उदयपुर में फिल्माई गयी फिल्म धड़क की समीक्षा फिल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा


समीक्षक-इदरीस खत्री
उदयपुर में फिल्माई गयी फिल्म धड़क की समीक्षा फिल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा


समीक्षक-इदरीस खत्री
उदयपुर। अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर विजय श्रीमाली का दिल का दौरान पड़ने से शनिवार को निधन हो गया।श्रीमाली उदयपुर कोमर्स कोलेज के डीन रह चुके है व् छात्रों में काफी लोकप्रिय भी रहे है। श्रीमाली 58 वर्ष के थे। वे लंबे समय से शुगर से पीड़़ि़त थे। श्रीमाली का निध्ान फोर्टिस हॉस्पिटल में हुआ। उनके निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर छा गई। प्रो. श्रीमाली की शव यात्रा रविवार प्रात: 9 बजे उनके निवास 376, हिरणमगरी सेक्टर 11 से अशोकधाम स्थित मोक्षधाम लाई जाएगी जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
श्रीमाली को दो महीने पूर्व ही एमडीएस विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया था। प्रो. विजय श्रीमाली उदयपुर यूआईटी चेयरमैन रविन्द्र श्रीमाली के भाई हैंं।
श्रीमाली 30 सालों से अधिक समय से मोहनलाल सुखाडि़या विवि से जुड़े रहे। वे कॉमर्स कॉलेज के डीन, स्पोट्र्स चेयरमैन आदि पदों पर रहे। उनके परिवार में पत्नी, पुत्र व पुत्री हैं।
एकेडमिक कैरियर
1986 में एमबी कॉॅलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर व 2007 में प्रोफेसर बने।
15 वर्ष तक बॉम के सदस्य,
2 वर्ष तक बोर्ड ऑफ कंट्रोल में सदस्य।
2006 से 2009 तक विधि महाविद्यालय के डीन रहे।
2010 से 2012 तक विवि के चीफ प्रोक्टर।
सितम्बर 2012 से सितम्बर 2015 तक कॉमर्स कॉलेज के डीन।
व्यवसाय एवं प्रशासन विभागाध्यक्ष व एमएचआरएम के निदेशक, स्टेट ऑफिस के इंचार्ज, स्पोट्र्स बोर्ड के चेयरमैन रहे। छात्र जीवन में तीन वर्ष तक एक्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य रहे।
1979 से 82 तक विद्यार्थी परिषद विभाग संगठन मंत्री रह चुके हैं।
संजू फिल्म पर सटीक समीक्षा ” फुरकान खान” की नज़र से

Sanju – फ़िल्म आज देखी ……जी हां लगने के बहुत दिनों बाद
अब तक आप में से कई लोग देख भी चुके होंगें और कई reviews भी पढ़े होंगें । कुछ आलोचना भी सुनी होंगी कि संजय दत्त ऐसे संजय दत्त वैसे, और ये भी कि संजय दत्त गुनहगार हैं या नहीं । कुछ उत्साही मीडिया वालों ने मीडिया को बदनाम करने की बात भी कही और कुछ लोगों ने इसे मीडिया की असलियत सामने वाला भी कहा ।
मेरे लिए ये प्रश्न बेजा हैं क्योंकि संजय दत्त के बारे में न्यायालय फैसला दे भी चुका है और वो सज़ा भुगत भी चुके हैं ।
फिलहाल फ़िल्म को फ़िल्म के रूप में देखकर जो विचार बने वो सांझा करने की कोशिश कर रहा हूँ –
1- फ़िल्म में संजय दत्त की बिगड़ैल जीवन शैली अवश्य दिखाई है लेकिन असली संघर्ष तो एक बाप के रूप में सुनील दत्त का था जिसे फ़िल्म में जगह कम मिली । क्योंकि संजय दत्त को जिस उम्र में जो अच्छा लगा वो करते चले गए सही गलत में जाए बिना जबकि सुनील दत्त को एक ईमानदार और ज़िम्मेदार शहरी के कर्तव्य निभाने के साथ साथ एक बिगड़ैल बच्चे को प्यार करने वाले बाप की ज़िम्मेदारी भी उठानी पड़ी ।असली संघर्ष यही था जिसे फ़िल्म में कुछ ज़्यादा जगह मिलती तो शायद ये फ़िल्म समाज में संदेश देने में सार्थक भूमिका निभाती ।
2- एक storyteller के रूप में राजकुमार हीरानी का कोई जवाब नहीं 2 घंटे 42 मिनट की फ़िल्म कब शुरू कब खत्म पता ही नहीं चला ।आप जो कहना चाह रहे हैं वो कह भी दिया और ज़्यादातर दर्शकों ने उसे ग्रहण भी कर लिया और पता भी नहीं चला कि आपके दिमाग में निदेशक ने कुछ सरका भी दिया है । फ़िल्म Filmcraft के रूप में अद्भुत है और एक उत्तम craft का उत्तम नमूना है । Hats off to Rajkumar Hirani for Such CRAFTSMANSHIP
3 – रणवीर कपूर ने उत्तम एक्टिंग की है लेकिन कमलेश उर्फ कमली के रूप में विक्की कौशल ने भी बहुत प्रभावित किया । मान्यता दत्त के रूप में दिया मिर्ज़ा, लेखिका के रूप में अनुष्का ठीक ठीक हैं लेकिन नरगिस दत्त के रूप में मनीषा कोइराला इन दोनों महिला कलाकारों से कहीं आगे हैं ।
4 – फ़िल्म में परेश रावल एक बाप के रूप में तो ठीक लगे लेकिन सुनील दत्त बिल्कुल भी नहीं लगे । मैंने अपनी एक अल्प मुलाक़ात (6 घंटे एक ही कार में जोधपुर एयरपोर्ट से सिरोही के एक गांव जावाल तक ) में जितना सुनील दत्त साहब को देखा और महसूस किया वो किरदार मुझे परेश रावल के किरदार में नज़र नहीं आया । ये अलग बात है कि एक बिगड़ैल बच्चे के दुखी बाप के किरदार के रूप में ठीक ठीक ही रहे ।
5 – संगीत कोई खास नहीं बस दे दिया ,गाने तो बिल्कुल भी याद ना रहने वाले और ना याद आने वाले ।

मुझे तो Sanju फ़िल्म राजकुमार हिरानी की Amazing Storytelling CRAFT के रूप में याद रहेगी – समीक्षक फुरकान खान
उदयपुर। अम्बामाता थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय मासूम बेटी के यौन शोषण का मामला सामने आया है। बेटी की आपबीती सुनकर मां उसे लेकर थाने पहुंची और रिपोर्ट देकर आरोपी पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
कार्यवाहक थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह मासूम का मेडिकल करवाया जाएगा और आरोपी के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई होगी। फिलहाल मासूम यह नहीं बता पा रही है कि उसके साथ किस तारीख को यह सब घटित हुआ। वह सदमे में है। बताया गया कि आरोपी के एक-एक पुत्र और पुत्री है। उसका पुत्र पीडि़ता से छोटा है। आरोपी छोटा-बड़ा काम करता है मगर वह नशा नहीं करता हैै।
अलवर के लक्ष्मणगढ़ में 7 माह की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सुनाई है। पोस्को एक्ट के नए संसोधन लागू होने के बाद 7 माह की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए शनिवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया था जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
राजस्थान में ये पहला ऐसा मामला है जिसमें पोक्सो एक्ट के तहत इतने कम समय में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
10 मई 2018 को दर्ज हुआ था मुकदमा
लक्ष्मणगढ़ थाने में 10 मई 2018 को 7 माह की बालिका के पिता ने लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र निवासी 19 वर्षीय युवक पिंटू पुत्र सोहनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी की पिंटू ने 9 मई 2018 की शाम उसके घर आया और उसकी नेत्रहीन भाभी के पास सो रही उसकी बच्ची को उठाकर ले गया। इसके बाद आरोपी ने दुष्कर्म किया और फिर उसे लहूलुहान हालत में गांव के फुटबॉल फील्ड पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिंटू को गिरफ्तार किया था।
12 पेशियों के बाद आया फैसला
न्यायाधीश ने 22 अदालती कार्य दिवसों में 12 पेशियां लगाते हुए मंगलवार को अंतिम बहस सुनने के बाद बुधवार को फैसले की तारीख तय की थी। लेकिन समय अभाव के कारण आरोपी को सजा तो नहीं सुनाई लेकिन सभी धाराओं में दोषी मानते हुए सजा के लिए 21 जुलाई मुकर्रर की।
विशिष्ट न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने सजा के बिंदुओं पर दोनों पक्षों की बहस सुनी और बहस के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए 21 जुलाई 2018 शनिवार को सजा का दिन मुकर्रर किया।
आरोपी के खिलाफ भारतीय धारा 363, 366, 376 ए बी 5एम/6 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। विशेष लोक अभियोजक कुलदीप जैन ने बताया कि 21 जून को प्रसंज्ञान लेते हुए चार्ज लगाया गया था और 28 जून से स्पीडी ट्रायल अपनाते हुए प्रतिदिन सुनवाई की थी।
दंड विधि संशोधन के बाद राजस्थान में पहला मामला 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में कठोर सजा देने के लिए 21 अप्रेल 2018 को अध्यादेश के जरिए दंड विधि संशोधन अस्तित्व में आया था। इसके बाद पोक्सो एक्ट में 7 माह की बच्ची से दुष्कर्म का यह पहला मामला था।
कुलदीप जैन ने बताया कि राजस्थान में ये पहला मामला होगा जब पोक्सो एक्ट में संशोधन के बाद कम समय में अदालत द्वारा आरोपी पर फैसला सुनाया गया। ये राजस्थान का पहला और भारत का तीसरा मामला है जिसमें जल्दी सजा हुई।

राजस्थान में गो तस्करी के शक में गांववालों ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार रात अलवर के पास रामगढ़ इलाके में हुई। पुलिस के मुताबिक अकबर (28) हरियाणा का रहने वाला था। वह दो गायों को लेकर पैदल जा रहा था। इस दौरान कुछ लोगों ने रोककर उससे पूछताछ की और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसका साथी जान बचाकर भाग निकला। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घटना की निंदा की और मोदी सरकार के चार साल को लिंच राज बताया।
एएसपी अनिल बेनिवाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अकबर को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया। अभी ये पता नहीं चल पाया है कि मारा गया शख्स गो तस्कर था या नहीं।
अलवर में पहले भी गो तस्करी के शक में हत्याएं : बताया जाता है कि इस इलाके में कथित गो रक्षकों के दल सक्रिय हैं। गोवंश लेकर जाने के शक में पहले भी कई लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी साल 3 अप्रैल को डेरी संचालक पहलू खान को भीड़ ने पीटकर मार डाला था। पिछले साल नवंबर में उमर खान नाम के शख्स का शव रेलवे ट्रैक के पास मिला था। उसके परिवार ने गो तस्करी के शक में हत्या का आरोप लगाया था।
लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त :देश में बढ़ती लिंचिंग की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले ही केंद्र और राज्य सरकारों को गाइडलाइन जारी कीं। कोर्ट ने कहा था कि लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने नहीं दिया जा सकता। गो तस्करी या अफवाह के चलते किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्देश दे चुका है।
ओवैसी ने मोदी राज पर सवाल उठाए

किसी भी हथेली में हृदय रेखा वह रेखा है जो दिल से जुड़ी भावनाओं के विषय में बतलाती है। इसे हार्ट लाइन भी कहा जाता है। आमतौर पर किसी भी हथेली में हृदय रेखा इंडेक्स फिंगर या मीडिल फिंगर से शुरू होकर लिटिल फिंगर के नीचे तक जाती है। हस्तरेखा शास्त्र में इसे देखकर कई बातों के बारे में जाना जा सकता है। ये लाइन लव लाइफ और इंसान के नेचर के बारे में बताती है।
लव लाइन से जानिए अपने बारे में –
– जिन लोगों के हाथ में हृदय रेखा इंडेक्स फिंगर और मीडिल फिंगर के बीच से शुरू होती है वो लोग स्वभाव से सच्चे और शांत होते हैं।
– ये लाइन छोटी हो और मीडिल फिंगर से शुरू होकर रिंग फिंगर के नीचे वाले हिस्से पर खत्म हो जाए तो प्रेम में वासना होती है। ऐसा योग होने पर पूरी तरह से स्वार्थी व्यवहार हो सकता है।
– ये लाइन एक छोर से शुरु होकर दूूसरे छोर तक जाए तो इंसान का स्वभाव वर्तमान में जीने वाला होता है। ऐसे लोग सपनों की दुनिया से दूर रहते हैं। स्वभाव से भावुक व जलन करने वाले भी हो सकते हैं।
– इस रेखा का लाल होना और अधिक गहरा होने से स्वभाव से तेज हो सकते हैं। किसी बुरी आदत का शिकार भी बन सकते हैं।
-दो हृदय रेखा हो और उनमें किसी भी प्रकार का दोष न हो तो बुद्धि सात्विक होती है।
– इस रेखा का बीच में से टूटना, प्रेम संबंधो में बिखराव होने की तरफ इशारा करता है।
- हृदय रेखा पतली हो, गहरी न हो और होकर हल्की हो तो स्वभाव में रुखापन होता है।
– ये रेखा पहली उंगली यानी इंडेक्स फिंगर के नीचे से शुरू होती है तो यह दृढ़ निश्चयी और आदर्शवादी होने का संकेत है।
– ये लाइन इंडेक्स फिंगर के ठीक नीचे से शुरू हो तो ये मानसिक रुप से परेशानी का इशारा है।
उदयपुर । राजस्थान सरकार ने राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 30 आईएएस और 75 आईपीएस के तबादले किए। इन्ही तबादलों में उदयपुर के तीन बड़े अधिकारी संभागीय आयुक्त , पुलिस अधीक्षक और यु आई टी सचिव का तबादला किया गया है।
ट्रक और बस ऑपरेटर्स संगठन (AIMTC) अपनी पुरानी मांगों के साथ 20 जुलार्इ यानी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल गए हैं. आपको बता दें कि करीब 90 ट्रक और 50 लाख बस के पहिये थम सकते हैं. इसके पहले हड़ताल की धमकी के बाद सरकार ने ट्रांसपोटर्स को मनाने और कुछ रियायते देने की पेशकश की थी. इस मामले पर सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार अभी ट्रांसपोटर्स को मनाने के प्रयास में लगी हुर्इ है.
आप पर होगा ये असर
ट्रक हड़ताल का सीधा असर आम आदमी पर होता हैं, क्योंकि ट्रक हड़ताल से दूध-सब्जी और बाकी सामानों की सप्लाई बंद हो जाएगी. ऐसे में डिमांड बनी रहेगी और सप्लाई घट जाएगी. लिहाजा आम आदमी को इन चीजों के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे.
ये हैं ट्रांसपोर्ट्स की मांगें

उदयपुर. विदेशी पर्यटकों के लिए झीलों की नगरी उदयपुर एशिया का पहला और दुनिया का तीसरा पसंदीदा शहर बन गया है। अमेरिका की सबसे बड़ी मैग्जीन ट्रेवल एंड लीजर के हर साल होने वाले सर्वे में लेकसिटी को यह स्थान दिया गया है।
विश्व के सबसे खूबसूरत शहरों में तो उदयपुर शुमार है ही, अब ये विश्व के श्रेष्ठ शहरों में भी शुमार हो चुका है। जी हां, उदयपुर के ताज में एक और नगीना जड़ चुका है। ट्रेवल एंड लेजर की ओर से वर्ष 2018 में विश्व के श्रेष्ठ 15 शहरों में तीसरे स्थान पर उदयपुर चुना गया है। ये भारत का इकलौता शहर है जिसने इस सूची में अपनी जगह बनाई है। प्रथम दो स्थान प्राप्त करने वाले दोनों शहर मैक्सिको सिटी में हैं।
सर्वे में विदेशी पर्यटकों ने बताया- लेकसिटी जैसी बात और कहीं नहीं
विश्व भर में घूमने वाले कई पर्यटकों के फीडबैक और रेटिंग को लेकर ट्रेवल एंड लीजर मैग्जीन काम करती है। विश्व के अलग-अलग शहर में आने वाले पर्यटक यहां के खान-पान रहन सहन और अनुभव को बताते हैं। जिसे बाद में रेटिंग के अनुसार चयन किया जाता है। लेकसिटी के बारे में भी पर्यटकों ने अनुभव साझा किए और यहां के खान-पान के साथ प्राकृतिक छटा, झीलें व परंपराओं की सराहना की है। उन्होंने यह भी कहा है कि पर्यटक यहां आकर सुकून का अहसास करते हैं।

उदयपुर का स्कोर 89.31
ट्रेवल एंड लेजर की ओर से कराए गए पोल में वर्ष 2018 के 15 बेहतरीन शहरों में से उदयपुर भी शुमार हो गया है। उदयपुर को 89.31 स्कोर मिला है। इसी साइट की ओर से वर्ष 2009 में उदयपुर को सबसे खूबसूरत शहर का खिताब हासिल हुआ था। वहीं वर्ष 2017 में भी उदयपुर ने श्रेष्ठ 15 शहरों में जगह बनाई थी। उदयपुर की इस उपलब्धि पर एमएमसीएफ के अरविंद सिंह मेवाड़ ने कहा कि ये उदयपुर शहर के हर नागरिक के लिए गर्व की बात है। इससे पूर्व हाल ही ट्रिप एडवाइजर की वर्ष 2018 की ट्रेवलर्स चॉइस रैंकिंग में भी भारत के टॉप 10 डेस्टिनेशंस में उदयपुर ने छठा स्थान प्राप्त किया था।
https://youtu.be/4GkdzYl2f1A
ये हैं बेस्ट सिटीज इन द वल्र्ड
1. सेन मिगुएल, मैक्सिको-स्कोर- 91.9 4
2. ओक्साका, मैक्सिको- स्कोर- 90.52
3 . उदयपुर, इंडिया- स्कोर- 89.31
4. उबूद, इंडोनशिया- स्कोर- 88.74
5. क्योटा, जापान- स्कोर- 88.42
6. फ्लोरेंस, इटली- स्कोर- 88.29
7. लुआंग प्रबांग, लाओस- स्कोर- 88.20
8. होई, एन, विएतनाम- स्कोर- 88.09
9. चियांग मे, थाईलैंड- स्कोर- 87.93
10. चाल्र्सटन, साउथ कैरोलिना- स्कोर- 87.79
11. मैक्सिको सिटी- स्कोर- 87.65
12. कैप टाउन, साउथ अफ्रीका- स्कोर- 87.63
13. रोम-इटली स्कोर- 87.16
14. इस्तांबुल, टर्की- स्कोर- 87.09
15. बैरूत, लेबनान- स्कोर- 87.04
