यहाँ मिलेगें आप को “यो यो हनी सिंह” के शो के पास

उदयपुर , 13 दिसंबर को द ज्ञानगड़ , नवरतन कोम्प्लेक्क्स में हनी सिंह का शो होने वाला है ।

I AM IN UDAIPUR at 13 dec.

और उदयपुर की इवेंट मेनेजमेंट कंपनी “एवर शाइन इवेंट” ने शहर वासियों के लिए अलग अलग जगह पास उपलब्ध करवाए है जहाँ से आप पास प्राप्त कर सकते है ।

 

* ओम साईं ओलवेस – दुर्गा नर्सरी रोड ।

 

* अशोका बेकरी – शक्ति नगर कोर्नर ।

 

* शेक्स डिलाईट – सुखाडिया सर्कल ।

 

* ब्लैक बैरी – सेलिब्रेशन माल ।

 

* स्कल – यूनिवर्सिटी रोड ।

 

* विनोद फ़ास्ट फ़ूड – फतह सागर ।

 

*ग्रीन चिल्ली रेस्टोरेंट – गुलाब बाग़ रोड !

और अधिक जानकारी के लिए आप इन नंबरों पर काल कर सकते है ।

 

9772236222 , 9772236333 , 9772236444 , 9772236555 , 9772236888 ,

 

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फिल्म समीक्षा -तलाश , सस्पेंस फिल्मों की बादशाह

बैनर : एक्सेल एंटरटेनमेंट, आमिर खान प्रोडक्शन्स, रिलायंस एंटरटेनमेंट

निर्माता : फरहान अख्तर, आमिर खान, रितेश सिद्धवानी

निर्देशक : रीमा कागदी

कथा-पटकथाकार : रीमा कागदी, जोया अख्तर

गीत : जावेद अख्तर

संगीत : राम सम्पत

राजेश कुमार भगताणी

 

कलाकार : आमिर खान, करीना कपूर, रानी मुखर्जी, राजकुमार यादव, नवाजुद्दीन सिद्दकी

हिन्दी फिल्मों में साठ और सत्तर का दशक ऎसा रहा है जिसमें कई सस्पेंस फिल्में बनी जिन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण और संगीत के बुते दर्शकों में अमिट छाप छोडी। अस्सी के दशक में जब अमिताभ बच्चन का आगमन हुआ सिनेमा में बदलाव आया और फिर इस तरह की फिल्में बनना बन्द हो गई। लम्बे समय बाद अब जाकर एक ऎसी फिल्म देखने का मौका मिला है जिसे हम सस्पेंस फिल्मों का बादशाह कह सकते हैं। “तलाश” नामक यह फिल्म आने वाले समय में हिन्दी सिनेमा में कुछ ऎसे बदलाव लाने में कामयाब होगी जिसकी आज आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिल्म निर्देशिका रीमा कागदी ने अपने निर्देशन में बनी इस फिल्म से यह सिद्ध किया है कि यदि फिल्म की कथा-पटकथा पर शुरू से ही तीखी नजर रखी जाए तो कामयाब फिल्म बनाना बेहद आसान है

 

फिल्म में जितने भी किरदार हैं उन्हें माला में मोतियों की तरफ गूंथा गया है। एक भी किरदार बिखरा हुआ नहीं है। अपने पहले दृश्य से जैसे-जैसे फिल्म आगे बढती है फिल्म पर निर्देशक का प्रभाव साफ नजर आने लगता है। रीमा ने फिल्म के रहस्य को अन्त तक बनाए रखा है। रीमा ने जो क्लाइमैक्स दिया है उसके बारे में तो दर्शक सोच ही नहीं पाता है। तमाम अटकलों को ध्वस्त करते हुए उन्होंने फिल्म का अन्त किया है तो काबिले तारीफ है। अखरता है तो सिर्फ फिल्म की गति का धीमा होना लेकिन यह धीमी गति अपने चुस्त निर्देशन व सम्पादन के बूते पर रीमा ने दर्शकों पर हावी नहीं होने दी है।

पुलिस इंस्पेक्टर सुरजन सिंह शेखावत (आमिर खान) अपनी खूबसूरत पत्नी रोशनी (रानी मुखर्जी) और प्यारे बेटे के साथ खुश हैं। पुलिस डिपार्टमेंट में शेखावत की इमेज ऎसे दबंग इंस्पेक्टर की है जो किसी भी मुश्किल से मुश्किल केस की तह तक पहुंचना जानता है। अचानक, एक दिन सुबह शेखावत को फोन पर कोई एक दुघर्टना और हत्या के बारे में सूचना देता है। इस केस की तफतीश करते हुए शेखावत को रेड लाइट एरिया की गंदी गलियों में घुसना पडता है। शेखावत जब भी इस केस की तह तक जाने में कामयाब होने लगता है, तभी उसके साथ बहुत कुछ अजीब घटता है। उसकी पारिवारिक जिन्दगी दांव पर लग जाती है। उसकी पत्नी उसके चरित्र पर संदेह करने लगती है। इसके बाद रीमा कागदी ने कहानी में कुछ ऎसे रोचक मोड डाले हैं जिनका जिक्र करके फिल्म के रहस्य को समाप्त करना नहीं चाहेंगे।

आमिर खान के अभिनय के लिए कुछ कहना अतिश्योक्ति होगी। पिछले चार साल में दो फिल्में देने वाले आमिर खान की यह फिल्म तीन साल बाद आई है। उन्होंने शेखावत के किरदार की हर जरूरी बात को अपने चेहरे के साथ-साथ शारीरिक लोच से भी प्रदर्शित किया है। रीमा कागदी ने उनकी चाल का उपयोग अपने किरदार के दृश्य के अनुरूप रखा है। डिस्टर्ब फैमिली लाइफ, ऎक्सिडेंट, हत्या के केस की छानबीन के दौरान आमिर के चेहरे पर पल-पल बदलते हाव-भाव देखते ही बनते हैं। रानी मुखर्जी एकबार फिर वही टिपिकल वाइफ के किरदार में अपने पुराने अंदाज और लुक में नजर आईं प्रचार में करीना के किरदार के बारे में विस्तृत रूप से कुछ जाहिर नहीं किया गया लेकिन इस फिल्म की सबसे बडी यूएसपी करीना ही हैं। उनकी खूबसूरती और बोलने का अंदाज दर्शकों को भाता है। इन तीन नामी सितारों पर अपनी संक्षिप्त भूमिका के साथ अभिनय में हावी रहे हैं नवाजुद्दीन सिद्दीकी।

गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद नवाज दर्शकों में कितने लोकप्रिय हो चुके हैं इसका अहसास उनके प्रथम दृश्य के वक्त होता है जब दर्शक उनके परदे पर देखते ही तालियां बजाना शुरू करता है। समय रहते यदि इस अदाकार को अच्छे निर्देशक व पटकथाएं मिली तो निश्चित रूप से यह सितारा आने वाले समय में हिन्दी सिनेमा उद्योग में एक नया इतिहास लिखेगा। इस तरह की फिल्मों में संगीत की अपनी एक अहम भूमिका होती है। यहां भी संगीत है और बेहद कर्णप्रिय है लेकिन सभी गीत पाश्र्व में हैं। सितारों के ऊपर कोई गीत नहीं है। गीतकार जावेद अख्तर ने बडे अर्थ वाले बोलो को लिखा है जिन्हें संगीतकार रामसम्पत ने कर्णप्रिय धुनों में पिरोया है। इसके तीन गीत जिया लागे न, होना है क्या और जी ले जरा.. … कई म्यूजिक चार्ट में टॉप फाइव पर बना है। राम सम्पत ने ऎसी कहानी में, जहां म्यूजिक कहानी की रफ्तार रोकता है, गानों को ऎसे अंदाज में तैयार किया, जो कहीं न कहीं फिल्म का हिस्सा बन जाते हैं। कुल मिला कहा जा सकता है कि तलाश आमिर खान के प्रशंसकों को कहीं से भी निराश नहीं करेगी। यह सिर्फ उन दर्शकों को निराश कर सकती है जो फिल्म में अर्द्धनग्न दृश्य और बेसिरपैर की घटनाओं को देखने के आदी हैं।

 

दिमाग का सूप पीने वाले आदमखोर को मिली उम्रकैद

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इलाहाबाद. इलाहाबाद की एक अदालत ने आज नरपिशाच राजा कलंदर और उसके साले बछराज को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगा है। कोर्ट ने उसे पत्रकार धीरेंद्र सिंह समेत कई लोगों की हत्या का दोषी करार देते हुए इसे रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर केस माना था। उसके खिलाफ यह केस करीब 12 साल से चल रहा था।

बताते चलें कि पत्रकार की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। उसकी लाश के टुकड़े कर उन्हें जंगल और नदी में फेंक दिया गया था। इस अपराध को अंजाम देने वाले राजा कलंदर की असलियत 2000 में लोगों के सामने आई, जब उसने एक पत्रकार की हत्या की थी। पत्रकार के घरवालों ने हत्या का संदेह जताया। पुलिस जांच के दौरान तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य फूलन देवी के घर पहुंची। वहां से धीरेंद्र सिंह का सामान मिला था। राजा कलंदर फूलन का पति है, उसने पुलिस के सामने गुनाह कबूल कर लिया।

राजा कलंदर के बारे में कहा जाता है कि उसे जो भी शख्स नापसंद होता था, उसे वह अपने फार्म हाउस या आस-पास की जगहों पर बुलाकर बेरहमी से क़त्ल कर देता था। लाश के टुकड़े-टुकड़े कर उसके कुछ हिस्से को फार्म हाउस में छिपा देता था। बाकी मध्य प्रदेश और यूपी के जंगलों, नदियों में फेंक देता था। इतना बेरहम था कि उसने कई लोगों को मारने के बाद उनकी खोपड़ी का मांस भी भूनकर खाया था। दिमाग को उबाल कर सूप पीता था। क़त्ल करने वाले लोगों की खोपड़ियों को वह फ़ार्म हाउस के एक पेड़ पर टांग देता था।

सज़ा सुनाये जाने से कुछ घंटे पहले अदालत में लाये जाने पर वह खुद को बेगुनाह बताता रहा। उसका कहना था कि उसे सियासी रंजिश की वजह से फंसाया गया है। हालांकि तमाम पत्रकारों और गांव वालों की मौजूदगी में की गयी छापेमारी में फार्म हाउस से चौदह नर कंकाल बरामद होने की बात पर वह कोई जवाब नहीं दे सका था।

इलाहाबाद में एक अखबार के चीफ रिपोर्टर धीरेद्र सिंह नरपिशाच राजा कोलंदर के गांव के पास के ही रहने वाले थे। राजा को शक हो गया था कि धीरेन्द्र को उसके गुनाहों के बारे में जानकारी मिल चुकी है। वह किसी भी दिन अपने अखबार में उसकी करतूतों की खबर छाप सकते हैं। इसलिए उसने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। आर्डिनेंस फैक्ट्री के एक कर्मचारी को उसने महज़ इसलिए मौत के घाट उतारा था, क्योंकि वह कायस्थ बिरादरी का था। उसका मानना था कि कायस्थ लोगों का दिमाग काफी तेजी से काम करता है। इसलिए कर्मचारी को क़त्ल करने के बाद वह कई दिनों तक उसकी खोपड़ी के हिस्से को भूनकर खाता रहता था।

जुड़िये हमसे और मजा लीजिये हनी सिंह के साथ का

 

तीन भाग्यशाली विजेता घोषित

1. रजत मोगरा

2. हर्षवर्धन कछवाहा

3. अभिषेक गुप्ता


UdaipurPost Yo Yo Honey Singh Giveaway

दोस्तों हनी सिंह उदयपुर वासियों को अपने मस्ताने अंदाज़ से और अपनी पॉप गायकी से दीवाना बनाने आरहा है 13 दिसंबर को ।

13 दिसंबर की शाम 7 .15 से द ज्ञानगड़ , पंक्रेतन कोम्लेक्स में धूम मचाएगे उदयपुर पोस्ट आपके लिए ले कर आया है आपके लिए सुनहरा अवसर बस आपको हमारे साथ हमारी पोस्ट पर बने रहना है और अपना भाग्य आजमाना है और कुछ निर्देशों का पालन करना है ।

10 दिन बाद आप में से कोई तिन भाग्यशाली विजेताओं को हनी सिंह के कार्यक्रम के पास दिए जायेगें बिलकुल मुफ्त ।

क्या करना होगा –

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  2. इस पोस्ट को को लाइक कर शेयर करना है ।
  3. इस पोस्ट पर कमेन्ट कीजिये

 

 

नोट – भाग लेने वाले उदयपुर संभाग के ही होने चाहिए, विजेता हमारे ओटोमेटिक सिस्टम द्वारा ही चयनित होंगे

चौड़ा होगा सूरजपोल-प्रतापनगर मार्ग

उदयपुर. नगर परिषद सूरजपोल से प्रतापनगर तक सड़क को चौड़ा करेगी। बढ़ते यातायात दबाव के चलते इस मार्ग पर आए दिन जाम की परेशानी रहती है। सड़क की चौड़ाई बढ़ने पर जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

करीब 40 लाख रुपए के अनुमानित खर्च वाला यह काम पूरा करने के लिए नगर परिषद ने संबंधित ठेकेदार को चार महीने का समय दिया है। शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने गुरुवार को इस कार्य का उद्घाटन किया। निर्माण समिति अध्यक्ष प्रेमसिंह शक्तावत ने बताया कि पहले चरण में सूरजपोल से सेवाश्रम तक सड़क चौड़ी की जाएगी।

उसके बाद आगे का काम किया जाएगा। कार्य के उद्घाटन अवसर पर सभापति रजनी डांगी, प्रमोद सामर, पार्षद पारस सिंघवी, वंदना पोरवाल, सत्यनारायण मोची, चंचल अग्रवाल, अलका मुंदड़ा, एक्सईएन शिशिरकांत वाष्र्णेय सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे

गुलाबी ठण्ड में गर्मी का एहसास करा दिया कवियों ने

उदयपुर. दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में देश के जाने-माने कवियों ने विविध रस की कविताओं से खूब सराबोर किया श्रोताओं को।

सर्दी के बावजूद कवियों को सुनने के लिए देर रात कार्यक्रम के अंत तक जुटे रहे श्रोता, उदयपुरवासियों की कवियों ने की दिल खोलकर तारीफ।

लोक कला मंडल के मुक्ताकाश रंगमंच पर गुरुवार की शाम काव्य रंगों से सजी। मंच से बरसे काव्य रस का जादू कुछ ऐसा चला कि श्रोता गुलाबी ठंड के बीच अपनी जगह से हिले तक नहीं।

सुरेंद्र शर्मा की चार लाइनों पर ठहाके तो डॉ.कुमार विश्वास के गीतों पर पांडाल में वाह.. वाह.. गूंज उठा। डॉ. सीता सागर ने मेवाड़ के मंदिर, पर्यटन स्थल, नदियां, शिक्षण सहित तमाम चीजों पर अभिवादन कविता से हर श्रोता का दिल जीत लिया।

उन्होंने मेवाड़ अंचल की संस्कृति और यहां की पहचान से जुड़ी कोई चीज नहीं छोड़ी। लंबे अभिवादन में हर जगह का नाम याद रखते हुए बड़े ही प्यार से प्रस्तुत किया तो परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कुल मिला कर ख्यातनाम कवियों की रचनाओं के इंद्रधनुषी मंच से दमकती शाम श्रोताओं के लिए यादगार हो गई। अपने पसंदीदा कवियों को सुनने का उत्साह कुछ ऐसा रहा कि कई लोग शादी-समारोहों से भी जल्दी लौट आए।

 इनकी रही मौजूदगी

दैनिक भास्कर की ओर से भास्कर उत्सव श्रंखला के तहत कवि सम्मेलन की शुरुआत में अतिथियों ने कवियों का सम्मान किया। इनमें सोजतिया क्लासेज के डायरेक्टर महेंद्र सोजतिया, सनराइज नर्सिग इंस्टीट्यूट के निदेशक हरीश राजानी, अरावली हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. आनंद गुप्ता, अलका पब्लिसिटी के संदीप खमेसरा, आरएसएमएम के सीनियर मैनेजर बालमुकुंद असावा, हृदय क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष राजेश जैन, पेसिफिक यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार शरद कोठारी, निदेशक राहुल अग्रवाल, दैनिक भास्कर के उदयपुर यूनिट हेड अजीत वी. जॉनी, पूर्व आईएएस और दैनिक भास्कर के एडिटोरियल एडवाइजर महेंद्र सुराणा शामिल थे। संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल, एएसपी (सिटी) तेजराज सिंह भी बतौर मेहमान मौजूद थे।

 

मंदिर या मस्जिद की या किसी इमारत की, माटी तो लगी भाई मेरे भारत की..’, ‘कान्हा और द्वारकाधीश में यही फर्क है, अगर तुम कान्हा होते तो तुम सुदामा के घर जाते, सुदामा तुम्हारे घर नहीं आता..’।

 सुरेंद्र शर्मा, दिल्ली

 

 

‘मैं तुझे ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक रोज जाता रहा, रोज आता रहा..’, ‘कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, मगर धरती की बेचैनी तो बस बादल समझता है..’, ‘किसी के दिल की मायूसी जहां से होकर गुजरी है, हमारी सारी चालाकी वहीं पे खोकर गुजरी है..’, ‘हम हैं इस मुल्क की सरकार बनाने वाले..’।

 डॉ. कुमार विश्वास, गाजियाबाद

 

महंगाई भारत को नोच-नोच कर खा रही है, आम आदमी के हाल आज फटेहाल है, पेट्रोल दिन-रात पार्टी बदलता है, डीजल के दाम पे हो रहा बवाल है..’, ‘कुर्सियां रूठे तो रूठे बोझ हम ढोते नहीं है, हम कवि हैं, हम किसी के पालतू तोते नहीं हैं..’।

 राव अजात शत्रु, उदयपुर

 

‘भारत ने अमेरिकी आदेश मानकर कहा, पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए, बातचीत दिल्ली में करें या इस्लामबाद में, बातचीत नहीं बदलनी चाहिए..’।

 संपत सरल, जयपुर

 

बंद हो थाने के पट ऐसा कभी होता नहीं, शहर सोये चैन से बस इसलिए सोता नहीं, कर्म पथ में हैं मिले मुझको मगर कांटे बहुत, आदमी हूं कैसे कह दूं मैं कभी रोता नहीं..’, ‘वो कहते हैं कि गांवों की तस्वीर बदल देंगे, उन्होंनें गांव को सिर्फ

तस्वीर में देखा है..’, ‘नेता और अफसर के कुत्तों की बातचीत..’।

 पवन जैन, भोपाल

 

तुम्हें गुरु ग्रंथ जी की बानी की कसम, पुत्र बलिदान की कहानी की कसम, पिया नहीं शत्रुओं के पानी की कसम, ऊधम भगत की जवानी की कसम, सरदारी तेवर दिखाते क्यों नहीं, चिड़िया को बाज से लड़ाते क्यों नहीं, भूल गए क्या वो संस्कार आप हैं, जाने किस तरह के सरदार आप हैं..’, ‘चाहे कुछ भी हो जाए, आज से तिरंगा कहीं झुकेगा नहीं..’।

 आशीष अनल, लखीमपुर खीरी (उत्तरप्रदेश)

 

दिल की दिल से कहां पर है दूरी नहीं, तेरी दुनिया बड़ी तो है पूरी नहीं, मेरी तनहाइयों का है मुझ पे करम, मैं अकेली हूं, लेकिन अधूरी नहीं..’, ‘अजनबी राह पर चली आई, सब ने रोका मगर चली आई, आप दो गज जमीन दे न दें, मैं तो सब छोड़कर चली आई..,’ ‘हमें कोई कुछ भी माने..’।

 डॉ. सीता सागर, कुरुक्षेत्र

सो.- दैनिक भास्कर

सूने मकान से लाखों के जेवरात चोरी

उदयपुर। प्रतापनगर क्षेत्र की कृष्णा कॉलोनी में बीती रात सूने मकान से चोर 34 तोला सोना, चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ले गए। आज सुबह गृहस्वामी के घर पहुंचने पर चोरी का पता चला। इस पर प्रतापनगर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कुंभलगढ़ के पटवारी सूरपालसिंह सोलंकी का यहां कृष्णा कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। इस मकान का मालिक हींता (भींडर) निवासी देवेंद्रसिंह देवड़ा हैं। बुधवार को सूरपालसिंह साले की शादी में गया हुआ था और देवेंद्रसिंह भी परिवार के साथ गांव गया हुआ था। पीछे से बीती रात चोरों ने सूरपालसिंह के मकान के ताले तोड़ दिया और सूरपाल और देवेंद्रसिंह के कमरों के ताले तोड़कर अंदर से अलमारियों में से जेवरात निकाल दिए। चोरों ने सूरपालसिंह के कमरे से 30 तोला सोना, दो तोला चांदी और दो हजार रुपए केस और देवेंद्रसिंह के मकान से चार तोला सोना, एक तोला चांदी और छह हजार रुपए नकद चुरा ले गए।

चोरों ने सूरपाल और देवेंद्रसिंह के कमरों में अलमारियों से जेवरात निकाले। चोर असली जेवरात ले गए और नकली जेवरात छोड़ गए। चोरों ने रसोई में रखा मेवा भी खाया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है।

उदयपुर में धूम मचाएगें यो यो हनी सिंह

उदयपुर , अपने बिंदास अंदाज़ और पॉप गायकी से दुनिया में धूम मचाने वाले हनी सिंह 13 दिसंबर को उदयपुर के युवाओं दीवाना बनाने आ रहे है , हनी सिंह के प्रोग्राम को लेकर उदयपुर के युवाओं में जबरदस्त उत्साह है ।

उदयपुर की इवेंट मेनेजमेंट कंपनी “एवर शाइन इवेंट” के द्वारा करायी जारही हनी सिंह नाईट 13 दिसंबर को द ज्ञानगड़ नवरतन कोम्प्लेक्स शाम 7 .15 बजे आयोजित होगी ।

“एवर शाइन ” के प्रवक्ता साकेत शर्मा ने बताया की युवाओं का हनी सिंह के प्रति जबरदस्त उत्साह को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन लेकसिटी में कराया जारहा है । शर्मा ने बताया की हमारी इवेंट कम्पनी का मानना है की लेकसिटी की खूबसूरती की वजह से दुनिया के करोड़पतियों की शादियाँ शाही अंदाज़ में लेकसिटी में आयोजित होती है और इनमे हिन्दुस्तान के मशहूर स्टार सेलिब्रिटी आते है लेकिन उनकी प्रस्तुति का आनंद शहर के युवा नहीं ले सकते ऐसे में हमारे शहर के युवाओं और जनता को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन किया जारहा है ।

शर्मा ने बताया की हनी सिंह के प्रति युवाओं का इतना जबरदस्त उत्साह है की आधे से ज्यादा पास युवा ले जा चुके है ।

यो यो हनी सिंह ने पॉप गायकी और अपने बिंदास अंदाज़ से पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है हाल ही उनका नया एल्बम शेटन रिलीज़ होने वाला है इससे पूर्व यो यो ” हाय मेरा दिल ” कोकटेल फिल्म का “अंग्रेजी बिट ” “ब्राउन रंग” “हाई हिल्स ” आदि कई गानों से युवाओं को दीवाना बना चुके है ।

उदयपुर में होने वाले हनी सिंह नाईट में प्रसिद्द डीजे लिल्बी और देव भी जवान दिलों को धड्कायेगें ।

बस पलटने के बाद ग्रामीणों ने बस में आग लगायी

उदयपुर, सूरजगढ से सेन्दवाडा जा रही कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष लालसिंह झाला की बस अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें सवार यात्रियों में से एक की मौत हो गइ व पांच अन्य घायल हो गये। घटना से आक्रोशित आदिवासियों ने बस में तोडफ़ोड कर आग लगा दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला की ’झाला बस सर्विस’ के नाम से गोगुन्दा से सेन्दवाडा रूट पर चलने वाली बस अपने अंतिम स्टॉप के लिए रवाना हुई थी। जो मोरवेल गांव में अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना रात्रि करीब ९ बजे की है। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गये। जिन्हें उपचार के लिए गोगुन्दा चिकित्सालय ले जाया गया। बस के पलटने के बाद मौके पर आदिवासियों की भीड एकत्रित हो गई। आदिवासियों ने आये दिन होने वाली घटनाओं से क्षुब्ध

होकर पहले तो बस में तोडफ़ोड की उसके पश्चात उसे आग के हवाले कर दिया।

घटना की जानकारी मिलने पर थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा। बस में आग लगी देख पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना उदयपुर कंट्रोल रूम पर दी। सूचना मिलते ही उदयपुर से फायर बिग्रेड को मौके के लिए रवाना कर दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी (गिर्वा) अताउर्रहमान भी मौके पर पहुंचे। आदिवासी आक्रोशित है और पुलिसकर्मियों को बस के नजदीक नहीं जाने दे रहे है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास के थानों का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर बुलवा लिया है।

चांदनी रात में हुआ राधा रास

दो दिवसीय विश्व जीवंत विरासत महोत्सव संपन्न

हट जाओ कन्हैया, छोड़ो कलाईयां तोहे लाज न आए

उदयपुर, विश्व जीवंत विरासत महोत्सव के तहत बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ऐतिहासिक जगमंदिर आइलैण्ड पैलेस में सुप्रसिद्ध सूफी कत्थक नृत्यकार मंजरी चतुर्वेदी द्वारा राधा-रास प्रस्तुत किया गया।

गुलाबी सर्दी के अहसास के साथ जगमंदिर आईलैण्ड पैलेस के मुकुट पर खिले चौदहवीं के पूर्ण चांद की अलौकिक रोशनी और रंगीन बल्बों की रोशनी से जगमग जगमंदिर के नयनाभिराम मंच पर जब मंजरी चतुर्वेदी ने उनकी प्रसिद्ध गंगा-जमुनी तहजीब पर आधारित सूफीयाना राधा रास प्रस्तुत की। उन्होंने मुस्तार खेराबादी की राधा प्रेम पर रचित रचना …ऐसे दिनन बरखा ऋतु आयो, घर नहीं हमरा श्याम रे मुरलिया बाज रही… सूफी कव्वाली पर कत्थक प्रस्तुत किया। इसके पश्चात राग रागेश्वरी में नवाब साहब रामपुर सैयद राजा अली खान की राधा-कृष्ण पर रची सूफी रचना …हट जाओ कन्हैया, छोड़ो कलाईयां तोहे लाज न आए… पर मनोरम भाव भंगिमाओं के साथ प्रस्तुति दी। नृत्यकार मंजरी ने इसके बाद सूफी रचना भोर भए आए मेरे द्वारे एवं सैंया सजीले तोरे नैना, रसीले ऐसे बालम पे मैं तन-मन वारूं पर सूफी एवं कत्थक का मिलाप पेश किया।

कार्यक्रम से पूर्व महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ ने दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फाउण्डेशन का प्रयास है कि वह पारंपरिक उत्सवों में संगीत प्रेमियों का मनोरंजन तो करे ही साथ ही उन्हें ज्ञानार्जन भी करवाए। इस अवसर पर आशका बटीक की प्रदशर्नी भी लगाई गई। कार्यक्रम में फाउण्डेशन के ट्रस्टी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, मेवाड़ की पूर्व रियासत के ठिकानेदार, विदेशी मेहमान, शहर के कलाप्रेमी तथा आमंत्रित अतिथियों ने शिरकत की।

समारोह का संचालन निधि शर्मा ने किया। दो दिवसीय विश्व जीवंत विरासत महोत्सव का मुख्य समन्वयन वृंदा राजे सिंह ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंगलवार को आयोजित हुई जीवंत विरासत कार्यशाला में पधारे देश-विदेश के वक्ताओं ने भी भाग लिया। समारोह के अंत में श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ ने समस्त कलाकारों को भेंट देकर सम्मान किया।

पुस्तक परिचय: सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व दिल्ली की मशहूर कलाप्रेमी एवं लेखिका ईला पाल की अंग्रेजी में लिखित पुस्तक स्टिलिंग गॉड्स का परिचय समारोह संपन्न हुआ। लेखिका ईला पाल इस अवसर पर अपनी रचना की जानकारी मेहमानों को दी।

इन्होंने की संगत : राधा-रास में मुख्य अदाकारा मंजरी चतुर्वेदी के साथ कव्वाल जनाब नारूल हसन, ढोलक पर मोहम्मद तारीक, तबले पर मोहम्मद सलीम, हारमोनियम पर मोहम्मद सलमान, बशर हसन, इकराम हुसैन, राधा की आवाज दी श्रीमती राधिका चोपड़ा, सारंगी पर श्री कमाल खान, सितार पर श्री फतेह अली, तबले पर मनोज नागर, बांसुरी पर श्री जीवन ने संगत की। समारोह में मंच की रोशनी व्यवस्था नितिन जैन तथा मुख्य अदाकारों का श्रृंगार मनोज वर्मा ने किया।