
हजयात्रा 2018 में जाने के लिए पूरी तैयारी करके बैठे 70 साल से ज्यादा उम्र के प्रदेश में 500 बुजुर्ग जिंदगी का सबसे बड़ा फर्ज अदा करने से वंचित रह जाएंगे। अब तक उन्हें रिजर्व कैटेगरी में रखा जाता और लॉटरी में शामिल किए बिना ही हज पर पर भेजा जाता है। जबकि नई हज नीति 2018-2022 में दिए गए प्रस्तावों के अनुसार यह रिजर्व कैटेगरी खत्म कर दी जाएगी और बुजुर्गों को भी सामान्य हज आवेदकों की फेहरिस्त में शामिल किया जाएगा। नई हज नीति के ड्राफ्ट में लगातार चार साल से आवेदन कर रहे हैं लोगों की रिजर्व कैटेगरी भी खत्म करने की सिफारिश की गई, जिसमें करीब 2000 लोग इस बार आवेदन करने वाले हैं और हज की पूरी तैयारी करके बैठे हैं।
राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी ने इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और केंद्रीय हज कमेटी के अधिशाषी अधिकारी को पत्र लिखकर इस समस्या से आगाह किया है। सोसायटी के महासचिव हाजी निजामुद्दीन ने बताया कि पत्रों में बताया गया है कि नई हज नीति में रिजर्व कैटेगरी खत्म करने की सिफारिशें मान ली गईं तो राजस्थान के करीब 2500 हज यात्री रिजर्व कैटेगरी से वंचित रहेंगे। फिर चाहे वे 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग हों या लगातार चार साल से आवेदन करने वाले, उन्हें सामान्य श्रेणी में लॉटरी का इंतजार करना पड़ेगा।
देशमें 70 हजार प्रभावित
सोसायटीने पत्र में यह भी आगाह किया है कि रिजर्व कैटेगरी खत्म करने से जहां राजस्थान के 2500 हज आवेदक प्रभावित होंगे, वहीं पूरे देश में इन दोनों श्रेणियों में करीब 70 हजार लोग हज यात्रा करते हैं, वे भी इस फैसले से मायूस हाेंगे। गौरतलब है कि नई हज नीति में पहले इम्बार्केशन पाइंट 21 से घटाकर 9 कर दिए गए थे, जिनमें जयपुर से भी हज यात्रा की फ्लाइटें बंद करने की सिफारिश की गई थी। जबकि हज कमेटी, निजी संस्थाओं के दबाव के कारण जयपुर से हज फ्लाइटें यथावत रखने का फैसला लिया गया है।





-Recurrent sinusitis due to obstruction to drainage of sinus.

राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में एक ऐसा बिल लाने जा रही है जो एक तरह से सभी सांसदों-विधायकों, जजों और अफ़सरों को लगभग इम्युनिटी दे देगा. उनके ख़िलाफ़ पुलिस या अदालत में शिकायत करना आसान नहीं होगा. सीआरपीसी में संशोधन के इस बिल के बाद सरकार की मंज़ूरी के बिना इनके ख़िलाफ़ कोई केस दर्ज नहीं कराया जा सकेगा. यही नहीं, जब तक एफआईआर नहीं होती, प्रेस में इसकी रिपोर्ट भी नहीं की जा सकेगी. ऐसे किसी मामले में किसी का नाम लेने पर दो साल की सज़ा भी हो सकती है.
उदयपुर। सुख-समृद्धि व वैभव का दीपोत्सव धनतेरस से शुरू होकर आज भाई दूज तक लगातार जारी है। दीपावली पर गुरुवार को शहर रोशनी में नहाया। हर घर-प्रतिष्ठान, बाजार, चौक-चौराहा व सरकारी भवन पर आकर्षक सजावट की गई। पटाखों और मिठाइयों के साथ जोर शोर के साथ मनाई गयी दिवाली . पटाखों के लिए कोर्ट के आदेश हो चाहे बड़े बड़े ज्ञानियों के ज्ञान लेकिन दीपावली की खुशियों के आगे सब कुछ फीका रहा .बच्चों और बड़ों ने खूब पटाखे छुटाए , हालाँकि पटाखों पर पड़ी महगाई की मार ने कुछ कमी जरूर की . लोगों ने शुभ मुहूर्त पर लक्ष्मी पूजन कर खुशहाली की कामना की। पूरी रात आतिशबाजी का दौर जारी रहा।



