद से ही भर्ती प्रकिृया में न्यायालय से रोक का बहाना बनाकर भर्तियां जबरदस्ती अटका रखी है। इतना ही नहीं ज्ञापन में इस बात का हवाला भी दिया गया है कि परम्परागत सफाई विषेश जाति सुदाय के लोग ही करते आए है और वह ही असल में कर सकते है। लेकिन अन्य लोगों को सफाई के पदों पर आसानी से भर्ती मिल जाती है, परंतु बाद में काम करने में असमर्थ रहते हैं। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से विभिन्न विभागों और निकायों में सफाई समुदाय के परम्परागत सदस्यों को ही प्राथमिकता देने के दिषा निर्देष लिखीत में जारी किए गए थे लेकिन सरकार द्वारा उन निर्देषों के अनुरूप न्यायालय में उचित पैरवी नहीं करने के कारण विपरित स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। वाल्मीकि और हेला समाज के युवकों ने जिला कलक्ट्री पर प्रदर्शन करते हुए मांगे नहीं माने जाने पर शहर को गन्दा करने की चेतावनी दी है।