
उदयपुर में फल फूल रहा था १५ हज़ार करोड़ रूपये की नशीली दवाओं का अवैध कारोबार

टुच्चे कवि द्वारा शहर का सुकून और भाईचारा बिगाड़ने की नाकाम कोशिश

उदयपुर। शांत और सुकून भरे उदयपुर शहर के माहौल को अपनी घटिया कविता द्वारा बिगाड़ने, हिन्दू – मुस्लिम को आपस में लड़वाने की एक कवि ने गुरुवार रात नाकाम कोशिश की। सालों से शांति पूर्वक आयोजित हो रहे दीपावली दशहरे की रोनक नफरत फैलाने वालों से देखि नहीं गयी और इसीलिए उन्होंने अपने घटियापन को उजागर किया।
टाउनहॉल में दीपावली मेले के सातवें दिन गुरुवार को कवि सम्मेलन के दौरान इंदौर के कवि मुकेश मोलवा ने कविता पाठ के दौरान मुस्लिम धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
जिसका विरोध पार्षद मोहसिन खान, नज़मा मेवा फरोश राशिद खान और असमा खान ने किया। विरोध के दौरान कवि सम्मलेन में हंगामा हो गया, महापौर चन्द्र सिंह कोठारी बैठे बैठे तमाशा देखते रहे। बाद में हंगामा ज्यादा होते देख पुलिस अधिकारियों ने मामले को शांत करवाया। मालवा की कविता को बंद करवा के विरोध करने वाले पार्षदों को समझा कर मंच के पीछे ले जाया गया।
इंदौर के कवि के कविता पाठ का विरोध करने वाले कांग्रेसी पार्षद मोहसीन खान और निर्दलीय पार्षद नजमा मेवाफरोश का तर्क है कि कवि पाकिस्तान को गाली देता तो कोई बात नहीं, उसकी कई पंक्तियों पर हमने भी तालियां बजाईं। लेकिन उसने कविता पाठ के दौरान मुसलमानों की दाढ़ी को लेकर जो आपत्तिजनक टिप्पणी की उसपर हमारा विरोध था। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कवि ने धार्मिक भावना को भड़काने का काम किया है। मोहसिन खान का कहना है की उदयपुर एक शांत शहर है और इस तरह के लोग संगठन विशेष से सम्बन्ध रखते है जिनका काम हिन्दू मुस्लिम के बिच दंगा भड़काने का काम होता है।

पूर्व निर्धारित 11 कवियों की लिस्ट में इंदौर के कवि मुकेश मोलवा का नाम नहीं था। यहां तक निगम ने मेले काे लेकर जो पास (आमंत्रण) पत्र छपवाए थे उसमें भी मोलवा का नाम नहीं था। नाम नहीं होने के बाद भी बलाए गए कवि ने निगम के महीने भर की मेहनत और छह दिन के सफल कार्यक्रमों पर बट्टा लगा दिया। गनीमत यह रही कि विरोध करने वालों की संख्या कम थी, और मुस्लिम समाज के अधिक लोग कार्यक्रम में नहीं थे वरना भीड़ के गुस्से को देखते हुए मेले में बड़ी घटना घटित हो सकती थी। मोलवा के कविता पाठ के शुरूआती रुझान से ही इस बात का आभास हो गया था कि यह नफरत फैउलाने वाली कही न कही करेगे और उसकी बात पर कहीं लोग हूटिंग न कर दे लेकिन आयोजक माजरा इस बात को समझ नहीं पाई और मामला हंगामे तक बढ़ गया।
मुकेश मोलवा ने कविता पाठ की शुरूआत में तो मेवाड़ और महाराणा प्रताप की वीरता का गुणगान कर खूब तालियां बटोरी। उसके बाद मोलवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान शुरू कर दिया, और आरएसएस संघ संचालकों की जय जय कार के नारे लगवाए । तालिया बजती देख मोल्वा अपने असली मकसद पर आगये और मुस्लिम समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। जिसके बाद मंच के ठीक सामने वीआईपी दीर्घा में मौजूद कांग्रेसी पार्षद मोहसीन खान ने विरोध दर्ज करवाते हुए मंच के पास जाकर कवि को ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने को चेताया। इसको लेकर दोनों के बीच बहस की नौबत भी आ गई। इसी बीच निर्दलीय पार्षद नजमा मेवाफरोश और भाजपा पार्षद गरिमा पठान भी विरोध में कवि के विरोध में खड़ी हो गई।

आज शहर के विभिन्न संगठन और कांग्रेसी पार्षद मुकेश मोल्वा के खिलाफ ज्ञापन देंगे।
हैवान दो साल की मासूम को उठा ले गया, मुंह में कपड़ा ठूंसकर किया रेप
उदयपुर। धार्मिक नगरी नाथद्वारा बुधवार को शर्मसार हो गई। प्रभु श्रीनाथ जी की बस्ती में मंगलवार रात एक दरिंदे ने शराब के नशे में दो साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर दिया। दरअसल घुमन्तू प्रजाती से संबध रखने वाली यह मासूम अपनी दादी और परिवार के सदस्यों के साथ नाथद्वारा आई थी, इसी दौरान मंगलवार रात करीब 12 से 1 बजे के बीच विषाल जैन नाम का दरिंदा उसे उसकी दादी के पास से उठा कर ले गया। इससे पहले उसने सात साल की एक अन्य बच्ची को उठाने की कोशिश भी की लेकिन वो जाग गई तो गुस्साए दरिन्दे ने उसे डरा धमराकर सुला दिया और उसके
पास सो रही इस दो साल की मासूम को उठा कर ले गया। कुछ देर बाद मासूम की बहन ने अपनी दादी को इसकी जानकारी दी। मासूम के अपहरण की सूचना आग की तरह आस – पास फैल गई, सभी पागलों की तरह उसे इधर- उधर ढुंढने लगे, वहीं घर की छत पर जाकर देखा तब तक मासूम बच्ची के साथ वहषी दरिंदा अपने हवस की भूख मिटा चुका था, जिसे बयां करना मुश्किल है। दो वर्षीय मासूम के शरीर से खून निकल रहा था और वह बेहोश पड़ी हुई थी। परिजनों की तो मानो पैरो तले से जमीन खिसक गई हो, गुस्साए लोगों ने इस हवस के पुजारी की जमकर धुनाई षुरू कर दी। सूचना मिलते ही नाथद्वारा थाना पुलिस मौके पर आ गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मासूम बच्ची की हालत काफी गंभीर बनी हुई थी ऐसे में उसे उदयपुर रेफर किया गया। जहां एमबी चिकित्सालय की बाल चिकित्सा यूनिट में बच्ची का करीब तीन घंटे तक आॅपरेशन चला उस दौरान आॅपरेशन थियेटर के बाहर मौजूद उसके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। सात वर्षीय मासूम बच्ची अपनी बहन के साथ हुई घटना की जानकारी दे रही थी, इस दौरान घायल मासूम के पीडित पिता ने दुष्कर्मी को सजाए मौत देने की मांग की है।
नाथद्वारा से उदयपुर पहुंचने के तुरन्त बाद चिकित्सकों की टीम इलाज में जुट गई। इस दौरान बाल चिकित्सा यूनिट के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञ भी बच्ची के आॅपरेशन के समय मौजूद रहे। करीब तीन घंटे चले आॅपरेशन के बाद बच्ची को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। चिकित्सकों की माने तो आॅपरेशन सफल रहा हैं, लेकिन आगे और कोई कॉम्पलीकेशन आता हैं तो स्थिति बिगड सकती है। चिकिस्कों के अनुसार इस घटना में बच्ची के शरीर के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं वहीं गुप्तांगों पर भी गंभीर चोटें आई है।
दो साल की मासूम बच्ची का आॅपरेशन तो सफल हो गया है। लेकिन एक वहषी की दरिंदगी के चलते मासूम का जीवन शुरू होने से पहले ही बर्बाद हो चुका हैं। अब फैसला खाकी को करना है कि इस केस को कितना सख्त बनाकर कोर्ट में पेश करती हैं ताकि आरोपी को कडी से कडी सजा मिल सके। गौर तलब है कि राजसमंद जिले की यह पहली घटना नही हैं, इससे पहले कांकरोली में भी दो साल पहले 8 साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले मुजरिम को अदालत नेे फांसी की सजा सुनाई थी और 2 लाख रुपए जुर्माना लगाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर आजाद ने सजा सुनाते हुए कहा था कि ‘मुजरिम को तब तक फांसी के फंदे पर लटका रहने दिया जाए जब तक उसकी मौत न हो जाए ।’ यह सुनकर खचाखच भरे इजलास में कुछ लम्हों के लिए सन्नाटा छा गया था, लेकिन बाद में इस न्याय पर लोगों ने संतोष प्रकट किया। इस दौरान पीडिता की मां, पिता, नाना, नानी के साथ छह साल की छोटी बहन भी मौजूद थी। आपको बता दें कि मनोज प्रताप सिंह नाम के आरोपी ने एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद पत्थर पर पटक-पटक कर उसकी हत्या कर दी थी। अब आरोपी को फांसी पर लटकाने का इंतजार है, लेकिन आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में अपील की जा चुकी है, जहां यह मामला लम्बित चल रहा है।
बांसवाडा शहर में पुलिस चौकी के पास चल रहे जुआ क्लब पर दबिश – 11 जुआरी गिरफ्तार
बांसवाड़ा. कोतवाली थाने की सबसे बड़ी राजतालाब चौकी के बगल में एक रियायशी मकान में कई महीनों से संचालित जुआ क्लब पर पुलिस ने मंगलवार रात दबिश दी, जहां से पुलिस ने नामीगिरामी ग्यारह जनों को गिरफ्तार कर उनसे करीब 81 हजार 350 रुपए, ताश के पत्ते बरामद किए। आंबापुरा थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर ने बताया कि मकान में लंबे समय से बड़े स्तर पर जुआ क्लब का संचालन होने की जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने पुलिस लाइन से जाप्ता लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर पुलिस ने दबिश देकर जुआ खेल रहे आरोपितों को गिरफ्तार किया। सूत्रों ने बताया कि यह क्लब कोतवाली व राज तालाब चौकी पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। यही वजह है कि पुलिस अधीक्षक ने क्लब पर कार्रवाई से दोनों जगह की पुलिस को दूर रखा, साथ ही उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगने दी। सूत्रों की माने तो शहर में इस तरह के अवैध क्लब होने का यह अकेला मामला नहीं है। बल्कि शहर में कई अन्य जगह लंबे समय से इससे भी बड़े जुआ क्लबों का संचालन हो रहा है, जहां अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस ने सूरजपोल मकरानीवाड़ा निवासी सैजाद पुत्र जायद, खांदू कॉलोनी निवासी सुरेश पुत्र भोगी लाल, नई आबादी निवासी राजेश पुत्र हुकाजी भोई, परतापुर निवासी दिलदार पुत्र अब्दुल करीम, पुराना यादव मोहल्ला निवासी विट्ठल यादव पुत्र रूपाजी यादव, खांदू कॉलोनी निवासी पंकज पुत्र शंकर लाल मीणा, भगत सिंह कॉलोनी निवासी अनिल पंचाल पुत्र शंकर लाल, खांदू कॉलोनी निवासी सूरज पुत्र राजू मईड़ा, इन्द्रा कॉलोनी निवासी अहसान पुत्र शब्बीर, बाबा बस्ती निवासी लक्ष्मण पुत्र शिवा, नागरवाड़ा निवासी कमलेश पुत्र खुशमोहन जोशी को गिरफ्तार किया।
उधर प्रधानमंत्री को मुस्लिम महिलाओं की तीन तलाक को लेकर चिंता – इधर हिन्दू महिलाएं यूं कर रही इस कानून का MISUSE
उदयपुर . दहेज प्रताडऩा की धारा 498-ए के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर तीन याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए अधीनस्थ अदालतों में विचाराधीन दहेज प्रताडऩा के मामलों को निरस्त कर दिया।
हाईकोर्ट ने फैसले की प्रति विधि मंत्रालय, विधि मामलात विभाग के सचिव, विधि आयोग के सदस्य सचिव को प्रेषित करते हुए लिखा कि इस फैसले के प्रकाश में आईपीसी की धारा 498 ए के प्रावधानों में संशोधन किए जाने की जरूरत है। एक ओर इस धारा की पालना सुनिश्चित कराने को सरकार प्रतिबद्ध है तो वहीं इसके दुरुपयोग पर भी रोक लगनी चाहिए।
राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता आरोपी बनाए गए कल्याणीपुरा निवासी हीरालाल गोरा, गोपाल किशन, चंचल कुमार, प्रसन्ना, मनोरमा, गीता व सोहनलाल व दर्शन कुमार ने वकील पीयूष नाग के जरिए व अन्य पक्षकार दिल्ली निवासी मनोज कुमार बैरवा, राम बाई तथा गुर्जर की थड़ी जयपुर निवासी मुकेश जांगिड़ ने अलग अलग याचिकाएं दायर की।
याचिका के तथ्य
याचिकर्ताओं में विवाहिताओं ने अपने ससुराल पक्ष से पति या अन्य परिजन को प्राथमिकी में धारा 498-ए व 406 में आरोपित बनाया गया। परिवादी विवाहिताओं ने पारिवारिक न्यायालय में राजीनामा कर आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की डिक्री इस आधार पर प्राप्त कर ली कि वह फौजदारी प्रकरणों में भी राजीनामा कर लेंगी लेकिन बाद में उन्होंने विचार बदलते हुए फौजदारी प्रकरण को यथावत चलने दिया।
अदालत में आरोपितों याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों से सहमत होने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद रफीक ने याचिकाएं मंजूर करते हुए अधीनस्थ अदालत मंें दहेज प्रताडऩा के तहत चल रही कार्रवाई को निरस्त करने के आदेश दिए।
आज शाम को फिर से बंद रहेगें पेट्रोल पम्प
ऑल इण्डिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को एक बार फिर देश भर के पेट्रोल पंप पर पंद्रह मिनट के लिए ब्लैक आउट रहेगा। शाम 7 से लेकर 7.15 बजे तक पेट्रोल पंप अपनी लाइटें बंद करके पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बंद कर देंगे। इस दौरान ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं हो पाएगा।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोपालसिंह और सचिव जितेंद्र ने बताया कि पेट्रोलियम कम्पनियों को एसोसिएशन की ओर से पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन उस पर आशानुरुप कार्यवाही नहीं होने से डीलर्स में रोष है। इससे पहले 19 अक्टूबर को भी पेट्रोल पंपों पर पंद्रह मिनट का ब्लैकआउट किया गया था। अगर सरकार तब भी नहीं चेतती है तो 3 नवम्बर को पेट्रोलियम कम्पनियों से कोई भी पेट्रोल-डीजल की खरीद नहीं करेगा। इसके बाद 15 नवम्बर को न तो पेट्रोल-डीजल खरीदा जाएगा और ना ही ग्राहकों को दिया जाएगा, यानि पूर्ण हड़ताल रहेगी।
मुंबई दुनिया का 14th सबसे अमीर शहर – 45,000 करोडपति रहते है यहां .

खुले पिंजरे में आगया सफ़ेद टाइगर – पर्यटकों की भीड़ बायलोजिकल पार्क में

उदयपुर। उदयपुर के बायलॉजीकल पार्क आने वाले पर्यटकों को शुक्रवार को नई सौगात मिली। पर्यटकों के आकर्षण के लिये बॉयलोजीकल पार्क लाये गये सफेद बाघ रामा को आज डीस्प्ले एरिया में छोडा गया। सफेद बाघ को देखने के लिये बडी तादाद में पर्यटक भी बॉयलोजीकल पार्क पहुंचे। रामा पर्यटकों व शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हो गया है। बाघ ने अपना क्वेरेंन्टाइन पीरियड समाप्त कर लिया है और बाघ स्वस्थ है।
उदयपुर का सज्जनगढ बॉयलोजीकल पार्क चिंकारे और टाईगर की मौत के बाद कई बार विवादों में रह चुका हैं। लेकिन आज इस पार्क में खुशियों की सौगात आई। बॉयलोजीकल पार्क में चेन्नई के जू से लाया गया व्हाईट टाईगर रामा को आज पर्यटकों के देखने के लिये खोला गया। करीब इक्कीस दिन पहले रामा को चेन्नई से उदयपुर लाया गया लेकिन वन विभाग के नियमों के तहत क्वेरेंटाईन पिरियड के बाद आज उसे एन्क्लोजर में छोडा गया। सुबह मुहर्त के चलते ठीक 10.15 पर टाईगर के पिंजरे को खोल उसे एन्क्लोजर की ओर भेजा। इस दौरान उदयपुर वन विभाग के मुख्य वन अधिकारी राहुल भटनागर, डीएफओ टी मोहन राज मौजुद रहे। व्हाईट टाईगर रामा जैसे ही बाहर निकला उसे अपने समीप के एन्क्लोजर में मौजुद टी24 टाईगर उस्ताद की गंध ने अपनी ओर खिंच लिया। रामा करीब एक से डेढ घंटे तक टी 24 के एन्क्लोजर के आस पास ही घुमता रहा उस दौरान टी 24 भी रामा के एन्क्लोजर के पास मौजुद रहा। दोनो मेल टाईगर के एन्क्लोजर आस पास होने के चलते वन विभाग के अधिकारी चिंतित भी थे और उन्होंने इसके बचाव के लिये दोनो एन्क्लोजर के बिच टीन शेड लगवा दिये ताकि एक दुसरे को ना देख सके। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो दोनो मेल टाईगर आक्रामक हैं और वे लडने को तेयार हैं इसके लिये पुख्ता इंतेजामात किये गये हैं कि वे एक दुसरे का सामना ना करे।
लेकिन रामा बाघ के डिस्प्ले एरिया में आने के बाद करीब डेढ घंटे वो टी 24 के एन्क्लोजर के पास घुमा रहा। एन्क्लोजर के एक ओर टी24 चक्कर लगा रहा था तो दुसरी ओर उसकी गंध पाकर रामा भी उससे दुर नहीं जा रहा था। रामा का केयर टेकर रामसिंह लगातार रामा की गतिविधियों पर नजर बनाये रखे था और वो उसे टी 24 के एन्क्लोजर से दुर करने की कोशिश करने में लगा रहा। इस दौरान करीब डेढ घंटे बाद रामा पर्यटको के समीप जा पहुंचा। रामा का बचपन चेन्नई जू में बिता हैं ऐसे में वो सिर्फ तमिल भाषा भी समझता हैं। रामा के साथ फेमिलियर होने के लिये स्थानीय केयरटेकर रामसिंह ने भी तमिल भाषा के कुछ शब्द सिखे और रामा से नजदीकियॉं बढाई है। रामा को उदयपुर छोडने के लिये चेन्नई जू से उसका केयर टेकर चौल्लाईया उदयपुर आया था रामसिंह को तमिल भाषा के वे शब्द जो रामा समझता हे सिखा कर गया।
पर्यटकों में उत्साह रू
रामा के डीस्प्ले एरिया में छोडे जाने की जानकारी जैसे ही पर्यटकों को मिली तो बॉयलोजीकल पार्क में पर्यटकों की संख्या भी बढने लगी। रामा को सबसे पहले सिली गुड़ी से आये पर्यटकों ने देखा। इस दौरान पर्यटकों में सफेद बाघ को लेकर काफी उत्सुकता देखने को मिली। पर्यटकों ने रामा के साथ सेल्फी भी क्लिक की। पहली बार सफेद बाघ देखने वाले पर्यटकों की खुशी उनके चेहरे से साफ झलक रही थी। रामा को पास से देखने की मंशा लेकर बॉयलोजीकल पार्क आने वाले पर्यटकों ने काफी नजदीक से उसे निहारा। रामा के पर्यटकों के बीच आने के बाद अब वन विभाग के अधिकारी भी खासे खुश थे। अधिकारियों का मानना कि यह बाघ उदयपुर के इस बॉयलोजीकल पार्क की शोभा तो बढायेगा ही साथ ही उदयपुर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा करने में भी सहयोगी होगा।
गीतांजली में दाड़ी देख मरीज के साथ भेदभाव बिना ऑपरेशन के थमा दिया डिस्चार्ज टिकिट

उदयपुर। मेडिकल जैसे पवित्र पेशे में भी मजहब के हिसाब से भेदभाव करने की बात विचित्र लगाती है, लेकिन उदयपुर निवासी एक मरीज ने गीतांजली अस्पताल के कर्मचारियों पर यह गंभीर आरोप लगाया है। मरीज ने आरोप लगाया कि अस्पताल में ऑपरेशन के लिए दिन भर भूख प्यासा रखा जांचे करवाई लेकिन वार्ड में तैनात कर्मचारियों ने शाम तक उसका ऑपरेशन में नंबर नहीं लिया मरीज का आरोप है कि उसकी दाड़ी और धर्म के लिहाज से उसके साथ भेदभाव बरता गया और आखिर बिना ऑपरेशन किये उसकी छुट्टी कर दी दर्द से तड़पता हुआ वह अपने परिजन के साथ दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए गया। हालाकिं अस्पताल प्रशासन ने इस तरह की घटना से इनकार किया है, और अगर किसी को इस तरह की शिकायत भी है तो उसकी हर तरह से जांच की जाएगी कि मरीज का ऑपरेशन क्यों नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार शहर के सबसे बड़े निजी अस्पताल गीतांजलि में उदयपुर निवासी अख्तर राही पेट में तेज दर्द के चलते जांच के लिए गया जहाँ डॉक्टरों ने अख्तर के 18 एम्एम् की पथरी किडनी में होना बताया और जल्दी ऑपरेशन करने कि सलाह दी। अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च तीस हज़ार रुपया बताया। मरीज के परिजन ऑपरेशन के लिए तैयारहो गए और 17 अक्टूबर को ऑपरेशन होना तय हुआ। ऑपरेशन के पहले जितनी भी जांचे होनी थी पहले ही करवा ली गयी थी, जिसमे अख्तर को ऑपरेशन के उपयुक्त पाया गया। 17 अक्टूबर को पथरी के होने वाले ऑपरेशन की लिस्ट में सबसे पहला नाम अख्तर राही का था। अख्तर ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन वाले दिन जब वह वार्ड में भर्ती किया गया तो वार्ड में तैनात नर्सिंग कर्मी और वार्ड इंचार्ज का रवैया सुबह से ही उसके साथ खराब था। वे लोग उसकी दाड़ी और मुस्लिम होने की वजह से ना तो ढंग से बात कर रहे ना ही किसी बात का जवाब दे रहे थे। अख्तर ने बताया कि जब उसका नाम लिस्ट में पहले नंबर था इसके बावजूद भी उन्होंने उसको कह दिया कि आज तुम्हारा ऑपरेशन नहीं होगा। डॉक्टरों को शिकायत की तो उन्होंने भी उसकी बात को ध्यान नहीं दिया। यही नहीं शाम को पांच बजे तक आखरी ऑपरेशन तक अख्तर राही दर्द में कराहते हुए इंतज़ार करता रहा अपने ऑपरेशन का लेकिन उसका नंबर नहीं लिया। शाम को जब अख्तर और उसके परिजनों ने इस बात का विरोध किया तो गीतांजलि के जिम्मेदार लोगों ने बेरुखा रवैया अपनाते हुए उनके हाथ में डिस्चार्ज टिकिट पकड़ा दिया और कह दिया कि जाओ कही और करवा लो ऑपरेशन यहां पर नहीं होगा। डॉक्टरी जैसे पवित्र पेशे में भी गीतांजलि जैसे अस्पताल में इस तरह के नफरत फैलाने वाले कर्मचारी नर्सिंग कर्मी भरे हुए है अस्पताल प्रशासन ने भी बजाय उनके खिलाफ कुछ कारवाई करे तडपते मरीज को डिस्चार्ज टिकिट थमा दिया। मरीज के परिजन हालाँकि तुरंत उसको अन्य अस्पताल में लेगये और ऑपरेशन करवाया । गौर तलब है कि गीतांजलि मेडिकल कोलेज के इस अस्पताल में सिर्फ उदयपुर ही नहीं संभाग भर से सभी मरीज आते है और मरीज किसी धर्म का नहीं होता वो सिर्फ मरीज होता है और उसका सबसे बड़ा धर्म उसका दर्द होता है ऐसे में एक मरीज का मजहब और उसकी दाड़ी से सोतेला रवैया चिंता जनक है।
हालाँकि गीतांजलि अस्पताल के पीआरओ चंचलेश भट्ट ने कहा की गीतांजली अस्पताल में ऐसी घटना होना संभव नहीं है। क्यों की यहाँ पर अफगानिस्तान तक से लोग इलाज करवाने आते है और यहाँ पर धर्म को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। चंचलेश ने कहा कि अगर ऐसी कोई भी घटना हुई है तो इनकी जांच करवाई जाएगी और अगर कोई दोषी हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
राजस्थान में 15 मिनट की पेट्रोल पम्प की हड़ताल – 15 मिनट का रहेगा ब्लेक आउट
उदयपुर . पेट्रोल पम्प संचालकों की मांगों को लेकर पेट्रोल पम्पों पर बुधवार शाम 7 से 7.15 बजे तक ‘ब्लैक-आउट’ रहेगा। इस दौरान पेट्रोल की बिक्री नहीं होगी। इमरजेंसी वाहनों को छूट रहेगी। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन डीलर कमीशन की गणना में बदलाव समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। ‘ब्लैक-आउट’ के दौरान पम्प की लाइटें बन्द रखकर विरोध जताया जाएगा।
राजस्थान के 3000 से अधिक पेट्रोल पम्पों पर हड़ताल का असर रहेगा। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत बगई ने बताया कि ‘ब्लैक-आउट’ के लिए सभी पम्प संचालकों से सम्पर्क किया जा चुका है। ब्लैक आउट के दौरान आपातकालीन वाहन जैसे दमकल, एम्बुलेंस आदि को जरूरत पडऩे पर आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने सरकार स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर 15 नवम्बर को पेट्रोल पम्पों पर कामकाज बन्द करने की चेतावनी दी है।
19 व 26 नवम्बर : पम्पों पर शाम 7 से 7.15 बजे तक ब्लैक -आउट ।
3 नवम्बर : पेट्रोल पम्प के लिए डिपो से माल नहीं उठाया जाएगा।
15 नवम्बर : सभी पम्प पर खरीद-बिक्री पूरी तरह बन्द। डीलर हड़ताल पर रहेंगे।

