उदयपुर शहर के 150 भाजपा कार्यकर्ता पार्टी छोड़ कांग्रेस के साथ हुए – भाजपा शहर जिलाध्यक्ष को नहीं है इसकी जानकारी।

उदयपुर। मेवाड़ के कद्दावर नेता राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के गृहनगर और उनके वार्ड व अन्य दो वार्ड से भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस युवा नेता विवेक कटारा के जन्म दिन पर करीब 150 भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस में शामिल हो कर उन्हें जन्म दिन का तोहफा दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना था कि शहर भाजपा में युवा नेतृत्व की कमी थी इसी वजह से वे कांग्रेस के युवा नेता के साथ आये है। इस सारे मामले में भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष ने अनभिज्ञता ज़ाहिर की है।
दो दिन पहले कांग्रेस के नेता विवेक कटारा का जन्म दिन था। कटारा के जन्म दिन पर ही पूर्व महापौर रजनी डांगी के मकान से महज ५० मीटर दूर पर स्थित गवरी चैक पर श्री कटारा का जन्मदिन मनाया गया, इस दौरान करीब 150 भाजपाईयों ने कटारा को मालाएं पहनाकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। भाजपा के वार्ड अध्यक्ष करण गंभीर, गवरी चैक मित्र मंडल के ओम मेनारिया, दिनेष आचार्य, राजीव षर्मा, प्रशांत शर्मा, संजयपुरी गोस्वामी, विकास लोधा जैसे दिग्गज कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में 150 भाजपाईयों ने कोंग्रेस जॉइन करके सभी को चैंका दिया है। भाजपा के वार्ड अध्यक्ष का पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लेना साबित करता है कि कहीं न कहीं कार्यकर्ताओं का मनोबल अब टूटता जा रहा है। कार्यकर्ताओं की माने तो पहले विधानसभा फिर लोकसभा और अंत मे नगर निगम चुनावों में भाजपा को भारी मतों से जिताने के बावजूद भी क्षेत्र में भाजपा का नेतृत्व ढंग से काम नहीं कर पाया यहां पर पार्टी के ही कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जाती तो आम आदमी की बिसात। जब पदाधिकारी ही त्याग पत्र दे रहे हैं तो आम कार्य कर्ता की कौन सुनेगा। वैसे भी उदयपुर में भाजपा के दो धड़े हो गए है और दोनों में शीत युद्ध चल रहा है जिसके थमने के दूर -दूर तक कोई आसार दिखाई नहीं देते। वैसे सूचना मिली है कि भाजपा को त्यागने वाले कार्यकर्ताओं में ज्यादातर पूर्व महापौर रजनी डांगी और गृहमंत्री के वार्ड में रहने वाले थे।
भाजपा कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ के कांग्रेस में जाने पर भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने इस मामले में अनभिज्ञता ज़ाहिर की है। दिनेश भट्ट का कहना है कि मेरी सूचना में एसा कोई मामला नहीं आया की कोई भाजपा का कार्यकर्ता पद पर रहा हो और पार्टी छोड़ कर गया हो। कोई आम कर्ता गया होगा तो दिखवाते है बात करेगें। ताज्जुब की बात है कि 150 कार्यकर्ता पार्टी छोड़ कर अन्य पार्टी में जा मिले और जिलाध्यक्ष को भनक ही नहीं। खेर एसा हो नहीं सकता क्यूँ कि सूत्रों की माने तो भाजपा के बड़े पदाधिकारी इन कार्यकर्ताओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे है और घरों के चक्कर काट रहे है। मुख्य कार्यकर्ता जो पदों पर थे वह भूमिगत हो चुके है।
वैसे कार्यकर्ताओं के भाजपा से उठते विष्वास के बाद तो यही लगता है कि भाई साहब का विजय रथ कहीं इस बार रूक न जाए। क्योंकि युवा मोर्चा के पदाधिकारी तो पहले ही अपने कार्यकर्ता को पुलिसकर्मी द्वारा ‘थप्पड़’ मारे जाने का इंसाफ अभी तक नहीं दिला पाए है वहीं दुसरी तरफ पार्टी के कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में जाना भाजपा के लिए तो नुकसानदेह होगा ही।
इधर कांग्रेस के नेता विवेक कटारा का कहना है कि करीब 150 भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हें है। शामिल हुए कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा में युवा नेतृत्व की कमी है और युवाओं को तरजीह भी नहीं दी जाती इसी वजह से आज वह कांग्रेस के युवा नेता के साथ है।

दावोस में शाहरुख खान को दिया गया क्रिस्टल अवॉर्ड, ‘नमस्कार’ और ‘जय हिंद’ कहकर खत्म की स्पीच

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को सोमवार शाम दावोस में हो रहे 48वें वर्ल्ड इकॉनोमिकल फोरम(WEF) में 24वें क्रिस्टल अवॉर्ड से नवाजा गया। उन्हें यह अवॉर्ड देश में महिलाओं और बच्चों के हक में कैम्पेन चलाने के लिए दिया गया है। एक्ट्रेस-डायरेक्टर केट ब्लैंचेट और सिंगर एल्टन जॉन को भी इस समिट में अवॉर्ड दिया गया।

‘नमस्कार’ और ‘जय हिंद’ कहकर खत्म की स्पीच

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस मौके पर शाहरुख ने कहा, “मैं वाकई दिल से इस अवॉर्ड के लिए शुक्रगुजार हूं।” इस थैकिंग स्पीच को उन्होंने ‘नमस्कार’ और ‘जय हिंद’ कहकर खत्म किया।

क्यों दिया गया शाहरुख को ये अवॉर्ड?

– वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम समिट में सोशल वर्क्स के लिए किए जाने वाले कॉन्ट्रीब्यूशन के लिए ये अवाॅर्ड दिया जाता है।

ञ बता दें शाहरुख मीर फाउंडेशन के फाउंडर हैं, जो एसिड अटैक विक्टिम को सपोर्ट करती है। साथ ही एसिड अटैक में गंभीर तौर पर जल चुकी महिलाओं की सर्जरी और मेडिकल ट्रीटमेंट समेत कानूनी मदद, अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने, रिहेबिलिटेशन में भी मदद करती है। इस फाउंडेशन का नाम शाहरुख के पिता मीर ताज मोहम्मद खान के नाम पर रखा गया है और ये एक नॉन प्रॉफिटेबल ऑर्गनाइजेशन है।

केट ब्लैंचेट और सिंगर एल्टन जॉन को क्यों मिला ये अवॉर्ड?

– दुनिया के बेहतरीन सोलो म्यूजिक परफॉर्मर में शामिल ब्रिटिश म्यूजिशियन एल्टन जॉन के 25 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड सेल हो चुके हैं। पिछले 50 सालों के करियर में वे 35 गोल्ड और 25 प्लेटिनम एलबल जारी कर चुके हैं।

– वहीं ऑस्ट्रेलिया की एक्ट्रेस केट ब्लैंचेट UNHCR की ग्लोबल गुडविल एम्बेस्डर हैं और शरणार्थी (रिफ्यूजी) के लिए काम कर रही हैं।

इससे पहले इन भारतीयों को मिल चुका है ये अवॉर्ड

इससे पहले भारत से अमिताभ बच्चन, एआर रहमान, शबाना आजमी और अमजद अली खान क्रिस्टल अवॉर्ड जीत चुके हैं।

क्या हैं वर्ल्ड इकॉनोमिकल फोरम

– बता दें WEF चार दिन चलेगा। इसे स्विट्जरलैंड के स्कीइंग रिजॉर्ट में ऑर्गनाइज किया गया है। WEF में इस बार सबसे ज्यादा 130 देश हिस्सा ले रहे हैं। समिट सोमवार शाम से शुरू हो चुका है। मीटिंग की थीम क्रिएटिंग अ शेयर्ड फ्यूचर इन ए फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड रखी गई है।

आज मोदी देंगे ओपनिंग स्पीच

– समिट में मोदी मंगलवार को ओपनिंग स्पीच देंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान पीएम दुनिया के सामने भारत की ओपन इकोनॉमी का नजरिया पेश करेंगे। इसके अलावा और ग्लोबल इकोनॉमी और भारत में इन्वेस्टमेंट के मामले में भी चर्चा कर सकते हैं।

– मोदी दुनिया के टॉप सीईओज के लिए डिनर भी होस्त करेंगे। मोदी स्विस पीएम एलन बर्सेट से भी मुलाकात करेंगे। पीएम के साथ अरुण जेटली, सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, एमजे. अकबर और जितेंद्र सिंह भी दावोस जा रहे हैं।

राजस्थान सरकार की पिटीशंस सुप्रीमकोर्ट ने की खारिज – पद्मावत होगी रिलीज़

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पोस्ट न्यूज़ . पद्मावत फिल्म पर विवाद ज्यों का त्यों कायम है . सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कह दिया कि पद्मावत फिल्म के रिलीज़ होने के निर्देश पहले ही दे चुके है और पुरे देश में फिल्म रिलीज़ होगी . इसके साथ ही कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक हटाने के खिलाफ दायर की गईं मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार की पिटीशंस खारिज कर दीं। गुरुवार को कोर्ट ने गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में फिल्म की रिलीज न किए जाने के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी। उधर, करणी सेना इस फिल्म को देखने को तैयार हो गई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पद्मावत 25 तारीख को रिलीज होगी। इसके साथ ही करनी सेना व् अन्य राजपूत संगठन का विरोध भी बरकरार है . करनी सेना ने 25 को जनता कर्फ्यू का एलान किया है साथ ही सोमवार को करनी सेना के लोकेन्द्र singh कालवी ने कहा था कि अगर संजय लीला भंसाली चाहे तो हम फिल्म देखने को तय्यार है. लेकिन अभी तक संजय लीला भंसाली की तरफ से कोई सन्देश नहीं आया है जबकि पूर्व में लीला भंसाली कुछ लोगों को फिल्म दिखा चुके है जिसमे उदयपुर के पूर्व राज घराने के अरविन्द सिंह मेवाड़ भी थे जिन्होंने पद्मावत फिल्म को रिलीज़ नहीं करने की सिफारिश भी की हाई .

राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए एडीशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि हमें फिल्म बैन करने की इजाजत दी जाए, बल्कि हम सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए ऑर्डर में कुछ सुधार चाहते हैं।”

– हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऑर्डर में सुधार करने से इनकार कर दिया। साथ ही राज्यों सरकारों की ओर से दायर की गईं पिटीशंस खारिज कर दीं।

– कोर्ट ने कहा कि फिल्म की रिलीज के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे यह राज्यों सरकारों को तय करना चाहिए।

अब्दुल कादिर है रियल ज़िन्दगी के “पेडमेन”

पोस्ट न्यूज़। अक्षय कुमार की फिल्म पेडमेन आने वाले २-३ हफ्तों में सिनेमा घरों में रिलीज़ होगी। लेकिन राजस्थान के उदयपुर शहर में अब्दुल कादिर खान असल ज़िन्दगी का पेडमेन है, जिसने अपने पांच साल के अथक प्रयासों के बाद सेनेटरी नेपकिन का बोहत कम दाम में निर्माण करने वाली मशीन को बना दिया। इस मशीन से बनने वाली नेपकिन का फायदा उन गरीब महिलाओं को पहुच रहा है जो बाजारों में उपलब्ध मंहगी सेनेटरी नेपकिन खरीदने में असमर्थ है।
उदयपुर निवासी अब्दुल कादिर खान एक ऐसे नवयुवक है जिन्होंने समाज में रहने वाली उस गरीब तबके कि महिलाओं के बारे में सोचा जो बाज़ारों से महगी सेनेटरी नेपकिन खरीदने में असमर्थ है। इसी वजह से इन गरीब महिलाओं को अक्सर कई इन्फेक्शन की बीमारियों से गुजरना पड़ता है। अब्दुल कादिर का कहना है कि महिला चाहे अमीर हो या गरीब सेनेटरी नेपकिन हर एक महिला की जरूरत है। बाज़ार में मिलने वाली महगे नेपकिन तक सिर्फ पैसे वाली महिलाओं की ही पहुच है। गरीब महिलाएं ख़ास कर गाँव की महिलाएं आज भी पुराने गंदे कपड़ों का इस्तमाल करती है जिसकी वजह से उन्हें कई तरह के इन्फेक्शन होते है।
अब्दुल कादिर ने समाज की इस परेशानी को समझते हुए एक एसी मशीन को इजाद किया जो मात्र 90 पैसे में एक सेनेटरी पेड को बना देती है। इस मशीन की ख़ास बात कि इसको चलाना इतना आसान है कि कोई गाँव की अनपढ़ महिला भी इसको आराम से चला सकती है।
उदयपुर शहर के युवा इंजिनियर अब्दुल कादिर खांन पुत्र अब्दुल रऊफ ने एक ऐसी सैनेटरी नेपाकिन निर्माण की मशीनरी का निर्माण किया है जो कीमत में दुनिया में सबसे कम है।

पेशे से ‘‘मैकेनिकल इंजिनियर’’ अब्दुल कादिर खांन का यह भी दावा है कि उनके द्वारा बनाये गये सैनेटरी नेपाकिन की कीमत ’90’ पैसे भी कम है। और मशीनरी इकाई की कीमत ‘एक लाख’ रूपये है।

सैमी आॅटोमेटिक सिस्अम पर आधारित है पूरा प्लांट
प्लांट में उपस्थित सारी मशीनरी सैमी आॅटोमेटिक सिस्टम पर आधारित है और उन मशीनरी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कोई भी महिला जिसने किसी भी तरह की कोई मशीन नहीं चलाई है वह भी इसे बड़ी ही आसानी से चला सकती है और उत्पाद बना सकती है।
अब्दुल का यह भी दावा है कि सारी मशीनरी को चलाना एक सिलाई मशीन चलाने से भी ज्यादा आसान है।

सब से कम कीमत का सैनेटारी पैड बनाने के लिए अब्दुल लगभग ‘‘5 वर्ष से अथक प्रयास कर रहे हैं। इस विषय में उन्होंने अपना कीमती समय एवं अपनी सैलेरी तक लगा दी। पिछले तीन वर्षाें में जो भी वह अपनी जाॅब से कमाते हैं वह सारा कुछ इस विषय में अध्ययन एवं खोज में लगा देते ।
इस पूर सफर में अब्दुल को अपने परिवार का पूरा सहयोग भी मिला और उन्होंने इसी के अन्तर्गत पूरी मशीनरी इकाई का नाम अपनी माता के नाम से ‘‘शहनाज़ इंटरप्राइज रखा।
अब्दुल चाहते है की वह हर-एक महिला जिसको इस प्रोडक्ट की जरूरत होती है उन तक इसको पहुंचाएं और कम से कम कीमत में उपलब्ध कराएं।
उनका कहना यह है कि आज जो भी मार्केट में प्रोडक्ट चलन में है वह बहुत ही मंहगे है और वह हर एक महिला की पहुंच से परे है। आज के इस आधुनिक युग में जब भारत इतनी तरक्की कर रहा है। वहंा भारत की बहुत सी ग्रामीण महिलाएं आज भी कपडे का उपयोग करती हैं। जो कि उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है जो वह समझ भी नहीं सकती हैं
आज इसलिए आज के दौर में अब्दुुल अपने प्रयासों से यह भ्रांतियां दूर करने में लगे हुए हैं।
अब्दुल लगातार अपने प्रयासों से गांवो में सैनेटरी नैपकिन बनाने की इकाईयां को लगा रहे हैं। जहां पर महिलाएं स्वयं अपने हाथों से सारी मशीनरी को चलाती हैं और उत्पाद बनाती हैं। यह उत्पाद पैक कर पूरे गांव में अलग-अलग स्थानों से वितरीत किया एवं बेचा जाता है। जिससे गांवो की महिलाओं को आजीविका मिलती है एवं जो लोग सैनेटरी नैपकिन सिर्फ अधिक कीमतों की वजह से नहीं उपयोग करते थे उनको कम कीमत में उत्पाद मिल जाता है।
अब्दुल कादिर खांन का एक युवा स्टार्टअप इंटरप्रिन्योर है। उन्होंने अपनी कंपनी स्टार्ट की है। जिसका नाम शहनाज इंटरप्राइज है। जिसके अंतर्गत वह अलग-अलग सैनेटरी नेपकिन बनाने के मशीन सप्लाई करते हैं। वह एक लाख रूपये से 10 लाख रूपये तक का प्लांट उपलब्ध कराते हैं। जिसके अंतर्गत मशीनरी इंस्टोलेशन, महिलाओं को बनाने की टेªनिंग एवं मार्केटिंग स्किल प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे महिलाएं अपने पैरों पर खडी हो सके और आत्मनिर्भर बन सके।

परमात्मा का आंगन बनाएं भारत को: साध्वी ऋतम्भरा


उदयपुर। भारत देश को पैसों का प्रेत शहर नहीं, बल्कि परमात्मा का आंगन बनाना होगा, जहां सिर्फ वात्सल्य हो, प्रेम हो, सम्मान हो, सुशीलता हो, सहयोग की भावना हो, भक्ति हो, त्याग हो, तपस्या हो, तभी भारत विश्व का अग्रणी बनकर विश्वगुरु कहलाएगा।
यह बात साध्वी ऋतम्भरा ने सोमवार को यहां बीएन विश्वविद्यालय के मैदान में शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा में कही। भागवत कथा के पहले दिन विशाल कलश यात्रा में उमड़ी मातृशक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेवाड़ मीरा की भक्ति, पद्मिनी के जौहर, महाराणा प्रताप के राष्ट्रप्रेम और संकल्प की धरती है। यहां पन्नाधाय जैसी मां है तो हाड़ी रानी जैसी पत्नी भी है। एक ने देश के लिए पुत्र का बलिदान दिया तो दूसरी ने पति का मोह भंग कर मातृभूमि के प्रति सर्वस्व समर्पण के लिए प्रेरित किया। यहां प्रभु श्रीनाथजी भी विराजमान हैं। ऐसी धरा पर भागवत कथा का आयोजन यहां की भक्ति और शक्ति के संगम को प्रतिपादित कर रहा है।
साध्वी ऋतम्भरा ने सर्व समाज को कथा मंे आमंत्रित करते हुए कहा कि भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति का आंतरिक रूपांतरण करता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति यदि अपनी जिन्दगी को मर्यादित तरीके से जी ले, यही उसके लिए सबसे बड़ा वैराग्य है। और यही सभी समस्याओं का समाधान भी है। उन्होंने गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि गोकर्ण ने भी पथभ्रष्ट धुंधकारी की आत्मा के कल्याण के लिए भागवत कथा को सर्वोपरि माना। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण और उसके मर्म को जीवन में उतारना ही मोक्ष के समान है।

भजनों पर झूमे भक्त
-कथा के दौरान साध्वी ऋतम्भरा ने प्रभु भक्ति के भजन गाए तो पूरा पाण्डाल झूम उठा। वाद्ययंत्रों की सुमधुर धुन पर हुए भजनों ने श्रद्धालुओं को ऐसा मोह लिया कि वे अपनी जगह पर खड़े होकर नृत्य करने लगे। कई लोग तो आसन के समीप आकर भी नाचे।

मानस प्रणाम के साथ शुरू हुई कथा
-कथा के आरंभ में मानस प्रणाम हुआ। इसके बाद मुख्य यजमान प्रकाश अग्रवाल सहित यजमानगण चंचल कुमार गोयल, माणकचंद अग्रवाल, दिनेश भट्ट, राजेश मूंदड़ा, मंदाकिनी कन्हैयालाल धायभाई ने व्यासपीठ का पूजन किया। मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने दीप प्रज्वलन किया। वंदना आलोक चतुर्वेदी व समिति सदस्यों की ओर से संत सम्मान किया गया।

आरती के साथ हुआ समापन
-कथा का समापन भागवत महापुराण और भगवान बालकृष्ण की आरती के साथ हुआ। आरती में यजमानगण सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचार हस्तीमल हिरण, बीएन संस्थान के अध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला, बीएन संस्थान के ही महेन्द्र सिंह आगरिया, खेरवाड़ा से आए भंवरलाल अग्रवाल, राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित कन्हैयालाल धाबाई आदि ने आशीर्वाद लिया।

आज की कथा
-मंगलवार को कपिल भगवान की कथा, सती-ध्रुव चरित्र, शिव-पार्वती विवाह, जड़ भरत कथा आदि प्रसंग होंगे।
महज कथा नहीं, जीवन आदर्शों की कक्षा
-साध्वी ऋतम्भरा की भागवत कथा युवाओं के लिए जीवन के आदर्शों की सीख देने वाली कक्षा है। पौराणिक प्रसंगों को आज के परिप्रेक्ष्य में जोड़कर उनसे मिलने वाले संदेशों को बताना और भारतीय प्राचीन ग्रंथों में कथाओं में छिपे ज्ञान और वैज्ञानिकता को समझाना उनकी विशेषता है।

मानो केसर की धाराओं का हुआ संगम
-चतुर्वेणी कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ शहर
-मंगल गीतों के साथ निकली कलश यात्रा
उदयपुर। साध्वी ऋतम्भरा की कथा से पूर्व चतुर्वेणी मंगल कलश यात्रा का आयोजन हुआ। मंगल कलश यात्रा शहर में चार अलग-अलग स्थानों से शुरू हुई और बीएन मैदान में भागवत धाम पर आकर उनका संगम हुआ। चारों दिशाओं से शुरू हुई यात्राओं में साध्वी सत्यव्रता, साध्वी सर्वसिद्धा, साध्वी सत्यकीर्ति, साध्वी सत्यश्रुति का सान्निध्य रहा।
मंगल कलश यात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही यात्रा प्रारंभ स्थलों पर महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया। वहां पंजीकरण कराने के लिए कतारें लग गईं। ऐसा लग रहा था कि कोई भी कलश यात्रा से वंचित नहीं रहना चाहती थीं। दोपहर में अभिजीत मुहूर्त पर चारों दिशाओं से मंगल गीतों के साथ सिर पर कलश लिए केसरिया परिधान पहने महिलाएं जब भागवत धाम की ओर बढ़ीं तो शहर का माहौल भक्तिमय हो उठा। भागवत धाम के बाहर सेवाश्रम तिराहे पर जैसे ही कलश यात्राएं पहुंचीं तो ऐसा लगा मानों केसर की धाराएं बही चली आ रही हों। वहां मौजूद महिला-पुरुषों ने नारों से गगन गुंजा दिया। इस यात्रा के माध्यम से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का भी संदेश दिया गया।
महिला समिति की वीणा अग्रवाल एवं अलका मूंदड़ा ने बताया कि पहली मां गोदावरी कलश यात्रा बालाजी मंदिर से प्रारंभ हुई जिसमें पुराने शहर सहित सेक्टर 11, 13, 14 तक के क्षेत्र की सभी महिलाएं सम्मिलित हुई। दूसरी अलकनंदा कलश यात्रा शिव मंदिर (एमबी) से शुरू हुई जिसमें भूपालपुरा, सुभाष नगर, अशोकनगर, न्यू भूपालपुरा, बड़गांव, बेदला, गोगुंदा तक के क्षेत्र की महिलाएं सम्मिलित हुईं। तीसरी गंगोत्री कलश यात्रा धूलकोट चैराहा सत्यम गार्डन से प्रारंभ हुई जिसमें आयड़, सुंदरवास, प्रताप नगर, देबारी से लेकर मावली तक के क्षेत्र की महिलाएं सम्मिलित हुईं। चैथी नर्मदा कलश यात्रा विद्या निकेतन स्कूल सेक्टर 4 से प्रारंभ हुई जिसमें सेक्टर 3, 4, 5 कलड़वास, एकलिंगपुरा से लेकर झामरकोटड़ा तक की महिलाएं सम्मिलित हुईं। यात्राओं की विभिन्न व्यवस्थाओं में कार्तिकेय नागर, मुकेश पंवार के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता जुटे।

प्रताप गौरव केंद्र देख साध्वी ऋतम्भरा हुईं अभिभूत
उदयपुर। साध्वी ऋतंभरा आज सुबह प्रताप गौरव केंद्र का अवलोकन करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की जीवंत झांकियों को देखा तो वह अभिभूत हो गई। हाड़ी रानी के बलिदान की गाथा सुनकर उन्होंने कहा कि मेवाड़ का इतिहास राष्ट्र को समर्पित त्याग और बल

करणी सेना भंसाली की फिल्म देखने को तैयार – 200 करोड़ का घाटा चंदा कर के देदेगें लेकिन फिल्म सिनेमा घरों में नहीं लगने देंगे

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पोस्ट न्यूज़ . पद्मावत फिल्म की रिलीज की तारीख नजदीक आते-आते इस पर विवाद भी बढ़ता जा रहा है. 25 जनवरी को यह फिल्म रिलीज होनी है और इससे पहले ही करणी सेना के साथ-साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी. सोमवार को कई शहरों में तोड़फोड़ हुई। इसबीच, राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी और उनके साथियों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद कालवी ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह यूपी सरकार भी चिंतित है। योगी ने गंभीरता से हमारी बात सुनी। उन्हें इस मुद्दे की संवेदनशीलता की जानकारी है। अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते हैं तो इसके लिए तैयार हैं। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम भारत बंद नहीं चाहते। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पद्मावत 25 तारीख को रिलीज होगी।

लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा- “योगीजी ने करीब 20 मिनट तक हमारी बातों को गंभीरता से सुना। राज्य में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना उनका काम है। मेरा काम पद्मावत को बंद कराना है। हमें फिल्म के 40 प्वाइंट पर आपत्ति है। अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते है, तो हम इसके लिए तैयार हैं।”

– “200 करोड़ की फ़िल्म है तो हम चंदा करके उन्हें दे देंगे। इस बात पर कि फिल्म में पैसा लगा है। हम इसे थियेटर्स में नहीं लगने दे सकते। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम गणतंत्र दिवस के आसपास भारत बंद नहीं करना चाहते हैं।”

कालवी ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद कोई भी सरकार पर फिल्म पर रोक नहीं लगा सकती है। सभी राज्यों के सीएम से अनुरोध कर रहा हूं। सिनेमाहॉल मालिकों से निवेदन कर रहा हूं। ये भी पूछ रहा हूं- आपको पद्मावती के साथ रहना है या खिलजी के साथ जाना है।”

– ”राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई है। हम इसमें पार्टी बनने के लिए तैयार नहीं हैं। गुजरात के थियेटर मालिक इसे नहीं दिखाना चाहते हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकार मंगलवार को SC में पिटीशन फाइल करेंगी। पीएम मोदी से आशा करते हैं, कि वो फिल्म बैन कराएंगे।”

 

Zinc as a Nutrient

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Zinc deficiency today kills 1.5 million children every year. Lack of Zinc weakens the immune system and makes children vulnerable to infectious diseases such as diarrhoea, pneumonia and malaria. Zinc deficiency affects not only kids but adults too. According to studies done by International Zinc Association, 2 billion people are deficient in Zinc and 8,00,000 people are at risk of dying each year due to Zinc deficiency.

It all starts with the soil that grows the crops which the populace consumes. When the soils are deficient in Zinc, the grain concentrations of the crops grown in these soils are lower. Thus people eating crops that have been grown in Zinc – deficient soils receive less Zinc from their diets and are therefore at risk of Zinc deficiency. By consuming Zinc rich foods like seafood, beef, wheat germ, spinach, nuts etc., one can ensure a healthy immune system, proper building of proteins and smooth absorption of copper and iron in the body in the long run.

Thus, by adding Zinc to the soils, to the foods (also called fortification) or even through consumption of oral tablets or multivitamin supplements, one can ensure no pathological and physiological consequences of zinc deficiency and a healthy working body.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

जिस प्रेमिका के लिए चुराई ५० बाइक, वह ज़ालिम बेवफा दोस्त के साथ भाग गयी

पोस्ट न्यूज़। पहले किसी और की पत्नी को भगा कर लाया। पंचायत ने ५० हज़ार का जुर्माना लगाया, अपनी प्रेमिका को घर में रखने के लिए ५० हज़ार रूपये का जुगाड़ करने के लिए चोरियां शुरू कर दी इससे पहले की ५० हज़ार रूपये जमा कर पाता प्रेमिका किसी दूसरे के साथ भाग गयी, और लुटे लुटाये प्रेमी साहब पुलिस के हत्थे चढ़ गए अब जेल की हवा खा रहे है। पत्नी किसी और के साथ मजे में है।
हिरणमगरी थानापुलिस ने बाइक चोर के मुख्य आरोपित सहित तीन जनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 16 बाइक व 12 के कलपुर्जे बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अब तक कई बाइक को काटकर इंजन व कलपुर्जे को बेच दिए हैं। पुलिस द्वारा पकड़े जाने की भनक लगने पर आरोपितों ने बाइक्स के शेष कलपुर्जे बटोर कर कुएं में डाल दिए। पुलिस ने कुएं का पानी तुड़वा मजदूरों की मदद से सभी कलपुर्जे बरामद किए। पूछताछ में आरोपितों से और भी वारदातें खुलने की संभावना है।
आरोपित रमेश करीब एक वर्ष पूर्व एक महिला को नाते लाया था। ससुराल पक्ष से विवाद निपटाने के लिए उसे 50 हजार की आवश्यकता थी। वह बाइक चोरी से यह राशि एकत्र कर पाता, उससे पहले महिला को उसका एक साथी भाग ले गया और वह चोरी के आरोप में पकड़ा गया। आरोपित थावरा काफी शातिर है, उसके विरुद्ध चोरी, नकबजनी के पूरे जिले में २५ प्रकरण दर्ज हैं। आरोपित नवम्बर में ही जेल से बाहर आया था।

सिक्योरिटी गार्ड की बस के नीचे आने से मौत – परिजनों को देख पुलिस कर्मी बोला यहाँ क्या लड्डू बंट रहे है।


उदयपुर। शहर के आयड पुलिया स्थित रजवाडा रेस्टोरेंट के सिक्योरिटी गार्ड की वहां से गुजर रही बस के रिवर्स लेने के दौरान पिछले पहिए के नीचे आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पा कर मोके पर पहुचें परिजन और पड़ोसियों को देख एक पुलिसकर्मी बोला यहाँ क्या लड्डू बंट रहे है जिसको सुनते ही लोगों ने भारी आक्रोश जताया बाद में भोपाल पूरा थाना अधिकारी ने मामले को शांत करवाया। घटना रविवार शाम ६ बजकर १५ मिनट की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आयड पुलिया स्थित रजवाडा रेस्टोरेंट में कार्यरत आयड पीपल चौक निवासी मो. कलीम छीपा (५४) पुत्र मो. इस्हाक छीपा रेस्टोरेंट के बाहर डयूटी पर तैनात था। रविवार होने से वहां आने वाले वाहनों को व्यवस्थित करवा रहा था। इसी दौरान मेनारिया ट्रावेल्स की बस आयड से होती हुई पुलिया पर रेस्टोरेंट के बाहर से मुड रही थी इसी दौरान बस से टकराने पर नीचे गिर गया और पिछला टायर उसके सिर पर चढ गया जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे को देख चालक बस मौके पर छोडकर फरार हो गए।
सिक्योरिटी गार्ड कलीम आयड निवासी होने के कारण देखते ही देखते वहां परिचितों और क्षेत्रवासियों को जमावडा हो गया। सूचना मिलने पर भूपालपुरा थानाधिकारी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और बस को कब्जे में लेकर थाने में पहुंचाया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा आक्रोशित भीड को हटाने के लिए जब कहा कि – यहाँ क्या लड्डू बंट रहे है तो कुछ स्थानीय युवक आक्रोशित हो गए। इस दौरान आयड पुलिया पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। स्थानीय युवकों की मदद से मृतक के शव को एमबी चिकित्सालय पहुंचा जहां समाजजनों व परिचितों की भीड जमा हो गई। समाजजनों ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार को आर्थिक मदद की मांग की। इसके बाद मुस्लिम प्रतिनिधि व समाजजन भूपालपुरा थाना पहुंचे। थानाधिकारी चांदमल से हुई वार्ता में उचित मदद का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मृतक को शव को एमबी चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है जहां सोमवार को मेडिकल टीम द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।
इधर, क्षेत्रवासियों ने बताया कि आय$ड पुलिया पर रेस्टोरेंट के बाहर बेतरतीब पार्किंग, पुलिस की नाकाबंदी के दौरान रो$ड संक$डा हो जाता है जाम की स्थिति के साथ ही रो$ड संकरा हो जाने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

मेवाड़ के गौरव और सम्मान की बात है, “पद्मावत” मेवाड़ में कहीं भी प्रदर्शित नहीं होने दी जाएगी – तनवीर सिंह कृष्णावत

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उदयपुर। मेवाड़ के गौरव और सम्मान का सवाल है इसलिए मेवाड़ में पद्मावत फिल्म कहीं भी प्रदर्शित होने देने का प्रश्न

तनवीर सिंह कृष्णावत, संस्थापक सकल राजपूत महासभा

ही नहीं उठता. यह बात कही है सकल राजपूत महासभा मेवाड़ के संस्थापक तनवीर सिंह कृष्णावत ने . तनवीर सिंह ने साफ़ किया है पहले सिनेमा घरों के मालिक और मैनेजरों से पुरे सम्मान के साथ निवेदन करेगें कि 25 जनवरी को फिल्म प्रदर्शित नहीं करें . अगर कोई नहीं मानता है तो विकल्प खुले हुए है जिसका जिम्मेदार वह खुद होंगे .
संजय लीला भंसाली की रानी पद्मावती पर बनी फिल्म पद्मावत के खिलाफ राजपूत समाज सहित मेवाड़ के हर आम जन खड़ा हो गया है । सकल राजपूत महासभा ने भी बैठक कर पद्मावत फिल्म को मेवाड़ में कही भी नहीं प्रदर्शित किये जाने पर आवाज़ बुलंद की है वहीँ रानी पद्मावती के वंशज और पूर्व मेवाड़ राजघराने के सदस्य ने फिल्म रिलीज़ पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री व् मुख्यमंत्री को पात्र लिखा है । शहर के पुराने सिनेमा घर ने मेवाड़ के गौरव की बात कहते हुए सिनेमा में फिल्म प्रदर्शित नहीं करने का एलान किया है ।

विवादित फिल्म पद्मावत की रिलीज़ के लिए चाहे सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देदिए हों लेकिन मेवाड़ के किसी सिनेमा घर में प्रदशित हो इसमें संशय है । करनी सेना पहले ही अपने उग्र रूप में प्रदर्शन नहीं किये जाने की चेतावनी दे दी है । सकल राजपुत महासभा मेवाड की भी शनिवार को संरक्षक तनवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई . बैठक में निर्णय लिया कि आगामी 25 जनवरी को संजय भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म पद्मावत को किसी भी हाल में मेवाड की धरती पर रिलिज नही होने दी जायेगी। उन्होने कहा कि फिल्म का नाम बदलने से उसके पात्र एवं इतिहास को नही बदला जा सकता। पद्मिनी मेवाड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश की आन-बान-शान की प्रतीक है। पद्मावती फिल्म के द्वारा किसी एक समाज ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारतीय इतिहास को कलंकित किया जा रहा है। बैठक में देहात अध्यक्ष गोपाल सिंह डाॅ. घनश्याम सिंह भीण्डर, कृष्णकांत कुमावत, घनश्याम सिंह चुण्डावत,जितेन्द्र सिंह शक्तावत डाॅ. दिलिप सिंह चैहान, सोहन सिंह सिसोदिया, नजर सिंह, सुरेन्द्र सिंह सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।रानी पदमिनी के वंशज और मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में मेवाड़ ने सीबीएफसी के चेयरमैन प्रसुन्न जोषी और फिल्म निर्माता सजंय लीला भंसाली के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नही होने पर रोष जताया है। मेवाड़ ने कहा है कि इस विवादित फिल्म को लेकर लोगांे की भावनाओं का मखौल उड़ाया जा रहा है जो कि बिल्कुल गलत है। मेवाड़ ने कहा कि इस फिल्म को लेकर शुरू से ही गलतियां होती आ रही है लेकिन सरकार ने इसे अभी तक गंभीर नही लिया है। मेवाड़ ने फिल्म निर्माताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस फिल्म को लेकर फिल्म निर्माता को जो धुन चढ़ी उसी आधार पर उसने इस फिल्म को बना दिया। उसके द्वारा किसी भी इतिहास कर या वंषजों से फिल्म के तथ्यों को लेकर नहीं पूछा गया। यही नहीं सरकार की एजेंसियों ने भी इसके खिलाफ कोई भी कड़ा कदम अब तक नहीं उठाया है। इसके अलावा सरकार द्वारा यह तक नहीं देखा गया कि सेंसर बोर्ड ने सही काम किया है या नहीं ।
शहर के पुराने सिनेमाघर अशोका के मेनेजर शेर आलम ने सिनेमा घर के बाहर नोटिस चस्पा करदिया है जिसमे साफ़ तौर पर लिखा गया है कि मेवाड़ के गौरव का सम्मान करते हुए अशोका सिनेमा पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा .