उदयपुर। सरकारी दफ्तर सरकारी काम काज के लिए होते है ना की शराब पार्टी करने के लिए। लेकिन उदयपुर शहर में राजस्थान रोडवेज का सरकारी बुकिंग ऑफिस दिन में चाहे रोडवेज की बसों के लिए बुकिंग ऑफिस रहता है, लेकिन रात में खुलती यहाँ शराब की बोतलें। खुद रोडवेज के सरकारी कर्मचारी यहाँ शराब पार्टी कर मजे करते है।
उदयपुर शहर के चेतक स्थित पहाड़ी बस स्टेण्ड पर बुकिंग ऑफिस में शराब पार्टी की लाइव् रिपोर्टिंग कर मामले को सामने लाये है उदयपुर न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर राम सिंह। रिपोर्टर राम सिंह ने मंगलवार रात को इस शराब पार्टी का लाइव वीडियो बनाया। आधे घंटे तक इन सरकारी शराबियों ने इस सरकारी कार्यालय को अपनी ऐशगाह बनाये रखा। बाद में हाथीपोल थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गई तो मय जाब्ता थाने की गाड़ी मौके पर पंहुची और रोड़वेज के बुकिंग काउंटर को खुलवाया और तीनों ही अय्याषों को शराब पीते हुए पाया। बाद में हाथीपोल थाना पुलिस तीनों को ही पकड़कर थाने ले आई और कानूनी कार्रवाई शुरू की कर दी । इस पूरे मामले का खुलासा उदयपुर न्यूज पर होने के बाद रोड़वेज प्रबंधक महेश उपाध्याय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहाड़ी बस स्टेण्ड के जिम्मेदारों पर जांच कमेटी बिठाते हुए आगे की पड़ताल शुरू कर दी है।
उदयपुर। शहर में विधानसभा चुनाव को लेकर रोज़ नयी नयी बातें नए नए विवाद और नए नए लोग सामने आरहे है। हुए इन सारे उठापटक में इस बार सबसे ज्यादा मुश्किलें बढ़ रही है तो वह है शहर के भाईसाहब गुलाबचंद कटारिया कि। उदयपुर शहर भाजपा में हर रोज़ भाईसाहब के विरोध में कोई न कोई खड़ा हो जाता है अगर कोई खड़ा नहीं होता तो उनका कोई ऐसा बयान सोशल मिडिया और अख़बारों में आजाता है जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती जाती है। यही नहीं सोशल मीडिया के एक वीर ने तो भाईसाब के १० साल के कार्यकाल को शहर की गुलामी बता शहर को आज़ादी दिलाने की बात तक कर दी और पोस्टर मेसेज वायरल कर दिए।
जहाँ एक तरफ माना जारहा है की उदयपुर शहर से कटारिया के अलावा कोई प्रत्याशी हो ही नहीं सकता वहीँ दूसरी और उनके खिलाफ उन्ही की पार्टी के लोग विरोध करने और उनके खिलाफ चुनाव में प्रत्याशी तक खड़ा करने के लिए तैयार बैठे है।
इधर कार्यकर्ता उनसे हर मीटिंग और बैठक में कार्य नहीं होने का हवाला देते है तो भाईसाहब अपने वही पुराने तेवर में कह देते है करोड़ों के काम करवा दिए और छोटे-छोटे काम नहीं होने की बात लेकर बैठे हो। नाराज़गी जताते हुए कहते है पब्लिक में ऐसा बोलोगे तो डूब जाएंगे। हाल ही में शहरी विधानसभा में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन में कटारिया ने कहा कि काम नहीं होने की बातें उस समय बोल रहे हो, जब आचार संहिता लग चुकी है। अब बोलने से कुछ होगा भी नहीं। पत्थर उछाल कर सिर नीचे लाने से क्या फायदा। कटारिया ने बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की टीम को सक्रिय करने पर जोर दिया। कहा कि पन्ना प्रमुख इसे लेकर सक्रिय रहें कि ज्यादा से ज्यादा मतदाता मतदान करने आएं।
चलिए खैर अब चुनाव है ऐसी बातें होती रहेगी फिलहाल हमारी ही नहीं पुरे शहर की नज़रें है कि इस बार भाजपा से किसको टिकिट मिलेगा। टिकिट को लेकर सोशल मिडिया पर जोरदार जंग चल रही है। सुबह से देर रात तक चाहे फेसबुक हो या व्हाट्सप्प वहां पर बीसियों उम्मीदवारों को शहर का नेता बना कर टिकिट की मांग की जा रही है। संगठन किसको टिकिट देता है यह अलग बात है लेकिन हर एक नेता की कोशिश लगातार जारी है। कुछ इस कोशिश से चार कदम आगे भी चल रहे है यहाँ तक की पार्टी और संगठन से ऊपर उठ कर उदयपुर शहरी विधानसभा से टिकिट की मांग कर रहे है। सोशल मीडिया और अपने चार छह सामजिक कार्यों के बुते पर टिकिट मांग रहे है यही नहीं उदयपुर का अगला विधायक होने का दावा करते हुए कई जगेह शहर में पोस्टर तक लगवा दिए है। आये दिन प्रेस वार्ता आयोजित कर बड़े बड़े वादे और दावे किये जारहे है यहाँ तक की भाजपा से टिकिट माँगा जा रहा है और भाजपा के ही १० साल के कार्यकाल यानी गुलाबचंद कटारिया के कार्यकाल को गुलामी का कार्यकाल बता कर उससे आज़ादी की मांग कर रहे है। ऐसा लगता है मानो जो भाजपा के नेता बरसों से पार्टी की सेवा करते आरहे है वह तो मुँह ताकते रह जायेगें और ये सोशल मीडिया वीर भाजपा का टिकिट लेकर चुनाव जीत जायेगें उन्होंने तो हज़ारों वोट से जीत जाने का दावा भी कर दिया है। ऐसे में इन सोशल मीडिया के वीरों से जमीन से जुड़े नेता किस तरह से पार पायेगें यह देखने की बात है।
और भाजपा के विधायक को ही गुलामी का कार्यकाल बता कर शहर की आज़ादी के नाम पर भाजपा से टिकिट मनगना पार्टी के आलाकमान को कितना भाति है यह देखने वाली बात होगी।
देखते रहिये आप भी और हम भी।
उदयपुर। विधानसभा चुनाव में मेवाड़ की राजनीति में रोज़ एक नया मोड़ आरहा है। मेवाड़ के अगवाल समाज ने अब हुंकार भरी है। दोनों राजनातिक पार्टियों को एक तरह से कड़ी चेतावनी देते हुए समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। प्रतिनिधित्व नहीं देने की सूरत में मेवाड़ में मावली और उदयपुर से प्रत्याशी उतारने की भी घोषणा की है।
समाज के प्रवक्ता सुरेश अग्रवाल ने बताया कि सन्मुख चुनाव को देखते हुए अपनी रणनीति तय करने एवं अन्य सभी समाज का सहयोग प्राप्त करने हेतु समस्त अग्रवाल समाज की कार्यकारिणी एवं अग्रबन्धुओं की हर रोज चुनावी बैठके आयोजित हो रही है समाज के युवा ही नही वरण महिला समितिया एवं वरिष्ठजन भी इन चुनावी सभाओं में सक्रियता से भाग ले रहे है।
वर्षाे से देश की राजनीति को परदे के पीछे नेपथ्य से संचालित करने वाले अग्रवाल समाज को सभी राजनितिक दल एवं राजनैता केवल इस्तेमाल करते आये है। चुनाव में तन-मन-धन, बुद्धि, चातुर्य, संख्याबल, सार्मथ्य समाज का उपयोग होता है।
अब समाज ने सर्वसम्मति से यह निर्णय किया कि ये सिलसिला यही समाप्त होना चाहिए, इस हेतु राजनैतिक दल या तो हमारी नेतृत्व क्षमता को स्वीकार कर हमें प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व प्रदान करें अन्यथा हम सभी राजनितिक दलों एवं उनके द्वारा घोषित प्रत्याशियों को बहीष्कार करते हुए अग्र समाज के प्रतिनिधि चुनावी दंगल में उतारेंगे।
प्रवासी अग्रवाल समाज के अध्यक्ष मदनलाल अग्रवाल, मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरेन्द्र अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, के.एम. जिन्दल, ओम अग्रवाल, नारायण अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, महिला समिति अध्यक्षा वीणा अग्रवाल, मंत्री रमा मित्तल, शारदा अग्रवाल, सुधा अग्रवाल, रितु अग्रवाल, लश्करी पंचायत अध्यक्ष रामचन्द्र अग्रवाल, धानमण्डी अग्रवाल समाज के राजेन्द्र बसंल, अग्रवाल वैष्णव पंचायत के विमल अग्रवाल, विनोद मेडतिया, मुकेश अग्रवाल, जैन पंचायत समाज के अशोक अग्रवाल एवं अग्रसेन समिति संजय अग्रवाल एवं सैकडो युवाओं एवं सदस्यों ने अपने विचार प्रकट करते हुए चुनावी समर की ताल ठोकते हुए अपना समर्थन दिया।
उदयपुर। विधानसभा चुनाव को लेकर जहाँ राजनैतिक पार्टियां समाजों को मनाने में लगी हुई है वही दूसरी तरफ हर समाज अब दोनों राजनैतिक पार्टियों के प्रत्याशियों से अपने हितों की रक्षा का वादा चाहता है। और इस बार उदयपुर के मुस्लिम समाज से जुड़े सभी संगठनों ने उदयपुर अंजुमन तालिमुल इस्लाम कमिटी के बैनर तले भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों से मांग रखी है कि इस बार मुस्लिम वोट सिर्फ उन्ही को जाएगा जो मुस्लिमों के हितों को अहमियत देगा जो बिना भेदभाव दिखाते हुए समान तरीके मुस्लिमों के विकास की बात करेगा।
लेकसिटी प्रेस क्लब में अंजुमन तालिमुल इस्लाम कमिटी उदयपुर द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजुमन के सदर मोहम्मद खलील ने अपनी बात रखते हुए कहा कि चाहे कांग्रेस हो या भाजपा दोनों पार्टियों ने हमेशा मुसलामानों को दूसरे दर्जे पर रखते हुए कभी उनके उत्थान के लिए सकारात्मक प्रयास नहीं किये। इसीलिए आज उदयपुर के करीब २२ मुस्लिम संगठनों को एक मंच पर आकर यह बात कहनी पढ़ रही है कि इस बार मुस्लिमों का वोट उसी को जाएगा जो मुसलामानों के हितों और विकास को अपने मेनिफेस्टो में जगह देगा।
सदर मोहम्मद खलील ने कहा कि उदयपुर शहर विधानसभा में मुसलामानों के वोट करीब ३०००० हज़ार है और ग्रामीण विधानसभा में 16 हज़ार से अधिक इसके बावजूद उन्हें कभी तवज्जो नहीं दी गयी। चाहे भाजपा हो या कांग्रेस किसी ने उन्हें कोई लाभ का संवेधानित राजनैतिक पद नहीं दिया। इस बार ऐसा नहीं होगा क्यूंकि जब तक हमे आश्वाशन नहीं मिल जाता मुसलामानों के का समारतीहैं उस प्रत्याशी को नहीं मिलेगा।
अंजुमन के सेक्रेटरी रिज़वान खान ने कहा पिछले १० सालों से शहर के विधायक भाजपा के गुलाबचंद कटारिया है जो की इस बार की सरकार में गृहमंत्री भी है लेकिन वे कोई ऐसा काम गिनाये जो उन्होंने मुसलामानों के हितों के लिए किया हो। अगर उनके पास मुसलमान कोई कार्य के लिए जाते है तो उनके पास एक ही जवाब होता है कि आपके मुस्लिम वार्डों से भाजपा को या मुझे वोट कितने दिए है कि आपके कामों को तरजीह दिया जाये। रिज़वान खान ने कहा की जब तक चुनाव लड़ा जाता है तबं तक ही कोई प्रत्याशी पार्टी का होता है लेकिन विधायक या किसी संवैधानिक पद पर चुने जाने के बाद वह पूरी जनता का हो जाता है इतनी सी बात माननीय गृहमंत्री जी को समझ में नहीं आती।
यही नहीं सदर खलील मोहम्मद ने यह भी कहा की जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब भी शहर के मुसलामानों के साथ दोयमदर्जे का सुलूक किया गया ना तो उन्हें कही कोई पद दिया गया ना ही उसके क्षेत्र में विकास पर कोई कार्य हुआ। चुनाव के दिनों में समाज जनों के साथ मीटिंग कर सिर्फ आश्वाशन देने से अब काम नहीं चलेगा अब मुसलामों के विकास की दिशा तय करते हुए मेनिफेस्टों में बताना होगा की आप मुसलामानों के लिए क्या करेगें।
सदर मोहम्मद खलील ने कहा की हम बहुत जल्दी सभी संगठनों के साथ बैठक कर एक मांगपत्र प्रकाशित करेगें और दोनों पार्टियों में से जो भी हमारे उस मांगपत्र में मांगी गयी मांगों को मेनिफेस्टों में सम्मिलित करेगा उदयपुर का हर मुसलमान वोटर उनको समर्थन करेगा।
पत्रकारों द्वारा पूछा गया की अगर किसी ने भी अपने मेफेस्टों में उनकी मांगों को सम्मिलित नहीं किया तो क्या वह चुनाव का बहिष्कार करेगें तो उस पर उन्होंने कहा की नहीं चुनाव एक अधिकार है उसका बहिष्कार नहीं करेगें लेकिन कुछ ऐसा जारोपोर करेगें जिससे की शहर के मुसलामानों की ताकत का अंदाज़ा दोनों पार्टियों को हो जाए।
सदर मोहम्मद खलील ने बताया की उनके साथ शहर के करीब करीब सभी मुस्लिम सामजिक संगठन साथ में है और उनके सभी प्रतिनिधियों से हमारी लगातार वार्ता जारी है। मांगपत्र प्रकाशित करने के बाद हम हर घर तक यह सन्देश देंगे की हमे अपने हक़ के लिए क्या करना है।
उदयपुर। उदयपुर विधानसभा की सीटों को लेकर भाजपा में जम कर कोहराम मचा हुआ है। हर समाज के प्रतिनिधि अपने अपने जाती के प्रत्याशी की मांग कर रहा है। ऐसे में भाजपा की नेता अर्चना शर्मा ने गुलाबचंद कटारिया धर्म नारायण जोशी और मांगीलाल जोशी पर ब्राहमणों की पेरवी नहीं करने पर जो बयान दिए उससे भाजपा में जबर्दस्त उबाल आगया है। भाजपा से जुड़े ब्राहमण नेता खुल कर सामने आगये है।
भारतीय जनता पार्टी के षीर्श नेतृत्व ने रणकपुर में गहन बैठककर अपने – अपने क्षेत्र के प्रत्याषियों के नाम कार्यकर्ताओं से मांगे, थे जहां हर समाज का भाजपाई पंहुचा लेकिन ब्राह्मणों का नेतृत्व करने वालों के नहीं पंहुचने से समाज में काफी रोष उभर कर सामने आया है। ब्राह्मण समाज से जुड़े भाजपा के लोगों में यही चर्चा रही कि आखिर कहां है हमारा नेतृत्व करता। जाहिर से बात है प्रदेश की दौ सो विधान सभा सीटों में से कहीं ने कहीं से तो दावेदारी करने के लिए ब्राह्मणों की ओर से नाम देना ही चाहिए था, लेकिन वहां पर किसी न किसी की पैरवी नही की। यह अलग बात है कि राजपूत, जैन, एसटीएसी आदि सभी समाजों के दिग्गज रणकपुर पंहुचे और अपनी अपनी जाति की पैरवी की। इस पूरे मामले में ब्राहम्णों की नेता अर्चना शर्मा ने बताया कि अब ब्राहम्णों के पास बरगद की छांव नहीं रही। आज भानुजी या विजयजी श्रीमाली होते तो हमारे को यह दिन नहीं देखने को मिलता है। धर्मनारायण जी अपने टिकिट से आश्वत है इसलिए वह पैरवी नहीं करना चाहते। मांगलाल जी जोषी भी ब्राह्मणों की जाजम पर तो पैरवी करते है लेकिन यहां क्यूं नहीं आए हम तो इनके पीछे ही है ना अगर फिर भी यह लोग अपने ही लोगों की पैरवी नहीं करेंगे तो फिर कटारिया जी से क्यूं दुष्मनी रखे। हमारी मर्जी होगी जिसके साथ रहेंगे और चलेंगे। अर्चना शर्मा की माने तो जब कोई ब्राह्मण नेता उन्हें नहीं दिखा तो उन्होंने उदयपुर शहर से खुद की दावेदारी के दस्तावेज जिम्मेदारों के सामने पेश किए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रजनी डांगी हो किरण जैन हो या कोई और महिला भाजपा नेता हो वह सभी से सीनीयर है और अब तक चार चुनाव भी जीत चुकी है। इस पूरे मामले पर जब मांगीलाल जोशी से बात की तो उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि ब्राह्मणों के नेता और विप्र फाउण्डेषन के राश्ट्रीयध्यक्ष धर्मनारायण जोषी को नहीं बुलाया गया। मैंने पहले भी कहा था कि मेरा बीजेपी से मोहभंग हो चुका है । धर्मनारायण जी का क्या है यह मे नहीं कह सकता, लेकिन ब्राह्मण नेता का अपमान पूरे समाज का अपमान है। मैने कभी भी ब्राह्मण समाज की राजनीति नहीं की है। विप्र फाउण्डेषन के राश्ट्रीयध्यक्ष धर्मनारायण जोषी ने कहा कि उनके परिवार में दामाद जी की मौत हो जाने की वजह से वह रणकपुर नहीं जा पाए और इसलिए उनको तत्काल गांव जाना पड़ा। कुछ दिनों में ही ब्राह्मण समाज के उम्मीदवारों की पैरवी की जाएगी जो आप भी देख लेना।
वैसे यह बात भी काफी चर्चा में हैकि धर्मनारायण जोषी का टिकिट फाइनल है इसलिए वह कुछ बोलना भी नहीं चाह रहे है कभी कटारिया के धूर विरोधी रहे धर्मनारायण जी इन दिनों उनके साथ भी देख जा रहे है। हो सकता है खिलाफत नहीं करना ही उन्हें टिकिट दिला जाए, वरना खिलाफत करने वाले तो हाषिए में चले गए है यह तो सभी जानते है।
इधर संभागभर के ब्राह्मण नेताओं में खलबली मच गई हैं। शनिवार शाम को विप्र फाउण्डेषन की आपात बैठक निम्बार्क परिसर में आहूत की गई जिसमें दोनो ही पार्टियों में ब्राह्मण नेताओं के पैरवी करने के लिए रणनीति बनाई गई, वहीं वल्लभनगर में पूर्व विधानसभा चुनावों में भाजपा से प्रत्याषी रहे गणपत मेनारिया ने अर्चना शर्मा का खुलकर समर्थन करते हुए धर्मनारायण जिशी और मांगीलाल जोशी को जमकर विरोध किया। उन्होंने साफ किया कि वल्लभनगर क्षेत्र ही नहीं समाज के सत्तर संगठनों का नेतृव्त वह कर रहे हैं। पिछली बार जो मुझे टिकिट दिया लेकिन धर्मनारायण जोशी ने मेरा विरोध किया, वहीं मांगीलाल जोशी भी खुद के एक बार अंदर झांककर देखे। इन दोनो ही नेताओं ने कभी भी ब्राह्मणों का भला नहीं किया है सिर्फ अपनी कुर्सी पाने के लिए ही राजनीति की है। मैं ऐसे नेताओं का बहिश्कार करता हूं। अर्चना षर्मा ने मेरे साथ पूरे समाज की आंखे खोली है।
कुछ एसा ही जज्बा लेकर खूबसूरती और सफाई में अपनी पहचान बना चुके डूंगरपुर निवासी प्रकाश पंचाल ने पीपी एजुकेशन सोसायटी (PP Education Society ) स्थापित कर एक विशेष अभियान शुरू किया है.
पीपी एजुकेशन सोसायटी के निदेशक प्रकाश पंचाल ने एक एसी सोच के साथ अपना अभियान शुरू किया है जिसकी आज के दौर में सबसे अधिक आवश्यकता है. श्री पंचाल अपने अभियान के बारे में बताते हुए कहते है कि मेरा मानना है कि बच्चा चाहे दिल्ली, मुम्बई जैसे महानगर का हो या फिर हमारे वागड़ क्षेत्र के किसी छोटे से गाँव का, हर एक बच्चे में कोई एक विशेष प्रतिभा होती है. बस जरूरत है तो उस प्रतिभा को निखारने की उस प्रतिभा को पहचान कर उसको प्रोत्साहित करने की और यही काम हमारी PP Education Society का मुख्य उद्देश्य है. श्री पंचाल कहते है कि यह कार्य का जिम्मा भी हमने एक तरह से बच्चों को ही सोंप शुरू किया “एक दिन एक रूपया” के अंशदान के आधार पर. कहने को एक रुपया काफी छोटा है लेकिन यही एक रुपया खुद बच्चों के हाथों से बच्चों के लिए जमा होने लगे तो उन लाखों वंचितों की तक़दीर बदल सकता है जिन्हें आज के दौर में जरूरत है . प्रकाश पंचाल बताते है कि अभावग्रस्त व जरुरतमंद विद्यार्थी जिनमें प्रतिभा तो है पर आभावों के तले अपने सपने साकार नहीं कर पा रहे। ऐसे बालकों के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन शिक्षा के लिए 1 रुपया का अंशदान अथवा 1 रुपए के गुणाक में अपनी सामर्थ्य अनुसार देने का आग्रह किया, ताकि हम सभी मिलकर भावी पीढ़ी के निर्माण में सशक्त भूमिका निभा सकते हैं। पंचाल के इस अभियान को बच्चों ने
Prakash Pankal, director of PP Education
अपने दिल से लगा लिया और इस प्रतिदिन एक रुपये के अंशदान को हाथों हाथ लेते हुए कई मासूम हाथ आगे बढ़ गए . और साथ में आगये उनके माता पिता .
प्रकाश पंचाल ने बताया कि पीपी एज्यूकेशन का उद्देश्य सीधा सा है बच्चों को उनकी मंजिल को पहचानने में मदद करना. हर बच्चा प्रतिभावान है लेकिन मार्गदर्शन के अभाव में वह अपना सही फिल्ड खोज नहीं पाता या यूँ कहिये पहचान नहीं पाता बस इसी काम को पीपी एजुकेशन सोसायटी करेगी .सोसायटी वागड़ के बच्चों का देश विदेश के घटनाक्रमों के साथ ही शिक्षा के क्षेत्रों में बालकों के लिए उचित मार्गदर्शन देकर उनकी प्रतिभाओं को तराशना व बालकों को विभिन्न ऊंचाइयों तक पहुचाने के प्रति प्रतिबद्ध है । जिससे बालकों को पीपी एज्यूकेशन द्वारा समय-समय पर निःशुल्क फार्म पहुंचाकर उनकी अभिरूचि जानकर उन्हें पूर्ण किया जाता है।
मोटिवेशनल सेमीनार में छात्रों ने जाना ज़िन्दगी जीने का मूल मन्त्र
इस कड़ी में PP Education Society Dungarpur व रोटरी कल्ब की ओर से आयोजित एक दिवसीय मॉटीवेशनल सेमिनार का आयोजन विगत दिन शहर के विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। जिसमें शहर के उपस्थित अंग्रेजी माध्यम के राजकीय व नीजी विद्यालय के छात्रों ने छात्रों बुलंदियों से आच्छादित जिवनयापन का मूल मंत्र सिखा। सेमिनार में छात्रों को जीवनयापन का मूल मंत्र प्रदान करने व उनका मार्गदर्शन करने के लिए बतौर मुख्य अतिथि ससुराल सिमर का धारावाहिक की टीवी कलाकारा श्वेता सिंह, मोटिवेश्वल स्पीकर तिरंदाजी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सुसज्जित और असहाय बालकों के अपना सहयोग और गायकी द्वारा उन असहाय बालकों का जीवन संवारने वाली, संसार की सबसे कम उम्र की मॉटिवेशनल स्पीकर, स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2018 मुबंई की जाह्नवी पंड्या तथा मुंबई की ख्यातनाम फैशन स्टाइलिस्ट आकांशा कपूर उपस्थित रही। जिन्होंने बालकों को जीवन यापन व तनाव मुक्त रहकर जीवनशैली को जिने का मंत्र देकर उनका मार्गदर्शन किया। सेमिनार में पीपी एज्युकेशन सोसायटी के संरक्षक विक्रम माखिजा ने सोसायटी के उद्धेश्य बतलाते हुए कहा कि डूंगरपुर जिले में सोसायटी का आरंभ विगत 4 वर्षों पूर्व किया गया था। माखीजा ने बताया कि मानव जीवन में ज्ञान के साथ ही हर किसी व्यक्ति को अपना रोल मॉडल तय करना चाहिए, वागड़ में भी रोल मॉडल का खजाना भरा पड़ा है, लेकिन आव्यश्कता है, तो बस उसे तराशने की जो काम सोसायटी द्वारा भी किया जा रहा हैं।
आशाओं की भरों उड़ान,छ लो शिखर
सेमिनार में उपस्थित छात्रों को मोटिवेश्वल स्पीकर जाह्नवी पंड्या ने संबोधित कर अंग्रेजी गीत देयर ही नो… सुनाते हुए कहा कि जीवन में कुछ आशाएं है, तो उन्हें बुलंद करो ओर शिखर को चुमते हुए अपना रॉल मॉडल प्राप्त कर लो। पंड्या ने कहा कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण योग कर्मयोग है। सपनों के शिखर तक पहुंचने का माध्यम ही कर्म है, यदि आप कर्म को अपना लेते है तो निश्वित ही शिखरता और प्रशस्ती आपके कदम चूमेगी।
व्यस्त रहने पर मिलेंगे अनुभव के सागर:
सेमिनार को आगामी क्रम में ससुराल सिमर का धारावाहिक की टीवी कलाकारा श्वेता सिंह ने बालकों को संबोधित करते हुए उनके साधारण व्यक्तित्व से टीवी दुनिया कि शिखरता बतलाकर कहा, उन्होंने समय की महत्ता को अपनी जीवन शैली में उतारा व व्यर्थ में समय न गवां कुछ न कुछ सिखती रही। जिसके अनुभव उन्हें उनके टीवी किरदार में भी मिले ।सिंह ने बालकों को बताया कि वह कभी अपने अविश्वास व नकारात्मकता को अपने प्रयासों पर हावी न होने दें और सकारात्मक आवरण को अपना विश्वास के साथ अडिंग रहे चाहे परिस्थितियां जो भी हो। सेमिनार में माता-पिता से कहा कि बच्चों को सदैव स्कूली शिक्षा के बाद अपने भविष्य को लेकर असंमजसता बनी रहती है, लेकिन माता-पिता को सदैव बच्चों को उनका साथ देकर बालक की प्रतिभा को समझकर उसकी इच्छानुसार उसे अपना फिल्ड चुनने में सहायता करनी चाहिए।
दो महीनों की क्लास ने बदली जिंदगी
मुंबई की ख्यातनाम फैशन स्टाइलिस्ट आकांशा कपूर ने स्कूली छात्रों से कहा कि जैसे जैसे समय बदलता है, तो सोच में बदलाव होना स्वाभाविकता है। कपूर ने बच्चों से कहा कि प्रयोग करने पर आपको अपनी योग्यता का अनुमान लग सकेगा। कपूर ने अपनी जीवन कि वास्तविकता को बतलाते हुए बालकों से कहा कि उनके परिवार में अधिकांशतः मेडिकल क्षेत्र से है। एवं वह भी कक्षा 11वीं तक मेडिकल में ही अपनी रूचि रखती थी, लेकिन 11वीं कक्षा में अवकाश के दौरान कपूर ने दो महीना फैशन की कक्षा लेना प्रारंभ किया, जिसने उनकी सोच बदली ओर वह फैशन स्टाइलिस्ट बनी।
अतिथियों ने किया अंशदान, शहर का किया भ्रमण
मुम्बई से आई जाह्नवी पंड्या, ससुराल सिमर की अदाकारा श्वेता सिंहा तथा आकांक्षा कपूर ने भी अपना अंशदान देते हुए शिक्षा के प्रति इस अनूठी पहल की खुले मन से सराहना की। शाम को सभी मेहमानों ने शहर के खुबसूरत स्थानों का अवलोकन किया एवं स्वच्छ एवम सुंदर शहर के लिए तथा ऑडिटोरियम के लिए नगर परिषद के को धन्यवाद दिया, सभापति से दूरभाष पर वार्ता की .
हिरण मगरी थाना क्षेत्र में झामर कोटड़ा के धामदर गांव में बुधवार शाम ज्यादती का शिकार हुई चार साल की बच्ची ने आरोपी युवक को पहचान लिया। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने कहा कि वह आंगन में खेल रही थी। झमकिया उसे मोबाइल में नए वीडियो दिखाने के बहाने मगरे पर ले गया, वहां पीटा भी। बच्ची शुरुआत में सहमी रही, लेकिन सदस्यों ने विश्वास में लिया और सहज होने जैसा माहौल दिया तो उसने हर सवाल का जवाब दिया। उसकी हर बात बयान के रूप में कलमबद्ध की गई है।
इधर बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की घटना सामने आने के बाद उदयपुर वासियों ने सोशल मीडिया पर तरह तरह की प;ओसत और उदाहरण देकर आरोपी को फांसी की सजा देने की पेरवी की। लोगों में इस घटना को लेकर जोरदार आक्रोश है।
सीडब्ल्यूसी के सदस्य हरीश पालीवाल सहित अन्य ने बयान नोट किए और बच्ची को माता-पिता के सुपुर्द किया। साथ ही पुलिस को मामले में जल्द चालान पेश करने के लिए कहा। उधर, एसपी कुंवर राष्ट्रदीप भी कह चुके हैं कि इस मामले में जल्द चालान पेश किया जाएगा। हालांकि एफएसएल द्वारा लिए डीएनए सैंपल की रिपोर्ट आने में समय लगने का अंदेशा है।
सीडब्ल्यूसी ने पीड़ित प्रतिकर में सहायता राशि दिलाने के लिए भी बच्ची की तरफ से आवेदन किया। बता दें कि बुधवार को धामदर में झमक लाल उर्फ झमकिया आंगन में खेलती बच्ची को उठा ले गया था। उसे पहाड़ी पर ले जाकर दुष्कर्म किया। घटना के वक्त बच्ची की मां खेत पर काम करने गई थी, जबकि पिता शहर में था। पुलिस ने देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था
अमृतसर के जोड़ा फाटक पर शुक्रवार शाम हुआ दर्दनाक हादसा
पटाखों के शोर में दब गई ट्रेन की आवाज, चपेट में आए काफी लोग
जोड़ा बाजार में रावण दहन के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी भी मौजूद थीं
जोड़ा बाजार में रावण दहन देख रहे लोग शुक्रवार शाम 100 से ज्यादा रफ्तार वाली दो ट्रेनों की चपेट में आ गए। पुलिस का कहना है कि इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि दशहरा मैदान के पास ही जोड़ा फाटक है। रावण दहन देखने के लिए लोग दशहरा मैदान से जोड़ा फाटक तक खड़े हुए थे।
पुतला जलने के बाद भगदड़ मची थी : पुलिस के मुताबिक, रावण का पुतला जलने के बाद जोड़ा बाजार में भगदड़ मच गई। उसी दौरान जोड़ा फाटक से तेज रफ्तार में दो ट्रेनें गुजरीं, जिनकी चपेट में काफी लोग आ गए।
150 मीटर तक बिखरी लाशें : पुलिस ने बताया कि एक ट्रेन पठानकोट से अमृतसर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि पटाखों के शोर में लोग ट्रेन की आवाज नहीं सुन पाए। घटनास्थल पर 100 से 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखरी हैं। मौके पर एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी है।
हादसे के बाद चली गईं नवजोत कौर सिद्धू : लोगों का कहना है कि दशहरा का कार्यक्रम कांग्रेसी पार्षद करा रहे थे। इस कार्यक्रम में नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू चीफ गेस्ट थीं। हादसा होने के बाद वे मौके से चली गईं।
सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल खुले रहेंगे : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कहा- अमृतसर में रेल दुर्घटना की खबर सुनकर मैं चौंक गया। सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को खुले रहने को कहा गया है। हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे।
पीएम मोदी ने तुरंत मदद करने के निर्देश दिए : अमृतसर ट्रेन हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हृदय विदारक हादसा है। हादसे में अपनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। प्रार्थना करता हूं कि घायल हुए लोग जल्द ठीक हो जाएंगे। अधिकारियों को जरूरत के मुताबिक तुरंत सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना इजाजत हो रहा था कार्यक्रम : लोगों का कहना है कि जोड़ा बाजार में रावण दहन का कार्यक्रम बिना इजाजत हो रहा था। इस मामले में जिला प्रशासन और दशहरा कमेटी ने पूरी तरह लापरवाही बरती। कार्यक्रम को देखते हुए उन्हें रेलवे क्रॉसिंग के पास अलार्म की व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके अलावा ट्रेन को रोकने या गति धीमी रखने का इंतजाम होना चाहिए था।
क्या हमने लोगों पर ट्रेन चढ़ा दी? : नवजोत कौर सिद्धू का कहना है कि हर साल इसी जगह दशहरा होता है। क्या हमने लोगों को ट्रैक पर बैठाया? क्या ट्रेन हमने लोगों पर चढ़ा दी? इस हादसे में हमारी गलती नहीं है। भाजपा भी इसी जगह दशहरा आयोजन कराती थी। अब हादसे के बाद राजनीति कर रही है। रेलवे को भी ट्रेन की स्पीड धीमी रखनी चाहिए थी।
उदयपुर। अपने भाषणों में कांग्रेस को खुली चुनौती देने वाले गृहमंत्री और उदयपुर शहर के विधायक गुलाबचंद कटारिया को इस चुनाव में अपनी ही पार्टी के भैरो सिंह शेखावत मंच के द्वारा खुली चुनौती मिलने वाली है।
आमागी विधानसभा चुनाव में उदयपुर शहर से भाजपा के संभावित प्रत्याशी गुलाबचन्द कटारिया के लिए चुनाव की डगर कठिन होती जा रही है। कटारिया इन दिनों अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के आरोपों से घिरे हैं। शेखावत मंच ने कटारिया के विरूद्ध चुनाव लड़ने की खुली चुनौती देकर कटारिया की राह को और भी कठिन बना दिया है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को राणकपुर में हुई भाजपा के दिग्गजों की रायशुमारी की बैठक में कटारिया के उदयपुर से नाम आने की संभावनाओं के बाद शेखावत मंच पुनः अपने मिशन की ओर जुट गया है। कटारिया के समक्ष उदयपुर शहर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी खड़ा करने की अपनी घोषणा पर प्रतिबद्धता दिखाते हुये बुधवार को मंच के मुख्य समन्वयक मांगीलाल जोशी, मार्ग दर्शक दलपत सुराणा और कटारिया के धुर विरोधी जनता सेना के संस्थापक और वल्लभनगर के विधायक रणधीर सिंह भींडर के बीच सुराणा के निवास पर लंबी बैठक चली। बैठक में 20 अक्टूबर को शेखावत मंच की कौर कमिटी की बैठक तय हुई इस बैठक में जनता सेना और शेखावत मंच की सहमति से उदयपुर से किसी बड़े नेता के नाम पर मुहर लगाने की संभावना है। मंच के मांगीलाल जोशी ने बताया की जनता सेना के रणधीर सिंह वहींदार के साथ लम्बी चर्चा चली जिसमे यह तय हुआ की जल्दी ही मंच के अन्य लोगों के साथ चर्चा कर विधायक के लिए नाम की घोषणा कर दी जाएगी। इस बीच मंच के जोशी और विधायक भींडर ने मंच के नेता एडवोकेट रोशनलाल जैन, पूर्व उपसभापति वीरेंद्र बापना और किरण चन्द लसोड़ से भी बारी-बारी से बात की। जोशी ने बताया कि वैसे तो कटारिया के पास उदयपुर सीट के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है फिर भी उदयपुर जिले में कहीं से भी वे चुनाव लड़ते हैं तो शेखावत मंच उनके विरूद्ध अपना प्रत्याशी उतारेगा।
इधर कटारिया लगातार कहते आ रहे है कि पार्टी उन्हें जहां से कहेगी वहां से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। वहीं रायशुमारी में उदयपुर सीट से गुलाबचन्द कटारिया के साथ देहात भाजपा जिलाध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला का नाम भी संभावित सूची में आने से राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
उदयपुर। दुनियाभर में पचास से ज्यादा हस्तियों पर अब तक मी टू केम्पेन के तहत आरोप लग चुके है। इस केम्पेन की वजह से यूएस समेत 15 देशों में कानून बदलने की कवायद चल रही है। भारत में भी कई मामले सामने आ रहे है। इस बार नगर निगम में आयोजित होने वाले दीपावली दशहरा मेले में भी जाने माने कलाकार कैलाश खेर की नाईट होने वाली है।
जबकि गायककार कैलाश खैर पर भी एक सिंगर सोना मोहपात्रा सहित कई महिलाओं ने आरोप लगाया है, कि सिंगर कैलाष खैर ने उनके साथ जबरन ऐसी हरकत की जो उनकी मर्जी के खिलाफ थी। ऐसे में चैतरफा जब कैलाष खेर ट्रोल हो रहे है तो उदयपुर नगर निगम पर भी सवाल उठ रहे है कि क्या कैलाश खेर की नाईट उदयपुर में करवानी चाहिए?
कई लोगों का मानना है कि उनकी जगह पर किसी और प्रसिद्ध सिंगर को बुलाया जाना चाहिए। इस मामले पर कांग्रेस के नेता दिनेश श्रीमाली और प्रतिपक्ष नेता मोहसिन खान ने अपना विरोध जताया है। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति की बात पर देश में बड़ी – बड़ी बातें करने वाले भारतीय जनता पार्टी के कई नेता भी मी टू मामले में फंसत्ते नजर आ रहे। कई अभिनेताओं पर भी आरोप लग रहे है और ऐसे में निगम की ओर से आयोजित दीपावली दशहरा मेले में इस तरह के एक आरोपी कलाकार को बुलाना बहुत गलत होगा। जिसका विरोध भी स्वाभाविक रूप से किया जाएगा। आपको बता दे 2006 में सामाजिक कार्यकर्ता तराना बर्क ने पहली बार मी टू केम्पेन शुरू किया था।