क्या अदा और क्या जलवे

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उदयपुर. इन दिनों लेकसिटी में मौजूद विश्वविद्यालयों में फे्रशर व फेयरवेल पार्टियों की धूम है। आए दिन हो रहे आयोजन में छात्र-छात्राएं कैट वाक व आकर्षक परिधानों से अपने साथियों का दिल जीत ले रहे हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राएं भी अपने चहेतों की अदाओं पर मारे जा रहे हैँ। इसी कड़ी में सिंघानिया विश्वविद्यालय की कन्सर्न सेल की ओर से फ्रेशर पार्टी ‘ओरायन्स-2015Ó का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नृत्य के साथ ही रैंप पर कैटवॉक किया। प्रतियोगिता में विरमदेव देवड़ा को मिस्टर और शिवानी नागर को मिस फ्रेशर चुना गया। संगीत कला अकादमी के कलाकारों के साथ ही विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां दी। फिल्मी गानों से लेकर राष्ट्रभक्ति गीतों की धूम रही। प्रेसीडेंट अशोक घोष ने नए विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आत्म विश्वास के साथ रोजगारोन्मुखी निर्णय लें।

मक्का में हज के दौरान मची भगदड़ में गुम हुआ “ज़हिर” – मिलने की उम्मीद कायम

zahirउदयपुर. उदयपुर. हज यात्रा के दौरान गुरुवार को मक्का में मची भगदड़ में उदयपुर का जहीर अब्बास (37) खो गया। विमंदित अब्बास का पिछले 24 घंटे से पता नहीं चला है, लेकिन परिजनों को उसके मिलने की उम्मीत बाकी है। हादसे में जहीर के पिता हातिम अली अख्तरी (55)  भी गंभीर चोटिल हो गए। भगदड़ में वे गिर गए और सिर में चोट के बाद वे अचेत हो गए। करीब 36 घंटे के बाद उनको होश आया। वे स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी तीमारदारी के लिए उनकी पत्नी शिरीन बानू मौजूद है। जहीर के चाचा और यहां दिल्ली गेट पर पुलिस कन्ट्रोल रूम के सामने इत्र की दुकान लगाने वाले हिपतुल्ला अख्तरी ने बताया कि परिजन लगातार जहीर को ढूंढने का काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उसकी कोई सूचना नहीं मिल पाई है। वह बोलने-सुनने और समझने में असमर्थ है। उसके पास कोई पहचान पत्र तक नहीं है। एेसे में वहां मौजूद उसके माता-पिता बेहद परेशान और चिंतित है। उनसे लगातार सम्पर्क में बने हुए हैं और वहां की पुलिस व प्रशासन से मदद ली जा रही है। वाट्स एप और दूसरे माध्यमों से जहीर के फोटो को भेजा जा रहा है, जिससे कि जिसे भी वह मिले, सूचना दी जा सके।

उदयपुर से गए थे परिवार के 5 सदस्य

चमनपुरा में इत्र की दुकान लगाने वाले हातिम अली, पत्नी-पुत्र और रिश्तेदार अब्बास अली व सोफिला बानू के साथ हज की यात्रा के लिए गत 6 सितम्बर को उदयपुर से निकले थे। पूरा परिवार हिम्मत नगर की रजा ट्रेवल्स के जरिए करीब 45 सदस्यों के दल में गया था। दल में उदयपुर के यूथ गुट से जुड़े अन्य सदस्य भी थे।

RK मार्बल के ठिकानों पर आयकर का छापा – महा घूस काण्ड से जुड़ी हो सकती है कार्रवाई।

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उदयपुर । मार्बल और सीमेंट के सबसे बड़े व्यवसाइ मार्बल किंग कहे जाने वाले आर के मार्बल के उदयपुर के पांच ठिकानों सहित देश भर में कुल २९ ठिकानों पर आयकर विभाग ने पुरे जाब्ते के साथ छापा मारा है। मकान, ऑफिस और फैक्ट्रियों में सैकड़ों आयकर अधिकारी कार्रवाई कर रहे है। आयकर की यह कार्रवाई खान विभाग के सचिव अशोक सिंघवी की महा घूस कांड में हुई गिरफ्तारी से भी जोड़ कर देखा जारहा है। सूत्रों की माने तो राज्य के सबसे बड़े रिश्वत काण्ड के खुलासे के बाद आयकर विभाग का यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
मार्बल के किंग कहे जाने वाले आर के मार्बल के देश भर में २९ ठिकानों पर आज सुबह ५.३० बजे एक साथ आयकर अधिकारियों ने छापे की कारवाई शुरू की। उदयपुर में यह कारवाई फतहपुरा स्थित आर के हाउस, वंडर सीमेंट, भुवाणा और बोहरा गणेश जी स्थित ऑफिस में करवाई जारी है। इसके अलावा राजस्थान में राजसमन्द, किशनगढ़, अजमेर और जयपुर में भी सभी ठिकानों पर कारवाई जारी है। बताया जा रहा है कि राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और आंद्रप्रदेश और देहली में फेले आर के मार्बल के हर ऑफिस हर घर और फेक्ट्रियों में छापे की कारवाई जारी है।
सूत्रों की माने तो पिछले दिनों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा खान विभाग के महा घूस कांड खुलासे में सचिव अशोक सिंघवी और आरके मार्बल्स के सीए के फोन कॉल डिटेल्स के आधार पर ही इनकम टैक्स विभाग ने छापे मारे हैं। इंकमटेक्स के इस छापे को खान विभाग के महा घुस कांड के खुलासे की अगली कड़ी के रूप में भी देखा जारहा है। जानकारी के अनुसार छापे के दौरान कई अनियमितताओं के दस्तावेज बरामद हुए है।
उदयपुर में आर के मार्बल के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे की कारवाई अल सुबह 5.30 बजे शुरू हो गयी थी ३० से अधिक गाड़ियों में जयपुर जोधपुर से आये अधिकारियों ने फतहपुरा, भुवाणा और बोहरा गणेश जी स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। सूत्र बताते है कि किसी को उठने और सम्भलने का मौका भी नहीं दिया जो जिस हाल में था वैसे ही बैठा दिया और कार्रवाई शुरू करदी। जानकारी के अनुसार अगले दो दिनों तक कार्रवाई जारी रहेगी।
सूत्रों की माने तो प्रदेश में किसी एक व्यवसाई के यहां आयकर विभाग की इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार हो रही है।

भ्रष्टाचार की आरोपी को फिर से बनाया डेयरी चेयरमेन

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उदयपुर । भ्रष्टाचार निवारण मामलात के विशेष न्यायालय द्वारा डेयरी चेयरमेन गीता पटेल के पक्ष में एसीबी द्वारा दी गयी खारिज किये जाने और मुकदमा चलाये जाने के आदेश के बाद भी तीसरी बार गीता पटेल सरस डेयरी की चेयरमेन चुन ली गयी। यह भी भाग्य रहा की १२ डायरेक्टर्स में से कोई भी कांग्रेस समर्थक नहीं था इसीलिए किसी ने आपत्ति नहीं कि और बाहर वालों की आपत्ति चुनाव अधिकारी ने मान्य नहीं की।
तीन साल पहले १० हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडे जाने के बावजूद मंगलवार को गीता पटेल तीसरी बार सरस डेयरी की चेयरमेन बन गयी। भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त गीता पटेल के केस की सोमवार को ही एसीबी ने कोर्ट में दूसरी बार एफआर लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर खुद प्रसंगान लेते हुए उनपर मुकदमा चलाये जाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इस फेसले के बाद माना जारहा था कि मंगलवार को सरस डेयरी के होने वाले चुनाव में भाजपा गीता पटेल को अध्यक्ष पद की दावेदार करने की इजाजत नहीं देगी, क्यूँ कि गीता पटेल को कोर्ट ने जिन धाराओं भ्रनिअ ८ व् ९ के तहत दोषी माना है, उसमे पांच साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन सुबह सारे नियम कायदे धरे के धरे रह गए और १२ सदस्यों में गीता पटेल ने ही अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा और निर्विरोध अध्यक्ष चुन ली गयी।
चुनाव अधिकारी अश्विन वशिष्ठ के अनुसार निदेशक मंडल के १२ सदस्यों में से सिर्फ गीता पटेल ने ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था और सुबह ११.३० बजे तक आपत्तियों का समय था लेकिन १२ सदस्यों में से किसी सदस्य ने भी कोई आपत्ति नहीं की इसलिए गीता पटेल को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया । हालाँकि सरस डेयरी के पूर्व चेयरमेन जग्गाराम पटेल आपत्ति करने के लिए पहुचे थे लेकिन चूँकि वह निदेशक मंडल के १२ सदस्यों में नहीं थे इसलिए उनकी आपत्ति मान्य नहीं हुई।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम २००१ तथा सेक्शन २८ के अनुसार भ्रष्टाचार की पीसी एक्ट ८,व् ९ सहकारी समितियों के चुनावों पर लागू नहीं होती है, इसीलिए गीता पटेल का नामांकन खारिज नहीं किया जा सकता था । गीता पटेल ने चेयरमेन चुने जाने के बाद कहा कि मुझपर अभी आरोप साबित नहीं हुआ है । अगर यहां की कोर्ट मुझे आरोपित करती भी है तो में हाईकोर्ट जाउंगी ।
यह था भ्रस्टाचार का मामला :
एसीबी ने २९ जून २०१२ को संदीप लक्ष्कार से १० हज़ार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सरस डेयरी की चेयरमेन गीता पटेल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था । आरोपों के अनुसार पटेल ने आबंटन के एवज में 10 हजार रुपए मांगे थे। संदीप ने इसकी शिकायत एसीबी उदयपुर में की थी। उदयपुर एसीबी टीम ने रिश्वत की मांग टेप कराई गई थी, और संदीप से रिश्वत लेने के आरोप में गीता को एसीबी टीम ने पानेरियों की मादड़ी स्थित मयूर काम्पलेक्स में उनके घर से गिरफ्तार किया था।

कांग्रेस के धुरंधर साबित हुए फिसड्डी :
उदयपुर में जिले में संगठन के इतने धुरंधर कांग्रेसी नेता बैठे है, लेकिन इन्होने ११ डेयरी सदस्यों में एक भी जगह किसी कांग्रेसी को सदस्य के लिए फ़ार्म तक नहीं भरवाया ना ही किसी को सदस्य का नामांकन भरने के लिए प्रेरित किया । कई निचले स्तर के नेताओं ने इस बात पर रोष भी जाहिर किया उनका कहना है, कि प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने पहले ही सभी जिलाध्यक्षों को निर्देशित किया था, कि उनकी जिम्मेदारी है सभी चुनावों में अपने कार्यकर्ताओं को और योग्य उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाना । लेकिन पायलट के निर्देशों का कही पालन नहीं हो रहा है । चेयरमेन के पद की दावेदारी तो बहुत दूर की बात है ११ सदस्यों के चुनाव में किसी जगह किसी कांग्रेसी इ नामांकन तक नहीं भरा ।

गुरमीत राम रहीम ने कहा आदिवासी शैतान

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उदयपुर। धार्मिक संस्‍था डेरा सच्‍च सौदा के प्रमुख और खुद को  मैसेंजर ऑफ गॉड  के रूप में बड़े पर्दे पर प्रस्‍तुत करने वाले संत गुरमीत राम रहीम द्वारा इंडिया-टू-डे में  “आदिवासी बने जैंटलमैन”  शीर्षक से प्रकाशित विज्ञापन को लेकर झाड़ोल और कोटड़ा के आदिवासियों मेंं भारी गुस्सा है। संत गुरमीत राम रहीम की फिल्म  “मैंसेजर ऑफ गॉड-2” पर भी बवाल मचा हुआ है। फिल्‍म शुक्रवार को ही रिलीज हुई है। इस फिल्म पर झारखंड में रोक लगा दी गई है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा ने पुलिस महानिरीक्षक को सौंपे ज्ञापन में बताया है कि इंडिया-टू-डे और  “मैसेंजर ऑफ गॉड-२” नामक फिल्म में आदिवासियों को इंसान नहीं माना गया है। इंडिया-टू-डे में प्रकाशित विज्ञापन में संत गुरमीत राम रहीम द्वारा बताया गया है कि  वे लोग नग्न रहते थे, शिक्षा व सभ्यता नाम की चीज तो उनमें दूर-दूर तक नहीं थी। हर वक्त मदिरा के नशे में धुत्त रहना, मांस भी कच्चा खा जाना उनकी तहजीब थी। जब दुनिया की संरचना हुई तो ऐसा ही तो था आदिमानव का व्यवहार। परंतु यहां पर जो हम बात कर रहे हैं, वह सदियों पहले पत्थर युग की नहीं महज, चंद वर्ष पहले सन् २००१ के करीब की है। देश के पिछड़े इलाकों में उदयपुर राजस्थान का कोटड़ा और झाड़ोल भी प्रमुख है। यहां पर वर्ष २००१ एक से पहले हफ्ते में एक-दो कत्ल होना आम बात थी।
इस विज्ञापन में आगे बताया गया है कि ऐसे राक्षस रूपी इंसानों को डेरा सच्चा सौदा के मौजूदा गुरु  संत गुरमीत राम रहीमसिंह जी इंसा ने इंसानियत का ऐसा पाठ पढ़ाया कि वे लोग भी तन-मन-धन से इंसानियत को समर्पित हो गए। और इस इलाके के आदिवासी सभ्य समाज का अंग हो गए।ञ्ज आदिवासी संघर्ष मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम भी ज्ञापन भेजकर संत गुरमीत रामरहीम सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और संत गुरमीत राम रहीम की फिल्म  मैंसेजर ऑफ गॉड-2  के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
:जो उस बाबा ने कहा वो बकवास है। प्रचार और सेवा के नाम पर जमीनों पर कब्जा करना उसका मुख्य काम है।
उसके अलावा भी उसके अवैध काम हो सकते हैं, जिसकी जांच की जानी चाहिए। उसने जो कहा है उसका विरोध करते हैं और कार्रवाई के लिए आंदोलन करेंगे।
-मेघराज तावड़, पूर्व विधायक, गोगुंदा
:जो आदिवासियों को सुधारने की बात करता है, वो आदिवासियों की संस्कृति अपनाकर पहले खुद सुधरे।
उसके बाद आदिवासियों को सुधारने की बात करें। आदिवासियों को लेकर की गई इस टिप्पणी पर कोटड़ा में जाकर आदिवासिायों को एकजुट करके आंदोलन किया जाएगा।
-वेलाराम, अध्यक्ष, भारतीय आदिवासी संघमम
:आदिवासी और आदिमानव में जिसको फर्क ही नहीं पता, वो आदिवासियों को सुधारने की बात कैसे कर सकता है? उसने अपना मान बढ़ाने के लिए आदिवासियों की इज्जत का मखौल उड़ाया है। इस संदर्भ में कार्रवाई नहीं हुई और फिल्म के प्रदर्शन को नहीं रोका गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
-अरविंद कोटेड़, अध्यक्ष, आदिवासी संघ मोर्चा

‘सखी परियोजना’ ने आदिवासी महिलाओं को सिखाया मोमबत्तियां बनाना

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रोटरी मेवाड़ ने 500 मोमबत्तियां बनाने के लिए दिया 1.50 लाख रु. का ऑर्डर

20150826_140957उदयपुर। राजस्थान का आदिवासी क्षेत्र सदैव अपनी संस्कृति और पारम्परिक कला के लिए जाना जाता है। राजस्थान के उदयपुर जिले से 45 किलोमीटर दूर जावर की आदिवासी महिलाओं को हिन्दुस्तान जिंक ‘सखी परियोजना’ के अंतर्गत सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने का कार्य सिखाया जा रहा है। मोमबत्तियां बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले मोम के छोटे-छोटे टुकड़े करना, इण्डक्षन चूल्हे पर वांछित तापमान पर उबलना, मोमबत्ती के आकार के अनुरूप रंग एवं इत्र का प्रयोग करना और अंत में मोमबत्ती धागा रखकर सांचे में गर्म मोम डालने का कार्य इन ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। ये आदिवासी महिलाएं अपने नये विचारों से मोमबत्तियों में प्राकृतिक रंग के लिए हल्दी एवं करी पत्ती का प्रयोग कर रही है। इन महिलाएं द्वारा सीखने के पश्चात् बिक्री योग्य सुगन्धित मोमबत्तियां बना रही है।

इस कार्यषाला की संचालन षिखा बोम्ब ने बताया कि सबसे पहले 18 आदिवासी महिलाओं को एकत्रित करने में बहुत कठिनाई आयी जो अलग-अलग स्थानों पर दूर-दूर तक रहती है जहां यातायात के साधन भी नहीं है। इस कार्यषाला में उन महिलाओं ने भाग लिया जो मोमबत्तियां बनाने में रूचि रखती है। षिखा ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क महिलाओं को जावर ‘सखी’ प्रषिक्षण केन्द्र पर आने-जाने के लिए यातायात साधन की व्यवस्था कर उनकी समस्या का समाधान किया।

हिन्दुस्तान ज़िक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन एवं ‘सखी’ प्रोजेक्ट ने बताया कि ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाई गई मोमबत्तियों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही है। 1000 मोमबत्तियां बनाने का पहले ही ऑर्डर मिला चुका है तथा दिपावली के अवसर पर और ऑर्डर मिलने की संभावना है। सबसे पहले लगभग 500 मोमबत्तियां बनाई गयी जिनकी बिक्री भी हो गई है। अब इन महिलाओं को रोटरी मेवाड़ से 1.50 लाख रुपये की 500 मोमबत्तियां खरीदने का ऑर्डर भी मिला है। उन्होंने बताया कि सखी के कई सदस्यों ने छोटी एवं बड़ी मोमबत्तियां खरीदने के लिए सदस्यों से मिल रहे हैं।

रोटरी मेवाड़ के अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाई गयी सुगन्धित मोमबत्तियों की प्रषंसा की और 500 मोमबत्तियां खरीदने का ऑर्डर भी दिया। रोटरी मेवाड़ ने हमेषा इस तरह के प्रयासों का समर्थन किया है।

‘सखी’ पुष्पा, संतोष, मधु, अनीता, गायत्री, सुगना एवं कई जो इस परियोजना से जुड़ी हुई है, तथा सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने के कार्य से बहुत खुष है तथा सभी कुछ नया करने की इच्छा रखती हैं। महिलाओं ने कहा कि हमारे घरों के लिए भी सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने जा रही हैं।

कंपनी अपनी इकाईयों के आस-पास के क्षेत्रों में विषेष रूप से राजस्थान के जिलों में ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं को सषक्तीकरण के लिए विषेष ध्यान दिया जाता है। हिन्दुस्तान जिं़क अपनी परियोजना ‘सखी’ के तहत मसाले बनाना, फैषनी कपड़े बनाने, घर साज-सज्जा के सामान, यूनीफार्म बनाना, पेपर-क्रॉफ्ट, चटाई बनाना, पापड़ बनाना तथा जूट के सामान बनाने के साथ विभिन्न समूहों को विकसित कर रहा है। परियोजना के माध्यम से उत्पादों की विपणन एवं बिक्री करना भी सुनिष्चित किया है। पवन कौषिक ने बताया कि इन उत्पादों का या तो कंपनी के कर्मचारियों द्वारा उपयोग किया जा रहा है और समुदाय से कन्फर्म ऑर्डर मिल रहे हैं।

अजमेर दरगाह में बम की अफवाह से मचा हडकंप – पुलिस से दिखाई मुस्तेदी

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उदयपुर । अजमेर में ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में सोमवार सुबह बम मिलने की खबर से पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया । पुलिस प्रशासन ने दरगाह को खाली करवा कर पूरी दरगाह की जांच की । सोमवार को दरगाह में महाना छठी थी, जिसके तहत दरगाह में हजारों लोग जमा है । बम स्क्वायड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरी जांच के के बाद दरगाह में कही भी बम नहीं मिला । सूचना मिलते ही दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद खान उदयपुर से अजमेर के लिए रवाना हो गये। दिन को पहुचते ही असरार अहमद ने पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात की। हालाँकि बम की सूचना अफवाह ही निकली।

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जानकारी के अनुसार आज सुबह 6.30 दरगाह थाने में कॉल आया जिसमे दरगाह में बम होने की सूचना दी । सूचना मिलते ही अजमेर का पूरा पुलिस प्रशासन महकमा दरगाह में पहुंच गया और दरगाह को चारो तरफ घेर लिया और सबसे पहले दरगाह खाली करवाई । दरगाह में आज ख्वाज़ा की महाना छटी थी जिससे आम दिनों से कई गुना अधिक अकीदतमंद जुटे थे। पुलिस प्रशासन के पुरे महकमे के साथ ही अन्य सुरक्षा एजेंसी भी मोके पर पहुंच गयी है। बम की अफवाह से भगदड़ नहीं मचे इस वजह से पुलिस ने पूरी सावधानी बरतते हुए दरगाह परिसर और उसके आसपास सैकड़ों जवान तैनात करदिये । इधर दरगाह में बम की सूचना मिलते ही दरगाह कमिटी के सदर असरार अहमद खान उदयपुर से अजमेर के लिए रवाना हो गए वे दो दिन पहले ही अजमेर से अपने घर उदयपुर आये हुए थे। असरार अहमद खान ने बताया कि सुबह 6.30 बजे बम का कॉल आते ही पुलिस प्रशासन ने पूरी सतर्कता दिखाते हुए बिना समय गंवाएं कार्रवाई की और उसी वक़्त पूरी दरगाह को पुरे एहतियात के साथ खाली करवा कर जाँच शुरू करदी दो घंटे की गहन जाँच के बाद 9.15 बजे से दरगाह में पुनः प्रवेश शुरू किया गया । असरार अहमद ने बताया की छटी शरीफ की फातेहा भी समय पर समाप्त हो गयी । दरगाह परिसर में फिलहाल पुलिस ने कड़ी सुरक्षा जाब्ता तैनात कर रखा है। बम की सूचना देने वाला कॉल को ट्रेस किया जारहा है। असरार अहमद दिन में अजमेर पहुच कर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाक़ात कर आज की घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर किया साथ ही खान ने पुलिस ने पुलिस प्रशासन द्वारा दिखाई गयी मुस्तेदी की प्रशंशा करते हुए चुनोती पूर्ण काय को अंजाम देने के लिए सराहा |

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पीएमओ के इशारे पर खुला महा घूसकांड – वसुंधरा और कटारिया को भी नहीं थी जानकारी

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राजस्थान की माइनिंग लॉबी ने की थी प्रधान मंत्री  और भाजपा अध्यक्ष को शिकायत, पीएमओ के निर्देशन में चला दो माह का गुप्त ऑपरेशन
Screenshot_2015-09-17-16-58-04नई दिल्ली। खान विभाग में चल रहे रिश्वत के काले कारनामों का खुलासा पीएमओ (प्रधान मंत्री कार्यालय) के निर्देश पर हुई है, जिसकी जानकारी राज्य की मुख्य मंत्री और गृह मंत्री  को भी नहीं थी।यह सारी कार्रवाई माइनिंग लॉबी द्वारा पीएमओ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को की गई शिकायत पर हुई है।
इसके बाद खान विभाग के मुख्य खान सचिव अशोक सिंघवी, अतिरिक्त निदेशक पंकज गहलोत, जैसे उच्च अधिकारियों पर करोड़ों की घूसखोरी पर कार्रवाई प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हुई है।
यह सनसनी खेज खुलासा अंग्रेजी दैनिक अखबार  “टाइम्स ऑफ इंडिया” द्वारा किया गया।  “टाइम्स ऑफ इंडिया”  में लिखा है कि दो माह से चल रहे इस गुप्त मिशन की जानकारी मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे और गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया तक को नहीं थी। उन्हें भी ऑपरेशन होने के बाद बताया इस कार्रवाई का पता चला। पता चला है कि राजस्थान की माइनिंग लॉबी ने खान विभाग के अफसरों की घूसखोरी से परेशान होकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चिट्टी लिखी थी। माइनिंग लॉबी ने चिठ्ठी के जरिये बताया था कि किस तरह राज्य में माइंस और मार्बल की माइंस चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किस तरह से नियमों के अनुरूप चल रही माइंसों को खान विभाग के अधिकारी अपनी मनमर्जी से बंद कर देते हैं और फिर उसको चालू करने के लिए करोड़ों रुपयो की मांग करते हैं। चिठ्ठी में यह भी हवाला दिया गया था कि इस घूसखोरी में खान विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी लिप्त है। उन्हीं के इशारे पर ये सारा खेल होता है। पीएमओ कार्यालय से इस सारे ऑपरेशन को गुप्त रूप से करने के लिए आईपीएस दिनेश एमएन और अन्य कुछ अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद पिछले दो माह गुप्त तरीके से इस सारे कांड के साक्ष्य जुटाए गए। अधिकारियों और दलालों की फोन टेपिंगकर सारे ऑपरेशन को नियोजित तरीके से अंजाम दिया।
राज्य में किसी को भनक नहीं : दो माह से इस ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी और इस सारे ऑपरेशन की जानकारी राज्य की मुख्य मंत्री  वसुंधरा राजे, गृह मंत्री  गुलाबचंद कटारिया सहित किसी और नेता या मंत्री को नहीं थी। यहां तक कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के 10 मिनट पहले तक भी किसी और अधिकारी को पता नहीं था कि वे किसको गिरफ्तार करने या किसको ट्रेप करने जा रहे है? इस ऑपरेशन को अंजाम देने के मुख्य सूत्रधार बने दिनेश एमएन ने भी यह बात स्पष्ट की है कि यदि ऐसे ऑपरेशन की जानकारी किसी को लग जाती है तो फिर उसमें सफलता नहीं मिलती और एसीबी को इसी तरह काम करना पड़ता है। इधर, गृह सेवक श्री कटारिया भी कह चुके हैं कि चाहे उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन जो भी कार्रवाई हुई है, वो बहुत अच्छी कार्रवाई हुई है।
आरोपियों को जयपुर ले गए : महा घूसकांड में गिरफ्तार आठों आरोपियों को रात उदयपुर रखा गया। कल भ्रष्टाचार निरोधक की विशेष अदालत में सभी आरोपियों को पांच दिन का पुलिस रिमांड दिया गया था। रात को सभी आरोपियों को अलग-अलग थानों में रखकर पूछताछ की खान सचिव अशोक सिंघवी को प्रतापनगर थाने में रखा था। जानकारी के अनुसार आज दिन में 12 बजे एसीबी के अधिकारी सभी आरोपियों को लेकर जयपुर रवाना हो गए हैं।

सुनील दुग्गल हिन्दुस्तान जिंक के नये (CEO)

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उदयपुर । सुनील दुग्गल वेदान्ता समूह की सीसा-जस्ता एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किये गए हैं। सुनील दुग्गल ने हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद भार के साथ ही कम्पनी के निदेशक मण्डल में पूर्णकालिक निदेशक का कार्यभार भी 1 अक्टूबर, 2015 से सम्भालेंगे।

हिन्दुस्तान जिं़क के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेष जोषी ग्लोबल जिंक बिज़निस के प्रेसीडेन्ट नियुक्त किये गये हैं।

यह निर्णय आज हन्दुस्तान जिंक के निदेषक मण्डल की बैठक में लिया गया है।
सुनील दुग्गल को परियोजना प्रबन्धन संचालन, मैन्यूफैक्चरिंग इण्डस्ट्री, मानव संसाधन एवं सप्लाई चैन जैसे कई क्षे़त्रों में 32 वर्ष का कार्य करने का अनुभव है। सुनील दुग्गल ने सस्टेनेबलिटी एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता की दिषा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा खनन और प्रचालन की नई तकनीकों, मषीनीकरण और स्वचालित प्रचालन गतिविधियों तथा हिन्दुस्तान जिंक के खनन, प्रचालन एवं रिफाइनरी इकाइयों के विस्तार संबंधी गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सुनील दुग्गल 2010 में हिन्दुस्तान जिंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हुए थे तथा 2012 में मुख्य प्रचालन अधिकारी बने। सुनील दुग्गल ने वर्ष 2014 में हिन्दुस्तान जिंक के उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पदभार सम्भाला था।

सुनील दुग्गल ने कहा कि ‘‘मेरा सम्पूर्ण ध्यान अगले चरण के लिए विस्तार एवं विकास तथा भूमिगत खदानों का विस्तार करना तथा खनित धातु का उत्पादन बढ़ाकर 12 लाख टन प्रति वर्ष करने पर रहेगा। वर्तमान कीमतों के परिदृष्य में उत्पादन में वृद्धि करना एवं लागत को प्रभावषाली बनाये रखना महत्वूपर्ण होगा। सुनील दुग्गल ने कहा कि भारत एक उभरती हुयी अर्थव्यवस्था है तथा भारत के आधारभूत ढांचे और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वृद्धि के साथ जस्ते की खपत में वृद्धि होने की संभावना है।‘‘

सुनील दुग्गल इस पद का दायित्व श्री अखिलेष जोषी से संभालेंगे जो हिन्दुस्तान जिंक के पूर्णकालिक निदेषक एवं वेदान्ता समूह की ग्लोबल जिं़क बिज़निस के प्रेसीडेन्ट भी होंगें। हिन्दुस्तान जिंक में अखिलेष जोषी 1976 में सहायक अभियन्ता के रूप में नियुक्त हुए तथा विभिन्न उच्च पदों पर रहते हुए 39 वर्ष की सेवाएं दी हैं। अखिलेष जोषी वर्ष 2008 में हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी बने तथा जनवरी 2012 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने।

सऊदी का ऐलान, 1 करोड़ 75 लाख मरने वालों को और दो लोगों को हज

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Saudiसऊदी अरब के शहर मक्का की अल हरम मस्जिद में क्रेन गिरने से हुए हादसे में हताहत लोगों के लिए किंग सलमान ने अपना खजाना खोल दिया है. सऊदी के किंग सलमान ने हादसे में मरने वालों को एक मिलियन रियाल यानि के 1 करोड़ 75 लाख रुपए, गंभीर रुप से घायलों को भी 1 करोड़ 75 लाख और मामूली रुप से घायलों के लिए 5 लाख रियाल यानि के 88 लाख रुपए देने का ऐलान किया है.

इसी के साथ किंग ने कहा है कि सऊदी सरकार क्रेन हादसे में मरने वाले लोगों के दो फैमिली मेंबर को अगले साल मेहमान का दर्जा देकर उनके हज का सारा खर्चा खुद वहन करेगी. हादसे में मरने वाले 111 लोगों में 11 भारतीय भी शामिल हैं.

सऊदी की मुख्य निर्माण कंपनी बिन लादेन समूह निलंबित-

शाही अदालत ने अपने आदेश में मुख्य निर्माण कंपनी बिन लादेन समूह निलंबित कर दिया है. बिन लादेन कंपनी को ही मक्का की अल हरम मस्जिद में निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी.

कैसे हुआ था हादसा ?
हादसे की जांच करने वाली कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि क्रेन को गलत दिशा में लगाया गया था और  क्रेन को लगाने में मानकों का पालन नहीं किया गया  था