हिन्द जिंक के पवन कौषिक ‘शान-ए-राजस्थान’ से सम्मानित

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Pavan Kaushik - Shan E Rajasthan

उदयपुर। राजस्थान के महामहीम राज्यपाल कल्याण सिंह जी ने जयपुर में ज़ी न्यूज राजस्थान द्वारा आयोजित सम्मान सामारोह में हिन्दुस्तान जिंक के पवन कौषिक को सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम ‘सखी’ व ‘ख़ुशी’ के लिए सम्मानित किया। महामहीम राज्यपाल कल्याण सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे तथा विशिष्ठ अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा सुमन शर्मा रही।
पवन कौषिक हिन्दुस्तान जिंक में पिछले 9 साल से कार्यरत हैं तथा ना सिर्फ हिन्दुस्तान जिंक, वेदान्ता समूह के भी मुख्य कम्यूनिकेषन्स प्रोजेक्ट्स देखते हैं।
हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा ग्रामीण बाल विकास द्वारा अभियान ‘ख़ुशी’ तथा ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के अभियान ‘सखी’ के पवन कौषिक फाउण्डर है। इनकी बनाई फिल्म “ख़ुशी” 1 करोड़ 50 लाख लोगों तक पहुंच चुकी है।
पवन कौषिक हिन्दुस्तान जिंक में पद ग्रहण करने से पहले केन्द्रीय सरकार के अनेकों महत्वपूर्ण अभियानों के साथ जुड़े रहे है। भारत सरकार के एडवरटाईजिंग एण्ड विजवल पब्लिसिटी निदेषालय में पदभार के दौरान केन्द्र सरकार की नई आर्थिक नीति, ग्रामीण विकास, एड्स जागरूकता, टीकाकरण, बाल षिक्षा, आयकर, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, भारतीय स्वतंत्रता के 50 वर्ष, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, नषा विरोधी जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनषील सामाजिक एवं आर्थिक विषयों के प्रचार अभियान को निर्देषित कर प्रतिपादित किया है। इसके पश्चात् पवन कौषिक ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), दिल्ली में पहली बार फैशन कम्यूनिकेषन विभाग की शुरुआत की। इसी संस्थान में कम्यूनिकेषन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में फैशन कम्यूनिकेषन को पढाने एवं निफ्ट को नई पहचान दिलाने में सफलता प्राप्त की।
इन्होंने प्रिन्ट मीडिया में कई कॉलम लिखे है तथा तीन दशक से रेडियो व टेलीविजन माध्यम से जुडे़ हैं। NCRT के लिये इनकी निर्मित शैक्षिक फिल्म ‘AIR AROUND US जापान के प्रतिष्ठित शैक्षणिक अवार्ड ‘‘नीप्पोन‘‘ से सम्मानित की गई है। भारत सरकार द्वारा 5 कार्यदिवस की घोषणा पर इनके द्वारा लिखे लेख को देष में पहला पुरस्कार मिला है।
पवन कौषिक को सामाजिक व आर्थिक जागरूकता अभियान के लिए हाल ही में टाइम्स ऑफ इण्डिया, रोटरी इण्टरनेषनल मेवाड़, लेकसिटी प्रेस क्लब उदयपुर तथा आईस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

IAS नीरज के. पवन एसीबी के शिकंजे में – बड़े घोटाले का अंदेशा

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उदयपुर। एग्रीकल्चर सेक्रेटरी सीनियर आईएएस अधिकारी नीरज के पवन के खिलाफ एनएचआरएम में टेंडर में गड़बड़ी के साथ रुपए मांगने की शिकायत पर एसीबी ने नीरज के पवन से जुड़े १० ठिकानों छापे मारे है। नीरज और उनके करीबी दलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार एसीबी को नीरज के पवन के खिलाफ पूर्व में एनएचआरएम में टेंडर में घपले की शिकायत मिली थी। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, नीरज किसी दलाल के साथ मिलकर लेन-देन की कोशिश कर रहे थे। इसकी भनक एसीबी को लगी इसके बाद आज सुबह एसीबी ने आधा दर्जन टीमों का गठन कर एक साथ नीरज के पवन से जुड़े 10 स्थानों पर दबिश देकर दस्तावेज व अन्य सामान जब्त कर लिया है। इधर पवन और उसके सहयोगी दलाल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जारही है।
एसीबी के आईजी वीके सिंह के अनुसार वर्तमान में कृषि आयुक्त नीरज के पवन के खिलाफ टेंडर में घपले की शिकायतें मिल रही थीं। एेसे में उसके आवास व अन्य स्थानों पर दबिश देकर दस्तावेज व अन्य सबूत जुटाए जा रहे है। करीब दस स्थानों पर कार्रवाई चल रही है। आईजी वीके सिंह ने या भी बताया कि नीरज के पवन के खिलाफ एनएचआरएम में टेंडर में गड़बड़ी के साथ रुपए मांगने की शिकायत भी मिली थी। आयुक्त के घर के साथ ही अन्य स्थानों पर सर्च अभियान जारी है। नीरज के पवन के खिलाफ टेंडर मामले में एक केस भी दर्ज किया गया है।
पिछले छह माह में पवन राज्य के तीसरे बड़े आईएएस जो हुए गिरफ्तार :
पिछले छह माह में नीरत के पवन राज्य के तीसरे बड़े आईएएस सेक्रेटरी है जिन पर ब्रष्टाचार के आरोप में एसीबी ने गिरफ्तार किया है। खान (माइन्स) रिश्वत केस में एसीबी ने अशोक सिंघवी के अलावा सात और आरोपियों को अरेस्ट किया था। सिंघवी माइन्स डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे। सिंघवी लंबे वक्त तक जेल में रहे। पिछले दिनों ही उन्हें बेल मिली है। एकल पट्‌टा मामले में यूडीएच सेक्रेटरी जीएस. संधु पर केस दर्ज किया गया था। संधु को सरेंडर करने के बाद सोमवार को ही जेल भेजा गया है। और अब एग्रीकलचजर सेक्रेटरी नीरज के पवन।

दूकान की चाबी देदो या ज़हर देदो

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उदयपुर । वरुण माल के व्यापारियों ने आज अपने परिजनों महिलाओं बच्चों सहित नगर निगम के बाहर धरना लगा दिया। निगम आयुक्त को कहा है कि अब या तो हम सब को ज़हर देदो या फिर हमारे प्रतिष्ठानों की चाबी दे दो।
पिछले चार माह से नगर निगम द्वारा सीज किये गए वरुण मॉल के व्यापारी बेरोजगार है। कई व्यापारियों के घरों की स्थिति भी काफी खराब है। वरुण माल को नियमित किये जाने में अधिकतर पार्षद व्यापारियों के पक्ष में है लेकिन जब कि शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया और नगर निगम के महापौर चन्द्र सिंह कोठारी नियमों का हवाला देते हुए सीज नहीं खोलने पर अड़े हुए है। आज वरुण मॉल के सभी व्यापारी अपने परिवार, बीवी बच्चों सहित नगर निगम परिसर पहुंच गए। बच्चों ने और महिलाओं ने निगम परिसर में ही प्रदर्शन किया और सीज खोलने की मांग की। निगम के व्यापारियों ने नगर निगम के आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग को ज्ञापन दे कर कहा की या तो हमको ज़हर देदो या फिर हमे अपनी दुकानों की चाबी देदो। वरुण माल व्यापार संघ के अध्यक्ष अशोक ने बताया कि हाईकोर्ट ने अभी हाल ही में ५ मई को एक अन्य मामले में आदेश दिए है कि वाणिज्यिक क्षेत्र जहाँ पर बाजार क्षेत्र हो वहां पर आवासीय को वाणिज्य में परिवर्तन की स्वीकृति की आवष्यकता नहीं है। अशोक ने बताया की हमने हाईकोर्ट के उक्त मामले की पूरी जानकारी महापौर और आयुक्त को बता दी है, लेकिन फिर भी हमारे साथ कोई रियायत नहीं की जारही है।

IAS टॉपर टीना डाबी पर देश को नाज है.

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tina222_1462883848उदयपुर . सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाली टीना की खुशी का ठिकाना नहीं है. टीना ने वो कर दिखाया है जिस पर देश को नाज है. 22 साल की टीना राजनीति विज्ञान की छात्रा है और अब वो आईएएस बनकर देश की सेवा करेंगी.

टीना ने  कहा कि उन्हें अपनी ट्रेनिंग का इंतजार है और वे देश के लिए कुछ करना चाहतीं हैं. टीना ने IAS कैडर के लिए हरियाणा को पहली पसंद चुना है. टीना कहती हैं कि वो दस साल भोपाल में रही फिर दिल्ली में और अब वो आईएएस बनकर हरियाणा जाना चाहती हैं.

टीना डाबी बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में होशियार थीं, टीना की शुरुआती पढ़ाई भोपाल में हुई उसके बाद दिल्ली में. CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा में टीना ने राजनीति विज्ञान में सौ फीसदी अंक हासिल किए. दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से टीना ने पॉलिटिकल साइंस में बीए किया. BA में भी टीना ने कॉलेज में टॉप किया.

टीना कहती हैं कि उनकी प्रेरणा उनकी मां हैं, जिन्होंने 12वीं क्लास से ही उन्हें IAS की तैयारी में लगा दिया था. जैसे ही बेटी के टॉप करने की खबर मां को मिली तो मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए. टीना की मां एक इंजीनियर हैं.

टीना के परिवार में सिर्फ खुशियां ही खुशियां दिख रही हैं, जिसे पता चल रहा है वो बधाई देने घर पहुंच रहा है. टीना ने पहली ही कोशिश में ना सिर्फ सिविल सेवा परीक्षा पास की बल्कि टॉप भी किया. अब टीना करोड़ों लड़कियों के लिए नई रोल मॉडल बन गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी टीना को बधाई दी है.

टॉप 20 की लिस्ट
1. टीना डाबी
2. अतहर आमिर उल शफी खान
3. जसमीत सिंह संधू
4. अर्तिका शुक्ला
5. शंशाक त्रिपाठी
6. आशीष तिवारी
7. शरण्या अरी
8. योगेश विजय कुंभेजकर
9. कर्ण सत्यार्थी
10. अनुपम शुक्ला
11. अनुराग चंद्र शर्मा
12. आशीष
13. सिद्धार्थ जैन
14. कृति सी
15. प्रताप सिंह
16. श्रीकृष्णाथ बी पंचाल
17. अमित पाल
18 अंशुल गुप्ता
19. श्वेता अग्रवाल
20. विपिन गर्ग

अतहर आमिर के इस कारनामे को देश का सलाम!

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athar-1-580x395उदयपुर . सिविल सेवा में दूसरे नंबर पर रहे जम्मू कश्मीर के अतहर आमिर. 23 साल के अतहर दूसरी कोशिश में IAS बनने में कामयाब हुए. अतहर ने अपनी कामयाबी की कहानी बताते हुए कहा कि वो बेहद खुश हैं.

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में छोटे से गांव देवीपुरा के रहने वाले अतहर आमिर के कारनामे पर देश गर्व कर रहा है. अतहर ने सिविल सेवा परीक्षा में देश में दूसरा नंबर हासिल किया है. अतहर कह रहे हैं कि उन्हें इतनी बड़ी कामयाबी की उम्मीद नहीं थी.

अतहर ने कहा, “परीक्षा अच्छी हुई थी, अच्छी रैंक की उम्मीद थी लेकिन टॉप फाइव में शामिल होऊंगा इसकी उम्मीद नहीं थी.” अतहर को ये मुकाम दूसरी कोशिश में मिला है.

पिछले साल भी वो सिविल सेवा परीक्षा में कामयाब हुए थे लेकिन कम रैंकिंग की वजह से उन्हें भारतीय रेल ट्रैफिक सेवा के लिए चुना गया था. फिलहाल वो लखनऊ में ट्रेनिंग ले रहे हैं. लेकिन आईएएस बनने के जुनून ने अतहर को फिर से परीक्षा में बिठाया और अतहर ने इस बार दूसरा नंबर हासिल किया.

बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में तेज अतहर ने हिमाचल प्रदेश में IIT मंडी से बीटेक किया है. अतहर कहते हैं कि उनकी कामयाबी से जम्मू कश्मीर के युवाओं को जरूर प्रेरणा मिलेगी. अतहर ने जम्मू कश्मीर कैडर को अपनी पसंद बताया है.

अतहर ने अपनी सफलता के प्रेरणाश्रोत अपने दादा जी को बताया है. अतहर ने कहा, “‘मेरे दादाजी पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन वो हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते थे.”

5 साल पहले लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल कराएगा बेटी के नाम 5 लाख रुपए

51_1462838815उदयपुर.पन्नाधाय जनाना अस्पताल में डाक्टरों और स्टाफ की लापरवाही से पांच वर्ष पूर्व हुई एक प्रसूता की मौत को गंभीर अपराध मानते हुए स्थायी लोक अदालत ने 6 लाख 66 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। अदालत ने अस्पताल प्रबंधन को इनमें से पांच लाख रुपए प्रसूता की पांच साल की बेटी के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी कराने के आदेश दिए हैं।
क्या है मामला
दरौली के गोपाल पुत्र धूल शंकर शर्मा और उसकी बेटी विनीशा ने अस्पताल अधीक्षक और राज्य सरकार पर कलेक्टर के जरिए परिवाद दर्ज कराया था। परिवादी के वकील पराग अग्रवाल और मनीष शर्मा ने स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष के.बी.कट्टा और मेम्बर शंभू सिंह राठौड़ व सुशील कोठारी को बताया कि जिम्मेदार डाक्टरों और स्टाफ की लापरवाही से एक महिला की 20 वर्ष की उम्र में मौत हो गई।
तो नहीं छिनता विनिशा के सिर से मां का साया
गोपाल ने अपनी पत्नी तुलसी को डिलीवरी के लिए 13 फरवरी 2011 को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसी दिन शाम छह बजे ऑपरेशन से तुलसी ने बालिका विनिशा को जन्म दिया। इसके बाद तुलसी को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में दाखिल किया गया। प्रार्थी का आरोप है कि डाक्टरों ने रात 9 बजे तक मरीज की खैर खबर नहीं ली। हालत बिगड़ने पर डाॅ. शिल्पी गुप्ता और डाॅ. कमलेश पंजाबी को बुलाया गया था। सीनियर डाक्टरों के नहीं आने पर जूनियर डाक्टरों ने तुलसी का दोबारा ऑपरेशन किया।
इस दिन हुई थी मौत
इस दौरान यूनिट इंचार्ज डाॅ. राजरानी शर्मा भी देर से पहुंची। दोबारा आॅपरेशन के बाद भी उसकी हालत गंभीर रही और 18 फरवरी को तुलसी की मौत हो गई। परिवादी के वकील पराग अग्रवाल और मनीष शर्मा ने दावे में बताया कि नाजुक हालत में उसे वेंटीलेटर पर रखने में देर हुई। जेनरेटर खराब होने से उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा सका। मृतका का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया था। आरोप है कि सीनियर डॉक्टरों को बचाते हुए पैरामेडिकल स्टाफ पर जिम्मेदारी डाल दी गई थी।

मजबूरी या अपराध – पति के इलाज के लिए बेटे को बेचा

54_1462840286उदयपुर. प्रतापनगर पुलिस ने शनिवार को गणेशनगर स्थित अग्रवाल सदन के एक कमरे में दबिश देकर वहां से एक महीने के बच्चे और बच्चे की खरीद-फरोख्त करने वाले रेलमगरा हाल सेक्टर-3 निवासी राजेन्द्र विजयवर्गीय उर्फ राजू पुत्र रामप्रकाश और गीता-मंदिर, अहमदाबाद निवासी ज्योति बेन पत्नी अशोक भाई मकवाना को गिरफ्तार किया था। इनकी सूचना पर रविवार को अहमदाबाद से अहमदाबाद के नरोड़ा निवासी धवल पुत्र अशोक त्रिवेदी, उसकी पत्नी अंजना उर्फ अंजू और सिद्धेश्वरी नगर निवासी अरविंद भाई पुत्र कांतिलाल मकवाना गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बच्चे की खरीद-फरोख्त की पूरी चेन का खुलासा किया ।
नवजात को बेचने के मामले में पुलिस ने आरोपी मां चैंबूर, मुंबई निवासी खुर्शीद बानो उर्फ खुशी (30) पत्नी शमीम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि गर्भवती होने के पहले से उसे और उसके पति को बेटी की चाहत थी। एक्सीडेंट में पति का हाथ कटने से इलाज के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। गत महीने डिलीवरी हुई, बेटी के बजाए बेटा जन्मा तो उसने बेचने का मानस बना लिया।
 आर्थिक स्थिति नहीं थी अच्छी
एसआई अजय सिंह ने बताया कि खुशी का शमीम अहमद से दूसरा निकाह हुआ था। शमीम के ऑटो चालक होने से आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पहले पति जहीर अब्बास से खुशी के दो बेटे हैं और साथ में ही रहते हैं। परिवार में दो बेटे होने से शमीम को तीसरी संतान बेटी की चाहत थी। जुलाई 2015 में खुशी गर्भवती हुई। इस दौरान ही एक एक्सीडेंट में शमीम का हाथ कट गया। परिवार की आर्थिक स्थिति और ज्यादा खराब हो गई और पति के इलाज के लिए भी उसे रुपए चाहिए थे। अप्रैल में उसने एक बेटे को जन्म दिया। बेटी नहीं होने से उसे इस संतान की चाहत नहीं थी। पति के इलाज में रुपयों की जरूरत बढ़ती जा रही थी तो उसने बेटे को बेचने का मानस बनाया और धवल-अंजू काे फोन कर बच्चा बिकवाने के लिए कहा।
सहेली के इलाज के लिए आई थी इन्फर्टिलिटी सेंटर पर
नवजात बेटे को बेचने की आरोपी महिला खुशी ने पूछताछ में बताया कि उसकी सेहली शहनाज की संतान नहीं होने से उसका उदयपुर के एक इन्फर्टिलिटी सेंटर पर इलाज चल रहा था। वह सहेली के यहां आई हुई थी। खुशी शहनाज के साथ इन्फर्टिलिटी सेंटर गई और वहीं उसकी मुलाकात अंजू-धवल से हुई।
नवजात को महेशाश्रम से राजकीय शिशु गृह भेजा
बाल कल्याण समिति, उदयपुर ने सोमवार को खरीद-फरोख्त का शिकार हुए बच्चे को महेशाश्रम से राजकीय शिशु गृह भेजने के आदेश दिए। आदेश के बाद बच्चे को शिशु गृह में प्रवेशित कराया गया। सीडब्ल्यूसी ने 13 मई को होने वाली बैठक में संपूर्ण कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट के साथ जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

इस हाइवे पर खुलेआम हो रही जिस्मफरोशी, 300 रुपये में युवतियां करती हैं जिस्म का सौदा

prostitutionउदयपुर. किशनगढ़ के पास नेशनल हाईवे संख्या-8 से सटे बडग़ांव में वेश्यावृत्ति कारोबार थमा नहीं है। यहां आज भी विभिन्न शहरों के मनचले युवक बेरोक-टोक और बिना किसी भय के महंगी गाडि़यों में आते हैं और स्त्रियों के जिस्म का सौदा करते हैं। खास बात यह है कि जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और राजनेताओं को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है। यही वजह है कि जिस्म का सौदा करने वाली युवतियां न केवल खुलकर मनचलो से बात करती है बल्कि यह कहकर उनका भय भी खोल देती है कि यहां पुलिस का कोई डर नहीं है।

स्टिंग ओपरेशन के तहत समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका टीम के साथ तीन अन्य युवक दोपहर ढाई बजे बडग़ांव पहुंचे तो डेरों में से पांच युवतियां बाहर निकली। उनमें से तीन युवतियां कार के नजदीक आ गई और साथ चलने के लिए कहने लगी। इस दौरान किसी ने पांच सौ रुपए तो किसी ने तीन सौ रुपए बताए। आखिर तीन सौ रुपए पर बात बनी।

यहां पुलिस का क्या काम

टीम के सदस्यों ने जब पुलिस के आने और पकड़े जाने की बात कही तो एक युवती ने कहा कि पुलिस के डर से टेंशन फ्री रहिएगा…, इन डेरों में पुलिस क्या काम, आप तो बेफिक्र होकर अंदर चलिए…।

पूर्व में भी यहाँ पर देह व्यापार को उजागर हुआ था। इसके बाद कुछ दिन के लिए इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगा लेकिन पुलिस की ढि़लाई के कारण दोबारा से जिस्मफरोशी का धंधा शुरू हो गया।

ग्रामीण भी जता चुके हैं विरोध

बडग़ांव के कई ग्रामीण भी पुलिस और प्रशासन को शिकायत देकर जिस्मफरोशी के धंधे को बंद कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

 

तहसीलदार को दो थप्पड़ मारे तो बोले-पीछे की जेब में रखे हैं रुपए

untitled-11_1462857717बांसवाडा के गागड़तलाई में रिश्वत लेते गिरफ्तार तहसीलदार भोगीलाल भारद्वाज एसीबी की टीम के सामने पहले तो रुपए लेने के सवाल पर ना-नुकर करता रहा है। टीम को छकाता रहा। इस पर टीम के एक जवान ने दो थप्पड़ लगाई, तो वह बोला कि पीछे की जेब में है रुपए, बाद में पेंट की पीछे वाली जेब से साढ 11 हजार रुपए टीम ने निकाले।
देहात में गांगड़तलाई के तहसीलदार और रोहनवाड़ी के पटवारी कृषि भूमि से आबादी भूमि में जमीन रूपांतरण करने की एवज में 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। एसीबी की उदयपुर की टीम ने सोमवार दोपहर 1.30 बजे गांगड़तलाई तहसील कार्यालय में ही तहसीलदार भोगीलाल भारद्वाज और पटवारी शेरसिंह मीणा को गिरफ्तार किया।

इसके पहले एसीबी के पास रोहनवाड़ी निवासी दिलीप कुमार कलाल पुत्र भूरालाल कलाल ने एसीबी उदयपुर को शिकायत की थी कि 0.10 हेक्टेयर जमीन कृषि भूमि का रूपांतरण आबादी भूमि में करना था। इस काम के लिए पटवारी ने 34 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिस पर एसीबी ने प्लान के मुताबिक 2500 की रिश्वत देकर शिकायत का सत्यापन किया और 12 हजार रुपए की रिश्वत ट्रेपिंग के दौरान दी गई। जिसमें से साढ़े 11 हजार रुपए तहसीलदार भोगीलाल भारद्वाज की जेब से निकले और शेष 500 रुपए पटवारी शेरसिंह की जेब से मिले। एसीबी के एएसपी बृजेश सोनी ने बताया कि दोनों ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें मंगलवार को उदयपुर एसीबी की कोर्ट में पेश किया जाएगा। कार्रवाई पुलिस निरीक्षक हरीशचंद्रसिंह, राजकुमारसिंह, गणेश लबाना, करणसिंह, जितेंद्र कुमार, उंकारसिंह, रतनसिंह ब्यूरो जाब्ता द्वारा की गई।

सेमलिया गढ़ी निवासी तहसीलदार भोगीलाल भारद्वाज को एक माह पहले ही कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने कलक्ेट्ट का रे र्यालय में प्रतीक्षारत तहसीलदार से गांगड़तलाई में बतौर तहसीलदार का चार्जदिया था। अवकाश को छोड़ दिया जाए तो करीब 25 दिनों की ही नौकरी तहसीलदार द्वारा गांगड़तलाई में की गई थी। इसी दौरान रिश्वत लेते हुए दोनों ही पकड गए। ़े वहीं, अलवर के बानसूर निवासी पटवारी शेरसिंह करीब ढाई साल से रोहनवाड़ी पटवार मंडल में कार्यरत था। रोहनवाड़ी के पटवारी शेरसिंह का हाल ही में छोटी सरवन तहसील क्षेत्र के लिए तबादला हुआ था।
सोमवार को गांगड़तलाई से रिलीव होना था और दोपहर बाद पटवारी की विदाई पार्टी भी गांगड़तलाई में रखी गई थी। इस पार्टी में तहसीलदार से लेकर सभी कर्मचारियों को बुलाया गया था। लेकिेन, विदाई समारोह से पहले ही पटवारी रिश्वत में पकड़ा गया।
पिछले दिनों ही कलक्ट्रेट से शेर सिंह को छोटी सरवन तहसील में बतौर पटवारी स्थानांतरण किया था। जिसकी जानकारी गांगड़तलाई में सभी को हो गई थी। इसके चलते पटवारी ने दो दिन पहले ही शिकायककर्ता से कहा था कि उसके जाने से पहले ही रुपए दे, ताकि उसके सामने ही तहसीलदार से हस्ताक्षर हो जाएंगे।
जून में तहसीलदार की थी सेवानिवृत्ति : तहसीलदार भारद्वाज की अगलेमाह जनू मेंसेवानिवृत्ति थी।इसके पहले13 अप्रैल को ही कलेक्टर के आदेश पर गांगड़तलाई मेंकार्यभार संभाला था। गांगड़तलाई तहसीलदारकास्थानांतरण होनेके बाद प्रशासनिक कामकाज नहीं रुक,ेइसके लिए कलेक्टर नेवैकल्पिक व्यवस्था करतेहएु भारद्वाज को लगाया था। सत्ूरों के अनसार ु जमीन कीरजिस्ट्री, भूमि रूपांतरण, मोटशने खोलनाआदि कार्यों के लिएपटवारी और तहसीलदार की मिलीभगत रहती थी।पटवारी तहसीलदार के नाम सेही रिश्वत की राशि मांगता था औरउसमेंसेकरीब 40 से50 फीसदी राशि तहसीलदार को दी जाती थी।
यह थी रिश्वत की दर
नकल निकालना – 1 हजार रुपए
मोटेशन खोलना – 5 हजार रुपए
रजिस्ट्री कराना– 2 से5 हजार रुपए
भूमि रूपांतरण – 25 से40 हजार (नोट – स्थानीय स्तर पर रिश्वत मेंपकड़े जानेके बाद पटवारी से जुड़े कार्य करने के बदलेमेंलोगों सेमांगी जानेवाली रिश्वत की रकम इस तरह की होती थी। )

के.एस. शक्तावत राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के महामंत्री बने

Photo of Shaktawatji.2 (1)उदयपुर। राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के छिन्दवाडा (मध्य प्रदेश) में आयोजित अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के हुये चुनाव में दरीबा खान मजदूर संघ एवं हिन्दुस्तान जिंक वर्कर्स फेडरेशन के महामंत्री श्री कल्याण सिंह शक्तावत को राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के महामंत्री पद पर चुना गया।
श्री शक्तावत पिछले 36 वर्षों से श्रम आन्दोलन के साथ जुडे हुए है। ये पिछले 32 वर्षों से श्रमिक शिक्षा का कार्य भी करते आ रहे हैं जिसके तहत हजारों श्रमिकों को शिक्षित किया है। इन्होनें शिक्षा के माध्यम से अंसगठित क्षैत्र के श्रमिकों को संगठित करने में उल्लेखनीय कार्य किया है।
श्री शक्तावत श्रम आन्दोलन के तहत कई बार राष्ट्रीय/अन्तराष्ट्रीय सेमीनार/कार्यशालाओं में भाग लिया एवं कई बार विदेश यात्राएं भी कर चुके हैं।