अगर सप्‍ताह भर में रेल यात्रा करने जा रहे हैं तो आपका ये जानना ज़रूरी है।

. दिल्ली मार्ग पर निर्माण के चलते मेवाड़ एक्सप्रेस और चित्तौडगढ़़ के पास कार्य के चलते उदयपुर-रतलाम ट्रेनें सप्ताहभर के लिए निरस्त की गई है। ऐसे में दिल्ली और रतलाम जाने वाले यात्रियों को असुविधा रहेगी।उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन अधीक्षक मुकेश जोशी ने बताया कि फरीदाबाद में नॉन इंटरलॉक कार्य के चलते सुबह 7.20 बजे आने वाली गाड़ी संख्या 12963 निजामुद्दीन-उदयपुर (मेवाड़ एक्सप्रेस) 26, 28, 29 फरवरी और 01 मार्च को नहीं आएगी। यह मंगलवार को भी नहीं आई थी। इसी तरह शाम 6.15 बजे आने वाली गाड़ी संख्या 12964 उदयपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस 27, 28, 29 फरवरी को नहीं चलेगी। यह सोमवार-मंगलवार को भी नहीं गई।
सीधे दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए विकल्प के तौर पर शाम 5.15 बजे सिटी स्टेशन से जाने वाली चेतक एक्सप्रेस संचालित है। चेतक एक्सप्रेस चित्तौडगढ़़ से आगे भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, रिंगस, श्रीमाधोपुर, नीम का थाना, नरनौल, रेवाड़ी, गुडग़ांव, देहलीकेंट होते हुए दिल्ली सराय रोहिल्ला पहुंचती है।
इस रूट के यात्रियों को परेशानी :मेवाड़ एक्सप्रेस ट्रेन चित्तौडगढ़़ से आगे मांडलगढ़, बूंदी, कोटा, सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी, महावीरजी, हिंडौन सिटी, बयाना, भरतपुर, मथुरा, कोसीकलां, निजामुद्दीन जंक्शन जाने वाले यात्रियों को परेशानी रहेगी।

रतलाम मार्ग भी प्रभावित : चित्तौडगढ़़ के पास गंभीरी रोड और शंभूपुरा में रेलवे ट्रेक पर डबलिंग कार्य के चलते उदयपुर-रतलाम ट्रेन भी 29 फरवरी तक नहीं चलेगी। यह ट्रेन 23 फरवरी से प्रभावित है। ऐसे में उदयपुर से रतलाम जाने वाले यात्रियों को 1 मार्च से पुन: इस ट्रेन की सुविधा मिल पाएगी।

राजस्थान में देश का सबसे बड़ा सरकार द्वारा संचालित एंटरप्राइज़ इन्क्यूबेशन नेटवर्क है

इण्डिया डेवलपमेन्ट कोएलिशन ऑफ अमेरिका (आईडीसीए) ने इंटरनेशन स्कूल ऑफ इन्र्फोमेेटिक्स एण्ड मैनेजमेन्ट एवं रोटरी क्लब जयपुर के सहयोग से आज ‘‘भारत में गरीबी उन्मूलन एवं जलवायु परिवर्तन हेतु आधुनिक प्रथाओं’ विषय पर नौवें उत्तर भारत क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। धीरज कुमार, राजस्थान फाउन्डेशन के आयुक्त; अरविंद थान्वी, संस्थापक एवं चीफ़ मेंटर- मोहिनी फाउन्डेशन; डाॅ मोहन जैन, ट्रस्टी एवं संस्थापक अध्यक्ष, आईडीसीए, सम्मेलन के मुख्य प्रवक्ता थे।
इस मुद्दे के लिए राजस्थान सरकार की प्रतिबद्धता पर बात करते हुए धीरज कुमार, राजस्थान फाउन्डेशन के आयुक्त ने राज्य में नव्यकरणीय उर्जा के विकास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दृष्टिकोण की सराहना की। ‘‘नई राजस्थान सौर उर्जा नीति 2019, पवन एवं संकर उर्जा नीति 2019 और ज़िला मुख्यालयों तथा हरित उर्जा शहरों के रूप में शहरी विकास के लिए बजट घोषणाएं आदि ऐसे मुख्य क्षेत्र हैं, जहां राजस्थान सरकार ने जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ ढांचे का विकास किया है।’’
धीरज कुमार ने जलवायु परिवर्तन एवं गरीबी के बीच के संबंध पर बात करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे ज़्यादा असर ज़्यादा संवेदनशील लोगों पर ही पड़ता है। विश्व बैंक के मुताबिक यह 100 मिलियन अतिरिक्त लोगों को गरीबी के जाल में फंसा सकता है। कृषि एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़े खतरों को देखते हुए भारत के सामने कई चुनौतियां हैं।
धीरज कुमार ने राज्य सरकार द्वारा बजट में घोषित सात संकल्पों की बात कही और छात्रों को सुझाव दिया कि गरीबी के उन्मूलन के लिए इनोवेशन्स तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा निर्दिष्ट क्षेत्रों में समाज सेवा के लिए के अवसरों पर ध्यान दें। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा राज्य बजट में ऐलान किए गए इन मुख्य क्षेत्रों पर रोशनी डाली- निरोगी राजस्थान, सम्पन्न किसान, महिला, बाल और वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर, छात्र, युवा जवान, शिक्षा का परिधान, पानी-बिजली और सड़कों का मान तथा कौशल और तकनीक परिधान।
‘‘अगर आपके पास सामाजिक उद्यम का विचार है, तो आप आईस्टार्ट के साथ शुरूआत कर सकते हैं।’’ राजस्थान फाउन्डेशन के आयुक्त श्री धीरज कुमार ने जयपुर में मंगलवार को आयोजित नौंवे उत्तर भारत क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान सभा को सम्बोधित करते हुए कहा। आईस्टार्ट को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों तक विस्तारित करने के लिए बजट घोषणाओं ने भारत के सबसे बड़े सरकार द्वारा संचालित इन्क्यूबेशन नेटवर्क की नींव रखी है। बीआईटीएस पिलानी, एमएनआईटी और आईआईटी जोधपुर के लिए पेश किया गया प्रोग्राम महत्वाकांक्षी उद्यमियों को आश्वस्त करता है, स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए पेश की गई यह पहल सामाजिक उद्यमों के माध्यम से सामाजिक बदलाव की दिशा में भी तत्पर है।
सम्मेलन के दौरान अरविन्द थान्वी और डाॅ मोहन जैन ने भी सभा को सम्बोधित किया, जिन्होंने साल 2012 में राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शुरू की गई शिक्षा प्रक्रिया में सुधार की विभिन्न पहलों पर जानकारी दी, जो अब चार राज्यों और देश के 1800 से अधिक स्कूलों में मौजूद हैं।
200 छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों से प्रमुख विशेषज्ञों ने सममेलन में हिस्सा लिया। छात्रों को सामाजिक ज़िम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें सामाजिक उद्यमिता की अवधारणा समझने में मदद करना इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य था। सम्मेलन के दूसरे दिन शिक्षा एवं आजीविका में उभरते पहलुओं पर चर्चा की गई।

एअर इंडिया को खरीदने के लिए बोली लगा सकता है अदाणी समूह

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उद्योग समूह अदाणी ग्रुप कर्ज के बोझ से दबी सरकारी एयरलाइन एअर इंडिया के लिए बोली लगा सकता है। ग्रुप के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक कंपनी में इस मुद्दे पर आंतरिक तौर पर विचार-विमर्श का दौर जारी है कि कंपनी को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल करना चाहिए या नहीं। अभी इस पर बातचीत शुरुआती स्तर पर है। यदि ग्रुप ईओआई दाखिल करती है तो यह उसके डायवर्सिफिकेशन की दिशा में एक और मोड़ होगा।

कई उद्योग क्षेत्रों में सक्रिय है अदाणी ग्रुप

अदाणी ग्रुप विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में सक्रिय है, इनमें खाद्य तेल, फूड से लेकर माइनिंग और मिनरल्स जैसे उद्योग क्षेत्र शामिल हैं। इसने एयरपोर्ट ऑपरेशन और मैंटेनेंस के कारोबार में भी कदम रखा है। इसने 2019 में छह एयरपोर्ट्स के निजीकरण की बोली जीती है। इनमें अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मेंगलुरू के एयरपोर्ट शामिल हैं। सरकार ने इस वित्त वर्ष में विनिवेश से 2.1 लाख करोड़ रुपए का हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। इसमें एअर इंडिया विनिवेश का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। एअर इंडिया पर 31 मार्च 2019 तक 60,074 करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें से खरीदार को 23,286 करोड़ रुपए के कर्ज का बोझ सफल बोलीदाता को वहन करना होगा।

बोली लगाने के लिए 17 मार्च तक जमा करनी हो निविदा

एअर इंडिया की सहयोगी कंपनी एअर इंडिया एक्सप्रेस है। इसके बेड़े में कुल 146 विमान हैं। एअर इंडिया को खरीदने के लिए बोली लगाने की अंतिम तारीख 17 मार्च है। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने आरंभिक सूचना ज्ञापन और शेयर खरीद समझौते पर अतिरिक्त जानकारी चाहने वालों के लिए सवाल भेजने की अंतिम तारीख 11 फरवरी रखी थी। इसके बाद पूछे गए सवालों के आधार पर सरकार ने 21 फरवरी को 20 स्पष्टीकरण का एक सेट जारी किया था।

एअर इंडिया के लिए बोली में संभावित कंपनियां

अदाणी ग्रुप
हिंदुजा
टाटा
इंडिगो
इंटरअप्स

दिल्ली में कैसे हुई हिंसा की शुरूआत, जानिए सोमवार से मंगलवार सुबह तक का घटना क्रम।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार रात भड़की हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई. भजनपुरा, करावल नगर, बाबरपुर, मौजपुर, गोकुलपुरी और चांदबाग इलाके में दो गुटों में जमकर हिंसा हुई.
एक ओर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोधी थे और एक ओर इसके समर्थक.
दोनों ओर से पथराव हुआ, गोलीबारी हुई और पेट्रोल बम भी फेंके गए.
दर्जनों गाड़ियों, पेट्रोल पंप और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया.
पिछले 24 घंटे में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा की यह दूसरी घटना थी.
शनिवार रात सैकड़ों महिलाएं जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास CAA के खिलाफ धरने पर बैठ गईं.
धरना प्रदर्शन की वजह से सड़क बाधित हो गई.
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने वीडियो पोस्ट कर CAA समर्थकों से रविवार दोपहर तीन बजे मौजपुर चौक आने को कहा.
रविवार शाम कपिल मिश्रा ने एक और वीडियो ट्वीट किया,
कपिल धमकी भरे लहजे में कह रहे हैं कि वह और उनके समर्थक डोनाल्ड ट्रंप के दौरे तक इंतजार कर रहे हैं
उनके जाने के बाद वह दिल्ली पुलिस की भी नहीं सुनेंगे.
वह यह सुनिश्चित करेंगे कि CAA विरोधियों द्वारा जाम की गईं सभी सड़कें खुल जाएं.
सोमवार सुबह से ही इन इलाकों में हालात तनावपूर्ण देखे जाने लगे और देखते ही देखते हिंसा भड़क उठी.
सोमवार को जाफराबाद और मौजपुर में CAA के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहे.
दूसरी ओर मौजपुर चौक पर ही लाउडस्पीकर से भड़काऊ गाने बजाए जा रहे थे. पुलिस उस चौक पर तैनात थी लेकिन गानों को बंद करवाने की कोई कोशिश नहीं की.
दोपहर 12 बजे मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास CAA विरोधियों और समर्थकों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया.
पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और स्थिति को काबू में किया.
2 बजे CAA समर्थक जाफराबाद मेट्रो स्टेशन की ओर आगे बढ़े
CAA विरोधी जाफराबाद से मौजपुर चौक की ओर आगे बढ़ने लगे.
अतिरिक्त पुलिस फोर्स के पहुंचने से पहले दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी.
पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए एक बार फिर आंसू गैस के गोले दागे.
एक ऑटो रिक्शा को आग लगा दी गई. यह अभी साफ नहीं है कि किस ग्रुप ने आगजनी की शुरूआत की.
देखते ही देखते उपद्रवियों ने दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. कई घरों और एक पेट्रोल पंप में भी आगजनी की गई.
शाम 5 बजे इलाके में फिर से पथराव शुरू हो गया.
देर शाम गोकुलपुरी इलाके स्थित एक टायर मार्केट में आग लगा दी गई.
वहां करीब 20 दुकानें जलकर खाक हो गईं. रातभर दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई.
सुरक्षाबलों ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात काबू में किए.
इस संवेदनशील इलाके में 800 से 900 पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है.

Hindustan Zinc organizes Sensitisation & Awareness Session for parents of Deaf children in Rajasthan

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Hindustan Zinc’s (HZL) Jeevan Tarang program has completed three years and reaching 700+ Persons with Disabilities (PwD). The focus is on empowering people with Disabilities to become contributing members of their families. HZL have taken the first step and is catering to the educational needs of PwD. Around 600 beneficiaries are being been educated on Indian Sign Language through a disciplined curriculum and 100 visually impaired beneficiaries are being educated in technology. The project also aims to spread overall awareness and sensitisation about the disabled among the public and employers to build an equal and inclusive society. With the support of our expert partner organisation Noida Deaf Society (NDS), awareness sessions for parents of deaf children of Rajasthan were organised in Badhit Baal Vikas Samiti-Ajmer, Badhir Baal Kalyan Vikas Samiti- Bhilwara & Vikalang Kalyan Samiti- Udaipur. From NDS team Mr. Manish Shukla Ms. Poonam conducted the awareness session with parents covering awareness on career prospects, gender equality and issue of child marriage. Around 115 parents actively participated in the session.

बीजेपी के शहर जिला मंत्री ने सूचना सहायक को दी जान से मारने की धमकी – दर्ज करवाया राजकार्य में बाधा का मुकदमा

 

Udaipur Post – उदयपुर शहर के रजिस्ट्री कार्यालय में कार्यरत सूचना सहायक ने बीजेपी के शहर जिला मंत्री के खिलाफ राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने का मुकदमा दर्ज करवाया है तो इस पर बीजेपी के शहर जिला मंत्री जिनेन्द्र शास्त्री ने सूचना सहायक को जानलेवा धमकी दे डाली। इसके बाद सोमवार को राजस्थान राज्य अधीनस्थ कंप्यूटर कर्मचारी संघ की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया ओर महिला सूचना सहायक को सुरक्षा प्रदान करवाने की मांग की गई।

वो कहते है ना कि रस्सी जल जाती है लेकिन बल नहीं जाता या फिर यूं कहें कि बीजेपी की सत्ता गए 1 साल से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक बीजेपी के नेताओं के सिर से सत्ता की खुमारी नहीं उतरी है और बीजेपी के नेता कहीं पर भी अपनी पहुंच का दबाव बनाकर काम करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। दरअसल शहर के रजिस्ट्री कार्यालय में जब बीजेपी के शहर जिला मंत्री जिनेंद्र शास्त्री डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए गए तो वहां पर महिला सूचना सहायक ने उनको 5 मिनट के लिए इंतजार करने के लिए क्या कह दिया कि वह आग बबूला हो गए और महिला सूचना सहायक लाजवंती भोई को अपनी राजनीतिक पहुंच बताकर उसको खरी-खोटी सुनाने से नहीं चूके। वह इस बात को भी भूल गए कि सामने महिला हो या पुरुष, केवल और केवल अपनी राजनीतिक पहुंच के बारे में और उस पहुंच से तबादले करवाने की बात कहते हुए जिनेंद्र शास्त्री ने महिला सूचना सहायक के साथ बदतमीजी भी की। इस घटनाक्रम के बाद महिला सूचना सहायक ने हाथीपोल थाने में राजकार्य में बाधा उत्पन करने का केस दर्ज करवाया तो जिनेन्द्र शास्त्री ने महिला सूचना सहायक लाजवंती भोई को जानलेवा धमकी दे डाली। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजस्थान राज्य अधीनस्थ कंप्यूटर कर्मचारी संघ की ओर से जिला कलेक्टर को पूरे मामले से अवगत कराया गया और महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं हो इसके लिए सुरक्षा प्रदान करवाने की मांग की गई। लाजवंती भोई की मानें तो जिनेंद्र शास्त्री ने कार्यालय में जानलेवा धमकी देते हुए यह भी कहा कि उन पर अभी तक 16 केस चल रहे हैं और अगर एक केस बढ भी जाएगा तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
जिस तरह से बीजेपी के शहर जिला मंत्री पर आरोप लगे उसके बाद अब जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्यवाही की जाती है यह देखने वालीे बात होगी या फिर जिनेन्द्र शास्त्री अपनी राजनैतिक पंहुच से बचने मे कामयाब हो पाएगें।

विडियो देखने के लिए क्लिक करें

https://youtu.be/oURZ2aloTKs

मरीज को मौत के मूंह से खिंच लाये डॉ मनीष छापरवाल – जिसका इलाज एम्स में संभव ना हो सका उसको नयी ज़िन्दगी दी मेवाड़ हॉस्पिटल ने।

Udaipur Post. आपने कई बार लोगो को ये कहते हुए सुना होगा की डॉक्टर धरती के भगवान होते है और कई बार कुछ लोग इस कहावत को सत्य साबित भी कर जाते है। इन डॉक्टरों के द्वारा कई बार ऐसे चमत्कार कर दिया जाते है। जो लगभग असम्भव होते प्रतीत होते है। ऐसा ही एक चमत्कार कर दिखाया है मेवाड़ ओर्थपेडीक हॉस्पिटल के डॉ. मनीष छापरवाल ने ,जब उन्होंने और उनकी टीम ने एक ऐसे मरीज़ का इलाज कर दिया जिसके इलाज के लिए भारत के सबसे बड़े अस्पताल एम्स ने भी हाथ खड़े कर दिए। यही नहीं इस शख्स के इलाज के लिए गुजरात के अहमदाबाद में भी सभी नामी गिरामी अस्पताल के दरवाजे बंद ही दिखाई दिए। उन्हें यह तक कह दिया गया की वे अब 20 दिन से ज्यादा जीवित नहीं रहेंगे।
जानकारी के अनुसार सिरोही निवासी राजकुमार जोकि पैर के ट्यूमर से पीड़ित थे। इनका एम्स द्वारा पैर की हड्डी का प्रत्यारोपण किया था लेकिन बाद में इनके पैर में ट्यूमर हो गया जो बढ़ते बढ़ते इनके वजन के बराबर हो गया। राजकुमार पूरी तरह चलने फिरने में नाकाम हो चुके थे यहाँ तक कि एम्स के डॉक्टरों ने भी इनको जवाब देदिया था। बिस्तर पकड़ लेने के कारण तीन पुत्रियों व् एक पुत्र का पिता यह व्यक्ति अपने रोजमर्रा के कार्य और रोजीरोटी के लिए भी मोहताज हो गया। जब राजकुमार और उनके परिजनों ने हर एक अस्पताल की खाक छाननी शुरू की बड़े दुःख की बात है की बड़े बड़े दावे करने वाले राज्य ही नहीं देश के सबसे बड़े अस्पताल जहा कई सेलिब्रिटीज तक का इलाज होता है वह भी इस शख्स का इलाज करने की हिम्मत न जूटा सका और इन्हे वहां से ये कहकर बेरंग लौटा दिया गया की आपका इलाज संभव नहीं। डॉ. ने यहाँ तक कह दिया कि अब आपके पास मात्र दो माह का समय है।
डॉ मनीष छापरवाल ने बताया कि एक ngo के कार्यकर्त्ता ने मीडिया के सहयोग से अपील की की यदि कोई डोक्टर या हॉस्पिटल इस मरीज राजकुमार का इलाज कर सके तो वह आगे आये। ऐसे में एम्स से नकारे व्यक्ति के इलाज की चुनौती स्वीकार करना टेढ़ी खीर थी। परन्तु ऐसे में यह चुनौती स्वीकारी मेवाड़ हॉस्पिटल के डॉ. मनीष छापरवाल ने। डॉ, मनीष छापरवाल के अनुसार जब यह व्यक्ति उनके पास आया तो सबसे बड़ी चुनौती जो उसके इलाज करने को लेकर थी उससे भी बड़ी चुनौती उस व्यक्ति को ये समझाना था की वह अभी भी जी सकता है और वह ठीक हो सकता है। उन्होंने एक पिता की तरह उस मरीज का विशवास जीतकर उसे इस इलाज केलिए राजी किया। दो से तीन घंटे सिर्फ उसकी कॉउंसलिंग में लगे एवं उसके बाद शुरू हुआ उसका इलाज। पैर का ट्यूमर जोकि अबतक पेट तक पहुंच चूका था। उसे जटिल शल्य चिकित्सा के द्वारा हटाया गया जिससे उसको तुरंत ही राहत मिली। अब मरीज़ स्वस्थ होकर खाना पीना सुचारु रूप से कर पा रहा है।मरीज़ की राहत का पता उसके चेहरे की मुस्कान से ही लगाया जा सकता है। मरीज़ यहाँ अपने बड़े भाई के साथ आया है एवं वे दोनों ही डॉ. मनीष अग्रवाल को किसी मसीहा से कम नहीं मानते। आइये मरीज और उसके भाई की जुबानी

उदयपुर के सिटी पैलेस मे पैंथर बना बिन बुलाया मेहमान – पैंथर को पकडने के लिए लगाया पिंजरा

Udaipur Post. उदयपुर के city palace में स्थित darbar hall की गेलेरी में एक पैंथर के घुसने से दशहत का माहौल हो गया। पैलेस में पैंथर के मूवमेंट की सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंची तो वही दूसरी ओर सिटी पैलेस से पहले समोर बाग में पैंथर के घुसने की सूचना को वन विभाग ने हल्के में लिया ओर वंहा पर पैंथर को पकडने के लिए कोई ठोस कार्यवाही नही की। जिसका परिणाम यह रहा कि पैंथर समोर बाग के बाद सिटी पैलेस की ओर रूख कर गया ओर पैंथर के अंदर घुस जाने से बाद वन विभाग हरकत में आया है ओर अब उसे पकडने के लिए सिटी पैलेस में एक पिंजरा लगाया गया है।
उदयपुर शहर के सिटी पैलेस में उस समय हडकंप मच गया जब यह बात सामने आयी कि पैंथर सिटी पैलेस के अंदर घुस आया है। बताया जा रहा है कि पैंथर रविवार की देर रात करीब साढे 12 बजे दरबार हाल के पास पहुँचा और गेलेरी में जा घुसा। इस दौरान एक सुरक्षाकर्मी की नजर इस पैंथर पर पड़ी जिस पर उसने तुरंत गैलरी के मुख्य द्वार को बंद कर दिया । पैंथर के मूवमेंट के बाद वन विभाग की टीम देर रात से सिटी पैलेस परिसर में डेरा डाले हुए हैं लेकिन पैंथर को पकड़ने में अभी तक वन विभाग की टीम को कामयाबी हासिल नहीं हुई है । वही पैंथर की दहशत में घिरे सिटी पैलेस के दरबार हॉल में पर्यटकों की आवाजाही को पूरी तरीके से रोक दिया गया है । रेस्क्यू टीम ने कई बार पैंथर को ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश की लेकिन पैंथर के दूरी पर होने की वजह से से ट्रेंकुलाइजर करने में वन विभाग की टीम को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है । अब वन विभाग की ओर से गैलरी के पास में एक पिंजरा लगाया गया है जिसमें एक बकरे को बांदा गया है । अब वन विभाग की टीम पैंथर के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं । फिलहाल मौके की स्थिति को देखते हुए सोमवार देर शाम तक इस मादा पेेेथर के पकड़ में आने की संभावनाएं नजर नहीं आ रही है ।
बाइट-राजकुमार सिंह,सीसीएफ,वाइल्ड लाइफ
इधर वन विभाग ने समोर बाग में पैंथर होने की सूचना को हल्के में लिया। समोर बाग में बनी पुतली के आसपास भी पैंथर के पद चिन्ह दिखाई दिये जिसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया कि समोर बाग में पैंथर की हलचल हुई है लेकिन उस समय किसी ने ध्यान नही दिया ओर अब जब पैंथर सिटी पैलेस में घुस गया तो वन विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया ओर उसे पकडने के लिए अब पिंजरे लगाया गया है।
सिटी पैलेस में घुसा पैंथर को वन विभाग कब तक रेस्क्यू कर पाते है यह देखने वाली बात होगी लेकिन यह जरूर है कि वन विभाग पहले ही चेत जाता तो शायद यह नौबत नही आती।

Feminine sexuality – Know and value deeply – Dr. Kajal Verma

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Female sexual dysfunction occurs when a woman is not able to fully, healthily, and pleasurable experience some or all of the various physical stages the body normally experiences during sexual activity.These dysfunction includes:

*Lack of sexual desire

डॉ. काजल वर्मा

*Inability to become aroused
*Lack of orgasm, or sexual climax
*Painful intercourse

Symptoms of Female sexual dysfunction

1)You cannot experience an orgasm.
2)Pain during sexual contact
Lack of sexual desire.
3)Feelings of fear or anger toward their partners.

Causes of Female sexual dysfunction
*-Lower estrogen levels
*Arthritis
*Urinary or Bowel difficulties *Pelvic surgery
*Fatigue and Headaches
*Untreated anxiety or depression

Risk factors of Female sexual dysfunction

*A history of sexual abuse
*Depression or anxiety
*Cardiovascular disease *spinal cord injury or multiple sclerosis
*Certain medications, such as antidepressants or high blood pressure medications
*Emotional or psychological stress
*Liver or kidney failure
*Alcoholism or drug abuse

Diagnosis of Female sexual dysfunction

Diagnosis of Female sexual dysfunction involves the following tests:

*Sexual history
*Pelvic exam
*Your doctor may also refer you to a counsellor or therapist specializing in sexual and relationship problems.
*PAP Smear

Precautions & Prevention of Female sexual dysfunction

*Avoid excessive alcohol
*Quit smoking

What Effect Does a Hysterectomy Have on Sexual Function?
A hysterectomy (surgical removal of the uterus) may cause sexual dysfunction in many women. Women who have their uterus removed for a benign condition may experience a decrease in sexual responsiveness up to 30 percent. Hormonal changes associated with removal of the ovaries may result in loss of desire, decreased vaginal lubrication, and genital sensation.
Nerves and blood vessels integral to sexual functioning may also be damaged during the surgery.
Finally, some women may become depressed or feel a loss of self-esteem from their uterus being removed that may make it hard for them to engage sexually following the procedure.

Homoeopathic Approach
Homeopathic treatment has shown good results for lack of libido and inability to get aroused, especially because the cause is psychological in most of the women. It also helps immensely in cases of painful intercourse.

Sepia, Onosmodium, Agnus cast, staphysagria, Ignatia are few of remedies.

A person’s psyche and sexuality are inherently interconnected. Homeopathy takes into account the emotional state and treats it, too. An imbalanced personality, a mental disturbance and dissatisfaction in relationships are some of the reasons that are attributed to sexual dysfunction.

Homeopathy combined with yoga, spiritual orientation, counselling and sex education can banish problems in a person’s sex life.

सत्ता आते कांग्रेसी शहर जिलाध्यक्ष ने घर के आगे की सड़क को बनाया ख़ास लगाए खम्बे – वाहनों का प्रवेश हुआ निषेध।

https://youtu.be/nyx7ueKcYig

Udaipur Post. सत्ता जैसे ही आती है साथ साथ आ जाता है अहंकार और मन मर्जी फिर अपनी इस मन मर्जी से चाहे जनता परेशान होती रहे लेकिन सत्ता के नशे चूर ये नेता शहर , सड़क पुलिस और प्रशासन के साथ साथ जनता को भी अपनी जागीर समझने लग जाते है इनका व्यवहार उस राजा की तरह होता है जिसको अपने आराम में कोई खलल नहीं चाहिए चाहे इसके लिए कोई कितना भी परेशान क्यों ना हो। दरसल कांग्रेस की कद्दावर नेता गिरिजा व्यास और कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने अपने घर के आगे के रास्ते को ख़ास बना दिया और वहां सड़क के एक छोर पर खम्बे लगा दिए दूसरे छोर पर ट्राफिक बंद कर दिया। राज्य में कांग्रेस का राज है इसलिए इन नेताओं को इनके घर के आगे कुछ तो ऐसा चाहिए जिससे इन्हे अपने वीआईपी होने का अहसास होता रहे। खुद को वीआईपी फील करवाने और दिखाने के लिए इन्होने अपनी गली का रास्ता ही बंद कर दिया अपनी मर्जी के मुताबिक एक तरफ लोहे के खम्बे लगा दिए और इस रास्ते के दूसरे छोर यानी शिक्षा भवन से उतरते वक्त अपनी मर्जी के मुताबिक यातायात को डायवर्ट कर दिया। इस रोड पर अंदर कॉलोनी है रिलायंस मार्ट है अगर आपातकालीन में किसी एम्बुलेंस को आना हो तब जनता को कितनी मुसीबत हो सकती है इसकी इन्हें कोई परवाह नहीं । यह एक सार्वजनिक रोड है जनता के लिए और उसकी सुविधा के लिए लेकिन जनता अब इनकी इस सनक के चलते परेशानी उठाएगी। लेकिन इन्हें जनता की परिशानी से कोई सरोकार नहीं इन्हें तो इनके घर के आगे ज्यादा ट्राफिक नहीं चाहिए, चाहे पूरा शहर ट्राफिक जाम में फंसा रहे। श्री गोपाल शर्मा का कहना है कि उनके घर के आगे ट्रैफिक बहुत रहता है। इतने सालों तक आखिर क्यों नहीं दिखा ट्राफिक। सत्ता में आते ही घर के आगे ट्राफिक दिखने लगा। अब इनके घर के आगे का रोड इन्हें सकरा लगने लगा है और भारी वाहन भी अब ही दिखने लगे है . घर के आगे को छोड़ शहर की समस्याओं पर भी ध्यान देते तो शायद इन्हें इनके घर के आगे की मामूली समस्या कुछ भी नहीं लगती . लेकिन सत्ता में आते ही इन्हें अपने वीआइपी होने का अहसास हो गया . बात तो ये कोलोनी वासियों की कर रहे है लेकिन असल बात कुछ और ही है . इन्हें यह समझना होगा कि ये आम रास्ता है और इस रास्ते को आम ही रहने दें खास ना बनाएं . नगर निगम और प्रशासन को चाहिए की इस रास्ते को पहले की तरह बहाल करे .