उदयपुर में हुई जिला स्तरीय मदरसा प्रतियोगिता

उदयपुर । दो दिवसीय मदरसा पैराटीचर की ‘‘त्रिपद प्रतियोगिता’’ एवं मदरसा छात्र छात्रा खेलकूद एवं साहित्यिक प्रतियोगिता का समापन भण्डारी दर्शक मण्डप, गांधी ग्राउण्ड में हुआ । समापन समारोह की मुख्य अतिथि राजस्थान मदरसा बोर्ड चेयरमेन मेहरूनिशा टांक एवं अध्यक्ष सांसद अर्जुनलाल मीणा, अति विशिष्ट अतिथि यूआईटी चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली तथा विशिष्ट अतिथि हज जिला संयोजक जहीरूद्धीन सक्का, मदरसा बोर्ड जिला संयोजक सलीम रजा, समाजसेवी अतुल चण्डालिया, फारूक हुसैन, राजेश वैष्णव, जाकिर हुसैन घाटीवाला, शफीक भारती आदि थे एवं सम्बोधित किया । सम्मान समारोह में स्वागत उदबोधन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेशचन्द्र चैहान ने प्रस्तुत किया । इस त्रिपद प्रतियोगिता एवं छात्र-छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्तकर्ता मदरसा पैराटीचर के उत्साहवर्धन हेतु अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि के शुभ हाथो से पारितोषिक वितरण किया गया।
इन मदरसो के छात्र छात्राओं ने बाजी मारी । खो-खो छात्र वर्ग में मदरसा दस्तगीर भीण्डर प्रथम, कबड्डी छात्र वर्ग में मदरसा अंजुमन गौसिया कोलोनी प्रथम, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मदरसा अलीपुरा ने तीनो स्थान हथियायें।

सांसद एवं यूआईटी चेयरमेन द्वारा हुई प्रमुख घोषणायें:-
जिले के समस्त पंजीकरण मदरसो के 750 विद्यार्थियों को यूनिफार्म देगे । जिसके लिए 5 लाख रूपये की घोषणा की एवं यूआईटी चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली ने सभी विद्यार्थियों को जूते एवं मोजे देने की घोषणा की एवं सवीना स्थित राजकीय अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास की बाउण्ड्रीवाल बनाने की जिम्मेदारी ली ।
त्रिपद प्रतियोगिता मे अपना परचम लहराने वाले मदरसा पैराटीचर गणित विषय मे मदरसा अलीपुरा की तरन्नमु बानो प्रथम, उर्दू विषय में मुर्तजा अली प्रथम, निबन्ध प्रतियोगिता मंे इम्तियाज बानो प्रथम, पत्रवाचन मंे साईस्ता परवीन प्रथम रहे।
समापन समारोह मे प्रतियोगिता प्रतिवेदन कार्यक्रम अधिकारी मो. सलीम शेख ने प्रस्तुत किया एवं संचालन मोहनगिरी गोस्वामी ने किया ।

उदयपुर की लक्षिता गौड़ ने लहराया विश्व में मेवाड़ का परचम

उदयपुर। उदयपुर की लक्षिता गौड़ ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस विषयक कार्यशाला में ‘अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध एवं टारगेट प्राप्त करने’ में बेहतरीन शोध पत्र पढक़र समूचे विश्व में मेवाड़ का परचम लहराया है।
यहां उदयपुर की सिक्योर मीटर्स के एचआर डिपार्टमेंट में कार्यरत लक्षिता गौड़ यहां निमित्त कार्य के अलावा शोध पत्र भी तैयार कर रही है। दिल्ली के ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड रिसर्च में आयोजित इस द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में विश्व भर के चयनित 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। श्रीमती लक्षिता गौड़ ने कार्यक्षेत्र में महज एक या दो कोनों पर निशाना नहीं साधकर समूचे 360 डिग्री पर कार्य करने की रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके प्रस्तुतिकरण पर कार्यशाला में समूचे सदन ने करतल ध्वनि कर भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर उन्हें विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

छात्र ने पहले डायरेक्टर को मारा चाक़ू फिर पिछोला में कूद कर देदी जान

उदयपुर। उमरड़ा स्थित टेक्नो इंडिया एनजेआर इंजिनियरिंग कॉलेज में मंगलवार दोपहर को एक छात्र ने कॉलेज के डायरेक्‍टर को चाकू मारकर गंभीर घायल कर दिया और उसके बाद छात्र ने खुद भी आत्‍महत्‍या कर ली।

जानकारी के  अनुसार टेक्नो इंडिया एनजेआर इंजिनियरिंग कॉलेज में चतुर्थ वर्ष में पढ़ने वाले छात्र भाविक जैन ने कॉलेज के डायरेक्‍टर राजेन्‍द्रशेखर व्‍यास पर चाकू से हमलाकर कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद कॉलेज में अफरा तफरी का माहौल बन गया। तत्‍काल पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डायरेक्‍टर राजेन्‍द्रशेखर व्‍यास को हिरण मगरी स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां व्‍यास का ईलाज चल रहा है।

इधर डायरेक्‍टर को चाकू मारने के बाद छात्र मौके से फरार हो गया था। उसके बाद छात्र भाविक जैन ने पीछोला स्थित अमराई के पास जाकर पानी में कूदकर आत्‍महत्‍या कर ली। समझा जा रहा है कि छात्र ने डर के मारे आत्‍महत्‍या कर ली।  पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को पानी से बाहर निकलवाया। इस दौरान घाट पर लोगों की भीड़ लग गई। इधर, छात्र के परिजन भी सूचना पर फलासिया से उदयपुर पहुंच गए। बेटे ने जो खतरनाक कदम उठाया उसे सुनकर उन्हें भी विश्वास नहीं हो पाया। वहीं, जिसने भी इस घटना के बारे में सुना उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी ये सोचने पर मजबूर हो गए कि आखिर शिक्षा के मंदिर में ऐसी खौफनाक वारदातें कैसे अंजाम लगाई जा रही हैं?

उदयपुर में ATS की कारवाई – रसूखदारों से 20 हथियार और 13 अवैध लाइसेंस जब्त

उदयपुर। एटीएस ने सोमवार को शहर में हथियारों के अवैध लाइसेंस व् हथियार की कार्रवाई करते हुए कुछ रसूखदार लोगों से हथियारों के लाइसेंस व् हथियार जब्त किये है। लाइसेंस की वैधता की जांच की जारही है क्यूँ की लाइसेंस जम्मू कश्मीर से जारी किये गए है।

रविवार को अजमेर में आर्म्स एन्ड एम्युनेशन डीलर वाली मोहम्मद एन्ड संस् के कारखाने में एटीएस द्वारा अवैध हथियारों की कार्रवाई के बाद राजस्थान के कई जिलों में एटीएस ने कार्रवाई कर वलि मोहम्मद एन्ड संस् द्वारा जारी किये गए हथियार के लाइसेंस व् हथियारों को जब्त करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उदयपुर एटीएस की एडिशनल एसपी रानू शर्मा ने बताया कि सोमवार को उदयपुर में कार्रवाई की गयी जिसमे वली मोहम्मद एन्ड संस् के मालिक उस्मान मोहम्मद और जुबेर मोहम्मद द्वारा सप्लाई किये गए हथियार व् लाइसेंस को जब्त करने की कार्रवाई की गयी।   बताया की उदयपुर से १३ लाइसेन्स व् २० हथियार जब्त किये गए है।लाइसेंस जम्मू कश्मीर से जारी होना बताया गया है। रानू शर्मा ने बताया कि लाइसेंस की वैधता की जांच की जारही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों की माने तो शहर के कई रसूखदार लोगों ने जिसमे प्रॉपर्टी डीलर बड़े बड़े व्यवसायी  शामिल है उन्होंने अजमेर से वली एन्ड संस् से लाइंसेंस बनवाया था तथा हथियार ख़रीदे थे।
गौर तलब है कि रविवार को अजमेर में आनासागरलिंक रोड पर एटीएस उदयपुर, जोधपुर जयपुर की टीमों ने आर्म्स एंड एम्युनेशन डीलर वली मोहम्मद एंड संस के बंगले पर दबिश देकर अवैध हथियारों का जखीरा पकड़ा था। जांच में यह सामने आया है कि हथियारों की खेप कश्मीर सहित अन्य राज्यों तक पहुंच रही थी।  बंगले से भारी संख्या में विदेशी मार्का लगी बंदूकें, रिवाल्वर सहित अन्य हथियार बरामद हुए थे। एटीएस को सूचना मिली थी कि वली मोहम्मद की मौत के बाद उसका बेटा उस्मान मोहम्मद आैर पोता जुबेर आर्म्स एंड एम्युनेशन के डीलर की आड़ में अवैध हथियारों की सौदेबाजी कर रहे हैं। उसी कड़ी में जहाँ जहाँ वली मोहम्मद एंड संस ने हथियारों की सप्लाई की है वहां कारवाई की जारही है।

उदयपुर में बेकाबू स्वाइन फ्लू – एमबी हॉस्पिटल के जिम्मेदार पल्ला झाड़ रहे है।

उदयपुर। बेकाबू स्वाइन फ्लू और जिम्मेदारों की चुप्पी महाराणा भूपाल चिकित्सालय के स्वाइन फ्लू वार्ड की कुछ अनोखी कहानी ही कह रही है। स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या हर रोज़ बढ़ रही है, वार्ड में मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है । सोमवार को भी दो मरीज भर्ती किये गए छह मरीजों की हालत गंभीर है जब कि नो मरीज वेंटिलेटर पर है और २८ अन्य मरीज वार्ड में भर्ती है। इधर प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।
स्वाइन फ्लू बेकाबू हो गया है और बिमारी से ज्यादा बेकाबू महाराणा भूपाल चिकित्सालय वार्ड के हालात है। प्रशासन की पूरी मुस्तेदी चिकित्सा विभाग की सतर्कता के बावजूद भी महाराणा भूपाल चिकित्सालय के जिम्मेदार अधीक्षक और वार्ड इंचार्ज अपनी जिम्मेदारियों से बचते फिर रहे है। १० बेड के वेंटिलेटर वार्ड में ९ मरीज वेंटिलेटर पर है जिसमे ६ मरीज अपनी जिंदगी और मौत के बिच झूल रहे है जिनकी आखरी साँसे अटकी हुई है। इसके अलावा स्वाइन फ्लू वार्ड ,में कुछ ३० मरीज भर्ती है। बेपरवाह अस्पताल प्रशासन की वजह से कई अक्सर जनरल वार्ड में भर्ती मरीज वेंटिलेटर पर पहुच रहे है। अस्पताल प्रशासन को जिला कलेक्टर ने स्वाइन फ्लू वार्ड को ५० बेड तक बढाने के आदेश दिए है लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक बेड की संख्या नहीं बड़ाई गयी है। इधर जब महाराणा भूपाल चिकित्सालय अधीक्षक विनय जोशी व् वार्ड इंचार्ज ओपी मीणा से वार्ड की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी जाती है तो कॉल कट कर दिया जाता है। सूत्रों की माने तो स्वाइन फ्लू वार्ड की अव्यवस्था धीरे धीरे स्वाइन फ्लू रोगियों के लिए मौत का वार्ड बनता जा रहा है।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राघवेन्द्र रॉय ने बताया की सोमवार को दो स्वाइन के मरीजो पोजेटिव पाया गया केशव नगर निवासी ३५ वर्षीय महिला एवं स्वामी नगर निवासी ६१ वर्षीय व्राद्ध जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया व् उस क्षेत्र में स्क्रीनिंग के लिए मेडिकल टीमें भेजी गयी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि स्वाइन फ्लू के प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर चिकित्सा विभाग विशेष सतर्कता बरतें। शर्मा सोमवार को मौसमी बीमारी नियंत्रण को लेकर चिकित्सा, शिक्षा, जलदाय, विद्युत एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू रोगी की तत्काल पहचान को लेकर जागरूकता लाने पर जोर दिया जाए। संभावित रोगियों को तुरंत उचित इलाज मुहैया कराने के साथ ही संक्रमण के बचाव पर विशेष ध्यान दें, जांच व दवा वितरण की पुख्ता व्यवस्था हो।
एडीएम ने विद्यालयों व जन सरोकार वाले विभागों के जरिए आईईसी सामग्री वितरण से जनजागरूकता लाने व शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर दिया गया।उन्होंने मौसमी बीमारियों के नियंत्रण को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव टांक से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पेयजल क्लोरीनेशन, विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को जानकारी देने आदि पर जोर दिया।

Kidney stones and homoeopathy – Dr Kajal Verma

0
Kidney stones are hard, abnormal concretions composed of mineral salts which can lie in the kidney, ureters or urinary bladder. Kidneys are vital organs that filter blood and help urine formation. Ureters are tubes that carry urine from the kidney to the urinary bladder. The urinary bladder is a sac that acts like a reservoir for holding urine until it is voided outside the body through the urethra. Urethra is the lower part of the urinary system

डॉ. काजल वर्मा

through which urine seeks its path outside the body from the urinary bladder. Kidney stones affect more men than women. The causes include decreased water intake, increase intake of protein, calcium, sodium, sugar or urinary tract infection. Diets rich in oxalates such as spinach, tomato, cabbage, coffee, chocolates, tea, blackberries, strawberries, beetroot and nuts also predispose a person to kidney stones. Excessive vitamin C, vitamin D and uric acid also increase the risk of kidney stone formation. Familial disposition is also a factor in developing kidney stones.

Symptoms of Kidney Stone
Kidney stones may lie silently in the kidney without any symptom. Severe pain with other associated symptoms appear when the stone tries to enter the ureter from the kidney or from the ureter into the urinary bladder or when it tries to pass down from the urinary bladder  to the urethra. Pain caused by kidney stones is felt in the flanks (outer side of lower abdomen), lower back and often extends to the groin area (area where abdomen and thighs join) or genitals. The urine may contain blood or pus.  Painful urination or urgency to urinate may also be present. Nausea and vomiting is yet another symptom associated with kidney pain.
Homeopathy a Safe and Effective Cure for Kidney Stone
Homeopathy is without doubt the best treatment mode to follow to get rid of kidney stones. Homeopathic medicines for kidney stone are dual action remedies which are natural and safe.some of them are,
Berberis vulgaris
Lycopodium
Ocimum sanc
Hydrangea 
Cantharis 
Etc.
First, they help remove the stones present in the urinary tract either by crushing them into fine sand-like particles or in a few cases, in the intact state. Secondly, they hold the promise of completing removing the tendency towards stone formation in the future. While selecting the appropriate Homeopathic medicine for kidney stone, the side affected is considered along with the pain and associated symptoms. The colour of sand particles in urine helps to further refine the search.  Although kidney stones can be safely handled with properly selected Homeopathic medicines, care should be taken when the size of the stone is very large and it gets impacted in the ureter leading to hydronephrosis that calls for surgical intervention to prevent kidney damage.

प्रतिभाओं के सम्मान से नई प्रतिभाएं मिलती – झाला

क्षत्रिय रत्न सम्मान समारोह का आयोजन

उदयपुर । प्रतिभाओं के सम्मान से उन्हें आगे बढने की प्रेरणा के साथ समाज को विभिन्न क्षेत्रों से नई-नई प्रतिभाएं मिलती है। शिक्षा और संगठन से ही समाज संगठित व् जागरूक होता है और विकास की और अग्रसर रहता है। समाज को आगे बढ़ाने में युवाओं की सक्रियता बहुत जरूरी है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी युवा टीम पर निर्भर होती है,युवा पीढ़ी ही देश की भविष्य निर्माता है उक्त विचार राजस्थान हाइकोर्ट के न्यायाधीश रामचंद्र सिंह झाला ने शनिवार को मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान की और से मीरा मेदपाट भवन चित्रकूट नगर में आयोजित प्रथम क्षत्रिय रत्न सम्मान समारोह में व्यक्त किये। उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कहां की बालिका शिक्षा को बढ़ाने के लिए क्षत्रिय समाज के लोगों को आगे आना चाहिए। बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा को जीवंत रखकर समाज में खुशहाली लाई जा सकती है। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संरक्षक रावत मनोहर सिंह कृष्णावत ने कहा कि समाज में बहुत सी प्रतिभाएं मौजूद है लेकिन सुविधाओं और साधनों  के अभाव में वो संघर्षरत है उनकी सुविधाओं  के लिए महासभा द्वारा इन प्रतिभाओं को संसाधनों की पूर्ति में सहयोग किया जायेगा। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही देश के विकास में सहयोगी हो सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के विकास के लिए हमें निजी स्वार्थ से उपर उठकर कार्य करना होगा। समारोह में क्षत्रिय समाज के राजनीतिक,सामाजिक,प्रशासनिक क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए पूर्व विधायक और भाजपा की वरिष्ठ नेता श्रीमती श्यामा कुमारी सेंगर, वल्लभनगर विधायक रणधीर सिंह भींडर,देहात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला, भूपाल नोबल्स संस्थान के पूर्व निदेशक तेजसिंह बांसी,भारतीय सेना के रि लेफ्टिनेंट जनरल एन के सिंह, प्रशासनिक सेवा के डॉ भोपाल सिंह चुंडावत, शिक्षाविद डॉ औंकार सिंह राठौड़, समाजसेवी भारत सिंह सिसोदिया व् सज्जन सिंह राणावत को शॉल,सम्मान पत्र प्रदान कर  “क्षत्रिय रत्न सम्मान” से नवाजा गया। महासभा के अध्यक्ष बालू सिंह कानावत और महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत ने अतिथियों का स्वागत किया,समारोह में न्यायाधीश रामचंद्र सिंह झाला का नागरिक अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया, डॉ दरियाव सिंह चुंडावत,चंद्रगुप्त सिंह चौहान, खीम सिंह कितावत,कुंदन सिंह मुरोली,राजेंद्र सिंह सिसोदिया,भोपाल सिंह,डी डी सिंह ,गुमान सिंह ,अशोक सिंह मेतवाला सहित सैंकड़ो समाजजन मौजूद थे।समारोह में क्षत्रिय समाज की महिलाएं भी मौजूद थी

बालिकाओं को दी गीता – समारोह में मीरा मेदपाद छात्रावास में अध्ययनरत बालिकाओं को महंत प्रयाग गिरी महाराज ने गीता की प्रतियां प्रदान की और खान की गीता का उपदेश को अपने जीतव में अंगीकार करना चाहिए
दिसम्बर में होगा महा सम्मलेन– मेवाड़ क्षत्रिय महासभा का संभाग स्तरीय सम्मलेन आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होगा जिसमें संभाग से 40 हजार से अधिक क्षत्रिय समाज के लोग हिस्सा लेंगे।

चुनाव जीतने के बाद नेता हो जाते है मालामाल

0

पोस्ट. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजनेताओं की मौद्रिक संपत्ति में भारी उछाल के विरुद्घ कार्यवाही न करने के लिए केन्द्र की खिंचाई की और इस संबंध में आयकर द्वारा की गई इसकी जांच की रिपोर्ट अगले मंगलवार तक प्रस्तुत करने को कहा।
चुनावों में राजनेताओं द्वारा धनबल का प्रयोग किया जाता है। इसे रोकने के लिए राजनेताओं की संपत्ति की वृद्घि को रोकने पर जोर देते हुए जस्टिस जे चेलमेश्बर तथा अब्दुल नजीर ने कुछ नहीं करने के लिए केन्द्र की नीयत पर सवाल किया। और पूछा कि सरकार ने क्यों और चुनाव सुधार की बात की किन्तु उन्हें लागू करने की तारीख की बात कभी नहीं की।
पीठ ने अतिरित्त सॉलिसिटर जनरल पी एस नरसिम्हा से पूछा “क्या भारत सरकार का यही रूख है? आपने अब तक क्या किया है?” मैं पूछना चाहता हूं कि क्या नेताओं द्वारा अपने चुनावी शपथ पत्र में घोषित की गयी संपदाओं और जो वे आयकर रिटर्न में भी दिखाते हैं उनकी किस गतियों के बारे में कभी कोई जांच की गयी है।
एनजीओ लोक प्रहरी ने चुनाव जीतने के बाद राजनेताओं की संपत्ति में अचानक वृद्घि होने के संबंध में एक जनहित याचिका दायर की थी। जब उसके वकील ने बताया कि आयकर विभाग ने ऐसी जांच की है तब कोर्ट ने १२ सितंबर को अगली सुनवाई में इसे जांचना चाहा। जब नरसिम्हन ने कहा कि सरकार कार्यवाही करेगी तब जस्टिस चेलमेश्वर ने पलटकर कहा कृपया यह सुनिश्चित करें और मंगलवार को प्रात: ठीक १०. ३० बजे डेटा उपलब्ध कराये। आप मूलभूत डेटा उपलब्ध क्यों नहीं करा सकते? आप कम से कम यह तो कर सकते हैं। इस पर बल देते हुए कि यह एक बहुत गंभीर मामला है जज ने कहा कि वे ऐसे मामलों में सरकार के टालमटोल वाले वत्त*व्यों की अनुमति नहीं देंगे।
कोर्ट ने पुष्टि की आप कहते हैं कि आप चुनाव व्यवस्था सुधारने को तैयार है लेकिन आप निर्वाचित प्रतिनिधियों के बारे में ऐसी मूलभूत सूचना तक उपलब्ध कराने को तैयार नहीं हैं।
अपनी याचिका में लोक प्रहरी ने मांग की है कि न केवल चुनाव लड रहे प्रत्याशी बल्कि उनके जीवन साथी और बच्चों की आय भी सार्वजनिक की जाए।

जनहित याचिका का जबाव देते हुए चुनाव आयोग ने धनबल का बढती भूमिका पर रोष जताया। आयोग चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट प्रत्याशियों के लिए उनके शपथ पत्र में उनके जीवन साथी तथा उन पर निर्भर बच्चों की आय घोषित करना भी आवश्यक कर दे। आयोग ने कहा कि निर्वाचन कानून के उद्देश्य से प्रत्याशियों के वास्ते ईमानदारी का वहीं पैमाना होना चाहिए जिससे सेवा कानूनों के तहत लोक सेवक पाबंद होते हैं।
चुनावों में धन बल के प्रयोग से लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को होने वाले गंभीर खतरे इंगित करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि किस प्रकार उसने भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे के उपयोग के सबूत मिलने के बाद तमिलनाडु के दो निर्वाचन क्षेत्रों में नये सिरे से चुनाव करवाए।

वो किसी से नहीं डरती थी, लेकिन कोई उनसे डरता था

0

पोस्ट । वो किसी से नहीं डरती थी, लेकिन कोई था जो उससे बहुत डरता था, इतना ज्यादा डरता था कि उसने उसकी हत्या कर दी। पत्रकार एवं एक्टिविस्ट गौरी लंकेश जिसकी मंगलवार को बैंगलोर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी कि मृत्यु के मद्देनजर ये शब्द सीधे दिल पर असर करने वाले हैं।
वे उसे क्यों मारना चाहते थे? वे किस बात से डरते थे? एक दुबली-पतली अधेड उम्र की महिला से किसी को भी क्या खतरा हो सकता था? ये लोग कौन थे जो बेहद डरे हुए व कमजोर थे और जिनमें इतनी ज्यादा नफरत थी, साथ ही वे इतने अमीर थे कि उसकी हत्या के लिए पेशेवर हत्यारों को सुपारी दे सकें?
पत्रकारिता के मूल सवाल हैं – कब? कहां? कौन? क्या? क्यों? और कैसे? गौरी लंकेश के केस में सिर्फ कब और कहां का जवाब पता है अन्य सवालों के जवाब अभी अटकलों व अनुमानों में छिपे हुए हैं।
साफ शब्दों में कहें तो सर्वाधिक संभाव्य सिद्घान्त, जो अभी प्रचलित है, यह है कि उसे हिन्दुत्व उन्मादियों ने मारा है, क्योंकि वह लगातार उनका पर्दाफाश कर रही थी, जिससे ये लोग काफी चिढे हुए थे।
कन्नड भाषा में प्रकाशित उनके साप्ताहिक पत्र में लिखे उनके हालिया आलेख तथा विभिन्न ऑनलाइन प्रकाशनों में लिखे उनके अंग्रेजी के आलेखों पर सरसरी नजर डाली जाए तो उपरोत्त धारणा को बल मिलता है।
अपनी पत्रिका गौरी लंकेश पत्रिके में वे धर्मनिरपेक्षता, दलितों, शोषितों व महिलाओं के अधिकारों के प्रति काफी मुखर रही हैं। और अपने सभी आलेखों में उन्होंने दक्षिण पंथी राजनीति व भगवा नेताओं की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोडी। यहां तक कि ट्विटर व फेसबुक पर उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी नाराजगी व क्रोधभरी प्रतिक्रियाएं आती थी उन्हें राष्ट्र विरोधी व हिंदु विरोधी जैसे तमगों से नवाजा जाता था।

भगवा खेमे में उनके वैचारिक शत्रुओं की संख्या काफी ज्यादा थीं। गत नवम्बर में कर्नाटक के हुबली जिला मजिस्ट्रेट ने उन्हें मानहानि के मुकदमे में दोषी ठहराया था, जिसमें उन्हें ६ माह का कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी। यह मामला २००८ में उनकी पत्रिका में धारवाड के भाजपा सांसद प्रहलाद जोशी तथा भाजपा नेता उमेश दुशी पर लिखे एक लेख से सम्बन्धित था।
उनकी प्रतिक्रिया भी उन्हीं के जैसी निडर थी मुझे पता नहीं था कि भाजपा की आईटी सैल इस मसले का इस्तेमाल दूसरे पत्रकारों को डराने के लिए करेगी।
उन्होंने कहा था कि, उनकी स्थिति देश में अभिव्यत्ति* की आजादी की स्थिति पर जो कहती है, उनकी चिंता उसी बात को लेकर है। यह बात काफी चिंताजनक है कि जो लोग सत्तारूढ विचारधारा का विरोध करते हैं उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
एम एम कलबुर्गी, जिनकी हत्या को बजरंग दल के कार्यकर्ता भुविथ शेट्टी ने जायज ठहराते हुए ट्वीट किया था कि, हिंदुत्व का मजाक उडाओ और कुत्ते की मौत मरो। इसके बाद उभरते हालात पर भी गौरी ने अपने विचार बेबाकी से रखे। गौरतलब है कि शेट्टी पर गत वर्ष किसी हरीश पुजारी की हत्या का आरोप लगा था। कहा जा रहा है कि उसने पुजारी को गलती से मुसलमान समझ लिया था इसलिए उसकी हत्या कर दी थी।
गौरी ने बी वी सीताराम का भी जिक्र किया, जिन्हें मानहानि के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीताराम ने कहा था कि उसे अपनी हत्या किए जाने का डर है। उसने कहा कि, अगर मुझे मंगलोर जेल भेजा गया तो बजरंग दल के लोग मुझे जेल में ही नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अपने खिलाफ केस के मामले में लंकेश ने कहा कि जहां तक वे समझती हैं, मानहानि का मुकदमा करने वाले को साबित करना होता है कि उसकी मानहानि हुई है और अदालत को आलेख पर अपनी राय तय करने का अधिकार नहीं है।
गौरी को लगता था कि आलेख पर प्रहलाद जोशी की आपत्ति निराधार है क्योंकि यह आलेख तो एक जूलर के बारे में था जो न्याय मांगने के लिए जोशी के पास गया था क्योंकि उसे जोशी की पार्टी सदस्य परेशान कर रहे थे। चूंकि जोशी के पास उसकी सुनवाई नहीं हुई इसलिए उसने पुलिस के पास जाने की धमकी दी थी।
असल में इस खबर में आरोप लगाया गया था कि जोशी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को बचा रहे हैं। लेकिन इस खबर से जोशी को कोई नुकसान नहीं हुआ। यह खबर कई अखबारों में छपी थी लेकिन उन्हीं के प्रकाशन को निशाना बनाया गया। गौरी का सवाल था, मैने उन्हें कैसे बदनाम किया, वे तो उसके बाद चुनाव भी जीते हैं।
जहां तक दुशी का सवाल है लंकेश का कहना था कि उनके खिलाफ पहले से ही कई केस थे इसलिए दुशी की प्रतिष्ठा को उनके प्रकाशन से शायद ही कोई नुकसान हुआ हो।
कुल मिलाकर उनका कहना था कि भारत में लोगों की आवाज दबाई जा रही है और काले अंधकार भरे दिन आने वाले हैं। गत दो वर्षों में देशद्रोह का आरोप तो हर मामले में लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार समर्थक असंतोष व असहमति को दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं।
रिपोर्ट कहती है गौरी लंकेश जो कर्नाटक के भ्रष्ट नेताओं व उद्योगपतियों का पर्दाफाश करने पर काम कर रही थी, ने अपने मित्रों को हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान ऐसे आलेखों की शृंखला पर काम करने का संकेत दिया था।
चार सितम्बर को गौरी ने ट्वीट किया था कि, मुझे ऐसा क्यों लगता है कि हममें से कुछ आपस में ही लड रहे हैं? हम सब अपने सबसे बडे शत्रु के बारे में जानते हैं। बैंगलौर पुलिस इसे उनके मन की बेचैनी का संकेत मान रही है। एक कन्नड टी वी चैनल ने दावा किया था कि कुछ दिन पहले भी हत्यारों ने लंकेश का पीछा किया था। पब्लिक टीवी ने दावा किया कि लंकेश की हत्या का पहला प्रयास दो सितम्बर को हुआ था।

कपासन के बुरहानी स्कूल में दस दिवसीय हैण्डराइटिंग इम्प्रुवमेंट शिविर शुरू, शिक्षकों का सम्मान

उदयपुर/कपासन, 6 सितम्बर। कपासन स्थित बुरहानी स्कूल में बुधवार से दस दिवसीय हैण्डराइटिंग इम्प्रुवमेंट शिविर प्रारंभ हुआ। शिविर के शुभारंभ पर विद्यालय परिसर में शिक्षक दिवस समारोह भी आयोजित किया गया जिसमें विद्यालय के शिक्षकगणों का सम्मान किया गया। बुरहानी स्कूल के निदेशक आबिद अली ने अपने उदबोधन में कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। वर्तमान परिदृश्य में प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह छोटे से छोटा मजदूर ही क्यों ना हो अपने बच्चे को उच्च स्तर की शिक्षा देना चाहता है। गत कई वर्षों यह विद्यालय भी बच्चों को उच्चतर शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों मेें शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए हर वर्ष की तरह इस साल भी दस दिवसीय शिविर उदयपुर की एनआईईएल संस्था के सहयोग से लगाया गया। जिसकी शुरूआत आज हुई। शिविर के पहले दिन एनआईईएल निदेशक मेहजबीन मगर ने बच्चों में अंंग्रेजी की जरूरत व जीवन में बेहतर शिक्षा की महत्ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई बार परीक्षा में शिक्षक बच्चों की हैण्डराइटिंग को देखकर ही उसे अंक प्रदान कर देता है। मगर ने बताया कि इस दस दिवसीय शिविर में विद्यालय के कक्षा पहली से सातवीं तक के बच्चों को हैण्डराइटिंग सुधार व अंग्रेजी का ज्ञान दिया जाएगा जिसके लिए उदयपुर से उनकी संस्था के पांच शिक्षक सहयोग करेंगे। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि मेहजबीन मगर,मुफद्दल बोहरा, प्रिंसिपल मन्नालाल उपाध्याय व उपस्थित अतिथियों ने स्कूली शिक्षकों व उदयपुर एनआईईएल संस्था के शिक्षकों का माल्यार्पण कर एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया।