
अब हफ्ते में 6 दिन उड़ेगी जयपुर से दुबई की फ्लाइट, बैंकॉक की भी तैयारी

देश का पहला वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल – थिरका शहर

उदयपुर . वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल के पहले दिन रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ग्राउण्ड पर सुरमयी ठण्ड के बीच सजी शाम में विश्व संगीत के कई नामी कलाकारों ने यादगार प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम की शुरुआत फ्लेमेंको म्यूजिक एंड डांस समूह, स्पेन के कलाकारों जुआन्मा जुरानो एवं तमारा , पासो ए दोस के जादुई फ्लेमेनको के चार ताली पर वहां के लोकसंगीत की शानदार प्रस्तुतियों से हुईं। मंच से ताली के साथ पदचाप में सुर मिलाते हुए स्पेनिश गिटार और ताल-लय के साथ सिंगल व ड्यूएट प्रस्तुतियों का दर्शकों ने जम कर आनंद उठाया।
मुख्यमंत्राी वसुंधरा राजे ने भी करतल ध्वनि से उनका हौसला बढ़ाया। प्रस्तुतियों के अंत में पूरे क्रू को स्टेंडिंग ओवेशन दिया गया। विश्वभर में 500 से ज्यादा लाइव कंसर्ट कर चुकी आइवरी कोस्ट की ग्रैमी अवॉर्ड विजेता डोबेटनाहोर की प्रस्तुतियों ने अफ्रीकी कबीलाई व कैरेबियन म्यूजिक की जुगलबंदी से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस संगीतमयी शाम का समापन भारत के सबसे लोकप्रिय फ्यूज़न रॉक ब®ड म से एक ’द रघु दीक्षित प्रोजेक्ट’ के साथ हुआ। देश में फ्यूजन संगीत के स्टार आइकन ने अपने विशिष्ट परिधान के साथ ही पैरों में कडे़ और घुंघरू बांध कर फ्यूजन पेश किया तो मस्ती दुगुनी हो गई। रघु के रॉक बैण्ड की प्रस्तुति पर वहां मौजूद देशी-विदेशी पर्यटक और दर्शक थिरकने पर मजबूर हो गये।

इस मोके पर मुख्य अतिथि राजस्थान की मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि वर्ल्ड म्युजिक फेस्टिवल अनूठा और उपलब्धिपूर्ण आयोजन है और यह उदयपुर के संगीत इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारत म अंतर्राष्ट्रीय संगीत और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान के लिए एक बड़ी उपलब्धि ह®। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एक ऐसा वार्षिक आयोजन बनकर उभरेगा जिसे भारत आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक अपने सालाना यात्रा कैलेण्डर म शामिल करेंगे।

उदयपुर में रंगारंग लेक फेस्टिवल शुरू, रविवार तक रहेगी धूम

उदयपुर,उदयपुर में चार दिवसीय लेक फेस्टिवल की धूम गुरुवार से आरंभ हो गई। इसका आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम एवं नगर विकास प्रन्यास की ओर से हो रहा है।
इसके अन्तर्गत विभिन्न रोमांचकारी एवं आकर्षक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई जिसे देखने देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों का जमघट लगा रहा। अपनी तरह का यह पहला झील महोत्सव रविवार तक चलेगा।
फतहसागर की पाल पर आयोजित शुभारंभ समारोह में अतिथियों ने लेक फेस्टिवल को उदयपुर के समग्र पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया और इसमे अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया।
समारोह में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, नगर निगम के महापौर चन्द्रसिंह कोठारी, प्रमुख शासन सचिव(पर्यटन) शैलेन्द्र अग्रवाल, संभागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा, जिला कलक्टर रोहित गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्रप्रसाद गोयल, पूर्व महापौर श्रीमती रजनी डांगी, नगर निगम के आयुक्त सिद्धार्थ सियाग, प्रेमसिंह शक्तावत, राजेन्द्र बोर्दिया, गिर्वा की उपखण्ड अधिकारी नम्रता वृष्णि, चन्द्रगुप्त सिंह चौहान सहित आयोजक एवं सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारी, पार्षदगण, जिलाधिकारी, देश के विभिन्न हिस्सों से आए खिलाड़ी संभागी, गणमान्य नागरिक एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

विभिन्न राज्यों से 350 प्रतिभागी
अतिथियों ने देश के विभिन्न राज्यों से आयी टीमों के प्रतिभागियों का परिचय पाया तथा समूहों द्वारा किए गए मार्चपास्ट को देखा। झीलों में होने वाली स्पर्धाओं और रोमांचक खेलों में दिल्ली, गुजरात, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान, इण्डियन नेवी एवं आईटीबीपी के 350 पुरुष एवं महिला प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल ने सफेद झण्डी दिखाकर ड्रेगन नौका दौड़ का शुभारंभ किया।
अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का सम्मान
पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सात खिलाड़ियों को उपरणा एवं पगड़ी पहना कर अभिनंदन किया। इनमें विजेन्द्रसिंह, रविन्द्र व अरुण नांगल (हरियाणा),महेश विश्वकर्मा एवं मनमोहन डांगी(मध्यप्रदेश), अरुणसिंह(मणिपुर) तथा दिलीपसिंह चौहान(उदयपुर) शामिल हैं।

पर्यटन विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर
महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने झीलों को उदयपुर की आत्मा एवं जान बताया और कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए चयनित उदयपुर के 44 फीसदी लोगाें की पहली प्राथमिकता पर्यटन विकास है और इसी के आधार पर उदयपुर में पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सिटी को स्मार्ट बनाएं, खुद भी स्मार्ट बनें
महापौर ने पर्यटन विकास की दृष्टि से हो रहे कार्यों का जिक्र किया और विभूति पार्क, बर्ड पार्क, रेल्वे की द्वितीय एन्ट्री आदि की जानकारी दी और बताया कि क्षेत्र की पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने और वनीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर साल वन विभाग को दस करोड़ की धनराशि दी जाएगी। उन्होंने स्मार्ट सिटी बनाने में हरसंभव भागीदारी निभाने और हर नागरिक से स्मार्ट बनने की अपील की।
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने झील के जलमार्ग का लाभ आम जनता के लिए सुलभ कराने के लिए इसकी कम दरें रखी जाने का सुझाव दिया।
पर्यटन ने पाए नए आयाम
पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल ने राजस्थान में मेलों-पर्वों और त्योहारों को पर्यटन से जोड़ने से आए व्यापक बदलाव की चर्चा की और कहा कि इससे देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और पर्यटन विकास को संबल मिला है।
उन्होंने झीलों को आपस में जोड़कर नौकायन के जरिये आवागमन के लिए जलमार्ग को हमेशा के लिए शुरू रखने पर जोर दिया और बताया कि उदयपुर की झील में फ्लोटिया शुरू की जाएगी।
आरंभ में चन्द्रगुप्तसिंह चौहान ने उदयपुर की झीलों को ड्रेगन नौका दौड़, केनो पोलो एवं कायाकिंग, केनाइंग आदि की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त बताया।
इन्होंने किया स्वागत
आरंभ में अतिथियों का स्वागत चन्द्रगुप्तसिंह चौहान, संजय बेनीवाल, प्रदीप पालीवाल, पूर्व विधायक दिनकर पाटील, नजमा मेवाफरोश, आर.के. धाबाई, महेश पालीवाल, एम.एस. तोमर, जसवन्त टांक आदि ने पुष्पहार, उपरना एवं पगड़ी पहना कर किया। अन्त में आभार प्रदर्शन जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने किया। समारोह का संचालन राजेन्द्र सेन ने किया।
रोमांचक जल खेलों ने किया मोहित
समारोह के बाद फतहसागर झील में जल क्रीड़ा गतिविधियां हुई। इनमें ड्रेगन बोट रेस, केनो पोलो की नेशनल चैम्पियनशिप शुरू हुई तथा कायाकिंग, केनाइंग व रोविंग गतिविधियां हुई। इन रोचक और मनोहारी कार्यक्रमों को देखने के लिए झील के किनारे व पाल पर देशी-विदेशी पर्यटकों एवं स्थानीयों का जमघट लगा रहा।

श्रीजी की पूजा और नौका विहार से श्रीगणेश
इससे पूर्व प्रभु श्रीनाथजी की दूधतलाई घाट पर पूजा-अर्चना हुई और वहां से श्रीनाथजी की छवि को सुसज्जित नौका में विराजित कर नौका विहार कराया गया। श्रीजी की नौका गणगौर घाट पहुंचने पर जिलाधिकारियों, जन प्रतिनिधियों एवं शहरवासियों ने पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। लेक फेस्टिवल के लिए सजी-धजी नौकाएं आकर्षण का केन्द्र रहीं। लेक फेस्टिवल पर काईट फ्लाइंग ने भी खूब लुभाया।

कलेक्टर साहब अब हम आपके बाल कट नहीं करेगें – हेयर एक्सपर्ट उदयपुर

उदयपुर. शहर का कोई भी हेयर एक्सपर्ट अब जिला कलेक्टर के बाल कट नहीं करेगा। यह निर्णय विरोध स्वरुप उदयपुर के सेन क्षौर कलाकार मंडल कमेटी ने लिया है।
सेन क्षोर कलाकार समिति का विरोध है कि जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने उन्हें हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुएफतहसागर की पाल पर स्मार्ट सिटी के लिए फेशन शो आयोजित करने की स्वीक्रति नहीं दी थी, और अब वहीँ पर म्यूजिकल नाइट का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।
आज सेन क्षौर कलाकार मंडल समिति की बैठक आयोजित हुई और उसमे सामूहिक रूप से सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उदयपुर शहर के जिला कलक्टर रोहित गुप्ता के हेयर कट और सौंदर्य निखार में कोई भी हेयर सेलून अपनी सेवाएं नहीं देगा। संगठन के अध्यक्ष अशोक पालीवाल ने कहा कि उदयपुर शहर के जिलाधीश महोदय ने उदयपुर शहर को स्वच्छ व सुन्दर रखने एवं स्मार्ट सिटी के लिए जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए लिए रेम्प शो के आयोजन की स्वीकृति नही दी तो हम लोगो को भी बडे साहब का हेयर कट नही करना चाहीए। पालीवाल ने बताया कि ५ जनवरी को फैशन शो ाोजित करने के लिए जिला कलक्टर से स्वीकृति लेने गए थे लेकिन जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने हमें स्पष्ट शब्दों में हाईकोर्ट का हवाला देते हुए स्वीकृति देने से मना कर दिया। अब 13-14 फरवरी को म्यूजिक फैस्टिवल फतहसागर की पाल पर आयोजित किया जा रहा है।
महासचिव शंभूलाल सेन ने कहा कि उदयपुर शहर के कलाकारों द्वारा आयोजित प्रोग्राम जो उदयपुर शहर के लिए ही आयोजित करना चाहते थें उन्हे फतहसागर की पाल पर स्वीकृति क्यों नही दी गई। जिला कलेक्टर के द्वारा नकारात्मक निर्णय पर सेन क्षौर कलाकार मण्डल, लेकसिटी ब्यूटी क्लब व हेयर एण्ड ब्यूटी ऑर्गेनाईजेशन (एच.बी.ओ) सामूहिक रूप से रोष व्यक्त करते हुए निर्णय करता है कि उदयपुर शहर के हेयर एक्सपर्ट उनका हेयर कट व अन्य सेवाएँ नही देंगे। अशोक पालीवाल ने कहा कि जिला कलक्टर को भेदभाव पूर्ण नीति नही अपनानी चाहिए। जनता की बात सुननी चाहिए और यदि फतहसागर की पाल पर कोई भी कार्यक्रम नही हो सकता है, ऐसा हाइकोर्ट का निर्णय है, तो उसकी पालना हर कार्यक्रम के लिए होनी चाहिए।
इंसानियत हुई शर्मशार – दफनाए हुए शव को कब्र से बाहर निकाल सड़क पर रख दिया।

उदयपुर । मंगलवार को लेकसिटी की माटी एक बार फिर शर्मसार हुई जब एक कब्र में दफ़न लाश को महज इस आरोप में कब्र से वापस निकाल दिया गया कि वह लाश सुन्नी मुसलमान की नहीं थी। मज़हब का हवाला देने वाले कुछ इंसानों की इस कारगुजारी ने आज इंसानी अहम के आगे इंसानियत को शर्मसार कर दिया और साथ ही अपने धर्म पर भी दाग लगा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उदयपुर ( राजस्थान ) खांजीपीर निवासी 80 वर्षीय मोहम्मद युसुफ की सोमवार देर रात मृत्यु हो गई थी। मृतक परिजनों ने अश्विनी बाजार स्थित कब्रिस्तान में विधि-विधान से मृतक को दफना दिया। अंतिम संस्कार के बाद कब्रस्तान कमेटी के पदाधिकारी सहित कुछ लोग कब्रिस्तान पहुंचे तथा मृतक को सुन्नी मुसलमान नहीं होने का आरोप लगाते हुए हुए दफनाए शव को कब्र से बाहर निकालकर वाहन द्वारा मृतक के घर के बाहर सड़क पर छोड आए।
अचानक वापस लाए गए शव को देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। मृतक मूल रूप से मंदसौर (मध्यप्रदेश) का निवासी था लेकिन पिछले 60 वर्षों से उदयपुर में ही निवासरत है। मृतक के पुत्र एडवोकेट हामीद कुरैशी ने बताया कि यह घटना सचमुच स्तब्ध करने वाली एवं अमानवीय है। लेकिन हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से शव को लेकर अपने पैतृक शहर मंदसौर पहुंच गए है जहां मेरे पिता का पुन: दफ़न किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साठ वर्षो से उदयपुर में रहते हुए समाज के सभी लोग हमारे हर काम में शामिल हुए और हम भी शामिल रहे लेकिन इस घटना ने हमें झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में शहर का कोई भी मुस्लिम नेता या अंजुमन के पदाधिकारी कुछ बोलने से अपना पल्ला झाड़ते रहे। मौलाना और मुफ़्ती भी इस बारे में बोलने से बचते रहे । शहर के एक मुफ़्ती से ने इस घटना को सही करार दिया तो उनसे हवाला पूछा की इस्लाम की कोनसी किताब में ऐसा लिखा हुआ है तो वे भी इस बात का सबूतों के साथ जवाब नहीं दे पाये और उन्होंने यह कह कर फोन काट दिया कि में देख कर बताता हू।
बहरहाल मजहब की आड में हुई इस घटना ने मानवीय दृष्टि से मानवता को निश्चित रूप से शर्मसार किया है, जिस पर भविष्य में एक सार्थक बहस की जरूरत होगी।
हाइवे पर टैंकर से गैस रिसाव – तीन घंटे तक अटकी रही जान
तीन घंटे तक अफरा-तफरी, बलीचा-प्रतापनगर बाइपास की दुकानें रहीं बंद, बड़ा हादसा टला
उदयपुर। बलीचा-प्रतापनगर बाइपास रोड पर एकलिंगपुरा चौराहे के पास आज सुबह करीब नौ बजे एलपीजी टैंकर लीकेज हो जाने से अफरा-तफरी मच गई। तीन घंटे तक रास्ते जाम रहें। दुकानें और घरों से लोगों निकालकर दूर भेजा गया। बाद में टैंकर के ड्राइवर ने ही अपनी जान जोखिम में डालते हुए टैंकर के ऊपर चढक़र लीकेज बंद किया। बाद में साढ़े 11 बजे टैंकर को इंडियन गैस प्लांट में रिपेयर के लिए भेजा।
बलीचा बाइपास पर एकलिंगपुरा चौराहा और गीतांजलि हॉस्पीटल के बीच भावनगर गुजरात से उत्तर प्रदेश जा रहे एक गैस टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया। टैंकर का ड्राइवर सवाईमाधोपुर निवासी अनिलसिंह को रिसाव की तेज आवाज़ आई, तो उसने तुरंत टैंकर रोककर ट्रैफिक रूकवाया और पुलिस को सूचना की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मय जाब्ते के पहुंचे। गैस टैंकर के रिसाव को देखते हुए पुलिस ने आसपास का पूरा इलका खाली करवा दिया। दुकानों को भी बंद करवा दिया और घरों से लोगों को दूर भेज दिया। एकलिंगपुरा क्षेत्र के आसपास की बिजली लाइन को भी बंद करवा दिए। बाइपास पर आने वाले हर रास्ते पर नाकाबंदी कर रोक दिया गया। टैंकर से तीन घंटे तक रिसाव होता रहा, तब तक पुलिस और आसपास के लोगों की जान अटकी रही। साकरोदा स्थित इंडियन गैस प्लांट से लीकेज के एक्सपर्ट बुलवाए गए। जब गैस ज्यादा रिसने लगी और खतरा ज्यादा बढ़ गया। आखिर में टैंकर ड्राइवर ने ही अपनी जान पर खेलकर टैंकर के ऊपर चढ़ा और लीकेज वॉल को बंद किया और गैस लीकेज को रोका। तीन घंटे बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की जान में जान आई। ड्राइवर अनिलसिंह ने बताया कि तापमान बढ़ जाने से गैस का वॉल फट गया और गैस रिसने लग गई। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बुनकर, डिप्टी सौभाग्यसिंह सहित गोवर्धनविलास, प्रतापनगर, हिरनमगरी के थानाधिकारी जाब्ते सहित मौजूद थे। नगर निगम के चार फायर ब्रिगेड गाडिय़ां भी मौके पर बुला ली गई।

सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टला : एलपीजी गैस टैंकर के रिसाव से होने से एक बड़ा हादसा आज पुलिस प्रशासन के अधिकारी और ड्राइवर की सूझबूझ से टल गया। तीन घंटे तक आसपास के लोग और पुलिस अधिकारियों की जान सांसत में अटकी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही टैंकर से रिसाव शुरू होने की तेज आवाज आनी शुरू हुई, ड्राइवर अनिलसिंह ने खुली जगह में टैंकर रोक दिया, जहां बिजली के तार नहीं थे। पुलिस भी सूचना पाते ही मौके पर पहुंच गई और रिसाव को गंभीरता लिया। पुलिस ने पूरा इलाका खाली करवा दिया। यहां तक की आसपास के लोगों के मोबाइल तक भी बंद करवा दिए। आखिर में ड्राइवर ने ही हिम्मत करके टैंकर के ऊपर चढ़ा और वॉल को बंद किया। बाद में टैंकर को पुलिस और फायर ब्रिगेड के एस्कॉर्ट के साथ साकरोदा स्थित इंडियन गैस प्लांट में भेजा गया। जहां पर वॉल रिपेयर किया जाएगा। गैस का रिसाव इतना तेज था कि एक चिंगारी या छोटा-सा बिजली का शार्ट सर्किट बड़ा हादसे का कारण बन सकता था।
करोड़ों की जमीन व वर्चस्व को लेकर गैंगवार में चली गोलियां
मल्लातलाई क्षेत्र में इमरान कुंजड़ा के भाई पर फायरिंग, घायल अस्पताल में भर्ती

उदयपुर। शहर में करोड़ों की जमीन व वर्चस्व को लेकर एक बार फिर गैंगवार शुरू हो गई। मल्लातलाई क्षेत्र में दो बाइक पर सवार होकर आए युवकों ने इमरान कुंजड़ा के भाई पर दो फायर किए। फायरिंग में घायल युवक को उपचार के लिए निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
सूत्रों के अनुसार आज दोपहर करीब 12.30 बजे मल्लातलाई चौराहे के पास बनी यूआईटी की दुकानों के पास से इमरान कुंजड़ा का भाई मोहम्मद हुसैन अपनी सेन्ट्रो कार में जा रहा था इसी दौरान पीछे से दो बाइक सवार आये और हुसैन पर
फायरिंग दो फायर किए जिसमें एक गोली कंधे व एक कमर में लगी। घायल युवक को उपचार के लिए निजी अस्पताल लाया गया जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज, डिप्टी मंजीत सिंह, हाथीपोल थानाधिकारी राजेश शर्मा, अम्बामाता थानाधिकारी राजेन्द्र जैन सहित पुलिस जाब्ता चिकित्सालय पहुंचाया। हुसैन ने पुलिस को उस पर फायरिंग में इकबाल वाइपर के गुर्गों द्वारा किया जाना बताया। घटना के बाद चिकित्सालय में भीड़ जमा हो गई वहीं ऑपरेशन कक्ष से बाहर आने पर हुसैन चिल्ला रहा था कि ठीक होने के बाद मैं तहलका मचा दूंगा। शहर के ये मामूली गुंडे झुंड में आकर एक दूसरे पर हमला कर शहर की शांति व्यवस्था बिगाड़ रहे है। इसके बावजूद घटना के बाद मल्लातलाई में खुली हुई दुकानों के बीच हुई फायरिंग के बाद भी कोई व्यक्ति कुछ बताने को तैयार नहीं है। पुलिस शहर मेें नाकाबंदी करा हमलावरों की तलाश कर रही है।

जमीन विवाद, वर्चस्व की लड़ाई :
प्रथम दृष्टया पता चला है कि फायरिंग की यह घटना इमरान कुंजड़ा और इकबाल वाइपर के बीच करोड़ों की जमीन का विवाद और वर्चस्व की लड़ाई की एक कड़ी है। ठोकर चौराहे पर करोड़ों की जमीन का इकबाल वाइपर और इमरान कुंजड़े के बीच विवाद चल रहा है। जिसे लेकर दो माह पूर्व इमरान कुंजड़े ने अपने गुर्गों के साथ इकबाल वाइपर के घर उसके परिजनों पर हमला कर दिया था। गैंगवार के चलते बदले में आज मौका देख इकबाल वाइपर के गुर्गों ने इमरान कुंजड़े के भाई पर हमला किया।

यू.पी.चुनाव में भाजपा की थीम होगी हिन्दु-मुस्लिम तनाव?
डा. सतीश मिश्रा- राष्ट्रदूत दिल्ली ब्यूरो

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की मुख्य चुनावी जंग यद्यपि अभी भी करीब एक वर्ष दूर है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इसे हिन्दू -मुस्लिम संघर्ष के रुप में प्रस्तुत करना प्रारंभ कर दिया है, जैसा उत्तर प्रदेश विधानसभा की तीन सीटों के उप चुनावों के लिए भाजपा द्वारा किए जा रहे प्रचार अभियान में देखा गया है। भाजपा के दृष्टिकोण की झलक वर्तमान में मुजफ्फर नगर में देखी जा सकती है, जो कि 2013 के दंगों का गवाह है तथा वहां दो विधानसभा सीटों के लिए 13 फरवरी को उपचुनाव होने हैं। देवबंद विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार रामपाल सिंह पुन्ढीर, जो एक आर एस एस प्रचारक हैं, ने अपनी सभाओं में इस बात पर जोर देते हैं कि उनका प्रमुख एजेण्डा हिन्दुओं के गौरव को वापस दिलाना है। उन्होंने कहा, अगर वे चुनाव जीत जाते हैं, तो ’एक भय होगा उनके अन्दर’। हमारा टैरर होगा उनके ऊपर, उनके गुण्डों पर। (अर्थात मुस्लिम डर महसूस करेंगे। उनमें तथा उनके गुण्डों में हमारा डर व्याप्त होगा)।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुन्ढीर ने अगले ही क्षण इस बात पर जोर दिया कि ’’हिन्दु गुण्डे नहीं रखते हैं।’’ पुन्ढीर ने कहा, अब इन चुनावों ने मुख्यत: दो समुदायों के बीच संघर्ष का रुप ले लिया है, क्योंकि हिन्दू असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा ’’हमारी माताओं तथा बहनों के सम्मान को खतरा है। हिन्दू व्यापारी चोरी, डकैती तथा हत्याओं का सामना करते हैं। उन्होंने आगे कहा ’’देवबंद में किसी हिन्दू की हिम्मत नहीं है कि कुछ बोल जाए।’’
उन्होंने वादा किया ’’जब 2017 में हमारी सरकार बनेगी, तब हम देखेंगे कि वे कैसे अत्याचार करते हैं।’’ यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि देवबंद एक मुस्लिम बहुल इलाका है तथा मुसलमानों की शिक्षा का प्रमुख स्थान (दार -उल-उलूम) है, जिसका काफी सम्मान है। देवबंद में 2013 के सामुदायिक दंगों के दौरान भी शांति व्यवस्था स्थापित थी तथा वहां सामुदायिक उपद्रव नहीं देखे गए हैं।

मुजफ्फरनगर तथा देवबंद विधानसभा सीट, दोनों की ही सभाओं में, चुनाव प्रचारको के भाषणों का मुख्य विषय ही यह है कि हिन्दुओं को मुसलमानों से खतरा है। मुजफ्फर नगर से लोकसभा सांसद संजीव बलियान हैं, जो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमण्डल में कृषि रा’यमंत्री हैं। लव जेहाद, गौ-वध तथा कुछ अन्य ऐसे ही इलजाम हैं जो कि भाजपा नेताओं द्वारा अपने भाषणों तथा निजी वत्त*व्यों दोनों में ही मुसलमानों पर लगाए जा रहे हैं। मुजफ्फर नगर में भाजपा के एक होर्डिंग पर सांसद साक्षी महाराज का एक चित्र लगाया गया है, जिससे वे शंख बजाते हुए दिखाई दे रहे है, इससे पार्टी की रणनीति का आभास होता है। होर्डिंग पर लिखा है ’’समझौता नहीं, सम्मान चाहिए।’’ मुजफ्फर नगर की दोनों ही सीटें समाजवादी पार्टी के विधायकों की मृत्यु के कारण खाली हुई हैं।
विधानसभा उपचुनावों का तीसरा स्थान, फैजाबाद जिले की बीकारपुर सीट है, जहां अयोध्या भी है, वहां भाजपा ने राम मंदिर प्रचारक राम कृष्ण को मैदान में उतारा है तथा यहां पर भी चुनाव अभियान का केन्द्र बिन्दु मुस्लिम अत्याचार तथा मुसलमान शासकों द्वारा इतिहास काल में हिन्दुओं के साथ किए गए गलत कार्यों को बताना ही है। यहां तक कि जहां चुनाव नहीं हैं, वहां भी भाजपा ने गौ-हत्या, राम मंदिर तथा लव -जेहाद जैसे मुद्दों पर ही ध्यान केन्द्रित किया है।
रा’य के पूर्वी प्रांतों की रिपोटर््स कहती हैं कि उनकी योजना संभाग को सामुदायिक रुप से विभाजित करने की है, जिससे भाजपा चुनाव रुपी फसल काट सके। सूत्रों का कहना है कि इस मिशन के लिए गोरखपुर सांसद महंत आदित्यनाथ की सेवाएं भी ली
जा रही हैं।
तुलसी ने खोला सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने का केन्द्र

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक की ‘सखी परियोजना’ ग्रामीण महिलाओं को दे रही है व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण। ग्रामीण महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की आकृतियों में सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने में दिखाई रूचि।
हिन्दुस्तान ज़िक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि राजस्थान में ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सषक्त बनाने के लिए नये व्यावसायिक कौषल सिखाये जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं रोजगार प्राप्त करने के लिए अपने खाली समय का सद्पयोग कर रही है। राजस्थान में वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान ज़िक ने ‘सखी’ परियोजना का शुभारम्भ किया है जिससे ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं को व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण के माध्यम से उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थित सषक्त हो रही है। वे नियमित आय के लिए उत्पादों की बिक्री के लिए सीधे बाजार से जुड़ी हुई है।

तुलसी एक ऐसी ही महिला है। तुलसी उदयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव कलड़वास में रहती है। हिन्दुस्तान जिंक ने तुलसी से व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण के लिए सम्पर्क किया और वह इसके लिए सहमत हो गई तथा अपने अन्य साथियों को प्रषिक्षण के लिए साथ लाने के लिए कही। व्यावसायिक प्रषिक्षण संचालन में मुख्य सड़क से दूर होना तथा आधारभूत सुविधाओं एवं बिजली की कमी मुख्य समस्याएं थी। उन्होंने ऐसे जगह की व्यवस्था की जहां व्यावसायिक प्रषिक्षण दिया जा सके तथा जगह उपलब्ध करायी।
आधारभूत सुविधाओं के साथ सुनिष्चित किया गया कि सुगन्धित मोमबत्ती बनाने के लिए प्रषिक्षण कार्यषाला का आयोजन किया जाए तथा प्रषिक्षण के दौरान ही लगभग 2000 मोमबत्तियां बनायी जाए। इन मोमबत्तियों की शीघ्र ही बिक्री की जाएगी। तुलसी ने सहमती एवं वादा किया कि सीखने एवं इस परियोजना के संचालन के लिए और अधिक महिलाएं आएगी।
2-दिनों के भीतर सब कुछ तुलसी द्वारा आयोजित किया गया। हिन्दुस्तान जिं़क ने सभी कच्चे माल की व्यवस्था की और तुलसी ने मोम पिघलाने के लिए रसाई गैस, बर्तन और अन्य जरूरत के सामान जो घर में उपलब्ध थे व्यवस्था की।
और इस प्रकार कलड़वास गांव में 18 ग्रामीण महिलाओं के साथ 2000 मोमबत्तियां बनाने का ‘‘सखी’’ परियोजना शुरू हुआ।
परियोजना प्रारम्भ करते समय तुलसी और उसके दोस्तों को कई चुनौतियों को सामना करना पड़ा। तुलसी ने अपनी कौषलता से महिलाओं को समूह में बांटा और प्रत्येक समूह की महिलाओं को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग कार्य करने को कहा गया। किसी ने नए-नए सॉंचें तैयार किये, मोम पिघलाये तथा किसी ने पैकेजिंग का कार्य किये। यह एक सपने के सच होने जैसा था।
सभी भावुक हो गई जब उनको इस कठिन परिश्रम का मानदेय दिया गया। तुलसी भी रो पड़ी। यह उसके लिए एक सपना सच होने जैसा था। सिखाने की व्यवस्था तथा इनाम के रूप में नकद मानदेय वास्तव में बहुत ही प्रोत्साहित था।
‘सखी’ उन सभी ग्रामीण महिलाओं के लिए आषा है जो अपने सपने और इरादों को पूरा करने की इच्छा रखती हैं।
दिल्ली: ब्वॉयफ्रेंड के घर की अलमारी में मिली गर्लफ्रेंड की लाश, 2 दिन बाद कर ली दूसरी शादी
राजधानी दिल्ली के मॉडल टाउन में एक लड़की की लाश उसके ब्वॉयफ्रेंड के घर से बरामद हुआ है। लड़की दिल्ली यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर की छात्रा थी। पुलिस ने आरोपी ब्वॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है जिसने हत्या की बात कबूल कर ली है। आप सुनकर दंग रह जाएंगे कि हत्या के दूसरे दिन बाद ही ब्वॉयफ्रेंड ने दूसरी लड़की से शादी रचा ली थी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक लड़की का नाम आरजू सिंह था। आरजू दो फरवरी को घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी। आरजू घर वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार ने पुलिस के पास उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी और नवीन खत्री पर उसकी हत्या का शक जताया है। आज सुबह पुलिस ने आरजू के घर वालों को शव बरामद होने की खबर दी। पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरजू और नवीन एक-दूसरे से प्यार करते थे लेकिन दोनों के घरवालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। दोनों ने कुछ ही वक्त पहले अपने रिश्ते की बात घरवालों को बताई थी। दोनों परिवारों की आपत्ति के बावजूद दोनों एक-दूसरे से मिलते थे। आरजू डिप्रेशन में भी थी।
शादी में ना डाले अड़चन इसलिए कर दिया कत्ल
जानकारी के मुताबिक नवीन के घरवालों से उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया था और 4 फरवरी को उसकी शादी तय हो गई थी। नवीन ने 2 फरवरी को आरजू को मिलने के लिए बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वो फरार हो गया और 4 तारीख को उसने अपनी शादी कर ली।

