Hindustan Zinc receives ET Now CSR Leadership Awards – 2018

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Hindustan Zinc has received ET Now CSR Leadership Awards – 2018 in Best CSR Practices Category organized by World CSR Day on 18th February, 2018 at Hotel Taj Lands, Mumbai. The award ceremony saw  participation of over 200 companies in different categories. The esteemed Jury members of Award Function especially highlighted and appreciated Hindustan Zinc’s two of the flagship programs – Sakhi and Shiksha Sambal.

World CSR Day is an independent and not-for-profit organization guided by Advisory Council. Their purpose is to make “work and working lives better”.

On behalf of Hindustan Zinc, the award was received by Mr. Vijay Jayarama Murthy – Dy. Chief Marketing Officer from Dr. R.L. Bhatia – Founder, World CSR Day & World Sustainability. Mr. Mukul Bedi – Country Manager, Marketing also gave the presentation on Hindustan Zinc’s various Community Development Initiatives which was well received by the audience.

Hindustan Zinc is committed to the principles of harmonious and sustainable development; protecting human life, health and environment, ensuring social well-being and adding value to the communities. We respect human dignity and believe in inclusive and equitable growth and improvement in quality of life and that lies at the core of our business philosophy and business operations.

With focus on Child Care – Nand Ghar & Khushi; Education – Shiksha Sambal, Unchi Udaan & Jeevan Tarang; Sustainable Livelihoods – Hindustan Zinc Mining Academy & Samadhan; Women Empowerment – Sakhi; Sports – Hindustan Zinc Football Academy; Health – Vedanta Hindustan Zinc Heart Hospital & Health Camps; water & sanitation, culture, environment and community development including community assets creation, the programs encourage community participation.

The Company is able to reach out to over 500,000 rural communities through CSR programs

Dear stress lets break up Through Homoeopathy – Dr. Kajal Verma

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Anxiety Neurosis : Anxiety is a feeling of worry and nervousness that something uncertain or bad is going to happen. Anxiety is treated as chronic brain disorder. Excessive anxiety and uncontrollable worry about uncertain events and happenings in future is called as anxiety neurosis. Anxiety neurosis is also called as generalized anxiety disorder (GAD). People with anxiety neurosis are overly concerned and worried about daily things like financial problems, family matters, friendship issues, health, work issues and many more. Anxiety is a normal part of life and also helps to improve productivity during stress and pressured conditions. Anxiety neurosis or anxiety disorder negatively impacts the behaviour of individual and lowers productivity in pressurised situations. There are number of anxiety disorders like social anxiety disorder, social phobia disorder, separation anxiety disorder, selective mutism and agoraphobia panic disorder. Anxiety neurosis can also lead to several health issues like hypertension, heart attack and many more. Anxiety neurosis can be treated with treatment and counselling.

Undergoing diagnosis and treatment is very necessary to treat the anxiety disorder, if left untreated anxiety neurosis can lead to several health disorders. Anxiety neurosis affects individuals psychological, emotionally and mental status of the individuals.

Long term anxiety neurosis leads to alcohol and other addictions. Anxiety neurosis not only affects elders but also seen in children. It affects their growth and development.

Causes

Exact cause of anxiety disorders is not known. Several factors lead to development of anxiety neurosis, they are

-Hereditary
-Emotional trauma
-Lifestyle
-Personality
-Imbalance of chemicals in brain
-Physical and emotional abuse faced in past
-Neurological disorders and other illnesses
-Certain treatments
-Poverty

In many cases stress and uncertainty regarding work and relationship also leads to anxiety neurosis.

Stress combined with genetic factors increase the risk of developing anxiety neurosis.

Symptoms

Sign and symptoms seen in people with anxiety neurosis are

-Fear and tension

-Excess sweating

-Nausea

-Hypertension

-Abnormal heart beat

-Abnormal breathing -breathlessness

-Shivering and trembling in hands and legs

-Fatigue

-Feeling lightheaded

-Sleeping disorders

-Loss of appetite

-Low self esteem

-Lack of interest

-Headaches

-Restlessness

-Frequent urination

-Excess worrying

-Dryness of mouth


Treatment

Homeopathy is holistic and the mind of the individual is the leading component in the diagnosis and cure of the disease, however chronic or acute. And, according to recent trails, homeopathy is as effective as diazepam (Valium) and benzodiazepine (Lorazepam or Ativan) in treating nervousness and anxiety disorders without the addictive harmful side effects.

With accurate diagnosis and homeopathic treatment, those suffering from debilitating anxiety can look forward to live a happy, worry free life.

The aim of homeopathy is not only to treat anxiety but to address its underlying cause and individual susceptibility. As far as therapeutic medication is concerned, several well-proved homeopathy medicines are available like
aconite
Arg nit
Silicea
Thuja
Arsenic
Kali ars etc.
for treatment of anxiety disorders that can be selected on the basis of cause, condition, sensation and modalities of the complaints. For individualized remedy selection and treatment, the patient should consult a qualified homeopathic doctor in person.

स्त्री जीवन का प्रतीक रूप और मानवीय पहलू

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर उदयपुर में नेशनल वुमेंस आर्टिस्ट कैंप में महिला कलाकार इन दिनों कई पेंटिंग तैयार कर रही है। कैंप के दूसरे दिन सोमवार को भी कई पेंटिंग बनाई गई। वीरांगना सोनी ने बताया कि गैलेरी आर्टोज के इस आर्ट कैंप में देश की टॉप आर्टिस्ट बड़ी रोड़ स्थित स्टूडियो मुमुक्ष में कई थीम बेस पेंटिंग बना रही है। शहर की कलाकार दीपिका माली ने इस कैंप में श्वेत-श्याम वर्णो का प्रयोग करते हुए मानवीय जीवन में सुख: दुख को पेंटिंग के माध्यम से दिखाया है। कैंप का अवलोकन करने के लिए भी शहर के कई लोग पहुंच रहे है। इस मौके पर रघुनाथ शर्मा, विलास जानवे, हेमंत द्विवेदी, सुनील निमावत, भी मौजूद थे।
पंचतत्व और प्रकृति के रंगों का चित्रण
मुंबई की ज्योति देवगरे पंचतत्व पर आधारित रंगों के माध्यम से कैनवास पर पेंटिंग बना रही है, पूना की सुवर्णा साबले ने ज्योतिर्मय आकार को रंगों से विभाजित किया है। दिल्ली की प्रीती मान ने प्रकृति के रंगों का समावेश पेंटिंग में दिखाया है। नागपुर की मीनल राजुरकर ने हाइब्रिड सोसायटी को आधार बनाकर मनुष्य के गुणों की विशेषता दर्शाई है। शहर की ज्योतिका राठौड़ ने मनुष्य को मशीनों में जकड़ा हुआ और उस पर पूर्णतया निर्भर बनाया है। डिंपल चंडात की पेंटिंग मानुषी जीवन की विषमताओं को दर्शा रही है। शर्मिला राठौड़ ने प्रकृति के विविध आयामों करे अमूर्त रूप से चित्रित किया है। किरण मुर्डिया ने शहर के चित्रण, अजमेर की मोनिका चौहान की स्त्री जीवन, इति कच्छावा की मानवीय व्यवहार वाली पेंटिंग भी शहर के लोगों को पसंद आ रही है।

बधाई हो पिंजरे के कैदी सारा और अली के घर बेटा और बेटी पैदा हुए है. – आज़ादी की ख़ुशी ना सही नए मेहमान की ख़ुशी तो मना लो .

पोस्ट न्यूज़ . जीहाँ ख़ुशी की बात है बब्बर शेर अली अब दो बच्चों का बाप बन गया है वहीँ शेरनी अली उन दो बच्चों की माँ, दो पैदा हुए शावकों में एक नर है तो दूसरी मादा. यहाँ शायद ये बेटी पा कर ज्यादा खुश है क्यूँ की सभी जानते है शेरों के राशन पानी का इंतज़ाम इनके कुनबे में एक मादा ही करती है . नर तो बस खुद को राजा कहलाते हुए अपनी हिरोगिरी में दिन भर सुस्ताते हुए इधर उधर टाइम पास किये हुए रहता है . हालाँकि यह शेर और शेरनी बायलोजिकल पार्क के बंदी है इसलिए इन्हें खाने के लिए ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं. लेकिन फिर भी इस जोड़े को अपने माँ बाप बनने के ख़ुशी जरूर होगी पिंजरे के कैदी है तो क्या .

हमारे मनोरंजन के लिए उदयपुर के सज्जन गढ़ बायलोजिकल पार्क के पिंजरे में कैद बब्बर शेर अली और शेरनी सारा मां-पापा बन गए हैं। सारा ने पिछले दिनों दो शावकों को जन्म दिया है, जिनमें एक नर और दूसरी मादा है। एक अविकसित शावक मृत पैदा हुआ था। सीसीएफ वाइल्ड लाइफ राहुल भटनागर ने बताया कि शेरनी और शावक पूरी तरह सेहतमंद हैं। इनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है। डीएफओ हरिणी वी. ने बताया कि एक शावक ने सोमवार को आंख खोल ली है। दूसरे को इसके लिए दो या तीन दिन लग सकते हैं। सारा दोनों को दूध पिला रही है। बायोलॉजिकल पार्क प्रबंधन मां और उसके बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। फिलहाल कोशिश यह कि इन्हें किसी भी प्रकार से डिस्टर्ब नहीं किया जाए। शावकों के पास अभी कोई नहीं जा रहा, क्योंकि इससे सारा आक्रामक हो सकती है। डॉ. करमेन्द्र प्रताप सिंह आैर केयर टेकर रामसिंह सीसीटीवी कैमरे के जरिए मां-शावकों की पल-पल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। शावकों का वजन करीब 1.80 किलोग्राम है।

सैलानी अौर हम छह महीने बाद देख सकेंगे नन्हे मेहमानों की अठखेलियां
बताया गया कि अली डिस्प्ले एरिया में रहता है। शावकों को इस एरिया में छोड़ना अभी सुरक्षित नहीं है। अली हमला कर सकता है। कुछ दिनों बाद जब शावक खेलने और उछल-कूद करने लायक हो जाएंगे, तब इन्हें कराल में छोड़ेंगे। एनक्लोजर का यह हिस्सा डिस्प्ले नहीं होता, इसलिए वन्यजीवों को मुफीद कुदरती माहौल मिलता है। पर्यटकों को इन्हें देखने के लिए करीब छह महीने इंतजार करना पड़ सकता है। इसके बाद भी किसी दूसरे एनक्लोजर में छोड़ने का निर्णय उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार होगा। बता दें कि बायोलॉजिकल पार्क की शुरुआत के समय दो हाईब्रीड लॉयन प्रशांत और अली लाए गए थे। दोनों नर होने से इनका कुनबा नहीं बढ़ पा रहा था। इस पर वन विभाग सीजेडए से अनुमति मिलने पर गत वर्ष 15 जुलाई को पिलिकुला मंगलौर के जैविक उद्यान से प्रशांत के बदले सारा को लेकर आया था। इसके बाद अली और सारा को एक साथ रखा गया था।

गोगुन्दा ( उदयपुर ) में युवक पर तलवार से हुआ जानलेवा हमला .

उदयपुर पोस्ट। उदयपुर जिले के गोगुन्दा कसबे में सोमवार एक युवक पर कुछ नकाब डाले युवकों ने जानलेवा हमला बोल दिया। युवक को हमलावरों ने तलवार और सरियों से घायल कर दिया जिस मोटर साइकिल पर युवक सवार था उसको भी जला दिया।
जानकारी के अनुसार गोगुन्दा के अब्दुल मोहम्मद पर चार हमलावरों ने गोगुंदा तालाब की पाल पर हमला किया । अब्‍दुल तालाब पर नहाने गया था । अब्दुल बैण्ड का व्यवसाय करता है। सूचना मिलनेे पर घटनास्थल पर थानाधिकारी भरत योगी मय जाप्ते के पहुंचे । घायल को हॉस्पीटल पहुंचाया गया। बाद में युवक को उदयपुर रेफर किया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। वहीं कस्वे में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी बुलाया गया है। पुलिस के अनुसार अभी मामले की जांच की जारही है अभी तक हमले की वजह का कुछ पता नहीं चल पाया है।

राजस्थान के महामहिम राजयपाल को स्वाइन फ्लू

पोस्ट न्यूज़। जिहां ठीक सुना राजस्थान के महामहिम राजयपाल को जयपुर के चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू पोजेटिव बताया है , लेकिन विशेष विमान से दिल्ली ले जाए गए महामहिम की जांच अपोलो अस्पताल में की गयी तो वहां पर स्वाइन फ्लू की पुष्ठि नहीं हो पाई।
राजस्थान का चिकत्सा विभाग पूरा स्वयं फ्लू की वजह से परेशान है और स्वयं फ्लू अपने पेअर पसारता जारहा है। स्वाइन फ्लू की तमाम खबरों के बिच राजस्थान के राजयपाल कल्याण सिंह को स्वाइन फ्लू होने की खबर ने चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
जानकारी के अनुसार सवाई मानसिंह अस्पताल के सीनियर डॉक्टर्स की टीम ने रविवार को उनकी जांचें की थी और स्वाइन फ़्लू सम्बन्धी कुछ सैम्पल्स भी लिए थे। शाम तक डॉक्टर्स ने उनके स्वाइन फ्लू पॉजिटिव की पुष्टि कर दी। बताया ये भी जा रहा है कि बीती रात राज्यपाल को रात 11 बजे विशेष विमान से दिल्ली ले जाया गया। अब उनका इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा है।
दिल्ली में नेगेटिव आई रिपोर्ट: उधर, राज्यपाल को स्वाइन फ़्लू होने को लेकर उस वक्त गतिरोध उत्पन्न हो गया जब दिल्ली के डॉक्टर्स ने जांच में राज्यपाल को स्वाइन फ़्लू नेगेटिव करार दे दिया। राजस्थान और दिल्ली की मेडिकल टीम की अलग-अलग रिपोर्ट्स से गफलत की स्थिति बनी रही। सूत्रों के अनुसार सीएमएचओ की टीम स्क्रीनिंग के लिए राजभवन भी पहुंची।

गौरतलब है कि हाल ही में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मंत्री कालीचरण सराफ ने विधानसभा में माना कि गत तीन वर्ष में स्वाइन फ्लू से प्रदेश में 890 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में 2015 से अब तक 50 हजार से अधिक रोगियों की स्वाइन फ्लू की जांच हुई। इसमें से 11748 मरीजों में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिला और 890 रोगियों की मौत हुई।
वहीं से 2009 तक 6144 रोगियों में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिला था और 577 रोगियों की मौत हुई थी। वहीं गत तीन वर्षों में डेंगू से 38 रोगियों कीे मौत हुई है। उन्होंने विधायकों से अपील की, स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं, बल्कि इसका उपचार करवाएं। उपचार नहीं करवाने पर यह गंभीर हो सकता है।

बीजेपी विधायक को लील चुका है स्वाइन फ़्लू-: राजस्थान में स्वाइन फ़्लू ऐसा कहर बरपा चुका है कि इसने बीजेपी की एक महिला विधायक को अपनी चपेट में लिया और उनकी मौत हो गई। माण्डलगढ़ से बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी का स्वाइन फ़्लू से निधन हो गया था।
बीजेपी के अन्य विधायक भी आये चपेट में हाल ही में विधायक नरपत राजवी और अमृता मेघवाल में भी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद से ही ये विधानसभा की कार्यवाही से दूर रहकर उपचार ले रहे थे। विधायक अमृता मेघवाल की तो स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉज़िटिव आई थी, जिसके बावजूद भी वे विधानसभा पहुंच गईं। इसके बाद विधानसभा में हड़कंप मच गया था। सभी विधायकों की स्क्रीनिंग कराई गई थी। हालांकि जांच रिपोर्ट में सभी विधायकों का स्वाइन फ्लू निगेटिव पाया गया था। अब राजवी और अमृता मेघवाल समेत सभी विधायक पूरी तरह से स्वस्थ हैं और विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं
उत्तराखंड में भाजपा विधायक की माैत :- स्वाइन फ्लू राजस्थान में ही नहीं पूरे देश में कहर बरपा रहा है। उत्तराखंड में भी भाजपा विधायक मगन लाल शाह की स्वाइन फ्लू से माैत हाे गर्इ। मगन लाल शाह थराली विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे। थराली पर्वतीय क्षेत्र में पड़ता है। बताया जा रहा है कि पर्वतीय क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए काम में लिया जाने वाला वैक्सीग्रिप टीका वहां उपलब्ध नहीं था और न ही इलाज की कोई व्यवस्था थी। इसलिए उन्हें देहरदून लाया गया था।

रिजर्वेशन कोच में महिलाओं के लिए अब अलग कंपार्टमेंट

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अकेले सफर करने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने ट्रेन में अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए एक नई योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत रेलवे सभी सुपरफास्ट, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर कोच में महिलाओं के लिए विशेष कंपार्टमेंट बनाएगा। इस कंपार्टमेंट में लेडीज कोटा से बुक की गई महिला यात्रियों एवं ग्रुप बुकिंग कराने वाली महिला यात्रियों को एक ही कूपे में छह सीटें आवंटित की जाएगी। इससे उनका एक विशेष कंपार्टमेंट बन जाएगा। इसमें किसी भी पुरुष यात्री को सीट नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं वेंटिंग लिस्ट के समय गर्भवती महिला को पुरुष यात्री की जगह ऑटोमेटिक कंफर्म बर्थ अलॉट की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने हाल ही में सभी जोनल रेलवेज को रिजर्वेशन सिस्टम में उक्त बदलाव जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी 45 व इससे अधिक उम्र की महिलाओं को लेडीज कोटा के तहत लोअर व कंफर्म बर्थ का लाभ मिलता है। लेकिन यह बर्थ अलग-अलग कोच में अलॉट की जाती है। इससे उन महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती हैं, जो ग्रुप बुकिंग के जरिए टिकट लेती हैं, या जो अकेले यात्रा करती हैं।

अफसर-नेताओं की शिकायत करना 5 गुना तक महंगा,

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पंचायतीराज विभाग में अफसर-नेताओं पर परिवाद दर्ज करवाना 5 गुना महंगा हो गया है। परिवादी को दस के बजाय 50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देना होगा। इसके बाद सरपंच, प्रधान या जिला प्रमुख और ग्राम सेवक, बीडीओ या सीईओ के खिलाफ जांच प्रारंभ की जा सकेगी। पंचायतीराज विभाग ने बढ़ाई गई राशि के संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जब तक 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर परिवादी का शपथ पत्र नहीं आता। उस परिवाद के बारे में विभागीय स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि झूठी शिकायतों से अफसर, कार्मिक एवं जनप्रतिनिधियों के उत्साह पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। इसको देखते हुए यह व्यवस्था चार साल पहले लागू की गई थी।
बिना शपथ पत्र वाली शिकायतों पर अब जांच नहीं करेंगे अधिकारी
गोपनीय शिकायत पर एक तरह से प्रतिबंध
पंचायतीराज विभाग ने यूं तो शिकायत करने वाले को नाम, पता, फोन नंबर के साथ 10 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र दिए जाने की अनिवार्यता अगस्त, 2014 में ही लागू कर दी थी। लेकिन, अब 10 रुपए का नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर उपलब्ध ही नहीं है। इसलिए, इसे बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव ने यह संशोधित आदेश जारी किए हैं। इसका मतलब साफ है कि किसी के खिलाफ कोई गोपनीय सूचना नहीं दे सकेगा। परिवादी को अपने बारे में पूरा ब्यौरा देना होगा।
सांसद, विधायक एवं सरपंच को फीस से मुक्ति
अफसर, नेता एवं कर्मचारियों के खिलाफ कोई आम आदमी शिकायत दर्ज करवाता है तो उसे अपनी जेब से 50 रुपए खर्च करने होंगे। लेकिन, सरपंच, विधायक या सांसद सहित जनप्रतिनिधियों की ओर से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनको 50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल शपथ पत्र नहीं देना होगा।

अब मदरसों के टायलेट तक पहुंचेगा स्वच्छता अभियान

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केंद्र सरकार और मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की मदरसों के लिए संचालित ट्रिपल टी (टायलेट, टीचिंग व टिफिन) योजना से अब यूपी, एमपी, झारखंड के साथ राजस्थान भी जुड़ेगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छता कार्यक्रम के तहत यहां के 10 मदरसों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा और उनमें आधुनिक टायलेट बनाए जाएंगे। उसके बाद अन्य मदरसों में भी ऐसे ही टायलेट बनाए जाएंगे। जबकि मदरसों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा देने के लिए प्रदेश के 500 मदरसों में प्रत्येक से एक-एक पैराटीचर का चयन कर उनकी दिल्ली में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
राजस्थान मदरसा बोर्ड चेयरमैन मेहरुन्निसा टांक के दो दिन पहले दिल्ली दौरे में इन बातों पर सहमति बनी। उन्होंने इस दौरान मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के सचिव रहमान खान से मुलाकात की और प्रदेश के मदरसों की स्थिति पर चर्चा की। इस वार्ता के दौरान फाउंडेशन में प्रदेश का नेतृत्व कर रहे फाउंडेशन के सदस्य अलवर के सालिम हुसैन, मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड चेयरमैन सैयद एमादुद्दीन व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जामिया मिल्लिया के साथ ट्रेनिंग के लिए एमओयू
बोर्ड चेयरमैन टांक ने बताया कि मदरसों के पैराटीचर्स को ट्रेनिंग देने के लिए फाउंडेशन ने दिल्ली के जामिया मिल्ली से एमओयू किया है। इसमें प्रदेश के 500 मदरसों का चयन किया जाएगा, प्रत्येक से एक-एक पैराटीचर्स को ट्रेनिंग के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। एमओयू के तहत उनके रहने, खाने की व्यवस्था सरकारी स्तर पर की जाएगी।

विद्यार्थी मित्रों का नियमित होने का सपना एक बार फिर टुटा – सदन में मुकर गए मंत्री

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राजस्थान के हज़ारों विद्यार्थी मित्र जो नियमित होने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे है अब उनका सपना एक बार फिर टूट गया है . चुनावी मोसम में जो उन्हें उम्मीद बंधी थी राजस्थान सरकार के मंत्री के सदन में साफ़ मुकर जाने के बाद वो उम्मीद चकना चूर हो गयी है .दैनिक अखबार दैनिक भास्कर में 4 मार्च को छापी एक ख़ास रिपोर्ट के अनुसार नियमित होने का वर्षों से संघर्ष कर रहे विद्यार्थी मित्रों का सपना अब एक फिर चकना चूर हो गया है . भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि विद्यार्थी मित्रों को उम्मीद थी कि चाहे देर-सवेर ही सही, मौजूदा भाजपा सरकार उन्हें जरूर सरकारी सेवा में नियमित करेगी। इसके पीछे कारण भी था। बीते विधानसभा चुनाव में उतरते समय भाजपा के सुराज संकल्प पत्र में दो जगह विद्यार्थी मित्रों को नियमित किए जाने का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन इसी बजट सत्र में संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ विधानसभा में इस बात से साफ मुकर गए।
राठौड़ ने विधानसभा में यह कहा कि सुराज संकल्प पत्र में भाजपा ने यह कभी नहीं कहा कि विद्यार्थी मित्रों और अन्य को सरकारी नौकरी देंगे। ऐसे में अब विद्यार्थी मित्रों की नियमित होने की रही-सही उम्मीद भी खत्म हो गई है।

विपक्ष में सताती है पीड़ा, सरकार में आते ही भूल गए
विद्यार्थी मित्रों के मामले में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां विपक्ष में तो खूब पीड़ा जताती हैं लेकिन सरकार में आते ही अपने वादे भूल जाती हैं। 27 मार्च, 2012 को मौजूदा गृहमंत्री और तत्कालीन विधायक गुलाबंचद कटारिया ने विधानसभा में कहा कि ‘मैं सिर्फ भाषण के लिए ही नहीं बोल रहा हूं बल्कि अपनी अंत: पीड़ा से बोल रहा हूं। चार-चार हजार रुपए की नौकरी करके क्या कोई विद्यार्थी मित्र अपने बच्चों को दूध पिला सकता है। उसके बच्चों की पीड़ा आप समझते हो। वह किराए के मकान में कैसे रहता है और कैसे जीवन गुजारता है। शादी की होगी, बाल-बच्चे होंगे। आप सलेक्शन करते नहीं, शिक्षकों के 80 हजार से ज्यादा पद खाली हैं।’ उसी दिन कालीचरण सराफ ने कहा था कि विद्यार्थी मित्रों पर लाठियां बरसाना सरकार की संवेदनहीनता है। शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थी मित्रों पर आधी रात को लाठियां बरसाकर इस सरकार ने अन्याय किया है। विद्यार्थी मित्रों की मांगंे जायज हैं, सरकार उनकी मांगें नहीं मानकर अन्याय कर रही है।

सुराज संकल्प पत्र में दो जगह नियमित करने का दावा 

भाजपा के सुराज संकल्प पत्र के पृष्ठ संख्या 37 पर कर्मचारी कल्याण के बिंदु संख्या 5 में यह कहा गया है कि जनता जल योजनाकर्मी, प्रेरक, विद्यार्थी मित्र, वन मित्र, पैराटीचर, मदरसा पैराटीचर, शिक्षा कर्मी और लोक जुंबिश कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति बनाई जाएगी।
इसी तरह सुराज संकल्प पत्र के पृष्ठ संख्या 31 पर शिक्षा के बिंदु संख्या 10 में यह हवाला दिया गया था कि राज्य में कार्यरत विद्यार्थी मित्र, शिक्षाकर्मी, शिक्षा मित्र, संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक, अंश कालिक शिक्षक, प्रबोधक इत्यादि प्रकार से कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

इनका कहना 

भाजपा ने सुराज संकल्प पत्र में विद्यार्थी मित्रों को नियमित करने का वादा किया था अब वादा-खिलाफी कर रही है। – नरेंद्र चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान विद्यार्थी मित्र संगठन
शिक्षा मंत्री का कहना 

यह गलत है कि हमने वादा नहीं निभाया। हमने अधिकांश विद्यार्थी मित्रों को नौकरी दी है। जो बचे हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाएंगे।
-वासुदेव देवनानी