विश्व जीवंत विरासत महोत्सव

उदयपुर, कार्तिक मास की पूर्णिमा पर इस बार दो दिवसीय आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 27 नवंबर मंगलवार को सिटी पैलेस स्थित दरबार हॉल में जीवंत विरासत विषय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। वहीं 28 नवंबर को जगमंदिर आईलैण्ड पैलेस में सूफी कत्थक कलाकार श्रीमती मंजरी चतुर्वेदी द्वारा राधा रास की प्रस्तुति दी जाएगी।

कार्तिक पूर्णिमा कार्यक्रम की मुख्य संयोजक वृंदा राजे सिंह ने बताया कि महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ द्वारा विगत कई वर्षों से मेवाड़ की शिक्षा, कला, संस्कृति, परंपरा, चिकित्सा, उद्योग, खेल, पर्यटन एवं अनेक विरासत की अमूल्य धरोहर को संरक्षण एवं संवद्र्धन प्रदान किया जा रहा है। जगत रचयिता भगवान ब्रह्मा की उपासना में इस बार कार्तिक पूर्णिमा के उत्सव को श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ द्वारा विश्व जीवंत विरासत महोत्सव के रूप में मनाने की दूरगामी सोच पर फाउण्डेशन द्वारा इस कार्यक्रम को अंजाम दिया जा रहा है।

दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत विश्व जीवंत विरासत महोत्सव के लिए संपूर्ण रूपरेखा दिल्ली के डॉ. विनयशील गौतम ने तैयार की है। मंगलवार को दरबार हॉल में आयोजित कार्यशाला में इंटरनेशनल कमेटी ऑफ इंटेजीबल कल्चरल हेरिटेज आस्ट्रेलिया के अध्यक्ष मर्लिन क्लेरी ट्रसकोर्ट, यूनेस्को नई दिल्ली की कार्यक्रम विशेषाधिकारी मोए छिबा, विरासत संरक्षण संस्थान द्रोण, गुडग़ांव की समन्वयक डॉ. शिखा जैन, इंडियन हेरिटेज सिटीज नेटवर्क मैसूर के श्री के.एस. रायकर, दिल्ली के डॉ. विनयशील [quote_left]28 नवंबर को जगमंदिर आईलैण्ड पैलेस में सूफी कत्थक नृत्यकार मंजरी चतुर्वेदी अवध और दिल्ली के कव्वालों की जुगलबंदी में राधा रास प्रस्तुत करेगी। [/quote_left]गौतम, इंटरनेशनल कौंसिल ऑन मोन्योमेंट्स एण्ड साइट्स नई दिल्ली की तारा शर्मा विषयवस्तु पर व्याख्यान देंगे। कार्यशाला में श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ जीवंत विरासत के क्षेत्र में मेवाड़ की भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। कार्यशाला सुबह 9 से दोपहर 1.30 बजे तक दो सत्रों में चलेगी।

वृंदा राजे सिंह ने बताया कि विश्व जीवंत विरासत महोत्सव के दूसरे दिन 28 नवंबर को जगमंदिर आईलैण्ड पैलेस में सूफी कत्थक नृत्यकार मंजरी चतुर्वेदी अवध और दिल्ली के कव्वालों की जुगलबंदी में राधा रास प्रस्तुत करेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व दिल्ली की मशहूर कलाप्रेमी एवं लेखिका ईला पाल की पुस्तक स्टिलिंग गॉड्स का परिचय समारोह होगा। लेखिका ईला पाल इस अवसर पर अपनी रचना की जानकारी मेहमानों को देगी। कार्यक्रम शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में निमंत्रण पत्र के माध्यम से ही शिरकत हो सकेगी।

मुहर्रम 2012 – बलिदान और शहादत का महिना

[quote_center]Hussain is a role model that all human beings can aspire to; his spirit lives on forever in the human conscience. He taught us the true purpose of our existence – the perfection of our morals and ethics. In his own words he sums it up beautifully: “Death with dignity is better than a life of humiliation”[/quote_center]

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

Muharram Udaipur 2012

 

 

मिस्टर एवं मिस माही प्रतियोगिता में 27 को होगी स्क्रीनिंग

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बांसवाडा, रंगारंग माही महोत्सव के तहत आयोजित होने वाली मिस्टर एवं मिस माही प्रतियोगिता में २७ नवंबर को स्ऋीनिंग टेस्ट होगा। प्रतियोगिता आयोजन समिति की अध्यक्ष डॉ. क्षिप्रा राठौड ने बताया कि प्रतियोगिता के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि २७ नवंबर को १२ बजे है और इसके बाद अपराह्न दो बजे हरिदेव जोशी कन्या महाविद्यालय में समस्त आवेदकों का स्ऋीनिंग टेस्ट लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्ऋीनिंग टेस्ट के लिए आवेदकों को २७ नवंबर को दो बजे उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. राठौड ने बताया कि प्रतियोगिता के संबंध में समिति सदस्यों की एक बैठक २६ नवंबर को दो बजे तथा २७ नवंबर को १ बजे महाविद्यालय में आयेाजित की जाएगी जिसमें प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए चर्चा की जाएगी।

मंदिर से छत्र चुरा ले गया चोर (वीडियो)

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उदयपुर, शहर के सूरजपोल क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर से चोर चांदी का मुकूट चुरा ले गए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार रविवार सवेरे सूरजपोल फतह स्कूल के सामने स्थित बाला जी हनुमान मंदिर में आया चोर ६५० ग्राम चांदी का मुकूट चुरा ले गया। तडक पुजारी माली कालोनी निवासी कैलाश चन्द्र पुत्र वेणीराम नागदा भगवान को मुकुट धारण करा एवं दुध का भोग लगा कर घर गया जिन्हे पिछे से सेवक पुष्कर ने वारदात की फ़ोन पर जानकारी दी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कर जांच शुरू की। पूछताछ में पता चला कि बाइक लेकर आया बदमाश पहले मदिर में दर्शन कर बाहर आकर हाथ धोकर वापस मंदिर में जाकर मुकुट लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मंदिर में लगे सभी सीसी टीवी कैमरे से बदमाश के फूटेज मिले है।

तिब्बतियन मार्केट मे बढी भीड

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उदयपुर सर्दी शुरू होते ही गरम कपडे, स्वेटर, जेकेट लेने के लिए शहर वासियों की भीड समोर बाग स्थित तिब्बतियन मार्केट पर पडने लग गयी इस वर्ष सर्दी थोडी देर से शुरू हुई लेकिन अब लगातार भीड बढती जा रही है ।

तिब्बतियन मार्केट सर्दियों के दिनों में शहर वासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है और यहाँ सर्दी की हर चीज वाजिब दामों में मिल जाती है , इस वर्ष हलाकि सर्दी देर से शुरू हुई लेकिन पिछले तिन तीनों से ताप मान में गिरावट ने तिब्बतियन मार्किट में ग्राहकों की बहार ला दी है । छोटे बच्चों के टोपे , हाथों के मोजे मफलर , जेकेट कोट , गरम इनर , स्टायलिश स्वेटर , हर तरह के सर्दियों के वस्त्रों की यहाँ भरमार है ७० के करीब लगी दुकानों में हर तरह के आइटम मिल जाते है ।

बारगेनिं और मोल भाव पे पूर्व में कई बार लडाई झगडे की हो जाते थे इसलिए अब यहाँ एक ही भाव होता हे और मोल भाव नहीं होता । इस बार नयी फेशन के स्टायलिश स्वेटर और हाफ जेकेट खूब बिक रहे हे , युवा टोपे वाले गरम शर्ट भी काफी पसंद कर रहे है । तिब्बतिय व्यापारियों का कहना है की जेसे ही सर्दी और बढेगी हमारे मार्किट में ग्राहकों की भीड बढती जायेगी।

पुलिस ने दिखाई मानवियता, स्वयं के खर्चे पर शव भेजा

हिरणमगरी थाना क्षेत्र में मिले शव की शिनाख्त

नाम पर सम्पत्ति नहीं होने पर परिजनों ने किया था शव लेने से इंकार

उदयपुर, ’पैसा खुदा तो नहीं पर खुदा से जुदा नहीं’ यह कहावत आज लेकसिटी में एक युवक की मौत पर चरितार्थ हुई। युवक के नाम सम्पत्ति नहीं होने पर उसके परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने स्वयं के खर्चे पर शव को उसके घर पहुंचवाया जिसके पश्चात युवक का अंतिम संस्कार हो पाया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को हिरणमगरी थाना क्षेत्र के जडाव नर्सरी की गटर के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। पुलिस ने जिसकी शिनाख्त रेलवे कॉलोनी के समीप पथिक नगर सविना निवासी गणेश (२८) पुत्र चुन्नीलाल के रूप में की। शिनाख्तगी के बाद जब पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को दी तो उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया।

जानकारी में आया है कि मृतक के नाम कोई सम्पत्ति नहीं होने के कारण परिजन उसके शव को लेने से आनाकानी कर रहे थे। परिजनों के नहीं आने पर रविवार को हिरणमगरी थाना एएसआई रामलाल ने परिजनों को बुलवाकर पोस्टमार्टम करवाया और स्वयं के ही खर्चे पर एम्बुलेंस की सहायता से युवक के शव को उसके घर पहुंचाया।

कर्बला के शहीदों को सलाम

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[quote_center]हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला में शहीद हुए तमाम शहीदों की याद में रवीवार को योमे आशूरा मनाया गया और शहर भर में ताजियों के जुलुस दो चरण में निकाले गए सुबह और शाम को निकलने वाली ताजियों की सवारी में अपार जन समूह उमड़ा।[/quote_center]

Muharram Procession in Udaipur 2012
रविवार को मुहर्रम की दस तारीख को योमे आशुरा मनाया गया ताजियों की सवारियों को पुरे जोश खरोश के साथ निकला गया ताजिये दो चरण में निकले जिसमे सुबह १० बजे से शहर के सभी मुस्लिम मोहल्लों के के करीब २० ताजिये व् कई छोटी बड़ी मेह्न्दियों का जुलुस हाथीपोल हर्वेन जी के खुर्रे से रवाना हुआ सब से आगे महावत वाड़ी के ताजिये थे उसके बाद सिलावट वाड़ी, कल्ले सात , आदि कई मोहल्लों के सजे धजे ताजिये थे अबरक से बना ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा , ताजियों की सवारी पुरे जोश खरोश , और या हुसैन या हुसैन की मातमी गुंजों के साथ आगे बड़ा साथ में युवा ढोल नगाड़ों पर मातमी ताल बजाते चल रहे थे ।
घंटा घर पर घेरा बना कर कई देर तक युवाओं ने या हुसैन या हुसैन कर मातम मनाया जुलुस घंटा घर से गणेशा घाटी होता हुआ पांडू वाड़ी पंहुचा जहा पर ताजियों और मेह्न्दियों को ठंडा किया गया । कई जागरूक लोगों ने ताजियों को ठंडा नहीं किया और झील बचाओ का नारा लगते हुए पानी का छिटा लगा कर वापस ले आये ।
Muharram Procession in Udaipur 2012
शाम को शुरू हुआ बड़े ताजियों का दुसरा चरण जिसमे अकीदतमन्द भारी संख्या में मोजूद रहे । दुसरे चरण के ताजियों के लिए तीनों बड़े ताजियों के अलघ अलग खंड जुलुस के रूप में १ बजे से तीज के चोक में लाना शुरू हो गए अलीपुरा , बड़ी पलटन , और ढोली बावड़ी के बड़े ताजिये तीज के चोक में जमा होकर वही सरे खंड जमाये गए और करीब ४ बाजे वहां से ताजियों का जुलुस निकला गया तिन बड़े ताजियों के साथ विभिन्न मोहल्लों के छोटे ताजिये भी  थे ।
सबसे आगे धोलीबावड़ी के ताजिये जिसको अलनावाज़ कमिटी के युवाओं ने अपने कंधों पर उठा रखा था सर पर सबके सफ़ेद रुमाल बंधा हुआ और सब युवा या हुसैन के नारों के साथ ताजियों को आगे ले कर बड़ा रहे थे साथ में माइक पर नात और मर्सियाह भी पड़ा जारहा था । धोली बावड़ी के बड़े ताजिये अपने आप में एक कारीगरी और आर्ट का नमूना थे ताजियों पर बड़ी बारीकी से पेपर और रंग बिरंगे पन्नी और थर्मा कोल का खुबसूरत काम किया गया था ।
Muharram Procession in Udaipur 2012
दुसरे न. पर अलीपुरा के ताजिये थे उनको भी स्थानीय युवाओं ने बड़े करीने से काँधे पर उठा रखा था और सबसे आखिर में बड़ी पलटन के बड़े ताजिये थे , सभी ताजिये भडभुजा घटी बड़ा बाजार घंटा घर जगदीश चोक होते हुए रात ८ बजे तक लाल घाट स्थित कर्बला पहुचे जहाँ ताजियों को ठंडा किया गया ।
इस बिच बड़ा बाजार स्थित चिल्ले की मस्जिद पर ताजियों का मुकाम रुकवा कर सभी रोजदारों का रोजा खुलवाया गया और जगदीश चोक में विहंगम द्रश्य देखने को भरी जन सैलाब उमड़ा अन्धेरा होते ही सभी ताजिये आकर्षक रौशनी से जगमगा उठे ।
मन्नतें उतारी  
दुसरे चरण की सवारी में बड़े ताजियों पर कई लोगों ने अपनी मन्नतें उतारी तो कई यों ने मन्नते ली , कोई ताजियों के आगे लोटा तो कोई अपने बच्चे को लेकर ताजियों के निचे से निकला , जगह जगह महिलाओं ने फूल के सेहरे और नारियल पेशा किये ।
हर जगह सबिले लगायी गयी थी जिसमे शरबत चाय , पानी , हलवा , आइस क्रीम , पुलाव हलिम आदि खिलाये गए , हलिम तो शाम होते होते हर मुस्लिम मोहल्ले की हर गली में बनता हुआ दिखाई दिया ।

पाबंदी के बावजूद सलामी की रस्म करने पहुंचे युवा

पुलिस अधिकारियों ने की समझाइश, नहीं मानने पर किया बल प्रयोग

उदयपुर, मोहर्रम पर भडभुजा घाटी में हर वर्ष होने वाली छडी मिलन (सलामी) की रस्म पर पाबंदी लगने के बाद भी कुछ युवक छडी व ताजिये को लेकर सलामी स्थल के लिये रवाना हुए। जिसे पुलिस ने हवा में लाठियां घुमा हल्का बल प्रयोग कर पुन: लौटाया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आज रात भूपालवाडी स्थित छडी मिलन वाले स्थान पर भडभुजा घाटी से कुछ युवा मोहर्रम लेकर छडी मिलन (सलामी) के लिए रवाना हो गए। इसके लिए मोतबिर लोगों ने भी उन युवाओं से समझाइश की। नहीं मानने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अतिरित्त पुलिस अधीक्षक तेजराज सिंह, डिप्टी दयानंद सारण व अधिकारियों ने समझाइश का प्रयास किया। बात बनते नहीं देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड को तितर-बितर किया एवं ताजिये को पुन: उसके मुकाम पर रखवाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूर्ण नियंत्रण में है एवं नायकवाडी क्षेत्र में भी पुलिस जाब्ते को बढा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि करीब 150 वर्षों से चली आ रही इस छडी मिलन (सलामी) की परंपरा पर मुस्लिम युवाओं की पहल एवं मौतबिरों ने हर वर्ष बढ रही झगडों की घटना को देखते हुए शुक्रवार को इसे बंद करने का पै*सला लिया था। इसी के प*लस्वरूप आज ताजियों को जियारत के लिए अपने मुकाम पर ही रखे गए थे।

अब नहीं होगा छड़ी मिलन

उदयपुर, ताजियों के दौरान हर वर्ष होने वाले झगडे से परेशान होकर मेवाफरोश ओर नायकान समाज ने पहल करते हुए प्रशासन को लिखित में दे दिया अब भडभूजा घाटी पर मुहर्रम की 9 तारीख को रात होने वाले छडी मिलन की रस्म नहीं होगी।

उल्लेखनिय है कि मोहर्रम की रात २ बजे भडभूजा घाटी पर वर्षो से चली आ रही छडी मिलन की परम्परा रही है। जिसमें मेवाफरोश व नायको की छडी मिलन होता था जिसको देखने हजारों की संख्या में लोग आते है पिछले कुछ वर्षो से मोहर्रम की सात तारीख को छडियों का जुलूस व छडी मिलन में हो रही चाकूबाजी की घटनाओं से तंग आकर दो वर्ष पहले बडी पलटन का मोहर्रम चमनपुरा लाने की परम्परा भी समाप्त की और अब गुरूवार को हुई चाकूबाजी की घटना के बाद मेवाफरोशियों व नायको के बुजुर्ग व नौज्वानों ने फैसला लिया कि अब भडभूजा घाटी पर मोहर्रम की ९तारीख को रात होने वाले छडी मिलन नहीं होगा। मेवाफरोशान की तरफ से रहीम बक्ष पटेल, नजर मोहम्मद, जाकीर हुसैन आदि तथा नायकान समाज की तरफ से सदर जान मोहम्मद आदिने सर्व सम्मति से जिला कलक्टर को लिख कर दे दिया कि आज के बाद भडभूजा घाटी में छडी मिलन नहीं होगा। समाज के लोगों का कहना है कि यह एक अच्छा निर्णय लिया गया है वेसे भी छडियों के मिलन का कोई ऐतिहासिक या सामाजिक महत्व नहीं था। अंजुमन सदर शराफत हुसैन ने भी छडी मिलन नहीं होने के निर्णय का स्वागत करते हुए मेवाफरोशन व नायकान समाज का धन्यवाद दिया।

लेकसिटी में दिखने लगा सर्दी का असर

उदयपुर, घाटी में हुई बर्फ बारी का असर अब लेकसिटी में भी दिखने लगा है और सर्दी जोर पकडने लगी है। जहां बडों की सर्दी से परेशानी हो रही है तो बच्चे भी सर्दी में सुबह-सुबह स्कूल जाने में मुंह बिगाडने लगे है।

मौसम विभाग के अनुसार गुरूवार को न्यूनतम 10 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया है। सुबह और शाम के तापमान में अधिक गिरावट आ जाती है। दिन में बिना स्वेटर व या जैकेट के चल जाता है लेकिन शाम होते ही स्वेटर जैकेट और शॉल की जरूरत महसूस होने लगती है। दुपहिया वाहनधारी टोपे पहने भी नजर आने लगे है।

सबसे ज्यादा परेशानी सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले नन्हे मुन्हे बच्चों को हो रही है। ये बच्चे मुंह बिगाडते हुए स्वेटर, मप*लर, टोपे पहने ऑटो या स्कूल बस में दिखाई देते है। पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के मुंह तो सर्दी की खीज की वजह से फूले हुए रहते है और सोचते है कैसे स्कूल से बचा जाए। कई स्कूलों में टाईम में बदलाव कर सुबह 7 बजे की जगह 8 .30 बजे का कर दिया है। सुबह और शाम के तापमान में अंतर के चलते मौसमी बीमारियों की भी आशंकाएं बढ गई है। शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में बच्चों को सर्दी से बचाए रखना जरूरी है। उन्हें गरम कपडे और टोपे, मोजे अवश्य पहनाएं।