उदयपुर। उदयपुर पुलिस के दो थानों की पुलिस ने आज तड़के नाकाबंदी के दौरान तीन ट्रकों से ५३ बैल और बछड़ों को छुड़ाकर गोशाला भेजा है। ये बैल और बछड़े जयपुर जिले के चाकसू इलाके से लाए गए थे। बताया जा रहा है कि गोवंश को लाने वाले सभी लोग बंजारा जाति से हैं, जिनका डेरा अभी खेरवाड़ा में हैं। गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि गोवंश बेचना उनका धंधा है, जिसके चलते ये बैल और बछड़ों को लेकर खेरवाड़ा जा रहे थे। इधर, पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास कोई वैध कागजात नहीं है। इसलिए सभी को गिरफ्तार किया गया हैं।
सूरजपोल पुलिस ने आज सुबह शूलधारिणी सेना के साथ मिलकर उदियापोल चौराहे पर दो ट्रकों को रोका, जिनमें से एक ट्रक में १५, जबकि दूसरे में २१ बैल और बछड़े भरे थे। एक ट्रक राजसमंद और दूसरी ट्रक उदयपुर की थी। (शेष पेज ९ पर…)
सूरजपोल पुलिस ने ड्राइवर सहित छह जनों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में धूणीमाता डबोक निवासी ड्राइवर पन्नालाल पुत्र दुर्गा बंजारा, भैरूलाल पुत्र सबा बंजारा, मांगीलाल पुत्र पेमा बंजारा, परसराम पुत्र गब्बा बंजारा, राणा कुडी, वल्लभनगर निवासी चतरलाल पुत्र खेता बंजारा, केसरपुरा, कांकरोली निवासी लक्ष्मण पुत्र गोमा बंजारा शामिल है। इधर, गोवर्धनविलास पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान आज सुबह एक ट्रक से १७ बैल और बछड़ों को मुक्त करवाकर गोशाला पहुंचाया है। पुलिस ने ड्राइवर किशन पुत्र जीवा बंजारा और जगदीश पुत्र भानू बंजारा को गिरफ्तार किया है।
गोवंश से भरी तीन ट्रकें पकड़ी
शराब की दुकाने बंद करवाने के लिए प्रदर्शन नहीं मतदान करो
उदयपुर। अब आबादी के बीच में शराब की दुकान खुली हो और आपको परेशानी हो रही हो तो विरोध या धरना प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है।लाेकतांत्रिक तरीके से शराब की दुकान को मतदान कर भी शांतिपूर्ण तरीके से हटाया जा सकता है। आबकारी विभाग की नीति में प्रावधान किया गया है, और नई मद्य संयम नीति के तहत प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष शराब की दुकान के विरोध में मतदान कर शराब की दुकान को हटाया जा सकता है। चाहे शराब की दुकान शहरी क्षेत्र में हो या ग्रामीण क्षेत्र में। इस नीति के तहत एकजुट होकर शराब की दुकान को हटाने में आसानी होगी। अब तक कानून को हाथ में लेकर असंवैधानिक तरीके से शराब की दुकान को हटाने के लिए क्षेत्रवासी हंगामा, धरना प्रदर्शन जैसे विरोध के गैरकानूनी तरीकों को अपनाते आए हैं। पिछले कई समय से शहर में शराब की दुकान को खोलने को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके है। कई जगह शहरवासियों ने विरोध जताते हुए जबरन दुकान को बंद करा दिया। प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपे गए। लेकिन अब ये सब करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।
कोर्ट के आदेश के बाद हाइवे से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खुलने के आदेश दिए है। लेकिन गली मौहल्लों में शराब की दुकान संचालित करने और हटाने को लेकर कोई प्रावधान पूर्व में नहीं थे। गली-मोहल्ले में शराब की दुकानें हटने को लेकर शहर में कई बार विरोध प्रदर्शन होते रहे है। कानून से अनजान लोग नियम तोड़ जाने अनजाने विरोध कर अपने आपको मुसीबत में डाल लेते हैं। कई बार विरोध करने पर राजकार्य में बाधा का मुकदमा भी झेलना पड़ता है। नयी आबकारी नीति के तहत यह सब करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
ये है मतदान प्रक्रिया :
जिस भी वार्ड में शराब की दुकान है, और उससे क्षेत्रवासियों को दुकान हटाने के लिए मतदान करना होगा। शराब की दुकान को हटाने के लिए वार्ड के 20 प्रतिशत वोटर ही काफी है। शर्त ये है कि वार्ड के कुल मतदाताओं में से 20 प्रतिशत वोटर्स (जिनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो) को शराब की दुकान हटाने के लिए एडीएम के समक्ष आपत्ति दर्ज करानी होगी। एडीएम मतदान की तारीख मुकर्रर करेंगे। इसके बाद एडीएम के आदेशानुसार दी हुई तारीख को मतदान कराया जाएगा। मतदान में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं में से 51 प्रतिशत वोटर्स की राय मान्य होगी। इससे कम वोटिंग के आधार पर दुकान नहीं हटाई जा सकती।
एक जुलाई से पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना फ्यूल नहीं
ये टेस्ट बताएगा क्या अगले 5 सालों में होने वाली है आपकी मौत ?
कहते है कि इंसान की मौत कब होगी इसकी भविष्यवाणी ना तो आज तक कोई कर सका है और ना कि कर सकेगा। ना तो ज्योतिष इस बात की गणना कर पाएं है और ना ही वैज्ञानिक। कहने की अर्थ ये है कि संसार में मौत से बड़ा सत्य कुछ भी नहीं है। ऐसे में आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ऐसा टेस्ट आ गया है जिससे आप ये पता लगा सकते हैं कि आपकी मौत कब होगी?
सुनने में जरा अचरज भरा है, लेकिन ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने लोगों की मृत्यु के जोखिम की गणना करने के लिए 11 सवालों का एक सेट तैयार किया है। इन सवालों से भरा ये टेस्ट आपको ये बता देगा कि क्या आपकी मृत्यु अगले पांच सालों में होने वाली है या फिर नहीं।
इन 11 सवालों के इस सेट से 5 मिनट की ऑनलाइन टेस्ट से किसी व्यक्ति के अगले पांच साल जीने की संभावना का पता लगाया जा सकता। इसे बनाने का श्रेय हैस्वीडन के उपसाला यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एरिक एनगेलसन को जाता है, जिन्नेहोंने ये कैलकुलेटर को बनाया। यह कैलकुलेटर 40 से 70 साल के लोगों को उनके स्वास्थ्य का आकलन करने में मदद करेगा। एनगेलसन का मानना है कि इस टेस्ट की मदद से डॉक्टरों को भी मरीजों के डेथ रिस्क को पहचानने में मदद मिलेगी।
क्या है डेथ कैलकुलेटर
एनगेलसन द्वारा तैयार इस डेथ कैलकुलेटर में पीने की आदतों और बॉडी मास इंडेक्स को इस कैलकुलेटर में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि धूम्रपान की आदतों को शामिल किया गया है। वहीं दुर्घटनाओं से होने वाली मौत को भी इस कैलकुलेटर से बाहर रखा गया है। ये रिस्क कैलकुलेटर किसी व्यक्ति की 5 साल में मौत के जोखिम का तुलनात्मक गणना करेगा।
बहुत जल्द मार्केट में दिख सकती है फीमेल ‘वायग्रा’!
Udaipur. अभी तक केवल आप पुरूषों की यौन इच्छा बढ़ाने की दवा ‘वायग्रा’ का नाम सुनते होंगे लेकिन अब मार्केट में महिलाओं की भी यौन पॉवर बढ़ाने की दवा भी मार्केट में आने वाली है। खबर है कि महिलाओं की दवा ‘वायग्रा’ को जल्द अप्रूवल मिल सकता है क्योंकि अमेरिका में फेडरल अडवाइजरी पैनल ने इस मामले में सिफारिश की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के हिसाब से क्योंकि अमेरिका में महिलाएं अपने पॉवर को बढ़ाने के लिए लगातार मांग कर रही है, इसके लिए लगातार काफी समय से देश में सेमीनार और कैंपन चलाये जा रहे हैं। जो खबर है उसके हिसाब से इस मसले पर वोटिंग भी हुई है जिसमें FDA के लिए 18 वोट पड़े हैं और 16 वोट उसके विरोध में पड़े हैं।
फेडरल अडवाइजरी पैनल ने जो प्रोजेक्ट सामने रखा है उसमें इस दवा के इफेक्ट और साइड इफेक्ट की भी बातें रखी गई हैं। अगर सब कुछ सही रहा तो मार्केट में जल्दी ही आपको ‘वायग्रा’ फॉर फीमेल देखने को मिलेगा।
नेहरू गार्डन में अब नहीं बजेगी शहनाई
उदयपुर. फतहसागर झील के बीच नेहरू पार्क में अब शहनाई नहीं गूंजेगी। झील के बीच सितारा होटल की तर्ज पर राज्य सरकार ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नेहरू पार्क में भी शादियां व अन्य आयोजन करवाकर राजस्व कमाने की राह पकड़ी थी। अब सरकार ने वहां आयोजनों पर रोक लगा दी है।
विभाग ने यहां तीन शादियों की बुकिंग रद्द कर आयोजकों को सूचित कर दिया है। इस निर्णय से झीलों के संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों को बल मिलेगा।
राज्य सरकार को उदयपुर के वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक की ओर से पार्क में एक शादी समारोह के आयोजन का आवेदन भेजा। इस जयपुर विभागीय मुख्यालय से अधीक्षण अभियंता (भवन) एमएल वर्मा ने आदेश जारी किए कि नेहरू पार्क में आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
अब तक नेहरू पार्क में शादियों के लिए आयोजकों को वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय में आवेदन करना होता था। वहां से मूल आवेदन राज्य सरकार को भेजा जाता था।
तीन बुकिंग निरस्त
विभाग ने मुख्यालय से पत्र मिलते ही हाथों-हाथ तीन शादियों की एडवांस बुकिंग निरस्त करने के आदेश निकाल दिए।
अब आयोजकों को अमानत राशि लौटाई जा रही है। ये शादियां एक, दो दिसंबर तथा अन्य तारीखों में होने वाली थी।
नेहरू पार्क में कम बजट में मांगलिक आयोजन के लिए जगह तो मिल जाती थी, लेकिन मेहमानों को पार्क तक लाने-ले जाने के लिए नाव का खर्चा ज्यादा होता था।
पीडब्ल्यूडी वहां एक दिन का करीब 75 हजार रुपए किराया लेता है। कम बजट होने के बाद भी शादियां इसलिए खास हो जाती थी, क्योंकि कम बजट में हिलोरें मारती झील के के बीच आयोजन हटकर नजर आता था।
फतहसागर को फायदा, नहीं बिखरेगी गंदगी-जूठन
झीलों के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट और राज्य सरकार के आदेश, कानून की समग्र रूप से पालना के लिए उपरोक्त रोक लगाई जा रही है।
इस फैसले के बाद फतहसागर के संरक्षण में भी मदद मिलने की बड़ी सरकारी पहल नजर आई है। नेहरू पार्क में आयोजन को लेकर वैसे तो सफाई शुल्क लिया जाता रहा, लेकिन फिर भी वहां झूठन और गन्दगी झीलों में डालने की शिकायतें भी मिलती थीं।
कैद करके बनाते रहे हवस का शिकार और फिर किया घिनौना काम
उदयपुर. जिले के जोगीवड़ गांव की एक विवाहिता को बहला फुसला कर गुजरात ले जाने व सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेचने का मामला यहां कोटड़ा थाने में परिवाद के जरिए दर्ज किया गया है। जांच कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार एक माह पहले छह मई को सुबह 9 बजे विवाहिता अपने घर से रिश्तेदार के यहां धागीवास जाने के लिए निकली थी।
कोटड़ा में अस्पताल चौराहे पर उसे गांव का मिरीया मिल गया। मिरीया ने बताया कि वह धागीवास जा रहा है। यह कहते हुए उसे बाइक पर बैठा लिया।
लेकिन वह पीडि़ता को गांधीसरणा होता हुआ गुजरात के वाकल गांव में मकना के घर ले गया। पीडि़ता के विरोध करने पर मकना व मिरीया ने मिलकर उसके हाथ -पैर बांधे व मकान में बंद कर दिया। देर रात दोनों ने अपने दोस्त सिरोही के जीतू उर्फ जितेन्द्र सिंह को भी बुलवा लिया। बाद में तीनों ने उसके मुंह में कपड़ा ठंूसा व दुष्कर्म किया।
अगले दिन एक अन्य युवक खेरोज निवासी अमृत ठाकोर गाड़ी लेकर वाकल स्थित मकना के घर आया । पीडि़ता को जबरन गाड़ी में बैठाया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की पीडि़ता के चेहरे व पैर पर चोटें आई।
आरोपित उसे अम्बाजी लेकर पहुंचे। वहां इनका एक और साथी लक्ष्मण मिल गया। यहां से गुजरात के ऊंझा गांव ले गए ।
जहां पहले से तैयार बैठे लालू भाई ठाकोर को 1 लाख 15 हजार रुपए में पीडि़ता को बेच दिया। ऊंझा में लालू भाई रोजाना जान से मारने की धमकी दे कर दुष्कर्म करता।
लगभग 11 दिनों तक यह पीड़ा झेलने के बाद 17 मई को पीडि़ता को वहां से निकलने का मौका मिल गया । जैसे -तैसे वह अंबाजी तक आ गई ।
यहां उसकी तलाश कर रहे पति व भाई मिल गए। उसने दोनों को आपबीती सुनाई। कोटड़ा पंहुचने पर पीडि़ता ने 26 मई को कोर्ट में इस्तगासा पेश किया।
थानाधिकारी भोपाल सिंह ने बताया कि मामला अनुसूचित जाति जनजाति का होने के कारण जांच कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक शैतान सिंह कर रहे हैं।
पुलिया पर लटकी तो ठहर गई सांसें
उदयपुर. जिले के कोटड़ा कस्बे में एक जीप अनियंत्रित होकर पामरी नदी के पुलिया पर लटक गई। उसमें सवार युवक उछलकर नदी में जा गिरा।
जीप का एक पहिया पुलिया से नीचे चला गया पर चालक के नियंत्रण पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान जीप में बैठे यात्रियों की जान पर बन आई।
हालांकि राजपुर निवासी नरेश (32) पुत्र मेहता जीप से उछल कर करीब 15 फीट नीचे नदी में जा गिरा।
नदी की तलहटी में घास -फूस , पानी व गीली मिट्टी होने के कारण नरेश को कोई गंभीर चोट नहीं लगी।
घटना के तत्काल बाद चालक जीप को मौके पर ही यथास्थिति में छोड़ कर भाग गया। बाद में सभी सवारियां भी उतरकर चलती बनी।
कल्पना पैथलैब में होंगी रियायती दरों पर 369 तरह की जांचे
उदयपुर । गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय परिसर में पीपीपी मोड आधारित पैथॉलॉजी लेब का उद्घाटन किया। जहां आम जन को किफायती दर पर 369 तरह की जांचों का लाभ आधुनिक मशीनों से मिल सकेगा।
श्री कटारिया ने कहा कि महराणा भूपाल चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलियटी सेवाओं के लिये हर जरूरत को प्राथमिकता से पूरा किया जायेगा। उन्होने कहा कि उदयपुर में ही अहमदाबाद के समकक्ष आधुनिक एवं गुणवत्ता आधारित चिकित्या सेवाओं के लिये सभी जनप्रतिनिधि एवं भामाशाहों को एकजुटता से प्रयास करने होंगे। उन्होंने बहुत कम दरों पर जांच सेवाओं के लिये आगे आने के लिये कल्पना पैथलेब की सराहना की और कहा कि गरीब को सस्ता इलाज सुलभ हो सके इससे बेहतर और कुछ नहीं है।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि चिकित्सालय में प्रतिदिन होने वाली 5 हजार जांचों का कार्य पैथलेब में लगी अत्याधुनिक मशीनों से गुणवत्ता एवं त्वरित गति से हो सकेगा। एमबी हॉस्पीटल के अधीक्षक डॉ. तरुण गुप्ता ने भी चिकित्सालय सेवाओं के विस्तार के लिये प्रतिबद्धता जतायी।





