ये है जेल के अंदर का सच – उदयपुर की सेन्ट्रल जेल है अपराधियों की ऐशगाह

जेल प्रबंधन पर रुपए लेकर ऐश उपलब्ध कराने के लगे संगीन आरोप, रुपए नहीं देने पर कर दिया जाता है कैदियों का ट्रांसफर, कैदियों के पास है एड्राइड मोबाइल।

 उदयपुर जेल के अंदर अपराधी हाथों में मोबाइल लिए हुए

उदयपुर जेल के अंदर अपराधी हाथों में मोबाइल लिए हुए

उदयपुर। उदयपुर केंद्रीय कारागृह हार्डकोर अपराधियों के लिए जेल नहीं, बल्कि ऐशगाह है। इस बात को साबित करती हुई कुछ तस्वीरें मिली है, जिनमें जेल की बैरक में कैदियों की “दारू पार्टियां” चलती दिखाई पड़ रही है। साथ ही हार्डकोर कैदियों के हाथों में एंड्रॉयड मोबाइल फोन हैं, जिससे वे अंदर होते हुए भी बाहर लोगों को धमकियां देने के साथ ही तमाम गैर कानूनी कामों को अंजाम दे रहे हैं।
स्थानीय सांध्य दैनिक एकबार “मददगार” ने अपने पूर्व में उदयपुर केेंद्रीय कारागृह के “सींखचों का सच” उजागर किया था, जिसमें “जेल में चरस पार्टी, शराब पार्टी, सट्टा” सहित अन्य ऐश-अय्याशी को उजागर किया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने कुछ सख्ती बरती, लेकिन उसके बाद फिर से जेल में सारे गैर कानूनी काम शुरू हो गए। सूत्रों का कहना है कि udaipur central jail 1कैदियों को जेल के भीतर ऐश-अय्याशी का सारा सामान उपलब्ध हो जाता है और उसके लिए बस कैदियों को मोटी रकम देने पड़ती है और यह रकम वे मोबाइल फोन के जरिये बाहर लोगों को धमका कर मंगाते हैं, जो अंत में जेल अधिकारियों तक पहुंचती है। एक तरह से ये हार्डकोर अपराधी जेल में बैठकर अधिकारियों की जेबें भरने का काम कर रहे हैं और अधिकारियों ने जेल के भीतर ही इन अपराधियों का एक अपराध तंत्र खड़ा कर दिया है, जिसके जरिये अधिकारियों की मोटी कमाई हो रही है।
ऐसे पहुंचता है सामान :
जेल में हार्डकोर अपराधी अपने लिए शराब, चरस, गांजा और मांस-मच्छी तक मंगवा सकते हैं। इसके लिए कुछ कैदी है, जो अधिकारियों से मिले हुए हैं और वे अधिकारियों को मोटी रकम देकर ये सारा सामान जेल के भीतर मंगवा लेते हैं। ये सारा सामान जेल की चाक-चौबंद सुरक्षा बदोबस्त के बीच से गुजरता है। पता चला है कि जेल में अगर शराब की बोतल या मांस-मच्छी चाहिए, तो करीब २५ से तीस हजार रुपए तक रिश्वत के रूप में पहुंचानी पड़ती है। इसी तरह अन्य सारे सामान को अंदर ले जाने और रखने के लिए राशि तय है, जो जेल प्रबंधन तक पहुंचाने पर सभी सुविधाएं भीतर उपलब्ध हो जाती है।

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जेल के भीतर भी गेंगवार :
हाल ही जेल में हुआ एक ताजा मामला सामने आया है। जेल में दो गिरोह हैं। एक सज्जाद सराड़ी का और दूसरा दिलीपनाथ का। यहां दो अपराधी है जयपुर निवासी राजवीर, जो कोटा जेल से ट्रांसफर होकर आया है और दूसरा लोकेश पालीवाल, जो चित्तौड़ जेल से आया है। दोनों पहले दोस्त थे और इनके इशारे पर बाहर इनके गुर्गे चोरियां, नकबजनी और अन्य वारदातों को अंजाम रकम इन तक पहुंचाते है, लेकिन बाद में दोनों के बीच रुपयों के लेन-देने को लेकर बात बिगड़ गई। यह मामला था करीब १४ लाख ७५ हजार का। इस विवाद को लेकर राजवीर पहुंचा दिलीपनाथ के पास और लोकेश पालीवाल पहुंचा सज्जाद सराड़ी के पास। दिलीपनाथ ने दोनों के बीच कंप्रोमाइज करवा दिया और आपस में रुपए का लेन-देन हो गया। इसकी भनक जब जेल प्रशासन को लगी, तो अधिकारियों ने उससे दो लाख रुपए की मांग की, लेकिन दिलीपनाथ ने यह राशि देने से इनकार कर दिया। इसलिए उसका कल बांसवाड़ा जेल में ट्रांसफर कर दिया।

जेल के अंदर सेल्फि
जेल के अंदर सेल्फि

रिश्वत लेते महिला पटवारी व साथी गिरफ्तार

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उदयपुर. मावली तहसील के लोपड़ा पटवार मंडल की पटवारी कमलेश मीणा व इसके साथी लोकेश मीणा को 8 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया। आरोपितों ने रिश्वत की ये राशि जमीन के नामांतरण खुलवाने की एवज में ली थी।

 एसीबी उपाधीक्षक राजीव जोशी ने बताया कि वारणी मावली निवासी गोवर्धन गुर्जर ने लोपड़ा पटवारी कमलेश मीणा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि वारणी में उसके नाम जमीन है जिसका नामांतरण खुलवाने के लिए वह पटवारी नेड़ी गंगापुर-सवाईमाधोपुर निवासी पटवारी कमलेश मीणा से मिला था। 
पटवारी क पास लोपड़ा के अलावा बडिय़ार व वारणी गांव का भी अतिरिक्त प्रभार था। पटवारी से मिलने पर उसने 15 हजार रुपए रिश्वत मांगी और 3 हजार रुपए उसने हाथोंहाथ दे दिए। सत्यापन पुष्टि के दौरान परिवादी ने 8 हजार रुपए की राशि पटवारी के परिचित लोकेश मीणा को दी। उसी समयय  एसीबी ने पटवारी व उसके सहयोगी को पकड़ लिया

मादा पेंथर ने तड़प तड़प कर देदी जान

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उदयपुर। राजसमंद जिले के देवगढ़ से लायी गयी घायल मादा पेंथर ने सोमवार को तड़प तड़प कर अपनी जान देदी। सर में लगे घावों की वेदना इतनी थी की पेंथर सह नहीं सकी और गुलाब बाग़ में आज सुबह उसने दम तोड़ दिया। मादा पेंथर का पोस्टमार्टम कर सज्जन गढ़ अभ्यारण में जलाया गया।
पिछले दिनों मादा पेंथर को राजसमन्द जिले के देवगढ़ के जंगलों से घायल अवस्था में गुलाब बाग़ में लाया गया था। वन कर्मियों को पेंथर देवगढ़ के जंगलों में घायल अवस्था में ही मिली थी । उसके सर में चोट के निशान थे। घाव पुराना होने से उसमे कीड़े पड़ गए थे। गुलाब बाग़ में डॉक्टरों द्वारा उसका इलाज लगातार किया जारहा था, लेकिन घाव की वेदना और दर्द इतना था कि पेंथर निढाल ही पड़ी रहती थी। मुह से दहाड़ की जगह बिल्कुल खामोशी थी। ऐसे ही तड़प तड़प कर आज सुबह उसने जान देदी। वन अधिकारियों का कहना है कि घाव पुराना और गहरा था। दो पेंथर की आपसी संघर्ष या गिराने से चोट का कारण भी हो सकता है। मादा पेंथर का पोस्टमार्टम कर सज्जनगढ़ अभ्यारण में वज अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम सस्कार कर दिया गया।

बिजली विभाग ने काटा कनेक्शन तो पूर्व सरपंच बोला “जान से मार दूंगा”

threateningउदयपुर। ऋषभदेव कसबे के किकावत गाँव में सरपंच पति व् पूर्व सरपंच द्वारा बिजली विभाग के कर्मचारी को मोबाइल पर गालिया देने और अपशब्द कह जानसे मारने की धमकी का मामला सामने आया है। बिजली विभाग ने पूर्व सरपंच का हज़ारों रुपये का बिजली का बिल बकाया होने की स्थिति में कनेक्शन काट दिया था ।
ऋषभ देव कसबे के बिलख गाँव के पूर्व सरपंच बालू राम मीणा ने कल बिजली विभाग के लाइन मेन मनोज कुमार को उनके घर व् कृषि का बिजली कनेक्शन काटे जाने पर मोबाइल पर गालिया दी और जान से मारने लिए धमकाया। बाद में ऋषभदेव थाने में बिजली विभाग के एईएन विनोद कुमार ने रिपोर्ट दी है। लाइन मेन को धमकाए जाने की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सोपी है । पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार पूर्व सरपंच बालू राम मीणा ने पिछले कई सालों से बिजली का बिल जमा नहीं करवाया है। बालूराम पर घर के बिल का ५७ हज़ार रुपये बकाया है और पिछला ४३ हज़ार रुपया बाकी है । कई बार नोटिस देने के बावजूद भी इन्होने अपनी दबंगई दिखाते हुए बिजली का बिल जमा नहीं करवाया। बालू राम मीणा पहले खुद सरपंच थे अब उनकी पत्नी सरपंच है और इसी का जोर लगाते हुए हमेशा बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को धमकाते रहे। कल भी जब लाइन मेन मनोज कुमार कनेक्शन काट गया तो उन्होंने मनोज के मोबाइल पर कॉल कर खूब गालिया दी और जान से मार देने तक की धमकी दे डाली। एईइन विनोद कुमार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से ना तो कृषि का बिल जमा करवाया था ना ही घर की बिजली का बिल जमा करवाया था । इधर बिजली विभाग से रिकवरी करने के आदेश है।

ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं ट्रावेल्स और एयर कंपनी वालों की मची ऐ लूट

13ONGOLE_PAGE_3_RU_2694691gउदयपुर । होली पर घर जाने वाले लोगों को ट्रेनों में कंफर्म टिकट तो नहीं मिला ऊपर से निजी बस ट्रावेल्स वालों ने भी नियमों को दरकिनार करते हुए किराय में व्यद्धि कर दी है यही नहीं एयरलाइंस ने भी किराये में बढ़ोत्तरी कर दी है। होली के 10 दिन रहे हैं और ट्रेनों में वेटिंग बढ़ती जा रही है।
उदयपुर से जयपुर देहली, इंदौर, मुंबई, कोलकाता, आदि जाने वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। ट्रैन के यात्री एजेंटों के चक्कर लगा रहे है और कन्फर्म टिकिट करवाने के लिए डेड गुना पैसे तक देने को तैयार है । इधर निजी बस ट्रावेल्स वालों ने जयपुर अहमदाबाद मुंबई देहली पुणे आदि के टिकिटों में भारी वृद्धि कर दी है । उदयपुर के आसपास गाॉवों के कई ग्रामीण गुजरात और महाराष्ट्र में काम काज के लिए जाते है। ये ग्रामीण अक्सर होली पर अपने घर लौटते है । ऐसे में ट्रावेल्स वाले इन लोगों से वापसी में जम कर लूटते है। जहाँ अहमदाबाद का किराया १५० से २०० रुपये है वही होली के दिनों में ४०० से ६०० रुपये तक वसूले जा रहे है । सूरत मुंबई और पुणे के तो १२०० से १८०० तक टिकिट किराया वसूला जारहा है।
एयरलाइंस भी पीछे नहीं है और इस मौके का फायदा उठाने पर आमादा है। किराये में 50 फीसदी बढ़ोत्तरी कर दी है। उदयपुर से मुंबई, दिल्ली जयपुर सहित अन्य जगह पर जाने वाली फ्लाइटों के किराये में बढ़ोत्तरी हुई है। जहाँ टिकिट ३ से ४ हज़ार के बीच उपलब्ध थी यही टिकिट ६ से ८ हज़ार में मिल रही है ।

गृहमंत्री की मौजूदगी में श्रीश्री रविशंकर ने कहा, ‘जय हिंद-पाकिस्तान जिंदाबाद’!

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अध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर की संस्था ‘आर्ट आॅफ लिविंग’ की ओर से दिल्‍ली में यमुना तट पर आयोजित ‘विश्व संस्कृति महोत्सव’ में शनिवार को कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई कुछ देर के लिए आश्चर्य में पड़ गया।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीश्री रविशंकर ने मंच पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ‘जय हिंद और पाकिस्तान जिंदाबाद’ का उद्घोष किया।

श्रीश्री रविशंकर के इस नारे को सुनकर वहां मौजूद लोग हैरत में पड़ गए, हालांकि श्रीश्री रविशंकर ने इस नारे के पीछे अपनी मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘जय हिंद और पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा एक साथ क्यों नहीं लग सकता? इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद पाकिस्तान के मुफ्ती मोहम्मद सईद खान ने सहिष्णुता के मुद्दे पर अपने विचार प्रकट किए।

अध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर ने भारत और पाकिस्तान को आतंकवाद से मिलकर लड़ने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पा​किस्तान स्वयं आतंकवा का दंश झेल रहा है, ऐसे में भारत तथा पाकिस्तान एक साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ें तो इस दिशा में काफी तरक्की कर सकते हैं, ऐसा होने पर ‘जय हिंद’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ भी एक साथ कहा जा सकता है।

श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि यह दोनों पक्षों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा आगे बढने और दूसरों को आगे बढते हुए देखने पर यकीन करना चाहिए।

रॉयल राज विलास : भूमाफिया और अफसर मिलकर डकार गए सैंकड़ो करोड़

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उदयपुर। नगर विकास प्रन्यास और बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से शोभागपुरा में ‘रॉयल राज विलास’ नामक काम्पलैक्स के जरिए अरबों रुपए की हेराफेरी व धोखाधड़ी की गई है। पता चला है कि इस काम्पलैक्स में कुछ बड़े अफसरों के फ्लैट भी है, जो न्यूनतम ७५ लाख रुपए की कीमत से शुरू हो रहे हैं। इस गड़बड़झाले के लिए उदयपुर इंटरटेनमेंट वल्र्ड प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई गई, जिसे यूआईटी ने दो लाख, ५१ हजार ३८५ वर्ग फुट का व्यावसायिक पट्टा जारी किया। कंपनी ने उक्त अनुमति के विपरीत ९० फीसदी भूभाग में आवासीय फ्लैट बनवा दिए, जिनके निर्माण को नहीं रोका गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भू-भाग पर मल्टीप्लेक्स, होटल, सिनेमा, शॉपिंग मॉल ही बनाए जाने की स्वीकृति थी, लेकिन अफसरों को ‘आब्लाइज’ करने के लिए आवासीय काम्पलैक्स का निर्माण इस प्लान में शामिल कर लिया गया, जिससे ‘मॉनीटरिंग एजेंसी’ (इंस्पेक्टर्स) की इस ‘अनदेखी’ की भी भारी कीमत चुकाई गई। पता चला है कि इस सारे प्रोजेक्ट में नरसिंह द्वारा मीठाराम मंदिर की जमीन को कंपनी ने अपनी जमीन बताकर अफसरों की मिलीभगत से दो तरफ सड़क और एक तरफ सर्किल सरकारी खर्च से बनवा दिया। जबकि उक्त भूमि को न तो अवाप्त किया गया, न ही उसका मुआवजा चुकाया गया। इस प्रकार देवस्थान की जमीन को कानून का उल्लंघन करते हुए भू-माफिया ने अफसरों के साथ मिलकर हड़प लिया। यूआईटी ने यह आबंटन १७ दिसंबर, २००९ तथा व्यावसायिक लीज डीड १४ जनवरी, २०१० को जारी की। दोनों ही गैर काननूी है।

इस मामले में भू-माफिया और अफसरों की मिलीभगत एकल पट्टा जारी करने से भी सामने आती है। कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए संपूर्ण क्षेत्र (दो लाख ५१ हजार ३८५ वर्गफुट ) का एकल पट्टा जारी किया, जबकि केवल ६० प्रतिशत भूमि का पट्टा ही देने का प्रावधान है। सारे मामले की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि नगर वकास प्रन्यास ने एक आदेश जारी कर कंपनी की जमाशुदा राशि ३५ लाख नौ हजार ३९० रुपए वापस लौटा दी। बहाना यह बनाया गया कि कंपनी को सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन योजना की छूट का लाभ दिया गया है। यह मिलीभगत का सबसे बड़ा उदाहरण है। और तो और सबसे पहली आवश्यकता इंवायरमेंट क्लीयरेंस आज तक प्राप्त नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त सामने ६० फुट व पीछे ३० फुट सेटबैक भी नहीं छोड़ा गया है। बताया गया है कि एकल पट्टे की योजना में २० वर्ष के भीतर एलआईजी के २४ फ्लेट्स और ईडब्ल्यूएस के २४ फ्लेट्स, यानी ४८ फ्लेट्स का निर्माण करना अनिवार्य है लेकिन उक्त प्रावधानों की पालना नहीं करके गैर कानूनी कार्य किया गया है। ज्ञातव्य है कि इस प्रोजेक्ट में फ्लेट की विक्रय कीमत ७५ लाख रुपए से शुरू हो रही है।

बताया गया है कि नगर विकास प्रन्यास द्वारा जारी एकल पट्टा योजना के तहत आवेदनकर्ता को कई शर्तों की पालना शामिल है, जिनमें खातेदारी भूमि पर स्वयं के खर्चे से सड़क, सीवरेज, पानी, बिजली, नाली की व्यवस्था करनी होती है। लेकिन नगर विकास प्रन्यास ने कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए मंदिर की भूमि पर सड़कें और सर्किल बनाने में जनता के करोड़ों रुपए खर्च कर भारी भ्रष्टाचार किया है। इस सारे प्रकरण में सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में भी हेराफेरी कर कूटरचना की गई है, जो कि लायक फौजदारी मामला है। इस तरह से यूआईटी के अधिकारियों और भू-माफियाओं ने मिलकर रॉयल राज विलास नामक इस कॉम्पलैक्स के नाम पर काफी बड़ा फ्रॉड रचा है।

‘सखी’ राजस्थान की ग्रामीण उद्यमी महिलाओं का एक प्रतीक

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IMG-20151111-WA0007राजस्थान की ग्रामीण महिलाएं सदैव अपनी रचनात्मक कौषल और पारम्परिक कलाओं के लिए विष्व में अलग पहचान बनाई है। महिलाओं की नए कौषल सीखने की क्षमता एवं जागरूकता ने पारम्परिक कला प्रेमियों को आकर्षित किया है।

ग्रामीण महिलाएं रोजगार के लिए अपने खाली समय का सद्पयोग कर रही है। इन छुपी प्रतिभाओं को जागरूक एवं विकसित करने के लिए, भारत का एकमात्र एवं राजस्थान का सबसे बड़ा जस्ता उत्पादक हिन्दुस्तान जिं़क ने ‘सखी’ परियोजना का शुभारंभ किया। हिन्दुस्तान ज़िक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि इच्छुक ग्रामीण महिलाओं को ‘सखी’ परियोजना के माध्यम से नये व्यावसायिक एवं रचनात्मक कौषल सिखाना शुरू किया जिससे ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

पवन कौषिक ने बताया कि उनकी रूचि एवं जरूरतों को समझने के लिए हमें दूर दराज गांवों में घूमने में कुछ महीने लगे। अधिकतर ये ग्रामीण महिलाएं आदिवासी क्षेत्रों से हैं जिन्होंने सामाजिक सषक्तिकरण के बजाय आर्थिक सषक्तिकरण में अधिक रूचि दिखाई। इन लोगों के विचारों को समझने के लिए हमें गांवों में रहना पड़ा।

तुलसी उदयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव कलड़वास में रहती है। हिन्दुस्तान जिं़क ने तुलसी से व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण के लिए सम्पर्क किया और वह इसके लिए सहमत हो गई तथा अपने अन्य साथियों को प्रषिक्षण के लिए साथ लाने के लिए कही। आधारभूत सुविधाओं के साथ सुनिष्चित किया गया कि सुगन्धित मोमबत्ती बनाने के लिए प्रषिक्षण कार्यषाला का आयोजन किया जाए तथा प्रषिक्षण के दौरान ही लगभग 2000 मोमबत्तियां बनायी जाए। इन मोमबत्तियों की शीघ्र ही बिक्री की जाएगी। तुलसी ने सहमती एवं वादा किया कि सीखने एवं इस परियोजना के संचालन के लिए और अधिक महिलाएं आएगी।

2-दिनों के भीतर सब कुछ तुलसी द्वारा आयोजित किया गया। हिन्दुस्तान जिं़क ने सभी कच्चे माल की व्यवस्था की और तुलसी ने मोम पिघलाने के लिए रसाई गैस, बर्तन और अन्य जरूरत के सामान जो घर में उपलब्ध थे व्यवस्था की।

पवन कौषिक ने बताया कि जब आपकी रूचि एवं दृढ़ इच्छाषक्ति हो तो सीखना आसान हो जाता है।

इस प्रकार कलड़वास गांव में 18 ग्रामीण महिलाओं के साथ 2000 मोमबत्तियां बनाने का ‘‘सखी’’ परियोजना शुरू हुआ।

Matoon Sakhi Uniform

तुलसी ने अपनी कौषलता से महिलाओं को समूह में बांटा और प्रत्येक समूह की महिलाओं को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग कार्य करने को कहा गया। किसी ने नए-नए सॉंचें तैयार किये, मोम पिघलाये तथा किसी ने पैकेजिंग का कार्य किये। यह एक सपने के सच होने जैसा था।

सभी भावुक हो गई जब उनको इस कठिन परिश्रम का मानदेय दिया गया। तुलसी भी रो पड़ी। यह उसके लिए एक सपना सच होने जैसा था। सिखाने की व्यवस्था तथा इनाम के रूप में नकद मानदेय वास्तव में बहुत ही प्रोत्साहित किया। ‘सखी’ उन सभी ग्रामीण महिलाओं के लिए आषा की किरण है जो अपने सपने और इरादों को पूरा करने की इच्छा रखती हैं।

हिन्दुस्तान जिं़क ने महिलाओं में सामाजिक सषक्तिकरण लाने के लिए राजस्थान में स्वयं सहायता समूह के गठन का कार्य प्रारंभ किया। धीरे-धीरे इन महिलाओं के लिए कौषल प्रषिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किये। अब तक इन महिलाओं में आर्थिक सषक्तिकरण लाने के लिए 10 क्लस्टर्स बनाये जा चुके है जिसमें यूनिफॉम, फैषन वस्त्र, मोमबत्तियां, पापड़, आचार, घर के साज-सज्जा के सामान, मसाले, फर्ष मैट एवं पेपर बास्केट के सामान बनाने शामिल है।

अजमेर में, फैषन गारमेन्टस क्लस्टर्स की 50 ग्रामीण महिलाओं को फैषन एवं डिजाइन के लिए प्रषिक्षित किया गया। 60 से अधिक पहनने के एप्रेल्स बनाये। उनकी प्रतिभा को दिखाने एवं मंच देने के लिए हिन्दुस्तान जिं़क ने अक्टूबर, 2015 में ‘सखी’ फैषन शो का आयोजन किया। आंगनवाड़ी एवं नन्द घर के बच्चों के लिए बनाये गये यूनिफार्मस को भी दिखाया गया।

जावर में मोमबत्तियां बनाने के लिए क्लस्टर्स का गठन कर 18 आदिवासी महिलाओं को प्रषिक्षित किया गया जहां इन महिलाओं ने 500 मोमबत्तियां बनाई जिनकी शीघ्र ही बिक्री हो गई तथा ये बाजार से भी जुड़ चुकी है कंपनी के कर्मचारियों के घरेलू उपयोग के लिए भी मोमबत्तियां बनाई गई। मटून में भी मोमबत्तियां बनाने के लिए प्रषिक्षण का आयोजन किया गया जहां 17 आदिवासी महिलाओं ने 1100 से अधिक मोमबत्तियां बनाई।

मटून एवं देबारी में ग्रामीण महिलाओं को स्कूल के बच्चों के लिए यूनिफॉम्स बनाने के लिए प्रषिक्षित किया गया। सिलाई एवं पैकिजिंग से लेकर सभी कार्य इन महिलाओं द्वारा दिया जाता है।

दरीबा में 36 ग्रामीण महिलाओं को होम फर्निषिंग के लिए प्रषिक्षित किया गया जहां डबल बैड-षीट्स, सिंग्ल बैड-षीट्स एवं कुषन कवर्स बनाये जा रहे हैं।

अजमेर में आचार बनाना परियोजनाओं के तहत समूहों की 17 ग्रामीण महिलाएं 4 इकाइयों में कार्य कर रही है जिससे उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। पूरे गांव के लोग इन महिलाओं द्वारा उत्पादित मसालों का उपयोग करते हैं जिसके परिणास्वरूप कम लागत में 100 प्रतिषत शुद्ध मसाले उपलब्ध हो रहे हैं।

ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादित सामान की बिक्री बाजार से लिंक है, इन उत्पादों की बिक्री के लिए हिन्दुस्तान जिं़क को प्राथमिकता दी जाती है। पवन कौषिक ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादों की बिक्री के लिए बाहरी बाजार में सम्पर्क किया जाता है तथा लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही है।

पायलट ने बीवी को दी धमकी- ‘मुझे छोड़ा तो प्लेन क्रैश कर दूंगा’

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Airline-Cockpit ।इटली के एक पायलट ने बीवी के छोड़े जाने पर प्लेन क्रैश करने की धमकी दे डाली। मामला जनवरी महीने का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक प्लेन रोम से जापान जा रहा था, उस समय पुलिस की मदद से पायलट को विमान उड़ाने से पहले ही उतार दिया गया। कहा जा रहा है कि पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पायलट की बीवी ने जब उसे छोड़ने की बात कही तो पहले पायलट ने सुसाइड करने की धमकी दी। फिर भी बीवी के बात नहीं मानने पर पायलट ने कहा- अगर तुम छोड़कर गई तो मैं जो प्लेन उड़ाने जा रहा हूं, उसे क्रैश कर दूंगा। प्लेन में उस समय 200 लोग सवार थे। 
पायलट की धमकी वाली बात की जानकारी महिला ने तुरंत पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है और उसका दिमागी इलाज चल रहा है।  

आखिरकार उदयपुर शहर जिला कांग्रेस को मिल गया ठिया

congress officeउदयपुर। कांग्रेस शहर जिला का कार्यालय दुर्गा नर्सरी रोड पूर्व जिलाध्यक्ष के घर से शिफ्ट होकर अब पंचवटी में नयी जगह शिफ्ट किया जाएगा। नए कार्यालय का रंग रोगन का कार्य चल रहा है। हालाँकि नया ऑफिस भी किराए पर लिया गया है।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या कार्यालय की थी जहां पूर्व जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया की वजह से कई पदाधिकारी और कारकर्ता कार्यालय में नहीं जाते थे । अब यह कार्यालय नीलिमा सुखाड़िया के घर दुर्गा नर्सरी से पंचवटी स्थित आलोक स्कूल के पास विजय शर्मा के घर के ऊपर वाले भाग में शिफ्ट होगा । जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि अभी रंग रोगन का कार्य चल रहा है। एक दो दिन में मुहूर्त देख कर शुरू कर दिया जाएगा। गोपजी ने बताया कि अभी किराए पर ही लिया गया है । एक बड़ा हॉल है और एक अध्यक्ष का छोटा कमरा है। हॉल में ५० लोगों के बैठने की व्यवस्था है। गोपजी ने बताया की कांग्रेस शहर जिला कार्यालय की समस्या से बहुत जल्दी राहत मिलजाएगी और हमारी खुद की जमीन पर कार्यालय का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। तब तक के लिए अभी यहाँ पर ही कार्यालय रहेगा। अगर कभी बड़ा कार्यक्रम हुआ तो निचे छोड़ी सड़क पर टेंट लगा कर भी क्या जा सकता है। गौर तालाब है कि चेतक स्थित कांग्रेस कार्यालय हटने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया ने अपने घर पर ही कांग्रेस ऑफिस लगा लिया था। जिलाध्यक्ष के घर पर कांग्रेस ऑफिस का विरोध कई कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी करते आरहे थे। यहाँ तक कि कांग्रेस की मीटिंग या बैठक में भी कई पदाधिकारी सिर्फ इसलिए नहीं आते थे की ऑफिस जिलाध्यक्ष के घर पर लगा हुआ था। पांच वटी करग्रेस कार्यालय शिफ्ट होने की सूचना से कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता खुश है।

इनका कहना। ……..
कांग्रेस शहर जिला का नया ऑफिस पंचवटी में अगले दो दिन में शुरू हो जाएगा । अभी रंग रोगन का कार्य चल रहा है। साथ ही कांग्रेस ऑफिस की जमीं पर भी निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा । गोपाल शर्मा, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष ।