अजमेर दरगाह में बम की अफवाह से मचा हडकंप – पुलिस से दिखाई मुस्तेदी

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उदयपुर । अजमेर में ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में सोमवार सुबह बम मिलने की खबर से पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया । पुलिस प्रशासन ने दरगाह को खाली करवा कर पूरी दरगाह की जांच की । सोमवार को दरगाह में महाना छठी थी, जिसके तहत दरगाह में हजारों लोग जमा है । बम स्क्वायड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरी जांच के के बाद दरगाह में कही भी बम नहीं मिला । सूचना मिलते ही दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद खान उदयपुर से अजमेर के लिए रवाना हो गये। दिन को पहुचते ही असरार अहमद ने पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात की। हालाँकि बम की सूचना अफवाह ही निकली।

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जानकारी के अनुसार आज सुबह 6.30 दरगाह थाने में कॉल आया जिसमे दरगाह में बम होने की सूचना दी । सूचना मिलते ही अजमेर का पूरा पुलिस प्रशासन महकमा दरगाह में पहुंच गया और दरगाह को चारो तरफ घेर लिया और सबसे पहले दरगाह खाली करवाई । दरगाह में आज ख्वाज़ा की महाना छटी थी जिससे आम दिनों से कई गुना अधिक अकीदतमंद जुटे थे। पुलिस प्रशासन के पुरे महकमे के साथ ही अन्य सुरक्षा एजेंसी भी मोके पर पहुंच गयी है। बम की अफवाह से भगदड़ नहीं मचे इस वजह से पुलिस ने पूरी सावधानी बरतते हुए दरगाह परिसर और उसके आसपास सैकड़ों जवान तैनात करदिये । इधर दरगाह में बम की सूचना मिलते ही दरगाह कमिटी के सदर असरार अहमद खान उदयपुर से अजमेर के लिए रवाना हो गए वे दो दिन पहले ही अजमेर से अपने घर उदयपुर आये हुए थे। असरार अहमद खान ने बताया कि सुबह 6.30 बजे बम का कॉल आते ही पुलिस प्रशासन ने पूरी सतर्कता दिखाते हुए बिना समय गंवाएं कार्रवाई की और उसी वक़्त पूरी दरगाह को पुरे एहतियात के साथ खाली करवा कर जाँच शुरू करदी दो घंटे की गहन जाँच के बाद 9.15 बजे से दरगाह में पुनः प्रवेश शुरू किया गया । असरार अहमद ने बताया की छटी शरीफ की फातेहा भी समय पर समाप्त हो गयी । दरगाह परिसर में फिलहाल पुलिस ने कड़ी सुरक्षा जाब्ता तैनात कर रखा है। बम की सूचना देने वाला कॉल को ट्रेस किया जारहा है। असरार अहमद दिन में अजमेर पहुच कर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाक़ात कर आज की घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर किया साथ ही खान ने पुलिस ने पुलिस प्रशासन द्वारा दिखाई गयी मुस्तेदी की प्रशंशा करते हुए चुनोती पूर्ण काय को अंजाम देने के लिए सराहा |

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पीएमओ के इशारे पर खुला महा घूसकांड – वसुंधरा और कटारिया को भी नहीं थी जानकारी

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राजस्थान की माइनिंग लॉबी ने की थी प्रधान मंत्री  और भाजपा अध्यक्ष को शिकायत, पीएमओ के निर्देशन में चला दो माह का गुप्त ऑपरेशन
Screenshot_2015-09-17-16-58-04नई दिल्ली। खान विभाग में चल रहे रिश्वत के काले कारनामों का खुलासा पीएमओ (प्रधान मंत्री कार्यालय) के निर्देश पर हुई है, जिसकी जानकारी राज्य की मुख्य मंत्री और गृह मंत्री  को भी नहीं थी।यह सारी कार्रवाई माइनिंग लॉबी द्वारा पीएमओ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को की गई शिकायत पर हुई है।
इसके बाद खान विभाग के मुख्य खान सचिव अशोक सिंघवी, अतिरिक्त निदेशक पंकज गहलोत, जैसे उच्च अधिकारियों पर करोड़ों की घूसखोरी पर कार्रवाई प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हुई है।
यह सनसनी खेज खुलासा अंग्रेजी दैनिक अखबार  “टाइम्स ऑफ इंडिया” द्वारा किया गया।  “टाइम्स ऑफ इंडिया”  में लिखा है कि दो माह से चल रहे इस गुप्त मिशन की जानकारी मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे और गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया तक को नहीं थी। उन्हें भी ऑपरेशन होने के बाद बताया इस कार्रवाई का पता चला। पता चला है कि राजस्थान की माइनिंग लॉबी ने खान विभाग के अफसरों की घूसखोरी से परेशान होकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चिट्टी लिखी थी। माइनिंग लॉबी ने चिठ्ठी के जरिये बताया था कि किस तरह राज्य में माइंस और मार्बल की माइंस चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किस तरह से नियमों के अनुरूप चल रही माइंसों को खान विभाग के अधिकारी अपनी मनमर्जी से बंद कर देते हैं और फिर उसको चालू करने के लिए करोड़ों रुपयो की मांग करते हैं। चिठ्ठी में यह भी हवाला दिया गया था कि इस घूसखोरी में खान विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी लिप्त है। उन्हीं के इशारे पर ये सारा खेल होता है। पीएमओ कार्यालय से इस सारे ऑपरेशन को गुप्त रूप से करने के लिए आईपीएस दिनेश एमएन और अन्य कुछ अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद पिछले दो माह गुप्त तरीके से इस सारे कांड के साक्ष्य जुटाए गए। अधिकारियों और दलालों की फोन टेपिंगकर सारे ऑपरेशन को नियोजित तरीके से अंजाम दिया।
राज्य में किसी को भनक नहीं : दो माह से इस ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी और इस सारे ऑपरेशन की जानकारी राज्य की मुख्य मंत्री  वसुंधरा राजे, गृह मंत्री  गुलाबचंद कटारिया सहित किसी और नेता या मंत्री को नहीं थी। यहां तक कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के 10 मिनट पहले तक भी किसी और अधिकारी को पता नहीं था कि वे किसको गिरफ्तार करने या किसको ट्रेप करने जा रहे है? इस ऑपरेशन को अंजाम देने के मुख्य सूत्रधार बने दिनेश एमएन ने भी यह बात स्पष्ट की है कि यदि ऐसे ऑपरेशन की जानकारी किसी को लग जाती है तो फिर उसमें सफलता नहीं मिलती और एसीबी को इसी तरह काम करना पड़ता है। इधर, गृह सेवक श्री कटारिया भी कह चुके हैं कि चाहे उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन जो भी कार्रवाई हुई है, वो बहुत अच्छी कार्रवाई हुई है।
आरोपियों को जयपुर ले गए : महा घूसकांड में गिरफ्तार आठों आरोपियों को रात उदयपुर रखा गया। कल भ्रष्टाचार निरोधक की विशेष अदालत में सभी आरोपियों को पांच दिन का पुलिस रिमांड दिया गया था। रात को सभी आरोपियों को अलग-अलग थानों में रखकर पूछताछ की खान सचिव अशोक सिंघवी को प्रतापनगर थाने में रखा था। जानकारी के अनुसार आज दिन में 12 बजे एसीबी के अधिकारी सभी आरोपियों को लेकर जयपुर रवाना हो गए हैं।

सुनील दुग्गल हिन्दुस्तान जिंक के नये (CEO)

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उदयपुर । सुनील दुग्गल वेदान्ता समूह की सीसा-जस्ता एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किये गए हैं। सुनील दुग्गल ने हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद भार के साथ ही कम्पनी के निदेशक मण्डल में पूर्णकालिक निदेशक का कार्यभार भी 1 अक्टूबर, 2015 से सम्भालेंगे।

हिन्दुस्तान जिं़क के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेष जोषी ग्लोबल जिंक बिज़निस के प्रेसीडेन्ट नियुक्त किये गये हैं।

यह निर्णय आज हन्दुस्तान जिंक के निदेषक मण्डल की बैठक में लिया गया है।
सुनील दुग्गल को परियोजना प्रबन्धन संचालन, मैन्यूफैक्चरिंग इण्डस्ट्री, मानव संसाधन एवं सप्लाई चैन जैसे कई क्षे़त्रों में 32 वर्ष का कार्य करने का अनुभव है। सुनील दुग्गल ने सस्टेनेबलिटी एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता की दिषा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा खनन और प्रचालन की नई तकनीकों, मषीनीकरण और स्वचालित प्रचालन गतिविधियों तथा हिन्दुस्तान जिंक के खनन, प्रचालन एवं रिफाइनरी इकाइयों के विस्तार संबंधी गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सुनील दुग्गल 2010 में हिन्दुस्तान जिंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हुए थे तथा 2012 में मुख्य प्रचालन अधिकारी बने। सुनील दुग्गल ने वर्ष 2014 में हिन्दुस्तान जिंक के उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पदभार सम्भाला था।

सुनील दुग्गल ने कहा कि ‘‘मेरा सम्पूर्ण ध्यान अगले चरण के लिए विस्तार एवं विकास तथा भूमिगत खदानों का विस्तार करना तथा खनित धातु का उत्पादन बढ़ाकर 12 लाख टन प्रति वर्ष करने पर रहेगा। वर्तमान कीमतों के परिदृष्य में उत्पादन में वृद्धि करना एवं लागत को प्रभावषाली बनाये रखना महत्वूपर्ण होगा। सुनील दुग्गल ने कहा कि भारत एक उभरती हुयी अर्थव्यवस्था है तथा भारत के आधारभूत ढांचे और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वृद्धि के साथ जस्ते की खपत में वृद्धि होने की संभावना है।‘‘

सुनील दुग्गल इस पद का दायित्व श्री अखिलेष जोषी से संभालेंगे जो हिन्दुस्तान जिंक के पूर्णकालिक निदेषक एवं वेदान्ता समूह की ग्लोबल जिं़क बिज़निस के प्रेसीडेन्ट भी होंगें। हिन्दुस्तान जिंक में अखिलेष जोषी 1976 में सहायक अभियन्ता के रूप में नियुक्त हुए तथा विभिन्न उच्च पदों पर रहते हुए 39 वर्ष की सेवाएं दी हैं। अखिलेष जोषी वर्ष 2008 में हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी बने तथा जनवरी 2012 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने।

सऊदी का ऐलान, 1 करोड़ 75 लाख मरने वालों को और दो लोगों को हज

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Saudiसऊदी अरब के शहर मक्का की अल हरम मस्जिद में क्रेन गिरने से हुए हादसे में हताहत लोगों के लिए किंग सलमान ने अपना खजाना खोल दिया है. सऊदी के किंग सलमान ने हादसे में मरने वालों को एक मिलियन रियाल यानि के 1 करोड़ 75 लाख रुपए, गंभीर रुप से घायलों को भी 1 करोड़ 75 लाख और मामूली रुप से घायलों के लिए 5 लाख रियाल यानि के 88 लाख रुपए देने का ऐलान किया है.

इसी के साथ किंग ने कहा है कि सऊदी सरकार क्रेन हादसे में मरने वाले लोगों के दो फैमिली मेंबर को अगले साल मेहमान का दर्जा देकर उनके हज का सारा खर्चा खुद वहन करेगी. हादसे में मरने वाले 111 लोगों में 11 भारतीय भी शामिल हैं.

सऊदी की मुख्य निर्माण कंपनी बिन लादेन समूह निलंबित-

शाही अदालत ने अपने आदेश में मुख्य निर्माण कंपनी बिन लादेन समूह निलंबित कर दिया है. बिन लादेन कंपनी को ही मक्का की अल हरम मस्जिद में निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी.

कैसे हुआ था हादसा ?
हादसे की जांच करने वाली कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि क्रेन को गलत दिशा में लगाया गया था और  क्रेन को लगाने में मानकों का पालन नहीं किया गया  था

कांग्रेसी नेताओं ने की डॉ. सीपी जोशी की पिटाई

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एआईसीसी के स्टॉफ ने बीच-बचाव करके मामला किया रफा-दफा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने किया डॉ. जोशी को तलब  
CPJOSHIउदयपुर। मेवाड़ के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट सेवक रह चुके डॉ. सीपी जोशी की कल एआईसीसी कार्यालय में बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेताओं ने पिटाई कर दी। इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप के साथ ही जमकर निचले स्तर की गाली-गलौज भी हुई। इस दौरान एआईसीसी स्टॉफ को बीच-बचाव करना पड़ा और पुलिस को बुलाने तक की नौबत आ गई। विवाद की जड़ पीसीसी अध्यक्ष अधीर चौधरी रहे, जो चार बार सांसद रह चुके हैं तथा डॉ. सीपी जोशी समर्थक है, जबकि बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता उनके जबरदस्त विरोधी होने के साथ ही उन्हें हटाना चाहते हैं। इनमें मानस भूनिया, सोमेन मित्रा, प्रदीप भट्टाचार्य, जो सभी पूर्व पीसीसी अध्यक्ष हैं, के अतिरिक्त दीपा दास मुंशी तथा अब्दुल मन्नान शामिल है। इस मारपीट की भनक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लगी, तो डॉ. जोशी को दस जनपथ पर तलब किया गया।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव डॉ. सीपी जोशी का रवैया प्रदेश स्तर एवं केंद्र स्तर के राजनीतिक हल्कों में चर्चा का विषय बना रहा है। डॉ. जोशी ना तो एक विनम्र नेता के रूप में जाने जाते हैं और ना ही कूटनीतिज्ञ के रूप में। यही नहीं जहां भी वे प्रभारी के रूप में रहे उन्होंने सभी को नाराज ही किया।
इस बार विवाद का कारण पश्चिम बंगाल के पीसीसी अध्यक्ष अधीर चौधरी रहे, जो चार बार सांसद रह चुके हैं, जिन्हें सीपी जोशी का समर्थन प्राप्त है, जबकि बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता उनके विरोध में थे और चाहते थे कि उन्हें हटाया जाए। इन नेताओं में से सीपी ने मानस भूनिया से कहा कि वे तथा अन्य पदाधिकारी सोनिया एवं राहुल गांधी से उनकी पीठ के पीछे शिकायत करते हैं। इस पर मानस भूनिया आवेश में आ गए और डॉ. जोशी से कह डाला कि वे अपने प्रदेश में तो कांग्रेस को एक भी सीट दिला नहीं पाए और अब भाषण दे रहे हैं कि चुनाव कैसे जीता जाए? और पार्टी और संगठन का प्रबंधन कर रहे हैं। क्रोधित डॉ. सीपी और मानस के बीच जमकर क्रक्रतू-त,ू मैं-मैंञ्जञ्ज शुरू हो गई और बात मार-पिटाई तक पहुंच गई। इस दौरान वहां मौजूद स्टॉफ ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया।
प्रदेश में भी किया सूपड़ा साफ : एआईसीसी की कल हुई बैठक का घटनाक्रम प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेसी नेताओं ने दबी जुबान में कहा कि प्रदेश में कांग्रेस का सूपड़ा भी डॉ. सीपी जोशी के कारण ही साफ हुआ है। टिकट वितरण के दौरान मनमानी के कारण मेवाड़ और प्रदेश में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा।
धड़ो में बंटी : गत विधानसभा चुनावों में प्रदेश प्रभारी सीपी ने उदयपुर विधानसभा चुनावों में भी कई वर्षों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे पदाधिकारियों को दरकिनार कर केवल पार्षद का चुनाव लड़े दिनेश श्रीमाली को भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया के सामने उतार दिया। सीपी के इस निर्णय से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में काफी नाराजगी रही। इस कारण उदयपुर शहर व ग्रामीण दोनों ही सीटें भाजपा ने जीत ली। इसके बाद उदयपुर कांग्रेस भी अलग-अलग धड़ों में बंट गई। धड़ों में बंटी कांग्रेस आज भी देखी जा रही है।
इनका कहना 
सीपी मेवाड़ के कद््दावर नेता है परंतु पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के लिए उनका व्यवहार हमेशा रूड़ली रहा है। कुछ तथाकथित नोन मैट्रिक कार्यकर्ता ही उनके साथ रहते हैं और उनको नेता स्वीकार करवाने पर दबाव डालते हंै। ऐसे पदाधिकारी कॉ-ऑपरेटिव चुनाव जीतने का माद्दा भी नहीं रखते हैं। मेवाड़ में कांग्रेस का खात्मा करने का काम सीपी जोशी ने किया है।
-सुरेश श्रीमाली, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
डॉ. सीपी जोशी मेवाड़ के कद्दावर नेता है। थोड़े एग्रेसिव जरूर है, लेकिन एआईसीसी की बैठक में कांग्रेसी नेताओं को धैर्य बरतना चाहिए था। कोई शिकायत भी थी तो बातचीत करके उसे हल किया जा सकता था। ये कृत्य निंदा का विषय है।
-रघुवीरसिंह मीणा, पूर्व सांसद

रिश्वत माफियाओं का खुला खेल उजागर – 2.50 करोड़ की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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उदयपुर | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर स्थित मुख्यालय टीम के अधिकारियों ने बुधवार को प्रदेश में खान विभाग के बडे अधिकारियों पर कार्रवाई की है । एसीबी ने उदयपुर, भीलवाड़ा और जयपुर में एकसाथ कार्रवाई कर रिश्वत के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया।

एसीबी के डीजी नवदीप सिंह और आईजी एंटी करप्शन दिनेश एमएन की मॉनिटरिंग में की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है । उदयपुर स्थित खान विभाग के दफ्तर से ही विभाग के अतिरिक्त निदेशक पंकज गहलोत और भीलवाड़ा में कार्यरत वरिष्ठ माइनिंग इंजीनियर पीआर आमेटा को गिरफ्तार किया।को ढाई करोड़ की रिश्वत लेते पकड़ा है। एसीबी की इस कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से बिचौलिये माइनिंग कंसल्टेंट संजय सेठी और श्याम सुंदर सिंघवी को भी गिरफ्तार किया गया है |

20 करोड रुपए में तय सौदे की पहली किश्त 2.5 करोड़ 

जानकारी के अनुसार खान विभाग का के अतिरिक्त निदेशक पंकज गहलोत इन दिनों लगातार खानों का आवंटन कर रहे थे । आवंटन के दौरान ही पंकज के रिश्वत के रूप में मोटी रकम ले रहा है।

पंकज गहलोत ने एक व्यक्ति से खान आवंटन के बदले उसने 20 करोड़ रुपए की राशि रिश्वत के रूप में मांग की थी। जिसकी पहली किश्त के रूप में 2.5 करोड़ रुपए देना तय हुआ ।  इसी रिश्वत की राशि के साथ माइनिंग के इस अफसर को एसीबी की टीम ने धर दबोचा।

एसीबी गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।  एसीबी को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद खान विभाग में चल रहा बड़ा खेल उजागर हो पाएगा। सारी कार्रवाई एसीबी के प्रमुख व एडीजी नवदीप सिंह और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दिनेश एमएन के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रदेश में हड़कम्प मच गया।

 

वो 10 सवाल जो मोदी से शायद ही पूछे जाएं

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को अमरीका स्थित फ़ेसबुक मुख्यालय का दौरा करेंगे. इस दौरान मोदी से फ़ेसबुक पर लाइव सवाल-जवाब किए जा सकेंगे.

फ़ेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क ज़करबर्ग ने फ़ेसबुक पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ़ेसबुक मुख्यालय का दौरा करेंगे.”

मोदी के साथ चर्चा 

ज़करबर्ग ने लिखा है कि अगर आपके मन में भी इस मुद्दे को लेकर कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में अपने सवाल लिखिए और इनमें से अधिक से अधिक सवालों को शामिल करने की कोशिश की जाएगी.

इस बीच, ज़करबर्ग की पोस्ट पर हज़ारों लोगों ने सवाल भेजने शुरू कर दिए हैं. कई सवाल भारत की आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंडस्ट्री आदि से जुड़े हैं. लेकिन ऐसे भी सवाल हैं जो इस लाइव फ़ेसबुक चैट के दौरान शायद ही पूछे जाएँ.

यूज़र्स के वो 10 सवाल जो शायद ही पूछे जाएँ

1. सुयश खरेल: पहले पोर्न बैन फिर मीट बैन. इस वैश्विक दुनिया में मोदी इतने रूढ़िवादी क्यों हैं?

2. रवीश मल्होत्रा: मोदी आपको सुब्रमण्यम स्वामी के अनधिकृत पेज को बंद करने के लिए कहेंगे. आप उनके कहने में मत आइएगा?

3. प्रिंस खालिद: उनसे पूछें कि वह कितने सांप्रदायिक हैं. मोदी जी से पूछें कि भारत कब दंगामुक्त होगा?

4. नमित जैन: मोदी जी कृपया फ़ेसबुक पर कैंडीक्रश रिक्वेस्ट का कुछ कीजिए?

5. संजय कंडारी: फ़ेसबुक पर लिंग अनुपात भारत की आबादी के लिंग अनुपात से बेहतर क्यों है?

6. सृष्टि कुकरेजा: संघी जिस तरह फ़ेसबुक और दूसरे सोशल माध्यमों को हिंदुत्व के प्रोपगेंडा के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, उस पर मोदी जी की क्या राय है?

7. निमिष वर्मा: पोर्न बैन, डॉक्युमेंट्री बैन, मीट बैन….क्या भविष्य में भारत में फ़ेसबुक पर भी बैन लग सकता है?

8. जय पंवार: क्या आप ज़करबर्ग साहब को भाजपा की सदस्यता दिलाने वाले हैं?

9. अज़हर तंबोली: क्या मोदी मानते हैं कि गुजरात में मुसलमानों का क़त्ले आम ग़लत था?

10. एस लॉन्गकुमेर: क्या भारत 2030 तक हिंदू राष्ट्र बनने जा रहा है?

( ये सवाल मार्क ज़करबर्ग के फ़ेसबुक पेज से लिए गए हैं जहाँ लोगों ने अपने सवाल भेजे हैं )

मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 70वें अधिवेशन में हिस्सा लेने के लिए 24 सितंबर से 30 सितंबर तक अमरीका दौरे पर जा रहे हैं.

इसी दौरान वो 27 सितंबर को फ़ेसबुक के हेड क्वार्टर का दौरा भी करेंगे.

आरक्षण: Reserve श्रेणी को नहीं मिलेगा General कैटेगरी में लाभ

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courtजयपुर, गुजरात हाईकोर्ट के एक ताज़ा फैसले के बाद अब राज्य में सरकारी नौकरी चाहने वाले आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को अब सामान्य श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्हें अब आरक्षित श्रेणी में ही आवेदन करना होगा, भले ही आवेदक की मेरिट कितनी ही ऊंची क्यों न हो। गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह दिए एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि आरक्षित श्रेणी के व्यक्तियों को आरक्षण सिर्फ उनके श्रेणी में ही दिया जाए, चाहे उसका मेरिट मे कितना ही ऊँचा स्थान क्यों न हो।

 फैसले से साफ़ है कि यदि कोई जाति प्रमाण पत्र देता है तो उसे आरक्षित श्रेणी में ही जगह मिलेगी। वह अनारक्षित कोटा में जगह नहीं बना सकता। 
ये था मामला 
वर्ष 2013 में एकल न्यायाधीश ने गुजरात लोक सेवा आयोग, जीपीएससी से आरक्षित संवर्गों के उम्मीदवारों को सामान्य संवर्ग में शामिल करने का आदेश दिया था। इस मामले में जीपीएससी ने एकल न्यायाधीश के फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी।
 जीपीएससी ने अपना पक्ष रखते हुए दलील दी थी कि उसने वर्ष 2011 में डिप्टी सेक्शन अधिकारी व उप तहसीलदार के 948 पदों के लिए आवेदन जारी किया था। प्राथमिक परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा आयोजित की गई। मई 2011 में इस परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए।
 उत्तीर्ण नहीं हुए अनुसूचित जाति संवर्ग के उम्मीदवार नीलेश परमार व अन्य ने राज्य सरकार की इस मामले में आयु सीमा में छूट की नीति को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
 परमार को 140 अंक मिले थे वहीं इस संवर्ग में वरीयता सूची 144 अंक तक थी। इसमें दलील दी गई कि उसे सामान्य संवर्ग की वरीयता सूची में शामिल करना चाहिए था, क्योंकि उसके संवर्ग के कुछ उम्मीदवारों को सामान्य संवर्ग के उम्मीदवारों के समान या ज्यादा अंक मिले थे।
जीएसपीसी ने यह दी दलील
जीएसपीसी ने खंडपीठ के समक्ष दलील दी कि राज्य सरकार की नीति के तहत संबंधित आरक्षित संवर्ग के उम्मीदवारों को संबंधित संवर्ग में ही आयु सीमा की छूट मिलती है।
यदि आरक्षित संवर्ग के उम्मीदवारों को सामान्य श्रेणी की वरीयता सूची में शामिल किया गया तो इससे सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार चयन से वंचित रह जाएंगे। यह राज्य सरकार की नीति के खिलाफ है।
 जीपीएससी ने इस पक्ष और दलीलों के आधार पर न्यायाधीश एमआर शाह व न्यायाधीश जीआर उधवानी की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को खारिज कर दिया।

स्वाइन फ्लू वार्ड में तीन मरीज भर्ती

24-1424788323-swine-flu-h1n1उदयपुर. उदयपुर. महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के स्वाइन फ्लू वार्ड में शनिवार को दो बंदियों सहित तीन रोगियों को भर्ती कराया गया। पहले से भर्ती स्वाइन फ्लू पॉजिटिव महिला रोगी का उपचार जारी है।  वार्ड प्रभारी डॉ. नीरा सामर ने बताया कि खांसी, जुकाम की शिकायत पर सजायाफ्ता दो बंदियों को शनिवार सुबह स्वाइन फ्लू वार्ड में स्थानांतरित किया गया। दोनों मरीज 15-20 दिन से बीमार हैं। एक अन्य पुरुष रोगी को इसी वार्ड में स्थानांतरित किया गया। तीनों को संदिग्ध मानते हुए स्वाब लेकर जांच के लिए जोधपुर भेजे गए। वहीं, पहले से भर्ती स्वाइन फ्लू पॉजिटिव महिला मरीज को वेण्टीलेटर पर रखा हुआ है।

‘हर दस मिनट में एक बच्चा कैंसर की चपेट ‘

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उदयपुर। देश में प्रत्येक दस मिनट में एक बच्चा कैंसर की चपेट में आ रहा है इसका प्रमुख कारण साक्षरता की कमी , कुपोषण , खराब स्वास्थ्य एवं गरीबी बताया जा रहा है।

विश्व पेडियाट्रिक कैंसर दिवस पर दक्षिणी राजस्थान का एक मात्र जीबीएच मेमोरियल कैंसर हॉस्पीटल के बोन मेरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डा. मनोज यू. महाजन ने बताया कि बाल चिकित्सा कैंसर के आंकड़े और चौकाने वाले है तथा दुनिया भर में 175000 वार्षिक नये मामले सामने आते हैं जिसमें 90000 बच्चों की मृत्यु हो जाती है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका में इस रोग से बच्चों की मौत के मामलें अधिक सामने आये है जो मौतो में दूसरा प्रमुख कारण है। इसी प्रकार भारत में प्रतिवर्ष 50000 हजार नये मामले देखने में आये है।

डा.महाजन के अनुसार बच्चों में मुख्य रुप से होने वाले कैंसर रक्त कैंसर: ल्यूकेमिया और लिम्फोमा: 40 प्रतिशत, मस्तिष्क कैंसर 17 प्रतिशत, न्यूरोब्लास्टोमा पांच प्रतिशत, जननांगों एवं किडनी का कैंसर चार प्रतिशत, बच्चों के अन्य कैंसर 30 प्रतिशत होने की संभावना रहती हैं।

इसके अलावा पांच से दस प्रतिशत कैंसर आनुवांशिक एवं परिवार में किसी अन्य बीमारी को कैंसर होना पाया गया है। शेष 90 प्रतिशत मामले माता.पिता के धुम्रपान, नशीली वस्तुओं के सेवन, विकिरण, कीटनाशक , औद्योगिक प्रदूषण जैसे अन्य अज्ञात कारण शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि बच्चों में होने वाले कैंसर के लक्षण के तहत लगातार हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होना, लगातार शारीरिक कमजोर होना, डब्ल्यूबीसी.आरबीसी. गर्दन , आंख में सूजन या गांठ होना तथा पेट पीठ में सूजन आना आदि हैं।

बच्चों में होने वाले कैंसर का जल्दी पता लगाना एक चुनौती बना हुआ है। हालांकि शरीर में होने वाले असामान्य बदलाव तथा लक्षणों को पहचान कर इसका पता लगाया जा सकता है। शरीर में बायोप्सी जांच से पता लगाकर निदान संभव है।