उदयपुर, /जिला पर्यावरण समिति के परिसंकरमय अपशिष्टों के व्यसन स्थल चयन समिति की बैठक जिला कलक्टर आशुतोष ए.टी.पेडणेकर की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जायेगी।
जिला पर्यावरण समिति के सदस्य सचिव ने बताया कि बैठक में वर्षा ऋतु में कराए गये पौधारोपण कार्य, शहरी क्षेत्र में कचरा एवं हेजार्डवेस्ट डिस्पो$जल व्यवस्था, शहर में ड्रेनेज व सीवरेज, मास्टर प्लान्स, मार्बल स्लरी निस्तारण, औद्योगिक इकाइयों एवं यातायात द्वारा प्रदूषण फैलाने की रोकथाम, पॉलीथीन के उपयोग पर प्रतिबंध, जिले में बडे अस्पतालों की सफाई व्यवस्था एवं जिले के क्लीनिकों व अस्पतालों के बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की समीक्षा, पर्यावरण संरक्षण के विषय में जनजागृति एवं उदयपुर शहर के आसपास की पहाड़ियों की खुदाई व कटान पर समीक्षा की जायेगी।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक 14 अक्टूबर को
खबर की कीमत, एक मासूम की जान
उदयपुर । कोटा के एक घर के इकलौते चिराग “रुद्राक्ष”, माँ, बाप के दिल का टुकड़ा एक मासूम का कुछ नामर्दों ने अपहरण कर लिया माँ बाप और दादा के हाल बेहाल होगये पुलिस के पास पहुंचे उन नामर्दों अपहरणकर्ताओं ने धमकी दी थी २ करोड़ दो वरना बच्चे की जान से हाथ धो बैठेगो ।
और हमारी पुलिस और हमारी मीडिया के महान कलाकारों ने आखिर उस बच्चे की जान लेने में भागीदारी बखूबी निभाई । पुलिस ने मीडिया को एक एक जानकारी दी जो उस वक़्त नहीं देनी चाहिए थी और मीडिया अपने अखबार को न. वन बताने के लिए इस खबर के एक एक पहलु को अपने अखबार और टीवी चैनल में बता कर उन नामर्दों की सहायता की नतीजा उस मासूम की मौत के रूप में सामने आया ।
“खबर हर कीमत पर ” और आखिर आज उस मासूम के अपहरण की खबर के हर पहलू बड़ी तफ्सील और किसी गुप्तचर विभाग के काबिल जासूस की भांति छापने की बदौलत एक मासूम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा । क्या पत्रकारिता हे और क्या पुलिस छानबीन वाह मानना पडेगा इन काबिल रिपोर्टरों को और काबिल पुलिस के अधिकारीयों को ।
हमारे अखबार, टीवी चैनल, रिपोर्टर और संपादक अपने काम के प्रति इतने समर्पित है की चाहे किसी मासूम की जान जाती हे तो जाए, चाहे किसी के घर का चिराग बुझता है तो बुझे, हमे तो सिर्फ खबर छापनी है । यही हमारी पहली जिम्मेदारी है । और इस जिम्मेदारी को हमने बखूबी निभाया है । आज के कोटा के भास्कर और पत्रिका के एडिशन देख के तो यही लगता है ।
इन बड़े अखबार वालो ने उन नामर्द अपहरण करने वालों का पूरा साथ निभाया है । कुछ ही घंटों में इन अखबारों के पत्रकारों की टीम ने हर एक पहलु की छान बिन कर डाली एक एक पहलु अखबार में छाप दिया यहाँ तक की सीसी टीवी कैमरे के फुटेज में आई उस कार का फोटो , पुलिस की हर एक हरकत का फोटो सहित विवरण छाप दिया और तो और जिस पार्क से बच्चा अगवा हुआ उस पार्क में खेलने वाले एक एक बच्चे का इंटरव्यू । अपहरण कर्ताओं से उस मासूम के पिता से हुई बातचीत का पूरा ब्योरा अपने अखबार में छाप दिया और उस पर अपनी छाप भी छोड़ी ” भास्कर तत्काल ” “पत्रिका सबसे पहले ” नतीजा क्या हुआ इन जिम्मेदार बनने वाले मीडया के इस कारनामे से उन नामर्दों ने मासूम को मार डाला ।
अरे अक्ल का बाजार लगाने वालों क्या शर्म और अक्ल किसी चकले पर बेच कर आ गये जो इतनी भी समझ नहीं आई के इतना कुछ छाप कर अपनी पीठ थपथपाओगे तो अंजाम क्या होगा अपने आपको बुद्धिजीवी कहने वालों की बुद्धि इतनी ही रह गयी । एक बार भी उस मासूम की जगह या उस पिता या माता की जगह खुद को रख कर नहीं सोचा ।
और ये पुलिस के बड़े बड़े अधिकारी क्या सब के सब फर्जी डिग्री लेकर इतने बड़े अधिकारी बने है या हराम की कमाई खा खा कर इंटेलिजेंसी किसी आका के वहां गिरवी रख कर आये है । शर्म आनी चाहिए, एक मासूम के अपहरण की इन्वेस्टिगेशन इस तरह होती है। सारी मिडिया को जमा कर के काम होता है क्या ? जब रिश्वत के लाखों रूपये लेते हो तब भी मिडिया को बुलाया करो. जब सारे अवांछनीय काम टेबल के निचे और परदे के पीछे करते हो तब भी तो मिडिया को बुलाया करो तब भी पूरी की पूरी जानकारी दिया करो । ईमान तो जैसे मर गया है, और दिमाग किसी धन्ना सेठ या नेता के यहाँ गिरवी पड़ा है ।
एक मासूम का अपहरण हुआ उसकी पूरी की पूरी जानकारी अपनी कार्रवाई सहित पुलिस ने मिडिया के सामने खोल कर रख दी और मीडिया के बड़े बड़े ठेकेदार बने अखबार और टीवी चैनलों ने सनसनी खेज खबर बना कर दो दो पेज में छाप दी । हत्यारे सिर्फ वो नामर्द अपहरणकर्ता ही नहीं उनका पूरा साथ देने वाले ये पुलिस के अधिकारी और पूरी की पूरी मिडिया जिम्मेदार है । लेकिन शर्म अब भी नहीं आएगी इन्हे अब भी इसको सनसनी बना कर आठ दिन तक छापेंगे । अपहरणकर्ताओं को आगाह करने का काम इनका बदस्तूर जारी रहेगा ।
देश की सुरक्षा के नाम पर टेलीकॉम कम्पनियां फ्री नेट कालिंग जैसी सेवाएं बंद करवायेंगी ?
उदयपुर। बहुत सस्ती लंबी दूरी के फोन कॉल्स करने के लिये वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल जैसे स्काइप, वीबर, टैंगो आदि के बढते उपयोग के कारण टेलीकॉम कंपनियों को राजस्व की बहुत हानि हो रही थी और वो टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथोरिटी (ट्राई) द्वारा इन सेवाओं को ब्लॉक करवाने में असफल रही हैं। लेकिन अब लगता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे के नाम पर इन्हें रोकने के लिये सुरक्षा एजेंसियों के साथ लॉबी करने के बाद ये कंपनियां सफल हो रही हैं।
अपने यूजर्स के बीच मुफ्त कॉल तथा कौड़ियों के दाम पर लंबी दूरी की कॉल सुविधा उपलब्ध कराने वाली शीर्षस्थ कंपनी ’’स्काइप’’ ने १० नवंबर से स्काइप द्वारा भारत में मोबाइल तथा लैंडलाइन कॉल करने पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है।
गृह मंत्रालय ने इस आधार पर टेलीकॉम मंत्रालय को वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल कॉल्स को ब्लॉक करने के लिये लिखा था कि इनमें कॉल करने वाले के मोबाइल नंबर सहित अन्य विवरण उजागर नहीं होते हैं जिससे सुरक्षा को खतरा है।
सूत्रों ने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आई बी) ने दूरसंचार विभाग को गत माह ’’वी फोन’’ एप्लिकेशन ब्लॉक करने को लिखा था जो एन्ड्रॉइड प्ले स्टोर्स तथा एपल के स्टोर्स पर मुफ्त उपलब्ध है। ऐसा इस आधार पर लिखा गया कि यह यूजर को नकली पहचान की सुविधा देता है जिससे वास्तविक कॉलर की पहचान या उसकी लोकेशन जान पाना कठिन हो जाती है। जहां इस एप्लिकेशन का नि:शुल्क संस्करण कॉलर की आई डी प्रदॢशत करता है, जो *७७७ से शुरू होती है, वहीं इसका सशुल्क संस्करण किसी भी कॉलर आई डी को डिस्प्ले करने की सुविधा देता है।
आई बी ने दूरसंचार विभाग को लिखा कि स्काइप की भांति ’’वी फोन’’ के सर्वर भारत से बाहर स्थित हैं और इसके माध्यम से की जाने वाली कोई भी कॉल विदेश स्थित सर्वर के रास्ते होती है, जिससे कॉल कर रहे वास्तविक नंबर या यूजर को पहचानना तथा उसकी स्थिति की जानकारी कर पाना कठिन हो जाता है। ट्राई ने अगस्त में स्काइप, वाइबर, व्हॉट्स एप तथा आधा दर्जन अन्य एप्स द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त एस एम एस तथा कॉल सेवाओं को रोकने या नियंत्रित करने की टेलीफोन ऑपरेटरों की मांग अस्वीकार कर दी थी और उन्हें शुल्क लेने तथा आय को इन कंपनियों या सरकार के साथ बांटने को बाध्य करने से इंकार कर दिया था। ट्राई ने तर्क दिया था कि लोगों को विज्ञान के उस लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता जो उन्हें कम कीमत या मुफ्त संचार सेवा उपलब्ध कराता हो।
मोबाइल फोन सॢवस ऑपरेटर ट्राई के पास यह शिकायत लेकर गए थे कि उन्हें भारी नुकसान हो रहा है क्योंकि उन्होंने अपने नेटवर्कों में करोडों का निवेश किया है जबकि इंटरनेट पर मुफ्त मैसेजिंग या वॉइस कॉल्स उपलब्ध कराने वालों ने उनके व्यापार में कटौती की है क्योंकि अधिकतर उपभोक्ता ऑपरेटरों की सामान्य एस एम एस या वॉइस कॉल सुविधा के बजाय मुफ्त सेवाएं पसंद करते हैं। ऑपरेटरों ने ट्राई से प्रार्थना की थी कि इन मुफ्त सेवा देने वालों को वे सभी शुल्क सरकार को देने चाहिये जो वे सरकार को देते हैं क्योंकि ऐसा करना ही एप निर्माताओं को उन सेवाओं का शुल्क देने को बाध्य करेगा, जो अभी मुफ्त हैं, तथा उन्हें टेलीकॉम कंपनियों के बराबर ले आएगा।
खुशखबरी: अब रेलवे टिकट लेना होगा आसान
Udaipur. अक्सर ऎसा होता है कि जब आप काउंटर पर रेल टिकट लेने जाते है तो आपको लंबी लाइन का सामना करना पड़ता है और कई बार ऎसा होता है कि लंबी लाइन के कारण आपको कंफर्म टिकट नहीं मिल पाती है।
लेकिन अब रेलवे आपको इस समस्या से निजात देने की तैयारी में है। रेल के टिकट कटाना अब बेहद आसान हो जाएगा और आपके शहर के हर कोने में यह सुविधा मिलेगी।
लोगों को आसानी से टिकट मिल सके इसके लिए रेलवे अब रेट टिकट सुविधा केन्द्र खोलने जा रही हैं। अब तक यह काम रेल कर्मचारी या रेलवे के मान्यता प्राप्त एजेंट ही करते आ रहे थे।
रेलवे के इस फैसले के बाद रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि वह प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप के तहत कंप्यूटराइज्ड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) में सामान्य जन को भी टिकट काटने देगी।
इस सुविधा के अंतर्गत अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी रेलवे के टिकट काट सकेगा। इन्हें यात्री सुविधा केन्द्र कहा जाएगा और इस सुविधा के शुरू होने के बाद लोगों को रेलवे काउंटरों तक जाने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें लंबी लाइन से भी निजात मिलेगा।
रेलवे ने शुरूआती तौर पर ये केन्द्र उन्हीं एजेंटों को देने का विचार किया है, जिन्होंने पांच साल तक रेल टिकटें बेची हैं और उनके पास रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर अपना ऑफिस है जहां पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर है।
रेलवे के अनुसार इन रेलवे एजेंटों का स्टैंडर्ड रेलवे के मानदंडों के अनुरूप होगा। उन्हें रेलवे के काउंटर खुलने के कम के कम एक घंटे बाद यानी नौ बजे अपने कार्यालय खोलने का अधिकार होगा।
भले ही रेलवे के इस फैसले से लोगों के लिए टिकट लेना आसान हो जाएगा, लेकिन प्राइवेट पार्टियों को टिकट काटने के काम में शामिल करने का रेलवे यूनियन विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे धोखाधड़ी बढ़ेगी और रेलवे का नाम खराब होगा।
राशन की दुकानों पर दाल, मसाले भी बिकेंगे
Udaipur.देश में अब उचित मूल्य दुकानों पर किराणा दुकानों की तर्ज पर उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की वस्तुएं उपलब्ध हो पाएंगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में निजी जन सहभागिता मॉडल के तहत राशन दुकानों के संचालन की राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
इसके पीछे सरकार की मंशा राशन दुकानों को हाईटेक करने के साथ ही आम उपभोक्ताओं को दैनिक उपयोग की गुणवत्ता युक्त गैर पीडीएस तथा अन्य आवश्यक ब्राण्डेड वस्तुएं उचित एवं प्रतिस्पर्द्धात्मक दरों पर उपलब्ध कराना है। इसकी पालना सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं।
केवल चयनित उत्पाद
राज्य में अधिकृत उचित मूल्य दुकानदार केवल राज्य सरकार के चयनित उत्पादकों, थोक विक्रेताओं तथा मल्टी उत्पाद वितरकों से ब्राण्डेड, पैक्ड उपभोक्ता वस्तुएं क्रय कर उचित मूल्य दुकानों पर विक्रय कर सकेंगे। गौरतलब है कि जिले में 646 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।
सोलह वस्तुएं मिलेंगी
डीलर अनुसूची प्रथम व द्वितीय में उल्लेखित 16 प्रकार की वस्तुओं का विक्रय कर सकेंगे। इनमें चना, ज्वार, बाजरा, मक्का, चावल, खाद्य तेल, दालें मसालें, माचिस, चाय, ब्लेड्स, साबुन, सामान्य विद्युत सेवा लेम्प्स, अभ्यास पुस्तिकाओं के अलावा सूती वस्त्र शामिल हंै। बिक्री की राशन कार्ड में इंद्राज करने की अनिवार्यता भी नहीं होगी।
पहुंच होगी आसान
उचित मूल्य दुकानों पर निजी जन सहभागिता मॉडल के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली राशन सामग्री से उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे गुणवत्ता युक्त वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी।हजारीलाल आलोरिया, प्रवर्तन अधिकारी
बांसवाड़ा नगर परिषद के चुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस में सरगर्मी बढ़ी
बांसवाड़ा।नवम्बर में प्रस्तावित बांसवाड़ा नगर परिष्ाद चुनाव को लेकर हलचल बढ़ने लगी है। कांगे्रस व भाजपा नेे टिकट के दावेदारों की टोह लेना शुरू किया है।वहीं प्रशासान ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।नगर परिष्ाद चुनाव के लिए अगले सप्ताह कभी भी आचार संहिता लग सकती है।
कांगे्रस ने मांगे आवेदन
कांगे्रस की ओर से आवेदन मांगने का कार्य बुधवार से प्रारंभ हुआ। कांगे्रस जिलाध्यक्ष चांदमल जैन ने बताया कि पार्टी के बैनर तले पाष्ाüद का चुनाव लड़ने के इच्छुक आवेदक पार्टी कार्यालय से आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। जिन लोगों के आवेदन प्राप्त होंगे, पार्टी उन्हीं को उम्मीदवार बनाने पर विचार करेगी। इस निर्देश के चलते कांगे्रस के मौजूदा पाष्ाüदों को भी फिर से दावेदारी जताने के लिए आवेदन करना होगा।
भाजपा ने बुलाई बैठक
भाजपा नगर मंडल की बैठक पार्टी कार्यालय में नगर मंडल अध्यक्ष महावीर बोहरा की अध्यक्षता में हुई। इसमें परिष्ाद चुुनाव पर विचार विमर्श हुआ। बोहरा ने बताया कि पार्टी की ओर से प्रत्येक वार्ड में जीताऊ प्रत्याशी की तलाश के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहमति से कमेटियों का गठन किया जाएगा। कमेटी संभावित दावेदारों की सूची मंडल के समक्ष प्रस्तुत करेगा। पार्टी ऎसे दावेदार के वार्ड पर विशेष्ा नजर रखेगी जो सभापति पद का संभावित प्रत्याशी हो सकता है। महामंत्री सुखलाल कलाल ने बताया कि बैठक में रजनीकांत मालोत, गंगाराम तेली, मनोजसिंह चौहान, त्रिभुवन पाठक आदि मौजूद थे।
पेड न्यूज की निगरानी के लिए कमेटी: बांसवाड़ा. चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पेड न्यूज पर समग्र व प्रभावी निगरानी रखने के लिए जिला स्तर पर मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। इसमें कलक्टर अध्यक्ष, एडीएम सदस्य व जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
वसीम जाफर ने ख्वाजा की दरगाह पर हाजरी देकर छात्रों को दिए क्रिकेट के गुर

अजमेर। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी वसीम जाफर ने ख्वाजा मॉडल स्कूल के अंडर 14,16 और 19 के खिलाड़ीयो को भविष्य की शुभकामनाए देते हुए क्रिकेट के गुर सीखलाए। एक दिवसीय दौरे पर अजमेर आए वसीम जाफर ने सबसे पहले महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिष्ती के दरगाह पर हाजरी दी। इसके बाद वसीम जाफर ख्वाजा मॉडल स्कूल में आयोजित स्वागत समारोह में पहंुचें। यहां वसीम जाफर ने लगभग एक घंटा ख्वाजा मॉडल स्कूल के बच्चों के साथ बिताया। जाफर ने न सिर्फ खिलाड़ीयों को नेट पर जाकर क्रिकेट की बारिकीयों से अवगत कराया वहीं मंच से खिलाड़ीयो की क्लास भी ली। जाफर ने खिलाड़ीयों नियमित और बड़ी क्रिकेट खेलने की सलाह दी। मंच पर खिलाड़ीयो ने जाफर से सवाल भी किए। जाफर को अपने बीच पाकर खिलाड़ीयों का उत्साह देखने से बनता था। कक्षा 10 के छात्र महावीर ने जाफर को अपने बीच पाकर एक दिन इसी मुकाम पर पहंुचन की ख्वाहीष जाहिर की। स्वागत समारोह में दरगाह कमेटी नाजिम श्री अषफाक हुसैन जाफर का स्वागत किया और अजमेर आगमन पर धन्यवाद दिया। जाफर ने भी नाजिम दरगाह कमेटी का स्वागत स्वीकार करते हुए भविष्य में दोबारा ख्वाजा मॉडल स्कूल आने का वादा किया। समारोह में अतिथि के तौर पर संदीप भार्गव, राजेष भड़ाना, सुनीत पुट्टी वगैराह शामिल थे।
आधे घंटे तड़पता रहा खंभे से चिपका लाइनमैन
Udaipur.झाड़ोल। उपखंड क्षेत्र के कीरट गांव में सोमवार को फॉल्ट दुरूस्त करने बिजली के खम्भे पर चढ़ा विद्युत वितरण निगम का लाइनमैन करंट की भेंट चढ़ गया। करंट के झटके के बाद वह आधे घंटे तक खम्भे से चिपका तड़पता रहा लेकिन अधिकारियों ने उसके साथी का फोन रिसीव नहीं किया। आखिरकार लाइनमैन धड़ाम से गिरा और उसके प्राण पखेरू उड़ गए। इधर, हादसे की सूचना पाकर उदयपुर से मौके के लिए रवाना हुआ एक एईएन रास्ते में कार पलटने से गंभीर घायल हो गया। अचेत हालत में उसे उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले के मुताबिक ढीकलिया विद्युत लाइन में खराबी की शिकायत पर सुबह लगभग 11 बजे विद्युत निगम का लाइनमैन सालूखेड़ा निवासी 30 वर्षीय काउवा लाल पुत्र वेला राम बोदरिया अन्य लाइनमैन खेमराज गायरी के साथ कीरट पहुंचा था। लूणियारा जीएसएस से दमाणा वाली लाइन का शट डाउन लेकर मौके पर पहंुचा काउवा वहां थावरा के खेत में खंभे पर चढ़का फॉल्ट ठीक कर रहा था। इस दौरान तार छूते ही उसे करंट का झटका लगा और वह खंभे से चिपक गया।
आधे घंटे तड़पने के बाद वह धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। इस दौरान साथी लाइनमैन खेमराज ने विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर सम्पर्क करने का प्रयास किया लेकिन देर तक किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। बाद में सम्पर्क होने पर खेमराज ने माजरा बताया। इस बीच मृतक के परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए।
देना पड़ा नौकरी का आश्वासन
आक्रोशित लोगों ने अधिकारियों को बुलाने की मांग करते हुए पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। पुलिस परिजन को समझाती रही लेकिन 3 घंटे तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। तीन घंटे बाद विभागीय अधिकारियों ने मृतक की पत्नी को नौकरी देने सहित अन्य लाभ दिलाने का आश्वासन दिया तब जाकर परिजन ने शव उठाने दिया। ब्राह्मणों का खेरवाड़ा के मोहन लाल धांगी की मध्यस्थता से हुई वार्ता के बाद झाड़ोल सीएचसी में पोस्टमार्टम कराकर शव शाम को परिजन के सुपूर्द कर दिया गया। विभागीय सूत्रों का कहना था कि गलत लाइन पर शट डाउन लेने और विद्युत प्रवाह वाली लाइन पर चढ़ जाने के कारण हादसा हुआ।
ढाई वर्ष पहले लगा था
बताया गया कि काउवा का पिता वेलाराम भी विद्युत निगम में लाइनमैन था। बीमारी से उसकी मौत के बाद काउवा ढाई साल पहले ही निगम में नौकरी पर लगा था। दो पुत्र व दो पुत्रियों का पिता काउवा 6 माह पहले ही स्थायी हुआ था।
पहले ही शिविर में 2 एचआईवी पीडित
उदयपुर। कानोड़ सामुदायकि स्वास्थ्य केन्द्र में मंगलवार को आयोजित सघन चिकित्सा जांच शिविर में दो एचआईवी और 40 यौन रोग पीडित मिले हैं। शिविर में 465 रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। एचआईवी पीडित महिला और एक पुरूष्ा को एमबी हॉस्पिटल स्थित एआरटी सेन्टर रेफर किया गया है। बुधवार को मावली के खेमली और सालेराकला गांवों में नि:शुल्क जांच शिविर लगेगा। राज्य नोडल अधिकारी डॉ. मनु मोदी ने बताया कि शिविर में जांच कराने वाले 465 रोगियों में से 40 यौन रोगों से भी पीडित मिले हैं। 12 रोगी टीबी व शेष अन्य बीमारियों से ग्रस्त पाए गए। शिविर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला एड्स नियंत्रण इकाई द्वारा हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से लगाया जा रहा है।
शिविर के नोडल अधिकारी से सघन चिकित्सा शिविर से गायब होने वाले चिकित्सक और दूसरे कर्मचारियों की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आर.एन बैरवा, सीएमएचओ
खिसक गए चिकित्सक
शिविर में सुबह से शाम पांच बजे तक उदयपुर से गए डॉ. तनुज दबे ही मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण में लगे रहे। सीएमएचओ के निर्देश के बावजूद कानोड़ अस्पताल के तीनों चिकित्सक आउटडोर के बाद ही खिसक गए।
बदलेगी गुलाब बाग की सूरत
उदयपुर। गुलाबबाग की जल्द ही सूरत और सीरत बदलने की तैयारी है। यहां पेड़ों की कटाई-छंगाई करवाकर लाइटें लगवाई जाएंगी। रात में सुरक्षा के मसले को जल्द हल करने व अंदर की सड़कों को सुधारकर फव्वारे भी ठीक कराए जाएंगे। पेड़ों की गणना करवा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस ऎतिहासिक उद्यान के विकास की समग्र योजना तैयार करने के लिए जिला कलक्टर आशुतोष एटी पेडणेकर ने मंगलवार शाम संबंधित विभागों की बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
खाली होगी 10 एकड़ भूमि
गुलाबबाग से जंतुआलय को बाहर स्थानांतरित करने पर अंदर 10 एकड़ भूमि खाली हो सकेगी। इस पर हरियाली के लिहाज से खास योजना बनाने के लिए
उद्यान अधीक्षक, नगर निगम, वन विभाग व उद्यान के अंदर संचालित आठ विभागों के अधिकारियों को योजना तैयार करने के निर्देश
दिए गए।
फुलवारी पर मुख्य जोर
गुलाबबाग देखने आने वाले लोगों के लिए आकर्षक फुलवारी की खासी जरूरत जताई गई। इसके उद्यान अधीक्षक को फुलवारी विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाने को कहा गया है।


