परमात्मा का आंगन बनाएं भारत को: साध्वी ऋतम्भरा


उदयपुर। भारत देश को पैसों का प्रेत शहर नहीं, बल्कि परमात्मा का आंगन बनाना होगा, जहां सिर्फ वात्सल्य हो, प्रेम हो, सम्मान हो, सुशीलता हो, सहयोग की भावना हो, भक्ति हो, त्याग हो, तपस्या हो, तभी भारत विश्व का अग्रणी बनकर विश्वगुरु कहलाएगा।
यह बात साध्वी ऋतम्भरा ने सोमवार को यहां बीएन विश्वविद्यालय के मैदान में शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा में कही। भागवत कथा के पहले दिन विशाल कलश यात्रा में उमड़ी मातृशक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेवाड़ मीरा की भक्ति, पद्मिनी के जौहर, महाराणा प्रताप के राष्ट्रप्रेम और संकल्प की धरती है। यहां पन्नाधाय जैसी मां है तो हाड़ी रानी जैसी पत्नी भी है। एक ने देश के लिए पुत्र का बलिदान दिया तो दूसरी ने पति का मोह भंग कर मातृभूमि के प्रति सर्वस्व समर्पण के लिए प्रेरित किया। यहां प्रभु श्रीनाथजी भी विराजमान हैं। ऐसी धरा पर भागवत कथा का आयोजन यहां की भक्ति और शक्ति के संगम को प्रतिपादित कर रहा है।
साध्वी ऋतम्भरा ने सर्व समाज को कथा मंे आमंत्रित करते हुए कहा कि भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति का आंतरिक रूपांतरण करता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति यदि अपनी जिन्दगी को मर्यादित तरीके से जी ले, यही उसके लिए सबसे बड़ा वैराग्य है। और यही सभी समस्याओं का समाधान भी है। उन्होंने गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि गोकर्ण ने भी पथभ्रष्ट धुंधकारी की आत्मा के कल्याण के लिए भागवत कथा को सर्वोपरि माना। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण और उसके मर्म को जीवन में उतारना ही मोक्ष के समान है।

भजनों पर झूमे भक्त
-कथा के दौरान साध्वी ऋतम्भरा ने प्रभु भक्ति के भजन गाए तो पूरा पाण्डाल झूम उठा। वाद्ययंत्रों की सुमधुर धुन पर हुए भजनों ने श्रद्धालुओं को ऐसा मोह लिया कि वे अपनी जगह पर खड़े होकर नृत्य करने लगे। कई लोग तो आसन के समीप आकर भी नाचे।

मानस प्रणाम के साथ शुरू हुई कथा
-कथा के आरंभ में मानस प्रणाम हुआ। इसके बाद मुख्य यजमान प्रकाश अग्रवाल सहित यजमानगण चंचल कुमार गोयल, माणकचंद अग्रवाल, दिनेश भट्ट, राजेश मूंदड़ा, मंदाकिनी कन्हैयालाल धायभाई ने व्यासपीठ का पूजन किया। मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने दीप प्रज्वलन किया। वंदना आलोक चतुर्वेदी व समिति सदस्यों की ओर से संत सम्मान किया गया।

आरती के साथ हुआ समापन
-कथा का समापन भागवत महापुराण और भगवान बालकृष्ण की आरती के साथ हुआ। आरती में यजमानगण सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचार हस्तीमल हिरण, बीएन संस्थान के अध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला, बीएन संस्थान के ही महेन्द्र सिंह आगरिया, खेरवाड़ा से आए भंवरलाल अग्रवाल, राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित कन्हैयालाल धाबाई आदि ने आशीर्वाद लिया।

आज की कथा
-मंगलवार को कपिल भगवान की कथा, सती-ध्रुव चरित्र, शिव-पार्वती विवाह, जड़ भरत कथा आदि प्रसंग होंगे।
महज कथा नहीं, जीवन आदर्शों की कक्षा
-साध्वी ऋतम्भरा की भागवत कथा युवाओं के लिए जीवन के आदर्शों की सीख देने वाली कक्षा है। पौराणिक प्रसंगों को आज के परिप्रेक्ष्य में जोड़कर उनसे मिलने वाले संदेशों को बताना और भारतीय प्राचीन ग्रंथों में कथाओं में छिपे ज्ञान और वैज्ञानिकता को समझाना उनकी विशेषता है।

मानो केसर की धाराओं का हुआ संगम
-चतुर्वेणी कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ शहर
-मंगल गीतों के साथ निकली कलश यात्रा
उदयपुर। साध्वी ऋतम्भरा की कथा से पूर्व चतुर्वेणी मंगल कलश यात्रा का आयोजन हुआ। मंगल कलश यात्रा शहर में चार अलग-अलग स्थानों से शुरू हुई और बीएन मैदान में भागवत धाम पर आकर उनका संगम हुआ। चारों दिशाओं से शुरू हुई यात्राओं में साध्वी सत्यव्रता, साध्वी सर्वसिद्धा, साध्वी सत्यकीर्ति, साध्वी सत्यश्रुति का सान्निध्य रहा।
मंगल कलश यात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही यात्रा प्रारंभ स्थलों पर महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया। वहां पंजीकरण कराने के लिए कतारें लग गईं। ऐसा लग रहा था कि कोई भी कलश यात्रा से वंचित नहीं रहना चाहती थीं। दोपहर में अभिजीत मुहूर्त पर चारों दिशाओं से मंगल गीतों के साथ सिर पर कलश लिए केसरिया परिधान पहने महिलाएं जब भागवत धाम की ओर बढ़ीं तो शहर का माहौल भक्तिमय हो उठा। भागवत धाम के बाहर सेवाश्रम तिराहे पर जैसे ही कलश यात्राएं पहुंचीं तो ऐसा लगा मानों केसर की धाराएं बही चली आ रही हों। वहां मौजूद महिला-पुरुषों ने नारों से गगन गुंजा दिया। इस यात्रा के माध्यम से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का भी संदेश दिया गया।
महिला समिति की वीणा अग्रवाल एवं अलका मूंदड़ा ने बताया कि पहली मां गोदावरी कलश यात्रा बालाजी मंदिर से प्रारंभ हुई जिसमें पुराने शहर सहित सेक्टर 11, 13, 14 तक के क्षेत्र की सभी महिलाएं सम्मिलित हुई। दूसरी अलकनंदा कलश यात्रा शिव मंदिर (एमबी) से शुरू हुई जिसमें भूपालपुरा, सुभाष नगर, अशोकनगर, न्यू भूपालपुरा, बड़गांव, बेदला, गोगुंदा तक के क्षेत्र की महिलाएं सम्मिलित हुईं। तीसरी गंगोत्री कलश यात्रा धूलकोट चैराहा सत्यम गार्डन से प्रारंभ हुई जिसमें आयड़, सुंदरवास, प्रताप नगर, देबारी से लेकर मावली तक के क्षेत्र की महिलाएं सम्मिलित हुईं। चैथी नर्मदा कलश यात्रा विद्या निकेतन स्कूल सेक्टर 4 से प्रारंभ हुई जिसमें सेक्टर 3, 4, 5 कलड़वास, एकलिंगपुरा से लेकर झामरकोटड़ा तक की महिलाएं सम्मिलित हुईं। यात्राओं की विभिन्न व्यवस्थाओं में कार्तिकेय नागर, मुकेश पंवार के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता जुटे।

प्रताप गौरव केंद्र देख साध्वी ऋतम्भरा हुईं अभिभूत
उदयपुर। साध्वी ऋतंभरा आज सुबह प्रताप गौरव केंद्र का अवलोकन करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की जीवंत झांकियों को देखा तो वह अभिभूत हो गई। हाड़ी रानी के बलिदान की गाथा सुनकर उन्होंने कहा कि मेवाड़ का इतिहास राष्ट्र को समर्पित त्याग और बल

करणी सेना भंसाली की फिल्म देखने को तैयार – 200 करोड़ का घाटा चंदा कर के देदेगें लेकिन फिल्म सिनेमा घरों में नहीं लगने देंगे

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पोस्ट न्यूज़ . पद्मावत फिल्म की रिलीज की तारीख नजदीक आते-आते इस पर विवाद भी बढ़ता जा रहा है. 25 जनवरी को यह फिल्म रिलीज होनी है और इससे पहले ही करणी सेना के साथ-साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी. सोमवार को कई शहरों में तोड़फोड़ हुई। इसबीच, राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी और उनके साथियों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद कालवी ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह यूपी सरकार भी चिंतित है। योगी ने गंभीरता से हमारी बात सुनी। उन्हें इस मुद्दे की संवेदनशीलता की जानकारी है। अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते हैं तो इसके लिए तैयार हैं। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम भारत बंद नहीं चाहते। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पद्मावत 25 तारीख को रिलीज होगी।

लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा- “योगीजी ने करीब 20 मिनट तक हमारी बातों को गंभीरता से सुना। राज्य में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना उनका काम है। मेरा काम पद्मावत को बंद कराना है। हमें फिल्म के 40 प्वाइंट पर आपत्ति है। अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते है, तो हम इसके लिए तैयार हैं।”

“200 करोड़ की फ़िल्म है तो हम चंदा करके उन्हें दे देंगे। इस बात पर कि फिल्म में पैसा लगा है। हम इसे थियेटर्स में नहीं लगने दे सकते। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम गणतंत्र दिवस के आसपास भारत बंद नहीं करना चाहते हैं।”

कालवी ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद कोई भी सरकार पर फिल्म पर रोक नहीं लगा सकती है। सभी राज्यों के सीएम से अनुरोध कर रहा हूं। सिनेमाहॉल मालिकों से निवेदन कर रहा हूं। ये भी पूछ रहा हूं- आपको पद्मावती के साथ रहना है या खिलजी के साथ जाना है।”

– ”राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई है। हम इसमें पार्टी बनने के लिए तैयार नहीं हैं। गुजरात के थियेटर मालिक इसे नहीं दिखाना चाहते हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकार मंगलवार को SC में पिटीशन फाइल करेंगी। पीएम मोदी से आशा करते हैं, कि वो फिल्म बैन कराएंगे।”

 

Zinc as a Nutrient

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Zinc deficiency today kills 1.5 million children every year. Lack of Zinc weakens the immune system and makes children vulnerable to infectious diseases such as diarrhoea, pneumonia and malaria. Zinc deficiency affects not only kids but adults too. According to studies done by International Zinc Association, 2 billion people are deficient in Zinc and 8,00,000 people are at risk of dying each year due to Zinc deficiency.

It all starts with the soil that grows the crops which the populace consumes. When the soils are deficient in Zinc, the grain concentrations of the crops grown in these soils are lower. Thus people eating crops that have been grown in Zinc – deficient soils receive less Zinc from their diets and are therefore at risk of Zinc deficiency. By consuming Zinc rich foods like seafood, beef, wheat germ, spinach, nuts etc., one can ensure a healthy immune system, proper building of proteins and smooth absorption of copper and iron in the body in the long run.

Thus, by adding Zinc to the soils, to the foods (also called fortification) or even through consumption of oral tablets or multivitamin supplements, one can ensure no pathological and physiological consequences of zinc deficiency and a healthy working body.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

जिस प्रेमिका के लिए चुराई ५० बाइक, वह ज़ालिम बेवफा दोस्त के साथ भाग गयी

पोस्ट न्यूज़। पहले किसी और की पत्नी को भगा कर लाया। पंचायत ने ५० हज़ार का जुर्माना लगाया, अपनी प्रेमिका को घर में रखने के लिए ५० हज़ार रूपये का जुगाड़ करने के लिए चोरियां शुरू कर दी इससे पहले की ५० हज़ार रूपये जमा कर पाता प्रेमिका किसी दूसरे के साथ भाग गयी, और लुटे लुटाये प्रेमी साहब पुलिस के हत्थे चढ़ गए अब जेल की हवा खा रहे है। पत्नी किसी और के साथ मजे में है।
हिरणमगरी थानापुलिस ने बाइक चोर के मुख्य आरोपित सहित तीन जनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 16 बाइक व 12 के कलपुर्जे बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अब तक कई बाइक को काटकर इंजन व कलपुर्जे को बेच दिए हैं। पुलिस द्वारा पकड़े जाने की भनक लगने पर आरोपितों ने बाइक्स के शेष कलपुर्जे बटोर कर कुएं में डाल दिए। पुलिस ने कुएं का पानी तुड़वा मजदूरों की मदद से सभी कलपुर्जे बरामद किए। पूछताछ में आरोपितों से और भी वारदातें खुलने की संभावना है।
आरोपित रमेश करीब एक वर्ष पूर्व एक महिला को नाते लाया था। ससुराल पक्ष से विवाद निपटाने के लिए उसे 50 हजार की आवश्यकता थी। वह बाइक चोरी से यह राशि एकत्र कर पाता, उससे पहले महिला को उसका एक साथी भाग ले गया और वह चोरी के आरोप में पकड़ा गया। आरोपित थावरा काफी शातिर है, उसके विरुद्ध चोरी, नकबजनी के पूरे जिले में २५ प्रकरण दर्ज हैं। आरोपित नवम्बर में ही जेल से बाहर आया था।

सिक्योरिटी गार्ड की बस के नीचे आने से मौत – परिजनों को देख पुलिस कर्मी बोला यहाँ क्या लड्डू बंट रहे है।


उदयपुर। शहर के आयड पुलिया स्थित रजवाडा रेस्टोरेंट के सिक्योरिटी गार्ड की वहां से गुजर रही बस के रिवर्स लेने के दौरान पिछले पहिए के नीचे आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पा कर मोके पर पहुचें परिजन और पड़ोसियों को देख एक पुलिसकर्मी बोला यहाँ क्या लड्डू बंट रहे है जिसको सुनते ही लोगों ने भारी आक्रोश जताया बाद में भोपाल पूरा थाना अधिकारी ने मामले को शांत करवाया। घटना रविवार शाम ६ बजकर १५ मिनट की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आयड पुलिया स्थित रजवाडा रेस्टोरेंट में कार्यरत आयड पीपल चौक निवासी मो. कलीम छीपा (५४) पुत्र मो. इस्हाक छीपा रेस्टोरेंट के बाहर डयूटी पर तैनात था। रविवार होने से वहां आने वाले वाहनों को व्यवस्थित करवा रहा था। इसी दौरान मेनारिया ट्रावेल्स की बस आयड से होती हुई पुलिया पर रेस्टोरेंट के बाहर से मुड रही थी इसी दौरान बस से टकराने पर नीचे गिर गया और पिछला टायर उसके सिर पर चढ गया जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे को देख चालक बस मौके पर छोडकर फरार हो गए।
सिक्योरिटी गार्ड कलीम आयड निवासी होने के कारण देखते ही देखते वहां परिचितों और क्षेत्रवासियों को जमावडा हो गया। सूचना मिलने पर भूपालपुरा थानाधिकारी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और बस को कब्जे में लेकर थाने में पहुंचाया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा आक्रोशित भीड को हटाने के लिए जब कहा कि – यहाँ क्या लड्डू बंट रहे है तो कुछ स्थानीय युवक आक्रोशित हो गए। इस दौरान आयड पुलिया पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। स्थानीय युवकों की मदद से मृतक के शव को एमबी चिकित्सालय पहुंचा जहां समाजजनों व परिचितों की भीड जमा हो गई। समाजजनों ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार को आर्थिक मदद की मांग की। इसके बाद मुस्लिम प्रतिनिधि व समाजजन भूपालपुरा थाना पहुंचे। थानाधिकारी चांदमल से हुई वार्ता में उचित मदद का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मृतक को शव को एमबी चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है जहां सोमवार को मेडिकल टीम द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।
इधर, क्षेत्रवासियों ने बताया कि आय$ड पुलिया पर रेस्टोरेंट के बाहर बेतरतीब पार्किंग, पुलिस की नाकाबंदी के दौरान रो$ड संक$डा हो जाता है जाम की स्थिति के साथ ही रो$ड संकरा हो जाने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

मेवाड़ के गौरव और सम्मान की बात है, “पद्मावत” मेवाड़ में कहीं भी प्रदर्शित नहीं होने दी जाएगी – तनवीर सिंह कृष्णावत

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उदयपुर। मेवाड़ के गौरव और सम्मान का सवाल है इसलिए मेवाड़ में पद्मावत फिल्म कहीं भी प्रदर्शित होने देने का प्रश्न

तनवीर सिंह कृष्णावत, संस्थापक सकल राजपूत महासभा

ही नहीं उठता. यह बात कही है सकल राजपूत महासभा मेवाड़ के संस्थापक तनवीर सिंह कृष्णावत ने . तनवीर सिंह ने साफ़ किया है पहले सिनेमा घरों के मालिक और मैनेजरों से पुरे सम्मान के साथ निवेदन करेगें कि 25 जनवरी को फिल्म प्रदर्शित नहीं करें . अगर कोई नहीं मानता है तो विकल्प खुले हुए है जिसका जिम्मेदार वह खुद होंगे .
संजय लीला भंसाली की रानी पद्मावती पर बनी फिल्म पद्मावत के खिलाफ राजपूत समाज सहित मेवाड़ के हर आम जन खड़ा हो गया है । सकल राजपूत महासभा ने भी बैठक कर पद्मावत फिल्म को मेवाड़ में कही भी नहीं प्रदर्शित किये जाने पर आवाज़ बुलंद की है वहीँ रानी पद्मावती के वंशज और पूर्व मेवाड़ राजघराने के सदस्य ने फिल्म रिलीज़ पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री व् मुख्यमंत्री को पात्र लिखा है । शहर के पुराने सिनेमा घर ने मेवाड़ के गौरव की बात कहते हुए सिनेमा में फिल्म प्रदर्शित नहीं करने का एलान किया है ।

विवादित फिल्म पद्मावत की रिलीज़ के लिए चाहे सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देदिए हों लेकिन मेवाड़ के किसी सिनेमा घर में प्रदशित हो इसमें संशय है । करनी सेना पहले ही अपने उग्र रूप में प्रदर्शन नहीं किये जाने की चेतावनी दे दी है । सकल राजपुत महासभा मेवाड की भी शनिवार को संरक्षक तनवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई . बैठक में निर्णय लिया कि आगामी 25 जनवरी को संजय भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म पद्मावत को किसी भी हाल में मेवाड की धरती पर रिलिज नही होने दी जायेगी। उन्होने कहा कि फिल्म का नाम बदलने से उसके पात्र एवं इतिहास को नही बदला जा सकता। पद्मिनी मेवाड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश की आन-बान-शान की प्रतीक है। पद्मावती फिल्म के द्वारा किसी एक समाज ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारतीय इतिहास को कलंकित किया जा रहा है। बैठक में देहात अध्यक्ष गोपाल सिंह डाॅ. घनश्याम सिंह भीण्डर, कृष्णकांत कुमावत, घनश्याम सिंह चुण्डावत,जितेन्द्र सिंह शक्तावत डाॅ. दिलिप सिंह चैहान, सोहन सिंह सिसोदिया, नजर सिंह, सुरेन्द्र सिंह सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।रानी पदमिनी के वंशज और मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में मेवाड़ ने सीबीएफसी के चेयरमैन प्रसुन्न जोषी और फिल्म निर्माता सजंय लीला भंसाली के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नही होने पर रोष जताया है। मेवाड़ ने कहा है कि इस विवादित फिल्म को लेकर लोगांे की भावनाओं का मखौल उड़ाया जा रहा है जो कि बिल्कुल गलत है। मेवाड़ ने कहा कि इस फिल्म को लेकर शुरू से ही गलतियां होती आ रही है लेकिन सरकार ने इसे अभी तक गंभीर नही लिया है। मेवाड़ ने फिल्म निर्माताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस फिल्म को लेकर फिल्म निर्माता को जो धुन चढ़ी उसी आधार पर उसने इस फिल्म को बना दिया। उसके द्वारा किसी भी इतिहास कर या वंषजों से फिल्म के तथ्यों को लेकर नहीं पूछा गया। यही नहीं सरकार की एजेंसियों ने भी इसके खिलाफ कोई भी कड़ा कदम अब तक नहीं उठाया है। इसके अलावा सरकार द्वारा यह तक नहीं देखा गया कि सेंसर बोर्ड ने सही काम किया है या नहीं ।
शहर के पुराने सिनेमाघर अशोका के मेनेजर शेर आलम ने सिनेमा घर के बाहर नोटिस चस्पा करदिया है जिसमे साफ़ तौर पर लिखा गया है कि मेवाड़ के गौरव का सम्मान करते हुए अशोका सिनेमा पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा .

Kya Aapke Toothpaste Mein Zinc Hai?

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Zinc is generally recognized as a metal that is heavily used for construction and galvanization purposes. Other than the industrial applications, Zinc plays a significant role towards dental hygiene.  

Bad breath or halitosis is caused when there are signs of tooth decays, which produces sulphur compounds that are reasons for foul odour. Mouthwash might mask the problem for some time, but won’t fix it. Brushing the teeth regularly is the remedy to remove the bacteria causing malodour.

Here is where Zinc steps in. 
Zinc and chlorine dioxide when used in toothpastes help treat bad breath. Zinc stops the enzymes from breaking down the amino acid, that makes sulphur; while chlorine dioxide kills the already formed bacteria.

This prevents tooth decay, gum disease, and gastroenteritis, which are all associated with bad breath.
Tomorrow morning when you go to brush your teeth…. Check…. ‘does your toothpaste contains Zinc?’

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Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Do we build infrastructure to last for years?

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Coastal salts (i.e. sodium, calcium and magnesium chlorides) can create a corrosive environment for any infrastructure across the world, the reason being humid  and saline climate. The only remedy is to use galvanized steel (the zinc coated steel) that provides the much needed strength to the rebars.

Using galvanised steel, Delhi’s Lotus Temple structure has been built to last for 1000s of years. Lord Krishna’s temple being built in Vrindawan has approached Hindustan Zinc for providing Zinc to build ever-lasting  infrastructure. The youngest State of India, Telangana, while celebrating its 2nd anniversary, hoisted the tallest National Flag Mast, that has a coating of zinc.

India loses around 4-5% of GDP annually on account of corrosion losses. Western countries, which are far ahead of us in terms of infrastructure, mandate the use of Galvanizing for the steel structures used for bridges, highways, public utility, Airports, Metro Stations, Railways stations, etc. and that is how they are able to preserve long-lasting and robust structures. For instance, Athens Bridge Pennsylvania & Curtis Road Bridge Michigan are structures that utilize Galvanized Steel rebars and have a much longer life-span than the conventional bridges built with normal black steel rebar, as galvanized rebar can withstand chloride concentration at least four to five times higher than the black steel rebar and remains passivated at lower pH levels, substantially slowing the rate of corrosion.

The fundamental says, once the steel starts corroding, the mass of the steel increases, leading to cracks in the structure, which could later become reasons for collapse.

The coastal infrastructure within a range of 3000 sq feet are more prone to corrosions. According to The American Institute of Architects, it is essential to use hot dip galvanized steel, to make such coastal infrastructure decay resistant.

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Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

गोगुन्दा प्रधान का गणतंत्र दिवस पर सम्मान किया जाना चाहिए – माँ-बहनों को गालियाँ देना, अधिकारी को धमकाना देश हित में अग्रणी कदम माना जाय।

उदयपुर। राजनीति और समाज में अब नैतिकता के मूल्यों को ताक पर रख कर सिर्फ सत्ता पक्ष या अपने राजनातिक साथी का साथ दिया जाता है चाहे उसने कितना भी बुरा या घ्रणित कार्य क्यूँ ना किया हो। आरोपी पर सरे आम माँ बहनों को असभ्य तरीके से गालियाँ देने, अधिकारी से मारपीट करने का आरोप ही क्यूँ ना हो। यहाँ बात हो रही है गोगुन्दा के प्रधान पुष्कर तेली कि जिसने सत्ता के नशे में चूर हो कर एक बीडीओ को धमका कर मारपीट तक पर उतारू हो गया और उसके बाद कथित रूप से एक सरपंच को मोबाइल फोन पर माँ बहनों की गालियाँ देते हुए जान से मारने की धमकी दे डाली।
बीडीओ के साथ दुर्व्यहवार करने के जुर्म में जहाँ पुलिस को राजकार्य में बाधा का मुकदमा कर प्रधान पर कारवाई करनी चाहिए वहां पुलिस हाथ बांधे तमाशा देख रही है। वही दूसरी तरफ जिस तरह की गालियाँ प्रधान ने सरपंच को दी उसका विरोध हर एक आम नागरिक तक को करना चाहिए वही समाज और पार्टी के लोग उसके समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे है मानों प्रधान साहब ने गालियाँ दे कर और एक अधिकारी पर जोर आजमा कर बहुत बड़ा देश हित में कार्य किया जिसके लिए उसको सम्मानित करना चाहिए।
हमारा मानना भी यही है कि अगर ऐसे कृत्य करने वाले जन प्रतिनिधि का समर्थन सत्ता पक्ष और पुलिस कर रही है तो गणतंत्र दिवस नजदीक है। उस प्रधान को गणतंत्र दिवस के मोके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित करना चाहिए, और पुलिस वैसे ही कोई कारवाई नहीं करनी चाहिए तो पुलिस पदक से भी प्रधान साहब को सम्मानित करना चाहिए। यही नहीं प्रधान के सामने सारे अधिकारियों को कपडे खोल कर खड़े हो जाना चाहिए और कहना चाहिए “सरकार आपकी जो मर्जी जैसा चाहो सुलूक करो हम कुछ भी नहीं कहेगे ना ही कोई कारवाई करेगें” बस चुपचाप सहेगें।
जो लोग प्रधान की गालियों का समर्थन कर रहे है उन्हें भी उस महान प्रधान के सामने नत मस्तक हो कर कहना चाहिए हुजुर आपने सरपंच की माँ बहनों के लिए जिस प्यारी और सु सज्जित भाषा का प्रयोग किया है आप हमारी माँ बहनों के लिए भी कर सकते हो क्यूँ की हमारा महिला सम्मान कार्यक्रम आपकी गालियों से ही तो पूरा होता है।
जो लोग प्रधान का विरोध कर रहे है उन्हें उस महान प्रधान का विरोध नहीं करना चाहिए क्यूँ कि उन्होंने बड़ा महान कार्य किया है और ऐसे कार्यों का आज के राजनीति में और शायद समाज में जरूरत है।
जिसके पास सत्ता का हथियार है वह हर व्यक्ति खुल कर किसी पर भी गुंडई दिखा सकता है। किसी की भी माँ बहनों को गालियाँ बक सकता है। यकीन मानिए सत्ता पक्ष के लोग आपके समर्थन में खड़े दिखाई देंगे और आजकल जात – पात का जादू हर खासो आम पर सर चढ़ कर बोल रहा है तो आपकी जात और आपके समाज के लोग तो आपके हर घ्रणित कार्य में साथ देंगे क्यूँ कि नैतिकता को तो हमने चार आने के भाव बेच खाई है। हमारी बुद्धि राजनीति लाभ के चलते इन नेताओं के तलवे चाट रही है।
इसलिए प्रधान साहब को गणतंत्र दिवस के मोके पर सम्मान दिलाने की व्यवस्था करनी चाहिए।

व्यंग

आरटीओ दस्ते को ट्रोले ने मारी टक्कर, गार्ड की हुई मौत – उदयपुर – अहमदाबाद हाइवे

उदयपुर। उदयपुर में बलिचा बाईपास के आगे ही आरटीओ की नाकाबंदी के दौरान एक ट्रोला चालक ने जांच कर रहे दस्ते पर ट्रक चाडा दिया जिससे एक गार्ड की मोके पर ही मौत हो गयी एक अन्य गंभीर घायल हो गया। घटना शानिवार सुबह 7 बजे की है।
शानिवार सुबह सात बजे बलिचा बाईपास के आगे आरटीओ का उड़न दस्ता वाहनों के दस्तावेजों की जांच कर रहा था। आरटीओ के इस दस्ते में शामिल होमगार्ड का जवान रणवीर जाट वाहनों को इशारा कर रोकने में लगा हुआ था। वाहन रोकने के दौरान ही रणवीर जाट ने सामने से आते हुए एक ट्रोले को हाथ देकर रोकने का इशारा किया लेकिन ट्रोला चालक ने बजाय वाहन रोकने के उसकी स्पीड बड़ा दी और रणवीर जाट को चपेट में लेते हुए दस्ते पर ट्रोला चडा दिया। रणवीर जाट की मोके पर ही मौत हो गयी जबकि एक अन्य होमगार्ड का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है।
प्रदेश में पुलिस और आरटीओ की टीम पर नाकाबंदी के दौरान हमले होते रहे हैं। पिछले साल जयपुर शहर में बजाज नगर और जेएलएन रोड पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक चालकों ने पांच पुलिस वालों को टक्कर मारी थी। इनमें से दो की मौत हो गई थी।
वहीं नागौर में नाकाबंदी के दौरान श्री बालाजी थानाधिकारी पूरणमीणा को टक्कर मार दी गई थी। हादसे में पूरण मीणा की मौत हो गई थी। वहीं नागौर में ही पुलिस गश्त पर लगे खुमाराम को कुख्यात अपराधी आनंदपाल के गुर्गों ने कुचल दिया था। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। पिछले साल ही दिसबंर में नागौर में एक ट्रक ने पुलिस की स्कोर्पियो को टक्कर मार दी थी। जिसमें क्यूआरटी के एक कंमोडो की मौत हो गई थी। पिछले साल ही विश्वकर्मा और हरमाड़ा इलाके में नाकाबंदी के दौरान तीन अलग-अलग हादसों में सात पुलिसकर्मी घायल हो हुए थे। तीनों हादसे नाकाबंदी के दौरान वाहनों की टक्कर से हुए थे।