पालिका चुनावों में कटारिया विरोधियों की बल्ले-बल्ले

gulabchand katariyaउदयपुर। नगर पालिका के अगस्त में होने वाले चुनावों की जारी हुई प्रभारियों की सूची में मेवाड़ की अधिकतर पालिकाओं में गृह सेवक और कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया के विरोधियों को पूरी प्राथमिकता देते हुए प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि राजस्थान में पूर्व में हुए नगर निकाय के चुनाव और पंचायत के चुनाव कटारिया के नेतृत्व में लड़े गए थे, जिसमें भारी सफलता मिली थी, लेकिन इस बार आलाकमान ने कटारिया की पसंद को दरकिनार करते हुए उनके घोर विरोधियों को मौका दिया है। नगर पालिका चुनाव के लिए प्रदेश भाजपा ने प्रभारियों की कल जारी सूची में पूर्व जिलाध्यक्ष ताराचंद जैन को कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि एक और घोर विरोधी पूर्व पार्षद अर्चना शर्मा को देवगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया है। इसके अलावा मांगीलाल जोशी को डूंगरपुर नगर पालिका चुनाव प्रभारी बनाया गया है। शांतिलाल चपलोत को भींडर, सुरेंद्रसिंह राठौड़ को फतहनगर का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा नगर परिषद के पूर्व सभापति रवींद्र श्रीमाली को छोटीसादड़ी, सत्यप्रकाश काबरा को कपासन, ओम पालीवाल को प्रतापगढ़, रतनलाल जाट को बेगूं की जिम्मेदारी सौंपी है। माना जाता है कि मेवाड़ की भाजपा में कोई भी राजनैतिक नियुक्ति या हलचल गुलाबचंद कटारिया की स्वीकृति के बिना नहीं होती, लेकिन नगर पालिका प्रभारियों की लिस्ट देख कर राजनैतिक हलके में सुगबुगाहट जरूर है कि क्रभाई साहबञ्ज के चहेतों को जिम्मेदारी नहीं सौंपकर उनके घोर विरोधियों को नगर पालिका चुनाव की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई? कोई इसको श्री कटारिया की ही नई रणनीति बता रहा है तो किसी का कहता है कि मुख्य सेवक वसुंधरा राजे अब कटारिया का कद घटाने में लगी हुई है, इसीलिए पूरी टीम ही उन्होंने कटारिया के विरोधियों से भर दी है।

मानसून आने के पहले ही जमकर बरसे बादल

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उदयपुर। गुरूवार को प्री-मानसून की बारिश ने लेकसिटी को जमकर भिगोया। सुबह बादलों के छाने के साथ शुरू हुई बारिश का दौर रूक-रूक कर जारी रहा। दोपहर बाद खिली धूप ने मौसम में भारी उमस घोल दी। शाम ६ बजे पुन: आसमान में बादल छाने से लोगों को उमस से राहत मिली।
लेकसिटी में आज सुबह से बादल छाए रहे। करीब सवा दस बारिश का दौर शुरू हुआ। हल्की-मध्यम बारिश करीब पौन घंटा तक चली। इसके बाद आसमान में छाए बादलों के बीच सूरज की लुकाछिपी चलती रही और १५ मिनट बाद अचानक बादलों की ग$डग$डाहट के साथ तेज मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गई। मानसून आने से पूर्व बादलों से खुशनुमा हुए मौसम के साथ ठण्डी बयार ने तपन से राहत दिलाई परंतु दोपहर बाद सूरज निकलने से मौसम में भारी उमस रही। शहर का अधिकतम तापमान ३५.४ व न्यूनतम तापमान २८.६ डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं शहर में करीब १९ मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रात: १० बजे बाद शुरू हुई बारिश एक बार १५ मिनट के लिए रूक गई। ऐसे में कई शहरवासी अपने वाहनों से गंतव्य स्थल एवं कार्यालय जाने के लिए निकल पडे परंतु फिर शुरू हुई बारिश के दौर ने लोगों को रास्ते में रोक दिया। बारिश से बचने के लिए लोग जहां जगह मिली वहीं रूक गए। कई लोग भीगते-भीगते अपने कार्यालय एवं घरों तक पहुंचे। बारिश से शहर के देहलीगेट चौराहा, एमबी कॉलेज, दुर्गा नर्सरी रो$ड, अशोक नगर, उदियापोल आदि स्थानों पर स$डकों पर पानी भर गया। ठोकर चौराहा से सुंदरवास की ओर जाने वाले मार्ग एवं ओसवाल प्लाजा के बाहर करीब आधा-आधा प*ीट स$डकों पर पानी जमा हो गया। मौसम विज्ञानियों ने प्री-मानसून की बारिश होने भी शहर में अच्छा मानसून रहने के संकेते दिए है। सहेलियों की बाडी, फतहसागर एवं पीछोला झील के किनारे पर्यटकों ने सुहावने मौसम में नौकायान का आनंद लिया।

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हथियारबंद लोगों ने किया चढ़ोतरा

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उदयपुर। ऋषभदेव के पादेड़ी गांव में गुरुवार सुबह १०० से ज्यादा हथियारबंद लोगों ने मौताणे की मांग को लेकर चढ़ोतरा कर दिया । ये लोग सागवाड़ा गांव के रहने वाले थे। पिछले माह की २१ तारीख को पादेड़ी निवासी सोमालाल और उसकी भाभी अनिता की लाशें गांव में ही पहाड़ी पर मिली थी। शंका है कि दोनों ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों के बीच अवैध संबंध थे, जिसका खुलासा होने के बाद दोनों ये कदम उड़ाया। इधर, मृतका अनिता के पीहर सागवाड़ा से पीहर पक्ष के लोग आज सुबह मौताणे की मांग को लेकर हथियार से लैस होकर पादेड़ी गांव पहुंचे। सूचना मिलने पर चार थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने बाद में समझाइश कर ग्रामीणों को रवाना कर दिया। अधिकारियों ने चढ़ोतरा करने वाले ग्रामीण और परिजनों को आश्वासन दिया की इस मामले की जाँच के जायेगी और जो आरोपी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी ।
सूत्रों के अनुसार २१ मई को पादेड़ी (ऋषभदेव) निवासी सोमालाल पुत्र नानालाल और उसकी भाभी अनिता पत्नी स्वर्गीय रमणलाल की लाशें गांव की एक पहाड़ी पर संदिग्ध हालात में मिली थी। घटनास्थल के पास से जहर की एक शीशी भी मिली।
पुलिस को अंदेशा है कि दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या की है। पता चला है कि अनिता के पति रमणलाल की एक साल पहले रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उसके बाद सोमालाल और अनिता के बीच अवैध संबंध हो गए, जिसका खुलासा पिछले माह परिजनों के सामने हो गया। दोनों ने बदनामी से बचने के लिए आत्महत्या कर ली। इधर, आज सुबह सागवाड़ा से आए मृतका अनिता के पीहर पक्ष का आरोप है कि अनिता की हत्या की गई थी। इस बात को लेकर पीहर पक्ष ने पादेड़ी गांव पर चढ़ोतरा करते हुए मौताणे की मांग की है। पादेड़ी सरपंच पति देवीलाल और सागवाड़ा के भूतपूर्व सरपंच थावरचंद, दोनों गांवों के मौतबिरों से समझाइश की। ग्रामीणों के हाथों में बंदुकें, कुल्हाड़ी, तलवारें और लाठियां हैं, जो पादेड़ी गांव में अलग-अलग टोलियों में बैठे थे। सूचना पर खेरवाड़ा, ऋषभदेव, पहाड़ा और बावलवाड़ा थाना पुलिस मौके पहुंच गई । पुलिस की चार जीपें और एक वैन मौके पर मौजूद थी, और अतिरिक्त जाब्ता भी बुलाया गया था। इस बीच ऋषभदेव एसडीएम और तहसीलदार भी वहां पहुंच गए हैं, जिन्होंने ग्रामीणों और अनिता के परिजनों को समझा कर आश्वासन देकर रवाना किया ।

रातभर सोती रही पुलिस, लुटेरे दुकाने लूटते रहे

बेड़वास-ट्रांसपोर्ट नगर में छह दुकानों के शटर तोड़े, सुबह आठ बजे दी प्रतापनगर थाना पुलिस को सूचना, दोपहर तक मौके पर नहीं पहुंचा कोई

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उदयपुर। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के बेड़वास और ट्रांसपोर्ट नगर में बीती रात चोर छह दुकानों के शटर तोडक़र महंगी साडिय़ां, जूते और नकदी चुरा ले गए। दुकानदारों ने एक साथ हुई चोरियां की वारदातों की जानकारी प्रतापनगर पुलिस को सुबह आठ बजे दे दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची। सूत्रों के अनुसार बीती रात चोर ट्रांसपोर्टनगर और बेड़वास में छह दुकानों के शटर तोडक़र चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। चोरों ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सांवरिया साड़ी सेंटर का शटर तोडक़र अंदर से महंगी साडिय़ां चुरा ले गए।
दुकान मालिक हिम्मतसिंह राणावत ने सुबह आठ बजे ही चोरी की सूचना प्रतापनगर पुलिस को दे दी। हिम्मतसिंह ने बताया कि चोरी गई साडिय़ों की कीमत तीस हजार है, जबकि चोर उसकी दुकान से दस हजार रुपए नकद भी चुरा ले गए। इस दुकान के पास ही श्रीनाथ फुटवियर नामक जूतों की दुकान का भी चोरों ने शटर तोड़ दिया। दुकान से चोर करीब एक लाख रुपए के महंगे जूते चुरा ले गए। दुकान मालिक साकरोदा निवासी उदयसिंह झाला ने बताया कि चोर जूतों के साथ चार हजार तीन सौ रुपए नकद भी ले गए। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर स्थित श्री महावीर सेनेट्री नामक दुकान के ताले तोड़ दिए गए, लेकिन वहां से चोर कुछ भी चुरा नहीं ले गए। यह दुकान दिनेश जारोली की है।
इसी प्रकार बेड़वास निवासी नारायणलाल सोलंकी की दुकान शुभम इलेक्ट्रोनिक्स, भैरूलाल व्यास की सिद्धी विनायक पशु आहार नामक दुकान और ओमप्रकाश व्यास की गणपति फोटो कॉपी एंड मोबाइल शॉप के भी शटर तोड़े गए, लेकिन चोर यहां से कुछ नहीं ले गए। चोरों ने सिद्धी विनायक पशु आहार नामक दुकान के गल्ले में पड़े पांच सौ रुपए चुराए।
रात्रिगश्त की खुली पोल
प्रतापनगर थाना क्षेत्र में बीती रात रात्रि गश्त की पोल खुल गई। चोर छह दुकानों के शटर तोडक़र लाखों रुपए का सामान और नकदी चुरा ले गए, लेकिन पुलिस की नींद नहीं उड़ी। यहां बात हम रात्रि गश्त की कर रहे हैं, लेकिन सुबह दुकानदारों द्वारा चोरी की एक साथ ही चोरी की वारदातों की सूचना देने के बावजूद दोपहर तक पुलिस नहीं पहुंची।

गोवंश से भरी तीन ट्रकें पकड़ी

20150610003853उदयपुर। उदयपुर पुलिस के दो थानों की पुलिस ने आज तड़के नाकाबंदी के दौरान तीन ट्रकों से ५३ बैल और बछड़ों को छुड़ाकर गोशाला भेजा है। ये बैल और बछड़े जयपुर जिले के चाकसू इलाके से लाए गए थे। बताया जा रहा है कि गोवंश को लाने वाले सभी लोग बंजारा जाति से हैं, जिनका डेरा अभी खेरवाड़ा में हैं। गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि गोवंश बेचना उनका धंधा है, जिसके चलते ये बैल और बछड़ों को लेकर खेरवाड़ा जा रहे थे। इधर, पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास कोई वैध कागजात नहीं है। इसलिए सभी को गिरफ्तार किया गया हैं।
सूरजपोल पुलिस ने आज सुबह शूलधारिणी सेना के साथ मिलकर उदियापोल चौराहे पर दो ट्रकों को रोका, जिनमें से एक ट्रक में १५, जबकि दूसरे में २१ बैल और बछड़े भरे थे। एक ट्रक राजसमंद और दूसरी ट्रक उदयपुर की थी। (शेष पेज ९ पर…)
सूरजपोल पुलिस ने ड्राइवर सहित छह जनों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में धूणीमाता डबोक निवासी ड्राइवर पन्नालाल पुत्र दुर्गा बंजारा, भैरूलाल पुत्र सबा बंजारा, मांगीलाल पुत्र पेमा बंजारा, परसराम पुत्र गब्बा बंजारा, राणा कुडी, वल्लभनगर निवासी चतरलाल पुत्र खेता बंजारा, केसरपुरा, कांकरोली निवासी लक्ष्मण पुत्र गोमा बंजारा शामिल है। इधर, गोवर्धनविलास पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान आज सुबह एक ट्रक से १७ बैल और बछड़ों को मुक्त करवाकर गोशाला पहुंचाया है। पुलिस ने ड्राइवर किशन पुत्र जीवा बंजारा और जगदीश पुत्र भानू बंजारा को गिरफ्तार किया है।

शराब की दुकाने बंद करवाने के लिए प्रदर्शन नहीं मतदान करो

wine shopउदयपुर। अब आबादी के बीच में शराब की दुकान खुली हो और आपको परेशानी हो रही हो तो विरोध या धरना प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है।लाेकतांत्रिक तरीके से शराब की दुकान को मतदान कर भी शांतिपूर्ण तरीके से हटाया जा सकता है। आबकारी विभाग की नीति में प्रावधान किया गया है, और नई मद्य संयम नीति के तहत प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष शराब की दुकान के विरोध में मतदान कर शराब की दुकान को हटाया जा सकता है। चाहे शराब की दुकान शहरी क्षेत्र में हो या ग्रामीण क्षेत्र में। इस नीति के तहत एकजुट होकर शराब की दुकान को हटाने में आसानी होगी। अब तक कानून को हाथ में लेकर असंवैधानिक तरीके से शराब की दुकान को हटाने के लिए क्षेत्रवासी हंगामा, धरना प्रदर्शन जैसे विरोध के गैरकानूनी तरीकों को अपनाते आए हैं। पिछले कई समय से शहर में शराब की दुकान को खोलने को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके है। कई जगह शहरवासियों ने विरोध जताते हुए जबरन दुकान को बंद करा दिया। प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपे गए। लेकिन अब ये सब करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

कोर्ट के आदेश के बाद हाइवे से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खुलने के आदेश दिए है। लेकिन गली मौहल्लों में शराब की दुकान संचालित करने और हटाने को लेकर कोई प्रावधान पूर्व में नहीं थे। गली-मोहल्ले में शराब की दुकानें हटने को लेकर शहर में कई बार विरोध प्रदर्शन होते रहे है। कानून से अनजान लोग नियम तोड़ जाने अनजाने विरोध कर अपने आपको मुसीबत में डाल लेते हैं। कई बार विरोध करने पर राजकार्य में बाधा का मुकदमा भी झेलना पड़ता है। नयी आबकारी नीति के तहत यह सब करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
ये है मतदान प्रक्रिया :
जिस भी वार्ड में शराब की दुकान है, और उससे क्षेत्रवासियों को दुकान हटाने के लिए मतदान करना होगा। शराब की दुकान को हटाने के लिए वार्ड के 20 प्रतिशत वोटर ही काफी है। शर्त ये है कि वार्ड के कुल मतदाताओं में से 20 प्रतिशत वोटर्स (जिनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो) को शराब की दुकान हटाने के लिए एडीएम के समक्ष आपत्ति दर्ज करानी होगी। एडीएम मतदान की तारीख मुकर्रर करेंगे। इसके बाद एडीएम के आदेशानुसार दी हुई तारीख को मतदान कराया जाएगा। मतदान में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं में से 51 प्रतिशत वोटर्स की राय मान्य होगी। इससे कम वोटिंग के आधार पर दुकान नहीं हटाई जा सकती।

एक जुलाई से पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना फ्यूल नहीं

प्री पेड ऑटो के लिए पुख्ता व्यवस्था करें -जिला कलक्टर
उदयपुर लो कॉर्बन मोबिलिटी प्लान के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल
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उदयपुर | लो कॉर्बन मोबिलिटी प्लान में देश के चुनिंदा पांच शहरों में उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना मं शामिल किया गया है। इसे लेकर जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने एक बैठक आयोजित कर परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा कि शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी वाहनों की प्रदूषण मुक्त वाहनों के रूप में जांच कराते हुए इस आशय का प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। एक जुलाई से बिना ‘पॉल्यूशन अंडर कन्ट्रोल‘ सर्टिफिकेट वाले किसी भी वाहन को पेट्रोल/डीज़ल नहीं मिल सकेगा। जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में अधिकाधिक प्रदूषण जांच केन्द्र स्वीकृत करने की कार्रवाई भी करें।
जिला कलक्टर ने कहा कि शहर में पेट्रोल पम्पस् एवं ऑटोमोबाइल एजेन्सीज पर प्रदूषण जांच की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही इन सेंटर्स द्वारा सही ढंग से जांच की जा रही है अथवा नहीं इसकी परिवहन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में जिला कलक्टर ने ऑटो चालकों द्वारा मनमानी राशि वसूली रोकने के दृष्टिगत रेलवे स्टेशन्स/बस स्टेण्ड पर प्री पेड सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्री पेड सिस्टम की पालना यातायात पुलिस तत्परता से करवाएं।
बैठक में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी एम.एल.रावत ने बताया कि उदयपुर में वर्तमान में शहर में 10 पीयूसी सेन्टर हैं तथा फतहनगर में एक पीयूसी सेंटर अधिकृत तौर पर कार्यरत है। साथ ही निकाय क्षेत्र व उपखण्ड मुख्यालयों पर प्रदूषण जांच केन्द्र के लिए परिवहन विभाग को आवेदन किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण फैला रहे वाहनों पर सख्ती की जायेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन निलम्बित करने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मण्डल एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आगामी कार्ययोजना के सुझाव रखे।

ये टेस्ट बताएगा क्या अगले 5 सालों में होने वाली है आपकी मौत ?

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कहते है कि इंसान की मौत कब होगी इसकी भविष्यवाणी ना तो आज तक कोई कर सका है और ना कि कर सकेगा। ना तो ज्योतिष इस बात की गणना कर पाएं है और ना ही वैज्ञानिक। कहने की अर्थ ये है कि संसार में मौत से बड़ा सत्य कुछ भी नहीं है। ऐसे में आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ऐसा टेस्ट आ गया है जिससे आप ये पता लगा सकते हैं कि आपकी मौत कब होगी?
सुनने में जरा अचरज भरा है, लेकिन ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने लोगों की मृत्यु के जोखिम की गणना करने के लिए 11 सवालों का एक सेट तैयार किया है। इन सवालों से भरा ये टेस्ट आपको ये बता देगा कि क्या आपकी मृत्यु अगले पांच सालों में होने वाली है या फिर नहीं।

इन 11 सवालों के इस सेट से 5 मिनट की ऑनलाइन टेस्ट से किसी व्यक्ति के अगले पांच साल जीने की संभावना का पता लगाया जा सकता। इसे बनाने का श्रेय हैस्वीडन के उपसाला यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एरिक एनगेलसन को जाता है, जिन्नेहोंने ये कैलकुलेटर को बनाया। यह कैलकुलेटर 40 से 70 साल के लोगों को उनके स्वास्थ्य का आकलन करने में मदद करेगा। एनगेलसन का मानना है कि इस टेस्ट की मदद से डॉक्टरों को भी मरीजों के डेथ रिस्क को पहचानने में मदद मिलेगी।

क्या है डेथ कैलकुलेटर

एनगेलसन द्वारा तैयार इस डेथ कैलकुलेटर में पीने की आदतों और बॉडी मास इंडेक्स को इस कैलकुलेटर में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि धूम्रपान की आदतों को शामिल किया गया है। वहीं दुर्घटनाओं से होने वाली मौत को भी इस कैलकुलेटर से बाहर रखा गया है। ये रिस्क कैलकुलेटर किसी व्यक्ति की 5 साल में मौत के जोखिम का तुलनात्मक गणना करेगा।

 

बहुत जल्द मार्केट में दिख सकती है फीमेल ‘वायग्रा’!

Lady-Prelox_Udaipur. अभी तक केवल आप पुरूषों की यौन इच्छा बढ़ाने की दवा ‘वायग्रा’ का नाम सुनते होंगे लेकिन अब मार्केट में महिलाओं की भी यौन पॉवर बढ़ाने की दवा भी मार्केट में आने वाली है। खबर है कि महिलाओं की दवा ‘वायग्रा’ को जल्द अप्रूवल मिल सकता है क्योंकि अमेरिका में फेडरल अडवाइजरी पैनल ने इस मामले में सिफारिश की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के हिसाब से क्योंकि अमेरिका में महिलाएं अपने पॉवर को बढ़ाने के लिए लगातार मांग कर रही है, इसके लिए लगातार काफी समय से देश में सेमीनार और कैंपन चलाये जा रहे हैं। जो खबर है उसके हिसाब से इस मसले पर वोटिंग भी हुई है जिसमें FDA के लिए 18 वोट पड़े हैं और 16 वोट उसके विरोध में पड़े हैं।
फेडरल अडवाइजरी पैनल ने जो प्रोजेक्ट सामने रखा है उसमें इस दवा के इफेक्ट और साइड इफेक्ट की भी बातें रखी गई हैं। अगर सब कुछ सही रहा तो मार्केट में जल्दी ही आपको ‘वायग्रा’ फॉर फीमेल देखने को मिलेगा।

नेहरू गार्डन में अब नहीं बजेगी शहनाई

nehru-park-उदयपुर.  फतहसागर झील के बीच नेहरू पार्क में अब शहनाई नहीं गूंजेगी। झील के बीच सितारा होटल की तर्ज पर राज्य सरकार ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)  के नेहरू पार्क में भी शादियां व अन्य आयोजन करवाकर राजस्व कमाने की राह पकड़ी थी। अब सरकार ने वहां आयोजनों पर रोक लगा दी है।

विभाग ने यहां तीन शादियों की बुकिंग रद्द कर आयोजकों को सूचित कर दिया है। इस निर्णय से झीलों के संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों को बल मिलेगा।

राज्य सरकार को उदयपुर के वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक की ओर से पार्क में एक शादी समारोह के आयोजन का आवेदन भेजा। इस जयपुर विभागीय मुख्यालय से अधीक्षण अभियंता (भवन)  एमएल वर्मा ने आदेश जारी किए कि नेहरू पार्क में आयोजन नहीं किया जा सकेगा।

अब तक नेहरू पार्क में शादियों के लिए आयोजकों को वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय में आवेदन करना होता था। वहां से मूल आवेदन राज्य सरकार को भेजा जाता था।

तीन बुकिंग निरस्त

विभाग ने मुख्यालय से पत्र मिलते ही हाथों-हाथ तीन शादियों की एडवांस बुकिंग निरस्त करने के आदेश निकाल दिए।

अब आयोजकों को अमानत राशि लौटाई जा रही है। ये शादियां एक, दो दिसंबर तथा अन्य तारीखों में होने वाली थी।

नेहरू पार्क में कम बजट में मांगलिक आयोजन के लिए जगह तो मिल जाती थी, लेकिन मेहमानों को पार्क तक लाने-ले जाने के लिए नाव का खर्चा ज्यादा होता था।

पीडब्ल्यूडी वहां एक दिन का करीब 75 हजार रुपए किराया लेता है। कम बजट होने के बाद भी शादियां इसलिए खास हो जाती थी,  क्योंकि कम बजट में हिलोरें मारती झील के के बीच आयोजन हटकर नजर आता था।

फतहसागर को फायदा, नहीं बिखरेगी गंदगी-जूठन

झीलों के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट और राज्य सरकार के आदेश, कानून की समग्र रूप से पालना के लिए उपरोक्त रोक लगाई जा रही है।

इस फैसले के बाद फतहसागर के संरक्षण में भी मदद मिलने की बड़ी सरकारी पहल नजर आई है। नेहरू पार्क में आयोजन को लेकर वैसे तो सफाई शुल्क लिया जाता रहा, लेकिन फिर भी वहां झूठन और गन्दगी झीलों में डालने की शिकायतें भी मिलती थीं।