Udaipur में गांठ एवं कैंसर की गांठ निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर 15 से

Udaipur . अम्बामाता स्थित मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में स्थित राजवैद्य प्रेमशंकर शर्मा राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में 15 मार्च से 17 मार्च तक गांठ एवं कैंसर की गांठ का निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

चिकित्सालय प्रभारी अधिकारी डॉ रामवीर शर्मा ने बताया कि शरीर में कहीं भी किसी प्रकार की गांठ कैंसर हो सकता है, इसका निदान आवश्यक है। कई बार व्यक्ति बिना जॉच कराये उसके प्रति लापरवाह रहता है, जिससे रोग बढने की संभावना रहती है।

द्रव्यगुण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कामिनी कौशल ने बताया की इसके कई कारण जैसे-अहित आहार-विहार, हानिकारक परिरक्षकयुक्त डिब्बा बंद भोजन, दूषित पदार्थ का नियमित प्रयोग, मांस, तम्बाकु, बीडी-सिगरेट, शराब आदि का सेवन, कार्सिनोजेनिक औषधियों का अधिक सेवन, कुछ विशिष्ट उद्योगों में लम्बे समय तक कार्य करना, प्रदूषित जल एवं वायु का अधिक प्रयोग हो सकते है। औषध का निःशुल्क वितरण विभागाध्यक्ष प्रो. कामिनी कौशल व डॉ. विमला विश्नोई करेंगी। शिविर का समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा।

डायबिटिज पर अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला 17 से, दस देशों से आएंगे आयुर्वेद विशेषज्ञ

Udaipur. आगामी 17 व 18 मार्च को डायबिटिज पर अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं 16 से 20 मार्च तक 5 दिवसीय विशाल निःशुल्क आयुर्वेद न्युरोथेरेपी चिकित्सा शिविर का आयोजन श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ भवन में किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर है।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक वैद्य शोभालाल औदिच्य ने बताया कि आयुर्वेद विभागनेशनल आयुर्वेद स्टूडेन्ट्स एन्ड यूथ एसोशिएसन के संाझे में 17 व 18मार्च को डायबिटिज पर 2 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा राह है।

विदेशी शोधार्थी करेंगे शिरकत –

उन्होंने बताया कि विदेशी शोधार्थियों में श्रीलंका से आरपीआरएन करुणारत्नेमिशेल दर्शिनीनेपाल से आने वाले नवीन चौरसियादीपक यादवकंचन यादव,सुजीत पटेलअभिषेक तमराकर और देवराज छैत्रीईरान से फातिमा मौजामीभुटान से कर्मा वांग्मोतंजानिया से अनेक्सा अलबर्टपोलेण्ड से उर्सज़ुला स्टेविक का आना सुनिश्चित हुआ और अन्य शोधार्थियों का पंजीयन जारी है।

डायबिटिज के लिए निः शुल्क विशेष योगसत्र

डायबिटिज रोग में उपयोगी योगिक क्रियाओं का प्रदर्शन व उनका वैज्ञानिक विश्लेषण योग विशेषज्ञों द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा साथ ही विदेशी योग प्रशिक्षक भी सहभागिता करेंगे। आमजन को प्रमेह रोग होने के पूर्व लक्षण व सम्पूर्ण रोग की रोचक माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

सुपर स्पेश्यलिटी डायबिटिज लाइव किचन

आमजन को डायबिटिज में प्रयुक्त होने वाले आहार प्रत्यक्ष बनाना सीखाना व सोशियल मीडिया व अन्य स्रोत से आमजन भ्रमित लोगों को आयुर्वेद की मूल जानकारी सांझा करना आदि जानकारी लाइव किचन के माघ्यम से दी जाएगी।

नेशनल आयुर्वेद स्टुडेन्ट्स एण्ड यूथ एसोशियशन के राजस्थान प्रान्त के अध्यक्ष वैद्य संजय माहेश्वरी ने बताया कि नस्या आयुर्वेद को मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से व जनसेवा के लिए एक पंजीकृत संगठन है व पूरे भारत वर्ष में 25 से अधिक राज्यों में विभिन्न प्रकल्पो के माध्यम से सेवा कार्य कर रहा हैं। उन्हांेने बताया कि इस कार्यशाला में 10 से अधिक देशोंभारत के 10 से अधिक राज्यों व राजस्थान के प्रत्येक जिले से वैज्ञानिकअध्यापकचिकित्सकशोधार्थीछात्र-छात्राएं व आमजन भाग लेंगे।

5 दिवसीय विशाल निःशुल्क आयुर्वेद न्युरोथैरेपी चिकित्सा शिविर 16 से

कार्यशाला के दौरान कोटा के प्रसिद्ध आयुर्वेद न्युरोथैरेपी विशेषज्ञ वैद्य मनोज शर्मा के निर्देशन में 5 दिवसीय विशाल निःशुल्क आयुर्वेद न्युरोथैरेपी चिकित्सा शिविर का आयोजन 16 मार्च से 20 मार्च तक किया जाएगा। शिविर के दौरान सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिससायटिकाफ्रोजन शोल्डरजोइन्ट पेनकमर दर्दघुटनो का दर्द,सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस आदि का इलाज किया जाएगा।

अकादमी के नवोदित प्रतिभा पुरस्कार घोषित

Udaipur.राजस्थान साहित्य अकादमी के वर्ष 2017-18 के नवोदित प्रतिभा प्रोत्साहन पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। अकादमी अध्यक्ष डॉ. इन्दुशेखर तत्पुरुष ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. सुधा गुप्ता पुरस्कार (कहानी विधा) का राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालयबीकानेर की  सुश्री जाह्नवी केवलिया को दिया जाएगा। चन्द्रदेव शर्मा पुरस्कार काव्य विधा’ का श्री बालाजी कॉलेज ऑफ नर्सिगउदयपुर के श्री रत्नेश दाधीच को, ’कहानी विधा‘ का पुरस्कार राजस्थान विश्व विद्यालयजयपुर की सुश्री विभा पारीक को दिया जाएगा। ये सभी पुरस्कार 5000-5000 रुपये के हैं।

 इसी प्रकार विद्यालय स्तरीय परदेशी पुरस्कार 5000 रुपये का सेंट मैेरी सीनीयर सैकण्डरी स्कूलउदयपुर की सुश्री श्रैयासिंह धाभाई को दिया जाएगा। पुरस्कार विजेताओं को ये पुरस्कार अकादमी के साहित्यकार सम्मान समारोह 18 मार्च के अवसर पर आयोजित समारोह में उदयपुर में प्रदान किए जाएंगे।

लोक सभा में सांसद अर्जुन लाल मीणा ने उदयपुर शहर को बी-2 श्रेणी का दर्जा देने की मांग की।

Udaipur. मंगलवार को उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने लोक सभा में उदयपुर शहरको बी-2 श्रेणी का दर्जा देने की मांग की।
सांसद अर्जुन लाल मीणा ने बुधवार को लोक सभा की कार्यवाही में नियम 377 के तहत सरकार से कहा की मै आपका ध्यान मेरे संसदीय क्षेत्र उदयपुरशहर की ओर दिलाना चाहता हँू। पूर्व में उदयपुर शहर के नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 4 लाख 51 हजार 200 थी । वर्ष 2001 के सरकारी रिकार्ड के अनुसार उदयपुर शहर की जनसंख्या में 23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई थी। इस वृद्धि दर को यदि आधार माना जाए तो वर्ष 2016 तक जनसंख्या लगभग 5 लाख को पार कर चुकी है तथा उदयपुर शहर के सीमावर्ती क्षेत्र में 34 राजस्व ग्रामों को यू.आई.टी. क्षेत्र में माना गया है। इन ग्रामों की जनसंख्या व उनमें भी वर्ष 2016 तक हुई वृद्धि को जोड़ा जाये तो वर्तमान जनसंख्या लगभग 7.50 लाख से ऊपर जाती है ।
अतः उपरोक्त तथ्यो और जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखतेहुए मै भारत सरकार से मांग करता हँू कि उदयपुर शहरकोअति शीघ्र बी-2 श्रेणी का दर्जा दिया जाये जिससे यहाँ के सरकारी कर्मचारियों एवं आम-जनको बी-2 श्रेणी के सभी लाभ प्राप्त हो सके।

भुमाफियाओं ने कैंसर पीड़ित को भी नहीं बख्शा, तबादले के फेर में उलझे हाकम नहीं दे रहे हैं ध्यान, परेशान खासोआम।

Udaipur. इन दिनों उदयपुर में भुमाफियाओं का बोलबाला है। अपने बाहूबल और चंद रूपयों के दम पर यह लोग भोले – भाले जमीन मालिकों को फंसाते है और मौका मिलते ही सारी संपत्ति धोखे से अपने नाम कर देते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण देखने को मिला है शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में । जहां देबारी गांव मे एक गरीब आदिवासी की जमीन भूमाफियाओं द्वारा हड़पने का मामला सामने आया है। दलालों ने बैक डायरी में 15 लाख रूपयों की फर्जी एंट्री कर केंसर पीड़ित वृद्ध की पुश्तैनी जमीन की पावर आॅफ अटोर्नी तैयार करवा ली। मामला उजागर होने के बाद पुलिस मामले की जांच मे जुट गई है। आपको बता दे कि देबारी के सकदर फला गांव मे रहने वाले गणेश गमेती की पुश्तैनी जमीन को भूमि दलालो ने षडयंत्रपूर्वक हड़पने का काम किया है। केंसर पीडित वृद्ध मुखिया का इलाज करवाने के लिए परिवार ने साढे छह बिस्वा जमीन 15 लाख मे बेचनी तय की थी। लेकिन दलालो ने उसकी पौन बिघा जमीन की पावर आॅफ अटोर्नी बनावा दी। यहीं नहीं रजिस्ट्री से पहले उसके खाते में 15 लाख रूपए डालने की फर्जी एंट्री करके विश्वास दिलाया कि पैसे खाते मे डाल दिए है। उसके बाद भूमि दलाल राजेश गमेती, देवीलाल, शंकर, रोशनलाल, दलाराम ने एक ओर खाता खुलवाकर उसमे साढे तीन लाख रूपए डालकर एटीएम के जरिए पैसे भी निकाल लिए। वृद्ध और उसके परिवार को एक रूपया तक नही दिया गया। परिजनों को जब इस बात का पता चला तो वृद्ध ने रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर पावर केंसिल करवाने के साथ जाली दस्तावेज खारिज करवाने और दोषियो के खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट प्रतापनगर थाने को दी है। यह परिवार अपने साथ हुई धोखाधड़ी से सदमे में है।

नव संवत्सर की तैयारियां जोरों पर – सप्ताह भर चलेगें कार्यक्रम

उदयपुर। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम उदयपुर, आलोक संस्थान और सर्व समाज संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में नये वर्ष के स्वागत में सात दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जायेगें। इसमे तिन दिनों तक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें साथ ही 50 हजार षुभकामना संदेष कार्ड देकर देंगे नव संवत्सर की षुभकामनाएं दी जाएगी।
नव संवत्सर कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए नववर्ष समारोह के राष्ट्रीय सचिव डॉ प्रदीप कुमावत ने बताया कि समिति की ओर से इस बार 14 मार्च से 18 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। 14 मार्च को शहर के महाकाल मंदिर में गंगा आरती, 15 मार्च को सूरजपोल चैराहे पर भारत माता का पूजन, 16 मार्च को विश्व प्रसिद्ध ​झील फतहसागर की पाल पर पगडी सजाओं प्रतियोगिता के साथ – साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति होगी। 17 मार्च को तीन अलग अलग जगहों से ज्योति कलश चेतना यात्रा का आयोजन किया जाएगा जिसका संघम हाथीपोल चैराहे पर होगा और वहां से यह यात्रा पैदल गणगौर घाट पर जाएगी। 18 मार्च को मुख्य कार्यक्रम होगा इसमें सुबह स्वागत किये के लिए अलग अलग चौराहों पर लोगों को हिंदी कैलेण्डर के अनुसार वर्ष 2075 के स्वागत के तौर पर सभी का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर
डाॅ. प्रदीप कुमावत ने जानकारी देते हुये बताया कि देश के करीब 77 प्रांतीय समन्वयकों तथा 233 केंद्रों पर छोटे-मोटे स्तर पर कोई न कोई कार्यक्रम हो रहा है। विदेषों में भी जहाँ-जहाँ भारतीय है वहाँ भी नव संवत्सर के आयोजन भव्य रूप से होते है।
नगर निगम के महापौर चन्द्र सिंह कोठारी ने बताया कि नये वर्ष के भव्य आयोजन को लेकर आने वाली पीढ़ी को हमारी संस्कृति से रूबरू करवाना है साथ ही नगर निगम शहरवासियों को जोडने के लिए 18 मार्च को मुख्य कार्यक्रम का आयोजन करता है जिसमें आतिशबाजी तो होती है लेकिन पर्यावरण को ध्यान में रखकर कोल्ड फायरिंग की जाती है ताकि किसी भी जीव या पर्यावरण को नुकसान नही हो।

हिन्दुस्तान जिंक देबारी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम आयोजित .

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1500 से अधिक महिला ‘सखियों‘ ने हर्षोल्लास से की भागीदारी

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उदयपुर । हिन्दुस्तान ज़िंक देबारी के द्वारा मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं सखी उत्सव कार्यक्रम जिंक स्टेडीयम में आयोजित किया गया, जिसमें 1500 से अधिक ‘सखी‘ महिलाओं, महिला कर्मचारियों एवं जिंक परिवार की सदस्यों ने हर्षोल्लास से महिला दिवस मनाया एवं परिवार, समाज और देश को सशक्त करने का प्रण लिया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि जिला वन अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने हिन्दुस्तान जिंक द्वारा महिलाओं के लिए ‘सखी‘ कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि महिलाओं का स्तर बढे़गा तो समाज आगे बढे़गा उन्होंने महिलाओं से कहा कि बे अपनी बेटीयों को अधिक से अधिक पढ़ायें।
कार्यक्रम में जिंक स्मेल्टर देबारी के लोकेशन हेड मनोज नसीन ने कहा कि वेदांता हिन्दुस्तान जिंक के कार्यक्रम ’सखी‘ और ’खुशी’ महिलाओं और बच्चों के सर्वांगिण विकास पर केंद्रीत है।
समारोह का शुभारंभ जिला वन अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा, इन्टक के उपाध्यक्ष मांगीलाल अहीर, सेवा मन्दिर के अजय मेहता आदि ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यक्रम में सभी सखी महिलाओं ने विभिन्न खेलकूद रस्सा कस्सी, कुर्सी रेस, मटका फोड, बाल्टी में बाॅल, रंगोली, चम्मच रेस और मटकी फोड प्रतियोगिता में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमांे नाटक, सड़क सुरक्षा और ग्रामीण महिलाओं द्वारा गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से कुरीतियों को दूर करने और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में आरएसटी से आर के बोलीया, मरूधरा ग्रामीण बैक के च्रन्द्रगुप्त सिंह चैाहन, मंजरी संस्थान से नरेश जैन, हनुमान वन विकास समिति से राजकरण यादव, शिवम आदि अधिकारियों ने शिरकत कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में साथ ही सीएसआर के अन्तर्गत हिन्दुस्तान जिंक़ द्वारा संचालित की जा रही परियोजनाओं नन्दघर, खुशी योजना, सखी, शिक्षा सम्बल, महिला स्वरोजगार, कृर्षी एवं पषुपालन के कार्यो और गतिविधियों की जानकारी स्टाॅल के माध्यम से दी गयी।

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हिन्दुस्तान जिंक के हेड-काॅर्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क अपने आ- पास के क्षेत्र की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये कटिबद्ध है। सखी कार्यक्रम से जुड़ कर उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौड़गढ़ एवं उत्तराखण्ड के पंतनगर की महिलाएं आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर है। हिन्दुस्तान जिं़क की 1237 सखी समूहों से जुड़कर 14421 महिलाएं लाभान्वित हो रही है।
हिन्दुस्तान जिंक एवं सहेली समिति के मंजरी फाउण्डेशन द्वारा करीब 250 स्वयं सहायता समूहों की तीन हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं जिले में हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा चलाएं जा रहे कार्यक्रमों से जुड़कर लाभान्वित हो रही है। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने हर्ष जताया एवं महिलाओं ने अपने अनुभव भी साझा किये।
इस मौके पर मुख्य अतिथियों द्वारा कुलदेवी महिला ग्राम संगठन को पर्यावरण, स्वच्छता एवं सड़क सुरक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ ग्राम संगठन का पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ समूह सखी हेमलता सुथार भैसडाकला को दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिं़क के एचआर हेड दिपक वर्गीस, वित्त हेड जितेन्द्र, सीएसआर अधिकारी बुद्विप्रकाश पुष्करणा, जरनेन फातिमा, सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

हेयर और मेकअप इंडस्ट्री में पनप रहा है अवार्ड माफिया – अवार्ड खरीद फरोख्त को धंधा बन कर उभर रहा है .

पोस्ट न्यूज़। फैशन इंडस्ट्री (fashion industry ) का सबसे अहम् हिस्सा है Hair and makeup
जो मौजूदा दौर में अपने चरम पर है। जहाँ देश में नामी गिरामी हेयर और मेकअप आर्टिस्ट ने दुनिया भर में नाम कमाया वहीँ अब इस इंडस्ट्रीज़ में माफिया भी पनपने लगे है और यह माफिया है अवार्ड माफिया जो काबिलियत या Art को देख कर अवार्ड नहीं देते ये लोग अवार्ड को बेचते है वह भी ऐसे लोगों को अवार्ड बेचते है जो इस काबिल तो नहीं लेकिन Award के लिए बोली लगाना जानता हो .
एक जमाना  था जब हर क्षेत्र में अवार्ड लोगों की क़ाबलियत देख कर दिया जाता था | लेकिन आज ये Trend बिल्कुल बदल चुका है | आजकल क़ाबलियत के दम पर नहीं बल्कि पैसों के दम पर अवार्ड दिए जाते हैं | आज कोई भी अवार्ड अपने नाम कर सकता है | या दुसरे शब्दों में कहें तो, आजकल अवार्ड बिकाऊ हैं | वो कहते हैं न पैसा फेक तमाशा देख | पैसा दो और अवार्ड अपने नाम कर लो | Hair and makeup का यह अवार्ड माफिया बड़े शहरों में ही नहीं  छोटे छोटे शहरों के हेयर आर्टिस्ट सैलून और मेकअप आर्टिस्टों को भी निशाना बनाते है और उन्हें अपने अवार्ड फंग्शन में आने का न्योता देते है साथ ही प्रोग्राम में आने की फीस लेकर अवार्ड पाने तक की कीमत तक लगा लेते है। यह १५ से २० केटेगरी के अवार्ड रखते है और हर एक केटेगरी का सौदा करते है।
Ashok Paliwal

इस हेयर एन्ड मेकअप माफिया के सन्दर्भ में हमारी बात  राजस्थान, उदयपुर शहर के जाने माने हेयर आर्टिस्ट अशोक पालीवाल से हुई, अशोक पालीवाल ने बिकाऊ अवार्ड को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे किये। अशोक पालीवाल जो आल इण्डिया ब्यूटी एंड हेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी, हेयर एन्ड ब्यूटी ऑर्गेनाइजेशन ( एचबीओ ) के फाउंडर व् अंतराष्ट्रीय स्तर पर १९४6 से हेयर आर्ट प्रतियोगिता आयोजित करवाने वाली संस्था ओएमसी  के ज्यूरी मेंबर है। पालीवाल का कहना है कि हेयर एन्ड ब्यूटी मेकअप का क्रेज़ धीरे धीरे काफी बढ़ गया है। यह काम सिर्फ एक जीवन यापन का काम ही नहीं यह एक आर्ट के रूप में उभरा है . इसीलिए इस विधा के बढ़ते क्रेज़ का फ़ायदा उठा कर इस  इंडस्ट्री में कुछ ऐसे लोग आगये है जो इन क्षेत्रों में काम करने वालों को काबिलियत के हिसाब से नहीं बल्कि पैसों के हिसाब से अवार्ड देते है। इन  बिकाऊ अवार्ड देने वालों ने एक नया धंधा बना लिया है जो धीरे धीरे अपने पैर पसारता जा रहा है .

पालीवाल ने बताया की हमारी ऑर्गेनाइजेशन आईबा (AIHBA) व् (HBO) भी अवार्ड फंग्शन करवाती है लेकिन वह सिर्फ इस क्षेत्र में कला को प्रोत्साहित करने की मंशा से यह कार्यक्रम आयोजित करती है, जिससे कि इस क्षेत्र में काम करने वालों का होसला बढे और वे अपना सर्व श्रेष्ठ दें साथ ही अपने ग्राहकों को भी इस कला का सर्व श्रेष्ठ दें। जो Hair and makeup आर्टिस्ट सच में अपना काम अच्छा कर रह है अपने आपमें एक नए क्रिएशन को पैदा कर रहे है वह आर्टिस्ट इन अवार्ड को पाते है। हम सिर्फ उनकी कला को प्रोत्साहित करते है और हमारा कम्पीटीशन निष्पक्ष होता है जिसकी वजह से आज देशभर में हमसे जुड़ने वाले अपने अपने शहरों में काफी अच्छा काम कर रहे है .
अशोक पालीवाल बताते है कि हमारे अवार्ड समारोह के लिए जो ज्यूरी होती है वह बिलकुल निष्पक्ष होती है। ज्यूरी की निष्पक्षता इसी बात से पता लगाईं जा सकती है की हमारे अवार्ड समारोह में ज्यूरी पहले तो खुद इतनी काबिल होती है कि उन्हें किसी नाम की आवश्यकता नहीं दूसरे जिस भी मोडल को वह सलेक्ट करते है उसके बारे में कसी ज्यूरी मेंबर को कुछ पता नहीं होता वह बस मोडल पर किया हुआ काम देख कर ही चुना जाता है। साथ ही कम्पीटीशन में ज्यूरी को चुनने के पहले ज्यूरी को सारे नियम कायदे समझाए जाते है फिर भी यदि कभी ज्यूरी का कोई भी मेंबर किसी तरह का पक्षपात करता भी है तो उसके खिलाफ संस्था के स्टार पर एक्शन लिया जाता है .
अशोक पालीवाल ने आगे बताया की इन दिनों राजस्थान ही नहीं देश के कई छोटे बड़े शहरों में इस तरह के अवार्ड देने वाले आयोजन होते है जिसमे अवार्ड की सौदे बाजी की जाती है।
पहले  सोशल मिडिया  के जरिये विज्ञापन दिया जाता है फिर शहर के हेयर और ब्यूटी मेकअप से जुड़े लोगों को कॉल कर उन्हें आमंत्रित किया जाता है फिर जैसे ही उनका रुझान मिलता है वह अपने अवार्ड कार्यक्रम में किसी सेलिब्रिटी के हाथों अवार्ड देने की बात कहते हुए अवार्ड पाने की रेट बताते है एक लाख से शुरू होती है जो कई बार २५ हज़ार पर तय हो जाती है।
अशोक पालीवाल ने बताया कि इन दिनों हर महीने कही ना कही कोई अवार्ड कार्यक्रम इस माफिया द्वारा आयोजित किया जाता है। ऐसे खरीद फरोख्त अवार्ड कार्यक्रमों से काबिल लोगों को नुकसान उठाना पध्रहा है ज्यूँ कि ऐसे झूठे अवार्ड कार्यक्रमों के चलते वे लोग अखबारों के ज़रिये नाम कमा रहे है जिन्हें अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ सीखना बाकी है . जिन्हे सच में अवार्ड मिलना चाहिए वह वंचित रह जाते है और जो जितना ज्यादा रुपया देता है अवार्ड भी उसको उतना बड़ा ही मिलता है।
पालीवाल ने बताया की यह काफी चिंता का विषय है क्यों कि ऐसे अवार्ड कार्यक्रमों में चयन करने वाली ज्यूरी भी एक तरह से सौदेबाजी कर ही आयी होती है क्यों के यह लोग साफ़ कहते है की अवार्ड कार्यक्रम में आपको जज बनाया जाएगा जिसके लिए आपको इतने रुपये देने होंगे लोग जज बनने की लालसा में लोग इनकी बात को मान भी जाते है। बिना मेहनत के अवार्ड खरीदने वाले लोग खुद के प्रमोशन और समाचारपत्रों में फोटो छपवाने की लालसा में खुद का नुकसान तो कर ही रहे है साथ ही अपने ग्राहकों के साथ भी धोखा कर रहे है .
 इस सारे घपले बाजी में एक सबसे बड़ी बात जो सामने आयी है वह यह है कि भारत में फ़िल्मी कलाकारों का काफी क्रेज़ है और इस क्रेज़ का फ़ायदा यह बिकाऊ अवार्ड वाले उठाते है. फ़िल्मी दुनिया की किसी बी या सी ग्रेड की हीरोइन या बॉलीवुड कलाकार को बुलाते है और उसके हाथों विजेता जो पहले से तय होता है उसको अवार्ड दिलवाते है। अवार्ड खरीदने वाला सेलिब्रिटी के साथ फोटो को अखबार छपवाता है अपने सेलून पर लगा कर खुश हो जाता है जब की उसने अपनी ही कला के सार्थ धोखा किया है।
बिकाऊ अवार्ड की खबरे सिर्फ राजस्थान में ही नहीं बल्कि पुरे देश में कई बार सुर्खियां बन चुकी है। अशोक पालीवाल ने बताया कि अवार्ड की सौदेबाजी करने वाले लोग तो रोज़ नए पनपते रहेगें इससे हेयर और मेकअप आर्टिस्टों को खुद को बचना चाहिए . पालीवाल ने बताया कि अब हमो भी और अधिक सक्रीय होना पडेगा और ऐसे बिकाऊ अवार्ड से लोगों को जागरूक करना पड़ेगा . सच तो ये कि कला किसी अवार्ड का मोहताज़ नही होती,…  काबिल आदमी की कला ही एक अवार्ड है ,.. सम्मान खरीदा नहीं जा सकता  | अगर आप काबिल हैं तो आपकी क़ाबलियत बोलती है और लोगों को समझ में आता है की कौन किस लायक है. आज नहीं तो देर सवेर भी लोगों के समझ में आजायेगा कि बिकाऊ अवार्ड देने वालों का खेल और लोग समझ जायेगें कि इनका मकसद इस क्षेत्र में कला को आगे तक बढ़ना नहीं सिर्फ अपने लाभ के लिए लोगों को बेवकूफ बनाना है
देश में दो तरह की धाराएं ,.. एवार्ड बेचने का और कला के नाम पर अवार्ड देते है ,… काफी लोग इमानदार है जो अवार्ड ठुकरा देते है ,.. कला के दम पर काम करते है ,..   और भी संगठन है वह इमानदारी से काम करते है ,… कलाकार के अन्दर स्वाभिमान और सच्चाई होना जरूरी है तभी समाज और कला के क्षेत्र में नाम कमा सकते है ,…. गलती उनकी ज्यादा है जो अपनी कला पर विशवासनहीं कर ऐसे लोगों के धोखे में आकर शोर्ट कट अपना ते है, शोर्ट कट नहीं अपनाएं , अपने आप से लड़ने की जरूरत है, दोषी सिर्फ अवार्ड बेचने वाले नहीं खरीदने वाले भी है.

Hindustan Zinc received Exporter with Best Risk Management Practices Award – 2017

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Hindustan Zinc received the award for ‘Exporter with Best Risk Management Practices’ during the ECGC Indian Exporters’ Excellence Awards 2017 organised at ITC Maurya, New Delhi on 6th March, 2018.  The Award was presented by Mr. Suresh Prabhu – Hon’ble Union Minister of Commerce and Industry to Mr. Vijay Jayarama Murthy – Dy. Chief Marketing Officer and Mr. T.R. Gupta – AVP, Corporate Affairs on behalf of Hindustan Zinc.

 The award ceremony saw  participation of over 1590 companies in different categories.  

 ECGC Ltd. has instituted ‘ECGC‐Indian Exporters’ Excellence Awards 2017’ to recognize the contribution made by India Exporters in building brand India as well as making the government’s vision of ‘Make in India’ a reality.

The esteemed Jury members of Award Function comprised of Mrs. Rita Teotia – IAS, Commerce Secretary and Ms. Geetha Muralidhar – CEO & MD of ECGC.

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हाईकोर्ट ने लगाईं उदयपुर नगर निगम को फटकार , महापौर भी हो सकते है तलब – पिछोला में बोटिंग ठेके में अनियमितता का मामला।

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Udaipur। झीलों में बोटिंग के ठेके आवंटन में अनियामाताताएं और नियमों को साइड में रख कर डिफाल्टर ठेकेदार को बोटिंग का ठेका देने के मामले में सोमवार को High court  ने नगर निगम को जोरदार फटकार लगाईं। High court ने पिछोला बोटिंग (lake Pichola) के टेंडर में हुई अनियमतता की जांच एसीबी को सोंप सात दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सूत्रों की माने तो गड़बड़ी पाए जाने पर महापोर भी हाईकोर्ट में तलब किये जासकते है।
pichola में botting का ठेका आवंटन को लेकर हाईकोर्ट में वाद चल रहा है। जानकारी के अनुसार करीब डेड साल पहले पिछोला में एक करोड़ सतेसठ लाख में मेवाड़ा बोटिंग का ठेका हुआ था। लेकिन Nagar Nigam ने काम देने के बाद वापस से कैंसल कर दिया था। बाद में इस ठेके में स्वरुप सागर और जोड़ कर यष एम्यूजमंेट को ठेका दे दिया। जबकि यश एम्युजमेंट नियमों के आधार पर ठेके की शर्तें ही पूरी नहीं करते ऐसे में एम एम ट्रावेल्स ने दावा किया था कि नियमों के आधार पर वह उससे पहले बात करनी चाहिए थी क्योंकि टेण्डर मेवाड़ा के बाद तो वो ही आ रही थी। वहीं यष एम्यूजमेंट के पास तो इपीएफ भी नहीं था। इसी बीच एम एम ट्रावेल्स व मेवाड़ बोटिंग ने हाईकोर्ट में रीट लगा दी। मेवाड़ बोटिंग का कहना है कि नियमों की अनदेखी करते हुए हमारा ठेका केंसल किया। आज जोधपुर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी माना की यश एम्युसमेंट को दिया गया ठेका कही ना कही गड़बड़ी दर्शाता है। मेवाड़ बोटिंग के अधिवक्ता ने भी बताया की महापौर ने चार माह तक मेवाड़ बोटिंग की फ़ाइल दबा कर रखी और बाद में नए टेंडर जोड़ कर यश एम्युसमेंट को देदिए। इधर एम् एम् ट्रावेल्स वालों का कहना है कि नियमों के आधार पर यश एम्युसमेंट ठेके के योग्य है और इसके बाद अगर किसी को ठेका मिलना चाहिए तो वह एम् एम् ट्रावेल्स को मिलना चाहिए। हाईकोर्ट ने सोमवार को साड़ी बातों को सुनाने के बाद जांच एसीबी को सोंप दी और एक हफ्ते में रिपोर्ट देने की बात कही है। कोर्ट ने अनियमितता साबित होने पर यह भी कहा की महापौर को भी तलब कर लिया जायेगा और अगर इसमे किसी अधिकारी की कोई लिप्तता हुई तो उसके खिलाफ बी कारवाई के निर्देश दिए जा सकते है।