हिन्दुस्तान जिंक ने सुरक्षा के लिए बनाये ‘रिफ्यूज चैम्बर्स’

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Refuge Chamberउदयपुर। वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक राजस्थान में अपनी भूमिगत खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ‘रिफ्यूज चैम्बर्स’ लगाये है। रिफ्यूज चैम्बर्स एक मजबूत 6 एमएम की स्टील प्लेट से बना एक चैम्बर है जिसमें कर्मचारियों के लिए ताजा हवा व सुरक्षित जगह मौजूद है। रिफ्यूज चैम्बर्स खदानों में कर्मचारियों को जीवन सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगाया गया हैं। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा लगाया गये रिफ्यूज चैम्बर्स में 36 घंटे तक ऑक्सिजन उपलबध है तथा शौचालय की व्यवस्था भी है। इस रिफयूज चेम्बर्स में कार्बन डाइऑक्साइड को अवषोषित करने का उपकरण भी है। ये रिफ्यूज चैम्बर्स वातानुकूलित होते हैं तथा यह आपात स्थिति में सायरन का संकेत देता है। प्राथमिक चिकित्सा किट, स्ट्रेचर और आंखे साफ करने की सुविधा भी उपलब्ध होती हैं। इन रिफ्यूज चैम्बर्स को कार्य क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थानो पर स्थापित किया गया हैं।

रिफ्यूज चैम्बर्स में बिजली आपूर्ति के लिए खदानों में बिजली से जोड रखा है और यदि बिजली आपूर्ति में कभी रूकावट आती है तो इसके लिए बिजली बैटरी बैकअप सिस्टम से यह संचालित रहता हैं। हिन्दुस्तान जिं़क के सभी प्लान्टों में स्वयं के कैप्टिव पावर प्लांटस स्थापित है जिससे निर्बाध बिजली आपूर्ति होती है।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौशिक ने बताया ‘‘अब तक हिन्दुस्तान जिंक राजस्थान में स्थित अपनी रामपुरा आगुंचा, सिन्देसर खुर्द और कायड़ भूमिगत खदानों में 7 रिफ्यूज चैम्बर्स स्थापित कर चुका है। 4 रिफ्यूज चैम्बर्स रामपुरा आगूचा खदान, भीलवाड़ा में, 2 सिन्देसर खुर्द खदान, राजसमन्द में, एक कायड़ खदान, अजमेर में स्थापित किया गया है। कंपनी अपनी खदानों में 2 और रिफ्यूज चैम्बर्स लगाने की योजना है। इन रिफ्यूज चैम्बर्स में 6 से 20 व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता है। कर्मचारियों को आपात स्थिति के मामलों में इन रिफ्यूज चैम्बर्स का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ज्ञातव्य रहे कि हिन्दुस्तान जिंक भारत में खदान सुरक्षा प्रदान करने के लिए रिफ्यूज चैम्बर्स की स्थापना करने वाली पहली कंपनी है। इस सुरक्षा प्रणाली पर हिन्दुस्तान जिंक 4 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है।’’

‘जिंक की कीमतें वैष्विक बाजार में पहले की तुलना में बेहतर सुधार’-अग्निवेष अग्रवाल

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हिन्दुस्तान जिंक की पहली तिमाही के परिणामों की घोषणा
खनित धातु उत्पादन में वृद्धि

logo-hzlउदयपुर । वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने आज मुम्बई में आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 जून, 2015 को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

कंपनी की प्रमुख उपलब्धियां:- 232,162 टन खनित धातु उत्पादन जो गत वर्ष की तुलना में ४२% अधिक है।
एकीकृत बिक्री योग्य जस्ता, सीसा एवं चांदी धातु उत्पादन में क्रमष ३५% ए २७% एवं ३३% की वृद्धि।

‘‘हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन श्री अग्निवेष अग्रवाल जी ने बताया कि जिंक की कीमतें वैष्विक बाजार में पहले की तुलना में बेहतर सुधार हुआ है। वित्तीय वर्ष के दौरान गत वर्ष की तुलना में उत्पादन कम होने के फलस्वरूप वैष्विक जस्ता बाजार सुदृढ़ होने की संभावना है। भारतीय मैन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र में उद्योगों के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण है तथा आर्थिक सुधारों में सरकार के प्रयासों द्वारा वित्तीय प्रवाह के साथ सुधारों का संकेत दिख रहे हैं।

हिन्दुस्तान जिंक ने वित्तीय वर्ष 2016 की पहली तिमाही में 232,162 मी.टन खनित धातु का उत्पादन किया जो कि गतवर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 42 प्रतिषत अधिक है जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 163,131 मी. टन उत्पादन हुआ था। तिमाही के दौरान उत्पादन में कंपनी की रामपुरा आगूंचा, सिन्देसर खुर्द एवं कायड़ खदानों में उत्पादन का सर्वाधिक योगदान रहा हैं। तिमाही के दौरान खनित धातु का उत्पादन कंपनी की योजना अनुसार 14 प्रतिषत कम रहा है।

वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान एकीकृत बिक्री योग्य जस्ता, सीसा एवं चांदी धातु का उत्पादन गत वर्ष की समान अविध की तुलना में क्रमष ३५% ए २७% एवं ३३% अधिक रहा है।

वित्तीय वर्ष 2016 की पहली तिमाही के दौरान धनित धातु का उत्पादन गत वर्ष 2015 की तुलना में अधिक होने की संभावना हैं। एकीकृत रिफाईन्ड धातु का उत्पादन, जिसमें चांदी सम्मिलत है, के उत्पादन में भी वृद्धि होने की संभावना है।

वित्तीय वर्ष 2016 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने 3,596 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जबकि गतवर्ष की इसी अवधि में 2,963 करोड़ रुपये अर्जित किये थे। राजस्व में बढ़ोतरी लन्दन मेटल एक्सचेंज में कीमतों में वृद्धि के परिणास्वरूप हुई है।
वित्तीय वर्ष 2016 की पहली तिमाही में कंपनी ने 1,921 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जो गतवर्ष की इसी अवधि की तुलना में 19 प्रतिषत अधिक है। पहली तिमाही के प्रचालन शुद्ध लाभ में वृद्धि कंपनी के सकारात्मक प्रचालनों के परिणास्वरूप हुआ है।

रामपुरा-आगुचा तथा सिन्देसर खुर्द में शाफ्ट का कार्य सुचारू रूप से प्रगति पर है तथा निर्धारित समय पर पूरा होने की संभावना है। पहली तिमाही के दौरान रामपुरा आगुचा खदान में नॉर्थ वेन्टीलेषन शाफ्ट का कार्य सम्पूर्ण हो गया है। योजना अनुसार रामपुरा आगुचा खदान में ऑपन पिट को गहरा करने का कार्य भी प्रगति पर है।

सिन्देसर खुर्द खदान में शाफ्ट का कार्य सुचारू रूप से जारी है तथा खदान के आंतरिक संरचना के कार्य तथा शाफ्ट एवं वेन्टीलेषन के विकास के कार्य प्रारंभ कर दिये गये है।

कायड़ खदान का विस्तार कार्य से उत्पादन क्षमता, वर्ष के अंत तक 1 मिलियन मी.टन हो जाएगा।

चंद मुट्ठी भर लोगों के आगे नतमस्तक हुआ डूंगरपुर का पुलिस प्रशासन और करवा दिया बंद

jpr972088441622256-largeउदयपुर । आज डूंगरपुर जिले के पुरे पुलिस प्रशासन, जिला कलेक्टर, एसपी सहित जनता के हितों का ढोल पीटने वाले बड़े बड़े जन प्रतिनिधियों को धन्यवाद देने का समय है । चंद मुट्ठी भर लोगों के आगे नतमस्तक हुए इन लोगों की लाचारी को देख ताली बजाने का मन करता है।
क्या कानून है, क्या प्रशासन है, और क्या उसकी व्यवस्था है । ऐसा लग रहा है मानो राजस्थान के इस डूंगरपुर जिले में ना तो कोई कानून है ना ही कोई प्रशासन सब के सब महज कुछ लोगों के आगे पंगु हो गए है। एक छोटी सी आपसी रंजिश की घटना को जाने कोनसा रूप देकर एक संगठन के गिने चुने लोग शहर बंद का आव्हान करते है । पूरा पुलिस और प्रशासन शहर की जनता की परवाह किये बगैर मौन धारण कर अपना समर्थन देता है ।
एक छोटी सी आम घटना घटित हुई शनिवार रात डूंगरपुर में, एक संगठन के पदाधिकारी को उन्ही के सम्बंधित किसी संगठन की आपसी रंजिश के तहत दो बाइक सवार लट्ठ से हमला कर देते है। जिस पदाधिकारी पर हमला होता है, उसके संगठन के मुट्ठी भर लोग अगले दिन बिना वजह पूरा शहर बंद कर देते है। इन सारे घटना क्रम को पूरा के पूरा पुलिस महकमा और प्रशासन सिर्फ मूक दर्शक बन कर देखता रहता है। चंद मिट्ठी भर लोगों के आगे पुरे ताम झाम के साथ मुस्तैद पुलिस प्रशासन नतमस्तक हुए दिन भर सिर्फ़ बंद शहर को देखने का ही काम करता है।
दुशमनी इनकी आपसी अपनी संगठनों के रंजिश की और भुगते सारा शहर, उस पर जिस जनता के वोटो पर ऐश कर रहे ये जन प्रतिनिधि भी अपने पैरों में लगी आग को बुझा नहीं पा रहे तो अब सजा जनता को दे रहे है ।
शहर के बड़े बड़े दबंग माने जाने वाले अधिकारी जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर उन चंद लोगों से इतनी बात नहीं कर सकते कि हमलावरों को पकड़ लेगें, शहर को बंद की भेंट चढ़ाना कानूनन गलत है। ऐसा लगता है मानो राजस्थान के इस डूंगरपुर शहर में सिर्फ जंगल राज ही चल रहा है। या फिर आने वाले नगर पालिका चुनाव को लेकर जबरदस्ती का जाती वाद या साम्प्रदायिकता की भेंट चढ़ाने की तैयारी की जा रही है । अगर ऐसा भी हो तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है । क्यों कि शहर में नगरपालिका चेयरमेन बनने के कुछ दावेदार इस काम में वैसे ही माहिर है। ऐसे में जनता किस पर भरोसा करे इसका सवाल हमारे पास नहीं है आपके पास हो तो जरूर बताना ।

महिला की ह्त्या के बाद, पुलिस और ग्रामीणों बीच लाठी-भाटा जंग

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उदयपुर. जिले के भीण्डर थानान्तर्गत चोल गांव में शनिवार को सुबह लूट के इरादे से हुई महिला की हत्या के बाद माहौल इतना बिगड़ गया कि पुलिस को अश्रु गैस के गोले छोडऩे पड़े फिर भी बात नहीं बनी तो हवाई फायर और रबड़ की गोलिया ंचलानी पड़ी। ग्रामीणों  ने भी जमकर पथराव किया।

इस घटनाक्रम में वल्लभनगर के उपखण्ड अधिकारी मुकेश कलाल सहित 25-30 पुलिसकर्मी और करीब डेढ़ दर्जन ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों ने कई सरकारी वाहनों को आग लगा दी।

जानकारी के अनुसार चोल गांव में रहने वाले उदयलाल रावत की 27 वर्षीय पत्नी मीरा शुक्रवार की रात करीब साढ़े आठ बजे शौच करने गई थी, लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटी।

पूरी रात उसका पति और देवर पूरा रावत उसे तलाशते रहे, लेकिन कहीं भी पता नहीं चला। शनिवार को सुबह गांव के बाहर झाडिय़ों में मीरा की ओरनी पड़ी मिली, जिसमें उसके कटे हुए पैर रखे हुए थे।  अज्ञात बदमाशों ने लूट के इरादे से उसकी हत्या कर दी और उसके पैरों में पहनी चांदी की कडिय़ां निकालने के लिए पैर काट दिए।

9महिला के कटे पैर देख परिजन और गांव के लोग आक्रोशित हो गए। सूचना मिलने पर रावत समाज के आसपास के बारह चौखलों से करीब चार सौ-पांच सौ लोग वहां पहुंच गए।

परिजनों और ग्रामीणों ने गांव के बाहर डेरे में रह रहे भंवरलाल कालबेलिया, उसके पुत्र राजू और पुत्री कालकी पर हत्या की आशंका करते हुए तीनों की धुनाई कर दी और बाद में इन लोगों को पेड़ से बांध दिया।

इतना सब कुछ होने के बाद पुलिस नियंत्रण कक्ष से 19 का पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस कालबेलिया परिवार के चार लोगों को ग्रामीणों से छुड़ाकर ले जाने लगी, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें ले जाने नहीं दिया।

माहौल बिगड़ता देख उदयपुर से अतिरिक्त पुलिस बल और खुद जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल व जिला कलक्टर रोहित गुप्ता मौके पर पहुंचे। तभी गांव के ही एक कुएं के पास खून के धब्बे दिखने पर तलाश की गई तो उसमें मीरा का शव मिल गया।

हत्यारों ने शव को पत्थर से बांध कर कुएं में फेंका था। महिला के पैर और शव अलग-अलग स्थानों पर मिलने पर ग्रामीण और ज्यादा आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने अश्रु गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज करते हुए लोगों को वहां से हटाया। पुलिस शव और कालबेलिया परिवार के चार लोगों तथा कुछ ग्रामीणों को भीण्डर थाने ले आई, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण वहां भी पहुंच गए।

ग्रामीणों ने भीण्डर में अस्पताल का घेराव कर पथराव शुरू कर दिया और बाजार बंद करवा दिया। कई सरकारी वाहन फंूक दिए। तब पुलिस ने वहां भी अश्रु गैस छोड़ी, लाठीचार्ज किया और बाद में माहौल बिगड़ता देख हवाई फायर किए।

प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारी वहां डेरा डाले हुए है। अब तक स्थिति पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। बाद में पुलिस ने रबड़ की गोलियां भी चलाई।

आठ वाहनों के शीशे फोड़े, मिनी ट्रक को लगाई आग

पथराव के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के मिनी ट्रक को आग लगा दी और करीब आठ वाहनों के शीशे फोड़ दिए। चोल गांव के लोगों ने पत्थर डालकर जगह-जगह से रास्ते बंद कर दिए, इससे भी पुलिस को काफी परेशान होना पड़ा।

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ये पुलिस अधिकारी हुए घायल

ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव में सीआई मंजीतसिंह, अब्दुल रहमान, कानोड़ थाना प्रभारी समीउल्ला खां, खेरोदा थाना प्रभारी दर्शनसिंह, भीण्डर थाना प्रभारी हिमांशु राव भी घायल हो गए।

और फट गए अश्रु गैस के गोले

ग्रामीणों ने पथराव के दौरान ही पुलिस के मिनी ट्रक को आग लगा दी, इससे उसमें रखे अश्रु गैस के गोले फट गए और जवानों की ओर से साथ लाया गया भोजन भी नष्ट हो गया।

पुलिस के सामने संदिग्धों को मारा-पीटा
मीरा का शव कुएं से बाहर निकलने के बाद ग्रामीण गांव में ही रहने वाले कालबेलिया जाति के दो युवकों और एक महिला को उनके घरों से बाहर निकाल लाए और चौराहे पर पेड़ से बांध दिया। यह सारा घटनाक्रम पुलिस के सामने ही हुआ। पुलिस समझाइश करती रही, लेकिन मौके पर जमा हुई दो हजार से अधिक ग्रमीणों की भीड़ नहीं मानी। सूचना पर उदयपुर से अतिरिक्त जाब्ता और आस-पास के थानाधिकारियों को भेजा गया, लेकिन हालात काबू में नहीं आए। इस पर एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल, एएसपी डॉ. राजेंद्र भारद्वाज सहित सभी

 

 

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मास्टरप्लान से मंदिरों का विकास

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उदयपुर, प्रदेश के मंदिरों का विकास मनमर्जी के नक्शों से नहीं होकर अब मास्टर प्लान के जरिए होगा। राज्य सरकार की 38 मंदिरों के मास्टर प्लाने की योजना में पहले चरण में 11 मंदिरों का मास्टर प्लान बनाने का कार्य अंतिम चरण में है।

कंपनियों के प्रजेंटेशन हो चुके हैं अब नेगोसिएशन के बाद इसके कार्योदेश जारी किए जाएंगे।  देवस्थान विभाग ने मंदिरों के मास्टर प्लान के लिए राज्य के 38 मंदिरों का चयन किया था। इन मंदिरों का विकास योजनाबद्ध तरीके से करने के लिए रीडीकोर के साथ हुए अनुबंध में डीपीआर बनाई गई और इसके बाद टेंडर किए गए। 
इसमें पांच फर्मों ने भाग लिया और बीते दिनों ही जयपुर में देवस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक शेखर के समक्ष इन फर्मों ने प्रजेंटेशन दिया और इसके बाद वित्तीय बीड खोली गई। अब इन फर्मों की आई दरों पर कमेटी नेगोसिएशन करेगी और इसके बाद कार्योंदेश जारी कर दिए जाएंगे। 
धन खर्च, फिर भी नहीं दिखता विकास
मंदिरों के विकास के लिए राज्य सरकार अलग से बजट देती है और करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। इसके बाद भी मंदिरों की सूरत-सीरत में कोई खास बदलाव दिखने को नहीं मिलता। मंदिरों को देखकर यह भी नहीं लगता कि मंदिर का विकास किया गया। इसके पीछे मुख्य कारण बिना किसी योजनाबद्ध ढंग से काम किया जाता है। 
 इन मंदिरों के मास्टर प्लान के लिए प्रजेंटेशन हो चुका है तथा जल्द ही अगली प्र्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 
 अशोक यादव, आयुक्त देवस्थान विभाग 
यह होगा खास
श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होगी।
मंदिर परिसर में पार्किंग का बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। 
मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवास व्यवस्था के प्रबंध करना। 
मंदिरों तक रोड नेटवर्क को मजबूत करते हुए आवागमन के साधनों को मंदिर क्षेत्र से जोडऩा।
मंदिर के आसपास दुकानें, पार्किंग, परिक्रमा, श्रद्धालुओं व रामदेवरा जातरूओं के ठहरने के बंदोबस्त व आबादी आदि का प्लान में खासा ध्यान रखा जाएगा। 
पहले चरण में इन मंदिरों का चयन
राजसमंद : चारभुजा में चारभुजा मंदिर व सेवंत्री मंदिर। 
चित्तौडग़ढ़ : मातृकुंडिया। 
डूंगरपुर : बेणश्वर धाम। 
सवाई माधोपुर : चौथ का बरवाड़ा।
दौसा : मेहंदीपुर बालाजी। 
अजमेर : पुष्कर मंदिर। 
चूरू : सालासर बालाजी। 
जैसलमेर : रामदेवरा।
सीकर : खाटूश्यामजी।
टोंक : कल्याणजी डिग्गी मालपुरा। 

राजस्थान में कई जगह भारी बारिश, नदियां बन गई सड़क, घरों में घुसा पानी

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जयपुर। राजस्थान के कई इलाकों में सुबह तेज़ बारिश से बाढ़ जैसे हालत हो गए हैं। सीकर में गुरुवार को सुबह चार बजे से 12 बजे तक बारिश का सिलसिला चलता रहा। भारी बारिश से हालात बेकाबू हो गए। आठ घंटे के दौरान सीकर शहर में 197 एमएम पानी बरसा। भारी बारिश के बीच प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।

जयपुर में भी बारिश
जयपुर में सुबह नौ बजे तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में बादलों की आवाजाही जारी है। वहीं जयपुर में बुधवार को भी छितराई हुई बारिश हुई थी। कहीं अचानक तेज बारिश हुई तो कहीं सूखा ही रहा। शहर में 5.8 मिमी पानी बरसा। हवाओं और बूंदों से अधिकतम तापमान छह डिग्री तक गिर गया। न्यूनतम तापमान में भी 3 डिग्री की गिरावट आई। बीकानेर, सीकर, अलवर, नागौर आदि स्थानों पर मानसून मेहरबान रहा। नीमकाथाना में साढ़े चार इंच पानी बरसा।

रॉयल एनफील्ड ने लॉन्च की लिमिटेड एडिशन Bikes, ऑनलाइन कराएं बुकिंग

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रॉयल एनफील्ड ने देशभर में अपनी बाइक्स के दो लिमिटेड एडिशन लॉन्च किए हैं। ये बाइक्स वर्ल्ड वॉर के डिस्पैच राइडर्स से प्रेरित हैं। इन बाइक्स की बुकिंग 15 जुलाई से ऑनलाइन कराई जा सकेगी। रॉयल एनफील्ड बाइक के भारत में दो मॉडल उपलब्ध होंगे, जो सलेक्टिव डीलरों के पास ही मिलेंगे। पहला, डेजर्ट स्ट्रोम डिस्पैच (Desert Storm Despatch) और दूसरा स्क्वाड्रोन ब्लूय डिस्पैच (Squadron Blue Despatch)। कंपनी ने प्रत्येक वेरिएंट की केवल 200 यूनिट लॉन्च की हैं।
ये है ऑन रोड प्राइज
मुंबईः 2,24,752 रुपए
दिल्लीः 2,16,607 रुपए
चेन्नईः 2,20,383 रुपए
बेंगलुरूः 2,31,064 रुपए
कोलकाताः 2,26,287 रुपए
हैदराबादः 2,20,969 रुपए
ऐसे करा सकते हैं बुकिंग
आप इन बाइक्स की बुकिंग ऑनलाइन करा सकते हैं। बुकिंग 15 जुलाई सुबह 10 बजे से शुरू होगी। कंपनी की वेबसाइट store.royalenfield.com पर जाकर बुकिंग की जा सकती है। बुकिंग के बाद कस्टमर्स शहर में नजदीकी डीलर से जाकर बाइक को ले सकते हैं।
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रोडवेज बसों में लगाये जायेगें सीसी टीवी कैमरे

cctv-cameras-in-roadways-bus-उदयपुर. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से सुरक्षा के लिहाज से रोडवेज बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

प्रथम चरण में प्रदेश के करीब 40 डिपो की दो हजार चार सौ बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम होगा।

सीसीटीवी कैमरे यात्रियों की सुरक्षा और बसों में महिलाओं के साथ हो रही अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए लगाए जा रहे हैं।

बसों में कैमरे लगाने का कार्य जल्द शुरु हो जाएगा। राज्य सरकार ने रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने को निर्णय किया है।

सरकार की ओर से इस दिशा में राजस्थान रोड़वेज विभाग को 40 डिपो की दो हजार चार सौ बसों में कैमरे लगाने को आदेश दिए है।

पहले चरण में उदयुपर डिपो की135 बसों में से करीब 70 बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।  गौरतलब है कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के पास साढ़े चार हजार से ज्यादा बसें है जिनमें दो चरणों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। दूसरे चरण में शेष बसों में कैमरे लगाए जाएंगे।

हाईकोर्ट के तेवर पर दौड़े अधिकारी

highcourtउदयपुर.  झीलों के संरक्षण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना को लेकर जिला प्रशासन, यूआईटी व नगर निगम सक्रिय हो गया है।

गुरुवार सुबह जिला कलक्टर के नेतृत्व में इन एजेंसियों के प्रमुखों ने झीलों की स्थिति देखी। जिला कलक्टर रोहित गुप्ता सुबह झील किनारे पहुंचे और स्थानीय लोगों तथा झील प्रेमियों से चर्चा की।

इस दौरान वहां आए यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता, नगर निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ, एनएलसीपी के टीम लीडर बी.एल.कोठारी को झीलों की सफाई को लेकर कई निर्देश दिए।

आयुक्त बारहठ ने कलक्टर को बताया कि कुम्हारिया तालाब की सफाई बुधवार से शुरू करवा दी तथा आज भी चल रही है, आयुक्त ने कलक्टर को यह भी बताया कि नागा नगरी स्थित सीवरेज चैम्बर की सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया है।

कलक्टर ने हनुमान घाट, पंच देवरिया, नागा नगरी क्षेत्र में झीलों की स्थिति तथा सीवरेज पम्प देखे।

इस दौरान झील प्रेमी तेजशंकर पालीवाल ने जिला कलक्टर से कहा कि इस क्षेत्र में पुराने कनेक्शन अब तक नई सीवरेज लाइन में शिफ्ट नहीं हुए जिससे आधा सीवरेज बहकर झीलों में जा रहा है।

इधर, नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षकों ने गुरुवार को गन्दगी फैलाने वालों के खिलाफ चालान बनाए तथा कइयों से जुर्माना वसूल किया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद यूआईटी के लेक पेट्रोल ने भी सख्ती शुरू कर दी है, लेक पेट्रोल ने रानी रोड, उपला तालाब, बड़ी रोड, दूधतलाई तथा पिछोला क्षेत्र में गश्त करते हुए झीलों में गन्दगी फैलाने वालों को भगाया।

BSNL का ग्राहकों को तोहफा, बिना अकाउंट करो पैसा ट्रांसफर

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bsnlजयपुर। देश की सबसे बड़ी दूरससंचार कंपनी बीएसएनएल ने शुक्रवार को मनी ट्रांसफर के लिए प्रीपेड कार्ड आधारित  माेबाइल वॉलेट सेवा की शुरूआत की।

वॉलेट सेवा के जरिए उपभोक्ता एक लाख रुपए तक की रकम लोड करके देश के दूर दराज के किसी भी हिस्से में भेज सकेंगे। स्पीड पे से वे इतनी ही रकम की सेवा या प्रोडक्ट का देश में कहीं पर भी भुगतान कर सकेंगे।

इसके लिए बैंक अकाउंट की बाध्यता भी नहीं होगी। यह पैसा वह बीएसएनएल के आउटलेट्स के जरिए निकाल सकेंगे। अगर उनके पास बैंक खाता होगा तो वह खाते के जरिए निकासी कर सकेंगे।

साधारण उपभोक्ता रोजाना 5 हजार रुपए तक की रकम की निकासी कर सकेंगे जबकि केवार्इसी उपभोक्ताआें के लिए यह लिमिट एक लाख तक की होगी।

दूर संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में यह सेवा शुक्रवार को लांच की गई। यह सेवा कर्नाटक, केरल आैर तमिलनाडू में सितंबर के अंत तक शुरू हो जाएगी।

कैसे काम करेगी वाॅलेट सेवा?

वाॅलेट सेवा में पैसे भेजने वाले उपभोक्ता को बीएसएनएल के आउटलेट पर जाकर मोबाइल पर रीचार्ज कराना होगा।

उपभोक्ता इसे किसी खाते पर भी अपलोड करा सकता है। अगर खाता नहीं है तो वह जहां पैसे भेजे जाने हैं वहां की बीएसएनएल शाखा या बीएसएनएल आउटलेट से इस पैसे को हासिल किया जा सकता है।

बीएसएनएल ने इसके लिए आईटी कंपनी पिरो के साथ करार किया है। फिलहाल ट्रांजेक्शन चार्ज के रूप में एक फीसदी की रकम देनी होगी।

पिरो ने स्पीड पे के लिए वीजा के साथ साझेदारी की है। इसके जरिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड की तरह वस्तु और सेवा की खरीददारी तेजी से की जा सकेगी।

यह सेवा देने के लिए पिरो ने आंध्रा और कॉरपोरेशन बैंक के साथ करार किया है। जबकि पीएनबी और बैंक आफ इंडिया से उनकी बातचीत चल रही है।

बीएसएनएल बज के जरिए करिये मनोरंजन

बीएसएनएल ने मनोरंजन सेवा बीएसएनएल बज की भी शुरूआत की। इसके तहत उपभोक्ता महज दस रुपए में स्मार्ट फोन पर न्यूज, जोक्स आदि सेवाओं का आनंद ले सकेंगे।

यह सेवा हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, तमिल, मलयालम, कन्नड़, और तेलुगू में मौजूद होगी।

अब मिलेगी फ्री रोमिंग सुविधा

दूरसंचार कंपनियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) शुरू किए जाने के बाद देश के टेलीकॉम सेक्टर में अगला बड़ा बदलाव पूरे ग्राहकों को देश में मुफ्त रोमिंग की सुविधा दिए जाने का हो सकता है।

फ्री रोमिंग में दूसरे टेलीकॉम सेक्टर में होने पर फ्री इनकमिंग और बिना किसी अतिरिक्त लागत के कॉल करने (आउट गोइंग) की सुविधा मिलने लगेगी।

इस साल दिसंबर से सेवाएं शुरू करने की तैयारी में जुटी मुकेश अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जिओ के बाजार में उतरने साथ ही टेलीकॉम सेक्टर के कदम फ्री रोमिंग की ओर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

माना जा रहा है कि रिलायंस जिओ के मैदान में उतरने के साथ ही देश के टेलीकॉम बाजार में काफी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जो इस सेक्टर की दशा-दिशा को बदल कर रख देंगे।

बाजार के बदले हुए समीकरणों के बीच कई छोटी टेलीकॉम कंपनियों के मैदान से बाहर हो जाने की आशंका भी जताई जा रही है।