हामिद अंसारी की पत्नी के मदरसे के वाटर कूलर में मिलाया ज़हर – 4000 हज़ार बच्चे पढ़ते है .

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post. news . यूपी के अलीगढ़ में स्थित पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी के मदरसे के वाटर टैंक में जहर घोलकर छात्रों को मारने की साजिश रची गई है। पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी के चैरपर्सनशिप वाली अलनूर चैरिटेबल सोसाइटी द्वारा चलाए जा रहे इस मदरसे में शनिवार सुबह दस बजे दो लड़के दीवार लांघकर अंदर आये और वाटर टैंक में जहर घोलने लगे। इस दौरान अच्छी बात ये रही कि एक छात्र ने उन्हें ऐसा करते हुए देख लिया। इस छात्र का नाम अफजल है। जब अफ़ज़ल इस बारे में बताने के लिए वहां से जाने लगा तो उन दोनों युवकों ने उसे देख लिया और उसके सामने पिस्तौल तान दी। उन्होंने अफ़ज़ल को किसी को इस बारे में कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद वे दोनों उसकी दीवार को लांघकर वापिस भाग गए। भागने की जल्दबाजी में उन्होंने जहर की रैपर वहीँ पर फेंक दिया।

इस घटना की जानकारी देते हुए सलमा अंसारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “जब बच्चे ने उन दोनों शख्स को रोकने की कोशिश की तो वे उसे धक्का देकर भाग निकले। इसके बाद बच्चे ने वार्डन को अलर्ट किया, पुलिस बुलाई गई। जांच में टैंक के पास चूहा मारने की कई टैबलेट पाई गईं।”
15 सितंबर की ये घटना अलीगढ़ के चाचा नेहरू मदरसे की है। वहां करीब 4000 बच्चे पढ़ते हैं। इस संस्था को अल नूर चैरिटेबल सोसाइटी चला रही है, जिसकी चेयरपर्सन सलमा अंसारी हैं।  सलमा अंसारी ने कहा कि दोनों अज्ञात शख्स ने बच्चे को मुंह खोलने पर गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी थी। दोनों ने बच्चे से इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताने को कहा था। सलमा अंसारी के मुताबिक दोनों अज्ञात शख्स के खिलाफ सेक्शन 328 (जहर के कारण चोट पहुंचाने) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चे ने उस वक्त इस घटना की जानकारी नहीं दी होती तो हालात गंभीर हो सकते थे।  सलमा ने कहा, “इस घटना के बाद हमने इस 18 साल पुरानी संस्था में सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला लिया है ताकि आगे सावधानी बरती जा सके।”

अब राजस्थान हुआ शर्मसार – दो टीचर्स 12th स्टूडेंट का रेप दो महीने तक करते रहे .

पोस्ट न्यूज़ . गुरुग्राम की घटना के बाद स्कूल में छात्र छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल पहले ही खडा हुआ है कि राजस्थान के सीकर जिले में 12 वीं की 18 वर्षीय स्टूडेंट के साथ स्कूल के डायरेक्टर और एक शिक्षक द्वारा दो माह तक रेप करने का मामला सामने आया है . रेप के बाद छात्रा का अबोर्शन भी करवाया गया जिसके बाद छात्रा की तबियत खराब हो गयी . 
राजस्थान के स्कूल में 18 साल की स्टूडेंट के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल डायरेक्टर और एक टीचर ने लड़की को एक्स्ट्रा क्लास के बहाने बुलाकर दो महीने तक रेप किया। इतना ही नहीं जब वह प्रेग्नेंट हो गई तो डॉक्टर्स के साथ मिलकर चुपके से उसका अबॉर्शन भी करा दिया। विक्टिम के भाई ने अजीतगढ़ थाने में केस दर्ज कराया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं। घटना के बाद से लड़की सदमे में है और जयपुर के एक हॉस्पिटल में भर्ती है। 
पुलिस के मुताबिक, लड़की 12th क्लास में पढ़ती है। आरोपी टीचर उसे एक्स्ट्रा क्लास के बहाने स्कूल बुलाकर रेप करते थे। ऐसा करीब दो महीने से चल रहा था। घटना के बाद लड़की गुमसुम रहने लगी थी। इसके बाद उसने 20 अगस्त से स्कूल जाना छोड़ दिया।
उसका एक भाई भी इसी स्कूल में पढ़ता है। एक दिन आरोपी टीचर्स ने उससे पूछा कि तुम्हारी बहन स्कूल क्यों नहीं आ रही है। इसके बाद लड़की ने अपनी मां को बताया कि उसके पेट में दर्द है।
आरोप है कि 25 अगस्त को लड़की की मां और बड़ा भाई उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। खबर मिलते ही दोनों आरोपी भी वहां आ गए। वे फैमिली को बहला-फुलसाकर अपने करीबी डॉक्टर के पास ले गए। जहां आरोपियों ने डॉक्टर्स से पहले ही अबॉर्शन के लिए बात कर ली थी।
आरोप है कि यहां डॉक्टर्स ने लड़की की फैमिली से कहा कि उसके पेट में गंभीर बीमारी है, फौरन ऑपरेशन करना पड़ेगा। घबराई मां ने जल्दबाजी में सभी कागजों पर साइन कर दिए। इसके बाद स्कूल डायरेक्टर के कहने पर डॉक्टर्स ने लड़की का अबॉर्शन कर दिया।
यहां से छुट्टी मिलने के बाद लड़की घर आ गई, लेकिन 4 सितंबर को अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी। जब मां और भाई उसे हॉस्पिटल लेकर जा रहे तो लड़की ने भाई को पूरी घटना बताई। फिलहाल वह जयपुर के हॉस्पिटल में भर्ती है और सदमे से बाहर आने की कोशिश कर रही है।
 अजीतगढ़ थाना इंचार्ज मंगलाराम ओला ने बताया कि रविवार रात लड़की के भाई की शिकायत पर स्कूल डायरेक्टर जगदीश यादव और टीचर जगत सिंह गूजर के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने डॉक्टर्स के साथ सांठगांठ कर लड़की का अबॉर्शन कराया।
केस दर्ज कराने में देरी हुई है क्योंकि लड़की की फैमिली इलाज के लिए हॉस्पिटल में थी। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी- 376, 313, 201, 120 के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों की तलाश में तीन टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस डॉक्टर्स से भी पूछताछ कर रही है।

बांसवाडा की रेल परियोजना बंद, वागड़ की जनता ठगा सा महसूस कर रही है।

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पोस्ट न्यूज़। एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद से मुम्बई के बिच बुलेट ट्रेन की तय्यारी कर रहे है लेकिन यहाँ वागड़ में बुनियादी जरूरत के तहत डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलामनई ब्रॉड गेज रेललाइन परियोजना पूरी तरह बंद होने के कागार पर है। महज़ चंद दिनों के बाद रेलवे कार्यालय पर भी ताले लग जायेगें। २४०० करोड़ की रेलवे परियोजना का कार्य करीब चार हज़ार करोड़ रूपये से भी ज्यादा पार कर चुकी थी। लेकिन चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार दोनों अब वागड़ की इस रेल योजना को लेकर कोई रूचि नहीं ले रहे। वागड़ वासी भी भी एक तरह से खुद को ठगे हुए महसूस कर रहे है।
बांसवाड़ा से उप मुख्य अभियंता का पद पहले ही बीकानेर स्थानांतरित किया जा चुका है। साथ ही उप मुख्य अभियंता का तबादला जयपुर हुए एक माह बीत चुका है। वे अभी पुलों वाले कार्य स्थलों पर जहां स्टील के सरिए बाहर निकले हुए हैं, उन्हें पैक करवाने का काम पूरा करवा कर जयपुर चले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले दिनों उदयपुर में हुई जनसभा में इस परियोजना के लिए कुछ घोषणा होने की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हो सकी और वागड़ की जनता की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। 2400 करोड़ की रेलवे परियोजना की लागत 4 हजार करोड़ से भी अधिक हो चुकी है।
फिलहाल रेलवे कार्यालय में निर्माण कंपनी गेनन डंकरली एंड कंपनी लिमिटेड,अहमदाबाद के द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की एवज में फाइनल बिल बनवाए जाने का काम करवाया जा रहा है। जिसमें संभावना है कि कंपनी द्वारा निर्माण कार्य के लिए लाई गई करीब 28 लाख रुपए की सीमेंट साइट पर ही खराब हो चुकी है, जो निर्माण माह के बाद छह माह से अधिक समय तक बाहर रखे जाने के कारण नमी से खराब हो चुकी है,जिसे अब पुलों के निर्माण के काम में नहीं लिया जा सकता है। इसके अलावा टाइम और लेबर एक्सेलेशन की भरपाई भी रेलवे विभाग की ओर से निर्माण कंपनी को करनी होगी।
वर्तमानमें रेलवे प्रशासन ने बांसवाड़ा कार्यालय में स्टाफ घटा दिया है। बचे खुचे कार्मिकों को मावली से मारवाड़ जंक्शन तक की 170 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के गेज परिवर्तन कार्य की डीपीआर बनाने का भी जिम्मा सौंपा गया था। इसके लिए स्थानीय कार्यालय में काम किया जा रहा है।

डूंगरपुर की झील गेपसागर छलका, रिंग रोड पर भी भरा पानी .

पोस्ट न्यूज़ . वागड़ क्षेत्र में डूंगरपुर शहर की मशहूर झील गेपसागर छलक गया . दस सालों में करीब 3 बार गेपसागर छलका है . इस बार एसा छलका कि पानी रिंगरोड को पार करते हुए झील के पास ही बनी शाश्त्री कोलोनी में घुस गया . झील के रिंग रोड पर भी २ से ४ फिट पानी भर गया .

बारिश और गेपसागर झील में बनी पानी की आवक से शुक्रवार शाम को ओटा छलक गया। इस पर करीब 6 इंच की चादर चलने लगी तो शहरवासियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लोग सुबह होते ही गेपसागर के इस सुंदर नजारे को देखने के लिए पहुंच गए और दिनभर इसी तरह का हाल रहा। लेकिन गेपसागर का पानी रिंग रोड पर करीब 2 से 4 फीट तक भर गया।
शास्त्रीकॉलोनी का पूरा बगीचे में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। शास्त्री कॉलोनी में ऑटे के पास निचले हिस्से में बने मकानों के आसपास पानी पहुंच गया तो लोग नाराज हो उठे और फिर रिंग रोड और बगीचे में भरे पानी को निकालने के लिए नाले के गेट को खोल दिया गया तो ओटा बहुत ही जोर से चलने लगा।
गेपसागर में तीजवड़ और बिलड़ी के नालों से पानी की आवक लगातार बनी हुई है। पिछले सप्ताहभर से गेपसागर झील का ओटा छलकने को आतुर था। शनिवार सुबह ओटे से करीब 6 इंच तक पानी चलने लगा। झील के लबालब होने से पानी ओटे से लेकर बादल महल और पूरे रिंगरोड पर गया।
गेपसागर झील लबालब होने से पहले ही शास्त्री कॉलोनी पार्क और इसके पास ही रिंगरोड पर पानी भरने लग गया था। लेकिन शनिवार को यहां पर करीब 3 से 4 फिट तक पानी भरा हुआ था। पूरा पार्क पानी से लबालब था। बच्चों के खेलने के झूले, फिसल पट्टी सब पानी में डूबे हुए थे। बगीचे में जाने की कहीं जगह तक नहीं थी। हर जगह पानी ही पानी भरा हुआ था। बगीचे की ऐसी हालत पिछले 15 दिनों से बनी हुई है, यहीं कारण है कि इन दिनों बच्चों के खेलने कूदने के लिए काम आने वाला बगीचा तालाब बनकर रह गया है।

जिला क्रिकेट संघ के सभी पदों पर सीपी जोशी गुट का कब्जा

उदयपुर। जिला क्रिकेट संघ के चुनाव आज यहाँ राजपुताना रिसोर्ट में संम्पन हुए। चुनाव में मनोज भटनागर अध्यक्ष और महेंद्र शर्मा सचिव सहित सभी 17 पदों पर सीपी गुट के उम्मीदवारों ने मोदी गुट के उम्मीदवारों को हरा जीत दर्ज करली। इस बार राजघराना क्रिकेट चुनाव से दूर रहा लेकिन सभी चुने हुए पदाधिकारियों ने लक्ष्यराज मेवाड़ को चेयरमैन मनोनीत कर दिया।

पिछले कई दिनों से जिला क्रिकेट संघ के चुनाव को लेकर क्रिकेट क्लब के अध्यक्षों की घेरा बंदी चल रही थी। आरसीए में मुख्य भूमिका निभाने वाले यूडीसीए के चुनाव पर प्रदेश भर की नज़रें थी। जिले के 38 क्लबों ने चुनाव में भाग लिया जिसमे सभी १७ पदों पर सीपी जोशी गुट ने 26 वोट हासिल कर जीत दर्ज की जबकि मोदी गुट को १२ वोट ही मिले। यूडीसीए में सीपी गुट की कमान महेंद्र शर्मा जबकि मोदी गुट की कमान बलवंत शर्मा ने संभाल रखी थी।
चुनाव अधिकारी पूर्व प्रशासनिक अधिकारी यासीन पठान ने बताया कि अध्यक्ष पद पर मनोजभटनागर (महेंद्र गुट) ने कुबेर-सिंह (बलवंत शर्मा गुट) को हरा कर जीत दर्ज की।
डिप्टीप्रेसीडेंट : विवेकभानसिंह (महेंद्र गुट) ने बनाम डॉ. अलंकार गुप्ता (बलवंत शर्मा गुट) पर जीत दर्ज की।
वाइसप्रेसीडेंट (3 पद) : अनीसइकबाल, हर्षवर्धन जैन, नारायणसिंह (महेंद्र गुट) ने जीत दर्ज की इनके विरुद्ध  डॉ. प्रकाश जैन, लोकेंद्रसिंह (बलवंत शर्मा गुट) खड़े थे।
सचिव: महेंद्रशर्मा (महेंद्र गुट) ने गौरव जोशी (बलवंत शर्मा गुट) को हरा जीत दर्ज की।
संयुक्तसचिव (2 पद) : माे.शाहिद, राकेश खोखावत (महेंद्र गुट) ने जीत दर्ज की जबकि इनके विरुद्ध विवेक शर्मा (बलवंत शर्मा गुट) खड़े थे।
कोषाध्यक्ष: महिपालसिंह(महेंद्र गुट) ने यशवंत पालीवाल (बलवंत शर्मा गुट) को हराया।
पीआरओ: आरचंद्रा (महेंद्र गुट) ने नितिन मेनारिया (बलवंत शर्मा गुट) पर जीत दर्ज की।
एक्जीक्यूटिवमेंबर : अशोकपरदेशी, महेंद्र छापरवाल, मुकेश कुमावत, राजेंद्र केवल्या, राजेश लोहरा, रजनीश कुमार, विनोद कुमार (महेंद्र गुट) ने जीत दर्ज की इनके विरुद्ध देवेंद्रसिंह झाला और संजय जैन (बलवंत शर्मा गुट) मैदान में थे।
महेंद्र शर्मा ने जिस सीपी गुट की कमान संभाल रखी थी उसका पूरी कार्यकारणी को जीत दर्ज करवाने के बाद साधारण सभा की बैठक रखी गयी जिसमे सबसे पहला निर्णय यह लिया गया कि जो राजघराना इतने वर्षों तक जिला क्रिकेट संघ से जुडा रहा वह अभी भी जुड़ा रहे। बैठक सर्व सम्मति से लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को मनोनीत चेयरमैन नियुक्त किया गया। कार्यकारणी के सभी सदस्य राजमहल पहुचे और वहां पर लक्ष्यराज सिंह को साथ जुड़े रहने के लिए कहाजिसको लक्ष्यराज सिंह ने सहर्ष स्वीकार किया। गौरतलब है कि पिछले दो बार से यूडीसीए के अध्यक्ष रहे राजघराने के लक्ष्यराज सिंह ने इस बार किसी भी पद के लिए नामांकन नहीं भरा था। नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी एक पद पर दो बार चुनाव लड़ सकता है। लक्ष्यराज सिंह ने पद की गरिमा बनाए रखते हुए इस बार खुद को जिला क्रिकेट संघ से दूर रखा था और अध्यक्ष के अलावा किसी और पद के लिए भी नामांकन नहीं भरा था।

बेकाबू स्वाइन फ्लू एक ही दिन में चार की मौत .

उदयपुर।  स्वाइन फ्लू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा ना तो स्वाइन फ्लू के मरीज कम हो रहे है ना ही स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या।  शनिवार को एक ही दिन में स्वाइन फ्लू से चार लोगों की मौत हो गयी जिसमे दो उदयपुर निवासी है और दो जिले के बाहर के। इसके अलावा आज छह नए रोगियों को भर्ती किया गया है। स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या इस वर्ष १९ तक पहुच गयी है जो की पिछले सभी वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है।

स्वाइन फ्लू का कहर पिछले २ माह से संभाग में फैला हुआ है। आज महाराणा भूपाल चिकित्सालय में इलाज के दौरान ४ की मौत हो गयी जिसमे २ उदयपुर निवासी थे  ५० वर्षीय थूर की पाल निवासी बालूराम। २९ वर्ष आयद निवासी विकास। निम्बाहेड़ा का ५८ वर्ष वराध व् मंदसौर  वर्ष अधेड़ की मौत हो गयी। २०१७ में अभी तक स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या १९ हो गयी है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। २०१२ में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या २ थी, २०१३ में यह बढ़ कर १० हो गयी थी , २०१४ में २ २०१५ में १६ जबकि २०१६ एक मात्र ऐसा वर्ष रहा जब एक भी स्वाइन फ्लू से मौत नहीं हुई। हालाँकि चिकित्सा विभाग का  २९ वर्षीय विकास की मौत स्वाइन फ्लू से ना हो  इन्फ्लून्जा से हुई है। विशेषज्ञों की राय में इन्फ्लून्जा भी स्वाइन फ्लू  रूप है।
महाराणा भूपाल चिकित्सालय के स्वाइन फ्लू वार्ड में ३५ मरीज भर्ती है।  छह मरीज आज नए भर्ती किये गए है जिनकी जांच आना बाकी है। डिप्टी सीएमएचओ राघवेंद्र रॉय ने कि स्वाइन फ्लू के लिए हर क्षेत्र में चिकित्सा टीम भेहते रहते है।  जहाँ भी प्रभावित एरिया होता है वहां की स्क्रीनिंग करवाई जाती है।  लोगों को खुद भी जागरूक होना जरूरी है, इसके लिए अपने स्वास्थ के लिए पूरी तरह सचेत रहे और स्वेन फ्लू जैसे लक्षण होते ही चिकित्सक को दिखाएं।

रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे जुल्मों सितम के खिलाफ उदयपुर के मुस्लिमों ने निकाली आक्रोश रैली


उदयपुर। बर्मा म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे जुल्मों सितम, उनकी हत्याओं के विरोध में शुक्रवार दोपहर को मुस्लिम महासंघ के बैनर तले शहर के मुसलामानों ने आक्रोश रैली निकाली । रैली के बाद राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
मुस्लिम महासंघ के प्रवत्ता मो. छोटू कुरैशी ने बताया कि महासंघ की ओर से आज बाद नमाज जुम्आ दोपहर ३ बजे बर्मा म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के खिलाप हाथीपोल से आक्रोश रैली निकाली गई। यह अक्रोश रैली अश्विनी बाजार, देहलीगेट होते हुए जिला कलेक्ट्री पहुंची। जहां महासंघ के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में म्यांमार के सर्वोच्च नेता आंगसान्सू का पुतला जलाया गया। इसके पश्चात महासंघ के संस्थापक हाजी मोहम्मद बक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकारी आयोग के नाम की अलग-अलग प्रतिलिपि सौंप भारत सरकार से बर्मा के खिलाप* आवाज उठाने की मांग की।

महासंघ की ओर से महासंघ संयोजक इरपान मुल्तानी ने कहा कि पूरे विश्व से बर्मा के खिलाप आवाज उठ रही है। भारत सरकार को भी बर्मा के खिलाप* आवाज उठानी चाहिए। प्रतिनिधि मण्डल में हाजी मो. हनीप* खान, मो. शपी इंजीनियर, आबिद हुसैन, मो. नईम, अब्दुल हमीद, मोहसिन खान, रिजवान खान, मो. शाहिद शामिल थे। आक्रोश रैली में सवीना, खांजीपीर, मेवापरोशान, धोलीबाव$डी, सिलावटवा$डी, हाथीपोल, मल्लातलाई, अलीपुरा, देबारी, खेमपुरा सहित कई मुस्लिम बस्तियों से मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। सवीना ब$डी मस्जिद में म्यांमार में हो रही हिंसा में अमनोअमान व शांति के लिए नमाजियों ने दुआएं भी मांगी।

न्यूज़ के हेडिंग ऐसे ऐसे कि पढने के बाद हंसी नहीं रोक पायें

उदयपुर पोस्ट . समाचार पत्र हो या न्यूज़ चेनल शिक्षित करने का काम भी करते है . लेकिन आजकल ब्रेकिंग न्यूज़ और कुछ अलग हेडिंग लगाने और लोगों को आकर्षित करने के चक्कर में कई बार समाचार पत्र वाले अर्थ का अनर्थ कर देते है हेडिंग या ब्रेकिंग कुछ इसे देते है जो कई बार हास्य तो कभी शर्मिंदगी का कारण बन जाते है . व्हात्सप और फेसबुक के इस दौर में इसे कई फोटो स्क्रीन शॉट वायरल होते है . हालाँकि कई बार ऐसे हेडिंग गलती से भी लग जाया करते है और कई बार फोटोशोप में दक्ष महारथी अपनी खुराफात का नमूना भी बना देते है .

अवैध हथियारों, फर्जी लाइसेंस के मामले में एटीस ने हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी सहित 9 रसूखदार गिरफ्तार किये, बाकी पर भी होगी कारवाई

उदयपुर। एटीस ने हथियारों के फर्जी लाइसेंस और अवैध हथियारों के मामले में हिन्दू जागरण मंच के रविकांत त्रिपाटी सहित शहर के आठ अन्य नामचीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार एटीस की कड़ी पूछताछ में सामने आया कि हिन्दू जागरण मंच के रविकांत त्रिपाटी का संपर्क था अजमेर के अवैध हथियारों के कारोबारी जुबैर से। कई भू-माफिया और रसूखदारों को त्रिपाटी ने ही दिलवाए थे हथियार। सूत्रों की माने तो 40 से अधिक हो सकते है गिरफ्तार।  
एटीएस ने हथियारों के फर्जी लाइसेंस और अवैध हथियारों  की कार्रवाई को अंजाम देते हुए उदयपुर के कई रसूखदारों के पास से हथियारों के फर्जी लाइसेंस और अवैध हथियार जब्त किये थे। पिछले पांच दिनों से एटीएस ने इन रसूखदारों के नामों का खुलासा नहीं किया था लेकिन गुरुवार को जयपुर में तलब किये जाने के बाद ये नामचीन लोग बेनकाब हो गए। जानकारी के अनुसार उदयपुर से ९ लोग जयपुर गए थे  जिन्हे एटीस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की माने तो हिन्दू जागरण मंच के एक पदाधिकारी ने एटीस की कड़ी पूछताछ में अपना मूह खोला और कई नाम सामने आये है।
अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंस का भंडा फोड़ करते हुए एटीस ने रविवार को अजमेर में आर्म्स अम्युनेशन वली मोहम्मद एंड संस के जुबेर को गिरफ्तार किया था। सोमवार को उदयपुर में कारवाई करते हुए 13 लाइसेंस और २० हथियार जब्त किये थे। एटीस ने गुरुवार को फर्जी हथियारों के लाइसेंस बनवाने वालों को जयपुर मुख्यालय में तलब किया। जिसमे से 9 लोग पहुचे इनमे हिन्दू जागरण मंच के चित्तौड़ प्रांत प्रमुख रविकान्त त्रिपाठी । भुव्यवसाई दीपक परिहार, अरवाना कॉम्प्लेक्स के मालिक हसन पालीवाला, भुव्यवसाई पारस बोलिया, जयशंकर राय, संजय तलेसरा,विकास सुहालका, इंतखाब आलम और सुमित भंडारी जयपुर एटीस मुख्यालय पहुचे थे।  जानकारी के अनुसार एटीस ने इनसे पूछताछ कर गिरफ्तार कर लिया। बाकी के लोग जयपुर नहीं पहुचे और अपने बचाव का जुगाड़ में लगे हुए है।
सूत्रों के अनुसार जयपुर में एटीस ने सभी से कड़ी पूछताछ की जिसमे हिन्दू जागरण मंच के रविकांत त्रिपाटी ने कई खुलासे किये है। सूत्रों की माने तो रविकांत त्रिपाटी अजमेर में पकडे गए वालिमोहम्मद एंड संस  के जुबेर के संपर्क में था और वह यहाँ के नामचीन लोगों को हथियारों के लाइसेंस बनवाने का काम करता था और बिच में लाखों रूपये रख लेता था २ से ढाई लाख रूपये जुबेर को देता जब की यहाँ से पांच से आठ लाख रूपये तक लेलेता था जिसमे फर्जी लाइसेंस और अवैध हथियार मुहय्या करवाता था। रविकांत त्रिपाटी के खुलासे के बाद १३ से यह संख्या ४० तक पहुच सकती है शहर में और भी फर्जी लाइसेंस और हथियार मिल सकते है।
 गौरतलब है कि रविकान्त का संघ में काफी रसूख है और वह गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया के करीबी रहे है कुछ समय पूर्व 100 फीट रोड पर बने त्रिपाठी के प्रोपर्टी ऑफिस का उदघाटन भी गृह मंत्री द्वारा किया गया था । इससे तो साबित होता है कि रविकांत की कटारिया के साथ संघ के लोगों से भी नजदिकियां थी। एटीएस की तफ्तीश में और कितने लोगों के नाम सामने आते है क्योंकि अवैध लाइसेंस बनाकर हथियार को रखना कहीं न कहीं जमीन व्यवसाय में गरीब मासूम, किसानों को डराने के काम में भी लिया गया हो ? ऐसे में अब एटीएस को चाहिए कि वह इन सभी आरोपियों के कारोबार की भी जांच करें और इनसे प्रताड़ित गरीबों की भी सुध ले क्योंकि उदयपुर में इतने कम समय मे रहकर करोडों की जमीनों का मालिक बनना साबित करता है कि इन सभी आरोपियों के पास या तो कोई अलादीन का चिराग था या इन्होंने इन अवैध हथियारों के बल पर मेवाड़ के लोगों की खून पसीने से कमाई जमीनों को बाहुबल से हथियाकर उन्हें रोड पर ला दिया।

हिन्दुस्तान ज़िंक यषद भवन में ग्रीन बिल्डिंग जागरूकता सत्र आयोजित

राजस्थान की एक मात्र सीआईआई आईजीबीसी प्लेटिनम रेटिंग ग्रीन बिल्डिंग

हिन्दुस्तान जिंक के यषद भवन में हिन्दुस्तान जिंक एवं इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल सीआईआई हैदराबाद द्वारा शुक्रवार को जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्धेष्य राजस्थान में ग्रीन बिल्डिंग हेतु जागरूकता लाना है। वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक का यषद भवन कन्फेडरषन आॅफ इण्डिया द्वारा आईजीबीसी ग्रीन एग्जिस्टिंग बिल्डिंग्स रेटिंग के लिए प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड से सम्मानित है। यह भवन हरा-भरा, जल क्षमता, ऊर्जा दक्षता, नवाचार, स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण, उत्कृष्ट प्रबन्धन एवं सुविधा युक्त है।
इस जागरूकता सत्र में मुख्य अतिथि नगरनिगम के महापौर चंद्र सिंह कोठारी ने हरित पर्यावरण की आवष्यकता और महत्व पर प्रकाष डालते हुए सरकार द्वारा इस हेतु चलाये जा रहे अभियान और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने हिन्दुस्तान जिं़क को बधाई देते हुए कहा कि उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिये कम्पनी का बहुत बडा योगदान रहा है। उन्होनें सभी का आव्हान करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिये आमजन का सहयोग आवष्यक है। उदयपुर नगर निगम, सौर उर्जा को बढावा देने के लिये सरकार द्वारा तय 30 प्रतिषत सब्सिडी के अतिरिक्त 10 प्रतिषत सब्सिडी दे रहा है जिसका सभी को लाभ लेना चाहिए ताकि सिमित संसाधनो का संरक्षण एवं विकल्प उपयोग में लिया जा सके।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड कार्पोरेट अफेयर्स प्रवीण जैन ने सभी का स्वागत करते हुए यषद भवन को सीआईआई-आईजीबीसी द्वारा सम्मानित करने के पहलुओं और पर्यावरण एवं अनुकूल वातावरण हेतु उठाएं गये कदमों के बारे मे जानकारी दी।

हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय को पूर्णरूप से ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया गया है और यह सौर ऊर्जा से संचालित है। हिन्दुस्तान जिंक के सभी परिसर एवं संयंत्रों में 13 लाख से अधिक वृक्षारोपण है। हिन्दुस्तान जिंक भारत का एकमात्र एवं दुनिया का अग्रणी जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी है जिसे सीआईआई-आईजीबीसी ने इस सम्मान से नवाजा है।
इस अवसर पर सीआईआई आईजीबीसी के काउंसलर ने कहा कि सरकार एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से आईजीबीसी देष में हरित भवन आंदोलन की अगुवाई कर रही है। वर्तमान में भारत में 4.66 अरब वर्ग फुट में 4,200 से ज्यादा बिल्डिंग आईजीबीसी में पंजीकृत है जो कि विष्व में दूसरा सबसे बडा स्थान रखता है।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि हरियाली के लिए उत्कृष्टकता एवं आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के साथ-साथ स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावारण हेतु उठाये गये प्रभावी उपायों की पालना प्रत्येक स्तर पर सुनिष्चित की जाती रही है। हिन्दुस्तान जिं़क ने सौर ऊर्जा परियोजना विस्तार के तहत 115 मेगावाट के प्लांट लगाने जा रहा है, जिसमें से 12 मेगावाट देबारी स्मेल्टर एवं 4 मेगावाट के प्लांट राजपुरा दरीबा काॅम्प्लेक्स में स्थापित किये जा चुके हैं।

उल्लेखनीय है हिन्दुस्तान जिंक के यषद भवन में इस परियोजना के तहत 27 प्रतिषत ऊर्जा की तथा 37 प्रतिषत पानी की बचत हुई है। भवन के अंदर ताजा हवा के लिए वेंटिलेषन सिस्टम स्थापित गया है। 100 किलोवाॅट अक्षय ऊर्जा की स्थापना की गई जिससे 162,000 यूनिट प्रतिवर्ष ऊर्जा पैदा हो रही है। ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए आॅनलाइन व्यवस्था है। भवन की सभी जगह बिजली, यूपीएस, वातानुकूलित, बाहरी बिजली उपकरणों सहित वाटर रिकार्ड के लिए मीटर्स स्थापित किये गये है।

हिन्दुस्तान जिं़क ने राजस्थान सरकार के साथ 20 मिलियन टन प्रतिदिन क्षमता वाले पहला प्राईवेट-पब्लिक पार्टनरषीप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया है जो कि उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रयास में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है । हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा अब 20 मिलियन टन से बढ़ाकर इसकी क्षमता 60 मिलियन टन की जा रही है। जिससे उदयपुर की झीलों में मल का प्रवाह कम होने लगा है तथा झीलों की सुन्दरता में भी प्रभाव दिखने लगा है।
हिन्दुस्तान जिं़क को खनन एवं धातु क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए विष्व प्रसिद्ध प्रतिष्ठत संस्था डाॅव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा किये गये मूल्यांकन के आधार पर 58 कंपनियों में से 82 प्रतिषत अंकों के साथ विष्व स्तर पर 11वां स्थान मिला है।

कार्यक्रम में यूसीसीआई के अध्यक्ष हंसराज चैधरी, आर्किटेक्ट अभिषेक पटेल, शहर के जाने माने डेवलपर्स, आर्किटेक्ट्स, कान्टेªक्टर्स, ग्रीन प्रोडक्ट मेन्यूफेक्चर्स, सरकारी अधिकारी एवं शैक्षिक संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित थे।