पुलिस कर रही है “वसूली भाई” वाला काम – धमका कर राठोड़ी से उगाही कर रही है .

उदयपुर। लाखों रुपये की वसूली का काम भी अब पुलिस कर रही है। शहर के हिरणमगरी थाना में दस लाख की वसूली पुलिस द्वारा किये जाने का मामला सामने आया है। थाणे के कांस्टेबल से लेकर थाना अधिकारी तक की भूमिका संदिघ्ध होने से आला अधिकारी भी सोच में है। मामले में की शिकायत लेकर पीड़ित पुलिस के आला अफसरों के चक्कर काट रहा है। लेकिन साबुत होने के बावजूद भी उसकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है।
जानकारी के अनुसार 138 के मामले में हिरण मगरी पुलिस के अवैध तरीके से वसूली करने का एक मामला सामने आया है जब इस अवैध वसूली की पूरी कार्रवाई पीड़ित ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर कैद की तो सारे मामले की पोल खुल गई। इस संबंध में पीड़ित हरेन्द्र कुमार जाट ने पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। दरअसल सुरेशचंद्र पुत्र पूरणमल निवासी सुभाष नगर जिला भरतपुर से पीड़ित हरेन्द्रकुमार के बड़े भाई अनिल कुमार से 10 लाख रुपए मांगता है जिसके एवज में अनिल कुमार ने सुरेशचंद्र को चैक भी दिए थे, जो कि रिर्टन हो गए। इस बारे में सुरेशचंद्र ने 9 अगस्त को जरिए वकील 138 एक्ट के तहत एक नोटिस अनिल कुमार से दे दिया। पीडित हरेन्द्रकुमार के अनुसार दिनांक 30 अगस्त को हिरण मगरी थाने से अनिल कुमार के पास फोन आया जिसमें उसको बताया गया कि सुरेशचंद्र कहा है, जिस पर अनिल कुमार ने कहा कि मुझे क्या पता। एएसआई हमेरलाल ने पीडित के भाई अनिल कुमार से कहा कि 10 लाख रुपए देकर उसका मैटर निपटा दो नहीं तो सुरेशचन्द्र से रिपोर्ट लेकर तुम्हे बंद कर देंगे। इस पर पीड़ित हरेन्द्रकुमार और अनिल कुमार ने बताया कि सुरेशचन्द्र ने पहले ही 138 का नोटिस भेज रखा है, तो उसका जवाब भी उसी तरीके से दिया जाएगा। इस पर खाकी के रंगदारों ने जवाब देने की आवश्यकता नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि रुपए लेकर थाने आ जाओ वरना अच्छा नहीं होगा। पीड़ित के अनुसार इसके अगले दिन सुबह 11 बजे रामजीलाल नामक एक पुलिसकर्मी पीडित की सब्जी मंडी स्थित दुकान पर आए और अनिल कुमार के बारे में पूछताछ करके चले गए। थोड़ी देर बाद हिरण मगरी पुलिस का हैड कांस्टेबल भगवानलाल और सिपाही रामजीलाल के साथ एक अन्य सिपाही प्रार्थी की दुकान में जबरन घूस गए और अनिल कुमार को बुलाने की जिद की । इतना ही नहीं 10 लाख रुपए सुरेशचन्द्र को देने के लिए धमकाया। पीडित के अनुसार उसने कारण पूछने पर इन वर्दीधारियों ने कहा कि तुम्हारे भाई के खिलाफ मामला दर्ज है, जब उसने षिकायत की काॅपी चाही तो भगवानलाल पीडित को धमकाने लगा और बोला कि इसको लिखित में चाहिए इसको उठाकर गाड़ी में डालो थाने में दिखाएंगे इसको शिकायत। हंगामा बढ़ता देखकर उगाई करने आये पुलिस कर्मी वहां से चले गए और शाम तक थाने में 10 लाख रुपए लेकर आने को कहा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद 3 अक्टूबर की रात 9 बजे एएसआई हमेरलाल व उसके साथी पीडित के सेक्टर 14 स्थित घर गए और उसके छोटे भाई गजेन्द्र कुमार को उठाकर हिरण मगरी पुलिस स्टेशन ले गए और मारपीट की जिससे उसका कान के पर्दे में भी चोट आई । थाने में गजेन्द्र कुमार को धमकाया कि सुरेशचन्द्र के दस लाख रुपए नहीं देने और भगवानलाल के खिलाफ शिकायत नहीं ली तो तूझे झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज देंगे। इसके बाद पीड़ित के भाई गजेन्द्रकुमार को 151 में बंद कर अगले दिन एसडीएम के सामने प्रस्तुत किया जहां से उसकी रिहाई हुई। पीडित के अनुसार उक्त पूरे घटनाक्रम की शिकायत पीड़ित अभी तक पुलिस महानिदेशक जयपुर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजिलेंश, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध और पुलिस अधीक्षक उदयपुर को भी कर चूका है। इस संबंध में जब पुलिस के जिम्मेदारों से बात की तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर की और एक दुसरे पर आरोप मढ़ते रहे।

हिन्दुस्तान ज़िंक सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम अवार्ड से सम्मानित

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक को कन्फेडरेशन आॅफ इण्डियन इडिस्ट्री -इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल (सीआईआई-आईजीबीसी) ने ’प्लेटीनम अवार्ड 2017’ से ग्रीन बिल्डिंग कांगे्रस द्वारा जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में 5 अक्टूबर, को सम्मानित किया। सीआईआई-आईजीबीसी द्वारा स्थापित प्रतिष्ठत प्लेटीनम अवार्ड से हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यशद भवन, उदयपुर, को सम्मानित किया गया है। हिन्दुस्तान जिंक भारत की कुछ गिनी चुनी कंपनियों में से एक है एवं राजस्थान की पहली कंपनी है जो सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम रेटेड बिल्डिंग्स से सम्मानित है।

हिन्दुस्तान जिंक हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि इस परियोजना के तहत 27 प्रतिशत ऊर्जा की तथा 37 प्रतिषत पानी की बचत हुई है। यशद भवन के अंदर ताजा हवा के लिए वेंटिलेषन सिस्टम स्थापित गया है। 100 किलोवाॅट अक्षय ऊर्जा की स्थापना की गई तथा ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए आॅनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे भवन की वातानुकूलित तथा वाटर रिकार्ड के लिए वाटर मीटर्स स्थापित किये गये है। हिन्दुस्तान जिं़क का प्रधान कार्यालय पूर्ण रूप से सोलर ऊर्जा से संचालित है तथा कंपनी के सभी परिसर एवं सयंत्रों में हरे-भरे पौधों की ग्रीन बेल्ट है।

उद्घाटन सत्र के दौरान राजस्थान सरकार के माननीय उद्योग मंत्री श्री राजपाल सिंह शेखावत ने हिन्ुदस्तान जिं़क की ग्रीन बिल्डिंग परियोजना की सराहना की तथा प्रधान कार्यालय यषद भवन पूरे देष की उन इमारतों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है जो कि अपने कार्यस्थल को सदैव हरियाली रखे हुए है। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, श्री ताई ली सियांग (चेयर आॅफ दी बोर्ड, वल्र्ड ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल), सुश्री टेरी विल्स (सीईओ, डब्ल्यूजीबीसी) एण्ड डाॅ. प्रेम सी जैन (चेयरमैन, आईजबीसी) गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

यह प्रतिष्ठित सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम ग्रीन बिल्डिंग अवार्ड श्री वी. सुरेष, चेयरमैन-पाॅलिसी एण्ड एडोवेक्सी आईजीबीसी एवं हुडको, दिल्ली के पूर्व प्रबन्ध निदेषक, श्री सी.एन.राघवेन्द्र, चेयरमैन, आईजीबीसी-चैन्नई चैप्टर एण्ड श्री आनन्द मिश्रा, को-चेयर, आईजीबीसी-जयपुर चैप्टर, श्री के.एस. वैंकटगिरी-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, सीआईआई सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिज़नेस सेन्टर, हैदराबाद ने प्रदान किया।

महापौर जी ये पत्रकार हैं, पार्षद नहीं जो आप बोर्ड बैठक की तरह डांट कर बैठा दोगे।

उदयपुर। उदयपुर नगर निगम महापौर श्री चंद्र सिंह कोठारी को लगता है कि नगर निगम के बोर्ड मीटिंग सभागार में होने वाली हर सभा निगम की साधारण सभा की बैठक होती है, और सामने बैठे लोग पार्षद होते है। जिन्हे डांट डपट कर बैठा दिया जाता है वो चाहे महापौर डांटे या शहर विधायक भाईसाब।
गुरुवार को भी दीपावली दशहरे मेले की पत्रकार वार्ता को महापौर चंद्र सिंह कोठारी साधारण सभा की बैठक समझ बैठे। पहले तो महापौर जी ने मेले के बारे में बता दिया और फिर पत्रकारों से सवालों के लिए कहा। जब पत्रकार सवाल करने लगे तो बोर्ड मीटिंग में आदत के अनुसार महापौर ने फरमान सूना दिया कि सभी पत्रकार एक साथ सवाल पूछे उसके बाद में सब के उत्तर दूंगा।
यही नहीं जब दीपावली मेले से हट कर शहर के विकास की बात होने लगी तब भी महापौर के तेवर तेज हो गए जैसे कि बोर्ड की बैठक में अजेंडे के अलावा कोई सवाल करने की मनाही होती है, ठीक उसी तरह कह दिया कि दीपावली मेले की वार्ता करनी है या शहर के विकास की बात करनी है।
दरसल अभी तक नगर निगम में भाजपा का ही बोर्ड बनते आया है। पिछले काफी समय से नगर निगम में बोर्ड की बैठक के दौरान हेडमास्टर और प्रिंसिपल की तरह नगर निगम के महापौर चन्द्र सिंह कोठारी और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया डेस्क पर आकर बैठ जाते है। किसी पार्षद की अगर कोई शिकायत हो तो उसको भरी सभा में भाईसाब एसी ठंडी धमकी की झिडकी पिलाते है कि दूसरी बार वो पार्षद या समिति अध्यक्ष हिम्मत नहीं करता कोई सवाल करने की वो क्या सभा में मोजूद सभी पार्षद मासूम बच्चे बन कर बैठ जाते है। यही नहीं विपक्ष के चार पार्षदों को भी कई बार चुप करा दिया जाता है। और बोर्ड की बैठक में ही यह परिपाटी भाईसाब ने डाली है कि सारे पार्षद एक साथ सवाल पूछो फिर सबके जवाब मिलेगें। सबके जवाब अलग अलग नहीं देंगे।
महापौर ने आज पत्रकार वार्ता को भी पार्षदों की सभा समझने की गलती करदी ” महापौर जी जवाब तो आपको देने पड़ेगे और हर बात के अलग अलग जवाब ही देने पड़ेगें।
जनता बड़ी उम्मीदों से पार्षदों को चुन कर नगर निगम भेजती है कि हमारे वार्ड का कुछ काम होगा। इस बार भी एसा ही हुआ लेकिन वार्डों और शहर की सड़कों की हालत खराब है। ऐसे में जवाब देहि महापौर की ही बनती है।

उदयपुर के महापौर को शहर के विकास से ज्यादा दीपावली मेले और राणा पूंजा कार्यक्रम में अतिथि बनने की फ़िक्र सताती है।

उदयपुर । उदयपुर नगर निगम के महापौर को जनता ने और उनकी पार्टी ने महापौर की कुर्सी पर शहर का विकास करने के लिए आसीन किया है ? या सिर्फ दीपावली दशहरा मेले का आयोजन करने ? नगर निगम महापौर चन्द्र सिंह कोठारी से जब शहर के विकास की बात कही तो उन्हें विकास से ज्यादा राणा पूंजा के कार्यक्रम में जाना ज्यादा महत्वपूर्ण लगा और कह दिया कि सिर्फ दिवाली मेले की बात करो हमको आगे भी कार्यक्रम में जाना है।
मौका था दीपावली दशहरे मेले के उपलक्ष में प्रेस वार्ता का जिसमे पत्रकारों ने जब सवाल पूछना शुरू किये तो मेले से सम्बंधित सवालों के बाद शहर की बिगडती हालत और शहर की सड़कों की स्थिति पर सवाल सुनते ही महापौर ने अपने तेवर बदल दिए जिस काम के लिए जनता ने चुन कर नगर निगम भेजा पार्टी ने जनता हितों के लिए महापौर की जिम्मेदारी दी उसी जनता के हितों की बात पर महापोर के तेवर तीखे हो गए और कह दिया कि आपको मेले के सन्दर्भ में सवाल करने है या शहर की व्यवस्था पर, क्यूँ कि ऐसा था तो मुझे पहले कह देते मुझे राणा पूंजा के कार्यक्रम में भी जाना है वहां मुझे देरी हो रही है।
महापौर ने शहर की बिगडती सड़कों की हालत पर एक लाइन में जवाब दिया कि ” मेने कहा है कि दीपावली के पहले सारे शहर के सड़कों की हालत सुधर जाएगी” जो काम पिछले एक साल में नहीं हुआ वो काम सिर्फ १२ दिन में करने का दावा कर रहे है। गन्दगी और सड़कों की हालत देख कर स्मार्ट सिटी तो दूर एक आदर्श शहर भी नहीं बन पा रहा जहाँ मूलभूत सुविधा हो।

उदयपुर में दादा-पोते ने मिल कर की मंदिर में चोरी

पोस्ट न्यूज़। चोरियां तो अक्सर होती रहती है लेकिन झीलों की नगरी में मंदिर में एक चोरी ऐसी हुई जिसके बारे जान कर हर कोई आश्चर्य कर रहा है। शहर के एक कलयुगी दादा ने अपने पोते के साथ मिलकर ऐसा कृत्य किया, जिससे सोनी समाज ही नहीं पूरा शहर भी शर्मिंदा है। इस चोरी के दौरान दादा खुद पोते को चोरी करना सीखा गया। पुलिस में रिपोर्ट होने के बाद कार्रवाई की जारही है।
जानकारी के अनुसार अरोड़ा मिष्ठान के सामने स्थित सोनी ज्वैलर्स के मालिक श्यामलाल सोनी ने अपने पोते जयदीप सोनी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। शहर के घंटाघर क्षेत्र में सोनी समाज का एक मंदिर है, जहाँ मंदिर में राखी अलमारी से दादा पोते ने कटर से ताला तोड़ कर कागजात व् अन्य सामान निकाला तथा बाद में टाला भी लगा दिया। उक्त घटना की वीडियो रिकोर्डिंग भी की गयी और बाद में समाज के लोगों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, जिसकी तप्तिश में खाकी लगी हुई है। कुछ लोगों का दावा है कि इस घटनाक्रम को विडियो भी बनाया गया है जो वक्त जरूरत प्रषासन के सुपूर्द कर दिए जाएंगे। वैसे दो फोटो जरूर वायरल हुए है जिनमें दादा पोता दोनो दिखाई दे रहे है। एक फोटो में पोते के हाथ में कटर दिखाई दे रहा है, जिससे ताला आसानी से कट जाए। वहीं अलमारी के अंदर झांकता दादा भी दिखाई दे रहा है। समाज के लोगों ने दावा किया है कि अलमारी में मंदिर और समाज की प्रोपर्टी के कागज पड़े हुए है, उसका पहले तो ताला तोड़ा गया और उसमें से कुछ चुराया भी गया है। एक साल पहले भी इसी प्रकार की वारदात हुई थी, जिसमें मंदिर का ताला कटर से काटा गया था। तब लाखों रूपए की मूर्ति भी चोरी हुई थी। वैसे इन दोनो मामलों की लिप्तता के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी लेकिन दादा पोते द्वारा की गई यह घटना शहर में काफी चर्चाओं में है। पता चला है कि अरोड़ा मिश्ठान के सामने स्थित सोनी ज्वैलर्स के मालिक ष्यामलाल सोनी ने अपने पोते जयदीप सोनी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। वैसे समाज के आक्रोष के बाद जांच भी बदलकर बीट प्रभारी लक्ष्मीलाल को सौंपी गई है।

उदयपुर के भाजपा सांसद अर्जुन मीणा ने कह दिया ” देश को भाजपा मुक्त बनाना है” ( video )

पोस्ट न्यूज़। उदयपुर लोकसभा सीट के भाजपा सांसद ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में एक बैठक के बाद अपनी ही पार्टी के लिए कह दिया कि देश को भाजपा मुक्त बनाना है। एसी बात सुन कर मोजूद पार्टी कार्यकर्ता भी भोचाक्के रह गए। सांसद का विडियो कुछ ही घंटों देश भर में वायरल हो गया। हालाँकि कि गलती में जुबान से फिसली हुई बात को उन्होंने सुधार भी लिया था।
बात हो रही है उदयपुर के सांसद अर्जुन लाल मीणा की जिन्हें उदयपुर की करीब 7 लाख लोगों ने अपना वोट देकर जिले का नेतृत्व करने के लिए संसद तक पंहुचाया था। यही सांसद अर्जुन मीणा पूर्व में पत्रकारों को पांच पांच सौ रूपए नगद देने के आरोपित भी है। हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सांसद महोदय ने इस बार जो कहा, उससे तो लगता है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उन्हें जल्द ही तलब कर सकते हैं। बुधवार को उदयपुर पार्टी कार्यालय में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एसटी मोर्चें की एक बैठक आयोजित की गई। इसके बाद मिड़िया से मुखातिब होते हुए सांसद महोदय की जुबान एसी फिसली कि खुद के साथ साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा पार्टी की भी फजीहत करवा दी। सांसद अर्जुन मीणा ने कह दिया कि ‘‘राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का सपना है भारतीय जनता पार्टी मुक्त देश को करना है’’ बस देखते ही देखते यह विडियो वायरल हुआ और देश भर में चला गया, हालाकि जनाब ने अपनी गलती को तुरन्त स्वीकारते हुए। कांग्रेस मुक्त भारत की कहीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भाजपा के ही कार्यकर्ता ने तो यहाँ तक चुटकी लेते हुए यहाँ तक कह दिया कि लगता है सांसद महोदय अपने और भाजपा के कार्यकाल से खुश नहीं है इसलिए भाजपा मुक्त देश की बात ज़बान पर आगई। क्या वह अपने कार्य से संतुश्ट नहीं है या फिर जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं और कुन्ठित है। क्योंकि नोटबंदी और जीएसटी के बाद कंेद्र सरकार का ग्राफ काफी नीचे गिरा है और सांसदों को जवाब देते नहीं बन रहा है। इसलिए या तो इसे सांसद महोदय की मन की बात समझना चाहिए या फिर जल्द बाजी में जुबान फिसलना ।

https://youtu.be/3GkCc21QFc8

 

हाईकोर्ट ने सुखाडि़या विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कॉमर्स कॉलेज के डीन को नोटिस देकर तलब किया

उदयपुर पोस्ट। टीचिंग कंसल्टेंट के रूप में चयन के बाद बगैर कारण बताए सेवा समाप्त करने एवं सेवा जारी रखने के लिए 50 हजार रुपए मांगने के मामले में हाईकोर्ट ने सुखाडि़या विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कॉमर्स कॉलेज के डीन को नोटिस देकर 24 अक्टूबर को तलब किया है।
प्रकरण के अनुसार कालाजी गोराजी क्षेत्र निवासी डॉ. लोकश माली ने मेंबर सेकेट्री एसएफएस एडवाइजरी बोर्ड एमएलएसयू प्रो. जी सोरल (डीन) एवं विश्वविद्यालय कुलपति के खिलाफ सितम्बर 2017 में याचिका दायर की थी। पीडि़त के अधिवक्ता रमनदीप सिंह ने बताया कि कॉलेज में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था के तहत गत 3 वर्ष से डॉ. माली बतौर टीचिंग कन्सलटेंट सेवाएं दे रहे थे। इसके तहत उन्हें डॉ. माली को 6 घंटे का समय कॉलेज को देना होता था। इसके बदले मासिक मानदेय के तौर पर डॉ. माली को 15 से 25 हजार तक का भुगतान मिलता था। गत 29 जून को मेंबर सेकेट्री ने विज्ञप्ति जारी कर टीचिंग कन्सलटेंट, विजिटिंग फेकल्टी, प्लेसमेंट कंसलटेंट एवं सर्विस कन्सलटेंट (सेल्फ फाइनेंस कोर्स) की भर्ती के आवेदन मांगे थे। याचिका में डॉ. माली ने बताया कि ओबीसी वर्ग से डिपार्टमेंट ऑफ बैंकिंग एंड बिजनेस इकॉनोमिक्स के लिए टीचिंग कन्सलटेंट पद के लिए आवेदन किया। इस पर ९ जुलाई २०१७ को विवि ने संदेश के माध्यम से १३ जुलाई की सुबह 10 बजे विवि प्रशासनिक भवन में साक्षात्कार के लिए बुलाया।
अधिवक्ता ने कुलपति एवं डीन को नोटिस देकर जवाब मांगा। साथ ही बिना कारण बताए सेवाएं समाप्त करने की वजह पूछी गई। मामले में विवि प्रशासन ने चुप्पी साधते हुए कोई जवाब नहीं दिया। मामले में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दिनेश मेहता ने डॉ. माली की याचिका को स्वीकार करते हुए डीन एवं कुलपति को नोटिस जारी कर तलब होने के आदेश दिए।
कुलपति, डीन एवं डिपार्टमेंट हेड रेणू जेठाना एवं वीसी के नॉमिनी एक्सटर्नल ने डॉ. माली का साक्षात्कार लिया। डीन सोरल ने उन्हें एक अगस्त को कॉमर्स में कक्षाओं के लिए आमंत्रित किया, लेकिन ज्वाइनिंग लेटर नहीं दिया। तय तिथि को प्रार्थी कॉलेज पहुंचा तो डीन ने कक्षाओं का टाइम टेबल दिया, जिस पर उनका नाम भी था। इसके बाद समय सारिणी अनुसार डॉ. माली १ से १८ अगस्त तक नियमित कक्षाएं लेते रहे। जब २१ अगस्त को वह कॉलेज गया तो कोर्डिनेटर ऑफ बीकॉम क्लासेज मॉर्निंग शिफ्ट के प्राध्यापक शूरवीरसिंह भाणावत ने उन्हें सेवाएं समाप्त करने की जानकारी दी।
जवाब में प्रो. भाणावत ने सार्वजनिक तौर पर वजह नहीं बताने की दुहाई दी। इस पर भाणावत ने उनके कक्ष में डॉ. माली से 50 हजार रुपए देने पर सेवाएं यथावत रखने की बात कही। इस पर प्रार्थी ने तय राशि देने से इनकार कर दिया। डॉ. माली ने इन्टरव्यू और चयन का हवाला दिया। साथ ही मामले की शिकायत डीन को भी की, लेकिन उनकी ओर से भी संतोषप्रद जवाब नहीं मिला और सेवाएं समाप्त कर दी गई।

 

किसानों के दर्द पर राजस्थान सरकार के मंत्री बोले “कर्ज माफ़ी से किसान पंगु बनता है”

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पोस्ट न्यूज़। एक तरफ किसानों की मुसीबते कम होने का नाम नहीं ले रही दूसरी तरफ किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश भर में राजनीति का दौर जोरों पर है। सरकार के मंत्री किसानों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़कने का काम कर रहे है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री बंशीधर बाजिया ने किसानों के कर्ज माफ़ी को लेकर विवादित बयान देदिया और कह दिया कि कर्ज माफ़ करने से किसान पंगु हो जाते है। जिससे विभिन्न मांगों को लेकर व्यथित किसान और उनसे जुड़े संगठन नाराज हो गए
बाजिया ने भाजपा के जन सुनवाई कार्यक्रम में कहा कि कर्ज माफ करने से किसान कभी खुशहाल नहीं होता है, बल्कि पंगु ही होता है। बाजिया के इस बयान को लेकर किसान नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। संगठनों ने साफ कह दिया कि मंत्री अपने बेतुके बयान के लिए माफी मांगे।

अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता और पूर्व एमएलए अमराराम ने राज्यमंत्री बाजिया के बयान को किसान हित विरोधी बताया है। अमराराम का कहना है कि कर्ज माफी करके सरकार किसानों के पूरे नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती है। सरकार की वादाखिलाफी के कारण ही किसान कर्ज में डूबा है। जब किसान की उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य तक पर नहीं की जाती है तो उसे मजबूर होकर औने पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ती है। सरकार के मंत्रियों को ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि किसान कभी कर्जमाफी चाहता ही नहीं है, बल्कि किसान चाहता है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को देशभर में अक्टूबर 2007 से लागू किया जाए। किसान को उपज की लागत का डेढ गुणा मूल्य मिलना चाहिए। सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू नहीं की और न ही न्यूतनम समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद की। इससे देश में किसानों को पिछले दस साल में करीब 15 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, जबकि किसानों पर 12.7 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। सरकार के मंत्रियों को ऐसी बयानबाजी करने की बजाय किसान हित में किसान को लागत का डेढ गुणा मूल्य दिलवाने के लिए प्रयास करना चाहिए

मात्स्यकी महाविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संगठक, मात्स्यकी महाविद्यालय में छात्र संघ कार्यालय का उद्घाटन डाॅ. राजेंद्र मूण्ड, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी पंजाब युवा काँग्रेस, दिग्विजय सिंह राठौड़, प्रदेष महासचिव युवा काँग्रेस राजस्थान, मेकष खान, प्रदेश सचिव युवा काँग्रेस राजस्थान, राज सिंह झाला, पूर्व अध्यक्ष एमएलएसयू, अभिषेक चैधरी एनएसयूआई, दिलीप चैधरी एनएसयूआइ ने विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिकारी प्रो. सुमन सिंह एवं काॅलेज के ड़ीन डाॅ. सुबोध षर्मा की उपस्थिति मेे किया । छात्र संघ कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर महाविद्यालय के अध्यक्ष पवन कुमार, महासचिव प्रदीप कुमार भास्कर एवं संयुक्त सचिव सुश्री मानसी जैन सहित पूरे पैनल केे निर्विरोध चुने जाने और विष्वविद्यालय मे आपसी सौहाद्र व भाई चारे की मिसाल कायम करने पर सभी ने बधाई दी। इस अवसर पर डाॅ. राजेंद्र मूण्ड ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुऐ विद्यार्थियों को लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर संघर्ष करने और जीवन मे कठिनाइयों से सबक सीखने की सलाह दी। डाॅ. सुमन सिंह ने नवनिर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों को लीडरशिप के गुणों को जीवन मे उतारने एवं महाविद्यालय के विकास मे सक्रिय भूमिका निभाने का आव्हान किया। डाॅ. सुमन सिंह ने यथा सम्भव छात्र हित के कार्यांे मे सहयोग का भरोसा दिलाया। मात्स्यकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. सुबोध शर्मा ने छात्रों के चहुंमुखी विकास एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामनाओं का संदेश दिया। कार्यक्रम मे महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता डाॅ. विमल षर्मा, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्र संघ अध्यक्ष श्री मणीराम, श्री तरूण कुमार, विभागाध्यक्ष डाॅ. बी.के. शर्मा, सहायक निर्देशक शारीरिक शिक्षा डाॅ. एम.एल. ओझा, सचिव स्पोर्टस बोर्ड श्री सोम शेखर व्यास, एनएसयूआई पाली के श्री मनीष पानरिया, श्री मनीष देढा, श्री सुदेष भादू, श्री बुद्धा राम, एनएसयूआई जोधपुर के डाॅ. रणधीर सिंह, श्री महेंद्र सिेह देवडा, अन्य महाविद्यालयों की नवनिर्वाचित छात्रसंघ कार्यकारिणी के अधिकारी, एवं बडी संख्या मे युवा व छात्र समूह उपस्थित था। धन्यवाद ज्ञापन छात्रसंघ महासचिव प्रदीप भास्कर ने दिया एवं कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के कविन्द्र चैधरी, पूजा एवं आरजे विपुल ने किया।

झामेश्वर (गिर्वा) मण्डल की कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन

उदयपुर । भारतीय जनता पार्टी, शहर जिला उदयपुर के झामेश्वर (गिर्वा) मण्डल की बूथ वाईज कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन आज सांय 5 बजे मनवाखेड़ा स्थित स्वयंवर गार्डन में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में अतिथि के रूप में ग्रामीण विधानसभा प्रभारी प्रमोद सामर, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, खेल परिषद के जिला उपाध्यक्ष देवनारायण धाबाई उपस्थित थे। उदयपुर 03 अक्टूबर 2017। भारतीय जनता पार्टी, शहर जिला उदयपुर के झामेश्वर (गिर्वा) मण्डल की बूथ वाईज कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन आज सांय 5 बजे मनवाखेड़ा स्थित स्वयंवर गार्डन में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में अतिथि के रूप में ग्रामीण विधानसभा प्रभारी प्रमोद सामर, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, खेल परिषद के जिला उपाध्यक्ष देवनारायण धाबाई उपस्थित थे।  भाजपा मीडिया सहप्रभारी राकेश शर्मा ने बताया कि ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, ग्रामीण विधानसभा प्रभारी प्रमोद सामर, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट एवं खेल परिषद के जिला उपाध्यक्ष देवनारायण धाबाई ने उपस्थित सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए इस प्रतियोगिता को खेल की भावना से खेलने हेतु प्रेरित किया। उद्घाटन मैच बूथ संख्या 172 व 173 की टीमों के बीच खेला गया। जिसमें बूथ संख्या 172 की टीम ने शानदार जीत दर्ज की।  इससे पूर्व मण्डल अध्यक्ष अमृत मेनारिया ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। इस अवसर पर किरण डांगी, सुनिता जैन, जिला मंत्री श्यामसुन्दर शर्मा, मनोज जोशी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष उंकार मेनारिया, युमो मण्डल अध्यक्ष अशोक नागदा, महामंत्री शिवदान सिंह, भरत पूर्बिया, छगन सुथार, उपसरपंच बंशी मेघवाल आदि उपस्थित थे।