संभाग की जिम्मेदारी संयोजक फ़िरोज़ खान सह संयोजक फारुख हुसैन और प्रतिनिधि जहीरुद्दीन सक्का को दी ।
उदयपुर। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मौर्चा राजस्थान द्वारा राजस्थान के सभी शहर, गाँव व कस्बों में सदस्यता अभियान को लेकर जयपुर प्रदेश कार्यालय में बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें मौर्चा द्वारा 2 लाख सदस्य बनाने का निर्णय लिया गया। मौर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदेश संयोजक सदस्य अभियान के सलावत खान ने राजस्थान के सात संभागों के संभाग संयोजक नियुक्त कियें। जिसमें उदयपुर संभाग में संयोजक पूर्व हज कमेटी चेयरमेन फिरोज खान, सहसंयोजक मौर्चा के प्रदेश मंत्री फारूख हुसैन एवं प्रदेश प्रतिनिधी जहीरूद्दीन सक्का व नईम शेख को नियुक्त किया गया। ये संयोजक अलग-अलग जिलों में जाकर सभी जिलों के संयोजक नियुक्त करके मौर्चा द्वारा सदस्यता अभियान लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जायेगा।
अल्पसंख्यक मोर्चा संभाग में शुरू करेगा सदस्यता अभियान
राणाजी और मैत्री मंथन ने किया महिलाओं का सम्मान
उदयपुर । अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मोके पर राणाजी रेस्टोरेंट व् मैंत्रि मंथन संस्थान द्वारा महिलाओं के सम्मान में चिंगारी कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया । तथा महिलाओं के शशक्तिकरण पर स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
राणाजी के संचालक प्रशांत जैन ने बताया कि परिवार के साथ साथ अपने कार्यों, साहस और बुद्धिमता से सामाजिक सेवा, वयवसाय, पत्रकारिता, ब्लॉगिंग से उदयपुर को दुनिया से रूबरू करवाने आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने व् अपनी अलग पहचान बनाने पर आज चिंगारी कार्यक्रम के तहत महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिसमे प्रभात स्पा की आशा पालीवाल, उदयपुर पोस्ट की शबाना खान, एवं सरोज शर्मा, जमीला, मोनिका, कविता राठोड, मयुरी जैन,ललिता गोठवाल को सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि नगर निगम के महापौर चन्द्र सिंह कोठारी सभी सम्मानित महिलाओं को सम्मान पत्र प्रदान किया व् कार्यक्रम की अध्यक्ष व् संयोजक स्वर्णा गर्ग ने महिलाओं को उपरना ओढ़ा तिलक लगा कर स्वागत किया । कार्यक्रम के दौरान महिला शशक्ति करण पर बेस्ट स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमे शबाना खान प्रथम रही और स्वेता पालीवाल द्वितीय रही । दोनों को महापौर द्वारा अवार्ड दिए गए । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दीपक सुखाड़िया थे।

थानेदार की दबंगई का ऑडियो वायरल
ग्रामीणों को धमकाने का लगा आरोप, थानेदार ने कहा थोड़ी सख्ती जरूरी है, नहीं तो ये लोग बेकाबू हो जाएंगे
उदयपुर। तय समय पर होली नहीं जलाने ने को लेकर पानरवा थानाधिकारी अभयनाथ ने ग्रामीणों से बदसलूकी से बात की। यह खुलासा वायरल हुए एक ऑडियो से हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि थानाधिकारी को गाली-गलौज करने का अधिकार नहीं है, जबकि थानाधिकारी ने कहा कि थोड़ी सख्ती भी जरूरी है।
हुआ यूं कि होली दहन का समय शाम छह से रात नौ बजे तय था, लेकिन पानरवा मेंं नौ बजे तक होली का दहन नहीं हुआ। ग्रामीण होली दहन को लेकर गांव के बुजुर्गों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच पानरवा थानाधिकारी अभयनाथ वहां पहुंचे, जिन्होंने होली दहन नहीं होने के पीछे का कारण पूछा, तो बताया गया कि रावले वाले नहीं आए हैं। इस बीच थानाधिकारी ने ग्रामीणों को जमकर लताड़ा और गाली-गलौज करते हुए अंदर करने की धमकी भी दे दी। पता चला कि थानाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से की गई बदसलूकी की किसी ने ऑडियो रिकार्डिंग कर ली, जिसे वायरल कर दिया गया। इसके बाद से ये ऑडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।
> पानरवा में होली रोप रखी थी। छह से नौ बजे तक होली दहन का टाइम था। दो बजे तक होली नहीं जलाई गई। इसी कारण उन्हें होली जलाने के लिए कहा गया। थोड़ी सख्ती की। इसके बावजूद सुबह चार बजे होली जलाई गई। ये लोग होली के टाइम में हुड़दंग करके चले जाते हैं। बाद में हमे पीछे दौडऩा पड़ता है। सख्ती करना कानून व्यवस्था के मद्देनजर जरूरी था।
-अभयनाथ, एसएचओ, थाना पानरवा
सलमान खान कुम्भल गढ़ में करेगें तीन दिन तक शूटिंग

उदयपुर | फिल्म स्टार सलमान खान सूरज बड़जात्या की फिल्म प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग के सिलसिले में शनिवार सुबह कुम्भलगढ़ पहुंचे | तथा फिल्म के राजस्थानी गाने की शूटिंग की |
जानकारी के अनुसार फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या की फिल्म प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग के लिए सुबह डबोक एयर पोर्ट उतरे और वहां से कुम्भल गढ़ के लिए रवाना हुआ | सूत्रों के अनुसार तीन दिन तक फिल्म की शूटिंग चलेगी जो | सलमान जो इस फिल्म में प्रेम का किरदार अदा कर रहे है उन पर एक राजस्थानी गाने का शूट किया जाएगा | फिल्म की अभिनेत्री सोनम कपूर है, तथा इस गाने के कुछ दृश्य उन पर भी फिल्माने थे लेकिन स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से वह उदयपुर नहीं पहुंची | गौरतलब है कि दो माह पहले ही निर्माता निर्देर्शक सूरज बड़जात्या अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए लोकेशंस देखने के लिए उदयपुर आये थे | सलमान के कुम्भल गढ़ में होने की खबर शहर में आग की तरह फैली और कई सलाम के फेन्स तो उदयपुर से कुम्भल गढ़ पहुंच गए |

कॉमर्स कॉलेज के डीन ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति को सबके सामने फटकारा !
साउथ एशियन यूथ फेस्टिवल शुरू पहले ही दिन सड़क पर आए मतभेद

उदयपुर। साउथ एशियन यूथ फेस्टिवल के पहले ही दिन सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी के कुलपति और कॉमर्स कॉलेज के डीन के बीच मतभेद खुलकर सड़क पर आ गए। आज सुबह फतहसागर किनारे फेस्टिवल के मार्च पास्ट के दौरान कॉमर्स कॉलेज के डीन विजय श्रीमाली मामूली बात को लेकर सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी के कुलपति आईवी त्रिवेदी के साथ गर्मागर्मी से पेश आए।
मौका था सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की मेजबानी में साउथ एशियन यूथ फेस्टिवल के मार्च पास्ट का। इस दौरान सुबह दस बजे यूथ फेस्टिवल में आए छात्रों और अतिथियों का फतहसागर पर मार्च पास्ट होना था। इस दौरान सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी से संबंधित कॉलेज के सभी डीन और कुलपति आईवी त्रिवेदी भी फतहसागर पर ही मौजूद थे। साथ में पेसिफिक व अन्य निजी यूनिवरसिटीज के कुलपति व कॉलेजों के डीन आए हुए थे। मार्च पास्ट के दौरान कॉमर्स कॉलेज के डीन विजय श्रीमाली, कुलपति आईवी त्रिवेदी पर भड़क गए। श्रीमाली ने गुस्सा निकालते हुए कुलपति को सार्वजनिक तौर पर भला-बुरा कहा। श्रीमाली का गुस्सा था कि मार्च पास्ट में आई बग्घियों में पेसिफिक यूनिवरसिटी के कुलपति व डीन को बिठा दिया और उनको पूछा तक नहीं गया। श्रीमाली ने सार्वजनिक तौर पर कुलपति आइवी त्रिवेदी को लताड़ लगा दी और उनको वहां से जाने तक कह दिया। बाद में अन्य प्रोफेसर उनको समझा कर वहां से ले गए। यूथ फेस्टिवल के पहले दिन सबके सामने हुए इस घटनाक्रम की चर्चा सभी कॉलेज और समारोह में गरम रही। यूथ फेस्टिवल आज से 11 मार्च तक चलेगा। इसमें सार्क देशों की 75 यूनिवर्सिटीज के 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेने के लिए उदयपुर पहुंचे है। सभी प्रतिभागियों का फतहसागर से सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी तक शहरभर में मार्च पास्ट निकाला गया। सुखाडिय़ा ऑडिटोरियम में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें राज्य सेवक कालीचरण सर्राफ महापौर चंद्रसिंह कोठारी पेसिफिक कॉलेज के रजिस्ट्रार बीपी शर्मा, चित्तौड़ एमएलए चंद्रभान आदि ने भाग लिया। आज होने वाले कार्यक्रमों में फेस पेंटिंग, फैशन शो व अन्य सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
पिटाई के बाद फ्लावर शॉप के मालिक की मौत
उदयपुर। हजारेश्वर कॉलोनी स्थित फ्लावर शॉप के मालिक की कल शाम कुछ बदमाशों ने दुकान में घुसकर पिटाई कर दी। इस वारदात के कुछ समय बाद दुकान मालिक को सीने में दर्द की शिकायत हुई। उसे एमबी हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बदमाशों द्वारा की गई पिटाई के कारण उसकी मौत हुई है, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा तय हो पाएगी। हालांकि पुलिस ने परिजनों की मांग पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार हजारेश्वर कॉलोनी के बाहर पेट्रोलपंप के पास स्थित फ्लावर शॉप पर दुकान मालिक हिम्मतसिंह (४५) पुत्र धूलसिंह धुलंडी की शाम को बैठा था। इसी दौरान पुलां निवासी बाल मुकुंद, उसका भतीजा लाला, दोस्त सुनील नेपाली और शिव थापा वहां पहुंचे। हिम्मतसिंह और इन युवकों में पहले से पहचान थी। पता चला है कि बाल मुकुंद ने शराब पीने के लिए हिम्मतसिंह से रुपए की मांग की, लेकिन उसने मना कर दिया। इससे दोनों के बीच बोल-चाल हो गई। बालमुकुंद और उसके भतीजे लाला ने दुकान में घुसकर हिम्मत की पिटाई कर दी। बाद में सभी बदमाश वहां से भाग गए। इस वारदात के कुछ देर बाद हिम्मतसिंह को सीने में दर्द की शिकायत हुई। हिम्मत का भाई दीपक सिसोदिया ने उसे एमबी हॉस्पीटल में भर्ती करवाया, जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि हिम्मतसिंह की पिटाई के कारण ही उसकी मौत हुई है। परिजनों की मांग पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
मौत का आईसीयू – स्वाइन फ्लू से एक साथ पांच मौतें
उदयपुर | महाराणा भूपाल चिकित्सालय का स्वाइनफ्लू वार्ड का आईसीयू मौत का आईसीयू बना हुआ है | पिछले दो महीनों में जितने स्वाइनफ्लू का मरीज आईसीयू में आये है | उनमे से अधिकतर की मौत ही हुई है | धुलंडी के दिन एक साथ पांच लोगों की मृत्यु हो गयी अभी तक 42 लोगों की मौतें आईसीयू में हो चुकी है | इन मौतों को रोक पाने में मेडिकल कॉलेज के स्वाइनफ्लू स्पेशलिस्ट डॉक्टर असमर्थ है | इस बीमारी से हो रही मौतों पर अंकुश नहीं लग पाने के कारण स्वाइन फ्लू के आईसीयू को अब “मौत का आईसीयू” कहा जाने लगा है। इस बीमारी से हो रही मौतों को लेकर डॉक्टरों के पास एक ही जवाब है कि मरीज एडवांस स्टेज पर आ रहे हैं। ऐसे में उनको बचा पाना असंभव है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी की गिरफ्त में आते ही मरीज को अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, तो उसको बचा पाना मुश्किल नहीं, बल्कि असंभव हो जाता है। स्वाइन फ्लू के कारण धुलंड़ी के दिन राज्यभर में सात मौतें हो गई है। अकेले उदयपुर में ही इस बीमारी से पांच लोगों की जानें चली गई है। धुलंडी को मरने वालों में सराड़ा निवासी देवीलाल (४०) पुत्र मोतीलाल, प्रतापगढ़ निवासी बसंती (४०) पत्नी रमेश, मंदसौर निवासी जितेंद्र (२५) पुत्र दिलीप, चित्तौड़ निवासी हरिदास (५२) पुत्र सीताराम, पाली निवासी मंजू (२०) पत्नी सोमाराम शामिल है।
> स्वाइन फ्लू पीडि़त अधिकतर एडवांस स्टेज पर हॉस्पीटल आते हैं और उनकी उम्र भी ज्यादा होती है। ऐसे हालात में रिकवर होने में दिक्कतें पेश आती है। अधिकतर मामलों में मरीजों की लापरवाही ही मौत का कारण बनी है। आईसीयू पूरी सुविधाएं हैं। मरीजों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-तरुण गुप्ता, अधीक्षक, एमबी हॉस्पीटल
अपनों के प्यार के साथ मना रंगों का त्यौहार
उदयपुर । शहर में होली का दो दिवसीय पर्व धूम धाम और रंगों से सराबोर होकर मनाया । शहर भर में जगह जगह होली दहन के कार्यक्रम हुए जिसमे सैकड़ों लोगों ने भाग लिया । धुलंडी के दिन मस्तानों की टोलियों ने झीलों के नगरी को रंगों से भर दिया । कई परिवारों में नवजात बच्चों के ढ़ूंढ़ोत्सव भी मनाये गए। शहर भर में होली के दोनों दिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी भी अप्रिय
घटना के लिए चाक चौबंद निगरानी की |
होली का दहन :
शहर में होली दहन का मुहूर्त गोधूलि वेला का था। ६.१५ के बाद शहर के हर गली मोहल्ले कॉलोनियों आदि में होली दहन के कार्यक्रम हुए । होली दहन के पूर्व पूजा अर्चना की गयी, नव विवाहितों और नव जात बच्चों को होली की परिक्रमा करवाई गयी । होली में नारियल का होम किया गया । बड़ी होली, जगदीश चोक, मल्लातलाई, होली के बड़े कार्यक्रम आयोजित किये गए | जगदीश चौक में होलिका दहन के पूर्व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने होली दहन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया । मल्ला तलाई चौराहे पर होली दहन का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे मुख्य अतिथि ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, नगर निगम महापौर चन्द्र सिंह कोठारी, विशिष्ठ अतिथि लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रताप सिंह राठोड, मेवाड़ चैनल के संचालक छोगा लाल भोई थे । पूजा अर्चना और पारम्परिक अनुष्ठान के बाद होली का दहन किया गया ।
राजगोत्सव मना धूम धाम से :
रंगोत्सव का दूसरा दिन पूरी तरह रंगों में डूबा रहा फिजां में उत्साह का गुलाल है…चेहरों पर रंगों की बहार है…आज खिलने लगी फिर मुस्कान है…ऐसे ही रंगबिरंगे माहोल में रंगोत्सव का आगाज़ हुआ । दोस्तों के साथ खिलखिलाते हुए ये रंग-बिरंगे चेहरे होली की खुशियों का पैगाम लेकर आए हैं। कही गुलाल तो कही रंग भरी पिचकारी, रंगों में लिपटे हुए मस्तों की टोलिया दिन भर शहर में घुमती रही, जगदीश चोक में विदेशियों ने भी रंगों के इस त्यौहार का आनंद लिया, कोलोनियों में महिलाओं ने घर घर जाकर अपनी सखियों के गलों पे गुलाल की चमक डाली। पुरुष, महिला, बच्चे और युवा उड़ते गुलाल और म्यूजिक की धुन पर होली है…. बुरा न मानो होली है…. बोलते हुए एक दूसरे को गुलाल से रंगते हुए देखे गए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में समूह और संगठनों द्वारा मिल कर रंग खेला गया। राजगोत्सव पर हर ओर रंग और अबीर में लबरेज खुशियां दिखाई दी।
पुलिस रही चौकन्ना:
होली के हुड़दंग में कोई संदिग्ध गतिविधि न हो। ड्रिंक करके लोग सड़कों प दुर्घटनाओं को अंजाम न दे दें। लोगों में किसी तरह का विवाद न हो। इन बातों को रोकने के लिए पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नज़र आई। कई बार मनचले रंग के बहाने शहर में घूम लोगों पर रंग डालने पर पुलिस द्वारा रोका गया। मुस्लिम समाज का जुमे का दिन होने से मस्जिदों के बाहर भी खासा पुलिस का जाब्ता नज़र आया। पुलिस की सतर्कता और शहर वासियों की सद्भावना के चलते होली के दोनों दिन कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई।
पत्नी या प्रेमिका को लगाएं लाल रंग तो और बढ़ेगा प्यार

कुदरत ने इंसानों को रंगों का अनमोल तोहफा दिया है। प्रकृति का हर रंग अलग-अलग भावनाओं को व्यक्त करता है। अगर यह कहा जाए कि रंग बिना बोले भी आपकी सारी बातें कह देते हैं, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। होली रंगों और रिश्तों का त्योहार है। इस बार होली (धुरेंडी) 6 मार्च, गुरुवार को है। आप जब इस होली पर अपनों को रंगने जाएं, तो बस थोड़ा सा ध्यान रंगों के चयन पर भी रखें। एक रंग आपकी सारी बातें आपके अपनों तक पहुंचा देगा। जानिए किसे आप कौन सा रंग लगा सकते हैं-
पत्नी या प्रेमिका
पति-पत्नी व प्रेमी-प्रेमिका के लिए होली का त्योहार बहुत ही खास होता है। चूंकि इस त्योहार में प्यार के साथ-साथ थोड़ी शरारत भी छुपी होती है। इसलिए ये पर्व पति-पत्नी व प्रेमी-प्रेमिका को लुभाता रहा है। पत्नी या प्रेमिका के इस प्यार के रिश्ते को आप होली के दिन लाल और केसरिया रंग से रंगें। यह रंग आपके जीवन में प्रेम, उत्साह, खुशहाली और विश्वास लेकर आएगा।
अपने से छोटों को
छोटे बच्चे, छोटे भाई-बहन या और अपनी उम्र में छोटे रिश्तेदार को हरा रंग लगाइए। हरा सम्पन्नता का प्रतीक है और ये आपके आशीर्वाद और स्नेह के रूप में आपकी भावनाओं को अभिव्यक्त करेगा।
पति या प्रेमी को
पति या प्रेमी को आप लाल और हल्का नीला रंग लगा सकते हैं। लाल रंग प्रेम और आक्रामकता दोनों का प्रतीक है। यह रंग बताएगा कि आप के रिश्ते में पहले की तरह आज भी वैसा ही प्रेम और गर्माहट है। नीला रंग धैर्य और भरोसे का रंग है। इन दोनों भावों की रिश्तों में बहुत जरूरत है।
बड़ों को रंगना हो तो
दादा-दादी, माता-पिता, बड़े भाई-बहन या फिर अपनी उम्र से बड़े कोई और रिश्तेदार हो, तो आप उन्हें पीले रंग का गुलाल लगाइए। पीला रंग आस्था, त्याग और विश्वास का प्रतीक है। जब आप अपने बड़ों को इस रंग से रंगेंगे, तो इसका मतलब साफ होगा कि आप उन्हें सम्मान देते हैं। उनके प्रति आस्था और विश्वास भी रखते हैं। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं और हमेशा उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं।
दोस्तों के लिए
दोस्तों के लिए हरा, सफेद और नीला रंग सबसे अच्छा है। हरा सम्पन्नता का, सफेद शांति का और गहरा नीला रंग सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। अच्छे दोस्तों की खासियत है कि वो अपने दोस्तों के लिए हमेशा सम्पन्नता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा ही चाहते हैं। ये भावनाएं आपकी दोस्ती को और ज्यादा खास बनाएगी।
हर रंग कुछ कहता है…
लाल रंग- लाल रंग हमें प्रेम, उत्साह, उमंग, साहस, शक्ति और लगन से कार्य करने की सीख देता है। यही गुण हमारी सफलता को सुनिश्चित करते हैं।
नारंगी रंग- यह रंग जोश, आनंद, आकर्षण, दोस्ती का प्रतीक है। जीवन में ये गुण सफलता की ओर ले जाते हैं।
पीला रंग- पीला रंग दूरदर्शिता, कुशाग्रता से कार्य करने और दूसरों को प्रेरित करने की सीख देता है।
हरा रंग- यह रंग प्रकृति का प्रतीक है। हमें प्रकृति की तरह सहनशील, उदार और निरंतर उद्यमी बनना चाहिए, तभी धन, भाग्य, सुख-समृद्धि, उपलब्धियां मिलती हैं।
नीला रंग- नीला रंग शांति, समर्पण, प्रेरणा, चिंतन-मनन का प्रतीक है। हमारे अंदर जब ये गुण आते हैं, तो व्यक्तित्व उभरता है।
बैंगनी रंग- ये रंग अध्यात्म और बुद्धिमानी का प्रतीक है। अध्यात्म हमें ज्ञान की ओर ले जाता है। ज्ञान से बुद्धि विकसित होती है, तब हम अच्छे-बुरे का अंतर समझ सकते हैं।
सफेद रंग- यह शांति, दयालुता, विश्वास, शुद्धता का प्रतीक है। यही गुण हमें समाज में प्रतिष्ठा दिलाते हैं।
गुलाबी रंग- यह प्रेम, दोस्ती, स्नेह, शांति, परिपूर्णता का रंग है। प्रेम, स्नेह, दोस्ती से जीवन में उत्साह-उमंग का संचार होता है।
फिरोजी रंग- सतर्कता, रचनात्मकता का प्रतीक है। सतर्कता मतलब अपने काम का विवेकपूर्वक निरीक्षण। जो भी काम करें वह सतर्कता से करें, उसमें रचनात्मकता हो।
काला रंग- यह रंग नकारात्मक विचारों को खत्म करता है। ये सिखाता है कि हमें अपने विचारों को सकारात्मक बनाना चाहिए।
खो-खो में दिखती है भारतीय संस्कृति की झलक- सामर
विद्यापीठ की मेजबानी में
ऑल इंडिया इंटर जोन पुरूष खो खो प्रतियोगिता का आगाज
खो-खो में दिखती है भारतीय संस्कृति की झलक- सामर
उदयपुर , जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय की मेजबानी में ऑल इंडिया इंटर जोन पुरूष खो खो प्रतियोगिता का आगाज बुधवार को विश्वविद्यालय केन्द्रीय परिसर में स्टेडियम पर मुख्य अतिथि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उमेश ओझा, विशिष्ट अतिथि भाजपा लोकसभा प्रभारी प्रमोद सामर, अध्यक्षता कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने किया।खो-खो संघ के डॉ. असगर अली, प्रो. सी.पी.अग्रवाल थे।विशिष्ट अतिथि प्रमोद सामर ने खिलाडियों से आव्हान किया कि खो-खो के इस खेल से हमें भारतीय संस्कृति व इसकी मिट्टी की झलक मिलती है तथा खो-खो हमें आत्म रक्षा के गुरू सिखाता है। स्पोर्ट्स बोर्ड सचिव श्री भवानी पाल सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया संचालन डॉ. धीरज जोशी व धन्यवाद डॉ. दिलीप सिंह चौहान ने किया।

स्पोर्ट्स बोर्ड के निदेशक प्रो. सीपी अग्रवाल ने बताया कि उद्घाटन समारोह में केरला विश्वविद्यालय ने कुरूक्षेत्र वि.वि. को 1 पॉइन्ट, पाण्डीचेरी वि.वि. ने नोर्थ महाराष्ट्र वि.वि. को एक अंक, शिवाजी वि.वि. कोल्हापुर ने वी.बी.एस. पुर्वांचल वि.वि. जोनपुर को 14 पॉइन्ट, मुम्बई वि.वि. पण्डित रविशंकर वि.वि. रायपुर को 2 अंक से पराजित किया, नोर्थ बंगाल वि.वि. ने सी.एस.जे.एम कानपुर वि.वि. को 15 अंक व एक पारी, कालीकट वि.वि. ने पंजाब वि.वि. चंडीगढ़ को 9 अंक व पारी से, पूणे वि.वि. ने अन्ना वि.वि. चैन्नई को 1 अंक व 1 पारी से, पंडित रविशंकर शुक्ल वि.वि. रायपुर ने कुरूक्षेत्र वि.वि. को 1 अंक, पाडिचेरी वि.वि. ने सी.एस.जे.एम. कानपुर को 5 अंक व एक पारी से पराजित कर अगले दौर में पहॅंुच गई है।
इनका किया सम्मान- कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एस.एस.सारंगदेवात एवं रजिस्ट्रार प्रो. सी.पी. अग्रवाल ने उमेश ओझा तथा डॉ. प्रमोद सामर का खो-खो में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया।












