कैद करके बनाते रहे हवस का शिकार और फिर किया घिनौना काम

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kidnape-and-rape-उदयपुर.  जिले के जोगीवड़ गांव की एक विवाहिता को बहला फुसला कर गुजरात ले जाने व सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेचने का मामला यहां कोटड़ा थाने में परिवाद के जरिए दर्ज किया गया है। जांच कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार एक माह पहले छह  मई को  सुबह 9 बजे विवाहिता अपने घर से रिश्तेदार के यहां धागीवास जाने के लिए निकली थी।

कोटड़ा में अस्पताल चौराहे पर उसे गांव का मिरीया मिल गया। मिरीया ने  बताया कि वह धागीवास जा रहा है। यह कहते हुए उसे बाइक पर बैठा लिया।

लेकिन वह पीडि़ता को गांधीसरणा होता हुआ गुजरात के वाकल गांव में मकना के घर ले गया। पीडि़ता के  विरोध करने पर मकना व मिरीया  ने मिलकर  उसके हाथ -पैर बांधे व मकान में बंद कर दिया। देर रात  दोनों ने अपने दोस्त सिरोही के जीतू उर्फ  जितेन्द्र सिंह को भी बुलवा लिया। बाद में तीनों ने उसके मुंह में कपड़ा ठंूसा व दुष्कर्म किया।

अगले दिन  एक अन्य युवक खेरोज निवासी अमृत ठाकोर  गाड़ी लेकर वाकल स्थित मकना के घर आया । पीडि़ता को जबरन गाड़ी में बैठाया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की पीडि़ता के चेहरे व पैर पर  चोटें आई।

आरोपित उसे अम्बाजी लेकर पहुंचे।  वहां इनका एक और साथी लक्ष्मण मिल गया। यहां से गुजरात के ऊंझा गांव ले गए ।

जहां पहले से तैयार बैठे लालू भाई  ठाकोर को 1 लाख 15 हजार रुपए में पीडि़ता को बेच दिया। ऊंझा  में लालू भाई रोजाना जान से मारने की धमकी दे कर दुष्कर्म करता।

लगभग 11 दिनों  तक यह पीड़ा झेलने के बाद  17 मई को पीडि़ता को वहां से निकलने का मौका मिल गया । जैसे -तैसे वह अंबाजी तक आ गई ।

यहां उसकी तलाश कर रहे पति व भाई  मिल गए।  उसने दोनों को आपबीती सुनाई। कोटड़ा पंहुचने पर पीडि़ता ने 26 मई को कोर्ट में इस्तगासा पेश किया।

थानाधिकारी भोपाल सिंह ने बताया कि मामला अनुसूचित जाति जनजाति का होने के कारण जांच कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक शैतान सिंह कर रहे हैं।

पुलिया पर लटकी तो ठहर गई सांसें

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उदयपुर. जिले के कोटड़ा कस्बे में एक जीप अनियंत्रित होकर पामरी नदी के पुलिया पर लटक गई। उसमें सवार युवक उछलकर नदी में जा गिरा।

जीप का एक पहिया पुलिया से नीचे चला गया पर चालक के नियंत्रण पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान  जीप में बैठे यात्रियों की जान पर बन आई।

हालांकि राजपुर निवासी  नरेश (32) पुत्र मेहता जीप से उछल कर करीब 15 फीट नीचे नदी में जा गिरा।

नदी की तलहटी में घास -फूस , पानी व  गीली मिट्टी होने के कारण नरेश को कोई गंभीर चोट नहीं लगी।

घटना के तत्काल बाद चालक जीप को मौके पर ही यथास्थिति में छोड़ कर भाग गया। बाद में सभी सवारियां भी उतरकर चलती बनी।

जश्न – ए – परवाज़ का जादू में देर रात तक छाया रहा

indian-mushaira-5573f1514e165_l (1)उदयपुर. गुलाब, ख्वाब, दवा, जहर, जाम क्या-क्या है, उदयपुर वालों मैं आ गया हूं बताओ इंतजाम क्या है, चलते फिरते हुए महताब दिखाएंगे तुम्हें, हमसे मिलना कभी पंजाब दिखाएंगे तुम्हे, चांद हर छत पर है, सूरज हर एक आंगन में, नींद से जागो तो कुछ ख्वाब दिखाएंगे तुम्हें। ख्यात शायर डॉ. राहत इंदौरी ने कुछ इसी अंदाज में जश्न-ए-परवाज शाम को रंग दिया तो।
मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली ने “अबके खफा हुआ है इतना खफा भी हो,
तू भी हो और तुझ में कोई दूसरा भी हो,

आँख न छीन मेरी नकाब बदलता चल,
यूँ हो की तू करीब भी हो और जुड़ा भी हो,
गाजर के अशआरों ने समा को जवान करदिया। निदा फ़ाज़ली ने आमिर खुशरों की लिखी ग़ज़लें और दोहे भी पढ़े। आखिर में बड़े शायर वसीम बरेलवी ने अपने अलग अंदाज़ में तरन्नुम के साथ जब नज़म पड़ी तो श्रोता झूम उठे और हर तरफ से वाह वाह की दाद आती रही। बरेलवी के
” अपने हर एक लफ्ज़ का खुद एक आइना हो जाऊगां,
उसको छोटा कह के में कैसे बड़ा होजाउगां ,
तुम गिरने में लगे थे तुमने सोचा ही नहीं,
में गिरा तो मसाला बन कर खड़ा होजऊगां । जैसी कई ग़ज़लों पर खूब दाद मिली ।
रात दो बजे तक चले मुशायरे का संचालन अनवर जलालपुरी ने किया। उनकी सुनाई नज्म ‘तुम्हारे घर में दरवाजा है लेकिन तुम्हें खतरे का अंदाजा नहीं, हमें खतरे का अंदाजा लेकिन हमारे घर में दरवाजा नहीं….. ने श्रोताओं को चौकन्ना रहने का संदेश दिया।
सृजन द स्पार्क एवं हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के साझे में लोककला मण्डल के मुक्ताकाशी रंगमंच पर भारतीय मुशायरा में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए गए।
इंदौरी ने युवाओं के लिए ‘तूफानों से आंख मिलाओ सैलाबों पर वार करो, मल्हाओं का चक्कर छोड़ो, तैर कर दरिया पार करो…… सुना श्रोताओं से खूब तालियां बंटोरी।
उन्होंने जनाजे पर मेरे लिख देना यारों, मोहब्बत करने वाला जा रहा है … नज्म सुनाई तो श्रोता जमकर दाद देने से नहीं चूके। खूब तालियां बजा उनका अभिनंदन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश जोशी थे।अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (उदयपुर रेंज) आनन्द श्रीवास्तव ने की।
इस अवसर पर चित्तौडग़ढ़ पुलिस अधीक्षक प्रसन्नकुमार खमेसरा, सृजन द स्पार्क के अध्यक्ष श्याम एस.सिंघवी, सचिव राजेश शर्मा, राजेश खमेसरा, दिनेश कटारिया, जिंक के सीओओ (स्मेल्टिंग) विकास शर्मा, सुनील दुग्गल, नवीन सिंघल सहित कई अतिथि मौजूद थे।
कार्यक्रम समन्वयक जयपुर के मोअज्जम थे। मुशायरे की निज़ामत लखनऊ के अनवर जलालपुरी की।
हाथ में हाथ रह जाए…
शायर हसन कमाल ने सूरज लहूलुहान समन्दर में गिर पड़ा, दिन का गुरुर टूट गया शाम हो गई, सबकी बिगड़ी को बनाने निकले यार हम तुम भी दिवाने निकले, धूल है रेत है सेहरा है यहां, हम कहां प्यास बुझाने निकले हैं जैसी रचनाएं सुनाईं तो श्रोता आनंदित हो गए।
शकील आजमी ने ‘कुछ इस तरह से मिले हम की बात रह जाए, बिछड़ भी जाएं तो हाथ में हाथ रह जाए…..Ó नज्म सुनाई तो श्रोता भी उनके साथ शब्दो को दोहराने लगे।
मदनमोहन दानिश ने ‘कभी मायूस न होना किसी बीमार के आगे, भला लाचार क्या होना किसी लाचार के आगे… सुना सभी में जोश भरने का काम किया।
निदा से निजाम तक सब शायर छाए
सितारों से सजी शायरों की इस शाम में देश के 12 ख्यातनाम शायर मुबंई से प्रख्यात शायर निदा फाज़ली, हसन कमाल, इन्दौर से राहत इन्दौरी, बरेली के वासिम बरेलवी, जोधपुर के शीन काफ निज़ाम, मुबंई के शकील आजमी, ग्वालियर के मदन मोहन दानिश, कानपुर से प्रमोद तिवारी, जोधपुर के अरुणसिंह मखमूर, जयपुर की मलिका नसीम और उदयपुर से प्रकाश नागौरी ने शिरकत की।
निदा से निजाम तक सभी शायरों ने श्रोताओं के दिल पर छाप छोड़ी। नागौरी ने जुगनुओं को मशाल जलाते नहीं देखा, दरख्तों को छांव लगाते नहीं देखा, बैखोफ सोते पसर कर जो रोज, रेत पर उन्हें नींद की गोली खाते कभी नहीं देखा जैसी बेहतरीन नज्म सुनाई।

कल्पना पैथलैब में होंगी रियायती दरों पर 369 तरह की जांचे

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उदयपुर । गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय परिसर में पीपीपी मोड आधारित पैथॉलॉजी लेब का उद्घाटन किया। जहां आम जन को किफायती दर पर 369 तरह की जांचों का लाभ आधुनिक मशीनों से मिल सकेगा।
श्री कटारिया ने कहा कि महराणा भूपाल चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलियटी सेवाओं के लिये हर जरूरत को प्राथमिकता से पूरा किया जायेगा। उन्होने कहा कि उदयपुर में ही अहमदाबाद के समकक्ष आधुनिक एवं गुणवत्ता आधारित चिकित्या सेवाओं के लिये सभी जनप्रतिनिधि एवं भामाशाहों को एकजुटता से प्रयास करने होंगे। उन्होंने बहुत कम दरों पर जांच सेवाओं के लिये आगे आने के लिये कल्पना पैथलेब की सराहना की और कहा कि गरीब को सस्ता इलाज सुलभ हो सके इससे बेहतर और कुछ नहीं है।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि चिकित्सालय में प्रतिदिन होने वाली 5 हजार जांचों का कार्य पैथलेब में लगी अत्याधुनिक मशीनों से गुणवत्ता एवं त्वरित गति से हो सकेगा। एमबी हॉस्पीटल के अधीक्षक डॉ. तरुण गुप्ता ने भी चिकित्सालय सेवाओं के विस्तार के लिये प्रतिबद्धता जतायी।

हिन्दुस्तान जिंक को ग्रीन मैन्यूफैक्रिंग एक्सीलेन्स अवार्ड

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हिन्दुस्तान जिंक की चन्देरिया ईकाई को फ्रॅास्ट सुलिवन-ग्रीन मैन्यूफैक्रिंग एक्सीलेन्स अवार्डहिन्दुस्तान जिंक की ईकाई चन्देरिया लेड-जिंक स्मेल्टर को फ्रॅास्ट सुलिवन-ग्रीन मैन्यूफैक्रिंग एक्सीलेन्स अवार्ड-2015 से पुरस्कृत किया। हिन्दुस्तान जिंक को यह प्रतिष्ठत पुरस्कार हाल ही में होटल हयात मुम्बई में आयोजित एक भव्य समारोह में धातु क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। ज्ञातव्य रहे कि हिन्दुस्तान जिंक धातु क्षेत्र में देष की अग्रणीय कंपनी है।

यह पुरस्कार कंपनी की ओर से ईकाई के लोकेषन हेड राजेष कुण्डू, निकिता भक्त, एसोसिएट मैनेजर (एच.आर.) एवं आर.एस. राव-एग्जीक्यूटिव (प्रोसस) ने ग्रहण किया।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेषन श्री पवन कौषिक ने कहा कि यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक के चन्देरिया लेड जिंक स्मेल्टर ईकाई द्वारा धातु क्षेत्र में उत्कृष्टकता एवं आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के साथ-साथ स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावारण हेतु उठाये गये प्रभावी उपायों की मान्यता है।

Hindustan Zinc celebrates World Environment Day

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Hindustan Zinc carried out a special plantation drive on the occasion of World Environment Day – 5th June, 2015. The drive was carried out in all its business locations spread across 5 districts – Udaipur, Chittorgarh, Bhilwara, Rajsamand and Ajmer.

 

In a message to all employees, Akhilesh Joshi, CEO-HZL emphasised on the importance of individuals to bring out change and also highlighted the  annual theme recommended by the United Nations Environment Programme — ‘Seven Billion Dreams. One Planet. Consume with Care’. He said “World Environment Day is the opportunity for everyone to realize the responsibility to care for the Earth and to become agents of change. Every small step taken by each one of us is a mighty step forward in terms of creating a better environment for next generation.”

 

Hindustan Zinc’s Chanderiya Smelting Complex, has special focus on planting the saplings of medicinal properties. In addition, poster making competition, environment quiz, photography, slogans writing competition and essay writing competitions were organised.

 

Over 1.4 million saplings have been planted by the Company over the years. As a part of green energy initiatives the company is also one of the largest producers of wind power – 274 MW in India, which is registered under Clean Development Mechanism (CDM) of United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) and is entitled for carbon credits. Hindustan Zinc produces also about 35.4 MW of power through the waste heat recovery process. Utilization of fly-ash and slag, adoption of environment friendly technology, water conservation and setting-up Sewage Treatment Plant in Udaipur are some of the many key initiatives taken by the Company towards care for the environment.

आज रात बरसेगी रहमत – जारी रहेगा रात भर इबादत में दुआओं का दौर

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उदयपुर। मुस्लिम समुदाय द्वारा आज रहमतों की रात यानी शब-ए-बरात रोज़े रख और इबादत के साथ मनाई जा रही है। इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की 15वीं रात को दुआ-मगफिरत की यह रात शब-ए-बारात के रूप में माई जाती है। मना जाता है कि आज अल्लाह की रहमत के दरवाजे खुल जाएंगे। अकीदतमंद पूरी रात इबादत में बिताएंगे। अल्लाह की खुशी के लिए अकीदतमंद पूरी रात इबादत में गुजारेंगे। कई अकीदतमंदों ने आज के दिन में नफ्ली रोजे भी रखे हंै। शाम को कब्रिस्तान जाकर दिवंगतों की मगफिरत के लिए दुआ की जाएगी। शहर की मस्जिदों में पूरी रात इबादत का दौर चलेगा। अकीदतमंद गुनाहों का प्रायश्चित करेंगे और इबादत में रात गुजारेंगे। परम्परा के अनुसार आज घरों में शब की रात के मौके पर तरह-तरह के हलवे तैयार किए जाएंगे और अपने अजीजो अकारिब को तकसीम किए जाएंगे। ऐसी मान्यता है कि हजरत मोहम्मद साहब ने अपने दिवंगतों के लिए हलवे की फातेहा लगाई थी। मेवाड़ में ये परंपरा हजरत गरीब नवाज के समय से करीब 800 वर्ष से है।
तय होगा आगामी वर्ष का भाग्य : पलटन मस्जिद के मौलाना बताते हैं कि हदीस के मुताबिक शब की रात में ईश्वर मनुष्य के आगामी वर्ष का भाग्य तय करते हैं। इस रात अल्लाह रहमत के दरवाजे खोल देता है और हर उस शख्स को बख्श देता है जो शिर्क करने वाला हो। इस रात में हर शख्स को कुरान की तिलावत में समय गुजारना चाहिए। अकीदतमंदों को शबे बारात के दिन पांच वक्त की नमाज अदा करनी चाहिए। वहीं कुरान ख्वानी कर रोजे रखने चाहिए। महिलाएं घरों में मिलाद शरीफ करें।
इस्लाम में पांच रातें महत्वपूर्ण
इस्लाम में पांच रातें महत्वपूर्ण मानी गई हैं। इनमें इबादत के माह रमजान में शब-ए-कद्र की रात, जिलहिज्जा के महीने में बकरीद के समय की तीन रातें और शाबान के महीने में शब-ए-बारात शामिल हैं।
आज के दिन घरों में बनेगें कई तरह के हलवे
शब-ए-बारात में खास तौर पर विशेष रूप से अलग-अलग तरह के हलवे तैयार किए जाते हैं। जिसकी तैयारियां आज सुबह से चल रही है। आज के दिन मुस्लिम घरों में रवा, सूजी का हलवा, मूंग का हलवा, बेसन का हलवा, गले हुए गेंहू, दूध-मावे का हलवा, पिस्ता, अखरोट, पाइनेपल, आम, तरबूज, केले, अंडे, घीया, शलगम, पपीते के अलावा ड्रायरूट के हलवे बनाए जाते हैं। विशेष तौर पर सूखा हलवा जैसे सूजी का हलवा, बेसन का हलवा और ड्राइ फ्रूट्स का हलवा रोजे के लिए विशेष तैयार किया जाता है।
मोहम्मद साहब को दी जाती है हलवे की फातेहा
शब-ए-बारात बरकतों की रात कहलाती है, इसमें जो भी बंदा अल्लाह की बारगाह में मुरादें मांगता है, वो पूरी होती है। नफ्ल पढऩे, सुन्नत पढऩे से बरकतें मिलती हैं। इस दिन अल्लाह की रहमत के दरवाजे खुल जाते हैं। खास बात ये है कि इस दिन हजरत मोहम्मद साहब और उनके चाचा हजरत अमीर हमजा को हलवे की फातेहा दी जाती है। दिन में तो हलवे पकाते हैं। रात में पूरा समय इबादत में बिताते हैं।

मूमल मार्बल में युवक की ब्लॉक के नीचे दबने से मौत – मार्बल फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं

mumal marbaleउदयपुर। सुखेर स्थित मूमल मार्बल परिसर में आज सुबह एक श्रमिक की मार्बल के ब्लॉक के नीचे दबने से मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को मुर्दाघर में रखवाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई। इधर, मूमल मार्बल के जिम्मेदार अधिकारी श्रमिक की मौत पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए इस मामले से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
आज सुबह 11.30 बजे सुखेर स्थित मूमल मार्बल परिसर में खेरवाड़ा निवासी चरण मीणा क्रेन पर लगे हुए मार्बल ब्लॉक का कट लगा रहा था। उसी समय ब्लॉक का कट लगा हुआ हिस्सा आकर चरण मीणा पर गिर गया, जिससे वह ब्लॉक के नीचे दब गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहां के कर्मचारियों ने श्रमिक चरण मीणा को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने शव को मुर्दाघर में रखवाया है। इधर, मूमल मार्बल के मालिक शांतिलाल सिंघवी का कहना है कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। मैं किसी काम से शहर से बाहर आया हूं। मैनेजर केसर पालीवाल का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। ठेकेदार का आदमी था, कैसे मरा, वो ही बताएगा। जानकारी के अनुसार मूमल मार्बल के इस परिसर में ब्लॉक की कटिंग का काम होता है, जहां से बड़े-बड़े मार्बल के ब्लॉक क्रेन और ट्राली से इधर-उधर किए जाते हैं। यहां पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतज़ाम नहीं है। जब श्रमिक चरण मीणा के ऊपर कट लगा हुआ ब्लॉक गिरा तब भी ऐसे कोई इंतज़ाम नहीं थे कि हादसा नहीं होता या उसको रोका जाता।

जल्दी खुलेगा उदयपुर में पासपोर्ट केंद्र

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Indian-passportउदयपुर। भाजपा सरकार की एक साल में उपलब्धियां बताने आई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आते ही पत्रकार वार्ता में उदयपुर में पासपोर्ट कार्यालय खोलने का वादा कर दिया है ।
सुषमा स्वराज ने पत्रकार वार्ता और टाउनहाल में आयोजित जान सभा में कहा की उदयपुर वासियों की जन भावना को ध्यान में रखते हुए यहां पर पासपोर्ट केंद्र जल्दी ही स्थापित कर दिया जाएगा । सभा के में इस घोषणा के दौरान ही गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बताया की हमने पासपोर्ट केंद्र खोलने के लिए एक सामुदायिक भवन में विदेश मंत्रालय को सौंप दिया है। इस बात पर शुषमा स्वराज ने कहा की तब तो कोई मुश्किल ही नहीं जल्द ही केंद्र शुरू करने की व्यवस्थाएं कर दी जायेगी ।
गौरतलब है की उदयपुर में पासपोर्ट केंद्र खोलने के लिए कई संगठन लम्बे समय से प्रयास कर रहे है ।
विदेश मंत्री श्रीमती स्वराज ने अपने संबोधन दौरान उदयपुर में पासपोर्ट कार्यालय को पुन: खोलने की घोषणा के साथ ही जयपुर तक की फ्लाईट को भी शुरू करवाने के प्रयास करने की बात कही।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जायेगा शहीद कैप्टन सौरभ कालिया का मामला: सुषमा

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कारगिल युद्ध में बंधक कैप्टन को क्रुर यातनाएं दी गई थी पाकिस्तानी फौज द्वारा

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उदयपुर। कारगिल युद्ध में शहीद हुए सौरभ कालिया और पांच अन्य भारतीय जवानों को न्याय दिलाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार फ्रंट फुट पर आ गई है। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को उदयपुर में जनकल्याण पर्व सप्ताह के तहत उदयपुर दौरे के दौरान आते ही यह बात पत्रकार वार्ता में साझा करते हुए बताई । सुषमा स्वराज ने कहा की अभी सौरभ कालिया के मामले में ही केंद्रीय मंत्री मंडल की बैठक चल रही थी जिसमे यह निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने के बाद इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट लेकर जाएगी। सुषमा स्वराज ने बताया कि इस मामले में केन्द्र सरकार द्वारा आज की गई बैठक में सौरभ कालिया मामले में अहम निर्णय लिये गये। केन्द्र सरकार का निर्णय बताते हुए कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनाम को बदला जायेगा। दरअसल अब तक कॉमनवेल्थ देश होने के नाते युद्घ से जुडे मामले दोनों देश अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट में नहीं ले जाते हैं, ऐसे में केन्द्र सरकार ने सौरभ कालिया के मामले को अपवाद स्वरूप माना हें और इस मामले में हलफनामे को बदलते हुए सुप्रिम कोर्ट से अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट में जाने की इजाजत मांगी जायेगी। सुप्रिम कोर्ट के निर्णय के बाद आगे कदम बढाया जायेगा।
इससे पहले तक केंद्र सरकार पीछे हटते दिख रही थी और यह कह रही थी कि भारत इस मुद्दे को इंटरनेशनल कोर्ट में नहीं sushama swarajउठाएगा।
इस मामले में सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि इस मामले को न्यूयार्क अधिवेशन के दौरान २२ सितंबर १९९९ को और मानवाधिकार आयोग को अप्रैल २००० में ही अवगत करा दिया गया है।
अतंर्राष्ट्रीय कोर्ट के जरिए कानूनी कार्रवाई के बारे में भी सारे पहलुओं पर विचार किया गया, लेकिन यह संभव नहीं लगता। शहीद सौरभ कालिया के पिता सरकार के इस रवैये से खासे खफा भी हुए थे। उनहोंने कहा कि मुझे लगा था कि बीजेपी सरकार देश भक्त होगी लेकिन ये सरकार भी वैसी ही निकली।
इससे पहले सौरव के पिता एनके कालिया ने २०१२ में सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। उनकी मांग है कि विदेश मंत्रालय इस मामले को इंटरनेेशनल कोर्ट में उठाए ताकि जिन पाकिस्तानी सैनिकों ने उनके बेटे की निर्मम हत्या की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। क्योंकि इस तरह का बर्ताव युद्घ बंदियों के साथ जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन है।
गौरतलब है कि ४ जाट रेजीमेंट के कैप्टन सौरभ कालिया को १५ मई १९९९ को पांच जवानों के साथ बंधक बना लिया गया था। जहां पर पाकिस्तानी सैनिकों ने उन पर खूब अतमानवीय अत्याचार किए थे जिस कारण उनकी मौत हो गई थी।
सुषमा स्वराज ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान सवालों के जवाब ब$डी बेबाकी से दिए । प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश मंत्री से अधिक यात्राओं के जवाब में उन्होंने कहा की उन्होंने २१ देशों की यात्रा की है मोदी ने १८ देशों की । मोदी से उनके मतभेद होने की बात को सिर्फ अफवाह और बेबुनियाद बताया।