मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) : एेसे करें अपना नंबर पोर्ट

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mnpजयपुर। नए नियमों के तहत अब देश के किसी भी हिस्से में रहने वाला उपभोक्ता किसी भी अन्य हिस्से में जाकर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के तहत अपने पुराने नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए अगर कोई उपभोक्ता दिल्ली से जयपुर आ रहा है तो वह ग्राहक टेलीकॉम ऑपरेटर बदलकर भी अपने दिल्ली वाले नंबर का इस्तेमाल कर सकता है। पहले यह सुविधा नहीं थी। पहले उपभोक्ता केवल सर्किल के अंदर ही एमएनपी (मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी) का लाभ उठा सकते थे।

मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए आपको यूपीसी (यूनिक पोर्टिंग कोड) की जरूरत होती है। यूनिक पोर्टिंग कोड पाने के लिए आपको सबसे पहले 1900 पर एक एसएमएस करना होता है।

इसके बाद एक के बाद एक करके यह स्टेप अपनाएं

– अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर PORT लिखें। फिर स्पेस देकर अपना मोबाइल नंबर लिखें और उसे 1900 पर एसएमएस कर दें।

– मेसेज के जवाब में आपको 1901 से यूनिक पोर्टिंग कोड मिलेगा। यह कोर्ड आठ नंबर का होगा साथ ही, यह करीब 15 दिन बाद एक्सपायरी डेट के साथ होगा।

– आठ नंबर के इस कोड के पहले दो अक्षर अंग्रेजी के एल्फाबेट होते हैं।

– इस यूनिक पोर्टिंग कोड एक्सपायरी डेट से पहले आपको एड्रेस प्रूफ, आइडेंटिटी प्रूफ, पोर्ट साइज फोटो के साथ नए ऑपरेटर के स्टोर पर जाकर पुराने नंबर के साथ नए कनेक्‍शन का फॉर्म भरना होगा।

– खास बात एक बार नंबर पोर्ट करने के बाद आप 90 दिन से पहले इस ऑपरेटर को नहीं छोड़ सकते हैं।

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी को लेकर एयरटेल ने अपने एक बयान कहा है कि अगर कोई उपभोक्ता एयरटेल से एयरटेल पर नंबर पोर्ट करना चाहता है तो 24 घंटे के अंदर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

साथ ही नंबर पोर्ट होने की प्रक्रिया तक उपभोक्ता को फ्री रोमिंग की सुविधा दी जाएगी यानि इनकामिंग कॉल फ्री होगी।

फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करने पर मिलेगा पैसा

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facebookजयपुर। अगर आप फेसबुक पर वीडियो क्लिप डालने के शौकीन हैं तो यकीन मानिए अब आपको इससे कमार्इ होने वाली है।

जी हां जानी मानी सोशल वेबसाइट फेसबुक एक जबरदस्त फीचर लाने की तैयारी में है जो यूट्यूब के दांत खट्टे कर देगा।

सजेस्टेड वीडियो फीचर

यूजर्स के अपलोड पसंदीदा वीडियो आैर विज्ञापन को मिलाकर बने वीडियो से होने वाली कमार्इ का 55% यूजर्स के साथ बांटा जाएगा आैर शेष फेसबुक रखेगा।

एक अनुमान के मुताबिक फ़ेसबुक पर रोज़ाना क़रीब चार अरब बार वीडियो देखे जाते हैं।

इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक अमरीका में वीडियो एड्स पर साल 2015 में लगभग 48,821 करोड़ रुपए आैर साल 2014 में 36,845 करोड़ रुपए खर्च किए गए ।

फेसबुक की इस मुहीम में उसका सबसे बड़ा शत्रु यूट्यूब होगा जिसने पिछले साल एड रेवेन्यू से ही 48,202 करोड़ की कमार्इ की है।

वीडियो से होने वाली कमार्इ इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितने लोग देखते हैं।

कुवैत में हमले में ’25 की मौत’

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कुवैत में राजधानी कुवैत सिटी में एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं, कुवैत के गृह मंत्रालय ने ये जानकारी दी है.

गृह मंत्रालय ने ये भी कहा है कि 202 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

हमला जुमे की नमाज़ के दौरान अल-सवाबर में इमाम सादिक़ मस्जिद पर हुआ.

ये कुवैत सिटी के पूर्व में एक व्यस्त इलाका है..

हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक समूह – नज्द प्रॉविंस- ने ली है. इस्लामिक स्टेट ने इस तरह के हमले इससे पहले पड़ोसी सऊदी अरब और यमन में किए हैं.

कुवैत के प्रधानमंत्री शेख जबर-अल-मुबारक-अल-सबाह ने कहा कि हमला राष्ट्रीय एकता पर किया गया है. उन्होंने कहा, “लेकिन ये उनके लिए बहुत मुश्किल है और हम बहुत ज़्यादा मज़बूत हैं.”

हमले के चश्मदीद कुवैती सांसद खलील अल-सलीह ने रॉयटर्स से कहा कि मस्जिद में 2,000 लोग थे.

उन्होंने रॉयटर्स को बताया, “आत्मघाती हमलावर युवा था. वो प्रार्थना कक्ष में तब पहुंचा जब लोग सज्दे में थे, उसने देखा…वो करीब 20 साल का होगा, मैंने उसे अपनी आंखों से देखा.”

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ललित लक्ष्मी विलास पैलेस में “टैक्स मेक्स” फ़ूड फेस्टिवल शुरू

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उदयपुर । द ललित लक्ष्मी विलास पैलेस होटल में 26 जून – जुलाई 5, तक मेक्सिकन फ़ूड फेस्टिवल “टैक्स मेक्स” आयोजत किया जा रहा है।
मास्टर शेफ विजेंद्र सिंह ने बताया कि मेक्सिकन फ़ूड फेस्टिवल के दौरान शहरवासियों को मेक्सिकन फ़ूड के असली जायके परोसे जायेगे। शेफ विजेंद्र ने बताया की फ़ूड फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों और शहरवासियों को देश विदेश के असली जायकों से रूबरू करवाना है ।
होटल में आयोजित मेक्सिकन फ़ूड फेस्टिवल में मेक्सिकन ज़ायके के एक्सपर्ट शेफ मगन लाल मीणा द्वारा सभी खाने तैयार किये जायेगे । नॉनवेज और वेज दोनों फ़ूड मेहमानों को परोसे जायेगे। असिस्टेंट फ़ूड मेनेजर मानवेन्द्र सिंह शक्तावत ने बताया कि फ़ूड फेस्टिवल २६ जून से ५ जुलाई तक रोज़ाना शाम ७ बजे से रात 12.30 बजे तक रहेगा । होटल के आँगन और पद्मिनी रेस्टोरेंट में आने वाले मेहमानों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था की गयी है।
मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि मेक्सिकन फ़ूड फेस्टिवल ” टैक्स मेक्स ” के दौरान नॉन वेज के लिए ९९९ रुपये और वेज के लिए ८९९ रुपये रखा गया है जिसमे मेक्सिकन फ़ूड के सभी मुख्य व्यंजन परोसे जायेगें।

ब्यूटिशन ने मनाया अंतराष्ट्रीय ब्यूटिशियन डे मनाया

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उदयपुर । लेकसिटी ब्यूटी क्लब, उदयपुर के तत्वाधान मे अशोक नगर स्थित विज्ञान भवन मे अन्तर्राष्ट्रिय ब्यूटीशियन डे मनाया गया, जिसमे शहर की प्रमुख ब्यूटी व हेयर एक्सपर्ट ने भाग लिया। संगठन की अध्यक्ष मन्जु शर्मा व सचिव आशा कालरा ने बताया कि वेस्टन, ट्रेडिशनल, ब्राईडल मेकअप व ब्राईडल हेयर स्टाईल जिला स्तरिय प्रतियोगीता अगस्त माह मे होगी इसके अलावा समस्त ब्यूटीशियन की एकता व शिक्षा (प्रशिक्षण) के बारे मे विचार विमर्श किया गया व सिनियर एक्सपर्ट के योगदान के लिए उन्हे सम्मानित किया गया।
ऑल इंडिया हेयर एण्ड ब्यूटी एसोसिएशन (आईबा) के राष्ट्रिय महासविच अशोक पालीवाल ने समस्त एक्सपर्ट को 22 सितम्बर 2015 को अहमदाबाद मे होने वाले ’’राष्ट्रिय आईबा एवार्ड’’ प्रतियोगीता मे हिस्सा लेने का आव्हान किया।

फर्जी आईएएस के बड़े कारनामें

fake-ias-udaipur-उदयपुर.  फर्जी आईएएस अधिकारी खुशबू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पिता को फोन किया तो उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसी औलाद किस काम की। यह मर जाए, तब फोन कर देना।

जयपुर के नीलकंठ अपार्टमेंट में छह वर्ष से पिता से अलग अकेली रहने वाले खुशबू उर्फ स्मृति उर्फ पूजा उर्फ प्रिया पुत्री ओमप्रकाश शर्मा फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुकी है।

अम्बामाता थाना पुलिस बीती रात उसे जयपुर से प्रोडक्शन वारंट से गिरफ्तार कर यहां लाई। उसके खिलाफ थानाक्षेत्र  में होटल रामप्रताप के मालिक ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। जयपुर में भी वह धोखाधड़ी के छह मामले में गिरफ्तार हो चुकी है।

पुलिस ने बताया कि एमकॉम तक पढ़ी खुशबू की मां का देहांत हो चुका है। उसके पिता रेलवे में कपासन स्टेशन पर तैनात है। पिता से अनबन के बाद खुशबू जयपुर में अलग रहने लगी।

पिता दूसरी पत्नी के साथ अलग रहते हैं। उसने एक बार जयपुर में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास तक किया। उसके दोनों पैरों में स्टील की रॉड लगी है व एक हाथ नहीं है।

जयपुर में कई कारनामे

जयपुर में खुशबू ने पेट्रोल पम्प पर कार में पेट्रोल भरवाने के बाद पर्स घर पर भूलने का बहाना किया। मोबाइल नम्बर व गाड़ी नम्बर लिखवाकर पैसा बाद में देने का कहकर गई और वापस नहीं लौटी।

कार के नम्बर जांचने पर वह फर्जी निकले तथा मोबाइल सिम बंद मिली। इसी तरह एक व्यक्ति से 70 हजार रुपए लेकर वापस नहीं चुकाए। इस मामले में राजीनामा हुआ। खुशबू जयपुर में सोड़ाला, आदर्शनगर व मालवीय नगर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार हो चुकी है।

बिना बिल चुकाए भागी

छह वर्ष पहले खुशबू उदयपुर में रामप्रताप होटल में ठहरी थी। उसने स्वयं को आईएएस अधिकारी बता कमरा लिया। तीन हजार रुपए एडंवास दिए।

होटल में खाना खाया, अंदर ही स्थित दुकान से कपडे़ खरीदे। बाजार जाने के बहाने टैक्सी मंगवाई। बापूबाजार में दुकान में खरीदारी के बहाने वहां से रफूचक्कर हो गई।

कार चालक ने फोन किया तो बताया कि वह वापस कार के पास पहुंची थी, लेकिन उसके नहीं मिलने पर वह होटल उदयविलास आ गई।

कार चालक उदयविलास पहुंचा तो वह वहां भी नहीं मिली। खुशबू इस बीच ट्रेन में बैठकर जयपुर भाग गई। होटल के कमरे की चाबी भी साथ ले गई।

होटल मालिक ने बिल के बकाया 10 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया।

कोटा की कोचिंग क्लास में आत्महत्या करते छात्र

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kota_coaching_एक ग़रीब पिता ने ग़रीबी में भी अपनी बच्ची को डॉक्टर बनाने की उम्मीद से कोटा पढ़ने के लिए भेजा था लेकिन वह दुनिया से ही चली गई.

उनकी बेटी निभा ने इसी महीने हॉस्टल के अपने कमरे में खुदकुशी कर ली. वह कोटा के एक कोचिंग में पढ़ रही थी.

झारखंड के गोविंद का आरोप है, “कोटा में कोचिंग के नाम पर गोरखधंधा चल रहा है. यहां शिक्षा, व्यवस्था और सुरक्षा नाम की कोई चीज़ नहीं है. यहां पढ़ रहे बच्चों की मॉनिटरिंग की व्यवस्था किसी भी स्तर पर नहीं है.”

लिहाजा अपने घर से सैंकड़ों मील दूर रह रहे बच्चे अवसाद का शिकार हो रहे हैं.

आत्महत्या

निभा की तरह ही बिहार के अश्विनी कुमार भी कोटा के कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले ऐसे छात्र थे जिन्होंने आत्महत्या का रास्ता चुना.

अश्विनी के चाचा अरुण कुमार कहते हैं कि कोटा में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई के फॉलोअप की कोई व्यवस्था नहीं है.

अरुण कुमार कहते हैं, “जिन बच्चों की पढ़ाई का स्तर लगातार गिरता जाता है उसकी भी किसी तरह की जानकारी अभिभावकों को नहीं दी जाती. ऐसे में बच्चा अकेले में अवसादग्रस्त होकर खुदकुशी जैसा कदम तक उठा लेता है.”

कोचिंग में होने वाले साप्ताहिक टेस्ट में अश्विनी की रैंक शुरुआती 323 से घटकर 1073 तक जा पहुंची थी. अपने सुसाइड नोट में भी उसने आत्महत्या का कारण पढ़ाई में पिछड़ना बताया था.

कोटा सिटी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शांतनु सिंह के मुताबिक़ 2015 में अब तक कोटा के कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले 11 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं. सिर्फ जून महीने में ही अब तक चार छात्र आत्महत्या कर चुके हैं.

उनके मुताबिक़ 2014 में 14 और 2013 में 26 छात्रों ने आत्महत्या की थी.

अवसाद

कोटा के प्रमुख मनोचिकित्सक डॉक्टर एमएल अग्रवाल बताते हैं कि यहां के कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चे अन्य बच्चों के मुकाबले 25 फ़ीसदी ज्यादा अवसाद के शिकार पाए जाते हैं. इसके कई कारण हैं. डर, तनाव, परेशानियों के साथ कुछ हद तक पारिवारिक पृष्ठभूमि भी.

कोटा में कोचिंग के जनक कहे जाने वाले वीके बंसल कहते हैं कि बहुत भावुक बच्चे ही आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं. इसमें कोचिंग संस्थानों को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है.

वे यह बात स्वीकार करते हैं कि बच्चों पर डॉक्टर या इंजीनियर बनने का परिजनों का दबाव एक बड़ी वजह है. इसके चलते अब यहां कोचिंगों में बोर्ड में 40 प्रतिशत अंक लाने वाले बच्चों को भी लिया जा रहा है. जिससे कोटा में शिक्षा का स्तर और माहौल दोनों ही प्रभावित हुए हैं.

मनोचिकित्सक डॉक्टर अग्रवाल बताते हैं कि कुछ समय पहले बिहार से यहां पढ़ने आए एक छात्र ने अपनी परेशानी बताई कि मेरे माता पिता चाहते हैं कि मैं डॉक्टर बनूं, लेकिन मैं तो लालू प्रसाद यादव बनना चाहता हूं.

रमज़ान या रमदान!

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सोमवार से भारत में मुसलमानों ने रोज़े रखने शुरू कर दिए हैं लेकिन सोशल मीडिया में एक बार फिर इस बात पर बहस छिड़ गई है कि इस पवित्र महीने को रमज़ान कहा जाए या रमदान.

भारत में पहले तो इसे रमज़ान कहा जाता था, लेकिन पिछले कुछ साल से कुछ लोग इसे रमदान कहने लगे हैं. आख़िर इसकी वजह क्या है?

इंडियन काउंसिल फ़ॉर वर्ल्ड अफ़ेयर्स में सीनियर रिसर्च फ़ेलो डॉक्टर फ़ज़्ज़ुर्रहमान कहते हैं कि यह केवल उच्चारण का फ़र्क़ है.

उनके अनुसार, ”अरबी भाषा में ‘ज़्वाद’ अक्षर का स्वर अंग्रेज़ी के ‘ज़ेड’ के बजाए ‘डीएच’ की संयुक्त ध्वनि होता है. इसीलिए अरबी में इसे रमदान कहते हैं जबकि उर्दू में आमतौर पर इसे रमज़ान कहते हैं.”

सवाल यह है कि आख़िर पिछले कुछ सालों से ही यह फ़र्क़ क्यों दिख रहा है.

डॉक्टर रहमान कहते हैं कि यह भारत और सऊदी अरब से बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों का नतीजा है.

सऊदी अरब का असर

उनके अनुसार भारत से अब ज़्यादा से ज़्यादा लोग अरब जा रहे हैं और वहां से लौटने के बाद वहां की बोलचाल, वेशभूषा और वहां का रहन-सहन भारत में लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.

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अजमेर शरीफ़ स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह के गद्दीनशीन सैय्यद सरवर चिश्ती भी कहते हैं कि यह केवल अरबी और उर्दू भाषा के कुछ अक्षरों के उच्चारण का फ़र्क़ है.

उनके अनुसार भारत उपमहाद्वीप में तो रमज़ान ही कहा जाता रहा है. लेकिन उन्होंने भी माना कि पिछले कुछ वर्षों में रमदान शब्द के इस्तेमाल में बढ़ोत्तरी हुई है.

सरवर चिश्ती कहते हैं, ”भारत और सऊदी अरब के बढ़ते रिश्ते और भारत में मदरसों के ज़रिए सऊदी अरब के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसा हो रहा है.”

ये बहस न केवल भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी छिड़ी हुई है.

पाकिस्तान के जाने माने कार्टूनिस्ट साबिर नज़र ने एक कार्टून बनाया है, जिसमें अरबी वेशभूषा में एक आदमी तोते को सिखा रहा है कि ये रमदान है, रमज़ान नहीं.

तीनों खान को अफोर्ड कर पाना प्रोड्यूसर के लिए आसान नहींः सलमान

khansमुंबई पिछले दिनों यह खबर आई थी कि सलमान खान, आमिर खान और शाहरूख खान एक फिल्म में साथ आ रहे हैं। इस बात पर जब हाल ही फिल्म “बजरंगी भाईजान” के ट्रेलर लॉन्च पर सलमान से पूछा गया, तो उनका कहना था, “इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर्स को एक ही खान को अफोर्ड करने में प्रॉब्लम होती है।

ऎसे में तीनों खान को अफोर्ड कर पाना किसी भी प्रोड्यूसर के लिए पॉसिबल नहीं है। मैं चाहता हूं कि हम तीनों साथ काम करें, लेकिन मुझे नहीं लगता यह संभव है।” मुम्बई में ट्रेलर लॉन्च में सलमान के साथ लीड एक्ट्रेस करीना कपूर खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और डायरेक्टर कबीर खान भी मौजूद थे।

इस मौके पर सलमान काफी कूल नजर आए और प्रेस के सवालों का अपने अंदाज में जवाब दिया।भाई हैं मेरे आमिर-शाहरूखसोशल साइट्स पर आमिर और शाहरूख को लेकर उड़ाए गए मजाक को लेकर एक बार फिर सलमान ने इवेंट के दौरान आपत्ति जताई।

उनका कहना था, “आमिर-शाहरूख मेरे भाई जैसे हैं और मैं उनके खिलाफ कुछ भी सुन नहीं सकता। यदि कोई मेरा फैन है, तो उसे कोई हक नहीं है कि वह मेरे दोस्तों का मजाक बनाए।”असल में आए आंसूफिल्म पर बात करते हुए सलमान ने बताया कि कहानी इतनी अच्छी और इमोशनल है कि फिल्म के दौरान उन्हें ग्लिसरीन का यूज नहीं करना पड़ा। इमोशनल सीन के दौरान उनके आंसू खुद-ब-खुद आ गए।

अपने प्रोडक्शन हाउस के बारे में उनका कहना था, “अरबाज और सौहेल के बच्चे हैं, ऎसे में मैंने भी अपना प्रोडक्शन शुरू कर लिया, जो मेरे बच्चे जैसा है

हर्षाली मलहोत्रा तो दिखा सकती है नखरेफिल्म में पाकिस्तानी गर्ल का रोल प्ले कर रही हर्षाली मलहोत्रा  के नखरों के बारे में सलमान का कहना था, “वह बहुत ही क्यूट है।

सैट पर कई बार वह नखरे दिखाती थी, लेकिन वह बहुत छोटी है, इसलिए नखरे तो दिखा सकती है। मैं तो इस उम्र में भी नखरे दिखाता हूं। हर्षाली मलहोत्रा के साथ काम करने का एक्सपीरियंस काफी खास रहा। वह फिल्म की जान है।

जुमे से शुरू रमजान जुमे पर ही खत्म होगा

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उदयपुर। माहे रमजान यूं तो बरकत लेकर आता है, लेकिन इस बार रमजान खास संयोग लेकर रहा है। रमजान का पावन माह आज जुमे से शुरू हो रहा है और जुमे पर ही खत्म होगा। जुमे से शुरू हो रहे रमजान में इबादत का कई गुना सबाब बढ़ जाएगा। सादिक से लेकर सूर्यास्त तक चलने वाले रोजे में रोजेदार पांच वक्त की नमाज के साथ इबादत में समय बिताएंगे। विशेष महत्व रखने वाले रमजान के जुमे में मुख्य नमाज भी अदा करेंगे। यूं तो रमजान का जुमे से शुरू होना और खत्म होना खास मुकाम रखता है। लेकिन इस बार भी रमजान में पांच जुमे की नमाज अदा की जाएगी।
17 जुलाई को देखेंगे ईद का चांद
ईद का चांद 17 जुलाई को देखा जाएगा। पं. बंशीधर पंचांग निर्माता पं. दामोदर प्रसाद शर्मा बताते हैं कि प्रतिपदा का मान 17 जुलाई को सुबह 7.41 बजे तक रहेगा। इस कारण इस दिन चंद्र दर्शन होंगे।
70 गुना बढ़ जाएगा सवाब
पलटन मस्जिद के इमाम बताते हैं कि रमजान में जुमे में इबादत का 70 गुना सवाब मिलता है। जुमा बढऩे से अल्लाह की इबादत के लिए एक दिन और बढ़ जाएगा। जुमे की इबादत को लैलतुल कद्र से भी अफजल माना जाता है।

रमजान महीने के खास दिन
रमजान महीने के हैं तीन हिस्से रमजान इस्लामी महीने का 9वां महीना है। रमजान के महीने को और तीन हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में दस-दस दिन आते हैं। हर दस दिन के हिस्से को ‘अशराÓ कहते हैं जिसका मतलब अरबी मैं 10 है। रमजान को पूरा महीना ही वैसे तो मुबारक बरकतों वाला है। लेकिन इस महीने में कुछ खास दिनों का अलग महत्व है। इसी महीने में पवित्र पुस्तक कुरान आसमान से नाजिल हुई। तीसरे रोजे को बीबी फातिमा को याद किया जाता है, जिस दिन उनका इंतकाल हुआ था। बीबी फातिमा हजरत मोहम्मद साहब की सबसे लाड़ली बिटिया थी। 17 रमजान को इस्लाम के लिए लड़ी गई पहली जंग हुई, जिसको कई जगह जश्‍ने जंगे बद्र मनाया जाता है। इस महीने की सत्ताईसवीं शब को पूरी रात जागकर इबादत की जाती है।

रोजे का मायने : रोजे को अरबी में सोम कहते हैं, जिसका मतलब होता है रुकना या पाबंदी। बुराइयों से दूरी बनाना। रोजे में दिनभर सूर्योदय में पौ फटने से लेकर सूर्यास्त होने तक भूखा-प्यासा रहा जाता है। दुनिया की हर बुराइयों से दूरी बनी रहे इसके लिए, हर इच्छाओं पर नियंत्रित करना जरूरी है। यहां तक की किसी को गुस्से से चिल्लाना या मुंह से अपशब्द कहना के लिए सख्त मनाही है