हिस्ट्रीशीटर दानिश गिरफ्तार

तीन दिन पहले घर से उठाया था धानमण्ड़ी पुलिस ने, पुलिस हिरासत में होने के बावजूद भी टीडी में मारपीट का मामला दर्ज
उदयपुर। शहर में इन दिनों तेजी से माफिया राज हो जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पुलिस भी आदतन अपराधियों को पकडऩे के लिए उसके परिजनों पर दबाव बना रही है। यही नहीं बल्कि पुलिस अपराधियों के परिजनों से ही अवैध हथियार मंगवा कर आम्र्स एक्ट का मामला दर्ज करने के लिए विवश कर रही है। तीन दिन पूर्व धानमण्ड़ी थाना पुलिस ने आदतन अपराधी दानिश के घर दबिश देकर उसे डिटेन किया और अब टीडी पुलिस ने मारपीट के मामले में उसे गिरफ्तार बताया है। दानिश की मां ने बताया कि दानिश को धानमण्डी थाने का हेड कांस्टेबल फारूख तीन दिन पहले ले गया और कहा कि पूछताछ कर छोड़ देंगे, लेकिन उसे नहीं छोड़ा गया। तीन दिन से पुलिस हिरासत में होने के बाद भी पुलिस ने दानिश को टीडी थाने में एक शराब की दुकान पर मारपीट करने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार बताया। जो आरोपी तीन दिन से पुलिस की हिरासत में है वह शहर के लगभग २० किलोमीटर दूर किसी शराब की दुकान पर कैसे मारपीट कर सकता है।
॥सोमवार शाम को थाना क्षेत्र में स्थित एक शराब की दुकान के पास मारपीट करने के मामले में दानिश को गिरफ्तार किया है।
जितेन्द्र सिंह – टीड़ी थानाधिकारी
॥कोर्ट ने दानिश के पिता व भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निकाला था। जिस के लिए पुलिस ने उसके घर दबिश दी। पुलिस से बचने के लिए उसकी मां गलत आरोप लगा रही है।
राजेंद्र सिंह – धानमंडी थानाधिकारी
॥तीन दिन पहले धानमंडी से हेड कांस्टेबल फारूख आकर मेरे बेटे दानिश को ले गए, जबरन मुझसे पिस्टल लाने की मंाग करते हुए धमकी देना शुरू कर दिया।
खूशनूर – दानिश की मां

हमारी पुलिस कोने में, बूथ वीरान

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शहर में ट्रेफिक बूथों की अनदेखी, सिग्नल लाइट के भरोसे यातायात, बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था बनती है हादसे का सबसे बड़ा कारण
उदयुपर। शहर में ट्रेफिक चल रहा है, चलाया नहीं जा रहा है। चौराहों पर यातायात व्यवस्था संचालन के लिए लगे ट्रेफिक बूथ वीरान पड़े रहते है। वहीं व्यवस्था संभालने वाले ट्रेफिक पुलिसकर्मी इन बूथों के बजाय कोने में खड़े रहते है। चौराहें पर ज्यादातर पुलिस कर्मी फोन पर किसी से बतियाते दिखाई देते हैं। ऐसी हालत में ट्रैफिक व्यवस्था केवल सिग्नल लाइट के भरोसे पर ही टिकी होती है।
नगर के चोक-चौराहों पर दिनभर यातायात नियमों के टूटने का सिलसिला चलता रहता है। यातायात को नियंत्रित करने और हादसों को टालने के लिए शहर में चौराहे पर ट्रैफिक बूथ खड़े किए गए है। विभाग खुट इन गुमटियों की वर्षों से अनदेखी कर रहा है। यातायात पुलिस कर्मियों को तो जैसे याद ही नहीं कि बूथ उन्हीं के लिए खड़े किए गए है। चौराहे पर पुलिस कर्मी ड्यूटी तो देते है, लेकिन पूरी तरह से नहीं। बूथों में खड़े रहने के बजाय सड़क किनारे दुकान या किसी अन्य स्थान पर खड़े रहते है। इस दौरान यातायात व्यवस्था वाहन चालकों के ही हवाले होती है। किसी को जल्दी हो और लगे कि निकल जाना चाहिए, तो वह ग्रीन लाइट का इंतजार नहीं करता। बल्की रेड लाइट में भी एक्सीलेटर घुमाकर सरपट निकल जाता है। पीछे वालों को लगे कि आगे वाला निकल गया और उन्हें भी निकल जाना चाहिए, तो पूरी की पूरी लाइन चल पड़ती है। फिर एक साइड से नियम टूटता देख दूसरी साइड वाले भी यातायात नियम तोड़कर निकल जाते है। नियम टूटते देख कुछ देर के लिए यातायात पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभाने बीच में आकर खड़े हो जाते है।
बूथों का हाल बेहाल
ट्रेफिक पुलिस के जवानों के लिए हजारों रूपए खर्च कर लगाई गई गुमटियां वीरान पड़ी रहती है। इनका बुरा हाल देखकर लगता है कि यह मोटा खर्च बेकार में ही गया। कोई बूथ जर्जर है, तो किसी का हालत खस्ता है। वहीं कुछ चौराहोंं पर तो बूथ गायब ही हो गए हैं। ऐसे में यातायात पुलिस इनमें अब खड़ा भी होना चाहे, तो पहले इन्हें दुरुस्त करना होगा।
खास चौराहे खाली
शहर के सूरजपोल, दुर्गानर्सरी रोड की गुमटियां तो हमेशा ही खाली पड़ी रहती है। व्यवस्था बिगडऩे पर पर पुलिसकर्मी ड्यूटी संभालने पहुंचते है, लेकिन तब भी बूथ में खड़े नहीं होते।
व्यवास्था बनाकर वे वहां से निकल जाते है। शहर के कई मुख्य चौराहों पर तो पुलिस के जवानों के खड़े रहने के लिए भी बूथ की व्यवस्था नहीं है।
युवाओं की दादागीरी
शहर के युवा और अन्य वाहन चालक अच्छी तरह से जानते है कि ट्रेफिक बूथों में वीरानी रहती है। ट्रैफिक पुलिस के जवान कोने में खड़े रहते है।
चौराहों पर पंहुचते ही वाहन चालक सीधा कोने की तरफ देखता है और यातायात पुलिस को मोबाइल व अन्य किसी से बतियाते देख नियम तोड़कर निकल जाता है। वाहन चालक रेड सिग्नल होने के बादजुद फर्राटे भरता है। तीन सवारी भी बिना रोक-टोक बाइक पर निकल जाते है। ऐसे दृश्य शहर में आम हो चले है।
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टवेरा व ट्रक की टक्कर, दो की मौत एक घायल

उदयपुर। सलूंबर थाना क्षेत्र के बैजनाथ की घाटी में गत रात्रि लगभग साढ़े १२ बजे एक ट्रक ने सामने से आ रही एक टवेरा को टक्कर मार दी। हादसे में टवेरा में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई तथा एक घायल को सलूंबर अस्पताल में भर्ती कराया गया। आज सुबह मृतकों के परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम कराया गया।
पुलिस ने अनुसार बांसवाड़ा की खांदू कॉलोनी निवासी प्रीतम यादव पुत्र मंागीलाल यादव, जितेंद्र यादव व उसका साथी जगदीश यादव पुत्र शंकर यादव तीनों एक टवेरा में सवार होकर उदयपुर किसी काम से गए थे। जो कि काम खत्म कर पुन: गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सलूंबर के बैजनाथ की घाटी में रात साढ़े 1२ बजे सामने से आ रही एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में जितेंद्र व प्रीतम की मौके पर ही मौत हो गई, तथा जगदीश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सलूंबर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों के शव को सलूंबर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा कर परिजनों को सूचना दी। आज सवेरे परिजनों के आने पर दोनों के शव का पोस्टमार्टम करवा कर उन्हे सौंप दिया। पुलिस ने परिजनों के रिपोर्ट पर ट्रक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

अधेड़ की हत्या में एक गिरफ्तार

उदयपुर। माण्डवा थाना क्षेत्र के जोगीवाड़ा गांव में आपसी विवाद के चलते एक अधेड़ की हत्या के मामले में पुलिस ने गत रात्रि को हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को इस मामले में चार आरोपियों के तलाश जारी है।
गौरतलब है कि माण्डवा थाना क्षेत्र के जोगीवाड़ा गांव निवासी परथा पुत्र देवा गरासिया का गांव के ही रतना पुत्र हरा गमेती के साथ आपसी विवाद चल रहा था। उसी के चलते परथा ने एक माह पूर्व गांव में पंचायती का आयोजन किया। जोगीवाड़ा गांव के पंचों ने रतना गरासिया की गलती मानते हुए परथा को मुआवजा देने के लिए कहा। जिस पर आरोपी रतना ने मुआवजा देने के लिए एक माह का समय लिया। दो दिन पूर्व समय पूरा हो जाने पर परथा आरोपी रतना के घर गया। जहां रतना पुत्र हरा गमेती, उसका पुत्र साहिबा व साखिया, अम्बालाल पुत्र लाला गरासिया, हमीरा पुत्र नाथूलाल गरासिया ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान रतना ने परथा के सिर पर ल_ से वारकर परथा को गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना पर पंहुचे परथा के परिजनों ने उसे तत्काल ही अस्पताल ले जाया गया, जहंा डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को रतना को गत रात्री को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी रतना के दो पुत्र सहित चार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस कई जगह दबिश दे रही है।

द ललित लक्ष्मी विलास होटल के “आंगन” और “पद्मिनी” में नए ज़ायकों का मैन्यू लांच

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उदयपुर । शहर की सबसे पुरानी हेरिटेज मानीजाने वाली पांच सितारा होटल दी ललित लक्ष्मी विलास ने अपने दो रेस्टोरेंट “पद्मिनी” और “आँगन” के लिए ख़ास और स्पेशल मैन्यू लांच किया।
दी ललित लक्ष्मी विलास के एक्सिक्यूटिव शेफ स्वप्निल सेखेदर ने बताया कि ललित लक्ष्मी विलास के “पद्मिनी” और आउट डोर रेस्टोरेंट “आँगन” में ट्यूरिस्ट और रेग्युलर कस्टमरों की बेहद मांग पर एक नया और स्पेशल मैन्यू लांच किया है। जिसमे विदेशी पर्यटकों को उनकी पसंद का और देसी मेहमानों को हिन्दुस्तानी खाने का लज़ीज़ स्वाद मिलेगा । नए मैन्यू में होटल में आने वाले विदेशी मेहमानों का जहां ख़ास ध्यान रखा गया है। तो शहर के नियमित मेहमानों और देशी मेहमानों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है । जहाँ पद्मिनी रेस्टोरेंट में इंडियन और कॉन्टिनेंटल स्वाद मिलेगा वही शाम को ठंडी फ़िज़ां में आबाद होने वाले “आँगन” रेस्टोरेंट में ठेठ भारत के हर कोने कोने के ज़ायके चखने को मिलेगे ।
गौर तलब है कि शहर वासियों के लिए दी ललित लक्ष्मी विलास समय समय पर फ़ूड फेस्टिवल आयोजित कर भारत के कोने कोने के जायकों से रूबरू करवाता है। और फ़ूड फेस्टिवल के लिए ग्रुप के बेस्ट शेफ आकर खानों के ज़ायके बढ़ाते है । ललित लक्ष्मी विलास के मेनेजर ने बताया कि आगामी अगस्त सितम्बर तक फिर से फ़ूड फेस्टिवल शुरू करेगें । अभी नए मैन्यू के साथ शाम को हैप्पी आवर्स भी शुरू किये गए है । जिसमे आने वाले मेहमानों को विशेष छूट दी जायेगी।

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बाल संप्रेषण गृह में यौन उत्पीड़न

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उदयपुर। चित्रकूट नगर में महिला थाने के पीछे स्थित बाल संप्रेषण गृह में एक बाल अपचारी के साथ यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी थाने के गोमाना का रहने वाला पीडित संप्रष्ाण गृह में केवल तीन दिन ही रहा था।

इस कारण से पीडित छात्र उक्त आरोपी को जानता नहीं है लेकिन संभवतया वहां काम करने वाला कोई कर्मचारी है। पीडित के पिता की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि उक्त आरोपी ने बालक को नंगा कर दिया। इसके बाद उससे मारपीट की। बालक इस दौरान रोता रहा लेकिन कर्मचारी ने उसे घरवालों को फोन कर पैसे मंगाने को कहा। इसके बाद आरोपी से शराब लाने को भी कहा। पीडित बाल अपचारी इस संप्रेषण गृह में 21 मार्च को भर्ती हुआ था और उसकी 24 मार्च को जमानत हो गई। इस तीन दिन की अवधि में ही उससे साथ यह घटना हुई। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो पीडित के पिता ने न्यायालय को पत्र लिखा। इस पर न्यायालय से सुखेर थाना को मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं लेकिन अब तक गिरफ्तारी या अन्य कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

कोटड़ा में मासूम जिन्दा जली

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Udaipur. कोटड़ा। उपला थला गांव में शनिवार सुबह एक फूस छप्परपोश मकान में आग लगने से पांच साल की बच्ची जिन्दा जल गई। घटना के वक्त बच्ची का पिता अजा व माता खेत में काम कर रहे थे। घर को आग की लिपटों में घिरा देखकर वे भाग कर आए और आग बुझाई लेकिन तब तक बच्ची चन्द्रिका की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार सुबह 10 बजे अजा व उसकी पत्नी घर के कामकाज निपटा कर खेत पर चले गए थे। चन्द्रिका पड़ोस के बच्चों के साथ घर में खेल रही थी।

इसी दौरान घर के चूल्हे में रखी आग से चिंगारी घास फूस के छप्पर तक पहुंच गई। पलक झपकते ही आग ने विकराल रूप ले लिया।

सिर्फ राख मिली : दूसरे बच्चे तो आग देख कर भाग गए। बच्ची अन्दर ही फंसी रह गई। मकान से आग की लपटें उठते देख उसके माता-पिता व अन्य ग्रामीण भाग कर आए। आग बुझाई लेकिन तब तक मासूम चन्द्रिका सहित घर में रखा अनाज-कपड़े जलकर राख हो चुके थे।

पत्नी के दुष्कर्म की बनाई क्लीपिंग, दहेज के लिए किया ब्लैकमेल

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Udaipur.पत्नी से अप्राकृतिक दुष्कर्म की क्लीपिंग बनाने और दहेज की मांग कर घर से निकाल देने के आरोप में महिला थाना पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज कराया। इसी क्रम में देवर पर दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में अलग मामला दर्ज किया गया। विवाहिता ने रिपोर्ट में कहा कि उसकी शादी 2007 में महेश के साथ हुई थी। पति व सास ने तंग किया और उसकी अश्लील क्लीपिंग बना कर धमकाना शुरू कर दिया। इसी प्रकार एक अन्य विवाहिता ने पति भारत उर्फ युवराज पर दहेज के लिए तंग करने व देवर पर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया।

चाचा ससुर पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप

पांचू. दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाकर बंधाला गांव की एक विवाहिता ने चाचा ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार परिवादी महिला ने इस्तगासे से दर्ज रिपोर्ट में कहा कि उसका पति मजदूरी करने के लिए बाहर रहता है। इस दौरान उसका चाचा ससुर देवीलाल उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा तथा शारीरक सम्बन्ध बनाने की नीयत रखने लगा।

गत वर्ष 10 नवम्बर को वह घर पर अकेली थी। इस दौरान आरोपी घर में घुसकर जबरदस्ती करने लगा। शोर मचाने पर पड़ौसी चुकी देवी व गोमती देवी छुड़ाने आई। इस दौरान आरोपी के परिवार के ही रणजीत, बनवारी, सुमेर, दिनेश आए तथा गोमती व चुकी के साथ मारपीट करने लगे।

खाजूवाला. चक 17 केवाईडी स्थित एक ढाणी में घुसकर विवाहिता के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में शनिवार को मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी मजीदखां ने बातया कि खाजूवाला वार्ड सात निवासी विवाहिता ने रिपोर्ट में बताया कि चक 17 केवाईडी स्थित ढाणी में जमीन हिस्से लेकर खेती का काम करते है।

शुक्रवार रात सुरेन्द्र सिंवर व शिशपाल जाट उसके घर आए। दोनों आरोपियों ने उसे पकड़कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर उसके पति के आने पर दो आरोपी भाग गए इस सम्बन्ध बहिन व बहनोई को बताया तो इनके द्वारा आरोपियों की शिकायत करने पर धनराज, सुरेन्द्र, शिशपाल, कैलाश, राजू रसोईया तथा तीन-चार अन्य लोगों ने उसके बहिन-बहनोई व पति के साथ मारपीट की। इन्होंने बहिन की सोने की बाली तोड़ ली तथा बहनोई के जेब से 1500 रूपए निकाल लिए।

ममता की क्षमता, मैया की दुआ गैया का प्यार पाए, एक तेंदुआ

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नाथद्वारा की श्री गौशाला में गाय के साथ बैठे पैंथर को देखकर आपको यहीं विचार आ रहा होगा कि शायद फोटोशॉप का कमाल है या मिक्सिंग की गई है। लेकिन यह ओरिजनल फोटो है। यह दुर्लभ फोटो खींचा है अरविंद राज गहलोत ने। इसे देखकर यही विचार मन में आता है कि एक-दूसरे से विपरीत प्रवृत्ति के जानवर मिलजुल कर कैसे बैठे है ? इस संबंध में वन अधिकारी सतीश शर्मा ने बताया कि शिकारी जानवरों की सहज प्रवृत्ति होती है कि वे पेट खाली होने पर ही हिंसक होते है, यदि पैंथर का पेट भरा हो तो वह अनावश्यक हमला नहीं करते। साथ ही शिकारी जानवर की ताकत को भी शिकार होने वाले जानवर भांप लेते है। यदि शिकारी के मुकाबले शिकार ज्यादा बलवान हो तो वह ज्यादा विचलित नहीं होता है। इस चित्र में अनुसार गाय पैंथर से ज्यादा ताकतवर मालूम हो रही है और आसानी से उसका मुकाबला भी कर सकती है, शायद यहीं कारण है कि पैंथर के बिल्कुल सटकर बैठने के बावजूद वह जरा भी भयभीत नहीं दिख रही है।
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संत तरेसा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

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उदयपुर। संत तरेसा गल्र्स स्कूल से डेढ़ सौ छात्रों को निकाले जाने और उनको टीसी थमाने के सन्दर्भ में आज पीडि़त अभिभावकों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्कूल प्रबंधन को छात्रों को स्कूल से नहीं निकालने के लिए पाबंद करने की मांग की है।
संत तरेसा गल्र्स स्कूल में करीब 150 छात्रों के भविष्य को अधर-झूल में लटका कर उन्हें हिंदी मीडियम का हवाला देते हुए टीसी थमा दी गई है। इस मामले में आज अभिभावकों ने जिला कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला कलेक्टर यासीन पठान को ज्ञापन दिया। अभिभावकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन अपनी बात पर अड़ा हुआ है और हिंदी मीडियम समाप्त करने के तर्क को लेकर दसवीं की 100 से अधिक और आठवीं की 40 छात्राओं का भविष्य बिगाडऩे पर तुला हुआ है। मोहम्मद यासीन पठान ने कहा कि वे आज ही डीओ को वहां भेजकर जांच करवाएंगे।