ब्लैक ब्रा पहनने से बढ़ जाता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, सोनाली बेंद्रे के साथ भी यही हुआ! जानिए इस वायरल मैसेज का सच

 

एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने के बाद अब WhatsApp पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि ब्लैक ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि धूप में निकलते समय अपने सीने को हमेशा दुपट्टे या किसी कपड़े से ढंककर रखें। इस मैसेज को टाटा मेमोरियल अस्पताल की तरफ से लिखकर शेयर किया जा रहा है।

क्या लिखा है वायरल मैसेज में?

– “ब्रेस्ट कैंसर को दूर रखें। गर्मी में ब्लैक ब्रा न पहनें। धूप में निकलते समय अपनी छाती को हमेशा दुपट्टे या स्कार्फ से ढंककर रखें। सभी महिलाओं को ये मैसेज बिना किसी झिझक के फॉरवर्ड करें।”

क्या है इस मैसेज की सच्चाई?
– ये मैसेज पूरी तरह से गलत है। हमने जब टाटा मेमोरियल अस्पताल में फोन लिखकर पूछा तो उन्होंने इस तरह की कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि इस मैसेज में जो नंबर दिया गया है, वो भी टाटा मेमोरियल अस्पताल का नहीं है।
– जब हमने भोपाल स्थित कृष्णा कैंसर अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर सुनील कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि ये मैसेज पूरी तरह से गलत है और इस बात के कोई सबूत नहीं है कि ब्लैक ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है। जब हमने पूछा कि क्या धूप की वजह से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है, तो उन्होंने इस बात को भी नकारते हुए कहा कि धूप की वजह से स्कीन कैंसर का खतरा रहता है, लेकिन ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता।
– उन्होंने बताया कि आमतौर पर हार्मोनल गड़बड़ी की वजह से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है, साथ ही अगर कोई महिला बहुत ज्यादा शराब का सेवन करती है तो उसको भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा रहता है।

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज में 25% मेडिकल से जुड़ी : फेक न्यूज चेक करने वाली वेबसाइट check4spam.com के को-फाउंडप शैमस ओलियथ के मुताबिक, सोशल मीडिया पर फैलने वाली फेक न्यूज में 25% मेडिकल से जुड़ी हुई पोस्ट होती है। उन्होंने ये भी बताया कि ऐसी खबरों का कोई साइंटिफिक प्रूफ भी नहीं होता है।
– डॉक्टरों का मानना है कि WhatsApp जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मेडिकल से जुड़ी फेक न्यूज के वायरल होने की सबसे बड़ी वजह देश में डॉक्टरों की कमी भी है। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देश में 100 करोड़ लोगों पर केवल 10 लाख एलोपैथिक डॉक्टर हैं। इस वजह से लोग वायरल मैसेज पर भरोसा कर लेते हैं।

 

अलवर मॉब लिचिंग केस : अकबर गाड़ी में पड़ा कराह रहा था और पुलिस चाय पीती रही .

जयपुर: अलवर  में गो तस्करी के शक में एक शख़्स की पिटाई से मौत के मामले में पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल के बीच मामले की जांच सीनियर अफ़सर को सौंप दी गई है. एडिशनल एसपी क्राइम और विजिलेंस के एडिशनल एसपी अब इस मामले की जांच करेंगे. यानी स्थानीय पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आने के बाद स्थानीय पुलिस के हाथ से जांच छीन ली गई है. वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने याचिका दी है. जिसमें उन्होंने राजस्थान सरकार के खिलाफ अवमानना की याचिका दी है. सुप्रीम कोर्ट इस याचिका की सुनवाई 28 अगस्त को करेगा.

– रात 12:41 पर पुलिस को वीएचपी कार्यकर्ता नवलकिशोर का फोन
– नवलकिशोर ने लालावंडी गांव में भीड़ के हमले की जानकारी दी
– पुलिस ने नवलकिशोर को गांव तक साथ चलने को कहा
– पुलिस का सिपाही मोहनलाल, ड्राइवर और नवल गांव पहुंचे
– पुलिस की टीम रात 1:20 पर लालावंडी गांव पहुंची
– पुलिस के आने पर भीड़ भागी, दो युवक खेत में खड़े थे
– घायल रकबर कीचड़ से सना खेत में गिरा हुआ था
– दो युवक धर्मेंद्र, परमिंदर गायों के साथ पास ही में थे
– पुलिस ने घायल रकबर को उठाकर अपनी गाड़ी में रखा
– रास्ते में पुलिस ने एक जगह रुककर रकबर को नहलाया
– पुलिस वाले रास्ते में नवल के रिश्तेदारों के घरों पर रुके
– गायों को गौशाला ले जाने के लिए गाड़ी का इंतज़ाम किया
– इस बीच खून से लथपथ घायल रकबर गाड़ी में पड़ा रहा
– गाड़ी में रकबर कहता रहा कि उसे बहुत दर्द हो रहा है
– पुलिस ने चाय के लिए गोविंदगढ़ में गाड़ी रोकी
– पुलिस गायों के लिए गाड़ी का भी इंतज़ार करती रही
– इसके बाद पुलिस रकबर को गाड़ी में लेकर थाने पहुंची
– पुलिस फिर गायों को लेकर 15 किलोमीटर दूर गौशाला पहुंची
– तड़के चार बजे पुलिस लौटी तो रकबर दम तोड़ चुका था
– पुलिस 4 बजे रकबर का शव लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंची
– डॉक्टरों ने अस्पताल में रकबर को मृत घोषित कर दिया

सुहाने मौसम में पिकनिक स्पॉट हुए गुलज़ार – शहरवासियों ने जम कर उठाया लुत्फ़

उदयपुर पोस्ट। बारिश के बीच संडे को उदयपुर शहर तथा आसपास के पिकनिक स्पॉट पर भरपूर रौनक रही। दिनभर मौसम तकरीबन खुला रहने से लोगों को आने-जाने में कम । परेशानियों का सामना करना पड़ा तथा शाम को हल्की बूंदाबांदी ने कुछ स्थानों पर पिकनिक का आनंद दोगुना कर दिया। शहर से करीब 20-22 किमी दूर नांदेश्वर व उबेश्वर महादेव की पहाड़ियों पर जवां युगलों की संख्या ज्यादा दिखी जो अपनी अपनी बाइक से वहां पहुंचे थे। कुछ परिवार भी पहुंचे और साथ लाए चारा, नाश्ते का आनंद लिया। उबेश्वर महादेव के पास।
माता वैष्णो देवी धाम की पहाड़ी पर भी लोग पहुंचे और । प्राकृतिक सौन्दर्य के आनंद लिए। पहाड़ियों पर उतरते बादल पर्यटकों में रोमांच पैदा कर रहे थे। चर्चित पिकनिक स्पॉटों से परे जल संसाधन विभाग के एनिकटों पर भी लोगों की भीड़ देखी गई। शहर से सटे चांदनी विलेज एनिकट, नांदेश्वर तथा जावरमाता मंदिर पर भी काफी संख्या में पर्यटक पहुंचे। यहां लोगों ने परिवार सहित पानी में तैराकी का आनंद लिया। शहर में फतहसागर पाल, रानी रोड, राजीव गांधी गाईन, दूध तलाई, करणी माता मंदिर, नीमच माता मंदिर आदि अनेक स्थानों पर लोगों की भीड़ रही।

अब जयसमंद झील में भी अब पानी पहुंचने लगा है।
इस झील को भरने वाली सबसे बड़ी झामरी नदी में रविवार को पानी उथरदा पुल तक पहुंच गया तथा सोमवार को पानी झील में पहुंचने लगेगा। जयसमंद पहुंच रहे झामरी नदी के पानी को देखने जगह-जगह गांव में लोगों की भीड़ पहुंचने लगी है। इधर, रविवार को मेवाड़-वागड़ में बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। लेकसिटी में दोपहर में अचानक काली घटाएं छाने से चारों ओर अंधेरा छा गया। करीब 15 मिनट तक तेज बारिश के दौरान वाहन चालकों को
हेडलाइट ऑन करनी पड़ीं। इसके बाद शाम तक रूक-रूक कर रिमझिम का दौर रहा। बता दें, झामरी नदी पर डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति से वासा और बुथल के मध्य पुल निर्माण कार्य पिछले सात माह से चल रहा है। लेकिन कार्य के मंथर गति से चलने व अब नदी में पानी आ जाने से आवागमन बाधित हो गया है। मेवल और कुराबड़ क्षेत्र का संपर्क कटने लगा है।

आपसी रंजिश खुनी गेंगवार – भाई की हत्या के आरोपी काे 3 गोलियां मारी, मौत

उदयपुर. कुछ दिन पहले ही जिस उदयपुर शहर को विश्व का तीसरा Best City माना गया वही शहर दहशतगर्दों का शहर बनता जा रहा है . गृहमंत्री gulabchand katariya का शहर और खुले आम गेंग वार फायरिंग की घटनाएँ अब आम हो गयी है . शनिवार शाम को भी आपसी रंजिश के चलते बिच सड़क पर युवक की गोली मार कर ह्त्या करदी .

अम्बामाता क्षेत्र के रामपुरा चौराहे से करीब 100 मीटर पहले एकलिंगनाथ गार्डन के सामने शनिवार शाम साढ़े 6 बजे की करीब बाइक पर आए चार युवकों ने ताबड़तोड़ फायर कर गांधीनगर, मल्लातलाई निवासी Gajendr Chaparwal (29) पुत्र प्रकाश छापरवाल की हत्या कर दी। गजेंद्र को तीन गोलियां लगीं।

पुलिस के अनुसार फायर करने वाला सुनील लोठ था, जिसके भाई विक्रम की हत्या के आरोप में गजेंद्र नवंबर 2015 से जेल में था और इसी साल मई में जमानत पर छूटा था। गजेंद्र के भाई महेन्द्र के आरोप पर पुलिस सुनील लोठ की तलाश कर रही है। शहर में पिछले एक माह में फायरिंग की यह चौथी घटना है। माहौल खराब होने की आशंका पर गांधीनगर में रात भर भारी जाप्ता तैनात रहा। देर रात पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। सूचना पर एडिशनल एसपी हर्ष रत्नू, थानाधिकारी जितेन्द्र आंचलिया, कैलाश चन्द्र, एसआई देवेन्द्र जाप्ता सहित पहुुुंचे। डीएसपी भगवत सिंह हिंगड़, थानाधिकारी भवानी सिंह और रवींद्र सिंह चारण भी रात को हॉस्पिटल पहुंचे।

फाइनेंस का काम करता था गजेंद्र परिवारों में कई सालों से थी रंजिश:रामपुरा क्षेत्र में हुई वारदात को पुलिस आपसी रंजिश का नतीजा मान रही है। बताया जा रहा है कि हमलावर सुनील ने तीन साल बाद भाई की हत्या का बदला लिया।वारदात रामपुरा चौराहे से करीब सौ मीटर पहले एकलिंगनाथ गार्डन के ठीक सामने हुई। तब गांधीनगर, मल्लातलाई निवासी गजेंद्र छापरवाल अपने भाई और साथियों के साथ किसी प्लॉट को लेकर प्लानिंग कर रहा था। गजेंद्र फाइनेंस से जुड़ा काम करता था। इसी बीच साथियों के साथ सुनील लोठ बाइक पर आया था। आते ही उसने गजेंद्र पर फायर कर दिए।

मृतक के भाई ने पार्षद पिता-पुत्र पर भी लगाए आरोप, हाथ नहीं आए हमलावर:बताया गया कि सुनील के भाई विक्रम की हत्या के आरोप में गजेंद्र नवंबर 2015 से जेल में था और इसी साल मई में जमानत पर छूटा था। गजेंद्र के भाई महेन्द्र ने गांधी नगर, मल्लातलाई निवासी सुनील लोठ, पार्षद पिता-पुत्र सहित चार पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मल्लातलाई और अस्पताल में मोर्चा संभाला। माहौल खराब होने की आशंका पर गांधीनगर में रातभर जाप्ता तैनात रहा। देर रात पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि देर रात तक कोई पकड़ा नहीं जा सका।

सुनील ने आते ही किए फायर, मैंने गजेंद्र को संभाला, तब तक हमलावर भागे : महेंद्र

महेन्द्र ने बताया कि वह अपने भाई गजेंद्र, दोस्त राहुल तंबोली और राजेश चौहान के साथ रामपुरा स्थित उसके प्लॉट पर गए थे। प्लॉट देखने के बाद पेट्रोल पंप से पहले एकलिंगनाथ गार्डन के सामने खड़े होकर प्लॉट को लेकर प्लानिंग कर रहे थे। इसी बीच बाइक पर सुनील लोठ और उसके तीन साथी बाइक पर आए। इनके पास पिस्टल थी। सुनील ने आते ही गजेंद्र पर ताबड़तोड़ फायर किए। मैंने गजेंद्र को संभाला, तब तक हमलावर फरार हो गए। हम सभी गजेंद्र को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, पुलिस ने बताया कि सुनील का टारगेट गजेंद्र ही था। बचाव के दौरान एक गोली गजेंद्र के बगल में, दूसरी बाजू पर और तीसरी पसलियों में लगी। जब तक गजेंद्र को हॉस्पिटल लाया गया, उसकी मौत हो चुकी थी। गजेंद्र फाइनेंस का काम करता था। दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही है।

आरोपी की बहन राजसमंद में निलंबित एसआई है :गजेंद्र के परिजनों ने बताया कि आरोपी सुनील की बहन बीना लोठ राजसमंद में पुलिस उप निरीक्षक है। वह भी रिश्वत मामले में ट्रेप हो चुकी है और अभी निलंबित है, लेकिन पुलिस का रौब दिखाकर अाए दिन धमकाती है। हमलावर सुनील का रिश्तेदार पार्षद है। ये लोग आए दिन पद का रौब दिखाकर धमकियां देते हैं, कोर्ट में भी पेशी पर जाते समय भी कई बार इन लोगों ने जान से मारने की धमकियां दी।

धड़क एक प्यार भरी धड़कन – उदयपुर की खुबसूरत वादियों से जन्म लेती प्रेम कहानी

उदयपुर में फिल्माई गयी फिल्म धड़क की समीक्षा फिल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा 

निर्देशक :- शशांक खैतान
संगीत :- अतुल-अजय
कास्ट:- इशांत खट्टर, जहान्वी कपूर, आशुतोष राणा, खरज मुखर्जी, विश्वनाथ चटर्जी
अवधि :- 137 मिनट
मूल परिकल्पना मराठी फिल्म सैराट का रीमेक है फ़िल्म सैराट मराठी सिनेमा की केवल एक फ़िल्म नही वृतांत थी जिसकी लागत महज 4 करोड़ थी और आमदनी 120 करोड़
फ़िल्म सैराट का यह पहला रीमेक नही हैं धड़क के पहले भी पंजाबी, कन्नड़, उड़िया भाषा मे रीमेक बन चुके है.
पंजाबी में पंकज बत्रा चन्ना मोरिया नाम से, कन्नड़ में मानसु मल्लिगे, उड़िया भाषा मे लैला ओ लैला, बन चुकी है, ओर बंग्ला भाषा मे नूरजहाँ नाम से बन रही है.
हिंदी में धड़क एक मात्र रीमेक है लेकिन जिन्होंने सैराट देखी है उन्हें निराशा होगी धड़क देख कर
फिर भी फ़िल्म मनोरंजन करने में कामयाब रही है .
देश के वर्तमान हालात से पहले भी ऊंच नीच जाति, गरीब अमीर  पर प्रेम कहानियां बनती रही है
ऊँच नीच प्रेम पर बिमल राय की सुजाता(1959), एक दलित कन्या को ब्राहमंड के लड़के से प्यार  यह थी,इसके पहले अछूत कन्या भी उल्लेखनीय फ़िल्म थी| यह तो बात हुई फिल्मी पृष्ठभूमिया भारतीय परिपेक्ष में.
खैर धड़क पर आते है
फ़िल्म राजस्थान के उदयपुर में शुरू होती है जहां रतन सिंह(आशुतोष राणा) एक बड़े, अमीर राजनीतिक शख्सियत है, उनकी बेटी पार्थवी(जहान्वी कपूर) नव युवती है जो कि एक गरीब लड़के मधुकर(इशान्त खट्टर) में प्रेम हो जाता है|जोड़ी एक दम तरोताज़ा लगती है क्योंकि लम्बे समय बाद कमसीन प्यार करने वाले देखने को मिले है, एक दूजे के लिए, कयामत से कयामत, मैंने प्यार किया , जाने तू के बाद,
तो साहब छोटी जात का लड़का, उच्च कुलीन लड़की का बड़ा नफासत भरा प्यार दिखाया गया और जब प्यार मुकम्मल पर आता है तो ट्विस्ट आना तय होता है तो रतन सिंह को पता चल जाता है तो वह मधुकर को अपना रसूख की बिना पर जेल में डलवा देते है पर पार्थवी मधुकर को लेकर भाग जाती है और दोनों कलकत्ता भाग जाते है .
कोलकाता में मधुकर के व्यवहार में अचानक तब्दीली समझ से परे लगती है, पार्थवी अपने पिता के घर को होटल का सम्बोधन भी समझ नही आता है. क्यो एक बाहूबली नेता अपनी बेटी को खोज नही पाता लम्बे समय तक. यह सब सवाल उलझा देते है. लेकिन अंत मे सैराट की जगह कुछ बदलाव किए है जिसे देखने के लिए फ़िल्म देखनी पड़ेगी .
अभिनय की बात करे तो इशान्त ने शानदार अभिनय दिखाया है लेकिन श्रीदेवी पुत्री जहान्वी कपूर कई जगह कमज़ोर नज़र आती है समय लगेगा उसे अभिनय की बारीकियों को समझने में.
आशुतोष राणा उम्दा है लेकिन उन्हें कम जगह मिली है. जितना उनका अभिनय है वह लाजवाब है|
फ़िल्म की लागत 50 करोड़ है मार्केटिंग पब्लिकेशन के 20 करोड़ बजट हो गया 70 करोड़
अब सवाल यह बनता है बजट को लेकर फ़िल्म 100 करोड़ पार करेगी तो हिट मानी जाएगी
संगीत अतुल-अजय के संगीत ने बहूत कमाल तो नही लेकिन फ़िल्म बांधे रखी है अमिताभ भट्टाचार्य के गाने भी सुनने में अच्छे लगे है. सैराट से तुलना न करे तो एक स्वस्थ मनोरंजक फ़िल्म या लम्बे समय बाद एक कमसीन लव स्टोरी आई है बॉलीवुड में .
फ़िल्म 3 स्टार्स  
फिल्म समीक्षक – इदरीस खत्री

समीक्षक-इदरीस खत्री

अजमेर की MDS यूनिवर्सिटी के कुलपति विजय श्रीमाली का निधन – शिक्षा जगत में शोक की लहर

उदयपुर। अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर विजय श्रीमाली का द‍िल का दौरान पड़ने से शन‍िवार को न‍िधन हो गया।श्रीमाली उदयपुर कोमर्स कोलेज के डीन रह चुके है व् छात्रों में काफी लोकप्रिय भी रहे है। श्रीमाली 58 वर्ष के थे। वे लंबे समय से शुगर से पीड‍़़‍ि़‍त थे। श्रीमाली का न‍िध्‍ान फोर्टिस हॉस्पिटल में हुआ। उनके न‍िधन से श‍िक्षा जगत में शोक की लहर छा गई। प्रो. श्रीमाली की शव यात्रा रविवार प्रात: 9 बजे उनके निवास 376, हिरणमगरी सेक्टर 11 से अशोकधाम स्थित मोक्षधाम लाई जाएगी जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। 
श्रीमाली को दो महीने पूर्व ही एमडीएस विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया था। प्रो. विजय श्रीमाली उदयपुर यूआईटी चेयरमैन रविन्द्र श्रीमाली के भाई हैंं।
श्रीमाली 30 सालों से अध‍िक समय से मोहनलाल सुखाडि़या व‍िव‍ि से जुड़े रहे। वे कॉमर्स कॉलेज के डीन, स्‍पोट्र्स चेयरमैन आद‍ि पदों पर रहे। उनके पर‍िवार में पत्‍नी, पुत्र व पुत्री हैं।
एकेडमिक कैरियर
1986 में एमबी कॉॅलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर व 2007 में प्रोफेसर बने।
15 वर्ष तक बॉम के सदस्य,
2 वर्ष तक बोर्ड ऑफ कंट्रोल में सदस्य।
2006 से 2009 तक विधि महाविद्यालय के डीन रहे।
2010 से 2012 तक विवि के चीफ प्रोक्टर।
सितम्बर 2012 से सितम्बर 2015 तक कॉमर्स कॉलेज के डीन।
व्यवसाय एवं प्रशासन विभागाध्यक्ष व एमएचआरएम के निदेशक, स्टेट ऑफिस के इंचार्ज, स्पोट्र्स बोर्ड के चेयरमैन रहे। छात्र जीवन में तीन वर्ष तक एक्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य रहे।
1979 से 82 तक विद्यार्थी परिषद विभाग संगठन मंत्री रह चुके हैं।

संजू फिल्म में असली संघर्ष तो एक बाप के रूप में सुनील दत्त का था …. – फुरकान खान

संजू फिल्म पर सटीक समीक्षा ” फुरकान खान” की नज़र से

Sanju – फ़िल्म आज देखी ……जी हां लगने के बहुत दिनों बाद
अब तक आप में से कई लोग देख भी चुके होंगें और कई reviews भी पढ़े होंगें । कुछ आलोचना भी सुनी होंगी कि संजय दत्त ऐसे संजय दत्त वैसे, और ये भी कि संजय दत्त गुनहगार हैं या नहीं । कुछ उत्साही मीडिया वालों ने मीडिया को बदनाम करने की बात भी कही और कुछ लोगों ने इसे मीडिया की असलियत सामने वाला भी कहा ।
मेरे लिए ये प्रश्न बेजा हैं क्योंकि संजय दत्त के बारे में न्यायालय फैसला दे भी चुका है और वो सज़ा भुगत भी चुके हैं ।

फिलहाल फ़िल्म को फ़िल्म के रूप में देखकर जो विचार बने वो सांझा करने की कोशिश कर रहा हूँ –
1- फ़िल्म में संजय दत्त की बिगड़ैल जीवन शैली अवश्य दिखाई है लेकिन असली संघर्ष तो एक बाप के रूप में सुनील दत्त का था जिसे फ़िल्म में जगह कम मिली । क्योंकि संजय दत्त को जिस उम्र में जो अच्छा लगा वो करते चले गए सही गलत में जाए बिना जबकि सुनील दत्त को एक ईमानदार और ज़िम्मेदार शहरी के कर्तव्य निभाने के साथ साथ एक बिगड़ैल बच्चे को प्यार करने वाले बाप की ज़िम्मेदारी भी उठानी पड़ी ।असली संघर्ष यही था जिसे फ़िल्म में कुछ ज़्यादा जगह मिलती तो शायद ये फ़िल्म समाज में संदेश देने में सार्थक भूमिका निभाती ।
2- एक storyteller के रूप में राजकुमार हीरानी का कोई जवाब नहीं 2 घंटे 42 मिनट की फ़िल्म कब शुरू कब खत्म पता ही नहीं चला ।आप जो कहना चाह रहे हैं वो कह भी दिया और ज़्यादातर दर्शकों ने उसे ग्रहण भी कर लिया और पता भी नहीं चला कि आपके दिमाग में निदेशक ने कुछ सरका भी दिया है । फ़िल्म Filmcraft के रूप में अद्भुत है और एक उत्तम craft का उत्तम नमूना है । Hats off to Rajkumar Hirani for Such CRAFTSMANSHIP
3 – रणवीर कपूर ने उत्तम एक्टिंग की है लेकिन कमलेश उर्फ कमली के रूप में विक्की कौशल ने भी बहुत प्रभावित किया । मान्यता दत्त के रूप में दिया मिर्ज़ा, लेखिका के रूप में अनुष्का ठीक ठीक हैं लेकिन नरगिस दत्त के रूप में मनीषा कोइराला इन दोनों महिला कलाकारों से कहीं आगे हैं ।
4 – फ़िल्म में परेश रावल एक बाप के रूप में तो ठीक लगे लेकिन सुनील दत्त बिल्कुल भी नहीं लगे । मैंने अपनी एक अल्प मुलाक़ात (6 घंटे एक ही कार में जोधपुर एयरपोर्ट से सिरोही के एक गांव जावाल तक ) में जितना सुनील दत्त साहब को देखा और महसूस किया वो किरदार मुझे परेश रावल के किरदार में नज़र नहीं आया । ये अलग बात है कि एक बिगड़ैल बच्चे के दुखी बाप के किरदार के रूप में ठीक ठीक ही रहे ।
5 – संगीत कोई खास नहीं बस दे दिया ,गाने तो बिल्कुल भी याद ना रहने वाले और ना याद आने वाले ।

मुझे तो Sanju फ़िल्म राजकुमार हिरानी की Amazing Storytelling CRAFT के रूप में याद रहेगी – समीक्षक फुरकान खान 

हैवान‍ियत पर उतरा प‍िता-अपनी ही बेटी के साथ क‍िया ये शर्मनाक काम…खुद बेटी ने मां को बताई दर्दनाक दास्‍तां

उदयपुर। अम्बामाता थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय मासूम बेटी के यौन शोषण का मामला सामने आया है। बेटी की आपबीती सुनकर मां उसे लेकर थाने पहुंची और रिपोर्ट देकर आरोपी पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
कार्यवाहक थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह मासूम का मेडिकल करवाया जाएगा और आरोपी के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई होगी। फिलहाल मासूम यह नहीं बता पा रही है कि उसके साथ किस तारीख को यह सब घटित हुआ। वह सदमे में है। बताया गया कि आरोपी के एक-एक पुत्र और पुत्री है। उसका पुत्र पीडि़ता से छोटा है। आरोपी छोटा-बड़ा काम करता है मगर वह नशा नहीं करता हैै।

7 माह की मासूम से दुष्कर्म: कोर्ट ने दी फांसी की सजा, राजस्थान में पहली बार सुनाया गया इतना तेज फैसला

अलवर के लक्ष्मणगढ़ में 7 माह की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सुनाई है। पोस्को एक्ट के नए संसोधन लागू होने के बाद 7 माह की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए शनिवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया था जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
राजस्थान में ये पहला ऐसा मामला है जिसमें पोक्सो एक्ट के तहत इतने कम समय में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
10 मई 2018 को दर्ज हुआ था मुकदमा
लक्ष्मणगढ़ थाने में 10 मई 2018 को 7 माह की बालिका के पिता ने लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र निवासी 19 वर्षीय युवक पिंटू पुत्र सोहनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी की पिंटू ने 9 मई 2018 की शाम उसके घर आया और उसकी नेत्रहीन भाभी के पास सो रही उसकी बच्ची को उठाकर ले गया। इसके बाद आरोपी ने दुष्कर्म किया और फिर उसे लहूलुहान हालत में गांव के फुटबॉल फील्ड पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिंटू को गिरफ्तार किया था।
12 पेशियों के बाद आया फैसला
न्यायाधीश ने 22 अदालती कार्य दिवसों में 12 पेशियां लगाते हुए मंगलवार को अंतिम बहस सुनने के बाद बुधवार को फैसले की तारीख तय की थी। लेकिन समय अभाव के कारण आरोपी को सजा तो नहीं सुनाई लेकिन सभी धाराओं में दोषी मानते हुए सजा के लिए 21 जुलाई मुकर्रर की।
विशिष्ट न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने सजा के बिंदुओं पर दोनों पक्षों की बहस सुनी और बहस के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए 21 जुलाई 2018 शनिवार को सजा का दिन मुकर्रर किया।
आरोपी के खिलाफ भारतीय धारा 363, 366, 376 ए बी 5एम/6 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। विशेष लोक अभियोजक कुलदीप जैन ने बताया कि 21 जून को प्रसंज्ञान लेते हुए चार्ज लगाया गया था और 28 जून से स्पीडी ट्रायल अपनाते हुए प्रतिदिन सुनवाई की थी।
दंड विधि संशोधन के बाद राजस्थान में पहला मामला 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में कठोर सजा देने के लिए 21 अप्रेल 2018 को अध्यादेश के जरिए दंड विधि संशोधन अस्तित्व में आया था। इसके बाद पोक्सो एक्ट में 7 माह की बच्ची से दुष्कर्म का यह पहला मामला था।
कुलदीप जैन ने बताया कि राजस्थान में ये पहला मामला होगा जब पोक्सो एक्ट में संशोधन के बाद कम समय में अदालत द्वारा आरोपी पर फैसला सुनाया गया। ये राजस्थान का पहला और भारत का तीसरा मामला है जिसमें जल्दी सजा हुई।

राजस्थान में गो तस्करी के शक में एक की पीट-पीटकर हत्या – मोब लिंचिंग की घटनाएँ नहीं रुक रही .

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राजस्थान में गो तस्करी के शक में गांववालों ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार रात अलवर के पास रामगढ़ इलाके में हुई। पुलिस के मुताबिक अकबर (28) हरियाणा का रहने वाला था। वह दो गायों को लेकर पैदल जा रहा था। इस दौरान कुछ लोगों ने रोककर उससे पूछताछ की और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसका साथी जान बचाकर भाग निकला। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घटना की निंदा की और मोदी सरकार के चार साल को लिंच राज बताया।

एएसपी अनिल बेनिवाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अकबर को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया। अभी ये पता नहीं चल पाया है कि मारा गया शख्स गो तस्कर था या नहीं।

अलवर में पहले भी गो तस्करी के शक में हत्याएं : बताया जाता है कि इस इलाके में कथित गो रक्षकों के दल सक्रिय हैं। गोवंश लेकर जाने के शक में पहले भी कई लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी साल 3 अप्रैल को डेरी संचालक पहलू खान को भीड़ ने पीटकर मार डाला था। पिछले साल नवंबर में उमर खान नाम के शख्स का शव रेलवे ट्रैक के पास मिला था। उसके परिवार ने गो तस्करी के शक में हत्या का आरोप लगाया था।

लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त :देश में बढ़ती लिंचिंग की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले ही केंद्र और राज्य सरकारों को गाइडलाइन जारी कीं। कोर्ट ने कहा था कि लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने नहीं दिया जा सकता। गो तस्करी या अफवाह के चलते किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्देश दे चुका है।

ओवैसी ने मोदी राज पर सवाल उठाए

Asaduddin Owaisi@asadowaisi

Cow in India has a Fundamental Right to Life under Art 21 & a Muslim can be killed for they have no Fundamental right to LIFE
Four years of Modi rule – LYNCH RAJ

ANI

✔@ANI

Rajasthan: Man named Akbar allegedly beaten to death by mob in Alwar’s Ramgarh last night on suspicion of cow smuggling, police investigation underway

Vasundhara Raje

✔@VasundharaBJP

में गो परिवहन से सम्बंधित वारदात में हुई नृशंस हत्या की मैं कड़े शब्दों में निंदा करती हूँ। पुलिस मामला दर्ज कर दो संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। मैंने गृह मंत्री @GulabKataria जी को जल्द से जल्द मामले की छानबीन कर दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने के निर्देश दिए हैं।