नीलामी में खुले आम जान से मारने की धमकी

एलआईसी द्वारा सीज इमारत की नीलामी बोली का मामला, एलआईसी मैनेजर और वकील को दी जान से मारने की धमकी, एक वाहन जब्त

bhupal pura thana

उदयपुर। एलआईसी द्वारा सीज इमारत की नीलामी बोली में किसी अन्य को शामिल करने पर एलआईसी मैनेजर और वकील को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भूपालपुरा पुलिस ने इस मामले में शामिल १३ आरोपियों को गिरफ्तार करके एक वाहन जब्त किया है। पता चला है कि इस नीलामी बोली में एक माफिया ग्रुप किसी अन्य को शामिल नहीं होने देना चाहता था और ऐसा करने पर इस गिरोह के बदमाशों ने एलआईसी मैनेजर और वकील को जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार एलआईसी द्वारा सीज की हुई भूमि और दो मंजिला भवन की नीलामी की निविदा पिछले दिनों निकाली गई थी, जिसकी नीलामी आज सुबह सरदारपुरा स्थित एलआईसी के ऑफिस में 11 बजे से शुरू होनी थी। नीलामी के लिए हिरणमगरी सेक्टर चार के वैशाली नगर निवासी भैंरोसिंह और अरविन्द पाटिया द्वारा एलआईसी के एरिया मैनेजर गौरांग मंगल और अधिवक्ता आरके भार्गव को कुछ दिनों से फोन पर धमकियां दी जा रही थी। अरविन्द पाटिया ने मैनेजर गौरांग और अधिवक्ता भार्गव को धमकाते हुए कहा था कि उक्त संपत्ति के लिए निविदा फार्म चार लाख के ड्राफ्ट सहित अरविंद के नाम से जमा करवा दिया है। अब यह संपत्ति वही खरीदेगा, उसके अलावा किसी और को नीलामी की सूचना दी, तो गोली मार देंगे।

इस मामले में मैनेजर गौरांग मंगल ने भूपालपूरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी और नीलामी प्रक्रिया को निर्बाध रूप से पूरी करवाने के लिए सुरक्षा मांगी थी। आज तय समय पर नीलामी शुरू हुई जहां पर अरविंद पाटिया सहित 13 लोग पहुंचे। नीलामी स्थल पर मौजूद भूपालपूरा पुलिस ने पाटिया सहित सभी 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवकों में कई पर पूर्व में भी धमकाने और जमीनों से जुड़े मुकदमें चल रहे हैं। इस मामले से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों में महालक्ष्मी अपार्टमेंट, पाठों की मगरी निवासी रघुवीरसिंह, बनैड़ा, भीलवाड़ा निवासी दिनेश सुहालका, मालदास स्ट्रीट निवासी यशवंत टेलर, मल्लातलाई निवासी अमजद बैग मिर्जा, ओड़ बस्ती निवासी मांगीलाल चौहान, हरिजन बस्ती, अंबामाता निवासी जीवन हरिजन, चमनपुरा निवासी जगदीश, अंबामाता निवासी राकेश खटीक, दक्षिणी सुंदरवास निवासी यशपाल राजपूत, पाटिया, खेरोदा निवासी पर्वतसिंह पुत्र हरिसिंह राठौड़, अरविंदसिंह राठौड़ शामिल है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

फतह सागर पर लडकियों की दिनदहाड़े शराब पार्टी

girls-Beer-party-on-Fateh-Sagar-1

उदयपुर। शहर के पर्यटन स्थलों पर इन दिनों सरेआम बेखौफ शराब पार्टियां हो रही है। कल रविवार को फतहसागर की पाल पर सरेआम कुछ युवतियां और एक युवक बीयर पीते देखे गए, जिससे ये बात और भी पुष्ट हो जाती है कि पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है।

कल फतहसागर की पाल पर चल रही बीयर पार्टी की कुछ तस्वीरें कैमरे में कैद की है, जिसमें सरेआम युवतियां और युवक हाथों में बीयर लेकर पाल पर बैठे नजर आए। इसी तरह शहर के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी रोजाना शराब पार्टियां आयोजित होती है, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है, जिससे शहर का माहौल बिगड़ा हुआ है। रविवार दोपहर  फतहसागर पर तीन युवतियां अपने पुरुष मित्र के साथ हाथों में बीयर लेकर डेढ़ घंटे तक हुड़दंग करती रही। सरेआम बियर पीती रही। इस दौरान ना तो कोई पुलिसकर्मी आया और ना ही उन्हें किसी ने रोका या टोका।

girls-Beer-party-on-Fateh-Sagar-3

सड़क किनारे कारों में लग जाते हैं बार : शहर के फतहसागर सहित दूधतलाई, पीछोला के आसपास और अन्य सुनसान इलाकों में सड़क किनारे कारें लगाकर कार में ही बार खुल जाते हैं। ऐसे कई शराबी देखे गए हैं, जो यूनिवरसिटी से सौ फीट रोड, सौभागपुरा से भुवाणा रोड और सौभागपुरा से एम्बिशन होटल रोड पर कारें सड़क किनारे लगाकर शराब पार्टियां करते हैं। चित्रकूटनगर मेें खेलगांव के आसपास की सड़कों पर शराबी सरेआम हुड़दंग मचाते देखे जा सकते हैं।

girls-Beer-party-on-Fateh-Sagar

पिछले कई दिनों से रोज कार्रवाई की जा रही है। कल भी पाल पर बैठकर बीयर पीते हुए दो युवकों पर कार्रवाई की गई। इसके पहले भी करवाई हो रही है। शाम छह बजे से देर रात तक पुलिस गश्त रहती है। ऐसी शराब पार्टियों के बारे में जनता को भी पुलिस का सहयोग करना चाहिए। पुलिस को सूचित करते ही कार्रवाई की जाएगी।

-राजेंद्र जैन, थानाधिकारी अंबामाता

अब भाजपा विधायक ने विधान सभा में लगाया “आज़ादी” का नारा

0
उदयपुर। आज़ादी चाहने का एक नारा जेएनयू में लगा था और एक नारा शुक्रवार को विधान सभा में सागवाड़ा विधायक sagawara MLA anita katara अनिता कटारा ने आज़ादी का नारा अपनी ही साकार के खिलाफ बुलंद कर दिया । विधान सभा में अनिता कटारा ने “वी वांट फ्रीडम” “वी वांट फ्रीडम” का नारा लगाते हुए वागड़ को अफसर शाही से आज़ादी दिलाने की मांग कर डाली। अनिता कटारा ने विधान सभा में  नियम 295 के तहत विचार व्यक्त करते हुए वागड़ क्षेत्र में  हावी अफसरशाही और मौताणा-डायन प्रथा पर तीखा प्रहार करते हुए वागड़ अंचल को वेदनाओं और दुखों से आज़ादी दिलाने की बात प्रभावी तरीके से रखी।
शुक्रवार को विधान सभा में कई विधायकों ने अपने ही सरकार के मंत्रियों को आड़े हाथों लिया था । इन सब के बीच सागवाड़ा विधायक अनिता कटारा ने वी वांट फ्रीडम का नारा लगाते हुए संसद में सनसनी फैला दी एक बार तो सदन में मौजूद जान प्रतिनिधि और मंत्री सकते में आगये। हर एक के दिमाग में एक बार तो जेएनयू में कन्हैया कुमार द्वारा लगाया गया  आज़ादी का नारा घूम गया। अनिता कटारा ने अपनी बात कहते हुए कहा कि आजादी के बाद अब तक वागड़ अंचल को वेदनाओं और दुखों से मुक्ति नहीं मिली है। समाज की बुराइयों और उस पर हावी अफसरशाही से वागड़ अंचल आजादी चाहता है। यहां गरीबी, बेरोजगारी के साथ ही डायन और मौताणा प्रथा आमजन के विकास में बाधक बने हुए हैं। अनिता कटारा ने अफसर शाही के सिस्टम पर प्रहार करते हुए कहा कि बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिलों में अधिकांश लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं और दिनोंदिन यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। सरकार की योजनाएं भी बदस्तूर जारी है और उन पर सरकार से स्वीकृत पूरी-पूरी राशि भी व्यय हो रही है। लेकिन, क्षेत्र की सूरत नहीं बदल रही है और सरकार तक इन योजनाओं की झूठी तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने सदन को बताया कि वर्ष 2005 में डूंगरपुर जिले में लागू हुई नरेगा योजना का 11 सालों के बाद भी सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को लाभ नहीं मिल पाया हैं। उन्होंने प्रभारीमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए कहा कि बैठक में एक विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र की दस पंचायतों के नाम गिनाते हुए इन पंचायतों में पिछले वर्ष भर में नरेगा में एक भी काम स्वीकृत नहीं होने का मुद्दा उठाया था। जिस पर संबंधित अफसरों ने वस्तुस्थिति जांच कर बताने के नाम पर बैठक में ही लीपापोती कर दी थी। जिले के आला अफसरों ने अपनी इस कमी पर कार्यवाही नहीं की। नरेगा के इस मामले पर विधानसभाध्यक्ष ने पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल को जवाब देने को कहा तो मंत्री गोयल ने जांच करवाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने को आश्वस्त किया। विधायक कटारा के इन वक्तव्यों का सदन ने मेजे थपथपाकर स्वागत किया वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने भी इसकी प्रशंसा की।

आखिर क्यों बहुत सी शादीशुदा महिलाएं देती हैं गैर मर्दों को एंट्री!

 

extra_storysize_650_042414121530

POST. मैरिड लाइफ में मैच्योर महिलाएं आखिर क्यों अपनी लाइफ में पसंद करती हैं गैर मर्दों का आना और करती हैं पति से चीटिंग…

1- सेक्सुअल रिलेशन में सेटिस्फाई नहीं होना इसका एक बड़ा कारण है कि महिलाएं गैर मर्दों के प्रति आकर्षित होती हैं और उनके साथ रिलेशन बनाने को गलत नहीं मानती। यही कारण है एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर बढ़ते जा रहे हैं। दरअसल इंडियन वाइफ इस बात को अपने पति से खुलकर नहीं कह पाती और दूसरा विकल्प तलाशने लगती हैं।

2- अकेलापन और लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के कारण भी मैरिड वुमन की लाइफ में पति से भी ज्यादा महत्वपूर्ण कई पुरुष हो जाते हैं। चाहे जरूरत के चलते या फिर अकेलापन मिटाने के चलते। ऐसे में इमोश्नल रिलेशन कब फिजिकल रिलेशन में बदल जाता है, उन्हें खुद को पता नहीं चलता और यह उन्हें गिल्टी भी फील नहीं कराता।

3- आपसी अनबन के कारण भी इंडियन कपल रिश्तों में धोखा देते हैं। महिलाएं लगातार ऐसी परिस्थिति झेलते-झेलते पति से चीटिंग कर बैठती हैं और देती हैं अपनी लाइफ में गैर मर्दों को एंट्री।

Extra-marital-affairs-590217

4- बेमेल शादियां भी इसका बड़ा कारण है। भारत में बेमेल विवाह खूब होते हैं। जबरन बिना राय लिए माता-पिता शादी कर देते हैं, खासतौर पर लड़कियों के साथ ऐसा ज्यादा होता है। ऐसे में वकिंग प्लेस पर किसी से दोस्ती होने पर महिलाओं को लगता है कि वह ही उनका सोलमेट। ऐसे में पति को साइड करने में वे गुरेज नहीं करती।

5- उम्र का गैप होने के कारण भी कपल्स के बीच किसी तीसरे की एंट्री हो जाती है। ऐसे में पति का अफेयर भी किसी अन्य महिला से हो जाता है।

6- पैसे और शोहरत के लिए भी बहुत सी शादीशुदा महिलाएं अपने पति को धोखा देती हैं। हैरत की बात यह है कि वे इसे धोखा नहीं मानतीं। वे इसे गलत भी नहीं मानतीं।

मेवाड़ राज घराने के संपत्ति विवाद में नया मोड़

0

फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट के जज ने स्वीकारा आतिथ्य

page8_3

उदयपुर। मेवाड़ राजपरिवार के सदस्यों के बीच उच्चतम न्यायालय में चल रहे संपदा विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब उसी न्यायालय के जज रंजन गोगाई के खिलाफ यह कहकर मुख्य न्यायाधीश के यहां आपत्ति दर्ज करवाई गई कि सुनवाई कर रहे जज ने पिछले साल उदयपुर में विवादित संपदा पर ही अरविंदसिंह मेवाड़ का आतिथ्य स्वीकार किया था, लिहाजा उन्हें प्रकरण से हटा दिया जाना चाहिए। अरविंदसिंह इस प्रकरण में प्रतिवादी है।
यह आपत्ति पूर्व महाराणा भगवतसिंह की पुत्री और महेंद्रसिंह मेवाड़ तथा अरविंदसिंह मेवाड़ की बहन श्रीमती योगेश्वरी कुमारी के वकील मृणाल कांति मंडल की ओर से पेश की गई है। मुख्य न्यायाधीश ने पिछले सप्ताह ही इस प्रकरण को देख लेने को कहा है। सालों से विवादित राजपरिवार की इस संपदा में कुछ समय पूर्व ही योगेश्वरी कुमारी भी यह कहते हुए एक पक्षकार बनी थी कि राजपरिवार की पुत्री होने के नाते वो भी इस संपदा की एक हिस्सेदार है। इससे पूर्व दोनों भाइयों में ही संपदा विवाद चल रहा था। प्रकरण उच्चतम न्यायालय की उस पीठ में विचाराधीन हैं, जहां रंजन गोगोई जज है। पिछले साल वो उदयपुर की यात्रा पर आए थे। उनकी यात्रा को लेकर “एटरनल मेवाड़” की वेबसाइट पर विशेष Untitled-1अतिथियों के पेज पर फोटो अपलोड किए गए थे, जिसमें अरविंदसिंह के पुत्र लक्ष्यराजसिंह मेवाड़़ उनको बुके भेंट करते दिखाई पड़ रहे हैं। लक्ष्यराज इस विवादित कंपनी लेक श्योर पेलेस होटल प्रा.लि. के निदेशक बताए गए है। एक फोटो में गोगोई अपनी पत्नी के साथ पेलेस में मौजूद है। उनके सम्मान में विवादित संपदाओं जगमंदिर, लेक पैलेस आदि पर हुए भव्य भोज में अरविंदसिंह मौजूद रहे बताएं। योगेश्वरी कुमारी की ओर से पहले तो संबंधित बेंच में ही आपत्ति की गई थी, जिसे लेकर जज नाराज हो गए और उल्टा वकील के खिलाफ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए बार कौंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिख दिया। बार ने तब वकील को नोटिस भी जारी कर दिया। उसके बाद वकील ने मुख्य न्यायाधीश के यहां गुहार लगाई, जहां अभी कोई आदेश पारित नहीं हुआ है।
आमतौर पर यह देखा गया है कि किसी प्रकरण में जज को यह लगता है कि उनकी मौजूदगी से प्रकरण प्रभावित हो सकता है तो जज खुद ही केस से “एक्सेप्सन” ले लेते हैं, यानी कि वे प्रकरण से अलग हो जाते हैं, लेकिन यह एक ऐसा मामला है, जिसमें जज के ही खिलाफ उनकी ही कोर्ट में आपत्ति की गई हैं कि वे खुद प्रकरण से अलग हो जाए तो न्यायिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। राजपरिवार की इस विवादित संपदा को लेकर इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में महेंद्रसिंह मेवाड़ की ओर से भी होती रही है। एक बार महेंद्रसिंह मेवाड़ ने अरविंदसिंह के बुलावे पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभादेवी सिंह पाटील के पैलेस आगमन पर भी विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने श्रीमती पाटील को पत्र लिखकर सावचेत करने का प्रयास किया था कि वे इस विवादित संपदा पर न आए तो अच्छा रहेगा क्योंकि प्रकरण उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन में है और उनके आने से इस विवादित प्रकरण पर असर पड़ेगा। फिर भी श्रीमती पाटील पैलेस गई थीं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राजपरिवार के ज्येष्ट पुत्र महेंद्रसिंह पैलेस के नीचे समोरबाग में ही रहते हंै, जबकि उनसे छोटे अरविंदसिंह पैलेस के गैर व्यावसासिक हिस्से में रहते हैं, जो न्यायिक विवादों में है।

फिल्ड क्लब के चुनाव शुरू

field-club-mainउदयपुर। शहर के संम्पन्न धनाढ्य वर्ग के समूह का जाना माना क्लब “फिल्ड क्लब” के चुनाव २७ मार्च को होंगे। आज से नामांकन दाखिल करने की प्रर्किया शुरू हुई है। क्लब के सेक्रेटरी उपाध्क्ष और कोषाध्क्ष व् कार्यकारणी सदस्यों के चुनाव होने है।
चुनाव अधिकारी सीएम कच्छावा ने बताया कि फिल्ड क्लब के चुनाव २७ मार्च को होंगे जिसके लिए चुनाव प्रक्रिया मंगलवार से फ़ार्म जारी करने के साथ शुरू हो चुकी है। सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और कार्यकारणी सदस्यों के लिए नामांकन आज से जमा होना शुरू होगये है जो १९ मार्च तक जमा किये जाएगे। २० मार्च को शाम छह बजे तक फ़ार्म की जांच की जाएगी २१ को नाम वापसी के बाद अंतिम नामों की लिस्ट जारी की जायेगी। 27 मार्च को दोपहर 10 से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 27 को शाम 5.30 से होगी। चुनाव परिणाम रात्रि में प्राप्त होंगे। कच्छावा ने बताया की अभी तक सेक्रेटरी पद के लिए गुरप्रीत सोनी, मनीष नलवाया, आनंद गुप्ता, टीनू मण्डावत फ़ार्म ले जा चुके है । उपाध्यक्ष के लिए जसमीत पावा, कर्तव्य शुक्ला, राकेश चोरडिया, और सुरेश तथा कोषाध्क्ष के लिए दिनेश अग्रवाल, अनिश धिंग और अब्बास अमिन ने फ़ार्म लिया है। मैदान में कौन कौन है यह फ़ार्म जमा होने के बाद ही पता चलेगा। कच्छावा ने बताए की इन पदों के अलावा सात कार्यकारणी सदस्यों के चुनाव भी होंगे।

कोर्ट में तोड़ फोड़ करने पर अधिवक्ता को किया बार से बाहर

IMG_5934उदयपुर । कोर्ट परिसर में बीती रात को कांफ्रेंस हॉल के कांच तोड़े जाने के बाद आरोपी बार एसोसिएशन पूर्व सचिव कैलाश भारद्वाज को बार की सदस्यता से निष्काषित करदिया गया। इधर पुलिस ने रात में ही भारद्वाज के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया था।
उदयपुर बार एसोसिएशन अध्यक्ष भरत जोशी ने बताया कि रात को शराब पी कर पूर्व सचिव कैलाश भारद्वाज ने कॉन्फ्रेंस हॉल की खिलकियों के कांच तोड़ दिए थी। जो की शर्मनाक घटना है इस पर आज बार एसोसिएशन की बैठक बुलाकर अधिवक्ता कैलाश भारद्वाज को बार एसोसिएशन से निष्काषित करने का निर्णय लिया गया । किसी भी अधिवक्ता द्वारा इस तरह की हरकत मान्य नहीं है। जानकारी के अनुसार कोर्ट परिसर में कॉन्फ्रेंस हॉल के नीचे लिटिगेंट सेल है। इसकी पार्किंग में कुछ अधिवक्ताओं जबरन कब्जा किया हुआ था। इस बात को लेकर कोर्ट और वकीलों में विवाद चल रहा था। बुधवार दोपहर डीजे ने निर्देश जारी कर लिटिगेंट सेल से वकीलों का कब्जा खाली करा दिया और वकीलों को स्थाई लोक अदालत की छत पर बैठने के लिए कहा। बार एसोसिएशन वकीलों के लिए छत पर शेड बनाकर बैठने की व्यवस्था करनी थी। कब्जा खाली करने को लेकर बार एसोसिएशन की पिछली कार्यकारिणी के कुछ सदस्यों में नाराजगी थी। विरोध प्रदर्शित करने के लिए कुछ वकीलों ने रात को कॉन्फ्रेंस हॉल के कांच तोड़ दिए।

25 सालों में कांग्रेस ने ही कांग्रेस को निपटाया है – अब एक हुए तो निपटेगें कई कटारिया

20160316233951

उदयपुर। शहर जिला कांग्रेस के नए कार्यालय का आज शुभारम्भ हुआ जिसमे पहली बार शहर जिला कांग्रेस के सभी गुट एक ही पंडाल और एक ही मंच पर नज़र आये। एक साथ आने की बात को मंच पर बैठे हर कांग्रेसी नेता ने अपने उद्बोधन में कहा। पिछले तीन सालों से कांग्रेस का कार्यालय पूर्व शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया के घर में दुर्गा नर्सरी रोड पर ही चल रहा था जिसका कई नेता और कार्यकर्ताओं को नागवार गुजर रहा था।
गोपाल शर्मा के शहर जिलाध्यक्ष चुने जाने के बाद उनका यह पहला कदम सकारात्मक सन्देश दे रहा है । आज ८१ पंचवटी में कांग्रेस कार्यालय का उदघाटन हुआ। जिसमे कांग्रेस के बिखरे अलग अलग धड़े के सभी नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। कांग्रेस के हर छोटे बड़े नेता ने इस बात को नोटिस करते हुए कह दिया कि इस तरह हम एक रहे तो अगली सरकार हमारी है। जहाँ कार्यक्रम में पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का पूर्व सांसद गिरजा व्यास ने माला पगड़ी पाना कर स्वागत सम्मान किया तो युवाओं को भी पूरी तवज्जो दी गयी । कार्यक्रम के दौरान आयोजित सभा में पूर्व सांसद गिरिजा व्यास ने भी अब गुटबाजी पर विराम लगाने के आव्हान के साथ यह भी कहा की अगली सरकार निश्चित हमारी होगी लेकिन अभी इस फेर में नहीं उलझे की मुख्यमंत्री कौन होगा। चुनाव जितने के बाद तय होता है की मुख्य मंत्री कौन होगा। केके शर्मा ने कहा कि आज सबको एक साथ देख कर ख़ुशी हो रही है । पिछले २५ सालों में कांग्रेस ने ही कांग्रेस को निपटाया है। पूर्व प्रतिपक्ष नेता दिनेश श्रीमाली का कहना था कि लम्बे समय बाद आज हम सब एक साथ एक मंच पर मौजूद है और ये अच्छे संकेत है । ब्लॉक अध्यक्ष मुजीब सिद्दीकी ने कहा कि इतने सालों में जो नहीं हुआ वो आज हुआ है। आने वाला वक़्त अच्छा होगा। वीरेंद्र वैष्णव ने नीलिमा सुखाड़िया की तरफ से चुटकी लेते हुए कहा कि आज ऐसा लग रहा है जैसे बेटी अपने पिता का से वापस अपने घर में आई है। वैष्णव ने कहा कि जब कांग्रेस एक जुट हो जाती है तो एक नहीं कई कटारिया निपट जाते है और आनेवाला समय अब ऐसा ही होगा। वैष्णव नीलिमा सुखाड़िया के कार्यकाल में हमेशा विरोध में रहे और उन्होंने कांग्रेस कार्यालय के नीलिमा के घर होने का विरोध किया था।

20160316232223

कार्यक्रम में नए कार्यालय के निर्माण के लिए भी चर्चा हुई और सबसे सहयोग की अपील की गयी कई नेताओं ने सहयोग करने की घोषणा भी की गयी । हालाँकि कार्यालय के लिए निर्माण में सहयोग के लिए पहले भी ३० लाख की घोषणा कांग्रेसी नेता करचुके है लेकिन वो केवल घोषणाएं ही साबित हुई किसी ने घोषणा पूरी नहीं की।
कार्यक्रम में नव निर्वाचित अध्यक्ष गोपाल शर्मा , पूर्व सांसद गिरजा व्यास, रघुवीर मीणा, पूर्व विधायक सज्जन कटारा, त्रिलोक पुरविया, गजेन्द्र शक्तावत, पूर्व अध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया, ब्लॉक अध्यक्ष मुजीब सिद्दीकी, पुराण मेनारिया, वीरेंद्र वैषणव, पूर्व प्रतिपक्ष नेता दिनेश श्रीमाली , शराफत खान, प्रदेश सचिव पंकज शर्मा सहित कई नेता कार्यकर्ता मौजूद थे ।

हिन्दुस्तान जिंक को सतत् विकास (सस्टेनेब्लिटी) के क्षेत्र में भारत की श्रेष्ठ दस कंपनियों में प्रमाणित

DSC_6074aa copy

उदयपुर। सीआईआई-आईटीसी द्वारा स्थापित सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर सस्टेनेबल डवलपमेंट ने पर्यावरण, सामाजिक विकास एवं निगमित के क्षेत्र में कार्य कर रही 100 अग्रणीय कंपनियों को परखा। इन 100 कंपनियों को 20 अलग-अलग क्षेत्रों में से चुना गया था। इन सभी कंपनियों के बारें में विभिन्न सूत्रों से जानकारी प्राप्त की गई जिससे इन कंपनियों के कार्यों को पर्यावरण, सुरक्षा, सामाजिक विकास एवं निगमित क्षेत्र में परखा जा सके।
वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को पर्यावरण, सुरक्षा, सामाजिक विकास एवं निगमित क्षेत्र में अग्रणीय कार्य करने के लिए भारत की श्रेष्ठ दस कंपनियों में प्रमाणित किया गया है।
इस प्रमाण के साथ ही हिन्दुस्तान जिं़क अब सस्टेनेबल प्लस प्लेटिनम का चिह्न अपने विभिन्न प्रकाषनों में लगा पाएगा जिससे कंपनी की मान्यता व गुणवत्ता पर और अधिक सार्थक प्रभाव पडे़गा।
हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने बताया कि सीआईआई-आईटीसी द्वारा स्थापित सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर सस्टेनेबल डवलपमेंट की प्रमाणिक्ता हिन्दुस्तान जिंक के पर्यावरण, सुरक्षा, सामाजिक विकास एवं निगमित के क्षे़त्र में निरन्तर प्रयासों को प्रमाणित करती है। हिन्दुस्तान जिंक का मानना है कि उद्योगों का सार्थक प्रभाव समाज पर पूर्ण रूप से पड़ना चाहिए।

सीआईआई-आईटीसी द्वारा स्थापित सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर सस्टेनेबल डवलपमेंट की एग्जीक्यूटीव डायरेक्टर सीमा अरोड़ा ने कहा कि वेदान्ता पर्यावरण, सुरक्षा, सामाजिक विकास एवं निगमित क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।

ट्राफिक पुलिस से परेशान होकर ऑटो चालक ने पुलिस चोकी में ही खाया जहर

suicidepoison_0

उदयपुर. ट्रैफिक पुलिस से परेशान ऑटो चालक ने मंगलवार दोपहर पुलिस चौकी में आकर जहर खा लिया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने चालकों को एमबी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ऑटो चालक भी अस्पताल पहुंच गए। जहंा पर ट्रैफिक पुलिस को लेकर चालकों में जबर्दस्त गुस्सा है। थोड़ी देर में आला अधिकारी भी पहुंच गए। जानकारी के अनुसार रेवती स्टैंड आवरी माता निवासी हेमराज सेंगर मंगलवार सुबह ऑटो लेकर घर से निकला। दोपहर करीब 1 बजे देहली गेट से गुजरते समय टै्रफिक पुलिस ने उसे रोका और चालान काट दिया। इसके बाद वहां से चला तो उदयापोल के पास भी टै्रफिक पुलिस ने रोका और चालान काटने लगे। इसका उसने विरोध किया और बोला कि अभी तो देहलीगेट के पास पुलिस ने चालान काटा है। बावजूद पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। इस पर वह उदयापोल पुलिस चौकी गया, जहां उसने शिकायत की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वह निकला और पास में ही मेडिकल स्टोर से सल्फास खरीदा। पुलिस चौकी पहुंचा, जहां पुलिसकर्मियों के सामने ही उसने जहर खा लिया। यह नजारा देख वहां अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने उसे एमबी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ऑटो चालक अस्पताल पहुंच गए। जहां पर उन्होंने टै्रफिक पुलिस पर आए दिन बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। टै्रफिक पुलिस  के उत्पीडऩ को लेकर चालकों में आक्रोश है। सूचना मिलने पर एएसपी समेत तमाम आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने चालकों को शांत कराया।