स्वाइन फ्लू का कहर बरकरार, पांच साल की बच्ची समेत तीन और पॉजिटिव, एमबी में भर्ती दो महिलाओं की हालत नाजुक

शहर की गुरु रामदास कॉलोनी निवासी पांच वर्षीय बच्ची, शक्ति नगर निवासी 61 वर्षीय पुरुष और डूंगरपुर की शास्त्री कॉलोनी निवासी 57 वर्षीय पुरुष में शनिवार को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच स्वाइन फ्लू के बढ़ते केसों से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।

पिछले पांच दिनों में 13 केस सामने आ चुके हैं, जबकि छोटीसादड़ी के बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में फिलहाल पांच पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। इनमें 27 वर्षीय महिला की हालत नाजुक है। वह दो दिन से वेंटिलेटर पर है, जबकि 69 वर्षीय महिला ऑक्सीजन पर है। डूंगरपुर निवासी 45 वर्षीय पुरुष और 64 वर्षीय महिला का भी इलाज चल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर स्क्रीनिंग की। फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में टेमीफ्लू खिलाई। बता दें कि स्वाइन फ्लू के कारण दाे दिन पहले प्रतापगढ़ में छोटीसादड़ी के सुबी निवासी गरवर सिंह (69) की मौत हो गई थी।

वार्ड में सभी इंतजाम किए हैं

बैंकों में 8 और 9 को रहेगी हड़ताल

उदयपुर | बैंकों का विलय नहीं करने सहित अन्य मांगों को लेकर बैंकों में 8 और 9 जनवरी को फिर हड़ताल होगी। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन सहित बैंक एम्पलॉयज फैडरेशन ऑफ इंडिया और केंद्रीय श्रम संगठनों ने औद्योगिक हड़ताल का आह्वान किया है। इसके तहत दो दिन देश के निजी, सरकारी और ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप रहेगा।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव, बर्फ जैसी ठंडी हवाओं से छूटी धूजणी।

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उदयपुर। मौसम ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है और राजस्थान ठंडी हवाओं की चपेट में आया है। आसमान में बादलों का डेरा है और फ़िज़ां को ठंडी हवाओं ने घेरा है। इन्ही ठंडी हवाओं के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
जम्मू—कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश पर भी पड़ा है और प्रदेश में ठंडी हवाएं चल रही है। राजधानी जयपुर में बीती रात 26 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चली और सुबह से ही 5 किलोमीटर की रफ़्तार से हवाएं चलने का दौर जारी है। जिससे जयपुर के वाशिदों को हाडकंपाती सर्दी का अहसास हुआ।
यही हाल राजस्थान के अन्य शहरों उदयपुर जोधपुर सहित कई शहरों में ठंडी हवाओं का प्रकोप आज सुबह से ही बना हुआ है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ आज शाम तक प्रदेश से निकल जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू और कश्मीर और हिमाचाल में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बर्फबारी हो रही है और और विक्षोभ पूर्वी राजस्थान से गुजर रहा है। जिससे पूरे प्रदेश में ठंडी उत्तरी हवाएं चल रही हैं।
झीलों की नगरी उदयपुर में आज की सुबह पूरी तरह से सर्दी में लिपटी नजर आई। सुबह सडकों पर कोहरा दिखा और लोग ठंडी हवाओं से सिकुडते नजर आए। हालांकि धुप ने थोड़ी राहत दी लेकिन हवाओं ने गलन का अहसास भी कराया।
यही नहीं अगर राजस्थान के अन्य हिस्सों की बात करें तो राजस्थान की राजधानी में भी सर्द ठंडी हवाओं का खासा असर रहा वहीँ उतरी भारत में लगातार हो रहे पश्चीमि विक्षोभ के चलते सरहदी जिले व धरो की धरा पोकरण में सर्दी के तेवर तेज हो गए है। अलसुबह से आसमान में हल्का कोहरा व सर्द हवाओं के चलते धूजणी छुड़ा दी है जिससे लोगो की दिन चर्या में बदलाव के साथ ही आम जन को घरों में दुबकने को मजबूर होना पड़ रहा है। रविवार को तेज सर्द हवाओं का दौर जारी रहा। तापमान में लगातार दो दिनों से आई गिरावट ने आम जन का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया।
जोधपुर जिले में भी सर्दी का प्रकोप रहा। लोहावट कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्र में एक बार सर्दी के तेवर फिर से तीखे हो गए है। सर्दी से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लोहावट कस्बे में शनिवार रात से ही तेज सर्द हवाएं का दोर शुरू हुआ। जो कि रविवार सुबह भी जारी रहा। सुबह से ही क्षेत्र में हल्का कोहरा भी छाया नजर आया। सर्दी से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आ रहे है।
सीकर के पलसाना क्षेत्र में रविवार सुबह बादलवाही और ठंड के चलते जनजीवन खासा प्रभावित रहा। ठंड ठंड के चलते लोग देर तक घरों में दुबके रहे और बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा हुआ है। देर रात शुरू हुई ठंडी हवाओं ने जनजीवन को खासा प्रभावित कर दिया है वही आसमान में बादल छाए रहने से ठिठुरन भी बढ़ गई और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। साथ ही ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचने की जुगत करते नजर आ रहे हैं।

पतंगबाज अब्दुल क़ादिर गुजरात में होने वाले 30th अन्तराष्ट्रीय काईट फेस्टिवल में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगें।

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उदयपुर। अहमदाबाद गुजरात में ६ जनवरी से १४ जनवरी तक होने वाला ३० wवान अन्तराष्ट्रीय काईट फेस्टिवल में राजस्थान का प्रतिनिधित्व उदयपुर के अन्तराष्ट्रीय पतंगबाज अब्दुल कादिर करेगें। फेस्टिवल में कादिर अपने द्वारा निर्मित विभिन्न पतंगों को उडायेगें।
अहमदाबाद में 6 जनवरी से १४ जनवरी तक साबरमती रीवर फ्रंट पर 30 वें अन्तराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस पतंग माहोत्सव में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले झीलों की नगरी के अब्दुल कादिर अपनी कला का प्रदर्शन कर स्वयं द्वारा निर्मित पंतगे उड़ायेगे। जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक बिखेरते हुए मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप के चित्र वाली पंतग आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी।
इसके अतिरिक्त अब्दुल कादिर द्वारा तैयार विशेष जीवों पर आधारित पंतगें जिनमें बतख, केकड़ा, आक्टोपस, टाईगर, कोबरा व जहाज आकृति की पतंगो के साथ स्वच्छ भारत अभियान, सबका साथ सबका विकास, हिन्दु-मुस्लिम एकता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लिखित पंतगे भी उड़ाएगें, साथ ही बच्चो के आकर्षण के लिए एक डोर से स्ट्रार ट्रेन वाली 200 पंतगो का भी प्रदर्शन करेंगे।
काईट फेस्टिवल में लेकसिटी काईट क्लब के अन्य सदस्य मकबुल, जुनेद, शाहबाज भी पंतगबाजी में अब्दुल कादिर का सहयोग करेंगे।
अब्दुल कादिर अन्तराष्ट्रीय पतंगबाज है यह विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता के लिए कर्णाटक में भी प्रदर्शन करने गए थे वहां के प्रशासन ने इन्हें मतदाताओं को जागरूक करने के लिए आमंत्रित किया था।

सत्ता आते ही कांग्रेसी विधायकों के चड़े तेवर -MLA दिव्या मदेरणा ने सबके सामने पुलिस अधिकारी को दी चेतावनी .

उदयपुर.जैसे ही अब कांग्रेस सत्ता में आई है तो अब कांग्रेसी विधायकों के तेवर बढ़ गए है . ओसियां की विधायक दिव्या मदेरणा का एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमे वह एक पुलिस अधिकारी को एक तरह से सबके सामने धमका रही है . वायरल वीडियो में विधायक दिव्या ने मथानिया थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित को आड़े हाथों लिया। इस वीडियो को उनके समर्थक ने फेसबुक पर शेयर कर रहे है। कुछ लोग के दिव्या की तारीफ कर रहे तो कुछ नसीहत भी दे रहे है।
दरअसल, चुनाव जीतने के बाद पहली बार विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर स्वागत के दौरान विधायक दिव्या मदेरणा के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए तेवर दिखाने का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
लोगों ने किए ऐसे कमेंट्स
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने दिव्या की तारीफ की तो कुछ ने नसीयत दी। कई लोगों ने विधायक दिव्या को दबंग की छवि और किसानों हितैषी बताया तो कुछ ने पुलिस अधिकारी को सबके सामने चेतावनी देना गलत बताया।
एक यूजर ने कहा, सही फरमाया आप गलत के खिलाफ हो पर सबूत मिले बगैर उच्च अधिकारी के साथ इस तरह बात करना सही नहीं है। आपकी सबकी अपने अपने लेवल की इज्जत होती है।
दूसरे यूजर ने लिखा, माननीय विधायक दिव्या मदेरणा के दबंग छवि और किसान हितैषी होने पर हमें गर्व है।

देखिये विडियो 

 

शासन की गन है मेरे पास
उम्मेद नगर में ही स्वागत के दौरान विधायक दिव्या ने मथानिया थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित को आड़े हाथों लिया और कहा, ओसियां की जनता का जाब्ता चलता है मेरे साथ। पुलिस जाब्ते की मोहताज नहीं हूं मैं। सभी ने गनमैन ले लिए जनता ने जीताकर भेजा है। गनें हैं मेरे पास। शासन की गन है मेरे पास। आपकी गन थोड़े ही है। इसके बाद दिव्या ने थानाधिकारी से कहा, ‘आपके दो-तीन जगह बड़ी शिकायतें हैं। तिंवरी फांटा व मथानिया फांटा पर चालान कर रहे हैं। जुड़ में उम्मेद नगर बाइपास पर 15-20 आदमियों की गैंग हैं, जहां से रात को कोई जाना नहीं चाहता है।थानाधिकारी ने कहा कि वो क्षेत्र उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है। तब दिव्या ने कहा, ‘आप अपने डीसीपी से कहिए। आपके यहां की नीचे की व्यवस्था है ना। जितनी भी चौकियां लग रही हैं, कांस्टेबल लग रहे हैं। यह सब सुचारू कर देना। यहां खड़े होकर नोट मांगने का सिस्टम बंद कर देना।
जवाब में थानाधिकारी ने कहा, ‘यदि कोई रुपए लेता है तो वो संबंधित को शिकायत कर सकता है। हमारे लेवल पर है तो आप मुझे बताइए।
इसके बाद दिव्या ने कहा, ‘आप अपने अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग ले लीजिए। कहीं भी गड़बड़ है तो कह दीजिए, अब अलर्ट हो जाइए। गवर्नमेंट हेज चेंज्ड एण्ड एमएलए हेज चेंज्ड। वर्र्किंग की जो स्टाइल थी ना ढिलमढिलु, वो बदल दीजिए।’ इतना कहकर विधायक दिव्या अपनी मां लीला मदेरणा के साथ कार में बैठकर रवाना हो गईं।
विधायक के निर्देशों के संबंध में थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित का कहना है कि नियम तोडऩे वालों के चालान करना नियम के तहत सरकारी कार्य है। यदि कोई शिकायत है तो वो संबंधित को शिकायत कर सकता है।

GBH अमेरिकन हॉस्पिटल व सर्राफा व्यवसाइयों के यहाँ आयकर के छापे – लेक सिटी में आयकर विभाग की कार्यवाही से मचा हडकम्प।

उदयपुर। उदयपुर में बुधवार से शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की कार्यवाही जारी है बूधवार को शहर के जीबीएच चिकित्सालय पर आयकर द्वारा कारवाई की गई जब कि उसी चिकत्सालय की बेडवास स्थित इकाई पर भी गुरुवार को कार्यवाही के साथ ही शहर के आधा दर्जन सर्राफा व्यवसाईयों सहित उनके नौ ठीकानो पर कार्यवाही के समाचार मिले है।
गुरुवार को शहर में आधे दर्जन से ज्यादा ज्वैलरी शॉप पर एक साथ आयकर विभाग की टीमें पंहुची तो वंहा पर हडकंप मच गया और अधिकांश सर्राफा व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिये कार्यवाही के दौरान पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा । हालाकि सर्वे पूरा होने से पहले इनकम टैक्स के अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नही है, लेकिन जिस तरह से एक साथ आधे दर्जन से ज्यादा जगहों पर एक साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया हो सकता है कि सर्वे पूरा होने के बाद बडा खुलासा हो। जंहा जंहा छापे के कार्य शुरू हुए उन शॉप के बाहर पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया ताकि कोई अंदर बाहर नही हो सकें। इसके अलावा सर्वे के दौरान सभी से पूछताछ करने की बात भी सामने आ रही है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार व्यवसायियों के कार्यलयों एवं आवासों पर भी देर शाम तक विभाग की कार्यवाही जारी था, सूत्रों ने बताया की कार्यवाही आगामी २ -3 दिन और चलने की सम्भावना है उसके बाद ही पता चलेगा की कहाँ कितना अघोषित धन मिला है, जिन प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्यवाही की गई उनमे बड़ा बाज़ार स्थित मुर्डिया ज्वेलर्सएअमृत ज्वेलर्स तथा भट्टजी की बाड़ी स्थित राजावत ज्वेलर्स मुख्य हैध्
दूसरी और जीबीएच चिकित्सालय प्रशासन ने इसे विभाग की एक सामान्य कार्यवाही बताते हुए अपनी सफाई में कहा की विभाग द्वारा की गई कार्यवाही में किसी भी प्रकार की अनियमितता नही मिली है।
लेकिन इसके विपरीत अगर सूत्रों की माने तो जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल से आयकर टीम ने 1.1 करोड़ रूपए जब्त किए है।
आयकर विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में आयकर टीम ने बुधवार को छापा मारा था। कार्यवाही के दौरान टीम 1.1 करोड़ की नगदी बरामद की और दस्तावेज खंगाले।
यह कार्यवाही आयकर विभाग की इनवेस्टिगेशन विंग के संयुक्त निदेशक एम. रघुवीर के निर्देशन में चल रही है।

MLSU में हंगामा, वीसी और रजिस्ट्रार आपने सामने – दिवंगत विजय श्रीमाली को एलडीसी भर्ती का जिम्मेदार ठहराने पर हुआ हंगामा।

उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिया यूनिवर्सिटी में गुरुवार को जम कर हंगामा हुआ। पहले छात्रों का प्रदर्शन फिर वीसी और रजिस्ट्रार में तू तू मै – मैं। वजह थी एलडीसी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का ठीकरा सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एमडीएस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दिवंगत विजय श्रीमाली के सर फोड़ना। हंगामा तब समाप्त हुआ जब सुखाडिया के कुलपति जेपी शर्मा ने फ़ाइल में विजय श्रीमाली पर लगाए आरोप को लेकर नोटिंग की।
आज सुबह से सुखाडिया विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन हंगामों का अखाड़ा बना रहा। कुलपति जेपी शर्मा द्वारा दिवंगत विजय श्रीमाली पर आरोप लगाने के बाद गुरुवार को सुबह बड़ी तादाद में श्रीमाली समाज के लोग और छात्र युनिवर्सिटी कैम्पस में इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सभी लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए विश्वविद्यालय को बंद करवा दिया। प्रदर्षनकारियों ने वीसी जेपी शर्मा के पहुचने पर खासी फजीहत की और अपशब्द तक कह दिए। सभी का कहना था कि प्रोफेसर श्रीमाली अब इस दुनिया मे नही हैं और इन आरोपों का जवाब नही दे सकते। उनकी निष्ठाए ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से समूचा मेवाड़ क्षेत्र परिचित है।
बाद जब प्रदर्शनकारी कुलपति के ऑफिस के अन्दर जवाब मांगने पहुचे तब उन्ही के सामने फ़ाइल में स्व. विजय श्रीमाली को जिम्मेदार ठहराने वाले नोट को लेकर वीसी जेपी शर्मा और रजिस्ट्रार हिम्मतसिंह भाटी एक दुसरे के आमने सामने हो गए। भाटी ने वीसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सब उन्ही का किया धरा है। यही नहीं सबके सामने भाटी ने वीसी को नॉनसेन्स तक कह दिया। वैसे रजिस्ट्रार भाटी ने अपनी पीड़ा बताते हुए यह भी कहा कि जिम्मेदारी तो मेरी रह जाती है कोर्ट में और उच्च स्तर पर जवाब मुझे देना पड़ता है। ऐसे में बिना अपराध के ही कटघरे में उन्हें खड़ा रहना पड़ता है।
गौरतलब है कि सुखाडिया विश्वविद्यालय की एलडीसी में भर्ती को लेकर काफी गड़बड़ियाँ सामने आई थी। जिसके बाद राज्यपाल कल्याण सिंह ने भर्ती पर रोक लगा रखी थी और प्रतापनगर थाने में एफ़ाइआर भी दर्ज करवाई गयी थी, जिसकी जांच चल रही थी। जब पुलिस ने विश्वविद्यालय से भर्ती प्रक्रिया के जिम्मेदारों की जानकारी मांगी तो कुलपति ने पेपर छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस और दिवंगत विजय श्रीमाली के नाम बता दिए और इस प्रक्रिया का जिम्मेदार बता दिया। इसी बात को लेकर आज हंगामा हुआ।
करीब चार घण्टों तक चली इस गहमागहमी और हंगामे के बाद आखिरकार वाईस चांसलर जेपी षर्मा को झुकना ही पड़ा और एलडीसी भर्ती की उस फाईल में जहां प्रोफेसर विजय श्रीमाली को कान्फिडेंषल कोर्डिनेटर बता कर गड़बड़ी का आरोपी ठहराया गया था उसी फाईल में नोटिंग करते हुए श्री शर्मा ने स्वर्गीय श्रीमाली को पेपर सेटिंग और प्रिन्टिंग सेटिंग से कोई रसूखात नहीं होने की बात दर्ज की तब कही जा कर मामला शांत हुआ।

उदयपुर के महत्वपूर्ण पद संभालेगें आईएएस पति-पत्नी अंजलि व अंकित।

उदयपुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारी उदयपुर पोस्टिंग हुई है, ये पति-पत्नी है। कार्मिक विभाग ने बुधवार देर रात को जारी की सूची में इन दोनों को उदयपुर में नियुक्त किया है। राज्य सरकार ने उदयपुर नगर निगम में आयुक्त के पद अंजलि राजोरिया को लगाया है, उसी सूची में जिला परिषद चित्तौडग़ढ़ के सीईओ अंकित कुमार सिंह को भी उदयपुर भेजा गया है, सिंह को उदयपुर में राजस्थान राज्य खान एवं खनिज निगम लि. (आरएसएमएमएस) का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। बड़ी बात यह है कि यहां नगर निगम के पहले जो आयुक्त थे आईएएस सिद्धार्थ सिहाग भी झालावाड़ में कलक्टर बनकर गए, उनकी पत्नी रूकमणि सिहाग भी बूंदी कलक्टर बनी।
तब अजमेर में पति से ही चार्ज लिया अंजलि ने :
अंजलि जब गोगुंदा उपखंड अधिकारी से स्थानांतरित होकर अजमेर गई तो वहां पर उपखंंड अधिकारी का चार्ज भी अपने पति अंकित कुमार सिंह से लिया था, तब अंकित कुमार सिंह का तबादला जिला परिषद सीईओ चित्तौडग़ढ़ के पद पर हुआ था।

जानिए अंजलि राजोरिया को

आईएएस अंजलि मूल राजस्थान से ही है। 2015 में मसूरी से ट्रेनिंग की अवधि रही। इसके बाद जुलाई 2017 में वे केन्द्र सरकार में औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग नई दिल्ली में असिसटेंट सेक्रेटी के पद की जि मेदारी संभाली। अक्टूबर 2017 में अंजलि उदयपुर के गोगुंदा में उपखंड अधिकारी बनकर आई और मई 2017 में वे अजमेर में उपखंड अधिकारी व उपखंड मजिस्ट्रेट के पद काम संभाला। 2 जनवरी 2019 को उनका तबादला उदयपुर में नगर निगम आयुक्त के पद पर कर दिया गया।

जानिए अंकित कुमार सिंह को :

उत्तरप्रदेश मूल के अंकित कुमार सिंह ने बीटेक (इलेक्ट्रोनिक्स एवं क युनिकेशन) में किया। आईएएस अंकित जुलाई 2017 में उपखंड अधिकारी अजमेर रहे, इसके बाद उनका वहां से सीईओ जिला परिषद चित्तौडग़ढ़ के पद तबादला हो गया था। अब सरकार ने उनको 2 जनवरी 2019 को खान एवं खनिज निगम उदयपुर में एमडी बना दिया है।

एक मृत्यु प्रमाण पत्र की कीमत 30 हज़ार रूपये – ये उदयपुर का एमबी अस्पताल है , यहाँ टल्ला देने के लिए दिन भर दौडाते है।

उदयपुर. साहब, आपके अस्पताल में ही आदमी मरा है, सिर्फ कागज पर लिखकर दे दो कि उसकी मौत हो गई। परिजने के इस अनुनय – विनय को सुनकर हर कोई द्रवित हो गया लेकिन अस्पताल के कार्मिक जरा भी नहीं पसीजे। कोसों दूर से किराए की गाड़ी लेकर आए परिजनों को कार्मिकों ने सुबह से शाम तक अलग-अलग दफ्तरों में चक्कर कटवाए। शाम को छुट्टी का समय पूरा होते ही कार्मिक घर चले गए लेकिन उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं | दिया और बोले ‘अब कल आना।’ | यह वेदना भरतपुर जिले के जीराहेड़ा पाड़ निवासी मजलिस खां व उनके परिजनों की है। इनके परिवार के वारिश (20) पुत्र इस्माइल मेव का गत 5 दिसम्बर को गंगरार के निकट एक दुर्घटना में निधन हो गया था। पेशे से ट्रक चालक वारिश दुर्घटना के दौरान खलासी मोहसम के साथ मुंबई से दिल्ली जा रहा था। हादसे में चालक व खलासी दोनों घायल हो गए। गंगरार में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनें को यहां एमबी चिकित्सालय रेफर किया लेकिन रास्ते में वारिश ने दम तोड़ दिया। 6 दिसम्बर को चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजने के सुपर्द किया। उसी दिन घायल खलासी को छुट्टी दे दी लेकिन उसे भी डिस्चार्ज टिकट नहीं दिया। अब म्रत्युप्रमण पत्र के लिए उन्हें करीब 30 हज़ार रूपये खर्च करने पढ़ रहे है जिसमे गाडी भाडा और होटल किराया शामिल है।

किराए की गाड़ी लेकर आए, निकाल दिया दिन
दुर्घटना क्लेम के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर परिजन किराए की गाड़ी से पहले गंगरार थाने पहुंचे, जहां आईओ ने उन्हें पंचनामा रिपोर्ट देकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए एमवी चिकित्सालय भेज दिया। परिजन सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंच गए। परिजन जैसे-तैसे रिकॉर्ड रूम में पहुंच गए, जहां तैनात मैडम ने पहले उन्हें अधीक्षक कार्यालय से लिखवा कर लाने के लिए भेज दिया। प्राचार्य कार्यालय, रिकॉर्ड रूम, मुर्दाघर, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य विभागों के चक्कर काटते हुए परिजने का पूरा दिन गुजर गया लेकिन किसी ने उन्हें कौनसे कागज़ कहां मिलेगें, कोई जानकारी नहीं दी।

अस्पताल में चक्कर काटते हुए पीड़ित परिवार अपराह्न साढ़े तीन बजे मुर्दाघर में पहुंचा। वहां पर दैनिक अखबार राजस्थान पत्रिका संवाददाता मोहम्मद इलियास ने थके-हारे परिजनों से बातचीत की तो पूरा माजरा सामने आया। संवाददाता इलियास ने मोबाइल पर गंगरार थाने के आईओ से बातचीत कर ऑनलाइन पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगवाई। बाद में सभी दस्तावेज तैयार कर रिकॉर्ड रुम भेजा तो वहां ड्यूटी टाइम पूरा होने की बात कर कल आने का कहकर टाल दिया।

हिंसक पब्जी गेम की वजह से छात्र हुआ उग्र – घर में की तोड़ फोड़ , खुद को किया बाथरूम में बंद।

मोहम्मद इलियास ( वरिष्ठ पत्रकार राजस्थान पत्रिका )

उदयपुर . क्या आपके बच्चे मोबाइल पर हिंसक वीडियो गेम खोलते हैं। अगर हां तो आप उन पर नजर रखिये। ये गेम न केवल उन्हें तनाव में ला सकते हैं बल्कि बर्बाद कर सकते हैं। हिंसक pubg वीडियो गेम से शहर के सुखेर क्षेत्र में एक 14 वर्षीय छात्र की जान संकट में आ गई। गेम का लेवल पूरा नहीं होने पर वह इतना तनाव में आ गया कि उसने स्कुल जाना छोड़ दिया। रोका-टोकी से झुंझलाकर उसने घर में तोड़फोड़ की। हद तो तब हो गई जब उसने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। परिजन जब दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वह बाथरूम में बंद हो गया। जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला, उसकी हालत देख परिजनों व अन्य की रूलाई फूट पड़ी पुलिस ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से छात्र से बातचीत की तो वह पहले कुछ नहीं बोल पाया। बाद में उसने pubg गेम व उसका लेवल पूरा नहीं होने के बारे में बताया तब सब चोंक पड़े बाद में पुलिस व अन्य सभी ने मिल कर उसकी काउंसलिंग की तब जा कर बच्चा सामान्य हो पाया। निजी स्कूल में पढ़ने वाला सांतवी क्लास का यह बालक पढ़े लिखे सभी परिवार का है।

एक माह से खेल रहा था रात में गेम
परिजनों ने बताया कि दो बच्चों में वह छोटा है। वह क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी हैं। डेढ़ माह पहले किसी रिश्तेदार ने उसे हिंसक pubg वीडियो गेम के बारे में बताया तो वह उसे लगातार खेलने लगा। एक माह से वह मोबाइल पर पूरी-पूरी त । यह गेम को खेल रहा था। विक्की का अलग कमरा होने से परिजनों को पहले इसका पता नहीं चला लेकिन जब वह स्कूल के लिए बहानेबाजी करने लगा तो परिजनों को शक हुआ।उन्होंने उसे गेम खेलते हुए पकड़ लिया। घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। बातचीत करने पर वह झगड़े के साथ ही तोड़फोड़ करने लगा। उसने घर पर वाशिंग मशीन गिरा दी, कूलर तोड़ दिया। कई सामान को क्षतिग्रस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया।

एक्सपर्ट व्यू

1 इंटरनेट एक नशा है। परिवार की ओर से बच्चों पर ध्यान नहीं देने ५ से धीरे-धीरे आदत पड़ जाती हैं। इंटरनेट सुविधा नहीं मिलने पर बराहट व बेचैनी होती है। नुकसान के बारे में जानकार भी इसे छोड़ नहीं पता। कई बार तो वह मानसिक रोगी हो जाता है। उसे काउंसलिंग की सख्त जरूरत होती है। इस केस में भी सही काउसलिंग से छात्र स्वस्थ हो सकता है। डॉ.सुशील खेराड़ा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग

हिंसक पबजी “PUBG” (Player Unknown’s Battle Ground) :

पबजी (प्लयेर अननोज बैटल ग्राउंड) एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है। दक्षिण कोरिया से आए इस वीडियो गेम में एक द्वीप पर सौ से अधिक खिलाड़ी पैराट से उतरते हैं। इस गेम में बचने के लिए दूसरों को मारने के लिए हथियारों व उपकरणों उपयोग किया जाता है। खेल एक सर्कल में होता है जो गेम खेलने के साथ बचे
जीवित खिलाड़ियों के साथ छोटा होता जाता है,ताकि मुठभेड़ों के लिए मजबूर किया जा सके। इसमें अंतिम खिलाड़ी या टीम राउंड जीतती है। यह गेम मार्च 2017 में पहली बार रिलीज किया गया था। गेम में मनोरंजन के लिए इस पर कई फनी वीडियो भी बने। इस गेम में टीम प्लेयर आपस में बात करते रहते हैं।

कमरे में बंद कर लिया

शुक्रवार को तो छात्र ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। बाहर से आवाज लगाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया तो घर में रुलाई फूट पड़ी। पास-पड़ोसी इकट्ठा हो गए। परिजनों ने बाद में कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उसने स्वयं को बाथरूम में बंद कर लिया। बाद में परिजनों ने बाथरूम का दरवाजा तड़कर उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

मन मस्तिष्क पर असर

चिकित्सकों के अनुसार हिंसक वीडियो गेम्स खेलने वालों के मन मस्तिष्क पर असर पड़त है। वर्ष 2013 में गेमिंग लत को एक मानसिक स्वास्थ्य विकार के रूप में भी घोषित किया गया है। इस खेल से इमोशनल डिसऑर्डर, व्यवहार में परिवर्तन, मौखिक मेमोरी का कमजोर होना, एकाग्रता में कमी, पारिवारिक बातचीत में समस्याएं उग्न व्यवहार एवं झगड़ालू प्रवृत्ति आदि बढ़ती है।