अमोलक डाइग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टर ने बताया था बच्चे को कोख में ही मार डालने का उपाय – अदालत ने सुनाई एक साल की सज़ा .

उदयपुर. शहर के मशहूर डाइग्नोस्टिक सेंटर अमोलक के मालिक डॉ राजेन्द्र कच्छावा ने कन्या भ्रूण को कोख में ही मारने के उपाय बताये थे. डॉ का मीडिया द्वारा स्टिंग ओपरेशन किया गया था जिसके बाद डॉ. राजेन्द्र कच्छावा को दोषी मानते हुए अदालत ने उन्हें एक साल की सज़ा सुनाई और पांच हज़ार रुपये का जुर्माना किया.
गर्भ में भ्रूण के लिंग की जांच करने के मामले में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत डाॅ. राजेन्द्र कच्छावा को दोषी करारदिया गया । डाॅ. कच्छावा उदयपुर के वैल स्प्रिंग अमोलक डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक भी हैं।
जानकारी के अनुसार मामला 13 जून 2006 का है। स्टिंग ऑपरेशन में गर्भवती महिला को डिकाॅय बनाकर वैल स्प्रिंग अमोलक डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा गया था। डॉ. राजेंद्र कच्छावा ने एक हजार रुपए लेकर लिंग परीक्षण कर उसका वर्जन भी बता दिया था। डॉक्टर ने गर्भ में ही भ्रूण की हत्या करने की जानकारी दी थी जो स्टिंग ऑपरेशन कैमरे में साफ कैद हो गई। मामला सामने आने के बाद तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेशचंद्र अहारी ने जांच-पड़ताल कराई। इसके बाद डॉ. राजेंद्र कच्छावा के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया। जिसके बाद अदालत ने शुक्रवार को उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
मामले को लेकर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस यादव ने 17 मार्च 2008 को अदालत में वैल स्प्रिंग अमोलक डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. राजेंद्र कच्छावा और उसके प्रबंधक के खिलाफ परिवाद पेश किया था। धारा 23 गर्भधारण पूर्व व प्रसव पूर्व तकनीकी (लिंग निर्धारण का वर्जन) अधिनियम 1994 सपठित 1996 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में इसे पेश किया गया।
विशिष्ट अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पीसीपीएनडीटी एक्ट प्रकरण) के पीठासीन अधिकारी समरेंदर सिंह सिकरवार ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद डॉ. राजेंद्र कच्छावा वैल स्प्रिंग अमोलक डायग्नोस्टिक सेंटर को गर्भ धारण पूर्व व प्रसव पूर्व निदान तकनीकी (लिंग निर्धारण का वर्जन) अधिनियम 1994 की धारा 4 सपठित धारा 23 के तहत दोषी करार देते हुए एक वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। चिकित्सक को अपराध धारा 5 (2) 6 के आरोप से दोषमुक्त किया गया। अधिनियम की धारा 23 के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्णय की प्रति समुचित प्राधिकारी अधिकारी उदयपुर को भेजने के निर्देश दिए।

विश्व कैंसर रोज डे पर मारवाड़ी युवा मंच ने प्रदेश में जगाई अलख – कैंसर जागरूकता के लिए किये आयोजन

उदयपुर . मारवाड़ी युवा मंच ने प्रदेश भर में कैंसर रोज डे पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कैसर के प्रति आम जन में जागरूकता जगाई . कैंसर के मरीजों को बिमारी से लड़ने के लिए जोश भरा और युवाओं को व्यसनों से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलवाई .

विश्व कैंसर रोज डे पर मारवाड़ी युवा मंच ने प्रदेश भर कैंसर जागरूकता अभियान की अलख जगाई. मारवाड़ी युवा मंच की प्रदेश कैंसर संयोजक डॉ. काजल वर्मा ने बताया कि मारवाड़ी युवा मंच मानव सेवा के लिए हमेशा अपना धर्म निभाता आरहा है. और इसी कड़ी में कैंसर से बचाव और कैसंर को हराने के लिए मारवाड़ी युवा मंच हर संभव प्रयास करता आरहा है. समय समय पर जन जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते है. इसी कड़ी में २२ सितम्बर विश्व कैंसर रोज डे प्रदेश में हर जिले में स्थित मारवाड़ी युवा मंच की स्थानीय शाखाओं ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये. डॉ. काजल वर्मा ने बताया कि कई कोलेजों के युवाओं में वादविवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कैंसर अस्पतालों में मंच की स्थानीय शाखा द्वारा मरीजों के साथ कुछ ख़ुशी के पल बांटे और उन्हें केंसर से लड़ने की हिम्मत दी गयी.

जयपुर कैपिटल शाखा :

मारवाड़ी युवा मंच जयपुर कैपिटल शाखा द्वारा कैन्सर रोज़ डे के अवसर पर जयपुर राजापार्क स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,आदर्श नगर में कैन्सर एक प्राकृतिक त्रासदी या मानवीय भूल विषय पर अभिव्यक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित विद्यालय छात्र-छात्राओं ने इस विषय पर अपने विचार रखे। मूल रूप से यह भावना सामने आइ कि कैन्सर एक भयावह त्रासदी है,जिसका बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है। कैन्सर कारक तत्वों से दूर रहने की शपथ ली गई,एवं शपथ पत्र भरवाए गए। कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष श्री केदार गुप्ता,विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं शिक्षकों भी अपने विचार रखे।
जयपुर मूमल शाखा :

जयपुर मूमल शाखा द्वारा 22 सितम्बर को कैन्सर रोज़ डे के अवसर पर मालवीय कॉलेज फॉर गर्ल्स और मालवीय कान्वेंट स्कूल सुधासागर कॉलोनी मालवीय नगर जयपुर
में वाद विवाद प्रतियगिता आयोजित की गयी। वाद विवाद का विषय था “कैंसर एक प्राकृतिक त्रासदी या मानवीय भूल” वाद विवाद प्रतियगिता में सभी विद्यार्थीयो ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम मे पूर्व अध्यक्ष रेणु गुप्ता वर्तमान अध्यक्ष कविता गुप्त, सचिव शिखा पारीक, कार्यक्रम संयोजिका अरुण जी और किरण गुप्ता उपस्थित रही। बच्चो को जयपुर मूमल द्वारा प्रथम द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए। बच्चों का उत्साह वर्धन भी किया गया । साथ ही बताया गया कि कैंसर जैसी बीमारी के बारे में जागरुक रहकर किस तरह इस बीमारी में पहले ही बचाव संभव है।

नोखा शाखा :

मारवाड़ी युवा मंच नोखा शाखा द्वारा आज कैन्सर रोज़ डे के अवसर पर मांगीलाल बागड़ी राजकीय महाविद्यालय,नोखा में कैंसर एक प्राकृतिक त्रासदी या मानवीय भूल विषय पर डिबेट का आयोजन रखा गया है। स्थानीय डाक्टरों में डॉ. B.M. तापड़िया जी व डॉ.सुनील जी बोथरा के मार्गदर्शन में विद्यार्थीयो ने अपने विचार रखें। व स्थानीय डॉक्टरो ने हमें इस बिमारी से बचने के उपाय व सुझाव बताये और सतर्क रहने के तोर तरीके बताये और मंच के इस कार्यक्रम की सराहना करते हुवे मंच के समस्त जनहित प्रकल्पो की सराहना की .साथ ही मंच के सरंक्षक ललित झंवर ने विद्यार्थियों को इस रोग के बारे में जागरूक करते हुए उनको कैंसर पीड़ितों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने और बच्चो को रोगीयों की इस लड़ाई में उनका साथी बनने के लिए प्रेरित किया इस कार्यक्रम में सभी मंच सदस्यों की उपस्थिति व कॉलेज विधार्थियो की उपस्थिति गरिमामय थी .
नागौर शाखा

मारवाड़ी युवा मंच नागौर शाखा द्वारा कैंसर रोज डे के अवसर पर सूफिया कोलेज में डिबेट का आयोजन किया गया । डिबेट का विषय था कैंसर एक प्राकृतिक त्रासदी या मानवीय भूल । कार्यक्रम में अतिथि व निर्णायक डाॅ. रणवीर चौधरी तथा डाॅ. पल्लव शर्मा थे । अतिथियों के स्वागत के बाद पोस्टर विमोचन किया गया । डिबेट में दस प्रतियोगियों ने कैंसर के बारे में अपने अपने विचार रखे । विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में मंच अध्यक्ष पवन सारस्वत ने मंच एवं मंच के प्रकल्पों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी । डाॅ. रणवीर चौधरी, डाॅ. पल्लव शर्मा व स्टेट कैंसर कन्वीनर डाॅ. काजल वर्मा ने कैंसर होने के कारण व कैंसर से बचाव के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी । कार्यक्रम में मंच के डाॅ. आर आर काला, डाॅ. कैलाश ताडा, प्रमिल नाहटा, किशोर भार्गव उपस्थित रहे । कार्यक्रम में उपस्थित समस्त 150 लोगों को कैंसर कारक तत्वों का सेवन नही करने की शपथ दिलाई गई एवं शपथ पत्र भरवाए गए ।

सांडवा शाखा :

सांडवा के सेठ लक्ष्मीनारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय में मारवाड़ी युवा मंच के तत्त्वावधान में कैंसर जागरूकता के प्रति वाद संवाद का सफल आयोजन हुआ, जिसमें डॉ. मनीष जी सोनी, प्रांगण के शिक्षाविद् और विद्यार्थियों ने बढ चढकर भाग लिया. सांडवा मारवाडी युवा मंच में राजकीय लक्ष्मीनारायण तापडिया उच्च माध्यमिक विद्यालय सांडवा में

पाँचू शाखा

मारवाड़ी युवा मंच पाँचू शाखा की तरफ से आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाँचू में कैंसर रोज़ डे पर एक कार्यक्रम रखा गया। जिसमे सबसे पहले स्टूडेंट्स को शाखा अध्यक्ष द्वारा मंच के बारे में बताया गया मंच के प्रकल्पों व मंच द्वारा करवाये जा रहे कार्यो के बारे में बताया गया (ये इसलिए जरूरी था कि शाखा अभी अभी गठित हुई है, तो स्कूल स्टाफ का ये आग्रह था) फिर पाँचू हॉस्पिटल के डॉ राधेश्याम जी सेन द्वारा कैंसर के कारण निवारण व केंसर से होने वाले शारीरिक मानसिक व आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया। डॉ साहब सहित शाला स्टाफ मंच के उद्देश्यों व प्रकल्पों से बहुत प्रभावित हुवे मंच की बहुत प्रशंसा की।
विद्यालय की प्रधानाध्यापपिका जी के शुभ हाथों से आज के कार्यक्रम की यादगार के रूप में डॉ सेन को मंच संदेश के तौर पर मंच की पुतस्क मंचिका भेंट करवाई।

 

उदयपुर एवं महिला लेकसिटी शाखा 

मारवाड़ी युवा मंच उदयपुर एवं महिला लेकसिटी शाखा सदस्यों ने महाराणा भोपाल चिकित्सालय के कैंसर वार्ड के मरीजों डॉक्टरों सभी स्टाफ कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को गुलाब का फूल देकर उनका अभिनंदन किया तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई. कार्यक्रम में शाखा के राज्य नेत्रदान संयोजक पुनीत जैन, महिला लेकसिटी अध्यक्षा डॉ.प्रियंका जैन ,सचिव श्रीमती जया कुचुरू, उपाध्यक्षा राजश्री वर्मा एवं युवा मंच के उपाध्यक्ष सौरभ जैन ने अपनी सेवाएं दी.

गंगानगर शाखा 

कैंसर रोज डे के उपलक्ष्य में शाखा द्वारा तपोवन ब्लड बैंक में भर्ती कैंसर पीड़ित रोगियों को गुलाब का फूल देकर सहानुभूति देने का प्रयास किया गया ।
प्रोजेक्ट प्रभारी मुकेश गुप्ता, सह प्रभारी डॉ राकेश जैन, सचिव नारायण बिन्नानी, कोषाध्यक्ष रजत सरावगी, पूर्व अध्यक्ष पूर्ण जी घोड़ेला, पूर्व अध्यक्ष राकेश जी गोयल, साथी मोहित गोयल ,के पी योगी , तपोवन प्रन्यास के अध्यक्ष श्री महेश जी पेड़ीवाल व अन्य समाज सेवी नागरिक उपस्थित थे ।

सुजानगढ युवा मंच शाखा 

कैंसर रोज डे पर आयोजित अभिव्यक्ति- 2017 मे 8 महाविद्यालयों के 22 प्रतियोगियों ने भाग लिया।जिसमें प्रथम द्वितीय व तृतीय आने वाले छात्र छात्राओं को सुजानगढ युवा मंच परिवार द्वारा आयोजित विशाल कार्यक्रम “एक संगीतमय शाम कैंसर यौद्दाओं के नाम”में आप सभी आगंतुकों के हाथों सम्मानित किया जाएगा ।
कार्यक्रम में ब्लाॅक c.m.h.o.डॉ .भँवरलाल सर्वा ,डॉ .महेश वर्मा व अनेको डाॅक्टर्स उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन kkc काॅलेज की डायरेक्टर व सखियां सदस्य सुजाता जी ने किया। डाॅक्टर्स की टीम ने सभी को कैंसर अवैयरनेस के बारे में बताया।
कैंसर यौद्दा रिटायर्ड अध्यापिका श्रीमती रामदुलारी सोनी ने कहा-“कैंसर को कैंसिल करदो तो कैंसर दूर भाग जाएगा।”सभी कैंसर यौद्दाओं को गुलाब का पुष्प देकर सम्मानित किया गया ।
मैने प्रांतीय उपाध्यक्ष का दायित्व निर्वहन करते हुए मंच प्रकल्पों की जानकारी दी ।साहित्यकार घनश्याम नाथ कच्छावा जी ने सभी को इस भयानक बीमारी से होने वालै दुष्परिणामों की जानकारी दी ।कार्यक्रम के अंत में डॉ . योगिता जी सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त किया .

सादुलशहर शाखा 

मालवीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में विश्व कैंसर-रोग डे पर जनजागृति गोष्ठी का आयोजन, सादुलशहर. विश्व कैंसर रोग-डे के मौके पर शुक्रवार सुबह सवा आठ बजे मालवीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में मारवाड़ी युवा मंच द्वारा जनजागृति गोष्ठी का आयेाजन किया गया। अध्यक्षता मंच के प्रांतीय संयोजक प्रवेश गोयल ने की। मुख्य वक्ता डॉ. बीबी गुप्ता ने कहा कि कैंसर रोग के नाम से घबराएं नहीं, आत्म विश्वास से जांच एवं उपचार करवाएं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि अधिकांशतय: यह रोग धुम्रपान, तंबाकू, अलकोहल के सेवन के अलावा दूषित खाने-पीने की वस्तुओं से होती है। स्टूडेंट्स को धुम्रपान नहीं करने, संतुलित शाकाहारी भोजन करने, अधिक नमक, फास्ट फुड, कोल्ड ड्रिंक आदि से बचने, नियमित व्यायाम कर शरीर का वजन संतुलित रखने, समय-समय पर जांच करवाने की बात भी कही। जिंदगी में कभी धुम्रपान करने की शपथ भी दिलाई। इस बीच रोग के लक्षण बारे प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले 9 स्टूडेंट्स को गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया। संचालन प्रधानाचार्य अवतार सिंह कैंथ ने किया। इस दौरान संस्था निदेशक श्याम शर्मा, एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा, एडवोकेट नवीन शर्मा, सहकारी समिति के पूर्व व्यवस्थापक गुलाब सिंह फागोट आदि मौजूद थे। इस दौरान दैनिक भास्कर के संवाददाता रवि गोयल, मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश गोयल सहित अनेक स्टूडेंट्स मौजूद थे।

महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया- एक घंटे तक तमाशबीन बने रहे लोग नहीं आई कोई एम्बुलेंस .

उदयपुर । शहर के व्यस्त चोराहे में से एक कोर्ट चौराहे पर सड़क किनारे एक विक्षिप्त महिला ने बच्चे को जन्म दिया। एक घंटे तक कोई सहायता को नहीं आया, सूचना पर भी १०८ या जननी सुरक्षा मोके पर नहीं पहुची। एक घंटे बाद गुजरते हुए नर्सिंग कर्मियों ने सहायता की और महिला को अस्पताल पहुचाया .
महाराणा भूपाल चिकित्सालय से सटा हुआ कोर्ट चोराहे पर सड़क किनारे आज दिन में एक विक्षिप्त महिला ने बच्चे को जन्म देदिया। प्रसव होता देख भीड़ जमा होगई लेकिन कोई भी सहायता के लिए आगे नहीं बढ़ा, हर कोई तमाशबीन बन कर अफ़सोस करता रहा। राहगीरों को समझ भी नहीं आया कि आखिर क्या किया जाए। लोगों द्वारा १०८ और जननी सुरक्षा एम्बुलेंस को कॉल किया लेकिन एक घंटे बाद तक भी कोई नहीं आया जबकि घटना स्थल से महज़ आधा आधा किलोमीटर की दूरी पर पुलिस कंट्रोल रूम है जहाँ १०८ एम्बुलेंस खड़ी रहती है, और १०० कदम पर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल महाराणा भूपाल चिकित्सालय है वहां भी मानव सेवा का दावा करने वाले कई संगठनों की एम्बुलेंस खड़ी रहती है। आखिर एक घंटे बाद वहां से गुजर रहे दो नर्सिंग कर्मी छात्रों ने मानवता का परिचय दिया और प्रसूता महिला को संभालते हुए ऑटो से महाराणा भूपाल चिकित्सालय पहुचाया । जहाँ महिला और बच्चा दोनो स्वस्थ बताये जा रहे है। अभी तक यह पता नहीं लग पाया कि आखिर गर्भवती महिला को इस तरह सड़क पर कोन छोड़ कर गया था। घटना ने सरकार के महिला सुरक्षा और जननी सुरक्षा के दावों पर भी सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक विक्षिप्त महिला नौ महीने तक गर्भवती होने पर सड़कों पर ही घूमती रही? उसे समय पर संभाला नहीं गया? बच्चे का पिता कौन है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब अब प्रशासन के सामने है।

 

मारवाड़ी युवा मंच उदयपुर एवं महिला लेकसिटी शाखा ने मनाया विश्व कैंसर रोज दिवस

उदयपुर. मारवाड़ी युवा मंच उदयपुर महिला लेकसिटी शाखा ने शुक्रवार को केंसर मरीजों के साथ खुशियाँ बाँट कर कैंसर रोज़ डे मनाया. राज्य कैंसर संयोजक डॉक्टर काजल वर्मा ने बताया कि मारवाड़ी युवा मंच की उदयपुर महिला लेकसिटी शाखा के सदस्यों ने महाराणा भोपाल चिकित्सालय के कैंसर वार्ड के मरीजों डॉक्टरों सभी स्टाफ कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को गुलाब का फूल देकर उनका अभिनंदन किया तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई. कार्यक्रम  में शाखा के राज्य नेत्रदान संयोजक पुनीत जैन महिला लेकसिटी अध्यक्षा डॉक्टर प्रियंका जैन सचिव श्रीमती जया कुचुरू उपाध्यक्षा राशि वर्मा एवं युवा मंच के उपाध्यक्ष सौरभ जैन ने अपनी सेवाएं दी.

‘‘जिन्दा हूँ मैं’’ – आशीष विद्यार्थी

हिन्दुस्तान जिंक में अभिनेता आशीष विद्यार्थी द्वारा मोटिवेशनल स्पीच

शुक्रवार को हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय के आॅडिटोरियम में जिंक कर्मचारियों के लिए ‘एन इनसाईट’ कार्यक्रम के तहत मोटिवेषनल स्पीच का आयोजन किया गया। जाने-माने अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने आॅडिटोरियम में जिंक के विरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मोटिवेशनल स्पीच ‘जिन्दा हूॅं मैं’ के माध्यम से उत्साह से जीवन जीने का रास्ता दिखाया। जिं़क के सभी कर्मचारी आषीष विद्यार्थी के मोटिवेषनल स्पीच से बहुत प्रभावित हुए। सभी ने मोटिवेषनल स्पीच को प्रेरणास्रोत एवं अभिप्रेरित बताते हुए दिल से प्रषंसा की।

अभिनेता आषीष विद्यार्थी ने बताया कि जीवन एक कहानी है। जीवन आषाओं एवं निराषाओं से भरा हुआ है। जब मनुष्य कहता है ’’जिंन्दा हॅू मैं’’ आषाओं से भरा हुआ प्रतीत होता है तथा जब मनुष्य बोलता है कि ’’जीवन चल रहा है’’ तो निराषा प्रतीत होती है। उन्होंने जीने के रास्ते बताये दुनिया में जो भी आये हैं स्वयं को ही जीना पड़ता है अब चाहिए वह उत्साह से जीये या निराष होकर जीये। जीवन में जो भी घटित होता है वह एक कहानी होती है। सभी जीवन को एक कहानी समझकर जीना चाहिए। जीवन जीने का एक मौका है अतः प्रसन्न होकर जीना चाहिए। जीवन की कहानियां दुनिया से जोड़ती है एवं पहचान दिलाती है। जीवन मनुष्य का विजिटिंग कार्ड होता है। जीवन आपकी पहचान है। जो लोग जीवन में जीने का अर्थ समझ लेते हैं वो दूसरों के दुखः दर्द को समझते हैं और एक अलग छाप छोड़कर जाते हैं। जीवन में एक यूनिक पहचान होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जीवन एक रोल होता है। इंजीनियर, डाॅक्टर, फ्रेन्डस, कलीग्स, एम्पलोई, पिता एवं पुत्र ये सब जीवन के रोल होते हैं अतः रोल को निभाना स्वयं की जिम्मेदारी है। जीवन में रोल को जिम्मेदारी से निभाना महत्वपूर्ण है। जीवन में कोई कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। हर कार्य में रोल की जिम्मेदारी होती है। अच्छा बुरा जीवन के दो पहलु होते हैं। हमेषा मनुष्य को सकारात्मक रहकर कार्य करना चाहिए। नकारात्मक सोच से जीवन में विफलता मिलती है। जीवन में मनुष्य को हमेषा कुछ न कुछ नया सीखने की लगन एवं भावना होनी चाहिए।

आषीष विद्यार्थी ने बताया कि मनुष्य को जीवन सदैव खुष एवं प्रसन्न होकर जीना चाहिए। खुषियों को बांटना चाहिए। सुख-दुख बांटने से जीवन में हलकापन आता है। जीवन में समस्याओं को लेकर बैठने से कार्य बिगड़ता है। दोस्तों, रिष्तेधारों एवं शुभचिन्तकों को समस्याओं के बारे में बताने से समाधान मिलता है। प्रत्येक को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। प्रत्येक को दिन में किये गये कार्यों की खुषी से समारोह के रूप में मनाना चाहिए। हर रोज जीवन का एक अवसर होता है।

आषीष विद्यार्थी ने जिं़क के कर्मचारियों का उत्सावर्धक करते हुए कहा कि कार्य साहस एवं बहादूरी से करना चाहिए। जीवन में निडर होकर बहादूरी से कार्य करने वालों को सम्मान मिलता है। सम्मान से मनुष्य के मनोबल एवं आत्मस्वाभिमान में वृद्धि होती है। जीवन में सम्मान से उत्साहित होकर कार्य करता है। जीवन में निरन्तर नवाचारों से कार्य में सुधार करना चाहिए। नवाचारों से जीवन में नयापन आता है। प्रत्येक मनुष्य की एन्थ्रोपरन्यूर की तरह सोच होनी चाहिए।

इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकरी श्री सुनील दुग्गल ने श्री आषीष विद्यार्थी को धन्यवाद दिया। श्री दुग्गल ने कहा कि जीवन को आनन्द से जीना चाहिए। जिन्दा दिल से जीना चाहिए। कार्य की कोई भी जिम्मेदारी हो अपना समझकर दिल से करना चाहिए। जीवन में पद का होना महत्वपूर्ण नहीं हैं। कार्य के प्रति दृढ़ इच्छाषक्ति होनी चाहिए। कार्य करने वालों के लिए कई रास्ते है और उनको कोई नहीं रोक सकता।

अभिनेता आषीष विद्यार्थी की हिन्दुस्तान जिं़क के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की। जिं़क के वरिष्ठ अधिकारियों को आषीष विद्यार्थी ने अपने सकारात्मक विचारों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मानव आज दबाव में रहकर भय से जीवन जी रहा है। इस अनिष्चितता के माहौल में मानव रिष्तेदारों एवं फ्रेण्डस से अलग होता जा रहा है। जिससे मानव आज सामाजिक जिम्मेदारियों से भी कट रहा है।

हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि जीवन में मनुष्य की पहचान कार्य से होती है। कार्य करने के लिए स्वयं को समय का प्रबन्ध करना पड़ता है। इसके लिए जरूरी है कि आपकी कार्य के प्रति सच्ची लगन एवं आत्मयिता हो। जीवन में सफलता के लिए कर्तव्यनिष्ठ एवं समपर्ण की भावना होनी चाहिए।

जावर के डीएवी स्कूल में बिईंग सेफ वर्कषाॅप का आयोजन

उदयपुर । डीएवी सेकण्डरी स्कूल जावर में मंगलवार को आयोजित बिईंग सेफ वर्कषाॅप में लगभग 100 से अधिक बच्चों ने सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया। हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन एवं बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक इन बच्चों से मिलने और इनके साथ इन्टरेक्षन के लिये डीएवी स्कूल जावर पहुंचे।

इस वर्कषाॅप में पवन कौषिक ने बच्चों से बातचीत के दौरान सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी देते हुए स्कूली बच्चों को बताया कि सुरक्षा की भावना अपने भीतर से आनी चाहिए। सुरक्षा के बारे में अध्यापिक एवं पेरेन्टस उन्हें सिखा सकते हैं क्रियान्वयन स्वयं को ही करना पड़ेगा। सुरक्षा के प्रति जागरूकता से खुद एवं परिवार सुरक्षित होगा, बच्चों को अपने से बड़ों, अध्यापकों एवं परिवार के हर बडे सदस्य की बात माननी चाहिए। विषेष रूप से इस उम्र में सडक सुरक्षा के लिये ट्राफिक नियमों की पालना, हेलमेट पहनना, बिना लाईसेंस वाहन नहीं चलाना, सुनिष्चित करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से संवाद के लिये प्रजेन्टेषन के माध्यम से एक कहानी भी प्रस्तुत की जिसमें बच्चों की जिद और माता पिता की अपेक्षा दर्षाया गया था जिसे बच्चों ने खूब पसंद किया और उसकी गहराई को समझा, साथ ही विचार-विमर्ष भी किये।

पवन कौषिक ने बताया कि प्रति वर्ष भारत में लगभग एक लाख पच्चास हजार लोगों की किसी न किसी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है और यह भी देखा गया है कि लापरवाही से चलाने वाले वाहनों से बेकूसरों की जान चली जाती हैं। इन सब से बचने का एक ही तरीका है कि अपनी खुद की सुरक्षा और परिवार की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य एवं अध्यापकों ने इस वर्कषाॅप को लाभदायक बताया। बिईंग सेफ प्रोजेक्ट के माध्यम से पवन कौषिक ने अब तक करीब ढाई हजा़र से अधिक बच्चों और परिजनों से मिल चुके है, जिसके अन्तर्गत लघु फिल्म, प्रजेन्टेषन और कहानी के माध्यम से बच्चों को स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने की जाानकारी दी जा रही है।

बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्धेष्य सडक, घर या कार्यस्थल एवं हर स्थान पर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना है, सुरक्षा नियम सुरक्षा के लिए बनाये जाते हैं सभी को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए जिससे परिजनों और बच्चों के स्वयं के मन में सुरक्षा के लिये प्रतिबद्धता उत्पन्न हो।

हथियारों के फर्जी लाइसेंस, खतरनाक हथियारों का जखीरा, संगीन अपराध फिर भी मिली आसानी से जमानत

उदयपुर । फर्जी लाइसेंस और खतरनाक हथियार रखने वालों की जमानत बड़ी आसानी से तो हो गयी लेकिन यह जमानत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गयी है। जिस कानून की नज़र में एक 8 इंच का चाकू रखना बड़ा गुनाह माना जाता है और जमानत के लाले पड जाते है वहां इन रसूख वालों ने अपने करोड़ों के दम पर खुद को कानून से बचा लिया। आश्चर्य नहीं होगा कल को इनके पास से मिले खतरनाक हथियार बच्चों के खिलोने साबित हो जाएँ और ये बच्चों की तरह मासूम करार दे दिए जाएँ। सत्ता में बैठे इनके आक़ा ये कारनामा बड़ी आसानी से कर सकते है।
एटीस ने अवैध हथियारों और उनके फर्जी लाइसेंस के मामले में बड़ी जोर शोर से कारवाई की राजस्थान के बड़े बड़े रसूखदारों के बगल में दबे हुए खतरनाक हथियार निकलवाये और इस मामले में अगर राजस्थान में सबसे आगे रहा तो वह हमारा उदयपुर। सूत्रों की माने तो यहाँ से अभी तक ४० से अधिक लोगों के पास अवैध हथियार और फर्जी लाइसेंस निकल चुके है जिसमे सब के सब बड़े लोग और ख़ास कर भूमि व्यवसायी शामिल है। 10 रसूखदारों को एटीस ने गिरफ्तार किया। लेकिन बुधवार को इनकी बड़ी आसानी से जमानत हो गयी। इन रसूखदारों की आसानी से जमानत होने के बाद लगने लग गया कि शायद इनके पास खतरनाक हथियार नहीं और बच्चों के खेलने वाले खिलोने थे। जिससे ये भूमि पर कब्जे करने, डराने, धमकाने, का काम नहीं और बच्चों की तरह छुप्पन छुपाई का खेल खेलते थे।  गलती से एटीस ने इनको गिरफ्तार कर लिया ये लोग तो मासूम लोग है। इन 10 मासूम लोगों जिसमे  जिनमें हिन्दू जागरण मंच के रविकांत त्रिपाठी, अरवाना काॅम्प्लेक्स हसन पालीवाल, दीपक परिहार, पारस बोलिया, सुमीत भण्डारी, संजय तलेसरा, विषाल सुहालका, निर्मल मट्ठा और इंतखाब आलम है इन्हें एटीस ने बेजा ही परेशान किया।
इन मासूम लोगों कि खिलोना बन्दूक से तीन महीने पहले एक बेगुनाह मछुआरे की मौत हो जाती है। इसमें एक मासूम एयर पोर्ट पर जेब में कारतूस लेकर घुस जाता है पुलिस को अपना फर्जी लाइसेंस दिखाता है और पुलिस इसको नादाँ बच्चा समझ कर छोड़ देती है। सबसे बड़ी बात ये सारे के सारे बेगुनाह लोग जिसमे अधिकतर कुछ समय पहले तक कुछ भी नहीं थे आज करोड़ों के मालिक बने बैठे है। गरीबों और मजबूर लोगों की जमीनों को शायद इन्ही खिलोना बन्दूक के डरा कर हड़प लिया और आज करोड़ों की प्रोपर्टी के मालिक बने बैठे है। और यही करोड़ों के मालिकों ने अपने करोड़ों के दम पर हथियारों और फर्जी लाइसेंस का खतरनाक खेल खेलने के बावजूद भी जमानत करवा ली। एक सामान्य आदमी के पास अगर सब्जी काटने का बड़ा चाक़ू भी मिल जाए तो उसकी जमानत के लाले पड जाते है लेकिन यहाँ तो ये लोग पुरे असलाह साजो सामान के साथ गिरफ्तार होने के बावजूद भी मासूम होने का खेल खेल रहे है।
क्या हमको पुलिस और एटीस की इस तरह की कारवाई पर सवाल नहीं उठाना चाहिए ?  आखिर सभ्य समाज में रहने के लिए ये लोग हथियारों का इस्तमाल क्यों करते है ?  और फिर फर्जी लाइसेंस का गोरखधंधा करते है। बीएसफ की ड्रेस में फर्जी फोटो खिंचवा कर सारे दस्तावेज फर्जी देते है, और फर्जी लाइसेंस बनवाते है।  क्या इनका यह कृत्य किसी देशद्रोह से कम है ?
लेकिन शायाद इनके रसूख और करोड़ों के दम पर ना तो इन लोगों से यह सवाल किये जायेगे ना ही इन पर कठोर कारवाई होगी। यही नहीं इन्हें इनोसेंट और मासूम बना कर क्लीन चिट और देदी जाएगी। और इनको क्लीन चिट दिलवाने का काम करेगें सत्ता में बैठे हुए कुछ कानून से खिलवाड़ करने वाले दलाल। सत्ता में बैठे हुए इनके आक़ा जिनके बलबूते पर ये मसूम लोग रातों तार भूमी की दलाली कर करोड़ पति बने है।

सोहराबुद्दिन एनकाउंटर मामले में सत्ताधारी नेता और बड़े अधिकारी हो गए बरी – फंसे हुए है छोटे पुलिस कर्मी .

उदयपुर . देश का बहुचर्चित सोह्राबिद्दीन एनकाउंटर मामला जिसमे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया सहित गुजरात और राजस्थान व्के गुजरात के  बड़े बड़े पुलिस अधिकारी फंसे हुए थे जो आज इस मामले से बरी हो कर अपना कद बढाने में लगे हुए है. लेकिन इसी मामले से जुड़े छोटे पुलिसकर्मी कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे है. जिम्मेदार बड़े लोग चेन की सांस ले रहे है और छोटे पुलिस कर्मी उनका मोहरा बन परेशानियों में ज़िन्दगी जी रहे है.
 सोहराबुद्दिन और तुलसी एनकाउंटर केस में  दो पुलिस कर्मियों राजस्थान के उदयपुर पुलिस कांस्टेबल करतार सिंह और गुजरात अहमदाबाद  सब इंस्पेक्टर बाल कृष्ण चौबे की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए मुम्बई सीबीआई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. जब की इसी मामले में बड़े अधिकारियों और नेताओं को बरी किया जा चुका है .
इस मामले में अब छोटे पुलिस कर्मी की कोई सुध लेने वाला भी नहीं है. नेता और बड़े अधिकारियों ने सोहराबुद्दीन और तुलसी के भूत से मानों पीछा छुड़ा लिया हो और अपने सर का भूत अब इन छोटे पुलिस कर्मियों पर डाल कर तमाशा देख रहे है.
सोहराबुद्दीन और तुलसी एनकाउन्टर ले मामले में बुधवार को करतार सिंह व् बालकृष्ण चौबे ने 15 नेताओं व उच्च अधिकारियों के सीआरपी सी की धारा 197 और 227 के तहत बरी होने के बाद इन्हें भी इन धाराओं के तहत बरी करने  का निवेदन करते हुए कोर्ट में याचिका लगाई थी। बुधवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पुलिस कर्मियों की याचिका खारिज कर दी। इन दोनों सहित इस मामले से जुड़े अन्य अधीनस्थ पुलिस कर्मी अब मुम्बई सीबीआई कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वही मामले से जुड़े सत्ताधारी नेता और , पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस मामले से बरी हो गए है, बल्कि उन्होंने इस केस के जरिए जितना पद और कद पाना था, वह पा लिया और अपनी अब टीम को मझधार में छोड़ कर  केस से किनारा कर गए हैं।
मामले में आरोपी बनाए गए अमित शाह इस मामले के बाद ऐसे सुर्खियों में आए कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। मामले से जुड़े आईपीएस रह चुके डीजी बंजारा अब चुनाव लड़ कर विधायक और मंत्री बनने का सपना देख रहे है। सरकार ने इस मामले से जुड़े आईपीएस को भी खूब पदोन्नति दी। एक डीवाई एसपी को डबल प्रमोशन देकर मलाईदार जिले के एसपी की पोस्ट थमा दी और एक आईपीएस रिटायर हो गए तो उन्हें 2 साल का सर्विस एक्सटेंशन देकर अहम जिले में पोस्टिंग दे दी। राजस्थान के आईपीएस दिनेश एमएन को भी सरकार ने जेल से छूटते ही डबल प्रमोशन देकर आईजी बना दिया था। वहीं मामले से जुड़े अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को प्रमोशन तो दूर न्याय के लिए भी भटकना पड़ रहा है। इन पुलिस कर्मियों की स्थिति इतनी भी नही है कि वे मजबूत वकील खड़ा कर कोर्ट के सामने अपना पक्ष रख सकें। सीबीआई नेताओं और उच्च अधिकारियों के दबाव में आकर जल्द से जल्द ट्रायल शुरू करवाने का प्रयास कर रही है। ताकि इस मामले में अब तक बरी हो चुके बीजेपी नेता अमित शाह, गुलाबचंद कटारिया, मार्बल व्यवसायी विमल पाटनी, गुजरात के तत्कालीन डीजीपी डीसी पांडे, वर्तमान डीजीपी गीता जौहरी, आंध्रा के आईजी सुब्रमण्यम, गुजरात के आईपीएस राजकुमार पंड्यन, ओपी माथुर, चूडाश्मा, सेवानिवृत आई पी एस डीजी बंजारा, राजस्थान आईपीएस दिनेश एमएन,  गुजरात डीवायएसपी नरेन्द्र अमीन, दो अन्य व्यवसायी अजय पटेल, यशपाल चूडाश्मा सहित 15 लोगों को दोबारा इसमे फंसने का डर न रहे।  सूत्रों की माने तो बरी हो चुके अधिकारियों ने कोर्ट में गुजरात के तत्कालीन इन्सपेक्टर वीए राठौड़ को आरोपी बनाने की एप्लीकेशन लगाई और इस याचिका पर राठोड़ की डिस्चार्ज एप्लीकेशन भी खारिज कर दी गई। जबकि राठौड़ के खिलाफ न तो सीआईडी और न ही सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में राठौड़ के खिलाफ आरोप नही है, फिर भी उन पर चार्ज फ्रेम होंगे। यही हाल कांस्टेबल अजय परमार और संतराम शर्मा के साथ हुआ। सीबीआई ने इन दोनों कांस्टेबलों को मामले में आरोपी नही माना था। इसके बावजूद इनकी डिस्चार्ज एप्लीकेशन भी खारिज हुई। मामले में बरी हो चुके 15 नेता और अफसरों को डर है कि कहीं ये सरकारी गवाह न बन जाए और इन लोगों को दोबारा जेल न जाना पड़ जाए खास बात तो यह भी है कि सीबीआई को मामले में ट्रायल शुरू कराने की इतनी जल्दी है कि वह अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को सेशन कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद हाइकोर्ट में भी जाने का समय नही देना चाहती है। इन सब निर्णयों के बाद से राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र पुलिस कर्मियों में भारी रोष है और वे खुद को अपने ही अधिकारियों के अधीनस्थ रहकर अब कमजोर महसूस कर रहे है।

उदयपुर की गौरवी ने बनाया कार्तिमान

उदयपुर. हनुमानगढ़ (संगरिया) में आयोजित 62वीं राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में उदयपुर की उभरती तैराक गौरवी सिंघवी ने 3 इवेन्ट में स्वर्ण पदक हासिल किए।

जिला खेल अधिकारी ललित सिंह झाला ने बताया कि गौरवी ने 200, 400 व 800 मीटर फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक प्राप्त करते हुए यह उपलब्धि हासिल की और आखिरी 200 मीटर फ्री स्टाइल में तेज बुखार के चलते उसे जयपुर ले जाया गया। झाला ने बताया कि यदि गौरवी का स्वास्थ्य ठीक रहा तो कल होने वाली रिले प्रतियोगिता में भाग लेने पुनः हनुमानगढ़ जाएगी। गौरवी ने हाल ही राज्य स्तर पर 1500 मीटर फ्री स्टाइल में नया कीर्तिमान बनाकर समुद्री तैराकी में अपना परचम लहराया।

बयोलिजिकल पार्क की शेरनी ‘‘महक’’ की हालत में लगातार सुधार

उदयपुर. बायोलोजिकल पार्क सज्जनगढ़ में उपचाराधीन बब्बर शेरनी ‘‘महक’’ की बुधवार को पुनः वन विभाग के वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाइयां दी तथा ऑख में आवश्यक औषधियां डाली गयी। चिकित्सकों के अनुसार ‘‘महक’’ की ऑपरेशन वाली दाई ऑख की सूजन कम हुई है साथ ही दृष्टि में सुधार हुआ है। उप वन संरक्षक वन्यजीव श्रीमती हरिणी वी. ने बताया कि ‘‘महक’’ ने कल 5 किलोग्राम मीट खाया है तथा इसकी 24 घण्टे स्टाफ द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार इसका फोलो-अप ईलाज एक सप्ताह चलेगा जो कि पार्क के स्थानीय चिकित्सक द्वारा किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि 7 वर्षीय शेरनी ‘‘महक’’ का कल दायी ऑख में तीसरी पलक की अतिवृद्धि बीमारी की वजह से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम जिसमें जयपुर जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ अरविन्द माथुर, जोधपुर जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉॅ श्रवण सिंह राठौड़ एवं उदयपुर जू के पशु चिकित्सक डॉ करमेन्द्र प्रताप सिंह शामिल थे, ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया था।