उदयपुर . डबोक थाना क्षेत्र के नांदवेल गांव में जमीन विवाद के चलते साकरोदा पूर्व सरपंच उषा शर्मा की कमला शर्मा ने हथियारों से वार कर हत्या कर दी। घटना शनिवार सुबह जमीन पर कब्जा लेने के दौरान उपजे विवाद पर हुई। पुलिस ने कमला को पकड़ लिया व शव को मुर्दाघर रखवाया।
जानकारी के अनुसार झगड़ा जिस जमीन के लिए हुआ था उससे जुड़ी जमीन देवस्थान विभाग की थी, जिस पर कब्जा करने को लेकर विवाद हुआ था । घटना की खबर आस पास के इलाके में आग की तरह फैल गई और काफी लोग इकट्ठे हो गए।
उदयपुर. स्पेशल टास्क फोर्स ने आईपीएल सीरिज के मैच के दौरान देवदर्शन होटल सूरजपोल के मालिक सीपी गांधी उर्फ चन्द्रप्रकाश गांधी सहित तीन बुकी को मुंबई इंडियन व किंग इलेवन पंजाब टीम पर सट्टा लगाते गिरफ्तार किया ।पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान उदयपुर में करोड़ों रुपए का सट्टा लगने की जानकारी मिलने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर सुधीर जोशी के निर्देशन व पुलिस उप अधीक्षक भंवर सिंह हाड़ा के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स ने मुखबिर तैनात किए। गुरूवार देर शाम को स्पेशल टीम के जवान प्रह्लाद कुमार को जरिये मुखबिर सूचना मिली कि आईपीएल सीरीज के मैच मुंबई इंडियन व किंग इलेवन पंजाब टीम पर कुछ व्यक्ति थाना हिरणमगरी सर्कल के तितरड़ी गांव के पास सुनसान जगह में बने मकान में बैठ मैच पर सट्टा लगा रहे हैं। इस पर स्पेशल टीम ने कार्रवार्ई करते हुए मकान पर देर शाम दबिश दी। जहां टेलीविजन पर मैच चल रहा था व एक मोबाइल फोन पर तोता लाइन चल रही थी व तीन व्यक्ति मैच के सेशन व हर बोल पर भाव बता कर आगे लाइन दे रहे थे। उनके पास 5 मोबाइल, हिसाब-किताब का रजिस्टर जिसमें 1 करोड़ 10 लाख 15 हजार का हिसाब व 4320 रु. नकद मिले। मौजूद तीनों व्यक्तियों का नाम पता पूछा तो चंद्र प्रकाश गांधी पुत्र शेषमल गांधी निवासी सीए सर्कल सेक्टर 14, अमर सिंह पुत्र सुरेश सिंह निवासी टेकरी, प्रदीप सिंघवी पुत्र अर्जुन सिंह निवासी मनवा खेड़ा थाना हिरणमगरी उदयपुर होना बताया जिनको मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही टेलीविजन, 5 मोबाइल, 4320 रुपए, हिसाब-किताब का रजिस्टर जप्त किया । थाने पर लाकर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया।
उदयपुर. मावली जंक्शन एवं भीमल स्टेशन के बीच शुक्रवार सुबह साढ़े 7 बजे रेलवे अधिकारियों की मुश्तैदी जांचने के लिए मॉकड्रिल की गई। नीमच से उदयपुर जाने वाले लोकल गाड़ी सुबह 07:200 बजे मावली से रवाना हुई, जो मावली एवं भीमल स्टेशन के बीच अचानक रुक गई। रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई कि भीमल के बीच ट्रेन किसी दूसरी गाड़ी से टकरा गई है। इसको लेकर साढ़े 7 बजे ट्रेन को बीच में ही रोका गया है।
मौके से 108 को भी सूचना दी गई। जैसे ही कर्मचारी एवं 108 मौके पर पहुंची, तब अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मॉकड्रिल की सूचना दी गई। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। मॉकड्रिल के कारण नीमच-उदयपुर ट्रेन डेढ़ घंटा लेट हुई, जो उदयपुर करीब 09:20 बजे पहुंची। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
उदयपुर। उदयपुर जिले में तीन दिन बाद शुक्रवार को नेट बंदी से राहत मिली और जिले भर की इंटरनेट सुविधा वापस शुरू होने से लोगों ने चैन की सांस ली। कई रुके हुए काम पुरे करने में लग गए। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार रात १० बजे से नेट बंद करवा दिया गया था जिसके बाद शुक्रवार दोपहर तीन बजे पुनः शुरू किया गया।
शुक्रवार दिन में तीन बजे सबसे पहले बीएसएनएल का ब्रॉड बेंड चलाया गया उसके बाद एक एक कर सभी मोबाइल कंपनी ने नेट सर्विस चालु करदी। जिला प्रशासन के आदेशों के बाद शहर में तीन दिनों से नेट बंद चल रहा था । यह सब इसलिए हुआ कि मंगलवार को कुछ मनचलों ने आपत्तिजनक पोस्ट सोषल मिडिया पर डाल दी इसके बाद बवाल बढ़ने की आषंका को देखते हुए प्रषासन ने पूरे इलाके में नेटबंदी की अचानक घोशणा कर दी। इसके बाद मानों पूरे इलाके में साइबर कफ्र्यू लग गया हो शहरवासी बेहाल हो गए थे। पिछले तीन दिन से शहर वासियों के मन में एक ही सवाल था कि इतना क्या बड़ा मामला हो गया कि प्रषासन ने इस तरह का कदम उठाते हुए स्मार्ट सिटी को डिजिटल इण्डिया में गुलाम बना दिया हो। क्या प्रषासन की कोई जवाब देही नहीं बनती लेकिन अधिकारी पूरी तरह चुप रहे,नेटबंदी की घोशणा के बाद कुछ नहीं बोले कि आखिर ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। उदयपुर की 95 फिसदी जनता आज इंटरनेट पर निर्भर है ऐसे में सभी को भारी परेषानी का सामना करना पड़ा। चैतरफा प्रषासन की आलोचना होती रही लेकिन जिले में पदासिन्न यह लोग चुप्पी साधे रहे। करीब 63 घण्टे बाद आखिरकार सभी इन्टरनेट कम्पनियों को सेवाएं सुचारू करने के लिए हरि झण्डी दे दी गई तब कहीं जाकर उदयपुर जिले में लगे साइबर कफ्र्यू को हटाया जा सका। जैसे ही यह सेवाएं षुरू हुई मानो पूरे शहर की जान में जान आ गई हो। वाट्स एप्प, फेसबुक पर कई कमेन्ट आना शुरू हो गए, जिसमें जिला प्रषासन पर खूब मजाकिया तंज भी कसे गए। सभी अपने – अपने लहजे में यही कहते दिखाई दे रहे थे कि जिले के जिम्मेदारों ने जो कृत्य किया है, वह कमजोर प्रशासक की निशानी है, नहीं संभल पाए तो पद छोड़ देना चाहिए पूरे शहर को परेशां करना किसी अपराध से कम नहीं है। इस पूरे मामले ग्रामीण विधायक फुलसिंह मीणा का कहना था कि जिन लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है, उन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन पूरे जिले की जनता को परेषान करना ठीक नहीं है। व्यापारी, स्टूडेंट, बरोजगारों को इन 63 घण्टों में काफी परेषानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों की माने तो नेटबंदी से करोड़ों का व्यापार रुक गया। शहर के कई लोगों ने प्रशासन के इस नेट बंदी कार्रवाई को सही नहीं बताया। साइबर एक्सपर्ट विकास सिंह का कहना है कि प्रशासन में कोई आईटी एक्सपर्ट भी होना चाहिए जो प्रशासन को यह राय दे कि अगर सोशल मीडिया ने शहर का माहौल खराब हो रहा है तो बजाय पूरी नेट सर्विस बंद करने के नेट के सर्विस प्रोवाइडर को बोल कर सिर्फ फेसबुक व्हाट्सअप भी बंद करवाया जासकता है। नेट को पूरी तरह से बंद करवाने से कई जरूरी काम काज मानों ठप्प हो जाते है। हालाँकि पुलिस प्रशासन अभी भी स्थिति पर नज़र बनाये हुए है, फिर कोई भड़काऊ पोस्ट डाली गयी और शहर का माहौल खराब होने जैसी स्थिति हुई तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर नेटबंदी की जासकती है।
Post। समाज में यौन अपराधों की क्रूरता दिन-ब-दिन अमानवीय स्तर छूती जा रही है। पुलिस, प्रशासन और न्याय का रोल किसी भी अपराधिक घटना के हो गुजरने के बाद ही शुरू होता है। याने मूलतः यौन अपराध को होने से पहले रोका नहीं जा सकता। कठोरतम न्याय व्यवस्था का भय ही शायद ऐसे अपराधों को थोड़ा कम कर सकता है।
साइबर क्राइम पुलिस को एक साफ्टवेयर इंजीनियर महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ पोर्न साइट्स पर कोई व्यक्ति दो लोगों के यौन संबंध बनाते हुए वीडियो पोस्ट कर रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में जांच करने पर पता चला कि यह वीडियो एक ख्यात पोर्न वेबसाइट पर एक व्यक्ति के बेडरूम से लाइव स्ट्रीम के जरिये पोस्ट किया गया था।
आरोपी ने स्वीकारा कि वह बचपन से पोर्न एडिक्ट है। यह सब वह धन के लालच में कर रहा था। 33 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी पत्नी के साथ बलपूर्वक यौन संबंध बनाकर उसे पोर्न वेबसाइट पर दिखा रहा था। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि उसने लैपटॉप को इस तरह रखा था कि यौन संबंध बनाते समय वह लाइव दिखता रहे। पत्नी को चकमा देने के लिए उसने उसी समय लैपटॉप पर एक फिल्म भी चला रखी थी।
हालांकि पिछले सप्ताह उसे गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन पुलिस ने अभी मामले को अधिक उजागर नहीं किया है ताकि पीडि़ता व उसके परिवार की पहचान गुप्त रखी जा सके।
उदयपुर. देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह के आरोपी दो विदेशियों सहित पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर अंबामाता पुलिस ने 3 करोड़ रुपए के फ्रॉड का खुलासा किया है। अंबामाता पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार मोहिन्द्र और नरेश से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार सोशल नेटवर्किंग साइट पर गिरोह के जारी विज्ञापन से संपर्क किया और सोशल साइट पर चेटिंग कर आरोपियों को एहसास दिलाया कि वे उनके झांसे में फंस गए हैं। फिर तकनीकी संसाधनों से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
एसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि, तकनीकी संसाधनों के आधार पर विरार, मुंबई से नाईजीरिया निवासी विक्टर उर्फ कैलविन, इडूमी चार्ल्स और मुंबई निवासी महिला प्रेमा दास सोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरोह में शामिल भूपालपुरा निवासी संदीप मोहिन्द्रा पुत्र देवेन्द्र और नरेश पंचोली पुत्र उदयलाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोपी विदेशी युवकों को पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, ये तुरंत तुरंत स्थान बदल देते थे। गिरोह में शामिल उदयपुर के संदीप और नरेश को कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। आरोपियों ने लोगों से ठगे गए रुपयों से रेडीमेड कपड़े खरीदे और नाइजीरिया कार्गो के जरिए भेज दिए थे, जिसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा जोड़ने के साथ ही आपराधिक दुर्विनियोग के लिए आईपीसी की धारा 411 और 413 भी लगाई है। उदयपुर में धारा 413 का पहली बार ही उपयोग हुआ है। इन धाराओं में आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। गिरोह का खुलासा डीएसपी गोपाल सिंह भाटी, थानाधिकारी चंन्द्रपुरोहित, अशाेक आंजना के नेतृत्व में बनी टीम ने किया है।
आरोपियों की महिला के नाम से बनी एफबी प्रोफाइल पर की चैटिंग और जाल में फंसाया
– थानाधिकारी चन्द्र पुरोहित ने बताया कि आरोपियों ने महिला के नाम से फेसबुक प्रोफाइल बनाई हुई थी, जिस पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। महिला ने खुद को समुद्री जहाज पर अधिकारी बताया और चेटिंग की। पांच दिन बाद महिला ने रिप्लाई किया कि जहाज पर समुद्री डाकू आ गए हैं, उसके पास काफी डाॅलर, पाउंड और रुपए हैं। चार-पांच दिनों में काफी भरोसा हो गया है। इस रुपए को सुरक्षित रखने के लिए वह पार्सल के जरिए यह राशि भेज रही है, यह सुनकर अधिकतर चेटिंग करने वाला तत्काल पता दे देता था और भरोसे में आ जाता था।
इसके बाद महिला संपर्क नहीं करती थी, यहां मौजूद संदीप और नरेश फोन करते थे कि आपका पार्सल विदेश से आया है। इसकी कुरियर राशि खाते में जमा करवा दीजिए और पार्सल प्राप्त कर लीजिए। व्यक्ति तत्काल रुपए जमा करा देता था और ये लोग पीड़ित से संपर्क तोड़ देते थे।
इसके अलावा सोशल नेटवर्किंग साइट पर विभिन्न देशों के वीजा बनवाने का विज्ञापन करते थे। फर्जी वीजा की कॉपी स्कैन कर पीड़ित काे भेजते थे और उससे मोटी रकम प्राप्त करते थे। फर्जी सिम के जरिए लॉटरी लगने का झांसा देकर प्रोसेसिंग चार्ज के नाम से राशि हड़पने और इंस्टाग्राम, फेसबुक पर ब्रांडेड इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़ों को सस्ते दाम में बेचने के नाम पर भी लोगों ने उनके खातों में रुपए डलवाकर ठगी की है।
फर्जी नाम से खाते खुलवाते और उसी में जमा कराते थे फ्रॉड की राशि
एएसपी सुधीर जोशी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी नामों से बैंक खाते खुलवाए थे। फ्रॉड से ली राशि इन खातों में ही डलवाई जाती थी। खातों का ट्रांजेक्शन की पड़ताल से पता चला कि आरोपियों ने अब तक सैकड़ों लोगों से 3 करोड़ रुपए की ठगी की है। इस राशि को सर्राफा व्यापारियों के खातों में अारटीजीएस करा उनसे सोना-चांदी खरीदते थे और फिर उन्हीं व्यापारियों को बेचकर कैश राशि प्राप्त कर लेते थे।
नाइजीरियन के पास हैदराबाद का वोटर कार्ड
पुलिस ने नाइजीरियन युवक विक्टर उर्फ कैल्विन के पास से भारत में बना हैदराबाद का वोटर आईडी बरामद किया है। आरोपी ने भारत आकर यहां धोखे से पहचान पत्र भी बनवा लिया था।
उदयपुर। विश्वहिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रांतीय अधिवेशन के तहत उदयपुर शहर में निकाली गयी रैली के दौरान विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दाल के कार्यकर्ताओं ने मानो शहर का माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश की ? लेकिन पुलिस की सूझबूझ और मुस्तैदी के कारण इरादों में नाकाम रहे।
पलटन मस्जिद के सामने तेज आवाज़ में भड़काऊ गाना बजाना और नंगी तलवारों प्रदर्शन कर खूब हुड़दंग किया। बाद में मुखर्जी चौक और खांजीपीर जैसे मुस्लिम मोहल्लों से रैली निकालने पर अड़ गए लेकिन पुलिस के मन करने और रैली रोक देने के बाद मार्ग बदला गया। ताज्जुब की बात यह है कि हथियारों से लेस होकर रैली निकालने की इजाजत नहीं देने पर भी रैली में हथियार खुले आम तलवारे लहराई गयी और माहौल खराब करने और नारों से भड़काने की पूरी कोशिश की गयी।
गृहमंत्री के गृह क्षेत्र में यह तमाशा दिन भर चलता रहा। तलवार लहराते कार्यकर्ताओं के साथ शोभागपुरा से शुरू हुई रैली 100 फीट रोड, आयड़, सेवाश्रम, सूरजपोल, आरएमवी रोड, समोरबाग, जगदीश मंदिर, हाथीपोल, चेटक, सुखाड़िया सर्किल, फतेहपुरा होते हुए शोभागपुरा पहुंची। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी जाप्ता तैनात रहा। शहर के एएससी, डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी भी रैली के साथ-साथ पैदल चलते रहे। रैली के लिए प्रदेश के 24 जिलों से करीब 800 कार्यकर्ता आए थे। इतने ही संख्या में शहर के बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता भी रैली में शामिल हुए। पुलिस ने सूझबूझ से रैली के बीच-बीच में पुलिस की गाड़ियां और जाब्ता तैनात कर रखा था, जिससे किसी अनहोनी को रोका जा सके। बता दें कि बजरंग दल की इस रैली को लेकर पुलिस प्रशासन की नजर एक दिन पहले सी ही थी क्योंकि रैली खांजीपीर, मुखर्जी चौक, आयड़ मस्जिद, पलटन मस्जिद से होकर गुजरनी थी। पुलिस प्रशासन लगातार रैली का रूट बदलने की मांग कर रहा था। पुलिसने कार्यकर्ताओं को तलवारें रखने की इजाजत नहीं दी थी। फिर भी कुछ कार्यकर्ताओं ने रैली में तलवारें लहराईं। पलटन के पास रैली पहुंचते ही डीजे में भड़काऊ गाना बजाया गया। कुछ कार्यकर्ताओं ने एक स्कूटी को लात मारकर माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश की।
जुलूस में कुछ लोगों द्वारा उन्माद फैलाने के प्रयास, अभद्र नारे लगाने और हथियारों को लहराने सहित अन्य बिंदुओं पर कानून व्यवस्था के हुए उल्लंघन को लेकर शहर के अधिकतर थानाधिकारियों ने उनके थानों के रोजनामचा में रपट डाली है। पुलिस के अनुसार पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी कराई गई है। ऐसे में संभव है कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है।
The term “Sunstroke” or “heat stroke” is a synonym for “Hyperthermia”. It is an acute condition in which the body is unable to regulate the thermal mechanism and either absorbs or produces excess amount of heat than it can regulate. Drugs or environmental factors like exposure to excessive heat waves can cause this condition.
This is a due to failure of the “perspiration” mechanism of our body. This is a very acute condition and can also become a medical emergency.
The signs and symptoms include
-Headache,
-Nausea,
-dizziness. .
Blood pressure may drop significantly from dehydration, leading to possible fainting or dizziness, especially if the victim stands suddenly. *Heart rate and respiration rate will increase (tachycardia and tachypnea) as blood pressure drops and the heart attempts to supply enough oxygen to the body. *The skin will become red as blood vessels dilate in an attempt to increase heat dissipation.
The decrease in blood pressure will cause blood vessels to contract as heat stroke progresses, resulting in a pale or bluish skin colour.
Complaints of feeling hot may be followed by chills and trembling, as is the case in fever.
Some victims, especially young children, may suffer convulsions.
Acute dehydration such as that accompanying heat stroke can produce nausea and vomiting;
temporary blindness may also be observed.
Eventually, as body organs begin to fail, unconsciousness and coma will result.
FIRST AID AND TREATMENT
The goal of the first aid should be bringing the body temperature to normal immediately in a step-wise manner but not suddenly.
Heat stroke is a medical emergency requiring hospitalization, and the local emergency services should be notified as soon as possible.
The victim should be moved to a cool area (indoors, or at least in the shade) and clothing removed to promote heat loss (passive cooling). Active cooling methods may be used:
The person is bathed in cool water, a hyperthermia vest can be applied, however, wrapping the victim in wet towels or clothes can actually act as insulation and increase the body temperature.
Cold compresses to the torso, head, neck, and groin will help cool the victim.
A fan may be used to aid in evaporation of the water (evaporative method). *Immersion in ice or cold water is dangeous as this may cause vasoconstriction in the skin, preventing heat from escaping the body core.
Immersing a victim into a bathtub of cool – but not cold – water (immersion method) is a recognized method of cooling. This method requires the effort of 4-5 persons and the victim should be monitored carefully during the treatment process. This should be avoided for an unconscious victim; if there is no alternative, the victim’s head must be held above water.
Hydration is of paramount importance in cooling the victim. This is achieved by drinking water (Oral rehydration).
Commercial isotonic drinks may be used as a substitute. Some authorities are opposed to giving any fluids, except by emergency personnel.
Intravenous hydration (via a drip) is necessary if the victim is confused, unconscious, or unable to tolerate oral fluids.
Alcohol rubs will cause further dehydration and impairment of consciousness and should be avoided.
The victim’s condition should be reassessed and stabilized by trained medical personnel.
The victim’s heart rate and breathing should be monitored, and CPR may be necessary if the victim goes into cardiac arrest.
The victim should be placed into the recovery position to ensure that the person’s airway remains open.
ROLE OF HOMEOPATHY IN SUNSTROKE:
After providing the first aid, which is very essential, the victim can be treated with homeopathic drugs to reduce the effects caused or to even recover faster. Few of the homeopathic drugs can be taken as sunstroke prophylactics. Do consult a qualified homeopathic physician before using any of homeopathic medicines.
Following are few of the medicines which can be used in sunstroke victims based on the victim’s symptomatology.
Nat carb ,glonoin , gelsemium ,lachesis , Belladonna,nat mur etc.
भारत सरकार ने हिन्दुस्तान जिंक के शेखावत को भू-विज्ञान क्षे़त्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार से किया सम्मानित
उदयपुर। वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी श्री लक्ष्मण सिंह शेखावत को खनन तकनोलाॅजी क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों तथा राष्ट्र के विकास में योगदान के लिए वर्ष 2016 का राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार दिया गया। यह प्रतिष्ठत पुरस्कार माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित भव्य समारोह में श्री शेखावत को प्रदान किया। इस अवसर पर माननीय केन्द्रीय कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा एवं खान मंत्री श्री पियुष गोयल एवं खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं अतिथिगण उपस्थित रहे।
श्री शेखावत ने आधुनिक तकनोलाॅजी को अपनाते हुए एवं खनन प्रणाली के मानकों का प्रयोग करते हुए खनिज संसाधनों के संरक्षण, व्यवस्थित खदान योजना, खान सुरक्षा, खान अग्नि, खान हेजार्डस, खान पुनर्मूल्यांकन तथा पुनर्वास के क्षेत्र में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एक्सो के मार्गदर्षन में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय अवार्ड के लिए चुने गये हैं।
ज्ञातव्य रहे कि कंपनी की संपोषणीय प्रगति एवं विकास के लिये समन्वेषण के जरिये आरक्षित खनिज भण्डार एवं खनिज संसाधनों का विस्तार करना कंपनी की रणनीति है। कंपनी के लगातार चल रहे समन्वेषण कार्यकलापों के फलस्वरूप अयस्क भण्डारों एवं संसाधनों में वृद्धि हुई है। इस प्रकार 31 मार्च, 2016 को इसमें और इजाफा करते हुए 389.9 मिलियन मी. टन आरक्षित एवं संसाधन भण्डार है जिनमें 36.1 मिलियन मी. टन जस्ता-सीसा धातु तथा 1,007 मिलियन आउन्स चाँदी विद्यमान है। खान का समग्र जीवन 25$ वर्ष है।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन, पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क विष्व का सबसे बड़ा एकीकृत जस्ता उत्पादक है और भारत में चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक के साथ दुनिया में अलौह धातु क्षेत्र उत्पादन में भारत का नेतृत्व भी करता है।
राजस्थान में मुस्लिम डेयरी व्यापारियों पर हिंदू गौ रक्षकों के हमले के दृश्य अभी लोगों के दिमाग में बने हुए हैं.
कई घटनाएँ सामने आई हैं जहाँ गौ रक्षक देश के कई राज्यों में हाईवे और दूसरे रास्तों पर अवैध रूप से नाकाबंदी करते हैं और पशुओं को लाने ले जाने वालों को मारते पीटते हैं.
से में मुसलमानों के लिए देश में एक जगह से दूसरी जगह गाय ले जाना मौत से खेलने के बराबर है.
अभी राजस्थान के अलवर की घटना लोगों के दिमाग से मिटी भी नहीं थी कि शुक्रवार को झारखंड में एक बीस साल के मुस्लिम लड़के को भीड़ ने मार मार कर जान से मार दिया. वो एक हिंदू लड़की से प्यार करता था.
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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से सरकार ने अवैध बूचड़खानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के नाम पर भैंस, बकरे और मुर्गे के कारोबार पर लगभग रोक लगा दी है.
इस राज्य में लाखों लोग मांस के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं.
गोश्त का जिक्र इस तरह से किया जा रहा है जैसे उसका व्यवसाय या उसे खाना कोई अपराध हो.
इस हक़ीक़त के बावजूद कि कई अरब डॉलर के इस व्यापार से लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है सरकार अभी तक कोई वैकल्पिक क़ानूनी रास्ता नहीं निकाल पाई है कि यह व्यापार फिर से कैसे शुरू हो सके.
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बीजेपी ने जो मुहिम चला रखी थी वह गौ हत्या के ख़िलाफ़ थी. उत्तर भारत के सभी राज्यों में गौ हत्या पर बहुत पहले से ही पाबंदी लगा दी गई थी. लेकिन योगी आदित्यनाथ ने जो कदम उठाए हैं उसमें, बकरे और मुर्गे का मांस भी निशाने पर है.
मांस और चमड़ा उद्योग से पारंपरिक रूप से दलित और मुसलमान जुड़े रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि मांस के ख़िलाफ़ एक संगठित आंदोलन चलाकर दलितों विशेषकर मुसलमानों को आर्थिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है.
इस समय भारत कई विचारधाराओं में बंटा हुआ है. एक तरफ हिंदुत्व के नए समर्थक हैं जिन्हें लगता है कि अब तक देश में सब कुछ ग़लत था और वे अब भारत की प्राचीन परंपरा के आधार पर देश में एक सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक क्रांति लाने वाले हैं.
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बीजेपी की जीत इतनी प्रचंड है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब हिंदू राष्ट्र की स्थापना की बातें करने लगे हैं.
दूसरी ओर मुस्लिम हैं जो इस समय बहुत डरे हुए हैं. परंपरागत रूप से वे हमेशा बीजेपी के ख़िलाफ़ रहे हैं. राजनीतिक दृष्टि से इस समय वे बेसहारा हो चुके हैं. आर्थिक रूप से वह पहले से ही समाज के हाशिए पर थे. अब उन्हें अपनी पहचान, रहन-सहन और संस्कृति सभी के बारे में अनजाने भय ने घेर लिया है.
तीसरी ओर वो भारतीय हैं जो देश के बदलते परिदृश्य को लेकर कुछ चिंतित हैं और अनिश्चितता से भरे हुए हैं. फ़िज़ा में कुछ घबराहट और बेचैनी भी है.
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मुसलमानों के प्रति नफ़रत को लेकर कुछ घटनाएँ हुई हैं और इसकी कई वजहें हैं. इसके लिए बहुत हद तक ख़ुद मुसलमान भी दोषी हैं. लेकिन इस नफरत को पैदा करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ग़ैर-भाजपा, तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने अदा की है.
इन दलों ने मुसलमानों को न केवल पिछड़ेपन और गरीबी से निकलने दिया बल्कि उन्होंने अपनी नीतियों से बाकी हिंदुओं को उनकी नज़र में दुश्मन बना लिया.
ये नफरतें अब इतनी बढ़ी हुई हैं कि कई लोग जब मुसलमान व्यापारियों पर अलवर की तरह के हमले देखते हैं तो कहते हैं, ”ऐसा क्या हुआ बस एक ही मुसलमान तो मरा. उन्हें सही करना जरूरी है.”
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भारत की राजनीति बदल रही है. इस बदलती राजनीति में अब कई रंग सामने आएंगे. यह सबको पता है कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता.
न मतदाता स्थायी होते हैं और न ही सरकारें. केवल परिवर्तन ही एक स्थायी वास्तविकता है जिसे कोई नहीं रोक सकता.
सोजन्य – बीबीसी – शकील अख़्तर बीबीसी उर्दू संवाददाता, दिल्ली