उदयपुरा। पिछले पांच दिनों में टेम्परेचर में लगभग पांच से छह डिग्री सेल्सियस की उछाल आई है। जून में जहां मैक्सिमम टेम्परेचर ३० डिग्री सेल्सियस था, वहीं जुलाई में टेम्परेचर ३४ डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच गया। चौंकाने वाली बात तो ये है कि लगातार मौसम क ा गर्म होता हुआ मिजाज शहरवासियों क ो रास नहीं आ रहा है।
मौसम के इस तरह से करवट बदलने से शहरवासिंयो में मौसमी बीमारियां से अस्पतालों में मरीजों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। इसमें टाइरिया, बुखार, गेस्ट्रो इनट्राइटिस और फुड प्वाइजनिंग जैसी बीमारियों के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में शहरवासियों को कई मुश्किलों को सामना करना पड़ सकता हैं।
बच्चों क ो बचाइए
डॉक्टर के अनुसार इस बदलते हुए मौसम में पनपने वाले बैक्ट्रीरिया क ा सबसे सॉफ्ट टारगेट छोटे बच्चे होते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को बहुत ही साफ -सुथरे माहौल में रखा जाए। बच्चों में डायरिया, ज्वाइंडिस, टायफ ाइड की प्रॉब्लम सबसे ज्यादा सामने आ रही है। कोशिश क रें कि बच्चों क ो किसी भी क ीमत पर बाहर कि कोई भी चीज न खिलाए।
टायफाइड
ये सालमोनेला टाइफी नाम के बैक्टीरिया के कारण होता हैं।
> इसमें बुखार से शुरू होता है, धीरे-धीरे बुखार बढ़ता है।
> बॉडी में कमजोरी और पसीने में अजीब सी स्मेल आना शुरू हो जाती है।
> तीसरे हफ्ते में आंतों में टायफाइट अल्सर बन जाता है, जिसकी वजह से मुंह का टेस्ट खराब होने लगता है और वॉमेटिंग होने लगती हैं।
> यदि कोई बुखार 8-9 दिन से ज्यादा रहे तो तत्काल ही टेस्ट करा लेना चाहिए।
क्या है लक्षण
> शाम होने पर बुखार का आ जाना।
> थोड़ी-थोड़ी देर में वॉमेटिंग का होना।
> मुंह से खून निकलना।
> कमजोरी के कारण चक्कर आना।
> भूख नहीं लगना, वजन कम होना।
> शरीर में तनाव को होना।
क्या क रें
> साफ-सफाई का ध्यान रखना।
> बुखार को कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टी करना चाहिए।
> पट्टी न करके पर मेनइनजाइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है।
> ऑयली फूड बिलकुल न खाएं।
> आराम करें और ग्लूकोज का सेवन करें।
> सोडियम और पोटेशियम बैलेंस बनाने के लिए इलेक्ट्रॉल का सेवन करें।
सावधान, ये मौसम डेंगू क ा है फे वरेट
ये बदलता हुआ मौसम डेंगू के वाहक मच्छर एडीज एजिपटाइका का सबसे फेवरेट होता है। एक तरफ प्री मानसून के कारण शहर में कई जगह खड्डों में गंदा पानी भर गया है। इसके अलावा शहर में फैली हुई गंदगी और सीवरेज का ओवर फ्लो इन के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हो रहा है। ऐसे मौसम में मच्छरों की प्रजनन क्रिया काफी तेज हो जाती हैं। जिससे बड़ी संख्या में कूलर, एसी, गमले, फ्रीज व बाथरूम में रू के हुए पानी से ये मच्छर अपने लार्वा छोड़ते हैं।
क्या है डेंगू
डेंगू एडीज एजिपटाई नाम के मच्छर के काटने से होता है। इसके वायरस को अर्बो कहते हैं। डॉक्टर के अनुसार बीमारी बड़ों की अपेक्षा बच्चों में तीन गुना ज्यादा असर करती हैं। डेंगू तीन तरह के होते हैं। क्लासिक डेंगू गले में खराश, सिर में दर्द, क मर में दर्द, वामेटिंग आना, बदन टूटना, भूख न लगाना।
क्या हैं लक्षण
> कपकपी के साथ बुखार आना।
> पूरे शरीर पर धारियां उभर जाना।
> सिर में दर्द और बदन टूटना।
> हर वक्त क मजोरी महसूस होना।
> भूख नहीं लगना।
ध्यान दीजिए
> डेंगू का मच्छर दिन में काटता हैं।
> ये मच्छर रू के हुए पानी में अपने लार्वा छोड़ता है।
> जब मौसम में बदलाव होता है, उस वक्त मच्छरों की प्रजनन क्षमता बढ़ जाती हैं।
> ज्यादा मात्रा में लेकि न साफ और स्वच्छ पानी पीने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
जरा संभलक र, मौसम मिजाज है ‘गर्म
भाजपा जिलाध्यक्ष सहित दो मकानों के ताले टूटें
उदयपुर। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट के मकान सहित दो मकानों के ताले तोड़कर चोर हजारों की नकदी और जेवरात चुरा ले गए। दोनों ही मामले दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दिनेश भट्ट के घर से सात हजार की नकदी चोरी हुई है।
पुलिस के अनुसार भट्ट कॉलोनी (सवीना) निवासी भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट बीती रात खाना खाने के बाद सोने के लिए चले गए। आज सुबह उठकर देखा, तो रसोई की खिड़की तोड़कर चोर मकान में घुसे और सात हजार रूपए की नकदी चुरा ले गए। चोरों ने कमरों में सामान भी बिखेर दिया, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। चोरों ने लौटते समय घर के बाहर खड़े वाहन में पड़ा सामान भी चुरा लिया। भट्ट की रिपोर्ट पर हिरणमगरी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी प्रकार गायरियावास निवासी संपतलाल तेली पुत्र धनराज तेली ने रिपोर्ट दी कि वह एक जुलाई को मेनार गांव गया था। कल रात को संपतलाल के किरायेदार ने उसके कमरों के ताले टूटे होने की सूचना दी, जिस पर आज सुबह वह आया और पुलिस को सूचना दी। संपतलाल ने रिपोर्ट में बताया कि उसके मकान से ३२ हजार नकद, एक तोला सोने का हार और पांच सौ ग्राम चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं।
सोनी टीवी ने मेवाड़ के इतिहास को किया कलंकित
उदयपुर। महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित टीवी सीरियल में मेवाड़ के इस महान् सपूत के साथ तत्कालीन सभ्यता और संस्कृति को भी गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो निश्चित रूप से असहनीय और निंदनीय है। यह सीरियल सोमवार से गुरुवार रात 10 बजे सोनी टीवी पर दिखाया जा रहा है।
सीरियल की अब तक दिखाई गई कडिय़ों में महाराणा प्रताप के जन्म, बचपन और किशोरवय को प्रदर्शित किया गया है। इतिहास में महाराणा प्रताप के बाल्यकाल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं मिलता। यही कारण हैं कि सीरियल के निर्माता निर्देशक को कल्पना करके फिल्मांकन की छूट मिलती है, लेकिन यह छूट इतनी नहीं मिलती कि मुगल बादशाह के मरजीवड़े रनिवास में घुस जाए और महाराणा उदयसिंह की रानियों से छेड़छाड़ करें। ऐसा ही दृश्य सोमवार को दिखाया गया, जो न केवल आपत्तिजनक बल्कि समस्त मेवाड़वासियों के लिए अपमान जनक भी है। विगत सोमवार को प्रसारित एपीसोड में ऐसा ही दिखाया गया है।
महाराणा प्रताप सीरियल के निर्माता निर्देशक ने उदयसिंह के शासनकाल के दौरान एक ऐसे जौहर की कल्पना की है, जो इतिहास में कहीं मौजूद नहीं है। मेवाड़ में जो तीन जौहर हुए हैं, उनकी काफी जानकारी मौजूद है, लेकिन सीरियल निर्माता यह चौथा जौहर कहां से उठा लाया, पता नहीं। यह इतिहास से खिलवाड़ है।जब से महाराणा प्रताप पर इस नये सीरियल का प्रसारण शुरू हुआ है, तभी से इस पर आपत्तियां आना शुरू हो गई। प्रतापसिंह का जन्म कुंभलगढ़ में हुआ और लालन-पालन भी वहीं हुआ, जो पहाड़ी इलाका है। सीरियल में इसे रेगिस्तानी क्षेत्र बताया गया तथा सभी पात्रों को वेशभूषा भी मराठी पहनाई गई। इस प्रथम कड़ी से ही यह पता चल गया था कि निर्माता को इतिहास की कोई जानकारी नहीं है। बाद के दो-तीन एसपीसोड्स में भी तत्कालीन समय के प्रतिकूल फिल्मांकन पर आपत्ति की गई और प्रदर्शन कर विरोध जताया तो निर्माता की ओर राजपूत समाज ने से जवाब मिला कि १५ कडिय़ां तो बन चुकी है, इसलिए कुछ नहीं किया जा सकता। इसके आगे की कडिय़ों में ऐसा कुछ नहीं होगा, जो मेवाड़ के आमजन की भावना को ठेस पहुंचाएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। सोमवार को तो हद ही हो गई, जिसमें मुगल सैनिक महाराणा की रानियों से अभद्रता करता दिखाया गया। इन दृश्यों को देखने के बाद मेवाड़ के लोगों में, खासकर राजपूतों में गुस्सा है, लेकिन प्रात: स्मरणीय महराणा प्रताप के वंशज अपने महान पूर्वज महाराणा उदयसिंह के अपमान पर चुप्पी साधे बैठे हुए है।
कुछ भी गलत नहीं राणावत: महाराणा प्रताप सीरियल के सलाहकार पुष्पेंद्रसिंह राणावत ने कहा कि सीरियल बिलकुल ठीक है। इतिहासकारों ने उदयसिंह की जितनी मट्टीपलीद की है, वह तो दिखाया ही नहीं गया है। कहां थी महाराणा प्रताप के पास एक म्यान में दो तलवारें, फालतू का प्रचार है। मुगल सैनिक का रनिवास में घुसना एक ड्रामेटिक इफेक्ट है। यह बताने के लिए कि ऐसे हालात पैदा हो गए थे, जिनकी वजह से जौहर करना पड़ता था। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
आंदोलन किया जाएगा कानावत : मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालूसिंह कानावत ने कहा कि महाराणा प्रताप पर बने सीरियल में इतिहास से
छेड़छाड़ की गई है। ऐतिहासिक घटनाओं को विकृत तरीके से पेश किया गया है। मेवाड़ की संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान किया गया है। इस सीरियल को बंद कराने के लिए प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
हिंदुस्तान का अपमान है बान्सी : बीएन संस्थान के पूर्व एमडी तेजसिंह बान्सी ने कहा कि महाराणा प्रताप सीरियल में इतिहास को विकृत रूप देकर पेश किया जा रहा है, जो मेवाड़ का ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान का अपमान है। यह सीरियल बंद होना चाहिए। अगर बंद नहीं होगा तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
हाईकोर्ट में जाएंगे कृष्णावत : राजपूत महासभा अध्यक्ष तनवीरसिंह कृष्णावत ने कहा कि महाराणा प्रताप सीरियल में महाराणा प्रताप की छवि को धूमिल किया जा रहा है। सभी घटनाएं तोड़मरोड़ कर पेश की जा रही है। महाराणा प्रताप पहले स्वतंत्रता सैनानी थे। उनके साथ कई मुस्लिम मेवाड़ी यौद्धा भी थे। उन्होंने मुगलों से स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी, वो मुस्लिम विरोधी नहीं थे। जबकि सीरियल में महाराणा प्रताप को मुस्लिम विरोधी बताकर गुमराह किया जा रहा है। इस संबंध में हाईकोर्ट में जाकर सीरियल पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है।
मेवाड़ का अपमान: इस संबंध में एक गृहणी कनक कुंवर ने कहा कि राजपूत कल्चर तो सीरियल में दिखाया ही नहीं गया है। सीरियल पूरी तरह वास्तविकता से परे है। इस सीरियल में इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके कई बार मेवाड़ का अपमान किया गया है।
दोस्तों के साथ नहीं सोने पर पत्नी को घर से निकाला
उदयपुर। गोवर्धनविलास थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली एक महिला को दोस्तों के साथ हम बिस्तर नहीं होने पर पति द्वारा घर से निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस शिकायत के साथ महिला ने पति के खिलाफ गोवर्धनविलास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बोरीकुआं हाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक महिला ने रिपोर्ट दी है कि सात वर्ष पूर्व वह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में उसकी बहन के यहां रहने के लिए आई थी। उसी दौरान वह सैक्टर 14 निवासी लोकेश पुत्र छगनलाल जैन के संपर्क में आई। लोकेश ने उसे शादी करने का वादा किया। आरोपी के झांसे में आकर उसने वर्ष 2006 में उबेश्वर महादेव मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद लोकेश और वह सैक्टर १४ में एक किराये के मकान में रहते थे। इस बीच पीडि़ता के एक बेटी भी हुई। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि लोकेश पिछले कुछ समय से उस पर उसके दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बना रहा था, लेकिन वह लोकेश की बात नहीं मान रही थी। इस पर लोकेश ने उसे मारपीट करके घर से निकाल दिया। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
युवक के शव पर रातभर गुजरते रहे वाहन
उदयपुर। गोवर्धनविलास थाना क्षेत्र दो दिन पूर्व सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई थी, उसके शव की सोमवार तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार शनिवार रात को बारापाल में एक वाहन ने एक युवक को चपेट में ले लिया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा देर रात होने के कारण शव रातभर सड़क पर ही पड़ा रहा, जिसके कारण शव के ऊपर से कई वाहन गुजर गए और शव का चेहरा बिगड़ गया। रविवार सुबह राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने शव को एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया। पुलिस को स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त युवक लंबे समय से हाइवे पर घूम रहा था और होटलों पर खाना मांग कर खाता था। पुलिस मृतक के परिजनों की तलाश कर रही है।
कांग्रेसी नेता पंकज शर्मा के नर्सिंग कॉलेज पर एसीबी की कार्रवाई
उदयपुर। जयपुर में नर्सिंग काउंसलिंग के सलाहकार महेशचन्द्र शर्मा को घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद उसके पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर राज्य के नौ नर्सिंग कॉलेजों में उसकी भागीदारी के साक्ष्य मिले, जिसमें उदयपुर में कांग्रेसी नेता पंकज शर्मा का मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज भी शामिल है। जयपुर से मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज की जांच के आदेश आने के बाद रविवार को कॉलेज सीज कर दिया और आज सुबह वहां पर एसीबी ने जांच शुरू कर दी है।

मापदंड के अनुरूप नहीं पाया गया:
एसीबी के प्रसन्न खमेसरा ने बताया कि जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जांच में महेशचंद्र शर्मा का इस कॉलेज में पार्टनर होने के कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं, लेकिन नर्सिंग कॉलेज मानक मापदंड़ों के अनुसार नहीं है। कॉलेज 23 हजार, 800 वर्गफीट पर बना होना चाहिए, जबकि यह कॉलेज आधे से भी कम क्षेत्रफल में बना हुआ है।
सारा स्टाफ छुट्टी पर: एसीबी ने बताया कि हाजरी रजिस्टर से पता चला कि यहां 25 का स्टॉफ हैं। जिसमें से शनिवार को छह लोग छुट्टी पर थे, लेकिन आज 25 में से मात्र छह ही लोग उपस्थित है। बाकी कोई नहीं आया। खमेसरा ने बताया कि जांच जारी है।
चेन स्नेचरों के टारगेट पर जैन वृद्ध महिलाएं
उदयपुर। शहर में जैन समाज की वृद्ध महिलाएं चेन स्नेचरों के टारगेट पर हैं। पिछले तीन दिनों में आज सुबह दूसरी वारदात हुई हैं, जिसमें जैन मंदिर से घर लौटती वृद्धा के गले से चेन छीन कर बाइक सवार बदमाश फरार हो गए हैं। पिछले माह की शुरुआत में बीएसएनएल ऑफिस के सामने एक खटीक समाज की महिला के गले से साढ़े सात तोला सोने का हार बदमाश खींच ले गए, जिसका भी अभी तक पता नहीं चल पाया है। भूपालपुरा थाना क्षेत्र के अशोकनगर रोड पर बाइक सवार दो बदमाश अशोकनगर निवासी चंद्रादेवी पत्नी महावीर प्रसाद जैन के गले से सोने की चेन छीन ले गए। यह वारदात अशोक नगर के रोड नंबर १४ पर आज सुबह आठ बजे हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और शहरभर में नाकाबंदी की गई, लेकिन बदमाश का पता नहीं चल पाया है। इसी प्रकार सेक्टर चार में जैन मंदिर से लौटते समय बीते शनिवार बाइक सवार दो बदमाश वहीं की रहने वाली झंकार देवी जैन के गले से पांच तोला सोने का मंगलसूत्र और सोने की चेन छीन ले गए थे।
आईजी डामोर होंगे राजीव गांधी ट्रायबल यूनिवर्सिटी के पहले वीसी
उदयपुर। आईजी टीसी डामोर राजीव गांधी ट्रायबल यूनिवर्सिटी के पहले वाइस चांसलर नियुक्त किए गए हैं।टी. सी. डामोर को राजीव गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय का कुलपति बनाए जाने की चर्चा सियासी गलियारों में लंबे समय से चल रही थी। गौरतलब है कि डामोर ने हाल ही में सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय से पी. एच. डी. की है।
पिछले दिनों उदयपुर संभाग से कुछ आदिवासी नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के शिक्षा में पिछड़े आदिवासी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसी आदिवासी को ही वीसी बनाने की मांग की थी जो, मुख्यमंत्री ने मान ली और उदयपुर के आईजी टीसी डामोर को पहला वीसी नियुक्तकर दिया।राजीव गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा राज्य सरकार ने 2012 के बजट में की थी। लेकिन स्थान और कुलपति नियुक्त करने को लेकर लंबे समय से मामला लटका हुआ था।
स्कूलों में लोटी रोनक
उदयपुर। डेड़ महीने की छुट्टी के बाद आज सरकारी और सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूल खुल गए। सोमवार सुबह से ही स्कूलों और सड़कों की रोनक हँसते खेलते
शरारतों से भरे बच्चों के खिल खिलाते चेहरों से लोट आई कुछ ख़ुशी ख़ुशी स्कूल पहुचे तो कुछ रोते हुए अपने माता पिता के साथ लेकिन स्कूल के पहले दिन की ख़ुशी ज्यादा थी बड़े छात्र जो पिछले डेड़ महीने से अपने स्कूली मित्रों को मिस कर रहे थे वे भी बड़े ख़ुशी ख़ुशी स्कूल गए और मित्रों का गले लग कर अभिवादन किया।
स्कूल जाने की तैयारी हर घरमे पिछले दो तीन दिन से चल रही थी हर मां अपने बच्चों के बेग टिफ़िन जूते किताबे आदि की तैयार करने में जुटी थी और आज सुबह सुबह सजे धजे अपने नन्हे मुन्नों को स्कूल तक छोड़ कर आई तो कोई बस और टेम्पो तक। कोई अपने पापा की ऊँगली पकड़ कर स्कूल तक गया तो बिटिया रोते हुए मम्मा की गोद में स्कूल तक पहुची ।
पिछले डेड़ महीने से छुट्टिय चल रही थी हालाकिं सीबीएससी से सम्बंधित कुछ स्कूल पहले ही खुल चुके है ।
अभिभावकों के उठने का समय भी बदला :
पिछले डेड़ महीने से बच्चों की छुट्टियाँ थी तो अभिभावक भी आराम में थे। जल्दी उठने की टेंशन नहीं थी लेकिन आज से उन्हें भी अपना टाइम टेबल बदलना पड़ा माताओं को बच्चों के टिफिन और कपड़ों की तैयारी के लिए उठाना ही होता है, तो पिता को अपने लाडलों को स्कूल तक छोड़ने जाने के लिए उठना पड़ा।
ओटो अंकल भी मुस्तेद :
बच्चों के स्कूल की तैयारी और पढाई में जितना योगदान माता पिता और गुरु का होता है । उतना ही योगदान ओटो अंकल का भी होता है। चाहे गर्मी हो बारिश हो या सर्दी ओटो अंकल सही समय पर बच्चों के सारथि बन कर ठीक समय पर घर के आगे आजाते है । और बच्चे भी ख़ुशी से चिल्लाते हे “ओटो अंकल आगये ” आज सुबह से उन्ही ओटो अंकल का इंतजार हर घर के बहार बच्चे करते मिले और हर गली सडक पर ओटो अंकल बच्चों को लेने जा पहुचे ।
चूड़ासमा के गुर्गे थे सोहराब और तुलसी
उदयपुर। सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई द्वारा पेश की गई पूरक चार्जशीट में महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है कि कुख्यात अपराधी सोहराब और तुलसी गुजरात के आईपीएस अभय चूड़ासमा और अन्य पुलिस अधिकारियों के लिए काम करते थे। सीबीआई ने उदयपुर के अपराधी शराफत अली उर्फ कालू व मुश्ताक अहमद के बयानों के आधार पर इस बात की पुष्टि करते हुए न्यायालय में चार्जशीट पेश की है। एक अंग्रेजी दैनिक अखबार में छपी खबर के अनुसार सीबीआई को अभय चूड़ासमा के फर्जी मुठभेड़ में शामिल होने का शक था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। हाल ही में मुंबई की एक अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया, जिसमें उदयपुर के शराफत अली के बयान से यह खुलासा हुआ कि चूड़ासमा फर्जी मुठभेड़ में लिप्त थे।
शराफत अली के बयान: शराफत अली ने सीबीआई को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दिए हैं, जिन्हें अब बदला नहीं जा सकता। अली ने बताया कि जब वह आम्र्स एक्ट के मामले में उदयपुर जेल में बंद था। उस दौरान वह तुलसी प्रजापति से मिला था और तुलसी ने उसको बताया था कि जब गुजरात में उसको चूड़ासमा ने गिरफ्तार किया था, तब चूड़ासमा सोहराबुद्दीन और तुलसी की गतिविधियों से खुश नहीं थे। तुलसी ने चूड़ासमा को कहा था कि हम क्या गलत कर रहे हैं और आपके सारे निर्देशों को मान रहे हैं। चूड़ासमा ने तुलसी को विश्वास में लेकर सोहराबुद्दीन का पता जाना था, तब चुड़ासमा ने कहा था कि हम उसका एनकाउंटर नहीं करेंगे। बस कोई छोटे-मोटे मामले में जेल में डाल देंगे। लेकिन बाद में सोहराबुद्दीन को गिरफ्तार कर एक फर्जी मुठभेड़ में उसे मार दिया गया।
मुश्ताक अहमद के बयान
उदयपुर के ही 55 वर्षीय अपराधी मुश्ताक के बयान भी आरोप पत्र में दर्ज है, जिसमें मुश्ताक ने बयान दिए है कि सोहराबुद्दीन की उससे साबरमति जेल में मुलाकात हुई थी, तब सोहराबुद्दीन ने उसको बताया था कि गुजरात के कई बड़े पुलिस अधिकारियों से उसके अच्छे संपर्क है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने चूड़ासमा को सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ के मामले में अप्रेल, 2010 में गिरफ्तार कर लिया था। चूड़ासमा ने सोहराबुद्दीन और तुलसी का एनकाउंटर करना स्वीकारा था। शराफत और मुश्ताक के बयान सीबीआई ने चूड़ासमा की गिरफ्तारी के बाद लिए थे। सोहराब और तुलसी क्रमश: 2005 और 2006 में फर्जी एनकाउंटर में मारे गए थे। उल्लेखनीय है कि सीबीआई द्वारा आरोप पत्र में राजस्थान के तत्कालीन गृहमंत्री और प्रतिप्रक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया सहित चार जनों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है, जिसमें कटारिया की जमानत पर पांच जुलाई को सुनवाई है।


