उदयपुर । होली पर घर जाने वाले लोगों को ट्रेनों में कंफर्म टिकट तो नहीं मिला ऊपर से निजी बस ट्रावेल्स वालों ने भी नियमों को दरकिनार करते हुए किराय में व्यद्धि कर दी है यही नहीं एयरलाइंस ने भी किराये में बढ़ोत्तरी कर दी है। होली के 10 दिन रहे हैं और ट्रेनों में वेटिंग बढ़ती जा रही है।
उदयपुर से जयपुर देहली, इंदौर, मुंबई, कोलकाता, आदि जाने वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। ट्रैन के यात्री एजेंटों के चक्कर लगा रहे है और कन्फर्म टिकिट करवाने के लिए डेड गुना पैसे तक देने को तैयार है । इधर निजी बस ट्रावेल्स वालों ने जयपुर अहमदाबाद मुंबई देहली पुणे आदि के टिकिटों में भारी वृद्धि कर दी है । उदयपुर के आसपास गाॉवों के कई ग्रामीण गुजरात और महाराष्ट्र में काम काज के लिए जाते है। ये ग्रामीण अक्सर होली पर अपने घर लौटते है । ऐसे में ट्रावेल्स वाले इन लोगों से वापसी में जम कर लूटते है। जहाँ अहमदाबाद का किराया १५० से २०० रुपये है वही होली के दिनों में ४०० से ६०० रुपये तक वसूले जा रहे है । सूरत मुंबई और पुणे के तो १२०० से १८०० तक टिकिट किराया वसूला जारहा है।
एयरलाइंस भी पीछे नहीं है और इस मौके का फायदा उठाने पर आमादा है। किराये में 50 फीसदी बढ़ोत्तरी कर दी है। उदयपुर से मुंबई, दिल्ली जयपुर सहित अन्य जगह पर जाने वाली फ्लाइटों के किराये में बढ़ोत्तरी हुई है। जहाँ टिकिट ३ से ४ हज़ार के बीच उपलब्ध थी यही टिकिट ६ से ८ हज़ार में मिल रही है ।
ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं ट्रावेल्स और एयर कंपनी वालों की मची ऐ लूट
गृहमंत्री की मौजूदगी में श्रीश्री रविशंकर ने कहा, ‘जय हिंद-पाकिस्तान जिंदाबाद’!
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अध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर की संस्था ‘आर्ट आॅफ लिविंग’ की ओर से दिल्ली में यमुना तट पर आयोजित ‘विश्व संस्कृति महोत्सव’ में शनिवार को कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई कुछ देर के लिए आश्चर्य में पड़ गया।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीश्री रविशंकर ने मंच पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ‘जय हिंद और पाकिस्तान जिंदाबाद’ का उद्घोष किया।
श्रीश्री रविशंकर के इस नारे को सुनकर वहां मौजूद लोग हैरत में पड़ गए, हालांकि श्रीश्री रविशंकर ने इस नारे के पीछे अपनी मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘जय हिंद और पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा एक साथ क्यों नहीं लग सकता? इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद पाकिस्तान के मुफ्ती मोहम्मद सईद खान ने सहिष्णुता के मुद्दे पर अपने विचार प्रकट किए।
अध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर ने भारत और पाकिस्तान को आतंकवाद से मिलकर लड़ने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्वयं आतंकवा का दंश झेल रहा है, ऐसे में भारत तथा पाकिस्तान एक साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ें तो इस दिशा में काफी तरक्की कर सकते हैं, ऐसा होने पर ‘जय हिंद’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ भी एक साथ कहा जा सकता है।
श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि यह दोनों पक्षों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा आगे बढने और दूसरों को आगे बढते हुए देखने पर यकीन करना चाहिए।
रॉयल राज विलास : भूमाफिया और अफसर मिलकर डकार गए सैंकड़ो करोड़

उदयपुर। नगर विकास प्रन्यास और बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से शोभागपुरा में ‘रॉयल राज विलास’ नामक काम्पलैक्स के जरिए अरबों रुपए की हेराफेरी व धोखाधड़ी की गई है। पता चला है कि इस काम्पलैक्स में कुछ बड़े अफसरों के फ्लैट भी है, जो न्यूनतम ७५ लाख रुपए की कीमत से शुरू हो रहे हैं। इस गड़बड़झाले के लिए उदयपुर इंटरटेनमेंट वल्र्ड प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई गई, जिसे यूआईटी ने दो लाख, ५१ हजार ३८५ वर्ग फुट का व्यावसायिक पट्टा जारी किया। कंपनी ने उक्त अनुमति के विपरीत ९० फीसदी भूभाग में आवासीय फ्लैट बनवा दिए, जिनके निर्माण को नहीं रोका गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भू-भाग पर मल्टीप्लेक्स, होटल, सिनेमा, शॉपिंग मॉल ही बनाए जाने की स्वीकृति थी, लेकिन अफसरों को ‘आब्लाइज’ करने के लिए आवासीय काम्पलैक्स का निर्माण इस प्लान में शामिल कर लिया गया, जिससे ‘मॉनीटरिंग एजेंसी’ (इंस्पेक्टर्स) की इस ‘अनदेखी’ की भी भारी कीमत चुकाई गई। पता चला है कि इस सारे प्रोजेक्ट में नरसिंह द्वारा मीठाराम मंदिर की जमीन को कंपनी ने अपनी जमीन बताकर अफसरों की मिलीभगत से दो तरफ सड़क और एक तरफ सर्किल सरकारी खर्च से बनवा दिया। जबकि उक्त भूमि को न तो अवाप्त किया गया, न ही उसका मुआवजा चुकाया गया। इस प्रकार देवस्थान की जमीन को कानून का उल्लंघन करते हुए भू-माफिया ने अफसरों के साथ मिलकर हड़प लिया। यूआईटी ने यह आबंटन १७ दिसंबर, २००९ तथा व्यावसायिक लीज डीड १४ जनवरी, २०१० को जारी की। दोनों ही गैर काननूी है।
इस मामले में भू-माफिया और अफसरों की मिलीभगत एकल पट्टा जारी करने से भी सामने आती है। कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए संपूर्ण क्षेत्र (दो लाख ५१ हजार ३८५ वर्गफुट ) का एकल पट्टा जारी किया, जबकि केवल ६० प्रतिशत भूमि का पट्टा ही देने का प्रावधान है। सारे मामले की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि नगर वकास प्रन्यास ने एक आदेश जारी कर कंपनी की जमाशुदा राशि ३५ लाख नौ हजार ३९० रुपए वापस लौटा दी। बहाना यह बनाया गया कि कंपनी को सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन योजना की छूट का लाभ दिया गया है। यह मिलीभगत का सबसे बड़ा उदाहरण है। और तो और सबसे पहली आवश्यकता इंवायरमेंट क्लीयरेंस आज तक प्राप्त नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त सामने ६० फुट व पीछे ३० फुट सेटबैक भी नहीं छोड़ा गया है। बताया गया है कि एकल पट्टे की योजना में २० वर्ष के भीतर एलआईजी के २४ फ्लेट्स और ईडब्ल्यूएस के २४ फ्लेट्स, यानी ४८ फ्लेट्स का निर्माण करना अनिवार्य है लेकिन उक्त प्रावधानों की पालना नहीं करके गैर कानूनी कार्य किया गया है। ज्ञातव्य है कि इस प्रोजेक्ट में फ्लेट की विक्रय कीमत ७५ लाख रुपए से शुरू हो रही है।
बताया गया है कि नगर विकास प्रन्यास द्वारा जारी एकल पट्टा योजना के तहत आवेदनकर्ता को कई शर्तों की पालना शामिल है, जिनमें खातेदारी भूमि पर स्वयं के खर्चे से सड़क, सीवरेज, पानी, बिजली, नाली की व्यवस्था करनी होती है। लेकिन नगर विकास प्रन्यास ने कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए मंदिर की भूमि पर सड़कें और सर्किल बनाने में जनता के करोड़ों रुपए खर्च कर भारी भ्रष्टाचार किया है। इस सारे प्रकरण में सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में भी हेराफेरी कर कूटरचना की गई है, जो कि लायक फौजदारी मामला है। इस तरह से यूआईटी के अधिकारियों और भू-माफियाओं ने मिलकर रॉयल राज विलास नामक इस कॉम्पलैक्स के नाम पर काफी बड़ा फ्रॉड रचा है।
‘सखी’ राजस्थान की ग्रामीण उद्यमी महिलाओं का एक प्रतीक
राजस्थान की ग्रामीण महिलाएं सदैव अपनी रचनात्मक कौषल और पारम्परिक कलाओं के लिए विष्व में अलग पहचान बनाई है। महिलाओं की नए कौषल सीखने की क्षमता एवं जागरूकता ने पारम्परिक कला प्रेमियों को आकर्षित किया है।
ग्रामीण महिलाएं रोजगार के लिए अपने खाली समय का सद्पयोग कर रही है। इन छुपी प्रतिभाओं को जागरूक एवं विकसित करने के लिए, भारत का एकमात्र एवं राजस्थान का सबसे बड़ा जस्ता उत्पादक हिन्दुस्तान जिं़क ने ‘सखी’ परियोजना का शुभारंभ किया। हिन्दुस्तान ज़िक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि इच्छुक ग्रामीण महिलाओं को ‘सखी’ परियोजना के माध्यम से नये व्यावसायिक एवं रचनात्मक कौषल सिखाना शुरू किया जिससे ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
पवन कौषिक ने बताया कि उनकी रूचि एवं जरूरतों को समझने के लिए हमें दूर दराज गांवों में घूमने में कुछ महीने लगे। अधिकतर ये ग्रामीण महिलाएं आदिवासी क्षेत्रों से हैं जिन्होंने सामाजिक सषक्तिकरण के बजाय आर्थिक सषक्तिकरण में अधिक रूचि दिखाई। इन लोगों के विचारों को समझने के लिए हमें गांवों में रहना पड़ा।
तुलसी उदयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव कलड़वास में रहती है। हिन्दुस्तान जिं़क ने तुलसी से व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण के लिए सम्पर्क किया और वह इसके लिए सहमत हो गई तथा अपने अन्य साथियों को प्रषिक्षण के लिए साथ लाने के लिए कही। आधारभूत सुविधाओं के साथ सुनिष्चित किया गया कि सुगन्धित मोमबत्ती बनाने के लिए प्रषिक्षण कार्यषाला का आयोजन किया जाए तथा प्रषिक्षण के दौरान ही लगभग 2000 मोमबत्तियां बनायी जाए। इन मोमबत्तियों की शीघ्र ही बिक्री की जाएगी। तुलसी ने सहमती एवं वादा किया कि सीखने एवं इस परियोजना के संचालन के लिए और अधिक महिलाएं आएगी।
2-दिनों के भीतर सब कुछ तुलसी द्वारा आयोजित किया गया। हिन्दुस्तान जिं़क ने सभी कच्चे माल की व्यवस्था की और तुलसी ने मोम पिघलाने के लिए रसाई गैस, बर्तन और अन्य जरूरत के सामान जो घर में उपलब्ध थे व्यवस्था की।
पवन कौषिक ने बताया कि जब आपकी रूचि एवं दृढ़ इच्छाषक्ति हो तो सीखना आसान हो जाता है।
इस प्रकार कलड़वास गांव में 18 ग्रामीण महिलाओं के साथ 2000 मोमबत्तियां बनाने का ‘‘सखी’’ परियोजना शुरू हुआ।

तुलसी ने अपनी कौषलता से महिलाओं को समूह में बांटा और प्रत्येक समूह की महिलाओं को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग कार्य करने को कहा गया। किसी ने नए-नए सॉंचें तैयार किये, मोम पिघलाये तथा किसी ने पैकेजिंग का कार्य किये। यह एक सपने के सच होने जैसा था।
सभी भावुक हो गई जब उनको इस कठिन परिश्रम का मानदेय दिया गया। तुलसी भी रो पड़ी। यह उसके लिए एक सपना सच होने जैसा था। सिखाने की व्यवस्था तथा इनाम के रूप में नकद मानदेय वास्तव में बहुत ही प्रोत्साहित किया। ‘सखी’ उन सभी ग्रामीण महिलाओं के लिए आषा की किरण है जो अपने सपने और इरादों को पूरा करने की इच्छा रखती हैं।
हिन्दुस्तान जिं़क ने महिलाओं में सामाजिक सषक्तिकरण लाने के लिए राजस्थान में स्वयं सहायता समूह के गठन का कार्य प्रारंभ किया। धीरे-धीरे इन महिलाओं के लिए कौषल प्रषिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किये। अब तक इन महिलाओं में आर्थिक सषक्तिकरण लाने के लिए 10 क्लस्टर्स बनाये जा चुके है जिसमें यूनिफॉम, फैषन वस्त्र, मोमबत्तियां, पापड़, आचार, घर के साज-सज्जा के सामान, मसाले, फर्ष मैट एवं पेपर बास्केट के सामान बनाने शामिल है।
अजमेर में, फैषन गारमेन्टस क्लस्टर्स की 50 ग्रामीण महिलाओं को फैषन एवं डिजाइन के लिए प्रषिक्षित किया गया। 60 से अधिक पहनने के एप्रेल्स बनाये। उनकी प्रतिभा को दिखाने एवं मंच देने के लिए हिन्दुस्तान जिं़क ने अक्टूबर, 2015 में ‘सखी’ फैषन शो का आयोजन किया। आंगनवाड़ी एवं नन्द घर के बच्चों के लिए बनाये गये यूनिफार्मस को भी दिखाया गया।
जावर में मोमबत्तियां बनाने के लिए क्लस्टर्स का गठन कर 18 आदिवासी महिलाओं को प्रषिक्षित किया गया जहां इन महिलाओं ने 500 मोमबत्तियां बनाई जिनकी शीघ्र ही बिक्री हो गई तथा ये बाजार से भी जुड़ चुकी है कंपनी के कर्मचारियों के घरेलू उपयोग के लिए भी मोमबत्तियां बनाई गई। मटून में भी मोमबत्तियां बनाने के लिए प्रषिक्षण का आयोजन किया गया जहां 17 आदिवासी महिलाओं ने 1100 से अधिक मोमबत्तियां बनाई।
मटून एवं देबारी में ग्रामीण महिलाओं को स्कूल के बच्चों के लिए यूनिफॉम्स बनाने के लिए प्रषिक्षित किया गया। सिलाई एवं पैकिजिंग से लेकर सभी कार्य इन महिलाओं द्वारा दिया जाता है।
दरीबा में 36 ग्रामीण महिलाओं को होम फर्निषिंग के लिए प्रषिक्षित किया गया जहां डबल बैड-षीट्स, सिंग्ल बैड-षीट्स एवं कुषन कवर्स बनाये जा रहे हैं।
अजमेर में आचार बनाना परियोजनाओं के तहत समूहों की 17 ग्रामीण महिलाएं 4 इकाइयों में कार्य कर रही है जिससे उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। पूरे गांव के लोग इन महिलाओं द्वारा उत्पादित मसालों का उपयोग करते हैं जिसके परिणास्वरूप कम लागत में 100 प्रतिषत शुद्ध मसाले उपलब्ध हो रहे हैं।
ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादित सामान की बिक्री बाजार से लिंक है, इन उत्पादों की बिक्री के लिए हिन्दुस्तान जिं़क को प्राथमिकता दी जाती है। पवन कौषिक ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादों की बिक्री के लिए बाहरी बाजार में सम्पर्क किया जाता है तथा लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही है।
पायलट ने बीवी को दी धमकी- ‘मुझे छोड़ा तो प्लेन क्रैश कर दूंगा’
।इटली के एक पायलट ने बीवी के छोड़े जाने पर प्लेन क्रैश करने की धमकी दे डाली। मामला जनवरी महीने का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक प्लेन रोम से जापान जा रहा था, उस समय पुलिस की मदद से पायलट को विमान उड़ाने से पहले ही उतार दिया गया। कहा जा रहा है कि पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है।
आखिरकार उदयपुर शहर जिला कांग्रेस को मिल गया ठिया
उदयपुर। कांग्रेस शहर जिला का कार्यालय दुर्गा नर्सरी रोड पूर्व जिलाध्यक्ष के घर से शिफ्ट होकर अब पंचवटी में नयी जगह शिफ्ट किया जाएगा। नए कार्यालय का रंग रोगन का कार्य चल रहा है। हालाँकि नया ऑफिस भी किराए पर लिया गया है।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या कार्यालय की थी जहां पूर्व जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया की वजह से कई पदाधिकारी और कारकर्ता कार्यालय में नहीं जाते थे । अब यह कार्यालय नीलिमा सुखाड़िया के घर दुर्गा नर्सरी से पंचवटी स्थित आलोक स्कूल के पास विजय शर्मा के घर के ऊपर वाले भाग में शिफ्ट होगा । जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि अभी रंग रोगन का कार्य चल रहा है। एक दो दिन में मुहूर्त देख कर शुरू कर दिया जाएगा। गोपजी ने बताया कि अभी किराए पर ही लिया गया है । एक बड़ा हॉल है और एक अध्यक्ष का छोटा कमरा है। हॉल में ५० लोगों के बैठने की व्यवस्था है। गोपजी ने बताया की कांग्रेस शहर जिला कार्यालय की समस्या से बहुत जल्दी राहत मिलजाएगी और हमारी खुद की जमीन पर कार्यालय का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। तब तक के लिए अभी यहाँ पर ही कार्यालय रहेगा। अगर कभी बड़ा कार्यक्रम हुआ तो निचे छोड़ी सड़क पर टेंट लगा कर भी क्या जा सकता है। गौर तालाब है कि चेतक स्थित कांग्रेस कार्यालय हटने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया ने अपने घर पर ही कांग्रेस ऑफिस लगा लिया था। जिलाध्यक्ष के घर पर कांग्रेस ऑफिस का विरोध कई कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी करते आरहे थे। यहाँ तक कि कांग्रेस की मीटिंग या बैठक में भी कई पदाधिकारी सिर्फ इसलिए नहीं आते थे की ऑफिस जिलाध्यक्ष के घर पर लगा हुआ था। पांच वटी करग्रेस कार्यालय शिफ्ट होने की सूचना से कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता खुश है।
इनका कहना। ……..
कांग्रेस शहर जिला का नया ऑफिस पंचवटी में अगले दो दिन में शुरू हो जाएगा । अभी रंग रोगन का कार्य चल रहा है। साथ ही कांग्रेस ऑफिस की जमीं पर भी निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा । गोपाल शर्मा, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष ।
राजस्थान के बजट 2016 में मेवाड़ के हिस्से में क्या आया जाने

उदयपुर. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज विधान सभा में साल 2016-17 का बजट पेश किया । स्मार्ट सिटी में चयन होने वाली उदयपुर सिटी का वैसे तो ख़ास ख़याल रखा गया लेकिन राजसमन्द के लिए भी अपना खजाना खोल दिया। बजट को लेकर जहाँ भाजपाई खुश है और बजट को लोक कल्याणकारी बताया जारहा है । वही विपक्ष कांग्रेसी इस बजट को सिर्फ एक कागजी खेल बताते हुए घोषणाओं का बजट बता रहे है। हालाँकि अगर आम जन भी मुख्य सेवक वसुंधरा राजे से ज्यादा खुश नहीं है।
मुख्य मंत्री ने अपना बजट भाषण शुरू किया और इतने सालों में जहाँ देवास परियोजना के लिए अब तक जितना रुपया नहीं मिला इस बजट में राजसमन्द झील में पानी लाने के लिए १०६४ करोड़ रुपये मंजूर कर दिए। राजमार्ग-79 पर आरओबी का ऐलान किया, फूड एवं क्राफ्ट इंस्टीट्यूट को अब स्टेट लेवल का दर्जा दिया जाएगा। साथ ही राजसमन्द पर और दिलेरी दिखाते हुए राजसमंद में पन्नाधाय के गांव कमेरी, महाराणा राजसिंह पैनोरमा और रूपनारायण मंदिर चारभुजा के लिए भी घोषणा की। बप्पा रावल पेनोरोमा के लिए भी बजट जारी किया। मुख्यमंत्री ने उदयपुर और राजसमंद में वन और वन्यजीवन के संरक्षण के लिए बजट जारी। खान मजदूरों के स्वास्थ्य और सड़क विस्तार के लिए 200 करोड़ रुपए मंजूर किया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने बजट में उदयपुर में शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में आमजन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की घोषणा की, जिसमें जैविक खेती को बढ़ावा देेने के लिए मरू प्रदेश क्षेत्रों से जुड़े जिलों में आर्गेनिक फार्म बनेगा। इस योजना में झीलों की नगरी उदयपुर को भी शामिल किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी में नया ट्राइबल टूरिज्म सर्किट विकसित करने की घोषणा की। उदयपुर के 11 और राजसमंद के 1 उच्च माध्यमिक स्कूल में कामर्स, कृषि और साइंस के एक-एक संकाय खुलेंगे। अब उदयपुर मेडिकल कालेज में 100 और छात्रों को पढऩे का मौका मिलेगा। उन्होंने 100 सीटें बढ़ाने की घोषणा की। इसी तरह चिकित्सा क्षेत्र में एमबी हास्पिटल को मोबाइल डेंटर यूनिट देने के साथ तमाम घोषणाएं कीं। आरएनटी मेडिकल काजेल में रेजिडेंट हॉस्टल के विस्तार के लिए 14.50 करोड़ दिए गए। यहां 4 करोड़ की लागत से नयी मशीन लगेगी।
आमजन का कहना :
राज्य के बजट को लेकर आमजन की मिलीजुली प्रतिक्रिया आई हालाँकि अधिकतर जनता बजट से ज्यादा खुश नज़र नहीं दिखी व्यावसायिक महिला शालिनी माथुर का कहना है कि पेयजल की समस्या से निजात दिलाने की कोशिश की गयी है। व्यवसाइयों के लिए भी बजट राहत भरा कहा जा सकता है । अगर बजट की घोषणाओं पर अमल किया जाए तो कहा जा सकता है की राहत भरा है। रुपेश गन्ना, होलसेल व्यवसाई ने बताया कि मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्य तह आम जनता के रोज मर्रा से जुडी बातों का ख़याल रखना चाहिए ऐसा कही बजट में नहीं दिखा। सिर्फ कागजी और हवाई बजट रहा। , शिक्षा विद्द डॉ सुरेखा सोनी ने बजट को राहत भरा बताया उनके अनुसार सिंचाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए सरकार ने अच्छा अनुदान का प्रावधान रखा है । गृहणी पूजा जीतो का कहना है कि महिला दिवस पर बजट पेश किया गया है लेकिन महिलाओं के लिए कोई विशेष योजनाएं नहीं है। ना ही महिलाओं की रसोई का भार कुछ काम होने की संभावना है। गृहणी शुभांगी आरोही भी मुख्य मंत्री से नाराज़ दिखी महिला दिवस और सूना है की आज मुख्य मंत्री का जन्म दिन भी है । ऐसे दिन अगर बजट पेश होता है तो महिलाओं के लिए कोई योजना और अगर ना हो तो ऐसी राहत की घोषणा हो जिसमे महिला वीकास या फिर एक गृहणी को सुन कर राहत हो। बजट में ऐसा कुछ नहीं है।
सिगरेट न देने पर दुकानदार की चाकू से हत्या
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उदयपुर. गोवर्धन विलास थाना अंतर्गत बारापाल के पास बदमाशों ने सिगरेट न देेने दुकानदार पर चाकू से हमला कर दिया। बीच-बचाव कर रहे भाई को भी घायल कर दिया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान घायल दुकानदार की मौत हो गई। बारापाल निवासी बंशीलाल मीणा पुत्र जाना मीणा की घर के पास किराना दुकान है। रविवार दोपहर तीन युवक बाइक से दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सिगरेट मांगी। बंशीलाल ने बोला कि सिगरेट नहीं। धमकी देते हुए सिगरेट देने को कहा। इस पर दुकानदार और युवकों में कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच एक युवक ने चाकू से दुकानदार पर कई हमले कर दिए। शोरगुल सुनकर घर के अंदर से बंशी की पत्नी और भाई बद्रीलाल भी पहुंचे। बदमाशों ने भाई पर भी हमला कर दिया। भीड़ जुटते देख तीनों बदमाश फरार हो गए, लेकिन उनकी बाइक वहीं छूट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत दुकानदार और बद्रीलाल को एमबी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान बंशीलाल की मौत हो गई। उधर, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर बाइक को जब्त कर लिया है। बाइक के नम्बर के आधार पर हत्या करने वाले बदमाशों की तलाश में पुलिस जुटी है।
प्रॉपर्टी डीलर से फिरौती मांगने वाले दो रईसजादे गिरफ्तार

उदयपुर. अम्बामाता थाना पुलिस ने एक प्रॉपर्टी डीलर को परेशान कर सात लाख रुपए की फिरौती मांगने के मामले में दो रईसजादों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपित नवरत्न कॉम्प्लेक्स में 21 हजार रुपए के किराए के फ्लैट में महिलाओं के साथ रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर फतहपुरा निवासी हेमंत छाजेड़ से फिरौती मांगने के मामले में सौभागपुरा हाल नवरत्न कॉम्प्लेक्स निवासी राजवीर कुमावत व देहलीगेट निवासी नितीन शर्मा को गिरफ्तार किया।
यूं पकड़ में आए आरोपित
पुलिस ने आरोपितों के नम्बर की कॉल डिटेल निकाली। पता चला कि सिम अजमेर के विक्रम सिंह के नाम से है। आरोपितों ने विक्रम की लाइसेंस की प्रति लगाकर सिम कार्ड सेक्टर-4 से खरीदा था। मोबाइल के आईएमआई नम्बर को टटोला तो मोबाइल सौभागपुरा निवासी मनीष डांगी के नाम पर मिला। पुलिस ने डांगी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बताया कि मोबाइल राजवीर का है, जिसे वह काम में ले रहा था। अभी वापस मोबाइल राजवीर के पास ही है। पुलिस ने डांगी से पता लेने के बाद आरोपितों को फ्लैट में दबिश देकर पकड़ लिया। थाने ले जाते ही आरोपितों के साथ रहने वाली महिलाओं ने हंगामा किया। गिरफ्तारी का विरोध किया और आईजी से शिकायत की।
सूतली बम डालकर किया परेशान
पुलिस ने बताया कि राजवीर के पिता का देहांत हो चुका है। पिता पूर्व में छाजेड़ के साथ ही प्रॉपर्टी का काम करते थे। छाजेड़ पैसे वाला है, इसलिए राजवीर ने नितिन के साथ योजना बनाई। दोनों 5 फरवरी को छाजेड़ के घर पहुंचे और सूतली बम फेंककर भाग निकले। पांच मिनट बाद सहेलीनगर से दोनों ने छाजेड़ को फोन किया कि यह तो अभी ट्रेलर है, आगे क्या-क्या होता है। कहकर स्वीच ऑफ कर लिया। बाद में 3 मार्च को छाजेड़ के भाई सुनील के मीरानगर स्थित मकान पर पथराव कर शीशे फोड़ दिए। 4 मार्च को आरोपितों ने छाजेड़ को फोन कर कहा कि हमें तुम्हारा बुरा नहीं करना है। समुंद्र से लोटा भरकर दे दो। पूछने पर आरोपितों ने सात लाख की फिरौती मांगी। जवाब नहीं मिलने पर धमकाया। शाम को वापस फोन किया तो छाजेड़ ने नहीं उठाया। अगले दिन आरोपितों ने नए नम्बर से फोन कर फिर धमकी। इस पर छाजेड़ ने फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पति के सामने पत्नी को घसीट, किया निर्वस्त्र और पेशाब पिलाया
रांची : सुनने में दर्दनाक है लेकिन यह कहानी बिल्कुल सच्ची है. झारखंड की स्टील सिटी बोकारो में जो घटना हुई है वह इंसानियत को झंकझोर कर रख देने वाली है. यहां के गांव में एक महिला को उसके पति के सामने से घसीट कर ले जाया गया. भीड़ के सामने उसके सारे कपड़े उतार लिए गए और सिर मुंडवा दिया गया. जुल्म की ये दास्तां अभी खत्म नहीं हुई है. उस महिला को पेशाब तक पिलाया गया.
जारीडीह थाना क्षेत्र में यह दर्दनाक घटना हुई है. टेलीग्राफ के अनुसार इस मामले में चार लोगों पर नामजद एफआईआर हुई है. लेकिन, उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. थाने में दर्ज हुई एफआईआर के अनुसार आरोपी उसके घर पहुंचे और दरवाजा पीटने लगे. महिला ने जब दरवाजा खोला तो उसके पति के सामने उसे पीटकर घसीटते हुए वे सामुदायिक केंद्र तक ले गए.
वहां पहले से लोग मौजूद थे. महिला को सबके सामने निर्वस्त्र किया गया. इसके बाद उसके सिर के बाल मुंडवा दिए गए. फिर उसे गंदगी में पेशाब मिलाकर जबरन पिला दिया गया. उस पर खराब चरित्र का होने का आरोप लगाया गया. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की तमाम धाराओं के तहत एफआईआर की गई है.

