हैवान बाप ने चार साल के मासूम बेटे को लटकाया फंदे पर और बेटी की छड़ी से की पिटाई – गलती इतनी की बिस्तर में किया था पेशाब।

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उदयपुर। इंसानियत और बाप के रिश्ते को शर्मसार करने वाली घटना। चार साल के बेटे को फंदे पर लटका कर खूंटी पर टांग रखा है और दो साल की बेटी को छड़ी से बेरहमी से पिटे जा रहा है। इन मासूमों का गुनाह वो ही है जो अक्सर इस उम्र के बच्चे करते है जिसको किसी भी सूरत में गुनाह नहीं मना जा सकता ,.. बिस्तर में पेशाब करना ,. मानो जैसे कि अपने ही मासूम बच्चों पर थर्ड डिग्री करने वाला पिता सीधा बड़ा ही बन कर पैदा हुआ था कभी छोटा था ही नहीं ,.. कभी बिस्तर में पेशाब किया ही नहीं पैदा होते ही सीधे बाथरूम की तरफ भागा होगा की मुझे पेसाब आई है या पोटी आई है बोल कर .
राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के फुतिया का थड़ बस्ती में एक बच्चे की पिता द्वारा यह निर्मम पिटाई का मामला सामने आया है। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने पिता की इस हरकत पर गुस्सा जाहिर किया है वीडियो में एक पिता द्वारा बच्चे को झौपड़ी की छत से रस्सी द्वारा बांधकर बेरहमी से पिटाई की जा रही है। बच्चे की उम्र करीब चार साल बताई जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद आज सवेरे जब लोगों ने इस बारे में जन प्रतिनिधियों और पुलिस को सूचना दी तो पुलिस बाल कल्याण समिति की टीम के साथ मौके पर पहुंची। बच्चों का पिता चैन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जिन लोगों ने भी यह वीडियो देखा है उन्होंने बच्चों के प्रति क्रूर व्यवहार पर पिता की निंदा की है।
मौके पर पहुंची देवगढ़ थाना पुलिस ने बताया चैन सिंह की पत्नी कुछ दिन पहले अपने पीहर चली गई थी। वीडियो में जिन बच्चों के साथ मारपीट की जा रही है। वह बच्चे चैन सिंह के हैं। उनमें तीन साल की एक बच्ची से भी मारपीट की गई है। बच्ची को भी बुरी तरह से पीटा गया है। चैन सिंह के पांच बच्चे बताए जा रहे हैं। इस तरह बेरहमी से हुई पिटाई का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी हंगामा हुआ। बच्चे की पिटाई का यह वीडियो करीब दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है।

गणतंत्र दिवस पर लेकसिटी प्रेस क्लब और होटल एसोसिएशन के बिच हुआ शानदार मैत्री क्रिकेट मैच

जनवरी। गणतंत्र दिवस के मौके पर लेकसिटी प्रेस क्लब ओर होटल एसोसिएशन के बीच मैत्री मैच का आयोजन किया गया। मैत्री मैच में होटल एसोसिएशन की टीम ने लेकसिटी प्रेस क्लब को 50 रन से हराया .

शहर के फील्ड क्लब में गणतंत्र दिवस के अवसर पर होटल ऐसोसिएशन उदयपुर और लेकसिटी प्रेस क्लब के बीच खेला गया मैत्री क्रिकेट मैच काफी रोमांच भरा रहा। जिसमे शहर के कई प्रबुद्धजनों ने शिरकत की। पंद्रह – पंद्रह ओवर के इस मैत्री मैच में होटल ऐसोसिएशन की टीम ने धुंआधार बल्लेबाजी करते हुए 220 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर प्रेसक्लब की टीम के सामने खड़ा कर दिया। लेकिन जवाब में उतरी क्लब की टीम ने भी आखिरी तक हार नहीं मानी और अंतिम ओवर तक भी संघर्श करती रही। खैर प्रेस क्लब ने निर्धारित पन्द्रह ओवरों में तीन विकेट खोकर 156 रन हासिल किए। वैसे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए दोनो ही टीमों के समर्थकों के साथ बेण्ड बाजों की भी व्यवस्था की गई थी जो सभी में और भी ऊर्जा भर रही थी।

होटल एसोसिएशन की तरफ से प्रतिक परिहार ने तेज तर्राट बल्लेबाजी करते हुए 73 रन की पारी खेली। बाद पुरस्कार वितरण समारोह में चैम्बर आॅफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष हंसराज चौधरी, चैम्बर आॅफ कामर्स के अध्यक्ष पारस सिंघवी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान वैष्णव कमल भण्डारी गौरव भण्डारी युद्धवीर सिंह कृष्णावत सुदर्शन देव सिंह कारोही सहित अन्य अतिथियों ने पारितोषिक प्रदान किये।

हिन्दुस्तान जिंक माइनिंग एकेडमी माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कौशल भारत अभियान के अनुरूप- केपी कृष्णन

सचिव खान मंत्रालय एवं केन्द्रीय कौषल विकास एवं उद्यमिता सचिव, महासचिव फीमी, खनन कौषल परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के सानिध्य में हिन्दुस्तान जिंक माईनिंग एकेडमी के पहले दीक्षांत समारोह में 150 प्रषिक्षणार्थी हुए सम्मानित
हिन्दुस्तान जिं़क के कौषल विकास कार्यक्रम के तहत् बुधवार को यषद भवन सभागार में सचिव खान मंत्रालय, केन्द्र सरकार अरूण कुमार एवं केन्द्रीय कौषल विकास एवं उद्यमिता सचिव डाॅ.केपी कृष्णन के विषिष्ट आतिथ्य में हिन्दुस्तान जिं़क माईनिंग एकेडमी का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में 103 जम्बों ड्रील आॅपरेटर एवं 47 वाईडिंग इंजन आॅपरेटर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासचिव फीमी आरके शर्मा, खनन कौषल परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एके भण्डारी एवं हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल थे।
इस अवसर पर अरूण कुमार ने हिन्दुस्तान जिं़क माईनिंग एकेडमी की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम न केवल भारत बल्कि विदेषो में भी अंडरग्राउण्ड माइनिंग में कौषल की मांग को पूरा करने में कामयाब होगा। उन्होंने प्रषिक्षणार्थियों से कहा कि वे अपनी कार्यकुषलता को और निखारें ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिल सके। उन्होंने कहा कि भारत में दुर्लभ खनिज अंडरग्राउण्ड माइन में उपलब्ध है जिसके कारण इस क्षेत्र में पारंगत कार्य करने वालो का भविष्य उज्जवल है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केपी कृष्णन ने कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा स्थापित की गयी माइनिंग एकेडमी माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कौषल भारत अभियान के अनुरूप उसे पूर्ण करता दिखाई देता है जिसका उद्धेष्य पर्याप्त मात्रा में क्षमता को बढ़ाना, कौषल विकास से रोजगार योग्य बनाना एवं व्यावाहारिक प्रषिक्षण एवं कौषल विकास को आंकाक्षापूर्ण बनाना है। हिन्दुस्तान जिं़क माईनिंग एकेडमी स्कील इण्डिया मिषन की भागीदारी का प्रमाण है, साथ ही उन्होंने आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को इस प्रकार के प्रषिक्षण के उपरान्त दीक्षांत समरोह की भी प्रषंसा की।

हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल जो कि स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर की गवर्निंग बाॅडी के अध्यक्ष भी है ने ‘हिन्दुस्तान जिं़क माईनिंग एकडमी’ स्थापित करने के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देष्य राजस्थान के योग्य युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना है। हमारा प्रयास रहेगा की इस एकेडमी में प्रषिक्षण प्राप्त करने वाले युवा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की कुषल तकनीक तक पहुंच सके जिससे हिन्दुस्तान जिं़क इन्हंे हर प्रकार की कौषल सुविधा देने को तैयार है। उन्होंने प्रषिक्षणार्थियों से आव्हान किया कि वें अपनी कार्य कुषलता की गुणवत्ता को बढा कर उसे स्तरीय बनाए ताकि उनकी मार्केट वेल्यू अच्छी हो।

खनन क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए हिन्दुस्तान जिं़क ने भारत की पहली माईनिंग एकेड़मी की स्थापना की है जो जंबो ड्रिल तथा वाईडिंग इंजन आॅपरेषन संचालन में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को प्रषिक्षित कर रही है। इस दीक्षांत समारोह में जंबो ड्रील आॅपरेटर के तीसरे बैच और वाईडिंग इंजन आॅपरेटर के पहले बैच के सभी प्रषिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र एवं दोनो बैच के टाॅप तीन प्रषिक्षणार्थियों को शील्ड एवं 25 हजार, 20 हजार एवं 15 हजार की नकद राषि से सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्तान जिं़क की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट आॅफ स्किल डवलपमेंट प्रा. लि. के सहयोग से स्थापित हिन्दुस्तान जिं़क माईनिंग एकेडमी राज्य के लगभग 500 आईटीआई पास-आउट्स युवाओं को जम्बो ड्रिल आॅपरेषंस एवं वाईन्डिग इंजन आॅपरेषंस में प्रषिक्षण देने का लक्ष्य है।

हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि ‘मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल के विज़न के अनुसार 2014 में माईनिंग एकेड़मी की नींव रखी गयी,जिसका उद्देष्य राज्य के षिक्षित बेरोजगार जो कम से कम डिप्लोमा या आईटीआई उत्तीर्ण हो, विषेषकर अंडरग्राउण्ड माईन्स में भारी सयंत्र जैसे जम्बो ड्रील, वाईडिंग इंजन आॅपरेटर, बेलमेन-बेंक्समेन को विषेष ट्रेनिंग देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। यह प्रषिक्षण पूर्णतया निःषुल्क व भोजन आवास सुविधा सहित है जिसमें इनके व्यक्तित्व विकास के लिए आर्ट आॅफ लिविंग, योग, खेलकूद,सांस्कृतिक गतिविधी और मनोरंजन पर भी बल दिया जा रहा है। इस एकेडमी के अंतर्गत अब तक लगभग 300 प्रतिभागी प्रषिक्षण ले चुके है।‘
इस कार्यक्रम में निदेषक केन्द्रीय खनन एवं ईंधन शोध संस्थान धनबाद के पी.के.सिंह, हेड एसएससी गर्वनेन्स नेषनल स्किल डेवलेपमंेट कार्पोरेषन अरूण कुमार चंदेल, वाॅल्केम इण्डिया लिमिटेड़ के प्रबंध निदेषक अरविंद सिंघल, प्रबंध निदेषक अरावली मिनरल्स एवं केमिकल्स एमएल लुनावत, प्रबंध निदेषक राजस्थान पेरीटेज डाॅ एमएस सिंघवी, अषोक लेलैण्ड रेल मगरा सेंटर के संजय गौतम, इण्डियन इन्स्टीट्यूट आॅफ स्किल डवलपमेंट के निदेषक अंषुक तलवार सहित हिन्दुस्तान जिं़क के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अन्त में मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्कील काउंसिल फाॅर माइनिंग सेक्टर ए.के. भण्ड़ारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Vermicomposting at Zinc Park of Hindustan Zinc

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Hindustan Zinc believes on the principle of 4R – Reduce, Recycle, Reclaim and Reuse. For gainful utilization of  organic waste generated in the form of dry leaves and animal waste in Zinc Park of Hindustan Zinc, company has adopted Vermicomposting technology to process these waste and convert it into manure for development of the trees, shrubs and garden.

In vermicomposting, compost pits of a suitable dimension are constructed. This compost pit which is also called composting bed, uses shredded dry leaves and 10% cow dung to make the compost. A total six composting beds have been prepared in Zinc Park. Earthworms are collected and put into these beds. These earthworms eat the waste material and convert the waste into compost which is then used as manure for trees, garden and special plants like Chandan and other medicinal plants. The bed is turned every 7-14 days and the manure is recovered in 60 days.

Vermicomposting helps to convert the organic waste into stable non-toxic manure, which acts as soil conditioner for plants.  Manure generated through vermicomposting also provides a suitable mineral balance, improves nutrient availability and act as complex-fertilizer granules.

Zinc… a Tonic for your Skin…

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Pollution, harsh weather, the sun’s UV rays, poor diet, stress and lack of exercise. All of these have a role to play in deteriorating your skin’s condition. A trace mineral essential to all forms of life, Zinc is especially important for clear skin because of its fundamental role in gene expression, cell growth and cell replication. Zinc’s presence in personal care products like sunscreens, bath soaps, baby lotion, makeup etc. helps reduce sunburn and premature aging of the skin. 

Used in a wide range of cosmetics and personal care products, Zinc in the form of Zinc Oxide, acts as a skin protectant from both UVA and UVB rays. It enhances the wound healing process, and meets the increased demand of cell proliferation that occur in the early phases of healing. Sunscreens containing Zinc and its soluble forms provide antioxidant protection to the skin. Zinc salt has been used as a cosmetic ingredient since it contains anti – microbial and astringent properties. By using skin toners with zinc helps tighten pores and absorb excess oil, which in turn helps to prevent the build-up of sebum, the reason behind acne.

‘Seborrheic dermatitis’ aka dandruff is a condition that we are well aware of. Shampoos containing Zinc help treat and prevent flaking of the scalp tremendously as per a study done by National Centre for Biotechnology Information.

Also, extensively used in the form of mineral make up, Zinc and its compounds help prevent and protect the skin from burns and irritation because of which, it is universally used in ointments for relieving from sunburns, windburns and diaper rashes.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Ultimately all the Exploration started with a ROCK… someone found it and someone used it… and some built a civilization…

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Mining Industry dates back to the dawn of civilization, and is often considered as an Ancient Industry. Indus Valley civilization showed the signs of copper, bronze, silver, gold but not iron..

 INVERSION ALGORITHM – Innovations in Exploration

In mining, the first step is to discover an economically viable deposit with the help of a combination of activities collectively known as Exploration. For this, geologists search for mineral deposits in remote areas. Methods such as geological surface mapping andsamplinggeophysical measurements and geochemical analysis are often applied at an early stage to pin out potential deposits.

 Among these methods, geophysics is traditionally used to predict the position of a mineralized body by seeking out anomalies in the magnetic field, gravitational field or electrical conductivity etc. Inversion algorithms allow geophysical data to be used in an advanced way. It first establishes the geophysical properties of the rocks and then measures their geophysical signatures in the field, thus making it possible to generate 3D models of their potential mineralization and surrounding geological environment. Inversion algorithm enables resource explorers to extract more insight from geophysical data by converting geophysical measurements into 3D images of the subsurface that can be integrated with other surface and subsurface geologic observations.

 Over the past decade, inversion algorithm has proved its effectiveness in exploring various ore deposits and major oil reserves around the world. The major examples being – iron ore and nickel belts of Western Australia – iron oxide-copper-gold in Africa, South America and Australia – copper deposits in Mongolia – nickel laterite in Colombia. Within the oil industry, inversion algorithm has reduced uncertainty when exploring the dense sedimentary section that surrounds the salt bodies in the Gulf of Mexico, and also offshore West Africa and South America where the geology is more complex and less predictable.

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

राजस्थान के गृहमंत्री के गृह नगर में पद्मावत फिल्म के विरोध के दौरान जम कर मचा उत्पात – खूब हुई तोड़फोड़ , पुलिस जाने क्यूँ थी मजबूर

उदयपुर। उदयपुर ही नहीं राजस्थान के किसी सिनेमा घर में विवादित फिल्म पद्मावत नहीं प्रदर्शित हुई लेकिन फिर भी करनी सेना व् अन्य संगठनों द्वारा उदयपुर में आधे दिन का बंद रखा। इस बंद के दौरान हुड़दंगियों ने कई जगह जम कर उत्पात मचाया। कई जगह तो उत्पात मचाते हुड़दंगियों को पुलिस मूकदर्शक बन कर देखती रही। बाद में जब कई दूकानदारों ने तोड़फोड़ का विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन कारियों को खादेडा। आधे दिन में बंद के दौरान मुख्य शहर के अन्दर बाज़ार बंद रहे जब की यातायात व् बाहर की कोलोनियों में बाज़ार खुले रहे।
पद्मावत फिल्म के विरोध में राजपूत करणी सेना सहित कई संगठनों ने गुरुवार को उदयपुर में आधे दिन का जनता कफ्यू रखने का निर्णय किया। इसका असर शहर में सुबह से ही देखने को मिला। कई संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे और नारेबाजी कर व टायर जलाकर प्रदर्शन किया। ज‍िलेे में भी कई जगह रास्‍ता जाम कर लोगों ने प्रदर्शन क‍िया। शहर के सेवाश्रम चौराहे से लेकर बीएन कॉलेज तक करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। बंद समर्थकों ने दुकानों के सामान फेंके, सड़क पर ऑयल गिराया। इससे कई वाहन धारी स्लिप हुए। इस दौरान भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने उन्हें भगाया। इसके अलावा तोरण बावड़ी क्षेत्र में बिगड़ा माहौल। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाया। उदियापोल में व्यापारियों में तोड़फोड़ को लेकर काफी आक्रोश उभरा और व्यापारी इकठ्ठा हो कर बंद समर्थकों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे।
करणीसेना के बैनर तले सूरजपोल चैराहे पर प्रदर्शन कारी एकत्रित होते गए। इसके बाद सभी प्रदर्षनकारी एक रैली के रूप में जब शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकले तो कुछ जगह पर दुकाने खुली देख आक्रोषित हो उठे । इस दौरानकरणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हर जगह खुली दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की दुकान में मौजूद सामानों को बिखेर दिया। हंगामा देखकर वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समझाइश करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। करणीसेना के कार्यकर्ताओं ने करीब डेढ दर्जन से भी अधिक दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की । कई दुकानों का सामान बिखेरा तो कई दुकानों के शीशे तक फोड़ दिए। उपद्रवियों ने तो महिला संचालकों को भी नहीं बख्षा और वे विनती करती रही और ये लोग तोड़फोड़ करते रहे। सबसे बड़ी बात राजस्थान के गृहमंत्री के गढ़ की पुलिस अपनी आंखों के सामने यह होता देखती रही। आगे – आगे प्रदर्षनकारी चलते रहे और पीछे – पीछे भारी लवाजमे के साथ पुलिस को चलता देख तो यही लग रहा था कि वह आम लोगों को नहीं प्रदर्षनकारियों को सुरक्षा दे रही हो। उदियापोल मार्ग पर स्थित आॅइल की दुकान, शराब की दुकान और एक कपड़े की दुकान पर भी जमकर उत्पात मचाया। नाकोड़ा गारमेंट्स नाम की दुकान से तो उपद्रवियों ने तोड़फोड़ ही नहीं कि बल्कि कपड़े तक चुरा लिए। वहीं मनामा मोटर्स के भी सारे कांच उपद्रवियों ने पत्थर मारकर फोड़ दिए, इतना ही नहीं एक आयल की दुकान से तो आयल के डिब्बे निकालकर सड़कों पर उड़ेल दिए जिससे घण्टों तक राहगीर फिसलते रहे। शहर में हुए उपद्रव को लेकर हर आम जनता का यही कहना था कि जब राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेष और गोवा के सिनेमाघर मालिकों ने पहले ही आष्वस्त कर दिया था कि वह पद्मावत फिल्म नहीं दिखाएंगे। फिर इस तरह के विरोध प्रदर्षन का क्या मतलब। इस अराजकता वाले सारे माहौल से तो स्पश्ट है कि पुलिस अमले के हाथ उपर वालों ने बांध दिए। तोड़फोड़ आगजनी और हिंसा होती रही लेकिन आमजन की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस मजबूरन मूकदर्षक बनी रही।

क्षत्राणि हूं मैं ..पद्मावती हूं मैं – एक माँ, बहन, बेटी, पत्नी एक औरत की आवाज़ ,

माधुरी कलाल , रिपोर्टर एंकर “जी राजस्थान “

माधुरी कलाल की फेसबुक वाल पोस्ट :
मन की दिशा से लड़ती मैं फिरती विश्वस्त खड़ी हूं मैं …..ये दर्द नहीं ,धौंस हैं मेरी ..कोई मेरी बात करता हैं तो चौंक जाती हूं आजकल..समझ नहीं आ रहा की आखिर किस बात पर लड़ रहे है सब…किस बात पर?…जब मेरी धरा पर , ही रोज तार तार किया जाता हैं मुझे तब क्यों नहीं आते तुम लड़ने ?..जब मेरे साहस की दुहाई देने वाले मुझे मां कहते है …और उसी मां पर गाली देते है तब क्यों नहीं आते तुम ?..जब खुली हवा में सांस लेने से पहले जमाने की आंखे तिरछी होती है मुझ पर , तब क्यों नहीं आते तुम? …बतलाए कोई …कहां चले जाते हो तुम जब आज भी कभी जेवर , कपड़े और रीत-रिवाज में जकड़ी जाती हूं मैं……कभी चरित्र ,कभी लाज ,कभी रिश्ते जैसे बड़े बोझ लादे जाते है मुझ पर ..तब क्यों नहीं आते …?
..सड़क ,संसद और सुप्रीम कोर्ट तक हर जगह तो उछाला हैं तुमने मुझे…कौन हो तुम, लोगों के सामने मेरा नाम लेने वाले? …कौन हो, चीख चीख कर मेरे चरित्र पर बात करने वाले?….कौन हो मेरे नाम के आगे अपना नाम जोड़ने वाले.?.मेरे साहस के सामने..तुम्हारी कोई औकात नहीं !… जाओ कहो ,जो कहना है..जाओ दिखाओ , जो दिखाना हो..लेकिन सोच लो …तुम्हारी हर बात में ..हर चाल में राजनीति की दुर्गंध आती हैं मुझे …तुम्हारी शोहरत पाने की भूख नजर आती हैं मुझे ….इसलिए कोई जरूरत नहीं हैं तुम्हारी ….कहीं आग लगाते हो..कभी मेरे नाम पर आत्महत्या करते हो..कभी लोगों को सताते हो…कौन हो तुम? ..क्या यहीं है तुम्हारा अदम्य साहस..
इसलिए कोई जरूरत नहीं है मुझे तुम्हारी ….मुफीद ये होगा की मेरी धरा की हर नारी को निर्भय रहने दो ….उसे निर्भया मत होने दो!.. बाकी जाओ , कोई जरूरत नहीं है तुम्हारी …क्योंकि मैं मां हूं तुम्हारी…मैंने ही पैदा किया है तुमको…मैं ही बहन हूं तुम्हारी ..मैं ही अर्धांगिनी भी हूं …मैं ही शक्ति हूं …मैं ही सरल हूं …मैं ही सकल भी मैं ही श्वेत बादल हूं …मैं ही अंधियारी रात भी …मैं ही कल्पना हूं ..मैं ही हकीकत भी..मैं ही काया हूं और आत्मा भी मैं ही..
जाओ कोई जरूरत नहीं हैं तुम्हारी क्योंकि ..आश्वस्त हूं ..विश्वस्त हूं …निस्तब्ध हूं .. नारी हूं और तुम्हें देखकर निशब्द भी
क्षत्राणि हूं मैं ..पद्मावती हूं मैं ..
“ज़ी हिन्दुस्तान” की एंकर रिपोर्टर “माधुरी कलाल” ने हर हिन्दुस्तानी औरत की आवाज़ बन कर जो शब्द दिए वह हर एक को निशब्द कर देते है। सोचने पर मजबूर कर देते है उन्हें भी जो आज पद्मावत के विरोध के नाम पर तोड़ फोड़ आगजनी कर रहे है और उन्हें भी जो चुप बैठ तमाशबीन बने बैठे है। मेवाड़ की बेटी माधुरी का मानना है इन शब्दों को हर लड़की शेयर करे और अपने फोटो के साथ शेयर करे ,…. हम माधुरी के फोटो के साथ उनकी पोस्ट को शेयर किया है आप भी करिए क्यूँ कि आज हर माँ हर बेटी हर बहन हर पत्नी की यही आवाज़ है,

पद्मावत फिल्म फेसबुक पर लाइव फिल्म लाखों देख रहे है।

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उदयपुर पोस्ट। एक तरफ पद्मावत फिल्म रिलीज़ के साथ देश भर में विरोध हो रहा है वही फेसबुक पर कई ग्रुप फिल्म को लाइव दिखा रहे है। लाइव फेसबुक पर पद्मावत देखने वालों की संख्या भी करीब डेड लाख से ज्यादा हो गयी है।
देश भर में संजय लीला भंसाली की पद्मावत फिल्म का विरोध हो रहा है जगह जगह जाम लगे हुए है कई जगह तोड़ फोड़ और रास्ते जाम है। लेकिन सोशल मिडिया पर देश के किसी हिस्से के किसी सिनेमा हॉल में बैठ कर कई फेसबुक ग्रुप और पेज के एडमिन पद्मावत फिल्म को लाइव चला रहे है।
हमने जब सोशल मीडिया को छाना तो करीब पांच ( जो हमको दिखे इससे ज्यादा भी हो सकते है ) ग्रुप और पेज पर पद्मावत फिल्म फेसबुक की लाइव स्ट्रीमिंग के जरिये लाइव दिखा रहे थे। जिसमे डेड लाख से अधिक लोग इस फिल्म को फेसबुक पर इन पेज और ग्रुप के जरिये लाइव देख रहे थे। जाटों का अड्डा, बिंदास बोल, बोल बचन पेज पर २५-२५ हज़ार से अधिक फेसबुक यूजर लाइव फिल्म देख रहे थे। कई लोगों ने बड़े बड़े ग्रुप में भी फिल्म को शेयर किया हुआ है।

रसूखदार जमीन खोरों ने कोर्ट के आदेषों को भी किया दरकिनार, बुरहानी नगर में अवैध निर्माण बदस्तूर जारी, बाहुबलियों के आगे नतमस्तक हुए जिम्मेदार .

उदयपुर। चलिए आज आपको फिर लिए चलते है 100 करोड़ के महाजमीन घोटाले की ओर जिस पर कार्रवाई करने की हिम्मत शहर के किसी निजाम में शायद बची नहीं है। जीहां हम बात कर रहे है उदयपुर के बुरहानी नगर की प्लानिंग करने वाले जमीनखोरों की। जिन्होंने वहां की जनता के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करते हुए एक लाख से ज्यादा स्कवायर फीट जमीन को कागजों से ही गायब करके उस मौके पर आकर बैठ गए जहां की कीमत आज आसमान छू रही है। इतना ही नहीं नगर विकास प्रन्यास की हिदायत और माननीय न्यायालय की रोक के बावजुद यह रसूखदार जमीनखोर इस हिस्से को खुर्दबुर्द करने में लगे हुए हैं जिसे रोकना शायद शहर के सबसे ईमानदार सचिव रामनिवास मेहता के हद में भी नहीं है। शहर का सबसे आगे रहने वाला केबल चेनल उदयपुर न्यूज के मनु राव ने दो वर्ष पूर्व अपने खास कार्यक्रम खबरदार में इसका बुरहानी नगर में हुए इस घोटाले का खुलासा किया था,जिसमें इस नगर के प्लानर्स दिलीप सुराणा और भुपेंद्र बाबेल ने भी अपनी बात रखी थी, लेकिन जो जमीन गायब हुई उसके बारे में पूछने पर उनमे से एक भी सही जवाब नहीं दे पाया। खबर लगाए जाने के बाद थोड़ी बहुत कार्रवाई तो हुई, लेकिन कहते है न जहां बात करोड़ों की हो तो अच्छे अच्छे ई्मानदारों का ईमान भी डोल जाता है यहां की स्थिति को देखते हुए भी कुछ ऐसा ही लग रहा है। क्योंकि इस शहर में न्यायपालिका का डर तो किसी को है ही नहीं।
बुरहानी नगर की 80 फीट रोड़ पर लगे इस बोर्ड को ध्यान से देखिए। इसमें युआईटी सचिव की ओर से साफ कृ साफ दर्शाया गया है कि श्श्ग्राम भुवाणा की आराजी नम्बर 3609 से लेकर 3621 तक की आराजी भूमि कृषि भूमि योजना में है। इसमें किसी प्रकार का निर्माण क्रय विक्रय अवैध है। माननीय न्यायालय में भी प्रकरण लम्बित है। लेकिन यह आदेश यहां पर कोई मानता दिखाई नहीं दे रहा है और इस जमीन पर लगातार निर्माण भी हो रहा है। वहीं 3619 से लेकर 3621 तक की जमीन पर कुल 63 हिस्सेदार हैं। अपने साथ हुए जमीनी धोखे के बाद एक खातेदार ने न्यायालय की शरण भी ली। जिसकी सुनवाई 29 जनवरी को होने वाली पेशी में होनी है तब तक के लिए इन तीनों ही आराजीयों में अदालती स्टे लगा हुआ है और माननीय न्यायालय ने इस स्टे को कायम रखने के लिए बड़गांव तहसीलदार को निर्दशित भी कर रखा है। लेकिन यहां होते निर्माण को देखते हुए तो यही लगता है कि तहसीलदार को भी आंखों पर पट्टी बांध लेेने के लिए ही निर्देशित कर दिया गया होगा। आपको बता दे कि करीब 23 वर्ष पूर्व दिलीप सुराणा, भुपेन्द्र बाबेल सहित चार भुका​रोबारियों ने बुरहानी नगर बसाने की योजना बनाई थी। जिसमें करीब बोहरा समुदाय से जुड़े 300 परिवारों को बसाया जाना था। सभी लोग बोहरा समुदाय के पास पंहुचे जो काफी संभ्रांत भोले और भीरू प्रव्रति के होते हैं। एक मुलाकात के बाद तय हो गया कि यहां पर बुरहानी नगर बसाया जाएगा,क्योंकि षड़यंत्रकर्ताओं ने इस प्लानिंग का नाम ही समुदाय के धर्मगुरू के नाम पर जो रखा था। करीब 36 बीघा जमीन इन भूकारो​बारियों ने समाज की सुविधाओं केलिए जमातखाना, मस्जिद, मदरसा, मुसाफिर खाना, चिकित्सालय, गार्डन आदि बनाने का वादा भी किया। 1986 में बोहरा समुदाय से जुड़े लोगों ने यहां पर जमीन लेना भी शुरू कर दिया लेकिन बाद में एक ऐसा समय आया जब भीरू स्वभाव वाले समाजजनों पर दबाव बनाकर बुरहानी नगर की काफी जमीन पर इन लोगों या इनसे जुड़े बाहूबलियों ने रजिस्ट्रियां करवा ली। बंटवारा नहीं होने के कारण जिसकी जहां मर्जी पड़ी वहां पर काबिज होता गया, लेकिन इस बीच प्लानर्स दिलीप सुराणा और भुपेंद्र बाबेल ने एक सुनियोजित षड़यंत्र के तहत जमातखाना, मुसाफिर खाना, चिकित्सालय, मस्जिद, मदरसा, गार्डन की जगह गायब करते हुए एक बड़ा हिस्सा बुरहानी नगर से जुड़ी 80 फीट पर निकाल दिया और उसके स्वयंभू मालिक बन बैठे। यहां पर रहने वाले मुट्ठीभर लोगों ने आपत्ती भी जताई थी, लेकिन इन रसूखदार बाहूबलियों के आगे किसी की एक न चली और जिस जमीन के उपयोग का अधिकार बुरहानी नगर में रहने वाले हर इंसान का था उस जमीन को इन जमीनखोरों ने ऐसा हड़पा की मुलभूत सुविधाएं ही 36 बीघा जमीन से गायब हो गई।
अब मौजूदा हाल यह है कि बुरहानी नगर में अदालत से मिले स्टे के बावजुद भी रसूखदार जमीनखोर अपना काम बदस्तुर जारी किए हुए है। वैसे सूत्र तो यह भी बताते है कि यहां पर शहर के बहुत बड़े-बड़े अफसरों ने भी यहां जमीन ले रखी है और यह भी एक वजह हो सकती है कि यहां पर कार्रवाई की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा हो। उदयपुर पोस्ट और उदयपुर न्यूज चैनल की नजर इस खबर पर लगातार बनी रहेगी और कोशिश यह रहेगी की जो जिम्मेदार अभी अपने बयान देने से बचे है उन जिम्मेदारों के बयानों को भी आपके समक्ष लेकर आ सके। ताकी यह तो साफ हो जाए कि स्टे के बावजुद भी किसके कहने पर यहां निर्माण किया जा रहा है।