पिता एक हाथ में बेटा और दुसरे हाथ में उसका कटा हुआ हाथ लेकर पंहुचा अस्पताल

0
पोस्ट न्यूज़. घटना जोधपुर के चिर ढाणी गाँव की है, जहाँ पर एक छोटी सी भूल ने एक मासूम का हाथ कंधे से उखाड़ दिया, और ज़िन्दगी भर के लिए अपाहिज बना दिया, 9 साल के मासूम बच्चे का पिटा आँखों में आंसू लिए एक हाथ में अपने बेटे को थामे दुसरे हाथ में उसके हाथ को पकडे अस्पताल में पहुचा तो हर किसी का दिल दहल गया .
हादसे में 9 साल के बबलू का पूरा हाथ उसके कंधे से अलग हो गया। पिता हाथ लेकर अस्पताल भी गए, लेकिन देर हो जाने की वजह से डॉक्टर उसे नहीं जोड़ पाए। जोधपुर के चिरढाणी गांव में बबलू अपने पिता गेपरराम के साथ खेत में गया था। वहां दोनों ने ट्रॉली में ज्वार का चारा भरा और उसे रस्सियों से बांध दिया। वापसी में रस्सी का एक सिरा नीचे लहरा रहा था। यह देख ट्रैक्टर के पीछे बैठे बबलू ने उसे अपने हाथ में लपेट लिया। रास्ते में नदी की रपट पर ट्रॉली को झटका लगा और रस्सी का वह सिरा टायर के नीचे दब गया, जिसे बबलू पकड़कर बैठा था। रस्सी के तेज झटके से बबलू का हाथ कंधे से अलग हो गया।
मासूम की चीख निकल पड़ी, लेकिन ट्रैक्टर चला रहे पिता को पता ही नहीं चला। तब बबलू ने चिल्लाते हुए कहा कि मेरा हाथ पीछे रह गया तो पिता ने तुरंत ट्रैक्टर रोका। कटा हाथ उठाया और पीपाड़ हॉस्पिटल पहुंचे। यहां से उसे जोधपुर रैफर किया। गेपरराम एक हाथ में बबलू और दूसरे में उसका कटा हाथ लिए जोधपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन देरी होने के कारण हाथ नहीं जुड़ पाया।
इससे पहले 7 सितंबर को हुए सड़क हादसे में बबलू के दादा मांगीलाल की मौत हो गई थी। चाचा गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे जिनका आज भी इलाज चल रहा है।
 हाथ पर पट्‌टी बांधे मंगलवार को जब बबलू अपनों के बीच गांव पहुंचा तो मायूसी उसकी आंखों से छलक रही थी। उसे इस हालत में देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। सब उसे अपने तरीके से बहला रहे थे, लेकिन वह गुमसुम ही रहा।

Pelvic inflammatory disease, A healthy outside starts from inside – Dr. Kajal Verma

Pelvic inflammatory sickness (PID) is an infection of the female reproductive organs. It regularly occurs when sexually transmitted bacteria unfold out of your vagina to your uterus, fallopian tubes or ovaries.Many females who enhance pelvic inflammatory disease either expertise no indicators or signs or do not seek remedy. Pelvic inflammatory disorder may be detected most effective later when you have trouble getting pregnant or if you happen to improve continual pelvic ache.

What Causes Pelvic Inflammatory disorder?

In general, the cervix prevents bacteria that enter the vagina from spreading to the interior

डॉ. काजल वर्मा

reproductive organs. If the cervix is uncovered to a sexually transmitted disorder — reminiscent of gonorrhea and/or chlamydia — the cervix itself becomes infected and less equipped to avert the unfold of organisms to the internal organs. PID occurs when the disorder-inflicting organisms journey from the cervix to the upper genital tract. Untreated gonorrhea and chlamydia purpose about 90% of all circumstances of PID. Different causes incorporate abortion, childbirth, and pelvic techniques.

Symptoms

Common symptoms of PID include:

-Fever
-Pain or tenderness in the pelvis, lower belly, or lower back-
-Fluid from vagina that has an unusual color, texture, or smell

Other symptoms may include:

-Bleeding after intercourse
-Chills
-Pain when you urinate
-Having to urinate often
-Period cramps that hurt more than usual or last longer than usual
-Unusual bleeding or spotting during your period
-Not feeling hungry
-Nausea
-Vomiting
-Pain during intercourse

Homoeopathy approach

Either in Acute or in Chronic cases of PID homeopathy is equally indicated.

In Acute PID – severe pelvic pains, backaches, fever,vomiting, uterine bleeding can be permanently relieved without leaving any complications. In cases where woman is pregnant along with PID , of course homeopathy provide safe and effective alternative to conventional treatment.

Chronic cases equally treated successfully for pelvic pains and disturbed menstrual cycles.In cases of painful sexual intercourse homeopathy has provides good medication.

Homeopathy has more than 200 medicines for these different group of symptoms. Prescription of medicines vary from case to case on individual symptom group in particular case.Some common medicines for these conditions are-

Platina, Mercuris Sol, Belladona, Pulsatilla, Lachesis, Phosophorus, Sepia, Cantharis, Conium, Arsenic alb, Lycopodium etc. Medicines are prescribed on basis of similarity of patient’s symptoms with medicine. Always consult to a Homeopath for correct medication.

कटारिया को ग्रामीण विधायक के सम्मान में पटाखे चलाना अगर फिजूल खर्च लगा था तो दशहरे की आतिशबाजी के गवाह खुद क्यों बने ? ( विडियो )

उदयपुर। कुछ दिनों पूर्व उदयपुर के पार्टी कार्यालय पर ग्रामिस विधायक फूल चंद मीना के सम्मान में कार्यकर्ता आतिशबाजी कर रहे थे और यह बात राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया को नागवार गुजरी जिसके बाद उन्होंने पटाखे नहीं चलाने की नसीहत दे डाली थी। लेकिन वही दशहरे पर हुई आतिशबाजी के गवाह वे खुद बने तो क्या वो नसीहत सिर्फ ग्रामीण विधायक के सम्मान में पटाखे चलाने भर तक सिमित थी।
मेवाड़ में बहूप्रचिलित एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी, ‘‘खुद खावे काकड़ी और दूजा ने दे आकड़ी, ऐसा ही उदाहरण पेश किया है गृहमंत्री व् शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने। जो पार्टी कार्यालय के बाहर कुछ दिनों पूर्व कार्यकर्ताओं द्वारा की गई आतिषबाजी से नाखुश दिखे और उन्होंने सभी को फटकार लगाते हुए आगे से ऐसा न करने की नसीहत दे डाली, लेकिन शहर के गांधी ग्राउण्ड में दशहरा समारोह में शिरकत करने गए तो खुद की आंखों के सामने ही लाखों रूपए की फटाखों को धुआं – धुआं होते देखते रहे और कुछ न कहा। कुछ दिन पूर्व पार्टी कार्यालय में उस दिन ख़ुशी मनाई जा रही थी। क्योंकि ग्रमीण विधायक फुलसिंह मीणा के अथक प्रयासों से खेरवाड़ा से पीडब्लूडी का कार्यालय उदयपुर स्थानांतरित हुआ था। इस प्रयास को भारतीय जनता पार्टी ने हाथोंहाथ भुनाया और फुलसिंह मीणा के सम्मान में समारोह आयोजित कर दिया। जाहिर सी बात है कि समारोह होगा तो आतिशबाजी भी होगी ही। उस दिन भी ऐसा ही हुआ ख़ुशी में मशगुल कार्यकर्ताओं ने समारोह में फटाखें भी छोड़ दिए। लेकिन यह बात कटारिया को नगवार गुजरी और उन्होंने सभी को फटकार लगाते हुए कहा कि ज्यादा पैसे हो तो पार्टी कार्यालय में जमा करवा दो ताकी यहां का बिजली का बिल समय पर चुकाया जा सके। इस दौरान ग्रामीण विधायक फुल सिंह मीणा ने भी आगे से ऐसा नहीं करने की बात कह डाली। लेकिन हाल ही सम्पन्न हुए दशहरा समारोह में जब कटारिया अतिथि के रूप में गांधी ग्राउण्ड में मौजूद थे और उनके सामने लाखों रूपए के फटाखों को आग के हवाले कर दिया गया। उस समय वह कुछ क्यों नहीं बोले। उस दिन भी तो क्षेत्र में काफी प्रदूशण फैला होगा। यहीं नहीं इस समारोह में गुलाबचंद कटारिया के साथ उनके आदेश का अनुसरण करने वाले ग्रामीण विधायक फुलसिंह मीणा के अलावा उच्चषिक्षा राज्यमंत्री किरण माहेष्वरी भी मौजूद थी। आतिषबाजी से प्रदूशित होने वाले षहर की चिन्ता थी तो क्यों न भाईसाहब ने गांधीग्राउण्ड में विरोध किया। अगर वह चाहते तो कम से कम दहन से पूर्व होने वाली आतिषबाजी को तो रूकवा ही देते, खैर अब देखना दिलचस्प होगा कि निगम द्वारा आयोजित दीपावली दषहरे मेले के अंतिम दिन मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए होने वाली आतिषबाजी को कटारिया जी रूकवा सकते है कि नहीं क्योंकि यहां तो सबकुछ इनका ही है।
या फिर पार्टी कार्यालय में उन्हें आतिशबाजी इसलिए अच्छी नहीं लगी क्यूँ की उनके रहते ग्रामीण विधायक के सम्मान में कार्यकर्ता आतिशबाजी कर रहे थे, जब की कटारिया अघोषित रूप से मेवाड़ पर सिर्फ अपना ही एक छत्र अधिकार चाहते है किसी और की जयकार ना हो बस कटारिया की जय ही सुनाई दे ?

विडियो देखिये क्या कहा था कटारिया ने …

https://youtu.be/-coUF2V_esQ

गांधी जयंती पर प्रारम्भ हुआ आयड़ सफाई अभियान

उदयपुर। शहर के बीच से गुजरने वाली प्राचीन नदी का ऐतिहासिक महत्व है। इसे अपने ऐतिहासिक स्वरुप लौटाकर न केवल इसे संरक्षित कर सकते हैं बल्कि पर्यटन के लिहाज से शहर को एक नई सौगात दे सकते हैं। यह बात गांधी जयंती के अवसर आयड़ सफाई अभियान का आगाज़ करते हुए गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कही। मंगलवार को एक साथ आठ स्थानों पर आयड़ सफाई अभियान का शुभारंभ हुआ।
एक सादे समारोह को संबोधित करते हुए कटारिया ने कहा कि कभी आहाड़ सभ्यता की जीवनदायिनी रही आयड़ नदी के वर्तमान स्वरुप को बदलने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। नदी के पुनरुद्धार के पहले चरण में सफाई अभियान के माध्यम से इसका मूल स्वरुप सामने लाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न उद्यमी घराने मशीनरी एवं लेबर का सहयोग कर रहे हैं। आमजन भी श्रमदान करके अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं। कटारिया ने कहा कि पहले चरण के पश्चात अगले चरण में इसके सौंदर्यीकरण की योजना पर कार्य किया जाएगा। समारोह को सांसद अर्जुन लाल मीणा, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, यूआईटी अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक उप महापौर लोकेश द्विवेदी उद्यमी सलिल सिंघल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगर निगम निर्माण समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी, पार्षदगण, यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता, नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग सहित विभिन्न उद्यमी संस्थानों के प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संरक्षण हेतु विधायक मद से 10-10 एवं सांसद मद से 20 लाख
अपने संबोधन में कटारिया ने कहा कि सफाई के बाद अगले चरण में आयड़ के संरक्षण और फिर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। दोनों ओर पक्की दीवार बनाकर उस पर जाली लगाने के कार्य हेतु कटारिया एवं ग्रामीण विधायक फूलसिंह ने अपने विधायक मद से 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की। सांसद अर्जुनलाल मीणा ने इस हेतु 20 लाख की घोषणा की। शेष राशि नगर निगम एवं यूआईटी मिलकर वहन करेंगे। कटारिया ने कहा कि लोग भविष्य में नदी में गंदगी न डाले इस हेतु पुख्ता इंतजाम करने होंगे।
जिला कलक्टर ने की अपील
कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक ने समारोह को संबोधित करते हुए शहर के नागरिकों से अपील की कि वे आयड़ में किसी प्रकार का कचरा व गंदगी नही डाले। नदी किनारे बने घरों, होटलों एवं विभिन्न संस्थानों के मालिकों से अपील करते हुए कहा कि आयड़ को साफ रखने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होने सफाई अभियान में सहभागी विभिन्न उद्यमी घरानों, होटल इंडस्ट्री, विभिन्न संगठनों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया।

चिकत्सकों का असहयोग आन्दोलन – आन्दोलन जारी रहेगा मरीजों को सेवाएं मिलती रहेंगी

उदयपुर। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर सोमवार उदयपुर में गांधीगिरी तरीके से असहयोग आन्दोलन की शुरुआत की। चिकित्सक संघ ने अपने साथ आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) को भी जोड़ लिया। दोनों संगठनों ने आज जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने रेसमा सहित अन्य कानूनों के उलंघन से बचने का नया तरिका निकाला और अपना विरोध गांधी वादी तरीके से असहयोग और उपवास रख आदि से जताया। चिकित्सक संघ ने बहिष्कार के तौर पर राजकीय कामकाज नहीं करने का निर्णय लिया, जबकि मरीज हित में उनकी सेवा को लेकर सक्रियता दिखाने का दावा किया। विरोध के बाद चिकित्सक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. बामनिया ने कहा कि सरकार को तीन सूत्री मांग पत्र पूर्व में प्रेषित ​किया जा चुका है लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे है ऐसे में अब चिकित्सक संघ की ओर से दीपावली तक सरकार के निर्णय का इंतजार करने के बाद आगे अनिश्चितकालीन विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ चिकित्सकीय सेवाओं के अलावा सभी कार्यो का बहिष्कार किया जाएगा ताकि सरकार कामकाज पूर्ण रूप से ठप्प हो सकें। डॉ. एसएल बामनिया के नेतृत्व में उदयपुर जिले के सैकड़ों चिकित्सकों ने आंदोलन में सहभागिता निभाई। प्रदेश स्तर पर आंदोलन में शमिल चिकित्सकों की यह संख्या करीब 10 हजार बताई जा रही है। आंदेालन के तहत प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी के निर्देश पर असहयोग आंदेालन में शामिल चिकित्सक बाबूगिरी से काम नहीं करेंगे। दूसरी ओर पीडि़त, बीमार व रुग्ण व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे। अन्याय के विरोध में चिकित्सक काली दीपावली मनाएंगे। डॉ. एसएल बामनिया ने बताया कि आंदोलन के बीच चिकित्सक सभी प्रकार की वीडियो कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार करेंगे। सीएमएचओ को इस विरोध से बाहर रखा गया है। इसी तरह निदेशालय एवं प्रशासन की ओर से प्रदेश स्तरीय मीटिंग एवं प्रशिक्षण का विरोध होगा। इसी प्रकार अन्य सभी सरकारी कामकाज का बहिष्कार होगा। मानवीयता के तौर पर विकलांग एवं जरूरतमंद की मदद में किसी प्रकार की चूक नहीं होगी।

अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के आन्दोलन में आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निजी क्षेत्र में लागू चिकित्सा कानूनों में संशोधन की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आइएमए ने भी महात्मा गांधी जयंती पर अहिंसात्मक मार्ग अपनाते हुए उदयपुर आईएमए के पदाधिकारियों ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखकर सरकार पर चिकित्सा क्षेत्र की नीतियों में संशोधन का मुद्दा उठाया। जिला कलक्टे्रट के बाहर कुछ समय का प्रदर्शन कर इन चिकित्सकों ने प्रशासनिक अमले को ज्ञापन सौंपा। बाद में सभी चिकित्सक उनके निजी संस्थानों में भूखे रहकर सेवाएं देने का दावा करते रहे। इससे पहले उदयपुर एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. सुनिल चुघ एवं सचिव आनंद गुप्ता के नेतृत्व में करीब 100 चिकित्सकों ने जायज मांगों को लेकर कलक्ट्रेट के बाहर एकजुटता दिखाई।

 

उदयपुर में बनी शोर्ट फिल्म “शक्ति” 30 सितम्बर को होगी रिलीज़

उदयपुर। महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और अपराध को देखते हुए। शहर के 18 कलर्स प्रोडक्शन हाउस, जील मार्शल आर्ट अकेडमी और डी. एन. जी स्टूडीओ ने सार्थक पहल की। इन्होने अपने संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करने वाली शार्ट मूवी का निर्माण किया जो शनिवार को यु ट्यूब पर रिलीज होने जा रही है। शार्ट फिल्म की पहली झलक के अंतर्गत शुक्रवार को पोस्टर विमोचन किया गया।
राज्य ही नहीं देश के हर शहर में महिलाओं पर होने वाले अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। चाहे छेड़छाड़ का मामला ही रेप जैसे संगीन अपराध या अपहरण का, महिलाएं मजबूर हो कर यह सब सहती चली आरही है। महिलाओं को खुद पर भरोसा और अपनी सुरक्षा के लिए ओरों की सहायता का रास्ता ना देखना व खुद को मजबूत बनाने के लिए 18 कलर्स प्रोडक्शन हाउस, जील मार्शल आर्ट अकेडमी और डी. एन. जी स्टूडीओ के संयुक्त तत्वावधान धान में “शक्ति” नामक शोर्ट फिल्म का निर्माण किया है। शुक्रवार को शक्ति शॉर्ट फ़िल्म के पोस्टर का विमोचन ओरीएंटल पैलेस रिज़ॉर्ट मैं सपने सुहाने लड़कपन के फ़ेम – टीवी ऐक्ट्रेस रूपल त्यागी के साथ डीआइजी जेल अधीक्षक प्रीता भार्गव ऑरीएंटल पैलेस उदयपुर की मैनेजिंग डायरेक्टर श्रद्धा गटानी ओर सूर्यांश क्लब की डायरेक्टर डॉक्टर मधु सरीन ने किया।
उपस्थित सभी अतिथियों ने पूरी ”शक्ति” फ़िल्म टीम के इस नेक प्रयास की तारीफ़ की ओर बेहतर भविष्य की शुभकामनाएँ दी।
सभी दर्शक इस फ़िल्म को 30 सितम्बर से 18 कलर्स प्रोडक्शन हाउस के यू टू्ब चेनल पर देख, लाइक ओर शेयर कर सकते है।

गरबे खेलने जाती युवती के साथ रेप की घटना पर गृहमंत्री कटारिया बोले परिवार और समाज को ध्यान रखना चाहिए।

उदयपुर। पुरे प्रदेश में महिलाओं के साथ अपराधो का ग्राफ लगाता र बढ़ता जा रहा है। हर जिले में कही ना कही मिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार व् अन्य अपराधों की खबरें आरही है। इसे में राज्य के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया बजाय ला एंड ऑर्डर की फ़िक्र किये गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे है और खुद का का पल्ला महिलाओं के साथ होने वाले अपराधो से झाड रहे है। कोटा अलवर बीकानेर में महिलाओं के साथ बलात्कार और ह्त्या के मामले में जब कटारिया से सवाल किये तो उन्होंने बिना सोचे समझे कही शिनाख्त हुए बिना ही अपराधियों को पकड़ने की बात कह दी तो कही रेप के मामले में समाज और परिवार पर बात ढोल कर विवादित बयान देदिया।
अपने गृह जिले के छोटे छोटे कार्यक्रमों के फीते काटने में व्यस्त राज्य के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया से पूछा कि कोटा में डांडिया खेलने गई एक युवती के साथ रेप के बाद हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है इस मामले में पुलिस ने क्या कारवाई की तो इस मामले पर प्रदेश के ग्रहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने विवादित बयान देकर अपनी कन्नी काटने की कोशिश की। कटारिया ने इस तरह की घटनाओ का ठीकरा समाज और परिवार के लोगो के ऊपर फ़ोड दिया। कटारिया ने साफ़ किया की घटनाये हो रही है, पुलिस की भूमिका को नकार नहीं सकते लेकिन समाज और परिवार के लोगो को सचेत रहना जरुरी हे। यही नहीं कटारिया ने विवादित बयान देते हुए कहा की उनके विभाग का मेन पावर इतना नहीं है की एक एक आदमी को हर जगह खड़ा कर दे। कटारिया ने कहा की अभियुक्त के खिलाफ पुलिस की और से पुरे दम से कार्यवाही की जाती है। ऐसे में कटारिया के इस बयान से सवाल यह उठता हे की उनकी पुलिस का अपराधियों में बिल्कुल भय नहीं है यही वजह हे की प्रदेश के हर इलाके में महिलाओ के साथ लगातार अपराध बढ़ रहे हे,और कटारिया जी की पुलिस अपराध होने के बाद अभियुक्त से पुरे दम से निपटने का इन्तजार कर रही है।
एसा ही एक दूसरा मामला प्रदेश के अलवर जिले अहिर गांव में आज सामने आई ऑनर किलिंग की घटना ने पुरे राजस्थान में सनसनी फैला दी है, लेकिन राजस्थान में कानून और व्यवस्था के लिए बने गृहविभाग को इन घटनाओ से कोई सारोकार नही है। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से पत्रकारों ने अलवर में हुए ऑनर किलिंग के मामले को लेकर प्रशन किया गया तो कटारिया ने इस मामले में बिना सोचे समझे 6 लोगो को गिरफ्तार बता दिया जबकि इस मामले में अभी तक मृतकों की शिनाख्त तक नहीं हो पायी है। इस बयान से लगता हे की ग्रहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की अपने विभाग पर पकड़ पूरी तरीके से ढीली हे या उन्हें प्रदेश में हो रही आपराधिक घटनाओ की जानकारी तक नहीं है।
राजस्थान प्रदेश के बीकानेर में एक महिला के साथ हुई गेंगरेप की घटना पर कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए साफ़ किया की इस मामले में महिला की और से कुल 23 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। लेकिन महिला ने अपने 164 के बयानों में 8 लोगो का नाम ही लिया है। उसमे से 6 लोगो को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया हे और 2 अन्य जो लोग बचे हुए हे वो भी नामजद है, उनकी भी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हे उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

बांसवाडा में ठेकेदार से सरपंच ले रहा था रिश्वत – एसीबी से एन मोके पर धर दबोचा

बांसवाडा पोस्ट न्यूज़.  भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की बांसवाड़ा चौकी ने बुधवार को जिले की सरेड़ी बड़ी पंचायत के सरपंच को ४० हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सरपंच ने यह राशि सीसी सडक़ों के बिल पास करने की एवज में मांगी थी

ब्यूरो के अनुसार सिद्धिक कंस्ट्रक्शन, सरेड़ी बड़ी के ठेकेदार हरीश पाटीदार पुत्र जवान सिंह पाटीदार ने २५ सितंबर को एक परिवाद पेश किया, जिसमें बताया कि उसकी फर्म ने ग्राम पंचायत में तीन सीसी सडक़ों का निर्माण किया है। इसमें करीब १२ लाख रुपए का खर्चा हुआ। निर्माण काय पूर्ण होने के बाद भुगतान के लिए ग्राम पंचायत में बिल प्रस्तुत किए। इस पर सरपंच देवीलाल बामनिया ने फर्म को छह लाख ३७ हजार रुपए के चेक जारी कर दिए, लेकिन साथ ही बतौर कमीशन के रूप में सात प्रतिशत रिश्वत राशि की मांग की .

एसीबी के डीएसपी गुलाबसिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की। परिवादी ठेकेदार सरेड़ी बड़ी के ही हरीश पाटीदार को रंग लगे नोट देकर भेजने पर सरपंच ग्राम पंचायत में नहीं मिला। फोन पर बात की, तो उसने पास के माखियावाले मैदान में आने को कहा। फिर पत्नी चंपूदेवी को साथ लेकर वह बाइक पर पहुंचा। नकदी लेते ही उसे पकड़े जाने का शक हुआ तो बीवी को बाइक पर बैठाकर नहर के किनारे-किनारे खेत की तरफ भागने लगा। इस पर दो जवानों ने बाइक पर पीछा किया तो टीम के बाकी सदस्य पीछे दौड़े पकड़ा। वापस लाने पर गांव के कुछ लोग आगे आकर शोर-शराबा करने लगे। इस बीच, चंपूदेवी ने भी दांतली निकालकर टीम को ललकारा।
मौके पर जैसे-तैसे समझाइश कर टीम ने एकबारगी पूछताछ के लिए सरपंच को चौकी ले जाने की बात की और गाड़ी में बैठाकर सीधे बांसवाड़ा लाए।
सरपंच को बांसवाड़ा लाकर केमिकल डाले पानी में हाथ धुलवाने पर गुलाबी रंग निकल आया। इस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई में ब्यूरो के राजकुमारसिंह, गणेश लबाना, रतनसंह, दशरथसिंह, करणसिंह, जितेंद्रसिंह झाला और पूनम स्वामी शामिल थीं।

जिलेमें एसीबी ने जून से अब तक 4 महीनों में ट्रेप की यह चौथी कार्रवाई की। इससे पहले 3 जुलाई को टीम ने कुशलगढ़ के तत्कालीन सीआई रामेश्वरलाल, 21 जून को एलडीसी जीवतराम और उससे पहले 17 जून को सदर थाने के एसआई गोकुलराम को रिश्वत लेते पकड़ा था। गबन और पद के दुरुपयोग के आरोपों पर शहर के नूतन स्कूल के प्राचार्य अरुण व्यास के खिलाफ जांच शुरू की, जो अब भी जारी है।

 

‘खेलेगा युवा जीतेगा भारत’खेल के माध्यम से भाजपा जोड़ेगी करोड़ो युवाओं को।

post news . भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की योजनानुसार देश भर में नवमतदाता युवाओं को खेल के माध्यम से पार्टी में जोड़ने का नया प्रयोग लागू करने जा रही है।28 सितम्बर शहीदे आजम भगतसिंह की जयंती से लेकर 24 नवम्बर गुरु नानकदेव जयन्ति के मध्य 38 दिनों तक देश भर में भाजपा अपने नवमतदाताओं को और 16 से 25 वर्ष तक के युवाओं को कबड्डी के खेल से जोड़ भाजपा उन्हे आने वाले समय के लिए तैयार करने जा रही है।इसी क्रम में भाजपा शहर जिला उदयपुर की बैठक शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय पर सम्पन्न हुई जिसमें प्रतियोगिता संयोजक देवनारायण धाबाई,श संयोजक कन्हैयालाल धाबाई, रणजीतसिंह दिगपाल,सत्यनारायनसिंह,युवामोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ ने संबोधित किया।

संयोजक देवनारायण धाबाई ने पूरी रचना बताते हुए कहा कि सर्वप्रथम भाजपा में कार्य करने वाला कार्यकर्ता अनुशासन,मेलजोल से रहने,सबको साथ लेकर चलने की भावना से कार्य करे इसके लिए कबड्डी जैसा खेल संगठन ने चयन कर युवाओं को इसके माध्यम से पार्टी में जोड़ने की योजना बनाई है।इसमें प्रत्येक बूथ पर कम से कम दो टीम बनेगी जिसमे प्रत्येक में 9 खिलाड़ी होंगे जिनकी उम्र 16 से 25 वर्ष की होगी।यह प्रतियोगिता 7 से 9 अक्टूम्बर तक सम्पन्न करनी होगी।यह से विजयी टीमो का मण्डल स्तर पर मुकाबला होगा जो 27 से 29 अक्टूम्बर तक सम्पन्न करना होगा।मंडलो से विजयी टीमो का मुकाबला जिला स्तर पर4 से 5 नवम्बर तक आयोजित करने होगा तत्पश्चात राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम मुकाबले होंगे।
सहसंयोजक कन्हैयालाल धायभाई ने प्रदेश संगठन की सम्पन्न बैठक में लिए गए निर्णयों और इन प्रतियोगिता के नियम कायदे,स्थान चयन,बैनर, पोस्टर और सभी आवश्यक निर्देश प्रदान किये।शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने तय समय सीमा ओर दिए गए निर्देशों की पालना के साथ युवा मोर्चा के द्वारा प्रत्येक बूथ पर अनुशासन,मर्यादा,खेल भावना के साथ पार्टी के मण्डल अध्यक्षो एवम उनकी टीम कक सहयोग लेते हुए प्रतियोगिता का सफल आयोजन करने की बात कही।उन्होंने कहा प्रत्येक बूथ पर 16 से 25 वर्ष के नव मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने का कार्यक्रम युवा मोर्चा ने अभियान के रूप में चल रखा है।उन्ही में यह प्रतियोगिता करानी है।सत्यनारायनसिंह ने भी खेल के बारे में विचार रखे,प्रदेश उपाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ ने प्रदेश बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि मण्डल स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों को संगठन द्वारा किट प्रदान किये जायेंगे।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष रमेश जीनगर, मण्डल अध्यक्ष चंचलकुमार अग्रवाल, अतुल चण्डालिया,दीपक बोल्या,गिरीश शर्मा,नन्दलाल वैद,अमृत मेनारिया,दिनेश धायभाई,युवा मोर्चा महामंत्री मोहन गुर्जर,गोपाल जोशी,मांगूसिंह रावत,आशीष कोठारी,हेमन्त दया,नितिन जैन,जगदीश गौड़,वैभव भंडारी,महेशपुरी गोस्वामी,महेंद्र भगोरा,सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पेट्रोल के दामों में वृद्धि, बढाती महगाई को लेकर उदयपुर कांग्रेस का प्रदर्शन

post news. सरकार की कुनीतियों के फलस्वरूप पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दामों में वृद्धि एवं देश में लगातार बढ़ती महंगाई से आमजन को हो रही परेशानी के मद्देनजर उदयपुर शहर एवं देहात जिला कांगे्रस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में पदाधिकारियों एवं सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज शहर जिला अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा के नेतृत्व में अपराह्न 12ः00 बजे जिलाधीश कार्यालय के बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल महोदय के नाम एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस प्रवक्ता फिरोज अहमद शेख ने बताया कि इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ. गिरिजा व्यास ने संबोधित करते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल, गैस के दामों में वृद्धि और महंगाई ने आम-आदमी का जीना मुश्किल कर दिया हैं। अपनी मनमानी करते हुए बिना तैयारी के नोटबन्दी और जीएसटी लागू करने से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा हैं। चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने जो वादे किये, उनको पूरा करने में केन्द्र सरकार नाकाम रही है। देश की जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही हैं। भाजपा सरकार पेट्रोल, डीजल की दरों को कम कर आम जन को तुरन्त राहत पहुंचाए।
रसोई गैस के दामों में लगातार वृद्धि के खिलाफ महिला कांगे्रस पदाधिकारियों ने जिलाधीश कार्यालय के बाहर लकड़ी के चूल्हे पर रोटी बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञापन में मांग की गई कि महंगाई कम करने के वादे के साथ आई भाजपा सरकार ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की दरों को बढाकर आम जनता पर अप्रत्याशित महंगाई थोप दी है। भाजपा सरकार वेट से आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल के दाम कम करें।
ज्ञापन सौंपने वालो में पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, उदयपुर प्रभारी शंकर यादव, पूर्व विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत, त्रिलोक पूर्बीया, सज्जन कटारा, प्रदेश सचिव पंकज कुमार शर्मा, ब्लाॅक अध्यक्ष पूरण मेनारिया, मुजीब सिद्धीकी, रामलाल चैधरी, चन्दा सुहालका, शांता प्रिंस, कामिनी गुर्जर, वसीम खान, डाॅ. दरियाव सिंह चुण्डावत, गणेश राजोरा, अरूण टांक, के. के. शर्मा, सुरेश श्रीमाली, शराफत खान, हरीश शर्मा, रियाज हुसैन, मोहनलाल शर्मा, जयप्रकाश निमावत, चन्दर सिंह कोठारी, बाबुलाल जैन, मुकेश हिंगड, दिनेश शर्मा, राजू सुहालका, शंकर चन्देल, जसवन्त गन्ना, अजय सिंह, उदयनन्द पुरोहित सहित सैंकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।