राजस्थान में 20-22 तक आएगा मानसून, अच्छी बारिश होने की सम्भावना

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l_monsoon-in-rajasthanकेरल में मानसून की दस्तक के बाद अब राजस्थान में भी मानसून का इंतजार बढ़ गया है। मौसम विभाग की माने तो 20-22 जून तक मानसून राजस्थान में प्रवेश करेगा और इस बार जयपुर, उदयपुर, अजमेर कोटा में 108 प्रतिशत बारिश हो सकती है, वहीं जोधपुर और बीकानेर संभाग में सामान्य बारिश का योग रहेगा।

13 जून तक प्री मानसून शुरू हो जाएगा और उसके बाद प्रदेश को गर्मी से राहत मिल सकेगी। उधर, चूरू और अलवर क्षेत्र में दोपहर तक हल्की बारिश होती रही। प्रदेश में सामान्य तौर पर 17 या 18 जून तक मानसून शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार केरल में हुई देरी का असर देश के अन्य हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान के अधिकतर संभागों में सामान्य से अधिक बारिश होगी और प्रदेश तरबतर रहेगा।केरल में झमाझमकेरल के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते भूस्खलन से इडुक्की जिले में एक शख्स की मौत हो गई।

भारतीय मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र के प्रमुख के. संतोष ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल और लक्षद्वीप में आ गया है। उधर, राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पहले नौ जून को मॉनसून के केरल पहुंचने की उम्मीद जताई थी। भारी बारिश के मद्देनजर तिरुवनंतपुरम जिला प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है और पोनमुदी जैसे पहाड़ी सैरगाहों में पर्यटकों को जाने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं।

जीजा से थे अवैध संबंध, बीच में आई बहन तो लगाया ठिकाने

illegalrelationजयपुर। अवैध संबधों ने फिर से एक परिवार की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया और एक साथ दो परिवारों को हाशिए पर धकेल दिया। एक महिला की हत्या कर दी गई वह अलग। मनोहपुरा थाने का यह पूरा मामला बुधवार को दोपहर में एसपी ग्रामीण डॉ रामेश्वर ने खोला।

एसपी ने बताया कि तीन दिन पहले मनोहरपुरा थाना इलाके में पापडा की ढांणी गांव में रहने वाली लिछमा देवी की हत्या कर दी गई थी। उसके शव को जला दिया गया था। लिछमा देवी का शव बिशनगढ रोड पर मिला था। शव मिलने के बाद से ही परिवार के कुछ लोगों पर पुलिस को शक था।

पुलिस ने इस बारे में लिछमा देवी के पति प्रहलाद से सख्ती से पूछताछ की तो उसका सब्र जवाब दे गया। उसने पत्नी की हत्या करना कबूल कर लिया। हत्या उसने अपनी साली सावित्री के साथ मिलकर की थी। दोनों के बीव अवैध संबध थे। इस बारे में लिछमा ने कई बाद प्रहलाद और सावित्री को चेताया भी था लेकिन बात नहीं बनी। आखिर अवैध संबधों के बीच में आ रही लिछमा देवी को उसके ही पति और बहन ने मौत के घाट उतार दिया।

किसी को शक नहीं हो इस कारण से शव को भी जलाकर नष्ट करने की कोशिश की गई। लेकिन दोना को पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया

उदयपुर की प्रीति MRS. UNITED NATIONS-2016 में करेंगी भारत को रिप्रजेंट

l_preeti-solanki-1465290715उदयपुर. लेकसिटी की प्रीति सोलंकी ने  फरवरी माह में       ‘मिसेज इंडिया मोस्ट टेलेंटेड क्वीन ऑफ सबस्टेंस-2016 का खिताब जीता था। अब वह जमैका में होने वाली मिसेज यूनाइटेड नेशंस इंटर नेशनल-2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

प्रीति ने बताया कि यह प्रतियोगिता जुलाई में होगी जिसके लिए वे तैयारी कर रही हैं। इस बार वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं, ऐसे में बड़ी जिम्मेदारी है। वे इस बार और बेहतर प्रदर्शन कर खिताब  अपने नाम करने का पूरा प्रयास करेंगी। गौरतलब है कि प्रीति सोलंकी ने सबसे पहले उदयपुर में संडे स्कूल की शुरुआत की। यह राजस्थान में एक अनोखा संडे स्कूल है। इस कार्य के लिए उन्होंने अपनी जॉब तक छोड़ दी। वे पहले मेवाड़ यूनिवर्सिटी, चित्तौडग़ढ़ में मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष थीं। इसके अलावा वे कॉरपोरेट ट्रेनर, इंस्पिरेशनल स्पीकर, एचआर मैनेजर, सोशल वर्कर आदि कई भूमिकाएं निभा चुकी हैं।

युवा मुस्लिमों को रमजान को समझने में मददगार बन रहे हैं इंटरनेट और एप

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l_ramzan-1465373543उदयपुर.पाक महीना रमजान जहां सभी के लिए खुशियां और बरकत लेकर आया है, वहीं मुस्लिम नौजवानों में इसका अलग ही क्रेज नजर आ रहा है। घर-मस्जिदों में पढ़ी जाने वाली अल्लाह की किताब को युवा पीढ़ी इंटरनेट व एप में पढ़ रही है।

रमजान से पहले ही लोगों ने अपने मोबाइल पर एेसे एप डाउनलोड कर लिए थे, जिसमें कुरआन पढऩे-सुनने से लेकर पांचों वक्त की नमाज के तरीके विस्तार से बताए गए हैं। इस बदलाव से युवा पीढ़ी धर्म को पहले से अच्छी तरह जान-मझ रही है। कुरआन का हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू अनुवाद अब मोबाइल पर भी उपलब्ध है।

रोजा संग तालीम भी

पहला रोजा रखने वाले अनेक युवाओं ने बताया कि इंटरनेट से उनके लिए आसानी हुई है। रमजान में सहरी कब करनी है व इफ्तार कब होगा, सब एक क्लिक से पता चल जाता है। नमाज व इबादत के साथ ही इन युवाओं का तालीम पर भी पूरा ध्यान है।

अब ऐसे भी सीखते हैं दीन के तरीके

किबला कनेक्ट 

इसके जरिए नमाज अदा करने के लिए किस दिशा में खड़ा होना है, जाना जा सकता है। दुनिया में कहीं भी इस एप के जरिए दिशा मालूम की जा सकती है।

तजवीद अल कुरआन

यहां कुरआन की आयतों को दिलकश अंदाज में पेश किया जाता है। इसके जरिए कुरआन की आयतों को बोलने का तरीका सीखा जा सकता है।

किड्स सूरह सीरीज 

इसके जरिए अनेक अभिभावक रमजान के महीने में अपने बच्चों को कुरआन की प्रारंभिक तालीम दे रहे हैं। इसमें समय भी बहुत कम लगता है।

नूरानी कायदा

इसमें 17 चैप्टर हैं, जिनकी मदद से कोई भी कुरआन की भाषा अरबी को सीखकर कुरआन पढ़ सकता है।

स्टेप बाय स्टेप सलात 

पांचों वक्त की नमाज हो या इस्लाम में इबादत का तरीका, यह एप भी युवाओं की खासी मदद कर रहा है।

राजस्थान से हो रही नाबालिग लड़कियों की तस्करी, खाड़ी देशों में बैठे हैं खरीददार

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l_girl-1464761465उदयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार से मानव तस्करी को लेकर जवाब तलब किया है। कोटा निवासी बुजुर्ग प्रहलाद सिंह चढ्ढा ने सूचना के अधिकार कानून के तहत तीन थानों के आंकड़ों को लेकर अदालत में जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि राजस्थान से सैकड़ों नाबालिग बालिका उठाकर उत्तरप्रदेश के रास्ते खाड़ी देशों में बेचा जा रहा है।

चढ्ढा ने कोटा जिले के जवाहर नगर, दादाबाड़ी और गुमानपुरा थाने के संबंध में सूचना के अधिकार कानून में जानकारी मांगी। इसमें पुलिस ने बताया कि गुमानपुरा से करीब 326, दादाबाड़ी से 400 और जवाहर नगर से 97 लड़कियां लापता हैं जिनमें भी अधिकांश नाबालिग हैं। इसी के साथ यह भी बताया कि इनमें से 90 फीसदी बालिकाएं एक धर्म विशेष की है।

इस सूचना के साथ चढ्ढा ने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। एडवोकेट कुलदीप असवाल ने बताया कि बालिकाओं का लापता होना मानव तस्करी की ओर संकेत करता है और यह केवल तीन थानों के आंकड़े है। इसमें पूरे प्रदेश के आंकड़ों को शामिल किया जाए तो स्थिति भयावह हो सकती है।

इन लापता बालिकाओं में भी ज्यादातर एेसे परिवार से संबंधित है जो अत्यंत गरीब है और फुटपाथ पर रहकर जैसे तैसे गुजर बसर कर रहे हैं। एेसे में पुलिस ने इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बच्चियों को राजस्थान से उत्तरप्रदेश ले जाकर वहां से खाड़ी देशों में बेचा जा रहा है।

याचिका में ये भी बताया गया है कि बच्चों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिशा निर्देश दिए गए है जिसकी पालना भी नहीं हो रही है। इस पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नवीन सिन्हा एवं जस्टिस अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।

बजरंगियों ने पुलिस की मौजूदगी में युवक को नंगा कर पीटा – कानून की धज्जियां उड़ाते हुए शान से खिचवाए फोटो

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उदयपुर/प्रतापगढ़। राजस्थान में पुलिस की आँखों के सामने क़ानून की धज्जियां उड़ाते हुए बजरंगियों ने एक युवक को नंगा कर पीटा, हद तो यह है की बजाय पुलिस उस युवक को बचाती हुड़दंगियों के साथ मिल कर युवक को पीटने लगी। पुलिस के साथ साथ सरकार भी इस धर्म के कथित ठेकेदारों के आगे नत मस्तक है .
छोटीसादड़ी क्षेत्र में मंगलवार को गौवंश तस्करी में शामिल एक युवक को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नंगाकर बेरहमी से पीटा। उदयपुर पोस्ट को प्राप्त फोटोग्राफ में नग्न युवक को पाइप, लाठियों और बैल्ट से पीटा जा रहा है और पुलिसकर्मी भी उस युवक को बजरंगियों के साथ मिलकर मारते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बावजूद प्रतापगढ़ के एसपी कालूराम रावत इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों के शामिल होने से साफ इनकार कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस कर्मियों को बचाते हुए राजकार्य में बाधा और युवक से हुई पिटाई को लेकर करीब डेढ़ सौ से दो सौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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सूत्रों के अनुसार मंगलवार को निम्बाहेड़ा की ओर से आ रहे एक ट्रक में गौवंश प्रतापगढ़ की ओर जाने की सूचना पर बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने कारूंडा चौराहे पर ट्रक को रोकने का प्रयास किया। ट्रक नहीं रूकने पर संबंधित थाने की पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर गोमाना चौराहे के समीप नाकेबंदी करके पुलिस ने ट्रक रूकवाया और तलाश ली। ट्रक में गौवंश भरा हुआ था। इस दौरान वहां मौजूद बजरंग दल व अन्य कई संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए। पुलिस के सामने ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं गौवंश तस्करी में शामिल एक युवक की पिटाई शुरू कर दी और उसे मारते हुए पास के खेत में ले गए, जहां इन युवकों ने अपनी गुंडागर्दी दिखाते हुए उस युवक को नंगा करके जमीन पर पटक दिया। बाद में उसे लाठियों, पाइपों व बैल्ट से जमकर पीटा गया। इस दौरान पुलिस के जवानों ने भी उक्त युवक को लाठियों से पीटा। पिटाई से युवक गंभीर चोटें आईं। बाद में पुलिस घायल युवक को थाने लेकर आई। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने इस घटनाक्रम में शामिल पुलिसकर्मियों को बचाते हुए राजकार्य में बाधा और मारपीट का मामला दर्ज किया है। इस मामले में करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है।
यह था मामला : प्रतापगढ़ की ओर जा रहे एक ट्रक में गौवंश तस्करी की सूचना पर गोमाना चौराहे पर एक ट्रक को रोक तलाशी ली गई, तो उसमें 52 बछड़े भरे हुए थे, जिनमें से 4 बछड़ों की मौत हो गई। मौके पर एकत्रित आक्रोशित लोगों ने ट्रक को आग लगा दी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौवंश तस्करी में शामिल एक युवक की बड़ी बेरहमी से पिटाई की। गौवंश तस्करी के मामले में पुलिस ने मंदसौर के मुल्तानपुरा निवासी मुख्तियार (30) पुत्र शब्बीर, नबी (35) पुत्र मुश्ताक और बोतलगंज निवासी अज्जू (30) पुत्र इकबाल के खिलाफ गौवंश अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इधर, पुलिस ने राजकार्य में बाधा और मारपीट के मामले में करीब आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
इनका कहना :
गौवंश तस्करी में शामिल युवक की पिटाई की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को लोगों के चंगुल से सुरक्षित बचाकर थाने ले गई। युवक के चोंट लगने पर उसका उपचार भी करवाया गया। इस मामले में किसी पुलिसकर्मी ने पिटाई नहीं की।
-कालूराम रावत, एसपी, प्रतापगढ़

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RBSE RESULTS: उदयपुर के आदिवासी बच्चों नेे मेरिट में बनाई जगह

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l_result-rajasthan-girls-1464434824उदयपुर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बारहवीं कला वर्ग का परिणामशनिवार को घोषित हुआ जिसमें चौंकाते हुए उदयपुर जिले के आदिवासी क्षेत्र के बच्चों ने मेरिट में जगह बनाई। वहीं, इस बार भी बेटियों ने झंडे गाड़ दिया। उदयपुर जिले से इस बार कोई भी विद्यार्थी स्टेट मेरिट में जगह बनाने में सफल नहीं हो पाए। इसलिए यहां जिले की प्रतिभाओं को थोड़ी निराशा हुई लेकिन बेटियों की यहां जितनी भी तारीफ की जाए, वह कम है। जिले की टॉप 10 लिस्ट में शामिल 14 विद्यार्थियों में से 13 लड़कियां हैं। प्रथम स्थान पर केवल मात्र एक बेटा रहा। वह बाघपुरा टीएसपी क्षेत्र के कैलाशचंद्र मीणा हैं जिन्होंने 88.8 प्रतिशत के साथ जिले में टॉप किया।

परिणाम जानने की रही उत्सकुता

परिणाम दोपहर 3.30 बजे घोषित किया जाना था लेकिन सवेरे से ही बच्चों की दिल की धड़कनें बढ़ी हुई थी। परिणाम घोषित होने के बाद सभी को अपने-अपने परिणाम जानने की उत्सकुता रही। सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के घरों पर बधाइयों का सिलसिला चल पड़ा।

4 दिन बाद बंद होगी डेढ़ हजार खानें

l_mines-1464444399राजसमंद. राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) नई दिल्ली के निर्णय के मुताबिक अब चार दिन में डेढ़ हजार खदानों को ईसी मिलना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन है। अब तक ईसी प्राप्त 6 4 खानों के अलावा समस्त खानों में 1 जून से खनन बंद हो जाएगा। इसके साथ ही हजारों मजदूरों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसको लेकर मार्बल कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई, मगर समाधान की राह स्पष्ट नहीं हो रही है। एनजीटी व केन्द्र सरकार की सख्ती के चलते इस बार चार दिन बाद समस्त मार्बल, गे्रनाइट एवं क्वार्ट्ज-फेल्सपार की खानों में खनन बंद होना तय है।

ईसी प्राप्त नहीं करने वाली दो हजार मार्बल खदानों को अवैध करार देते हुए खान एवं भू विज्ञान विभाग ने खनन पर रोक में 31 मई तक रियायत दी, मगर इस एक महीने में एक भी खदान को ईसी नहीं मिल पाई। ईसी के आवेदन, जांच व जनसुनवाई की लंबी प्रक्रिया के चलते अब चार दिन में किसी भी खदान को ईसी मिलना संभव ही नहीं है। इसके चलते समस्त खदानों में खनन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।

एक हजार खदानें पहले से बंद 

उत्पादन घटने, लागत बढऩे या घाटे के चलते खनन बंद है, उन खान मालिकों ने तो 31 मार्च 2016  तक ईसी के लिए आवेदन ही नहीं किया। इस पर एनजीटी ने भी तत्काल प्रभाव से खनन बंद का आदेश जारी कर दिया, मगर इनमें से ज्यादातर खानों में पहले से खनन बंद होने से कोई खास असर नहीं पड़ा। अब अगर समस्त खदानें बंद होगी, तो दस हजार से अधिक मजदूरों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।

ईसी हर खदान के लिए जरूरी है। एनजीटी के निर्णय के तहत बिना ईसी के किसी भी खदान में 1 जून से खनन नहीं किया जा सकेगा। कोई खनन करेगा, तो वह अवैध माना जाएगा और सख्त कार्रवाई की करेंगे। इसके लिए समस्त खान मालिकों को सार्वजनिक नोटिस के जरिये भी चेता दिया और अब प्रत्येक खान मालिक को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

फैक्ट फाइल 

64 खदानों को ईसी होने से खनन की स्वीकृति   2150 कुल राजसमंद जिले में खनन पट्टे    1033 ईसी के लिए राज्य स्तर पर हुए आवेदन    1117 खाने मंदी या ईसी के अभाव पहले से बंद

केरल में सड़क हादसा, उदयपुर के पिता-पुत्री सहित 3 की मौत

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truck-and-car-accident-उदयपुर. केरल के कन्नूर जिले में शुक्रवार तड़के कार-ट्रक भिड़ंत में उदयपुर के पिता-पुत्री सहित 3 जनों की मौत हो गई। हादसे के बाद तीनों शव उदयपुर के लिए रवाना किए गए। समाजजनों  ने अब तक उनके परिजनों को मौत की सूचना नहीं दी। उदयपुर के करजाली कॉम्पलेक्स निवासी जॉनी व उसके मित्र का परिवार कुछ दिनों पहले केरल गए थे। शुक्रवार को उदयपुर लौटते समय कन्नूर के निकट कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई। हादसे में जॉनी (45) उनकी पुत्री कैथरीन (5) तथा अल्फ्रेड (48)  मृत्यु हो गई। जॉनी की पत्नी प्रिया और बड़ी पुत्री क्रिस्टीना को कन्नूर के परियाराम हॉस्पिटल मे भर्ती कराया गया है। अल्फ्रेड और जॉनी ने मौके पर दम तोड़ दिया जबकि कैथरीन ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा।  पोस्टमार्टम के बाद शव केरल में मौजूद परिवार जन को सौंप दिए गए। शवों को उदयपुर लाया जा रहा है। अंतिम संस्कार रविवार देबारी कब्रिस्तान में किया जाएगा।

समानता की हुंकार से सरकार दहशत में और प्रशासन टेंशन में 

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उदयपुर । सागवाड़ा में २९ मई को समानता मंच द्वारा आव्हान की गयी धिक्कार रैली की हुंकार पुरे संभाग सहित जयपुर के राजनीति गलियारों मे गूंज रही है। टीएसपी क्षेत्रों के सामान्य और ओबीसी वर्ग अपने संवेधानिक हक़ के लिए जब खड़े हुए तो संख्यां दिनों दिन बढ़ते हुए लाख का आंकड़ा पार कर रही है। यही संख्या सरकार के नेताओं को एसी मे भी पसीने छुटा रही है। क्यूं कि इस बार आरोप सीधे सरकार पर है जिसने टीएसपी क्षेत्र के सामान्य और ओबीसी वर्ग की पैरवी करने मे ढिलाई बरती।
हाईकोर्ट द्वारा टीएसपी क्षेत्र में स्थानीय सामान्य और ओबीसी वर्ग की वरीयता अधिसूचना के निरस्त होने में राज्य सरकार की कमजोर पैरवी के विरोध में समानता मंच द्वारा  29 मई को सागवाड़ा में धिक्कार रैली का आयोजन किया जारहा है। प्रस्तावित धिक्कार रैली में संभाग भर से एक लाख लोगों के पहुचने की संभावनाएं है। राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन के बाद यह सबसे बड़ा आन्दोलन बताया जारहा है। रैली में आने वाली संख्या को लेकर जहाँ एक तरफ संभाग भर का पुलिस प्रशासन महकमा हरकत में आगया है, वहीँ दूसरी तरफ सरकार में भी खलबली मच गयी है।
संभाग के जनजाति उपयोजना क्षेत्र को लेकर तीन साल पहले टीएसपी में निवासरत सामान्य और ओबीसी वर्ग को सरकारी नियुक्तियों में वरीयता देने की अधिसूचना को ११ मई को हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था। आरोप है की मोजुदा राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक ढंग से पैरवी नहीं ई और कमजोर पैरवी के कारण हाईकोर्ट में जीता हुआ फैसला विरुद्ध चला गया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद उदयपुर संभाग के टीएसपी सामान्य और ओबीसे वर्ग में खासा आक्रोश छा गया है   . जिसको लेकर वागड़ मेवाड़ और मारवाड़ तक टीएसपी क्षेत्रों में प्रदर्शन हो रहे है। अधिसूचना रद्द होने में राज्य सरकार द्वारा कमजोर पैरवी करने के विरोध में २९ मई को समानता मंच द्वारा सागवाडा के कोलेज ग्राउंड में धिक्कार रैली का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार धिक्कार रैली में एक लाख लोगों के पहुचने की संभावना है। पहले ५० हज़ार लोग के आने की संभावना थी लेकिन लोगों के आक्रोश और धिक्कार रैली को सभी समाज जन के समर्थन को देखते हुए संख्या एक लाख तक पहुच सकती है। समानता मंच के संस्थापक दिग्विजय सिंह चुण्डावत ने बताया कि टीएसपी क्षेत्रों से जुडी हर पंचायत में धिक्कार रैली को समर्थन मिल रहा है। लोग आक्रोशित है और अपने हक के लिए खड़े होने का माद्दा हर आम नागरिक है।
अधिसूचना का यह है मामला :
राज्यपाल ने पहले अधिसूचना जारी की थी कि टीएसपी की भर्तियों में ४५ फीसदी स्थानीय एसटी पांच फीसदी एससी व् शेष ५० फीसदी सामान्य वर्ग के पद भरे जायेगें। इसमे राज्य का कोई भी व्यक्ति नियुक्त हो सकता है। समानता मंच की लम्बी लड़ाई के बाद १६ जून २०१३ को राज्यपाल ने एक और अधिसूचना जारी की जिसके अनुसार स्थानीय एसटी एससी वर्ग के लिए ४५ व् ५ प्रतिशत यथावत रहेगें लेकिन शेष ५० प्रतिशत स्थानीय सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। इस दूसरी अधिसूचना के बाद पिछले ३ वर्षों में सामान्य वर्ग के स्थानीय लोगों को खासा लाभ मिला। लेकिन अभी हाल ही में ११ मई को हाई कोर्ट ने दूसरी अधिसूचना को रद्द कर दिया।
मंच के समर्थन में इस्तीफे और रैलियां :
समानता मंच की धिक्कार रैली के समर्थन में कई पंचायत में दर्जन भर जन प्रतिनिधियों ने अपने पद से त्याग लिख कर सौपे साथ ही सैकडों भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी अपनी सदस्यता से त्याग पत्र दिये जो मण्डल अध्यक्ष को सौपे जाऐंगे। गांवों कस्बों में धिक्कार रैली के सम्बन्ध में बैठक और रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। कई समाज व् संगठनों का समर्थन समानता मंच को मिला है। शोशल मीडिया पर भी समानता मंच की धिक्कार रैली के बीसियों ग्रुप बना कर लोगों से अपने हक़ के लिए लड़ने के लिए के लिए समर्थन मांगा जारहा है।
सरकार और प्रशासन सतर्क :
सूत्रों की माने तो धिक्कार रैली में संभाग भर से एक लाख से अधिक लोगों के पहुचने की संभावना है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन के बाद सबसे बड़ा आन्दोलन होगा। पूर्व में धिक्कार रैली सागवाड़ा के महिपाल खेल मैदान में होनी थी लेकिन अब समर्थन और संख्या को देखते हुए रैली सागवाडा के कोलेज ग्राउंड में प्रस्तावित है। कल पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मोके को देखा। इधर रैली की संख्या को देखते हुए भाजपा के कई विधायक और जन प्रतिनिधि भी सकते आये हुए है, आलाकमान तक हर एक एक्शन की रिपोर्ट पहुचाई जा रही है।  क्यूँ कि समानता मंच ने राज्य सरकार पर हाईकोर्ट में कमजोर पैरवी करने का आरोप लगाया है। कमजोर पैरवी के कारण ही जीता हुआ फैसला हार गए।
इनका कहना। ..
हाईकोर्ट ने पूर्व की जारी अधिसूचना को असंवेधानिक निरस्त कर दिया है, अब सरकार का यह दायित्व है कि संवेधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए टीएसपी के सामान्य और ओबीसी वर्ग को राहत प्रदान करे। सरकार को अपने दायित्व का अहसास दिलाने के लिए इस रैली का आयोजन किया जारहा है। दिग्ग्विजय सिंह चुण्डावत , समानता मंच संस्थापक संरक्षक