युवा मुस्लिमों को रमजान को समझने में मददगार बन रहे हैं इंटरनेट और एप

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l_ramzan-1465373543उदयपुर.पाक महीना रमजान जहां सभी के लिए खुशियां और बरकत लेकर आया है, वहीं मुस्लिम नौजवानों में इसका अलग ही क्रेज नजर आ रहा है। घर-मस्जिदों में पढ़ी जाने वाली अल्लाह की किताब को युवा पीढ़ी इंटरनेट व एप में पढ़ रही है।

रमजान से पहले ही लोगों ने अपने मोबाइल पर एेसे एप डाउनलोड कर लिए थे, जिसमें कुरआन पढऩे-सुनने से लेकर पांचों वक्त की नमाज के तरीके विस्तार से बताए गए हैं। इस बदलाव से युवा पीढ़ी धर्म को पहले से अच्छी तरह जान-मझ रही है। कुरआन का हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू अनुवाद अब मोबाइल पर भी उपलब्ध है।

रोजा संग तालीम भी

पहला रोजा रखने वाले अनेक युवाओं ने बताया कि इंटरनेट से उनके लिए आसानी हुई है। रमजान में सहरी कब करनी है व इफ्तार कब होगा, सब एक क्लिक से पता चल जाता है। नमाज व इबादत के साथ ही इन युवाओं का तालीम पर भी पूरा ध्यान है।

अब ऐसे भी सीखते हैं दीन के तरीके

किबला कनेक्ट 

इसके जरिए नमाज अदा करने के लिए किस दिशा में खड़ा होना है, जाना जा सकता है। दुनिया में कहीं भी इस एप के जरिए दिशा मालूम की जा सकती है।

तजवीद अल कुरआन

यहां कुरआन की आयतों को दिलकश अंदाज में पेश किया जाता है। इसके जरिए कुरआन की आयतों को बोलने का तरीका सीखा जा सकता है।

किड्स सूरह सीरीज 

इसके जरिए अनेक अभिभावक रमजान के महीने में अपने बच्चों को कुरआन की प्रारंभिक तालीम दे रहे हैं। इसमें समय भी बहुत कम लगता है।

नूरानी कायदा

इसमें 17 चैप्टर हैं, जिनकी मदद से कोई भी कुरआन की भाषा अरबी को सीखकर कुरआन पढ़ सकता है।

स्टेप बाय स्टेप सलात 

पांचों वक्त की नमाज हो या इस्लाम में इबादत का तरीका, यह एप भी युवाओं की खासी मदद कर रहा है।

राजस्थान से हो रही नाबालिग लड़कियों की तस्करी, खाड़ी देशों में बैठे हैं खरीददार

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l_girl-1464761465उदयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार से मानव तस्करी को लेकर जवाब तलब किया है। कोटा निवासी बुजुर्ग प्रहलाद सिंह चढ्ढा ने सूचना के अधिकार कानून के तहत तीन थानों के आंकड़ों को लेकर अदालत में जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि राजस्थान से सैकड़ों नाबालिग बालिका उठाकर उत्तरप्रदेश के रास्ते खाड़ी देशों में बेचा जा रहा है।

चढ्ढा ने कोटा जिले के जवाहर नगर, दादाबाड़ी और गुमानपुरा थाने के संबंध में सूचना के अधिकार कानून में जानकारी मांगी। इसमें पुलिस ने बताया कि गुमानपुरा से करीब 326, दादाबाड़ी से 400 और जवाहर नगर से 97 लड़कियां लापता हैं जिनमें भी अधिकांश नाबालिग हैं। इसी के साथ यह भी बताया कि इनमें से 90 फीसदी बालिकाएं एक धर्म विशेष की है।

इस सूचना के साथ चढ्ढा ने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। एडवोकेट कुलदीप असवाल ने बताया कि बालिकाओं का लापता होना मानव तस्करी की ओर संकेत करता है और यह केवल तीन थानों के आंकड़े है। इसमें पूरे प्रदेश के आंकड़ों को शामिल किया जाए तो स्थिति भयावह हो सकती है।

इन लापता बालिकाओं में भी ज्यादातर एेसे परिवार से संबंधित है जो अत्यंत गरीब है और फुटपाथ पर रहकर जैसे तैसे गुजर बसर कर रहे हैं। एेसे में पुलिस ने इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बच्चियों को राजस्थान से उत्तरप्रदेश ले जाकर वहां से खाड़ी देशों में बेचा जा रहा है।

याचिका में ये भी बताया गया है कि बच्चों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिशा निर्देश दिए गए है जिसकी पालना भी नहीं हो रही है। इस पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नवीन सिन्हा एवं जस्टिस अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।

बजरंगियों ने पुलिस की मौजूदगी में युवक को नंगा कर पीटा – कानून की धज्जियां उड़ाते हुए शान से खिचवाए फोटो

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उदयपुर/प्रतापगढ़। राजस्थान में पुलिस की आँखों के सामने क़ानून की धज्जियां उड़ाते हुए बजरंगियों ने एक युवक को नंगा कर पीटा, हद तो यह है की बजाय पुलिस उस युवक को बचाती हुड़दंगियों के साथ मिल कर युवक को पीटने लगी। पुलिस के साथ साथ सरकार भी इस धर्म के कथित ठेकेदारों के आगे नत मस्तक है .
छोटीसादड़ी क्षेत्र में मंगलवार को गौवंश तस्करी में शामिल एक युवक को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नंगाकर बेरहमी से पीटा। उदयपुर पोस्ट को प्राप्त फोटोग्राफ में नग्न युवक को पाइप, लाठियों और बैल्ट से पीटा जा रहा है और पुलिसकर्मी भी उस युवक को बजरंगियों के साथ मिलकर मारते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बावजूद प्रतापगढ़ के एसपी कालूराम रावत इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों के शामिल होने से साफ इनकार कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस कर्मियों को बचाते हुए राजकार्य में बाधा और युवक से हुई पिटाई को लेकर करीब डेढ़ सौ से दो सौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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सूत्रों के अनुसार मंगलवार को निम्बाहेड़ा की ओर से आ रहे एक ट्रक में गौवंश प्रतापगढ़ की ओर जाने की सूचना पर बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने कारूंडा चौराहे पर ट्रक को रोकने का प्रयास किया। ट्रक नहीं रूकने पर संबंधित थाने की पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर गोमाना चौराहे के समीप नाकेबंदी करके पुलिस ने ट्रक रूकवाया और तलाश ली। ट्रक में गौवंश भरा हुआ था। इस दौरान वहां मौजूद बजरंग दल व अन्य कई संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए। पुलिस के सामने ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं गौवंश तस्करी में शामिल एक युवक की पिटाई शुरू कर दी और उसे मारते हुए पास के खेत में ले गए, जहां इन युवकों ने अपनी गुंडागर्दी दिखाते हुए उस युवक को नंगा करके जमीन पर पटक दिया। बाद में उसे लाठियों, पाइपों व बैल्ट से जमकर पीटा गया। इस दौरान पुलिस के जवानों ने भी उक्त युवक को लाठियों से पीटा। पिटाई से युवक गंभीर चोटें आईं। बाद में पुलिस घायल युवक को थाने लेकर आई। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने इस घटनाक्रम में शामिल पुलिसकर्मियों को बचाते हुए राजकार्य में बाधा और मारपीट का मामला दर्ज किया है। इस मामले में करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है।
यह था मामला : प्रतापगढ़ की ओर जा रहे एक ट्रक में गौवंश तस्करी की सूचना पर गोमाना चौराहे पर एक ट्रक को रोक तलाशी ली गई, तो उसमें 52 बछड़े भरे हुए थे, जिनमें से 4 बछड़ों की मौत हो गई। मौके पर एकत्रित आक्रोशित लोगों ने ट्रक को आग लगा दी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौवंश तस्करी में शामिल एक युवक की बड़ी बेरहमी से पिटाई की। गौवंश तस्करी के मामले में पुलिस ने मंदसौर के मुल्तानपुरा निवासी मुख्तियार (30) पुत्र शब्बीर, नबी (35) पुत्र मुश्ताक और बोतलगंज निवासी अज्जू (30) पुत्र इकबाल के खिलाफ गौवंश अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इधर, पुलिस ने राजकार्य में बाधा और मारपीट के मामले में करीब आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
इनका कहना :
गौवंश तस्करी में शामिल युवक की पिटाई की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को लोगों के चंगुल से सुरक्षित बचाकर थाने ले गई। युवक के चोंट लगने पर उसका उपचार भी करवाया गया। इस मामले में किसी पुलिसकर्मी ने पिटाई नहीं की।
-कालूराम रावत, एसपी, प्रतापगढ़

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RBSE RESULTS: उदयपुर के आदिवासी बच्चों नेे मेरिट में बनाई जगह

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l_result-rajasthan-girls-1464434824उदयपुर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बारहवीं कला वर्ग का परिणामशनिवार को घोषित हुआ जिसमें चौंकाते हुए उदयपुर जिले के आदिवासी क्षेत्र के बच्चों ने मेरिट में जगह बनाई। वहीं, इस बार भी बेटियों ने झंडे गाड़ दिया। उदयपुर जिले से इस बार कोई भी विद्यार्थी स्टेट मेरिट में जगह बनाने में सफल नहीं हो पाए। इसलिए यहां जिले की प्रतिभाओं को थोड़ी निराशा हुई लेकिन बेटियों की यहां जितनी भी तारीफ की जाए, वह कम है। जिले की टॉप 10 लिस्ट में शामिल 14 विद्यार्थियों में से 13 लड़कियां हैं। प्रथम स्थान पर केवल मात्र एक बेटा रहा। वह बाघपुरा टीएसपी क्षेत्र के कैलाशचंद्र मीणा हैं जिन्होंने 88.8 प्रतिशत के साथ जिले में टॉप किया।

परिणाम जानने की रही उत्सकुता

परिणाम दोपहर 3.30 बजे घोषित किया जाना था लेकिन सवेरे से ही बच्चों की दिल की धड़कनें बढ़ी हुई थी। परिणाम घोषित होने के बाद सभी को अपने-अपने परिणाम जानने की उत्सकुता रही। सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के घरों पर बधाइयों का सिलसिला चल पड़ा।

4 दिन बाद बंद होगी डेढ़ हजार खानें

l_mines-1464444399राजसमंद. राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) नई दिल्ली के निर्णय के मुताबिक अब चार दिन में डेढ़ हजार खदानों को ईसी मिलना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन है। अब तक ईसी प्राप्त 6 4 खानों के अलावा समस्त खानों में 1 जून से खनन बंद हो जाएगा। इसके साथ ही हजारों मजदूरों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसको लेकर मार्बल कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई, मगर समाधान की राह स्पष्ट नहीं हो रही है। एनजीटी व केन्द्र सरकार की सख्ती के चलते इस बार चार दिन बाद समस्त मार्बल, गे्रनाइट एवं क्वार्ट्ज-फेल्सपार की खानों में खनन बंद होना तय है।

ईसी प्राप्त नहीं करने वाली दो हजार मार्बल खदानों को अवैध करार देते हुए खान एवं भू विज्ञान विभाग ने खनन पर रोक में 31 मई तक रियायत दी, मगर इस एक महीने में एक भी खदान को ईसी नहीं मिल पाई। ईसी के आवेदन, जांच व जनसुनवाई की लंबी प्रक्रिया के चलते अब चार दिन में किसी भी खदान को ईसी मिलना संभव ही नहीं है। इसके चलते समस्त खदानों में खनन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।

एक हजार खदानें पहले से बंद 

उत्पादन घटने, लागत बढऩे या घाटे के चलते खनन बंद है, उन खान मालिकों ने तो 31 मार्च 2016  तक ईसी के लिए आवेदन ही नहीं किया। इस पर एनजीटी ने भी तत्काल प्रभाव से खनन बंद का आदेश जारी कर दिया, मगर इनमें से ज्यादातर खानों में पहले से खनन बंद होने से कोई खास असर नहीं पड़ा। अब अगर समस्त खदानें बंद होगी, तो दस हजार से अधिक मजदूरों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।

ईसी हर खदान के लिए जरूरी है। एनजीटी के निर्णय के तहत बिना ईसी के किसी भी खदान में 1 जून से खनन नहीं किया जा सकेगा। कोई खनन करेगा, तो वह अवैध माना जाएगा और सख्त कार्रवाई की करेंगे। इसके लिए समस्त खान मालिकों को सार्वजनिक नोटिस के जरिये भी चेता दिया और अब प्रत्येक खान मालिक को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

फैक्ट फाइल 

64 खदानों को ईसी होने से खनन की स्वीकृति   2150 कुल राजसमंद जिले में खनन पट्टे    1033 ईसी के लिए राज्य स्तर पर हुए आवेदन    1117 खाने मंदी या ईसी के अभाव पहले से बंद

केरल में सड़क हादसा, उदयपुर के पिता-पुत्री सहित 3 की मौत

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truck-and-car-accident-उदयपुर. केरल के कन्नूर जिले में शुक्रवार तड़के कार-ट्रक भिड़ंत में उदयपुर के पिता-पुत्री सहित 3 जनों की मौत हो गई। हादसे के बाद तीनों शव उदयपुर के लिए रवाना किए गए। समाजजनों  ने अब तक उनके परिजनों को मौत की सूचना नहीं दी। उदयपुर के करजाली कॉम्पलेक्स निवासी जॉनी व उसके मित्र का परिवार कुछ दिनों पहले केरल गए थे। शुक्रवार को उदयपुर लौटते समय कन्नूर के निकट कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई। हादसे में जॉनी (45) उनकी पुत्री कैथरीन (5) तथा अल्फ्रेड (48)  मृत्यु हो गई। जॉनी की पत्नी प्रिया और बड़ी पुत्री क्रिस्टीना को कन्नूर के परियाराम हॉस्पिटल मे भर्ती कराया गया है। अल्फ्रेड और जॉनी ने मौके पर दम तोड़ दिया जबकि कैथरीन ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा।  पोस्टमार्टम के बाद शव केरल में मौजूद परिवार जन को सौंप दिए गए। शवों को उदयपुर लाया जा रहा है। अंतिम संस्कार रविवार देबारी कब्रिस्तान में किया जाएगा।

समानता की हुंकार से सरकार दहशत में और प्रशासन टेंशन में 

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उदयपुर । सागवाड़ा में २९ मई को समानता मंच द्वारा आव्हान की गयी धिक्कार रैली की हुंकार पुरे संभाग सहित जयपुर के राजनीति गलियारों मे गूंज रही है। टीएसपी क्षेत्रों के सामान्य और ओबीसी वर्ग अपने संवेधानिक हक़ के लिए जब खड़े हुए तो संख्यां दिनों दिन बढ़ते हुए लाख का आंकड़ा पार कर रही है। यही संख्या सरकार के नेताओं को एसी मे भी पसीने छुटा रही है। क्यूं कि इस बार आरोप सीधे सरकार पर है जिसने टीएसपी क्षेत्र के सामान्य और ओबीसी वर्ग की पैरवी करने मे ढिलाई बरती।
हाईकोर्ट द्वारा टीएसपी क्षेत्र में स्थानीय सामान्य और ओबीसी वर्ग की वरीयता अधिसूचना के निरस्त होने में राज्य सरकार की कमजोर पैरवी के विरोध में समानता मंच द्वारा  29 मई को सागवाड़ा में धिक्कार रैली का आयोजन किया जारहा है। प्रस्तावित धिक्कार रैली में संभाग भर से एक लाख लोगों के पहुचने की संभावनाएं है। राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन के बाद यह सबसे बड़ा आन्दोलन बताया जारहा है। रैली में आने वाली संख्या को लेकर जहाँ एक तरफ संभाग भर का पुलिस प्रशासन महकमा हरकत में आगया है, वहीँ दूसरी तरफ सरकार में भी खलबली मच गयी है।
संभाग के जनजाति उपयोजना क्षेत्र को लेकर तीन साल पहले टीएसपी में निवासरत सामान्य और ओबीसी वर्ग को सरकारी नियुक्तियों में वरीयता देने की अधिसूचना को ११ मई को हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था। आरोप है की मोजुदा राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक ढंग से पैरवी नहीं ई और कमजोर पैरवी के कारण हाईकोर्ट में जीता हुआ फैसला विरुद्ध चला गया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद उदयपुर संभाग के टीएसपी सामान्य और ओबीसे वर्ग में खासा आक्रोश छा गया है   . जिसको लेकर वागड़ मेवाड़ और मारवाड़ तक टीएसपी क्षेत्रों में प्रदर्शन हो रहे है। अधिसूचना रद्द होने में राज्य सरकार द्वारा कमजोर पैरवी करने के विरोध में २९ मई को समानता मंच द्वारा सागवाडा के कोलेज ग्राउंड में धिक्कार रैली का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार धिक्कार रैली में एक लाख लोगों के पहुचने की संभावना है। पहले ५० हज़ार लोग के आने की संभावना थी लेकिन लोगों के आक्रोश और धिक्कार रैली को सभी समाज जन के समर्थन को देखते हुए संख्या एक लाख तक पहुच सकती है। समानता मंच के संस्थापक दिग्विजय सिंह चुण्डावत ने बताया कि टीएसपी क्षेत्रों से जुडी हर पंचायत में धिक्कार रैली को समर्थन मिल रहा है। लोग आक्रोशित है और अपने हक के लिए खड़े होने का माद्दा हर आम नागरिक है।
अधिसूचना का यह है मामला :
राज्यपाल ने पहले अधिसूचना जारी की थी कि टीएसपी की भर्तियों में ४५ फीसदी स्थानीय एसटी पांच फीसदी एससी व् शेष ५० फीसदी सामान्य वर्ग के पद भरे जायेगें। इसमे राज्य का कोई भी व्यक्ति नियुक्त हो सकता है। समानता मंच की लम्बी लड़ाई के बाद १६ जून २०१३ को राज्यपाल ने एक और अधिसूचना जारी की जिसके अनुसार स्थानीय एसटी एससी वर्ग के लिए ४५ व् ५ प्रतिशत यथावत रहेगें लेकिन शेष ५० प्रतिशत स्थानीय सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। इस दूसरी अधिसूचना के बाद पिछले ३ वर्षों में सामान्य वर्ग के स्थानीय लोगों को खासा लाभ मिला। लेकिन अभी हाल ही में ११ मई को हाई कोर्ट ने दूसरी अधिसूचना को रद्द कर दिया।
मंच के समर्थन में इस्तीफे और रैलियां :
समानता मंच की धिक्कार रैली के समर्थन में कई पंचायत में दर्जन भर जन प्रतिनिधियों ने अपने पद से त्याग लिख कर सौपे साथ ही सैकडों भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी अपनी सदस्यता से त्याग पत्र दिये जो मण्डल अध्यक्ष को सौपे जाऐंगे। गांवों कस्बों में धिक्कार रैली के सम्बन्ध में बैठक और रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। कई समाज व् संगठनों का समर्थन समानता मंच को मिला है। शोशल मीडिया पर भी समानता मंच की धिक्कार रैली के बीसियों ग्रुप बना कर लोगों से अपने हक़ के लिए लड़ने के लिए के लिए समर्थन मांगा जारहा है।
सरकार और प्रशासन सतर्क :
सूत्रों की माने तो धिक्कार रैली में संभाग भर से एक लाख से अधिक लोगों के पहुचने की संभावना है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन के बाद सबसे बड़ा आन्दोलन होगा। पूर्व में धिक्कार रैली सागवाड़ा के महिपाल खेल मैदान में होनी थी लेकिन अब समर्थन और संख्या को देखते हुए रैली सागवाडा के कोलेज ग्राउंड में प्रस्तावित है। कल पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मोके को देखा। इधर रैली की संख्या को देखते हुए भाजपा के कई विधायक और जन प्रतिनिधि भी सकते आये हुए है, आलाकमान तक हर एक एक्शन की रिपोर्ट पहुचाई जा रही है।  क्यूँ कि समानता मंच ने राज्य सरकार पर हाईकोर्ट में कमजोर पैरवी करने का आरोप लगाया है। कमजोर पैरवी के कारण ही जीता हुआ फैसला हार गए।
इनका कहना। ..
हाईकोर्ट ने पूर्व की जारी अधिसूचना को असंवेधानिक निरस्त कर दिया है, अब सरकार का यह दायित्व है कि संवेधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए टीएसपी के सामान्य और ओबीसी वर्ग को राहत प्रदान करे। सरकार को अपने दायित्व का अहसास दिलाने के लिए इस रैली का आयोजन किया जारहा है। दिग्ग्विजय सिंह चुण्डावत , समानता मंच संस्थापक संरक्षक

हाईवे – 8 पर दर्दनाक हादसा, पांचा बच्चे सहित 11 की मोके पर ही मौत

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उदयपुर। राजसमन्द नेशनल हाइवे आठ पर पसून गाँव के पार एक बोलेरो जीप सामने से तेज गति से आती हुई ट्रक से टकरा गयी जिससे बोलेरो में सवार सभी ११ लोगों की मोके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। एक्सीडेंट इतना भयानक था कि बोलेरो के साथ साथ सवार लोगों के शरीर के भी चिथड़े उड़ गये। मरने वाले सभी लोग भीलवाडा से शादी का रिश्ता तय कर के आ रहे थे। मरने वालों में पांच मासूम बच्चे चार महिलाएं और दो पुरुष है। मोके पर पुलिस अधिकारियों ने पहुच 2कर बोलेरो के मलबे और ट्रक के निचे से शवों को निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।
पुलिस जानकारी के अनुसार राजसमंद में कुंभलगढ़ के कड़िया का रहने वाला परिवार एवं उनके कुछ रिश्तेदार बोलेरो जीप में सवार हो भीलवाड़ा के गंगापुर में शादी का संबंध तय करने गया था। वापसी में ये लोग दो रिश्तेदारों को कुंभलगढ़ के सियाणा गाँव में छोड़ने जा रहे थे। इसके बाद इन्हें कुंभलगढ़ जाना था। राजसमन्द थाना के पसून गाँव के पास गलत साइड से एक तेज गति से डाक पार्सल का ट्रक आया और बोलेरो को चपेट में लेलिया। ट्रक की गति इतनी तेज थी कि बोलेरो के चालक को सँभलने तक का मोका तक नहीं मिला सीधी आपने सामने की टक्कर इतनी भयानक हुई कि बोलेरो के साथ सवार सभी लोगों के परखच्चे उड़ गए। बोलेरो पूरी ट्रक के निचे जा घुसी। हादसे के बाद मोके पर कुछ क्षण तो चीख पुकार मच गयी उसके बाद एक एक कर सब की आवाज़े खामोश हो गयी। प्रत्य्क्ष दर्शियों के अनुसार बोलेरो में सवार ११ लोगों की मोके पर ही मौत हो गयी। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद एक एक कर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मोके पर पहुचे। एसीपी विष्णुकात शर्मा व कलेक्टर अचर्ना सिहं मोके पर पहुच कर घटना स्थल का जायजा लिया  बाद मे शर्व को कब्जे मे कर केलवा चिकित्सालय लाया गया 5सुबह 9 बजे पोस्माटम करा कर शर्व को परिजनो को सौप दिया गया।
भयानक था मंज़र :
हाइवे पर हुए रात १ बजे के एक्सीडेंट का मंज़र इतना भयानक था कि पीछे आरहे मुसाफिरों में कई महिलाएं देख के अपनी सुध खो बैठी। बोलेरो से ट्रक की टक्कर के बाद २०० मीटर तक बोलेरों ट्रक के निचे घुसी हुई घसीटती रही और शवों के तुकडे बिखरते रहे। काफी देर तक तो जमा हुए लोगों को समझ में नहीं आया क्या करें। शव इतने बुरी तरह बिखर चुके थे और ट्रक और बोलेरो के बोडी पार्ट्स में फंस चुके थे की निकाले जाने की स्थिति में नहीं थे। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुचे तो वहां के हालात देख कर उनकी भी रूह काप उठी। बोलेरो गाडी ट्रक के निचे फसी हुई थी, 6 शव बहार रोड पर बिखरे पडे थे बाद मे केन की सहायता से ट्रक को हटाया तो अन्दर फंसे हुए पांच शव को निकाला। शवों को निकालने में घंटों लग गए।
ये थे मृतकों में :
मृतकों में सभी लोग बोलेरो में सवार थे और एक ही परिवार के लोग थे जिनमे विनोद (२५) पिता नानालाल सरगडा, जवेरी बाई (५०) पत्नि नानालाल सरगडा, निवासी कडीया जिला राजसमन्द। बालुलाल (४० ) पिता सोहन सरगडा, रेखा (३० ) पत्नि बालुलाल सरगडा,पूजा (८)  पुत्री बालुलाल सरगडा, पुष्कर (१०) पुत्र बालुलाल सरगडा, मुन्ना (५) पुत्र बालुलाल सरगडा निवासी बावलास थाना बागोर जिला भीलवाड, सुन्दर बाई ( ६० ) पत्नि रूपलाल सरगडा निवासी सिरोडी थाना केलवा जिला राजसमन्द, मजुं  ( ३२ ) पत्नि गणेष लाल सरगडा निवासी सियाणा राजसमन्द, अजय (५) पुत्र भैरूलाल सरगडा निवासी कडीया थाना केलवाडा जिला राजसमन्द, बन्नु (३) पुत्री गणेष लाल सरगरा निवासी सियाणा जिला राजसमन्द,
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डूंगरपुर में बस और कार की भिडंत, बांसवाड़ा निवासी 4 लोगों की मौके पर ही मौत

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उदयपुर। डूंगरपुर जिले के कोतवाली थानांतर्गत डूंगरपुर-बिछीवाड़ा मार्ग पर आज सुबह रोडवेज बस व कार की भीषण भिडंत में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई।  आधा दर्जन लोग घायल हो गए। दो गंभीर घायलों को उदयपुर एमबी अस्पताल रेफर किया, बाकी घायलों का डूंगरपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। कार अहमदाबाद एयरपोर्ट से बांसवाडा के लिए जा रही थी।
पुलिस जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा जिले के लोग अहमदाबाद एयरपोर्ट से कुवैत से आने वाले अपने रिश्तेदारों को लेकर लौट रहे थे। बिछीवाडा डूंगरपुर रोड स्थित बलवाड़ा गाँव के मोड पर सामने से आ रही राजस्थान रोडवेज बस से भिडंत हो गई। भिडंत इतनी भीषण थी कि मौके पर ही कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई। कार व बस सवार आधा दर्जन लोग घायल हो गए। भिडंत में आधी से ज्यादा कार के परखच्चे उड़ गए। सीधी सामने से हुई टक्कर की वजह से घटना स्थल पर कार में सवार चार लोगों की मौत हो गयी।
घटना की सूचना पर एसपी अनिल जैन, एएसपी रामजीवन चंदेल और कोतवाली थाना पुलिस, मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया वहीं पुलिस ने कार में फंसे मृतकों के शवों को स्थानीय लोगों की मदद से बड़ी मशक्कत से निकाला। शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और मृतकों के परिजनों को मामले की जानकारी दी है। कार में सवार घायलों में से दो की हालत चिंता जनक होने से उदयपुर महाराणा भूपाल चिकित्सालत रेफर किया। मृतकों में बांसवाडा निवासी युनुस मोहम्मद (४७) पिता अब्दुल रहमान निवासी अरथुना, चिन्तक ( २७ ) पिता महेश पाठक निवासी बांसवाडा, खोडन। दो अन्य मृतकों का नाम पता नहीं लगा है।  घायलों में बस में सवार पुष्पेन्द्र सिंह (२३ ) और बालू देवी (४३ ) को डूंगरपुर अस्पताल में भारती किया गया है।
पुलिस के अनुसार घटना और बस ड्राइवर के अनुसार रात को बांसवाडा से अपने परिजनों को लेने के लिए निकले होंगे और रात भर ड्राइवर ने नींद नहीं निकाली होगी।  रास्ते में आते वक़्त शायद ड्राइवर को झपकी आगई और सीधे बस से फुल स्पीड में आकर भीड़ गया।  मोस पर सामने से आती कार को बचाने का मोका भी नहीं मिला।
इधर हादसे के बाद डूंगरपुर-बिछीवाड़ा मार्ग पर वाहनों की कतार लग जाने से जाम लग गया। जो दो घंटे बाद सुचारो पाया। इस भीषण हादसे ने जिला प्रशासन की संवदेनशीलता पोल खोल दी मॉक ड्रील में हमेशा सबसे पहले पहुंचने वाले प्रशासनिक अधिकारी इस हादसे में मौके से सब कुछ निपट जाने के बाद पहुंचे। करीब दो घंटे बाद जिला कलेक्टर सुरेन्द्र सोलंकी एसपी अनिल जैन के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती घायलों से कुशलक्षेम पूछी वहीं चिकित्सकों को घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
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जबर गर्मी का कोहराम – पारा 45 डिग्री पार

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उदयपुर। पूरा राजस्थान इस समय भीषण गर्मी में तप रहा है। प्रदेश के कई स्‍थानों में तापमान ४९ डिग्री के अधिक चल रहा है। उदयपुर मे मोसम विभाग के अनुसार 45 डिग्री रहा जबकि कई मैदानी इलाकों मे तो ४६ डिग्री तक भी पहुच गया। गर्मी का प्रकोप बढाता गया तो ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया जासकता है। आधिकारिक टूर पर पारा ४६ डिग्री के पार जाने पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है। जिसमे ताप घात लू आदि बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उदयपुर संभाग के सभी जिलों डूंगरपुर, बांसवाडा, राजसमन्द, चित्तोडगढ आदि मे पारा 45 से अधिक रहा है।
गर्मी के इस जबर तेवर, तपते सूरज और गर्म हवाओं के असर से शहरवासी बेहाल है। १२ बजे बाद शहर की सड़कें भट्टी की तरह तप रही हैं। ऐसे में धूप में घर से बाहर निकलने वालों पर लू का खतरा मंडरा रहा है। अत्यधिक थकान के अलावा लोग हाथ, पैरों और पेट में ऐंठन का सामना कर रहे हैं। डॉक्टरों को महंगी फीस देने के बजाय लोग मेडिकल स्टोर से दर्द थकान की गोलियां ले रहे हैं।
पिछले दस सालों की इस रिकार्ड तोड़ जबर गर्मी से लोग बेहाल है। लोग दोपहर का समय घर में गुजारने को विवश हैं। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान में वृद्धि का दौर जारी होने के साथ गर्मी के प्रकोप से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

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