मनन बनी वीर साँवरकर पुरुस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम राजस्थानी महिला

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मनन चतुर्वेदी को मिला स्वातंत्र्यवीर साँवरकर राष्ट्रीय पुरस्कार ,

मनन चतुर्वेदी की सुरमन संस्थान को मिला वीर साँवरकर पुरुस्कार ,

उदयपुर . राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी (राज्यमंत्री) को महाराष्ट्र के पुणे में स्थित वीर साँवरकर मंडल पुणे द्वारासामाजिक क्षेत्र में किये गए अद्भुद कार्य को देखकर वीर साँवरकर मंडल द्वारा मनन चतुर्वेदी की संस्था “सुरमन संस्थान” को यह पुरस्कार मिला । यह पुरस्कार पहलीबार किसी राजस्थानी महिला और संस्था को प्राप्त हुआ है ।

मनन चतुर्वेदी विगत 20 वर्षों से लगातार अनाथ, असहाय, ओर गरीब बच्चों के पालन पोषण का कार्य बिना सरकारी सहायता के कर रही है । चतुर्वेदी ने 20 वर्षो के सफरमें संघर्ष पूर्ण जीवन के साथ ही इन बच्चों को पाला , बच्चों के पालन-पोषण के लिए मनन चतुर्वेदी ने थियटर, शार्ट मूवी, बोगेनवेलिया मैगजीन, ओर 24 घंटे , 72 घंटेतक लगातार खड़े रहकर , बिना खाना खाएं, बिना बैठे, बिना सोये हाथो से पेंटिंग बनाकर वर्तमान में 127 बच्चों का पालन पोषण कर रही है । ओर 570 बच्चों को उनकेमाता पिता से मिला चुकी है जो अपने माता पिता के साथ पुनर्वासित किया जा चुका है।

मनन चतुर्वेदी के इन संघर्ष को देखकर ही सम्पूर्ण भारत की अनेक संस्थाओ के भ्रमण ओर कार्यशैली तथा संघर्ष को देखकर ही महाराष्ट्र स्वातंत्र्यवीर साँवरकर मंडल पुणेद्वारा सुरमन संस्थान को इस पुरस्कार से नवाजा गया।

मुख्य अतिथि महाराष्ट्र सरकार के खेल , युवा कल्याण और सांस्कृतिक मंत्री  , श्री विनोद तावड़े , ओर पुणे महापौर सुभाष चुत्तर ने मनन चतुर्वेदी को वीर साँवरकरपुरुस्कार प्रदान किया ।

मनन चतुर्वेदी को पुरुस्कार मिलने की खुशी में राजस्थानी प्रवासी संघटनों ने मनन चतुर्वेदी के स्वागत में मिलन समारोह का आयोजन  किया गया।

सुरमन संस्थान को मिले पुरुस्कार की खुशी में मनन चतुर्वेदी ने बताया कि यह पुरुस्कार बच्चों के उस प्यार को मिला है जिसको बच्चों ने मुझे दिया और मुझे मां के रूपमें स्वीकार किया ।इसलिये यह पुरस्कार उन बच्चों को मिला है जो मेरे साथ मेरे बच्चे बनकर रह रहे है।

वीर साँवरकर मंडल ने मनन चतुर्वेदी के सामाजिक क्षेत्र में इस पवित्र सेवा भाव के लिए अपनी ओर से बधाई दी ।

बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ए की खुराक

उदयपुर। जिले में विटामिन ए का 33 वां चरण 30 मई 2017 से प्रांरभ होने जा रहा है। जो 30 जून 2017 तक चलाया जाएगा। इसके अन्तर्गत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को यह दवाई पिलाई जाएगी। जिले समेत सभी ब्लाकों के आंगनवाडी केन्द्र, उप0स्वा0केन्द्र, प्रा0स्वा0केन्द्र , सामु0स्वा0केन्द्र, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल पर विटामिन ए की खुराक पिलाई जायेगी।
आरसीएचओ डां अशोक आदित्य ने बताया कि विटामिन ए की यह खुराक बच्चों को 6 माह के अन्तराल से पिलाई जाती है विटामिन ए आखों की बीमाारीयों जैसे रतौधी अंधता से बचाव के साथ बच्चों में शारिरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्वि के लिये भी आवष्यक है, विटामिन ए देने से बच्चों में दस्त एवं निमोनिया आदि बीमारीयों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है। डा आदित्य ने कहा कि विटामिन ए 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों कि मृत्युदर में भी कमी लाता है। कार्यक्रम के दौरान 1 से 5 साल तक के बच्चों को आंगनवाडी कार्यकत्र्ता, आंगनवाडी केन्द्र के बच्चों को विटामिन ए की 2 एम.एल. खुराक पिलाती है एवं 9 माह के बच्चों को जिन्हें मिजल्स के साथ विटामिन ए नहीं दी गयी है को विटामिन ए की 1 ए.एन.एम. खुराक पिलाती है। तथा जिन स्थानों पर आंगनवाडी केन्द्र नही है वहां ए.एन.एम. 1 से 5 साल के बच्चों को यह खुराक देती है। शहरी क्षैत्र में चिकित्सा विभाग ने प्राईवेट विद्यालयों एवं अस्पताल के द्वारा भी विटामिन ए पिलाई जाने हेतु व्यवस्था की है।

शेफ विक्रम की बेकरी और स्नेक्स की क्लास 29 से शुरू – महिलाओं में खासा उत्साह

उदयपुर। उदयपुर के मशहूर शेफ विक्रम माधवानी शहर वासियों के लिए एक बेहतरीन मौका लेकर आये है। शेफ विक्रम माधवानी तीन दिन की कार्यशाला के दौरान वे बेकरी आइटम और स्नेक्स बनाना सिखायेगें। विक्रम के साथ में होंगी शेफ निर्मला।
शोभागपुरा 100 फिट रोड पर अशोका पैलेस में २९ मई से ३१ मई तक तीन दिन की वर्क शॉप आयोजित की जारही है। सुबह 11 से 2 बजे तक की इस वर्क शॉप में तीनों दिन अलग अलग बेकरी आइटम और स्नेक्स बनाने की कला को शेफ विक्रम माधवानी और शेफ निर्मला द्वारा सिखाया जाएगा। विक्रम माधवानी ने बताया कि हमारे घर में हर तरह की रेसिपी बनाने की चीजे होती है। जो स्वादिष्ट व्यंजन हम बाज़ारों में देखते है वह हम घर पर भी बना सकते है अगर जरूरत है तो बस ज्ञान की। शेफ विक्रम माधवानी का मानना है की ज्ञान हमेशा बांटने से बढ़ता है और इसी वजह से छोटी सी फीस ले कर तीन दिन की कार्यशाला आयोजित कर विभिन्न प्रकार के बेकरी और स्नेक्स के आइटम बनाना सिखाया जाएगा। विक्रम ने बताया की सिखाने के दौरान जितना भी बनाने का सामान वह हमारी तरफ से ही लगाया जाएगा। सीखने वाले को कुछ भी साथ में नेह लाना है। विक्रम ने बताया की इन तीन दिनों में विभिन्न प्रकार के केक, पेटिस, और कई प्रकार के स्नेक्स बनाना सिखाये जायेगें। विक्रम माधवानी शहर के जाने माने शेफ में से एक है और यही वजह है कि तीन दिन की कार्यशाला के लिए काफी लोग ख़ास कर महिलाएं काफी उत्साहित है। कार्यशाला में रजिस्ट्रेशन के लिए देहली गेट स्थित अशोका बेकरी से फ़ार्म लेकर वही पर भर कर देना होगा। सिमित साइट होने से पहले आओ पहले पाओ की सुविधा है।

सांवलिया जी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉली पलटी, 11 की मौत

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चितौड़। चितौडग़ढ़ में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया है। सांवलिया जी से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा ट्रेक्टर ट्राली पलट गया। जिसमें करीब 11 लोगों की मौत हो गई है, कई घायल हो गए। मृतकों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल है। घायलों को तुरंत नजदीक ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ थाने के कांचा  खंडेरिया से करीब 25-30 लोग ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर सांवलिया सेठ के दर्शन करने के लिए गुरुवार सुबह 6.30 बजे गांव से निकले थे। दोपहर नयागांव के समीप कानका फंटा पर अचानक टै्रक्टर ट्रॉली का टायर फट गया। टायर फटने से ट्रॉली पटल गई। अचानक हुए हादसे से किसी की कुछ समझ में आता तब तक ट्रॉली के नीचे दबने से मौके पर ही 11 लोगों की मौत हो गई।

नीमच एसडीएम आदित्य शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि हादसा ट्रैक्टर ट्रॉली का टायर फटने से हुआ है। हादसे में ट्रॉली के नीचे बदने से 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में 22 लोग घायल हुए हैं जिनका जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। हादसे के संबध में नीचम कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को भी जानकारी दे दी है।

मृतको के नाम 

1. मोहनलाल पिता गोवेर्धन जाट 30 वर्ष निवासी खंडेरिया काचर

2. नीलेश पिता घनश्याम बलाई 5 वर्ष निवासी सदर

3. दीपक पिता मदनलाल बलाई

4. वर्षा पिता श्यामू बलाई 3 वर्ष

5. लोकेश पिता जगदीश लुहार

6. मथरी बाई पत्नी शिवनारायण लुहार 40 वर्ष

7. भागु बाई

8. भगुड़ी भाई

9. भंवरी बाई

10 -कारी बाई

11-मांगू बाई

क्या गुनाह किया जिला प्रमुख ने- यहाँ नेता यहाँ आता साइकिल पर लेकिन जाता है BMW का मालिक बन कर।

उदयपुर। पिछले दो दिन से उदयपुर जिला प्रमुख के बीपीएल होने की समाचार छप, सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट वायरल हो रहा है। विरोधियों ने है तोबा मचाई हुई है जिला प्रमुख को कुर्सी से हटाने और त्यागने तक की बात हो रही है। प्रमुख जी की पार्टी के कद्दावर नेता भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। अधिकारियों ने अपनी वफादारी निभाते हुए प्रमुख जी नाम तुरत फुरत में बीपीएल सूचि से हटा दिया। कोई बात नहीं हमको भी बुरा नहीं लगा और वैसे भी बुरा लगे भी तो किस बात का।
जो जिला प्रमुख जनता की सेवा के लिए चुन कर आये थे और चुने जाने के पहले बीपीएल यानी गरीबी रेखा के भी निचे थे , जिनके पास एक साइकिल तक नहीं थी जिनके घर कच्चे केलुपोश बिना सुख सुविधा के थे उनकी संम्पत्ति के बारे में मौजूदा हालात जानने की कोशिश किसी ने की है? नहीं की और जरूरत भी नहीं। क्यों कि जिसको हमने जनता की सेवा के लिए चुन कर भेजा है अब उसका कुछ हक़ तो बनता है कि तीन साल में इतना कुछ तो कर ले की अगली सात पीढ़ी तक बीपीएल ना रहे।
और ये हाल सिर्फ किसी एक जिला प्रमुख के नहीं है। सबके सब हमारे प्यारे भाइयों और बहिनों के जनप्रतिनिधियों के है। आते है साइकिल पर और जाते है बीएमडब्ल्यू में। जब आते है तो इनके बच्चे की स्कूल की फीस तक देने के लाले होते है लेकिन जाते है तो वो ही बच्चे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और जाने कौन कौन सी विदेशी यूनिवर्सिटियों में लाखों रुपये की पढ़ाई करते है। कभी इस बारे में किसी ने सवाल किया है ?
नहीं किया है क्यों कि हम भी मान बैठे है की ये सब के सब इनका हक़ है। इन जन प्रतिनिधियों की सेलेरी १० से २० हज़ार होती है लेकिन ५ साल में ये एक से पांच हज़ार करोड़ के आसामी बन जाते है। शहर के पॉश इलाकों में इनके बंगले बन जाते है। होटल और फ़ार्म हाउस के मालिक बन जाते है। आते है लंगोट में और पांच साल में ही जाते है १० लखिया सूट पहन कर। ये बात में किसी एक पार्टी के जन प्रतिनिधियों की नहीं कर रहा हु हर पार्टी के जन प्रतिनिधि चुन कर आने वाले जनप्रतिनिधि की बात हो रही है। अरे एक वार्ड का पार्षद ही एक बार में अपना जीवन सफल बना लेता है।
खेर इन बातों से हमे कोई फर्क नहीं पड़ता हमे तो तमाशा देखने की आदत हो गयी है और तमाशा देखने वाले कभी सवाल नहीं करते। जिनको हमारे इशारों पर नाचना था आज हम उनके इशारों पर नाचते है या फिर हाथ जोड़ कर उनके दरबार में सिर्फ उनकी एक नज़र पढ़ने का इंतज़ार करते है।
और अब सिर्फ जिला प्रमुख के बीपीएल में नाम होने पर है तोबा मचा रहे है। कभी आरटीआई में नगर निगम से बीपीएल की सूचि निकलवा कर देखो , कभी उन सूचि की असलियत जा कर देखो , पता चलेगा की कैसे कैसे बीपीएल भरे पड़े है। जिला प्रमुख जी आप फ़िक्र मत करो जो समझ में आये वो करो , आलाकमान से भी कोई ऑब्जेक्शन नहीं नहीं क्यों के सभी को एक ही थाली में खाना भी है और खिलाना भी है। यकीं मानो आपको कोई कुछ नहीं कहेगा। आपसे तो कोई यह भी नहीं पूछेगा पांच साल बाद की भाई आखिर १३००० सेलेरी में ऐसी कोनसी जादू की छड़ी घुमाई जो बीपीएल से वीवीआईपी वाले ठाठ जन्म जन्मांतर हो गए। आप तो बस लगे रहो। कुछ तो लोग कहेगे लोगों का काम है कहना छोड़ो बेकार की बातों में कही बीत ना जाए बचे हुए दीना।

स्वर्गीय श्रीमान् बी. चैधरी को भावभीनी श्रद्धांजलि

उदयपुर। 22 मई को हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड के केन्द्रीय कार्यालय श्रमिक संघ द्वारा यशद भवन में श्रमिक संरक्षक, कर्तव्यनिष्ठ, श्रमसंघ की प्रतिमूर्ति, श्रमिकों के मसीहा एवं विख्यात् मजदूर नेता स्व. बी. चैधरी की 22वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर श्रमिक संघ के एम.के. लोढ़ा एवं एम.के. दीक्षित ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्व. बी. चैधरी ने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रमिकों के हितों के लिए समर्पित कर दिया और उन्होंने बताया कि स्व. श्री चैधरी हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड ही नहीं वरन् सम्पूर्ण राजस्थान एवं इस क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों के विकास में अग्रणी रहे और उन्होंने श्रमिक हितों के लिए जीवनपर्यन्त कार्य किया एवं प्रतिभागी प्रबन्धन की एक अनूठी मिसाल कायम की है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है और आज भी स्व. बी. चैधरी के मार्गदर्शन, श्रमदर्शन, औद्योगिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। स्व. श्री. बी. चैधरी ने मजदूर हितों की रक्षा के अलावा क्षेत्र में सामाजिक कार्य भी किये जिसमें अस्पताल एवं बधिर विद्यालय आदि के उत्थान में तन, मन, एवं धन से सहयोग प्रदान किया। गोष्ठी में उनके द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की गई तथा उपरोक्त परम्परा को जारी रखने का सर्वसम्मति से आह्वान किया।

इस अवसर पर हिन्दुस्तान ज़िंक के सह-उपाध्यक्ष (एच.आर.) श्री संजय शर्मा, कम्पनी सचिव, श्री आर. पण्डवाल, सह-महाप्रबन्घक (एच.आर.) श्रीमती सूमा पोण्डवाल ने श्रमिक नेता स्व. बी. चैधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर केन्द्रीय कार्यालय श्रमिक संघ के पदाधिकारी सर्वश्री एम.के. लोढ़ा, एम.के. दीक्षित, दिलीप शर्मा, पंकज कुमार शर्मा, नारायणलाल शर्मा, राजेन्द्र कुमार अय्यर, नरेन्द्र कुमार भादविया, चन्द्र प्रकाष गन्धर्व एवं सभी वर्तमान में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी हिम्मत लाल नागदा, प्यारे लाल सालवी, नन्दलाल अग्रवाल, भंवर भारती, के.एम. बाबेल एवं अधिकारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किये ।

हिन्दुस्तान जिंक के शिक्षा संबंल कार्यक्रम से जुडे 800 विद्यार्थी

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चलायें जा रहे षिक्षा संबंल कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण षिविरों में पंतनगर, उत्तराखण्ड सहित राज्य के 5 जिलों उदयपुर, राजसमंद, चित्तौडगढ़, भीलवाड़ा, अजमेर के 800 से अधिक बच्चें उत्साह से भाग ले रहे है। इन प्रषिक्षण षिविरों में बच्चों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों के साथ ही शारीरिक, खेलकूद, बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियां से जोडकर उनके सर्वागिंण विकास की और अग्रसर किया जा रहा है।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा विद्या भवन सोसायटी उदयपुर के सहयोग से सोमवार को विद्याभवन आॅडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण षिविर की औपचारिक शुरूआत की गयी। 15 मई से 17 जून तक आयोजित होने इस आवासिय प्रषिक्षण षिविर में 200 से अधिक बच्चें भाग ले रहे है। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा जावर, दरिबा, देबारी चित्तौडगढ़, आगूचा, और कायड में इसी प्रकार के आयोजित षिविरों में 600 से अधिक बच्चें लाभान्वित हो रहे है।
षिक्षा संबंल कार्यक्रम के तहत् हिन्दुस्तान जिंक द्वारा 10वीं कक्षा से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सरकारी विद्यालयों में जहा पद रिक्त है विज्ञान, गणित एवं अंगे्रजी के विषयध्यापकों द्वारा षिक्षा दी जा रही हैं। इस वर्ष 7 स्थानों पर आयोजित किये जा रहे ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण षिविरों में छात्राओं की संख्या 50 प्रतिषत से अधिक है जो कि हिन्दुस्तान जिं़क के प्रति छात्राओं के अभिभावकों के विष्वास को दर्षाता हैं। इस आवासिय प्रषिक्षण षिविर में 10वीं कक्षा में इस वर्ष प्रवेष लेने वाले विद्यार्थियों को विषेषज्ञ अध्यापकों द्वारा अध्यापन कराया जा रहा है जिससे वे इन विषयों के बारें में सामान्य जानकारी को रूचिकर तरिकों से सीख सकें।
ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण षिविर में पंतनगर, उत्तराखण्ड से आयी 10 वीं कक्षा की छात्रा रूपा ने षिविर में पढ़ाई के साथ साथ योगा और सांस्कृतिक गतिविधी को बहुउपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उसमें आत्मविष्वास की वृद्धि हुई है।
आगूचा,भीलवाड़ा से आयी छात्रा अनिता रेगर ने कहा कि वह पिछलें वर्ष इस कैम्प में भाग ले चूकि है और इस बार वह कैप्टन के बतौर दूसरे बच्चों की हर गतिविधी में मदद करने और स्वयं भी नयी जानकारी सिखनें के लिये आकर बहुत खुष है।

इसी तरह चित्तौडगढ़ से आये जमनेष, देबारी से आये कुषाल गायरी, झाडोल से राजेन्द्र कुमार ने षिविर में आने और सीखने के प्रति उत्साह दिखाया।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान ज़िंक सदैव आगे बढ़कर ग्रामीण बच्चों के संपूर्ण विकास के लिये आगे आता रहा है षिक्षा संबंल कार्यक्रम के तहत् अध्यापन में अभाव महसूस कर रहे बच्चों के लिये 10 वर्षो से लाभान्वित किया जा रहा है व हमें बेहद खुषी है कि हजारो बच्चे इसका लाभ उठा चुके है। ग्रीष्मकलीन प्रषिक्षण षिविरों में षिक्षण के साथ ही कौषल, व्यवहार तथा अन्य गतिविधियों जैसे खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमो से बच्चों में व्यक्तिगत और षिक्षात्मक सुधार होगा।
कार्यक्रम में वेदान्ता सीएसआर हेड श्रीमती निलिमा खेतान, विद्या भवन के सह उपाध्यक्ष भगवत बाबेल, मुख्य संचालक सूरज जैकब, प्रोफेसर रमाकान्त अग्निहोत्री, वरिष्ठ सदस्य कमल महेन्द्रु, विद्या भवन संघ की अध्यक्ष पुष्पा शर्मा, हिन्दुस्तान जिं़क दरीबा के सीएसआर अधिकारी एसएन टेलर ने संबोधित कर विद्यार्थियों को उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में हिन्दुस्तान ज़िंक की सभी ईकाईयों के सीएसआर अधिकारी सहित छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित थें।

फेसबुक पर फ्रैंड बना दिया झांसा, आपत्तिजनक फोटो खींच करता रहा ब्लैकमेल

उदयपुर.भीलवाड़ा की विवाहिता को फेसबुक फ्रेंड बना कर नौकरी दिलाने के बहाने दुष्कर्म करने और मोबाइल फोन से आपत्तिजनक फोटो खींच कर वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक देह शोषण करने के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी सोमवार को जिला एवं सेशन जज की अदालत ने खारिज कर दी। वल्लभनगर क्षेत्र के बाठेड़ा खुर्द निवासी अभियुक्त जीवन सिंह पुत्र राम सिंह झाला की अग्रिम जमानत की अर्जी रद्द की गई।
– अभियुक्त ने जीवन राज के नाम से फेसबुक रिक्वेस्ट भेज कर भीलवाड़ा निवासी एक विवाहिता को फांस लिया था जो पति से अनबन हो जाने से पीहर में रहती थी।
– फेसबुक फ्रेंड बनने के बाद युवती ने अभियुक्त से नौकरी दिलाने का आग्रह किया था। अभियुक्त ने चित्रकूट नगर स्थित एक होटल में रिसेप्शनिस्ट बनवाने के बहाने उदयपुर बुला कर दुष्कर्म किया था।
– हाइवे स्थित एक होटल में आपत्तिजनक फोटो खींच कर वायरल करने की धमकी दे लंबे समय तक दुष्कर्म करता रहा। पिछले दिनों उसने युवती से विवाह करने से मना करके अन्य युवती से विवाह करने की तैयारी शुरू कर दी थी। पता चलने पर विवाहिता ने सुखेर थाने में दुष्कर्म ब्लैकमेल करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

सुखाड़िया रंगमच की फाल सीलिंग गिरने के पीछे विदेशी ताकतों की साजिश- सीबीआई से जांच की मांग

उदयपुर। सुखाड़िया रंगमंच की फाल सीलिंग पिछली रात गिर गयी और इसका गिरना महज़ एक इत्तफाक या गुणवत्ता में कमी नहीं है। यह एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा है, जो मौजूदा मौजूदा मेयर चंदर सिंह कोठारी और राज्य के गृहमंत्री, शहर विधायक श्री गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ उनके विरोधियों ने रची है। यही नहीं इसमें विदेशी ताकतों का हाथ भी लगता है। चाइना, पाकिस्तानी, तालिबानी और आईएसआई का हाथ होने का भी अंदेशा हमारे दूरदर्शी महाज्ञानी अधिकारियों को है। चन्दर सिंह कोठारी और श्री कटारिया विरोधियों ने पुरे षड्यंत्र के तहत विदेशी ताकतों के साथ मिल कर इस साजिश को अंजाम दिया है।
फाल सीलिंग की गुणवत्ता में कही कोई कमी नहीं थी इस सीलिंग को बाहुबली, कटप्पा और भल्लालदेव मिल कर भी नहीं तोड़ सकते थे। यह फाल सीलिंग माहेष्मती के अभेद किले की तरह थी। इसको बनाने में कोई कमी नहीं रखी गयी थी। इस फाल सीलिंग को बनाने में पुरे दो साल का वक़्त लगा था। इसमें कही भी किसी तरह का कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ था। प्लास्टर ऑफ पेरिस के एक एक ब्लॉक को भल्लालदेव की गदा से तोड़ तोड़ कर देखा गया था। एक बार तो भल्लालदेव की गदा क्षतिग्रस्त हो गयी लेकिन फाल सीलिंग के ब्लॉक का बाल भी बांका नहीं हुआ। हमारे निकाय के अधिकारी और काम करने वाले ठेकेदार इतने मेहनती और ईमानदार है कि फाल सीलिंग गिरने का कारण इनकी लापरवाही गुणवत्ता या भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना कटप्पा की वफादारी पर शक करने जैसा है।
हमे तो इस बात का शक है कि विरोधियों ने इस फाल सीलिंग को परमाणु बम की सहायता से रातो रात उड़ाया है और किसी को कानो कान भनक नहीं लगी। कोई विदेशी षड्यंत्रकारी चुपके से नगरनिगम में घुसा निगम की छत पर पहुंचा और ड्रिल मशीन से छत में छेद किया और फाल सीलिंग में “फुसकी परमाणु बम” लगा दिया। परिणाम स्वरुप बम तो फटा लेकिन आवाज़ नहीं हुई क्यों की विशेष तरह का :फुसकी परमाणु बम पिछले दो सालों से सिर्फ इस फाल सीलिंग को गिराने के लिए तैयार करवाया जारहा था। जिस फाल सीलिंग को बाहुबली, भल्लालदेव व् कटप्पा मिल कर भी नहीं तोड़ पाए वो फाल सीलिंग फुसकी बम से धरधराती हुई गिर गयी।
महापौर श्री कोठारी जी और निगम के अधिकारियों को इस मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए। केंद्र को लिख कर दिया जाना चहिये मैं तो कहता हु सुखाड़िया रंगमंच पर सेना को तैनात करदेना चाहिए।
वैसे ही पिछले कई समय से महापौर चंद्र सिंह कोठारी को महापौर की कुर्सी से हटाने और गृहमंत्री के खिलाफ विरोधियों की खूब साजिश हो रही है। इसकी चर्चा सत्ता पक्ष के गलियारे में ही काफी गरम है। लेकिन विरोधी इतनी बड़ी साजिश रच कर विदेशी ताकतों को साथ में लेकर फाल सीलिंग गिराने जैसा कृत्य करेगें यह सपने में भी नहीं सोचा था। नगर निगम के अधिकारियों की दाद देना चाहेगें की उन्होंने इस साजिश का पलक झपकते ही पता लगा लिया। अब बस इस साजिश की आधिकारिक सीबीआई से जांच की जानी चाहिए। उदयपुर की जनता अधिकारियों और महापौर जी का समर्थन करती है। चाहे कोई भी घटिया से घटिया निर्माण गिरे हम मिल कर साजिश होने का आरोप लगायेगें। हमारा आम जनता का पैसा ऐसे ही बर्बाद होना चाहिए वैसे भी हमारे पास पड़ा पड़ा क्या काम आएगा। बेचारे अधिकारी और नेता लोगों के इतने बड़े बड़े बंगले मकान फ़ार्म हाउस ना जाने क्या क्या है वहां क्या भाटे भरेगें। साथियों तुम लूटते रहो हम लुटने को तैयार है।

                                                                                                       just PUNCH only

“उदयपुरवाले” बना हुआ है उदयपुर वालों की धड़कन

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया

उदयपुर । मज़रूह सुलतान पूरी के इस शेर को सार्थक किया सोशल मिडिया एक्सपर्ट ज़हीर अब्बास ने। दो साल पहले एक अच्छी और नेक सोच के साथ ज़हीर अब्बास ने फेसबुक ग्रुप “उदयपुरवाले” शुरू किया था, बिना किसी निजी फायदे के सिर्फ लोगों की आपस में जोड़ने और सहायता के लिए उदयपुर वाले की शुरू आत की गयी थी। अच्छी नियत से शुरू किया गया यह ग्रुप कुछ ही दिनों में उदयपुर वालों के बिच मशहूर होना शुरू हो गया। ज़हीर की सोच थी कि हर आम आदमी के पास कई एसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ होती है जो दूसरों के काम आ सकती लेकिन हर आदमी की पहुच शहर के अन्य लोगों तक नहीं होती है यही नहीं कई बार लोगों को कुछ जरूरतें होती है, जिसके लिए लोग इधर उधर भटकते है,

ज़हीर अब्बास , उदयपुरवाले के संस्थापक

अगर ऐसा कोई प्लेटफोर्म हो जहाँ पर आम शहरी अपनी जरूरत अपनी समस्या साझा करे तो उसका उसको फायदा हर एक को मिल सकता है। यही सोच ने उदयपुरवाले को बड़ा बना दिया। ज़हीर अब्बास ने खुद से शुरू किया ग्रुप आज 70 हज़ार से ज्यादा लोगों का ग्रुप बन चुका है, यहाँ हर रोज़ लोगों की कई समस्याओं का समाधान होता है। यही नहीं कई बार तो किसी दुर्घटना की जानकारी और खून की जरूरत पड़ने पर तुरंत लोगों को सहायता भी मिल जाती है। यहाँ पर लोग अपनी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी समस्याओं को साझा करते है और मिनटों में उसका समाधान भी मिल जाता है। इस ग्रुप में शहर के हर तबके के लोग जुड़े हुए है। बिना भेदभाव के यह ग्रुप आपसी सोहार्द की भी एक मिसाल बना हुआ है जहाँ बिना भेदभाव बिना जात पात के हर जरूरतमंद की मदद हो जाती है। यहाँ ना कोई अमीर है ना गरीब ना कोई बड़ा है ना छोटा। कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी है जो इस ग्रुप से जुड़े हुए है और इसको बराबर फोलो करते है जहाँ पर लगता है कि कसी को उनकी जरूरत है तो वे अपना यहाँ योगदान देने से भी नहीं चुकते।
इस ग्रुप को सफलता से चलाने का श्रेय ज़हीर की उम्दा सोच को जाता है। उनकी नज़र उदयपुर वाले में होने वाली हर पोस्ट पर रहती है। यहाँ कोई भड़काऊ पोस्ट कोई धार्मिक पोस्ट या एसी कोई पोस्ट नहीं मिल सकती जो किसी की भावना को आहात करे। हर वक़्त नज़र में रहने के कारण कभी कोई एसी पोस्ट या कमेन्ट कर भी देता है तो उसको तुरंत हटा दिया जाता है साथ ही पोस्ट करने वाले को भी ब्लोक कर दिया जाता है। हर जुड़ने वाले की पूरी प्रोफाइल चेक कर ग्रुप में जोड़ा जाता है। आम लोगों के लिए यह हर वक़्त खुला है लेकिन अपना विज्ञापन करने वालों के लिए एक दिन फिक्स किया गया है। ज़हीर ने इस ग्रुप में रहने और इसमे पोस्ट डालने के कुछ नियम बना रखे है जो हर उदयपुरवाले को फोलो करने पड़ते है।
दो साल में अब यह ग्रुप शहर के हर खासो आम के दिल में विश्वास और अपनी ख़ास जगह बना चुका है। विशेष सोच के चलते ज़हीर अब्बास ने बताया कि दो साल का जश्न उदयपुर वाले मना रहा है जिसमे कई तरह की प्रतियोगिताएं रखी गयी है। ज़हीर बताते है कि इस प्रतियोगिता के लिए प्रायोजक और लाखों के इनाम देने वाले खुद आगे चल कर आये है उदयपुर वाले को प्रमोट करने।