मौताणे के लिए सेकड़ों ग्रामीणों ने तीरकमान व हथियारों से लैस हो कर किया चढ़ोतरा

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उदयपुर। नाई क्षेत्र के पई गांव में रविवार को महिला की जलने से हुई मौत के बाद मौताणा के लिए फलासिया से आए पीहर पक्ष ने तीरकमान व हथियारों से लैस होकर आई लगभग 500 लोगों ने चढ़ोतरा कर दिया। पीहर पक्ष के द्वारा घर में तोड़-फोड़ भी की है।

पीहर पक्ष के परिजनों का आरोप है कि महिला को सुसराल पक्ष के द्वारा जला दिया है। पीहर पक्ष से आये लोगों के द्वारा चार पहाडिय़ों पर 400-500 लोग फैले हुए है। सूचना पर मौके पर पुलिस द्वारा भारी जाब्ता भी तैनात किया है। पुलिस समझाइश करने की कोशिश रही है। ससुराल पक्ष के लोग जान बचाने के लिए पहडि़यों में भाग गए है। माहौल-तनाव बढऩे पर पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाब्ता भेजा गया। सूत्रों के अनुसार पीहर पक्ष ने घर में घुसकर जमकर तोडफ़ोड़ की और घर को आग लगाने का प्रयास किया।

भूमाफिया ने करोड़ों डकारे – भू-कारोबारियों की हो गई मौज ( video )

मनु राव 

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उदयपुर। बोहरा समुदाय के धर्मगुरु के नाम पर भुवाणा क्षेत्र के कथित बुरहानीनगर में करोड़ों की जमीन का घोटाला सामने आया है। करीब 30 साल पहले 36 बीघा जमीन पर समुदाय के लोगों से पूंजी निवेश करवाई गई। बाद में उक्त जमीनों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई तो उन्हें डरा-धमकाकर वहां से हटा दिया गया और औने-पौने दामों पर उक्त जमीन को भू-कारोबारियों ने हथिया लिया। इसके साथ ही प्लान को अब तक तीन बार बदला गया है, जिसमें सुविधा क्षेत्र की करीब 70 हजार स्क्वायर फीट जमीन को हथियाने के साथ नक्शे में हेर-फेर करके करीब एक लाख स्क्वायर फीट जमीन 80 फीट रोड पर निकाली गई, जो आज करोड़ों रुपए की है। इस भूमि घोटाला में यूआईटी के नाम पर दर्ज आराजी नंबर 3379 की सरकारी जमीन भी हजम कर ली गई।

यह सारा खेल कृषि भूमि पर हुआ और कोई नक्शा भी अब तक पास नहीं करवाया गया है। पिछले दिनों पुलिस में हुई शिकायत के बाद इस मामले से पर्दा उठता जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 76 से डेढ़ किलोमीटर अंदर की तरफ 36 बीघा से ज्यादा जमीन पर भू-कारोबारियों ने एक बस्ती बसाने की योजना सन् 1986 में बनाई थी। इसमें एक ऐसे समाज का चयन किया गया, जो ज्यादातर बाहर रहने के साथ पूरी तरह संभ्रात है। इसमें पहले चार किरदार थे, जिनमें भूपेंद्र बाबेल, दिलीप सुराणा, विनय भाणावत और इंद्रसिंह मेहता के नाम शामिल थे लेकिन अब केवल भूपेन्द्र बाबेल व दिलीप सुराणा ही इसके प्लानर है।

इसमें इन्द्र जिनमें वर्तमान में  सभी ने बुरहानीनगर नाम से इस जमीन पर प्लानिंग काटी और समुदाय के लोगों से पंूजी निवेश करवाई। इस प्लान में मस्जिद, जमातखाना, मुसाफिरखाना, स्कूल, अस्पताल, बच्चा के गार्डन के साथ सुविधा क्षेत्र छोड़ा गया था, जो करीब 70,000 स्क्वायर फीट था, लेकिन इन मूलभूत सुविधाओं की जगह को भी ये जमीनखोर हड़प गए। हालांकि कोई सरकारी स्वीकृति बुरहानीनगर को अभी तक नहीं मिली, लेकिन यह जमीनखोर आखिरकार बोहरा समाज के सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फांसने में कामयाब हो गए।

आराजी नंबर 3609 से 3621 तक की करीब ३६ बीघा जमीन में  आठ लाख 42 हजार 800 स्क्वायर फीट कृषि भूमि थी, जहां सन् 1986 में बोहरा समाज के परिवारों को पांच रुपए स्क्वायर फीट में प्लॉट काटकर बेच दिए गए। प्लॉट बेचने के बाद बुरहानीनगर के बंटवारे तैयार करके सभी से हाथों-हाथ हस्ताक्षर करवाए गए। इस प्रकार प्लानर के पास करीब 25 प्रतिशत जमीन आ गई। पुराने नक्शे में 80 प्रतिशत कृषि भूमि पर प्लानिंग काटी गई, बाकी जमीन रोड नेटवर्क के लिए छोड़ी गई थी। इसमें करीब पांच लाख स्क्वायर फीट जमीन पर भूखंड काटे जाने चाहिए थे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बुरहानी नगर के प्लानर्स दिलीप सुराणा और भूपेंद्र बाबेल ने 20 साल बाद यानी कि 2006 में नगर विकास प्रन्यास में एक नक्शा पेश किया, जिसे बाद में अनुमोदन के लिए भेजा, लेकिन यूआईटी से अनुमोदित हुए बिना ही इस कृषि भूमि पर अन्य लोगों के कब्जे हो गए, तो इन्होंने ने षडयंत्र के तहत बाहुबलियों का सहारा लेकर कब्जे ध्वस्त कराए और एक नया नक्शा प्लान किया, जिसमें वो सारी मूलभूत सुविधाएं हटा दी गई, जो 1986 के नक्शे में प्लानिंग के साथ दी गई थी। इन सुविधाओं में मस्जिद, मुसाफिरखाना, जमातखाना, स्कूल, गार्डन, हॉस्पीटल आदि शामिल थे। इतना ही नहीं इन बाहुबलियों ने खातेदारों को डरा-धमकाकर जमीन अपने आदमियों के नाम करवा दी। मूल खातेदारों से कौडिय़ों के दाम खरीदकर उन्हें यहां से बेदखल करते हुए कहा कि यह भूमि विवादित है और यहां माफियाओं के कब्जे है। इतना ही नहीं 2006 में नए प्लान के तहत नया बंटवारा भी तैयार किया, जिसमें यहां पर सबसे आश्चर्य वाली बात यह हुई कि आठ लाख 42 हजार 800 स्क्वायर फीट कृषि भूमि में से मात्र 6, 71000 स्क्वायर फीट कृषि भूमि का ही बंटवारा तैयार किया गया। इस प्रकार प्लानर ने 1, 71000 स्क्वायर फीट जमीन कागजों से ही गायब कर दी। कोई भी खातेदार इन दबंगों के आगे विरोध नहीं कर पाया, बस डरकर हस्ताक्षर करता गया।

सभी खातेदारों को प्लानिंग में मिलने वाली जमीन को डकारने वाले इन भू कारोबारियों ने वैसे तो 2006 के नक्शे के अनुसार 27 प्रतिशत जमीन काटने की बात कही थी, जो किसी भी तरह से गले नही उतरती। कायदे से १५ फीसदी कटौती होनी थी, जो आमने-सामने के दोनों खातेदारों से आधा-आधा लिया जाना चाहिए था, लेकिन इन जमीनखोरो ने 27 प्रतिशत के हिसाब से दोनों खातेदारों की मिलाकर करीब 54 प्रतिशत जमीन मूल भूखंड में से ले ली। अब जब 25 की जगह 40 फीट रोड नक्शे के अनुसार निकालनी है, तो दोनो तरफ  से 15 फीट ही तो लिया जाना चाहिए था, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।

सिर्फ  इसी खेल में प्लानर्स ने करीब एक लाख स्क्वॉयर फीट जमीन और गायब कर दी। इस बार भी अधिकतर खातेदार बाहुबलियों के आगे विवश होकर हस्ताक्षर करते गए एवं मौके पर 27 प्रतिशत कम जमीन लेकर काबिज हुए। इस प्रकार करीब 90 प्रतिशत लोगों के हस्ताक्षर होने के बाद दोनो प्लानर्स अपने असली रंग में आ गए और नया नक्शा बनाया, जिसमें इन्होंने एक पूरा ब्लॉक तैयार किया, जो पिछले दोनों नक्शों में कहीं नही दिखाई दिया। 80 फीट रोड के पास निकाले गए इस बड़े ब्लॉक में अभी करीब तीन से चार हजार रुपए स्क्वायर फीट की दर से भूखंड दिए जा रहे हैं, जो इस योजना में शामिल खातेदारों की सुविधा क्षेत्र की जमीन है। हालांकि सुविधा क्षेत्र की जमीन का कोई और उपयोग किया ही नहीं जा सकता, ये सरकारी कायदा है। किंतु ये जमीन कारोबारी तो यहां पर स्वयं सरकार बनकर काम कर रहे हैं।

इस संबंध में जब दिलीप सुराणा और भूपेंद्र बाबेल से जवाब मांगा गया, तो उनका कहना है कि वर्ष 1986 में बोहरा समुदाय के लिए बुरहानीनगर के नाम से प्लानिंग काटी गई थी, परंतु ज्यादा बोहरा समाज के लोग नहीं होने के बाद यह प्लानिंग कैंसल कर दी गई थी। प्लानिंग के अनुसार 70 हजार स्क्वायर फीट पर स्कूल, मुसाफिर खाना व अन्य मूलभूत सुविधाओं का निर्माण करवाया जाना था, परंतु जब प्लानिंग ही निरस्त हो गई, तो मूलभूत सुविधाओं का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना है कि इस भूमि पर सरकारी स्कूल बना हुआ है। इधर, अंकों के हिसाब से हुए घपले पर एक लाख 71 हजार स्क्वायर फीट के 13 आराजी को लेकर पूछे सवाल पर सुराणा व बाबेल कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि हम दस्तावेज देखकर इस संबंध में दो दिन में जवाब दे देंगे। इस पूरे मामले में सभी खातेदारों को एक साथ बैठाकर वार्ता कर हल निकाला जाएगा।

https://www.youtube.com/watch?v=QwhlyPbznww&feature=youtu.be

 

॥मैंने टीवी पर बुरहानीनगर प्लानिंग के संबंध में समाचार देखा, जो स्कूल के लिए जमीन दान करने की बात की जा रही है, उसमें किसी तरह की सत्यता नहीं है, क्योंकि स्कूल जिस आराजी पर स्थित है, वह शोभागपुरा पंचायत की है और बुरहानीनगर की जिस जमीन पर ये काबिज है, वो भुवाणा पंचायत में आती है, इसलिए स्कूल की जमीन से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

– कविता जोशी, शोभागपुरा सरपंच

॥ आराजी नंबर 3610 के अंदर मैंने पिछले एक साल में करीब 26500 वर्गफीट जमीन अलग-अलग बोहरा खोतदारों से खरीदी थी। उसमें से १८ हजार वर्ग फीट जमीन पर कच्ची चारदीवारी बनी थी, जिसे ध्वस्त करके वहां पर कुछ लोगों ने पक्की चारदीवारी बनवा दी। वहां जाते हैं, तो असामाजिक तत्व डराते-धमकाते हैं। मेरे कब्जे में रहा भूखंड 8500 फीट का ही मिला। इसमें से साढ़े 4 हजार वर्ग फीट जमीन  बेच दी। अब मेरे पास 4 हजार वर्गफीट जमीन बची है। मेरे द्वारा खरीदी गई जमीन के सारे दस्तावेज मेरे पास है, लेकिन मौके पर बाहुबलियों ने आतंक मचा रखा है।

-राजेंद्र धाकड़, खातेदार

उदयपुर के अमेरिकन हॉस्पिटल ने मुर्दे से भी कर ली धोखेबाजी

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अमेरिकन हॉस्पीटल पर मृतक के परिजनों ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप, हर्जाने के रूप में दी गई राशि का चैक बाउंस

 

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उदयपुर। अमेरिकन हॉस्पीटल पर एक मृतक के परिजनों ने इंसानियत को शर्मसार करने वाला आरोप लगाया है। यहां मृतक के परिजनों के साथ धोखा हुआ है। मामला अमेरिकन हॉस्पीटल में डॉक्टरों की लापरवाही से एक युवक की मौत हो गई। बाद में अस्‍पताल ने हर्जाने के लिए दिए चैक को रद्द करवा दिया और कहा जा रहा है कि जाओ केस कर दो, जबकि बिना पोस्टमार्टम किए मृतक के शव को सप्ताहभर पहले सुर्पेद खाक कर दिया गया है।

मददगार अखबार में छपी के खबर के अनुसार 13 फरवरी को फारुख आज़म कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय शहजाद अमेरिकन हॉस्पीटल में अपनी मां के साथ अच्छी हालत में खुद बाइक चलाकर डायलिसिस के लिए गया था। डॉक्टरों ने डायलिसिस के पूर्व ठीक से बीपी और अन्य जांच नहीं की और एक के बाद एक दो इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उसकी उसी वक्त मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने पहले तो लापरवाही छुपाने के लिए युवक को वेंटिलेटर पर रख दिया और मृत घोषित नहीं किया। मामला बढ़ जाने से अस्पताल में समाज के लोगों की भीड़ बढ़ती गई। स्थानीय पुलिस, अस्पताल प्रशासन और मृत युवक के परिजनों के बीच वार्ता हुई, जिसमें अस्पताल ने डॉक्टरों की लापरवाही को माना और मृत शहजाद की दो बेटियों के नाम पांच -पांच लाख के दो चैक हर्जाने के रूप में दिए।

आज जब परिजनों ने चैक बैंक में डाले तो बाउंस हो गए, परिजनों ने अमेरिकन हॉस्पीटल के प्रशासन से जब बात की तो उन्होंने टका सा जवाब दे दिया कि क्रजाओ पुलिस में मामला दर्ज कर दो।ञ्ज जबकि उस वक्त मामला रफा-दफा करवाने में पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे। इसी कारण पुलिस केस भी दर्ज नहीं करवाया गया और ना ही पोस्टमार्टम करवाया। समाज में अब चैक बाउंस होने की खबर से आक्रोश फैल रहा है, क्योंकि मृतक शहजाद समाज का सीधा सादा युवक था और कार डेकोर  की दुकान पर काम करके गुजर-बसर कर रहा था। छह माह पहले गलत दवाइयों और पीलिया बिगड़ जाने से उसकी किडनियां खराब हो गई थी।

किड्नी ट्रांसप्लांट के लिए 25 लाख का खर्चा था, जो समाज के सैकड़ों लोगों ने सहायताकर जुटाए थे। 22 फरवरी को उसका ऑपरेशन अहमदाबाद में होना था।  एक किड्नी उसकी मां देने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही डॉक्टरों की लापरवाही ने उसकी जान ले ली। इस मामले को लेकर आज दोपहर समाज के लोग जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर अमेरिकन हॉस्पीटल को पाबंद करने की मांग करेंगे। परिजनों का कहना है कि चैक देते समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश भारद्वाज और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे। उस वक्त ही यह तय हो गया कि अगर चैक बाउंस होगा, पुलिस अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे, लेकिन अब पुलिस अधिकारी भी पलट गए हैं।

सोशल मीडिया पर बंट रहे हैं ‘देशभक्ति के नुस्ख़े’

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जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की गिरफ़्तारी और वकीलों के लगातार हमलों के बाद देशद्रोह पर बहस तेज़ हो गई है.

भारत में इस समय राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रद्रोह पर जमकर बहस हो रही है.

टीवी स्टूडियो से लेकर गली-नुक्कड़ की बहसों तक मुद्दा देशभक्ति और देशद्रोह ही है.

ऐसे में सोशल मीडिया भी इससे अछूता नहीं है. ट्विटर और फ़ेसबुक पर जहां कुछ गंभीर तर्क दिए जा रहे हैं वहीं मज़ाक और व्यंग्य भी ख़ूब किया जा रहा है.

राष्ट्रवाद पर व्यंग्य कर रहे लोग #भक्ति_के_नुस्खे के साथ ट्वीट कर रहे हैं और ये टॉपिक शीर्ष पर ट्रेंड कर रहा है.

टीवी एंकर रवीश कुमार के नाम से संचालित एक पैरोडी अकाउंट (@raviishndtv) से ट्वीट किया गया, “बस्सी जब कहते हैं कि उनकी कमिटमेंट खाकी के प्रति है, तो समझ नहीं आता वो वर्दी की बात कर रहे हैं या निक्कर की #देशभक्ति_के_नुस्खे”

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी पर जेएनयू में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने एक न्यूज़ एजेंसी के बीजेपी विधायक ओपी शर्मा की गिरफ़्तारी और रिहाई से संबंधिट ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “धोया, निचोड़ा, हो गया.”

प्रेरणा (@prena_) ने लिखा, दिन में दो बार हर हर मोदी और रात को खाने से पहले घर घर मोदी बोलने से देशभक्ति आ जाती है #देशभक्ति_के_नुस्खे

नदीम राम अली (@imNadimRamAli), लिखते हैं, “आरक्षण का सवाल उठे तो योग्यता की बात करें, दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों को बीच-बीच में उनकी औक़ात बताते रहें.”

Aarti (@aartic02) ने लिखा, “भारत माँ की सुरक्षा के नाम पर माँ बहन की गालियाँ #देशभक्ति_के_नुस्खे”

रहीस ख़ान (@rahiskhan77) लिखते हैं, “#देशभक्ति_के_नुस्खे आरएसएस ऑफ़िस में तिरंगा नहीं लगाएंगे .. लेकिन देश भख़्त कहलाएंगे.”

जेएनयू विवादImage copyrightAFP

आशु (@imashu9) लिखते हैं, “बीफ़ एक्सपोर्ट करो और बीफ़ बेचने वालो से चंदा भी लो पर बीफ़ खाने वालो को जान से मार दो #देशभक्ति_के_नुस्खे.”

बींग भगत सिंह (@BeingBhagatS) नाम से संचालित अकाउंट से लिखा गया, “लोकतंत्र को कोसते हुए बताएं कि सारी गड़बड़ियां वोट की राजनीति से है.”

नील (@neelpunjab) लिखते हैं, “मुँह में राम बगल में छुरी रखने में विशेषज्ञता हासिल करो.”

सांकेतिक (@kalyugkgandhi) लिखते हैं, “हर प्रेम को लव जिहाद हर आवाज़ को देश द्रोह कहने लगो. आप देशभक्त बन जाओगे”

news source – BBC HINDI

भाजपा सिखाएगी अब जनता को देशभक्ति

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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी को इस बात का जरा भी अफसोस नहीं है कि उसने जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के मामले में गलत तरीके से फंसाया है, क्योंकि भाजपा ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिये गुरूवार से ’’राष्ट्रवाद’’ पर देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। ताकि देश की जनता में देशभक्ति की भावना जगाई जा सके।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हालांकि गुप्तचर रिपोर्ट पेश कर रहे हैं कि जेएनयू में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के पीछे कुमार का नहीं बल्कि एक कट्टर वामपंथी गुट डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (डी एस यू) जिसके नेता उमर खआलिद हैं, का हाथ था।
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश को गुमराह करने एवं अलगाववादी एवं राष्ट्र विरोधी ताकतों को समर्थन देने पर विपक्ष दलों का विरोध करने के लिये भाजपा ने बुधवार को १८-२० फरवरी तक देशभर में ’’जन स्वाभिमान अभियान’’ शुरू करने का ऐलान किया है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व चाहता है कि लोगों में राष्ट्रवाद की भावना को जगाया जाये तथा इस राष्ट्रवाद के मुद्दे को संसद में भी उठाया जाये ताकि पता चल सके कि कौन राष्ट्रवाद एवं देशभक्ति के साथ है और कौन देश को विभाजित करने में लगे लोगों के साथ है।
पार्टी मुख्यालय ने राज्य, जिलों एवं ब्लॉक स्तर की सभी इकाइयों को ’’जन जागरण (रात्रिकालीन कार्यक्रम)’’ ’’चौपाल’’ (सडक किनारे आयोजित होने वाली सभायें) आयोजित कर उनमें देशभक्ति गान गवाने का निर्देश दिया है।
भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि लोग किसके समर्थन में हैं, देशभक्तों के अथवा जेएनयू में संसद पर हमलों के दोषी आतंकी अफजल गुरू का समर्थन कर रहे देशद्रोहियों के, इस बात पर आम राय जानने के लिये पार्टी जनता के बीच जायेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी राष्ट्र विरोधी ताकतों का खुला समर्थन दे रहे हैं इस बात को उजागर करेगी, उन्होंने लोगों को चेताया जेएनयू की गतिविधियां आतंकवाद एवं अलगाववाद को समर्थन दे रही है और उनको समर्थन देकर देश में राष्ट्र विरोधी विचारधारा को फैलाया जा रहा है।
कांग्रेस के ’’राष्ट्र विरोधी’’ रवैये से लोगों को अवगत कराने एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये पार्टी मुख्यालय ने हस्ताक्षर कार्यक्रम, स्थानीय स्तर के धरने, नुक्कड नाटक एवं वाद-विवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के सुझाव दिये हैं।
पार्टी नेताओं ने कहा कि ’’राष्ट्रवाद’’ हमेशा से ही भाजपा एवं आर एस एस दोनों का मुख्य ध्येय रहा है और हमें पार्टी के आरंभ से ही इस बात पर गर्व है और राष्ट्रवाद के अपमान अथवा किसी भी तरह के आघात को सहा नहीं जायेगा।

Source – राष्ट्रदूत दिल्ली ब्यूरो

देशभक्तों की ये भाषा – कोर्ट में बहन**** की गाली

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नई दिल्ली: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में वकीलों ने जमकर उत्पात मचाया . कोर्ट में जिस समय दिल्ली पुलिस जेएनयू के प्रेसीडेंट कन्हैया कुमार को पेशी के लिए ले जा रही थी उस वक्त वकीलों ने उन पर हमला कर दिया. इस दौरान दिल्ली पुलिस कन्हैया कुमार के साथ थी लेकिन बचाने में नाकामयाब रही. इसके बाद दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं. उधर कन्हैया कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा है.

एबीवीपी की जेएनयू यूनिट में बगावत. जेएनयू यूनिट के तीन नेताओं ने इस्तीफ़ा दिया. इन लोगों ने स्थित को ठीक से नहीं सभालने का आरोप लगाया है. प्रदीप, राहुल और अंकित हंस शामिल हैं.

वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा, मुझे बहन की गाली दी गई, पाकिस्तान का दल्ला कहा गया. आपको बता दें कि राजीव धवन 6 वकीलों की टीम में शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पांच सीनियर वकीलों को स्थिति का जायजा लेने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट भेजा था. 

कन्हैया का बयान

कन्हैया कुमार की मेडिकल जांच के लिए डॉक्टर की टीम कोर्ट पहुंची. कन्हैया कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा है. कन्हैया कुमार ने कोर्ट में कहा है कि ‘मुझ पर हमला किया गया है. मुझे संविधान पर  पूरा भरोसा है पुलिस ने ही मुझे बचाया वकीलों के हमले से बचाया’ तिहाड़ जेल सुपरीटेंडेंट को जेल में कन्हैया कुमार की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने को कहा है.

कन्हैया पर हमला करने वाले वकीलों में से एक वकील को खुद कन्हैया ने कोर्ट रुम में पहचान लिया और फिर भी वह वकील वहां से भाग निकला.

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा, ‘कोर्ट में वकीलों की इस तरह की हरकत की  हमारी पार्टी निंदा करती है.’

वरिष्ठ  वकीलों की कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कन्हैया कुमार को सुरक्षा देने में पुलिस नाकाम रही है.  400 पुलिसों की टीम चुपचाप तमाशा देखती रही.

सुप्रीम  कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के वकील से पूछा है कि आप कमिश्नर से पूछे कि वह व्यक्तिगत रुप से  कन्हैया कुमार की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगे, या हम अपनी ओर से आदेश जारी करें.

दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने बी.एस  बस्सी ने कहा कि ”हमने स्थिति संभाली फोर्स का इस्तेमाल करना सहीं नहीं  है.  विधायक ओपी शर्मा को भी बुलाया गया है.  विक्रम चौहान सहित तीन वकीलों को तलब किया गया. साथ ही कहा कि दिल्ली पुलिस कन्हैया की जमानत का विरोध नहीं करेगी.”

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट में बवाल पर कहा है कि वो लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंतित हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को रोकने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने कहा है कि कोर्ट रूम को अभी खाली कराया जाए. ऐसा पहली बार हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी सुनवाई को बीच में रोकने का आदेश दिया है.

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोर्ट परिसर में कन्हैया कुमार को पीटा गया. आपको बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट में करीब 400 जवान सुरक्षा के लिए मौजूद हैं लेकिन इसके बावजूद लगातार हमले हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस की इस चूक पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

इस मामले में गृहसचिव ने कहा है कि यह मामला बहुत गंभीर है और इस पर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है. पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया कुमार की पेशी के दौरान पथराव भी हुआ. कोर्ट परिसर के पास खड़ी ओबी वैन पर पत्थर फेंके गए. सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट परिसर में हो रही हिंसा पर दिल्ली पुलिस को आदेश देते हुए कहा कि पेशा देखे बिना आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और कोर्ट के बाहर हिंसा कर रहे सभी लोगों को हिरासत में लिया जाए.

इससे पहले  पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में तिरंगा लेकर आए वकीलों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए. कोर्ट परिसर में मौजूद वकील भी दो गुटों में बंटे हुए हैं. कन्हैया के समर्थन और विरोध को लेकर नारेबाजी कर रहे ये वकील कुछ देर पहले आपस में भिड़ गए थे.

इतना ही आज फिर वकीलों ने पत्रकारों की पिटाई की. आपको याद दिला दें कि दो दिन पहले कोर्ट में कन्हैया की पेशी से पहले वकीलों की पत्रकारों और छात्रों से झड़प हो गई थी. इस झड़प में वकीलों ने छात्रों के साथ-साथ पत्रकारों पर भी हमला कर दिया था जिसमें कई पत्रकार घयाल हो गए थे.

Source – ABP news

हकिम खान सूर की मजार पर तोड़फोड़ – पुलिस को पागल पर संदेह

jpr1162219-largeउदयपुर। महाराणा प्रताप के सेनापति हाकिम खान सूर की मजार बुधवार सुबह टूटी हुई मिली उस पर मार्बल की पट्टियाँ उखड़ी हुई थी और एक कोना टुटा हुआ था. इस घटना से हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय में काफी रोष है। रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इधर, ग्रामीणों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की थी।
मजार पर हुई तोड़फोड़ को लेकर पुलिस को उसी क्षेत्र के एक पागल पर संदेह है। पुलिस का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से पागल घूम रहा था उसी के द्वारा यह काम किया गया है। घटना को लेकर कसबे में किसी तरह का तनाव नहीं है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को स्थानीय किसी अन्य समुदाय के लोगों पर शक नहीं है। हाकिम खान सूर में दोनों समुदाय के लोग़ों की आस्था है।
महाराणा प्रताप के सेनापति जिन्होंने अकबर की सेना के खिलाफ हल्दी घाटी के युद्ध में लड़ते हुए शहीद हुए हाकिम खान सूर की मजार का एक कोना कल सुबह टूटा हुआ मिला था। मजार पर से चादर भी हटी हुई थी। हकिम खान सूर की मज़ार हल्दीघाटी की मुख्य चढ़ाई के साइड में ही स्थित है।   मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मजार को ठीक करवाया और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकसमा दर्ज कर छान बिन शुरू कर दी थी। खमनोर पुलिस थाना अधिकारी महेश मीणा ने बताया की कल दिन भर की पूछताछ और जांच के आधार पर आशंका है कि पिछले कुछ दिनों से कसबे में एक पागल घूम रहा था। कसबे के दूकान दारों ने ही बताया कि कल सुबह उस पागल को मजार की तरफ जाते हुए देखा था। कुछ अन्य लोगों ने भी पागल को मजार के आसपास ही देखा था। शंका जताई जारही है की मजार को नुकसान उसी पागल द्वारा पहुचाया गया है। फिर भी पुलिस हर पहलु को देखते हुए जांच कर रही है।
स्थानीय मुस्लिम समुदाय का भी मानना है की हकिम खान सूर को लेकर दोनों धर्मों के लोगों की आस्था है। हकिम खान सूर की मजार पर हर वर्ष कौमी एकता के कार्यक्रम भी आयोजित होते है जिसमे दोनों समुदाय के लोग भाग लेते है। स्थानीय मुस्लिम लोगों का कहना है की कोई भी स्थानीय हिन्दू या अन्य धर्म का कोई व्यक्ति यह काम नहीं कर सकता। या तो यह काम उसी पागल का है या फिर किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा यह शरारत की गयी है। पुलिस ने दोनों समुदाय के गणमान्य लोगों को पुलिस थाने बुला कर वार्ता भी की है । पुलिस ने आश्वाशन दिलाया है की कसबे में शांति बानी रहे और इसमें कोई भी दोषी होगा वह जरूर पकड़ा जाएगा।

जेएनयू विवाद उदयपुर की सडक़ों पर

कन्हैया के समर्थन में पर्चे बांटते छात्रों को एबीवीपी के पदाधिकारियों ने पीटा, पीडि़त छात्र मामला दर्ज कराने पहुंचे थाने
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उदयपुर। देशद्रोह का मामला झेल रहे जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया के समर्थन में आज साइंस कॉलेज में पर्चे बांट रहे एसएफआई के सचिव सहित तीन छात्रों की एबीवीपी के पदाधिकारियों ने पिटाई कर दी। यह आरोप लेकर एसएफआई सचिव सहित तीन छात्र प्रकरण दर्ज कराने के लिए भूपालपुरा थाने पहुंचे हैं। पुलिस सत्यता का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इससे पूर्व एबीवीपी ने कथित देशद्रोही कन्हैया का समर्थन करने वालों के खिलाफ तिरंगा लेकर मार्च करते हुए प्रदर्शन किया।
सूत्रों के अनुसार एसएफआई का सचिव और साइंस कॉलेज का छात्र सौरभ नरुका, आट्र्स कॉलेज का छात्र राहुल रोत और पेसिफिक यूनिवरसिटी का इंजीनियरिंग छात्र रामदेव झाखड़ आज दोपहर साइंस कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज में आईसा और एसएफआई के पर्चे बांट रहे थे, जिसमें जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया को निर्दोष बताते हुए एबीवीपी पर राजनीतिक उन्माद खड़ा करने का आरोप लगाया गया है। सौरभ नरुका और उसके साथियों का आरोप है कि जब वे लोग कॉलेज कैंपस में पर्चे बांट रहे थे, तभी एबीवीपी के पदाधिकारी और छात्रनेता आए, जिन्होंने उनसे मारपीट की और पर्चे छीनकर भाग गए। यह मामला लेकर सौरभ और उसके साथ भूपालपुरा थाने पहुंचे, जहां मामले की सत्यता जानने के लिए पुलिस ने कॉलेज कैंपस में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है।
ABVP का मार्च
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उदयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में जेएनयु के मामले को लेकर तिरंगा मार्च निकाला। देश के खिलाफ मारे लगाने वालों का समर्थन करने वालों के खिलाफ नारे बाजी की ।
आज सुबह मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के गेट से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने मिल कर तिरंगा मार्च निकाला जो आर्स कॉलेज होता हुआ प्रशासनिक भवन पहुंचा वामपंथी दलों और कांग्रेस के खिलाफ काफी देर तक नारे बाजी की। प्रशासनिक भवन के बाहर ही सभा का आयोजन भी किया। एबीवीपी के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण आसोलिया ने कहा कि जेएनयु में राष्ट्र विरोधी नारे लगाना बेहद शर्मनाक है, और उससे अधिक शर्मनाक बात हैं की उनके समर्थन में कांग्रेस और वामपंथी दल उनका समर्थन कर रहे है। इस मोके पर एबीवीपी के नेता देवेन्द्र चुण्डावत, जयेश जोशी, नीरज सामर, गजेन्द्र राणा ज्योति त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

Ringing Bells ने पेश किया सबसे सस्‍ता स्‍मार्ट फोन Freedom 251, बुकिंग 18 से शुरू

फोन में 1.3 गीगाहर्टज क्‍वाडकोर प्रोसेसर है। साथ ही 1जीबी रैम और 2जीबी इंटरनल मैमेरी है। यह फोन पूरी तरह स्वदेशी है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर असेंबलिंग तक भारत में ही हुआ है।
फोन में 1.3 गीगाहर्टज क्‍वाडकोर प्रोसेसर है। साथ ही 1जीबी रैम और 2जीबी इंटरनल मैमेरी है। यह फोन पूरी तरह स्वदेशी है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर असेंबलिंग तक भारत में ही हुआ है।

भारतीय मोबाइल कंपनी रिंगिंग बेल्स ने बुधवार को भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन लॉन्‍च कर दिया। कंपनी ने इस फोन की कीमत सिर्फ 251 रुपए रखी है। भारत में तेजी से बढ़ते स्मार्ट फोन के बाजार में इस फोन के उतरने के बाद भारी हलचल की संभावना है। इस फोन के लिए गुरुवार (18 फरवरी) से 21 फरवरी तक बुकिंग करानी पड़ेगी। इसके बाद 30 जून तक डिलिवरी मिल जाएगी। कंपनी ने प्रधानमंत्री के मेक एन इंडिया के प्रोजेक्ट को ध्यान में रखकर यह फोन बनाया है। नोएडा की  कंपनी ने मीडिया को बताया, “फोन की कीमत 500 रुपए के अंदर रखी गई है। लांचिग से पहले किये गये सभी टेस्ट सफल रहे हैं।”

इस समय बाजार में सबसे सस्ते स्मार्टफोन की कीमत 1500 रुपए के आसपास है। ऐसे में यह फोन अन्य फोन कंपनियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यह फोन पूरी तरह स्वदेशी है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर असेंबलिंग तक भारत में ही हुआ है। इससे पहले रिंगिंग बेल्स 2,999 रुपए में 4जी स्मार्टफोन मार्केट में लांच कर चुकी है।

राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

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rahul gandhi

जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में हालिया विवाद को लेकर एक स्थानीय अदालत ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के आरोप में बुधवार को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अष्टम सुनील कुमार की अदालत में सुशील कुमार ने याचिका दायर कर कहा कि जेएनयू परिसर में वहां के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उसके साथियों ने धरना प्रदर्शन आयोजित किया।

उस प्रदर्शन में भारत विरोधी और पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगे। याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी न सिर्फ जेएनयू परिसर गए, बल्कि देश के विरोध में नारेबाजी कर रहे लोगों के समर्थन में बयान दिया। इसलिए इनके

खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124, 124ए, 600 और 611 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। एसीजेएम ने सुनवाई के बाद मंगलवार को निर्णय सुरक्षित कर लिया था।