
उदयपुर। नाई थाना क्षेत्र के छोटी ऊंदरी गांव में बीती रात दिल दहला देने वाली वारदात हुई। एक शराबी बाप ने नशे में तलवार से उसके छह साल के बेटे को काटकर मार डाला। वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जबकि सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को एमबी अस्पताल के मुर्दाघर पहुंचाया, जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार छोटी ऊंदरी निवासी चमन गमेती का उसकी पत्नी से दो दिन पूर्व झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसकी पत्नी छह वर्षीय बेटे प्रकाश को ससुराल में छोड़कर पीहर चली गई। पत्नी को लेने के लिए चमन उसके ससुराल गया, लेकिन उसकी पत्नी ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। इस दौरान चमन को ससुराल वालों ने भी भला-बुरा कहा। ससुराल से लौटकर जब चमन उसके गांव छोटी ऊंदरी पहुंचा, जहां उसने अत्यधिक शराब पी। शराब के नशे में वह तलवार लेकर घर पहुंचा, जहां उसका बेटा प्रकाश उसके भाई हूरमा के साथ सो रहा था। चमन के हाथ में तलवार देखकर हूरमा वहां से भाग गया। चमन ने शराब के नशे में तलवार से वार करके बेटे प्रकाश की नृशंस हत्या कर दी।
वारदात के बाद चमन वहां से भाग गया। आज सुबह पुलिस को सूचना मिलने पर डिप्टी दिव्या मित्तल, नाई थानाधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां से प्रकाश के शव को एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इधर, पुलिस ने हूरमा की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर फरार आरोपी चमन गमेती की तलाश शुरू कर दी है।
शराबी बाप ने काटी छह साल के बेटे की गर्दन
दिनेश एम एन हुए जमानत पर रिहा ।
उदयपुर। सोहराबुद्दीन एनकांउटर मामले मे सात साल से जेल मे बन्द उदयपुर के पूर्व एसपी दिनेश एम एन मंगलवार शाम सात बजे मुंबई की तळोदा जेल से जमानत पर रिहा हो गये।
२८ अप्रेल को दिनेश एम इन सहित अभय चुडासमा और एम एल परमार को मुंबई हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी थी लेकिन सीबीआइ इनकी जमानत पर स्टे ले आइ थी। जिसके हटाने पर गुजरात के पुलिस अधिकारी अभय चुडासमा सोमवार को जेल से रिहा हो गये थे व मंगलवार शाम को दिनेश एम एन रिहा हुए।
उल्लेखनीय है सोहराबुद्दीन शेख का २००५ में अहमदाबाद क्षेत्र में फर्जी एनकाउंटर किया गया था। उसके साथ उसकी पत्नी कौसर बी भी थी, जिसकी भी हत्या कर दी गई। सोहराबुद्दीन, कौसर बी और तुलसी प्रजापति को पुलिस ने सांगली स्टेशन से गिरफ्तार किया था,
तब य लोग वीडिया कोच में सवार थे। बाद में तीनों को गुजरात पुलिस के हवाले कर दिया गया। गुजरात पुलिस ने उदयपुर पुलिस को सूचना दी। सोहराब और तुलसी यहां पर हमीद लाला केस में वांटेड थे। बाद में एक फर्जी कहानी रचकर सोहराब का अहमदाबाद में एनकाउंटर कर दिया गया। इसी दौरान कौसर बी की भी नृशंस हत्या कर दी गई। इस फर्जी एनकाउंटर के बाद तुलसी को भीलवाड़ा से गिरफ्तार करने की झूठी कहानी बनाई गई। तुलसी की गिरफ्तारी के एक साल बाद उसकी भी फर्जी मुठभेड़ में गुजरात के साबरकांठा में हत्या कर दी गई।
इस मामले मे में कुल 23 आरोपी है जिनमें से 17 को जमानत मिल चुकी है।
बचे हुए पुलिस अधिकारियों मे दी ज़ी वंजारा ( आई पी एस ), एन एच डाभी एवं उदयपुर के से आइ अब्दुल रहमान व उनकी टीम के सदस्य सब इंस्पेक्टर श्यामसिंह और हिमांशुसिंह मुंबई की जेल में अभी भी बंद है। एमएन की जमानत होने के बाद अब इनको भी जमानत का रास्ता साफ होता दिखाई पड़ रहा है।
भटवाड़ा से पैदा हुआ बाबामगरा को खतरा
जयसमंद के टापुओं पर होटल वॉर शुरू

उदयपुर। विश्व प्रसिद्ध जयसमंद झील के बीच एक नये आइलैंड रिसोर्ट के निर्माण की योजना ने बाबामगरा टापू पर निर्मित जयसमंद आइलैंड रिसोर्ट के मालिकों की नींद उड़ा दी है। ये लोग पिछले दो दिन से अपने से जुड़े समाचार पत्र क्रराजस्थान पत्रिकाञ्ज में प्रमुखता से बड़े-बड़े समाचार प्रकाशित करके यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जयसमंद में भटवाड़ा टापू पर एक आदिवासी की जमीन का कथित रूप से अवैध बेचान हो गया है। कोशिश यह है कि प्रशासन को दबाव में लाकर नये आइलैंड रिसोर्ट के निर्माण में अडंगा लगाया जा सके ताकि उनके रिसोर्ट का कोई प्रतिद्वंद्वी पैदा न हो जाए।
उल्लेखनीय है कि नब्बे के दशक में सत्ता परस्त पूंजीपतियों ने उस समय देश का सबसे बड़ा सौदा करते हुए जयसमंद के बीच ऐतिहासिक टापू बाबामगरा की अरबों रुपयों की 125 बीघा राजस्व भूमि कौडिय़ों में खरीद ली थी। इस पर सवाल उठा कि व्यावसायिक उपयोग के लिए दी गई जमीन का अलग से टैक्स क्यों नहीं लिया गया? तो जयसमंद आइलैंड रिसोर्ट की निर्माता सिल्वर शेडो एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 25 लाख रुपए अलग से जमा कराना पड़ा। उस समय प्रदेश में भैरोसिंह शेखावत की सरकार थी। रिसोर्ट का उद्घाटन करने के लिए शेखावत आए, जिन्होंने उद्घाटन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के नाम पर राÓय सरकार की ओर से रिसोर्ट मालिकों को 25 लाख रुपए देने की घोषणा कर दी। बाद में यह रुपया उन्हें मिल भी गया। इस प्रकार जमा राजस्व लौटा दिया गया। इतना ही नहीं बाबा मगरा के जयसमंद आइलैंड रिसोर्ट को बिजली देने के लिए आठ किलोमीटर पानी में बिछाई गई बिजली लाइन का लाखों रुपए का खर्चा भी सरकार ने उठाया। बहाना यह बनाया गया कि बाबामगरा पर रहने वाली बस्ती में रोशनी पहुंचानी है। कुल मिलाकर इस आइलैंड रिसोर्ट में बड़े-बड़े नेताओं, अÈसरों और पूंजीपतियों की मिलीभगत की बातें भी सामने आई थी। सारे मामले का भंड़ाÈोड़ राष्ट्रीय साप्ताहिक क्रसंडेे मेलञ्ज में भी हुआ, लेकिन बाद में बात आई गई हो गई। जयसमंद आइलैंड रिसोर्ट चल निकला। उसके पास काÈी लंबा-चौड़ा कृत्रिम क्रक्रबीचञ्जञ्ज भी गैर कानूनी रूप से बना दिया गया। लेकिन अब बाबा मगरा के पास वाले टापू भटवाड़ा की योजना ने खलबली मचा दी है।
अब भटवाड़ा पर रहने वाले एकमात्र आदिवासी परिवार के मुखिया मोगा पुत्र कोदरा मीणा ने जयपुर के कीर्तिनगर निवासी दिग्विजयसिंह, इंद्रा राजपूत और सिविल लाइंस के अनुराग कुलवाल को अपनी जमीन का हस्तान्तरण करके सत्ता परस्त पूंजीपतियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। इसीलिए जयसमंद आइलैंड रिसोर्ट के कर्ता-धर्ता प्रताप भंडारी की रातों की नींद उड़ गई है।
पुराने ढांचे पर सवार अग्निशमन विभाग
ना कर्मचारी पूरे, ना ही संसाधन

भावेश जाट
उदयपुर। लेकसिटी में अग्निमशन विभाग अब भी पुराने ढांचे पर चल रहा है। इस विभाग में ना कर्मचारी पूरे हैं और ना ही किसी बड़ी आगजनी से निपटने के लिए संसाधन। 1997 के बाद से यह विभाग कर्मचारी भर्ती को लेकर तरस रहा है। विगत 17 वर्षों से शहर से इस विभाग में किसी तरह की भर्ती नहीं हुई है। कर्मचारियों के अभाव में जैसे-तैसे शहर की आगजनी की घटनाओं से Èायर ब्रिगेड कर्मचारी निपट तो रहे हैं, परन्तु यदि विभाग की मानें, तो उन्हें अब शहर में किसी भी प्रकार की आगजनी से निपटने के लिए संसाधन और सुविधाओं के साथ ही कर्मचारियों की जरूरत महसूस हो रही है। वर्तमान में यह विभाग अपने कर्मचारियों के साथ ही होमगार्ड्स की मदद से बड़ी आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने में अपनी पूरी मेहनत झोंक रहा है।
परंतु प्रशासन एवं नगर निगम की उदासीनता के चलते इस महत्वपूर्ण विभाग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जरूरत से कम हैं Èायरमैन
अग्निशमन की कुल 12 गाडिय़ां है और एक रेस्क्यू गाड़ी है। इन पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की आवश्यकता है। ऐसे में यदि एक गाड़ी पर तीन कर्मचारी मानें, तो तीन शिफ्टों में इस तरह करीब 100 Èायरमैन की आवश्यकता उदयपुर के Èायर बिग्रेड को है। वर्तमान में भर्ती के अभाव में यदि शहर में कोई बड़ी आगजनी हो जाती है, तो ऐसे में Èायर बिग्रेड कर्मचारियों को होम गार्डों को वस्तुस्थिति संभालने के लिए ले जाना पड़ता है। अभी Èायर ब्रिगेड विभाग में ऐसे करीब 30 प्रशिक्षित होम गार्ड्स कार्यरत है।
नहीं है Èायर स्टेशन
नगर निगम बनने के बावजूद भी शहर का Èायर ब्रिगेड भी अब भी पुराने ढांचे पर ही चल रहा है। इस विभाग में जहां कर्मचारियों की तो कमी है ही। इसके साथ ही शहर में ऐसा कोई निश्चित Èायर स्टेशन भी अब तक मौजूद नहीं है। ऐसे में शहर के अंदरूनी क्षेत्रों मेें जब भी आग की बड़ी घटना होती है, तो ऐसे में Èायर बिग्रेड समय पर नहीं पहुंच पाती, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के विस्तार के साथ ही अब शहर में एक ऐसे Èायर स्टेशन की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है जहां से अग्निमशन गाडिय़ां जल्द ही शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए पहुंच सके।
दो स्नॉर्कल लेडर आएगी

अग्निशमन विभाग आने वाले दिनों में दो स्नॉर्कल लेडर उपलब्ध करवाई जाएगी। इनमें एक स्नार्कल लेडर, जिसकी क्षमता 45 मीटर की ऊंचाई तक लगी आग को बुझाने में सक्षम है। इस गाड़ी के साथ दो पानी की गाडिय़ां भी साथ रहेगी, जिनके परिवहन की क्षमता 20 से 25 हजार लीटर होगी। वहीं शहर की ढलान एवं तंग गलियों में आग बुझाने के लिए जीप के आकार की गाडिय़ां भी दमकल विभाग को आने वाले दिनों में उपलब्ध कराई जाएगी।
॥निगम की ओर हमने कर्मचारियों के लिए राजस्थान सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विशेष परिस्थितियों में होमगार्डो का सहयोग लिया जा रहा है। -हिम्मतसिंह बारहठ, आयुक्त नगर निगम
उमस, लू और तेज धूप से सभी आहत
उदयपुर। झीलों की नगरी लेकसिटी में मौसम दिनों-दिन रंग बदल रहा है। कभी तेज धूप, तो कभी हलकी बारिश और कभी बादलों की वजह से उमस। आज सुबह से बादलों की वजह से उमस रही, तो दिन में तेज धूप से लोग परेशान रहे। मौसम के बदलते मिजाज ने बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। कल भी दिनभर तेज धूप एवं गर्मी से शहरवासी परेशान दिखाई दिए, वहीं शाम होते ही हुई हल्की बारिश से लोगों को राहत मिली। करीब 10 मिनट तक हुई हल्की बौछारों ने लेकसिटी के तापमान में ठंडक घोल दी।
उदयपुर में पिछले कई दिनों से गर्मी अपने पूरे तेवर दिखा रही है। हालांकि पिछले दिनों की अपेक्षा तापमान में गिरावट के साथ तापमान &9 डिग्री के करीब दर्ज किया गया था, परन्तु रविवार के दिन तेज धूप रही। इस कारण दोपहर में लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया था। तेज गर्मी के कारण शहरवासी बेहाल नजर आए। वहीं शाम करीब छह बजकर 45 मिनट पर मौसम में बदलाव आ गया और हल्की बूंदाबांदी के साथ मौसम में हल्की ठंडी हवाएं चलने लगी। इसके बाद करीब सात बजे हल्की बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब 10 मिनट की बारिश से शहर के तापमान में ठंडक घोल दी।
ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि मौसम का ऐसा मिजाज सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा दस गुणा तक बढ़ जाता है।
एमबी हॉस्पीटल के मेडिसिन विभाग के डॉ. पुनीत सक्सेना का कहना है कि एक बार तापमान बढ़ जाए, Èिर उसमें अचानक कमी आ जाए, तो वायरल बुखार की आशंका काÈी बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को खान-पान में खास ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही धूप से बचाव करना चाहिए। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान के साथ उमस भी बढ़ेगी।
बिना पार्किंग की होटलों के खिलाÈ होगी कार्रवाई : आयुक्त

नाले पर बनी होटल स्ट्रीट का विवाद
उदयपुर। उदियापोल पर आईसीआईसीआई बैंक के सामने वाली होटल स्ट्रीट में स्थित होटलें व उदियापोल पर अन्य कई होटलों मे पार्किंग नहीं है। कोई भी होटल आदर्श मापदंडों पर नहीं बनी हुई है। यह सच नगर निगम आयुक्त ने स्वीकार करते हुए कहा है कि पार्किंग की इस समस्या को लेकर जल्दी ही एक विशेष अभियान चलाकर होटलों पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि होटल स्ट्रीट में जाने के लिए एक मात्र सड़क, जो कि एक नाले पर बनी हुई थी, वह भी पिछले दिनों वाहनों के भारी बोझ के कारण धंस गई थी। होटल स्ट्रीट में जाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने ही ने वैकल्पिक व्यवस्था कर महेशचंद्र शर्मा के स्वामित्व वाले भूखंड की दीवार तोड़कर रास्ता बना दिया, जिसके विरोध में महेशचंद्र शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद पेश किया, जिसकी जांच सूरजपोल पुलिस कर रही है। सूरजपोल थानाधिकारी का कहना है परिवाद आया है, जिसकी जांच चल रही है। इधर नगर निगम आयुक्त ने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामला दिखवाने की बात कही है।
होगी कार्रवाई
होटल स्ट्रीट में करीब एक दर्जन होटल है। इनमें से कोई भी होटल या गेस्ट हाउस आदर्श मापदंडों के हिसाब से नहीं बनी हुई है। एक भी होटल में पार्किंग सुविधा नहीं है और पार्किंग के नाम पर आगे की जमीन पर कब्जाकर रखा है। नगर निगम आयुक हिम्मतसिंह बारहठ का कहना है कि जिन होटलों में पार्किंग सुविधा नहीं है। उनको लेकर जल्दी ही एक अभियान चलाया जाएगा।
तो अनुमति कैसे दी?
होटल स्ट्रीट व उदियापोल पर कई होटलों कि पार्किंग नहीं है और ये होटल्स कई मापदंड पूरे नहीं करती है। Èिऱ भी बरसों से यह होटलें निर्बाध रूप से संचालित हो रही है। पूर्व के अधिकारियों ने बिना किसी अनापत्ति के इन्हें होटल संचालित की अनुमति दे रखी है।
पूर्व विधायक जितेन्द्र सिंह की सड़क हादसे में मौत
बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा से पूर्व एमएलए रहे जितेन्द्र सिंह निनामा की रविवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। निनामा के साथ एक अन्य व्यक्ति भी हादसे का शिकार हुआ। पुलिस के अनुसार निनामा अपने रिश्तेदार अमरा के साथ पड़ोस के गांव जा रहे थे। घाटौल की सीमा के पास एक तिराहे पर उनकी बाइक ट्रैक्टर और जीप के बीच आ गई।
टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से निनामा और अमरा को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोçष्ात कर दिया। इसके विरोध में निनामा समर्थकों ने देर रात जयपुर-बांसवाड़ा हाइवे जाम कर दिया।
रिश्ता करने जा रहे थे
निनामा अपने रिश्तेदार की शादी की बात करने के लिए घाटौल के नजदीक एक गांव में जा रहे थे। रास्ते में तिराहे पर ट्रैक्टर ट्रॉली व जीप ने दोनों तरफ से उनकी बाइक को टक्कर मारी, जिससे उनकी व उनके रिश्तेदार की मौत हो गई।
लोगों ने किया रास्ता जाम
निनामा की मौत की सूचना मिलते ही उनके समर्थक घाटौल में उनके घर के पास जमा हो गए। उन्होंने ट्रैक्टर व जीप चालक को गिरफ्तार करने की मांग कर जमकर हंगामा किया और जयपुर-बांसवाड़ा हाईवे जाम कर दिया। देर रात पुलिस की समझाइश पर लोगों ने रास्ता खोला।
रोटरी क्लब कोरपोरेट ने किया सेवा सहयोगियों का सम्मान

उदयपुर। किसी भी अनजान व्यक्ति की सेवा तब तक नहीं की जा सकती है जब तक अपना न बन जाएं। उसे अपना बनाने के लिए उसे कुछ देने के बारें में सोचना होगा तभी वह अपना बन सकेगा। अपना बनने पर ही हम उस व्यक्ति की सेवा कर सकते है। सेवा हमेशा अपनों की होती है परायों की नहीं।
यह कहना था रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3052 के प्रांतपाल अनिल अग्रवाल का। जो आज पारस महल होटल में आयोजित क्लब की अधिकारिक यात्रा के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होनें कहा कि रोटरी नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने के अनेक अवसर देती है। जीवन में अपने आप को कभी किसी से कमतर आंक कर अपने आपको छोटा महसूस नहीं करें। ऐसा करने से स्वंय के जीवन की उन्नति रूक जाती है। हमें विश्व के उन 2 प्रतिशत एलिट क्लास के लोगों के समान बनना है जिन्होनें विश्व में अपने कार्यो के दम पर अपनी पहिचान बनायी है।

सेवा सहयोगियों का हुआ सम्मान:- प्रांतपाल अनिल अग्रवाल, क्लब की संरक्षिका मंजीत के.बंसल,क्लब अध्यक्ष ईश्ंाातसिंह, सहायक प्रांतपाल निधि सक्सेना व सचिव पराक्रमसिंह ने अरावली हॉस्पीटल के डॅा. आनन्द गुप्ता,संगीतज्ञ रियाजखान, लाल पैथ लैब के डॅा. अरविन्दरसिंह, आशाधाम की सिस्टर डेमियन, उदयपुर पोस्ट डॉट कॉम के अख्तर खान, आरजे अंकित माथुर,श्रीमती गोदावत,दैनिक भास्कर के महाप्रबंधक अजित जॉनी, सरोज शर्मा, रमेशचन्द्र गुप्ता, शरद परोहित, दिनेश गोठवाल, आकाश चावत,नारायणसिंह सिसोदिया का माल्यार्पण कर एंव प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

क्लब की ओर से प्रंातपाल ने आशाधाम की सिस्टर डेमियन को आर्थिक सहयोग राशि का चैक प्रदान किया। प्रारम्भ में क्लब अध्यक्ष ईशंातसिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। संरक्षिका मंजीत के.बंसल ने क्लब द्वारा इस सत्र में अब तक किये गये सेवा कार्यो के बारें में जानकारी दी। प्रसून भारद्वाज ने प्रांतपाल का परिचय दिया।

नये सदस्यों ने ली शपथ- क्लब में आज शािमल हुए 5 नये सदस्यों अंकित माथुर, अंकित तिवारी, गौरव खन्ना, राजेन्द्र सुयल व समवित औदिच्य को प्रंातपाल अनिल अग्रवाल ने शपथ दिलायी। इस अवसर पर तीन सदस्यों ईशंातसिंह,रक्षिता व प्रसून भारद्वाज पीएचएफ बने। अंत में सचिव पराक्रमसिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
अफसरों का पाप फूटा
कमिश्नर और अधिकारियों ने की गैर कानूनी तोडफ़ोड़, तीन लाख का नुकसान, एसपी से कार्रवाई की गुहार

उदयपुर। नगर निगम उदयपुर के कमिश्नर, राजस्व अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, कनिष्ठ लिपिक और पटवारी के खिलाफ निजी स्वामित्व के भू-भाग में जबरन प्रवेश करने और तोडफ़ोड़ करके तीन लाख रुपए का नुकसान कर देने का एक परिवाद जिला पुलिस अधीक्षक के सामने पेश हुआ है, जिसे लेकर वे पशोपेश में हैं। यदि कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें इन अधिकारियों की गिरफ्तारी करनी पड़ेगी और नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चलाया जा सकता है। वैसे पुलिस ने संपूर्ण प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कामरेड़ महेशचंद्र शर्मा (70) निवासी अशोकनगर ने जिला पुलिस अधीक्षक को परिवाद पेश कर बताया है कि नगर निगम आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ, राजस्व अधिकारी नीतिश भटनागर, पुलिस उप अधीक्षक जीवनसिंह राणावत, कनिष्ठ लिपिक नासिर खां और पटवारी अंबालाल ने हमसलाह होकर उनके स्वामित्व के भूखंड में प्रवेश किया तथा लोहे के केबिन व बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया। इससे उन्हें तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

कामरेड महेशचंद्र ने बताया कि यह वारदात गत छह अप्रैल और 10 अप्रैल को उदियापोल क्षेत्र में दिन और रात में की गई। छह अप्रैल को बाउंड्रीवॉल तोड़कर मलबा उसी भूखंड में डाल दिया गया तथा 10 अप्रैल को वहां लगा रखा लोहे का केबिन भी तोड़कर नष्ट कर दिया।
कामरेड महेशचंद्र इसे नगर निगम पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की राजनीतिक दुर्भावना भी मानते हैं। उनका कहना है कि नगर निगम के अफसर उनके स्वामित्व वाली जमीन में से पांच फीट की पट्टी जबरन हथियाना चाहते हैं ताकि इस क्षेत्र में उनकी शह से हुए नाजायज कब्जों को जायज बनाया जा सकें।
माजरा क्या है? : स्व. देवकीनंदन शर्मा के स्वामित्व और आधिपत्य का एक भूखंड संख्या 65 उदियापोल बस स्टैंड के पास स्थित है, जो 1954 से उनके नाम पर चला आ रहा है। कामरेड महेश, स्व. देवकीनंदनजी के पुत्र है। देवकीनंदनजी ने प्रन्यास के विरूद्ध स्थायी निषेधाज्ञा का वाद प्रस्तुत किया था, जिसे अधीनस्त न्यायालय ने उनके हक में पारित किया। बाद में सेशन कोर्ट में प्रन्यास की अपील भी खारिज हो गई। अब वो हाईकोर्ट में गए है। ऐसे में प्रन्यास या नगर निगम बिना कोर्ट के आदेश के ट्रेसपास या तोडफ़ोड़ की कार्रवाई नहीं कर सकते।
मौके के हालात : उदियापोल बस स्टैंड जाने वाले मुख्य मार्ग पर आईसीआईसीआई बैंक के सामने की इस गली को होटल स्ट्रीट कहते हैं। इसमें होटल तुलसी, होटल कृष्ण मंगलम, सीता राम गेस्ट हाउस, होटल अतिथि पैलेस, होटल अंजनी पैलेस, पंडित धर्मशाला, होटल राजपाल पैलेस, होटल सवेरा, अरिहंत प्लाजा और होटल श्रीनारायण स्थित है। इनमें से केवल होटल श्रीनारायण के पास ही पार्किंग प्लेस है। इस प्रकार बिना पार्किंग के इतनी सारी होटले अवैध रूप से संचालित हो रही है।
सड़क नहीं : मजे की बात तो यह है कि इन होटलों में आने-जाने के लिए कोई सड़क ही नहीं है। एक नाले को ढककर उस पर से वाहन गुजारे जा रहे हैं, जो बार-बार धंस जाता है और रास्ता बंद हो जाता है। यही समस्या इन दिनों फिर सामने आई है।
ऐसा क्यों हुआ? : आम सड़क के किनारे बांठिया ब्रदर्स ने सीवरेज नाले को 35 फीट खिसका कर अवैध निर्माण कर दिया, जिससे आम रास्ता समाप्त हो गया और सीवरेज का पुराना नाला कामरेड महेश की नर्सरी की दीवार से सटाकर बहने लगा। बाद में इसी नाले को ढककर उसके ऊपर आने-जाने का रास्ता बना दिया, जो वाहनों के भार के कारण आए दिन टूटता रहता है। इस प्रकार असफरों की देखरेख में हुए अतिक्रमण के कारण समस्या पैचीदा हो गई है।
मार्किंग से पुलिस वालों की तरक्की
अ’छी खबर
राÓयभर में पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए नया तरीका होगा लागू, मार्किंग के आधार पर होगी तरक्की
मददगार रिपोर्टर
उदयपुर। पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने और अपराधों पर लगाम कसने के लिए अब पुलिस मुख्यालय ने नया तरीका खोज निकाला है। अब हर पुलिसकर्मी को उसके कार्य के हिसाब से नंबर दिए जाएंगे। यही नंबर उस पुलिसकर्मी की तरक्की का आधार भी बनेंगे। यह नंबर कांस्टेबल से लेकर थानाधिकारी तक को दिए जाएंगे।
मुख्यालय का आदेश : पुलिस अधीक्षक अजय लांबा ने बताया कि जयपुर पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एडीजी क्राइम ब्रांच अजीतसिंह ने सभी जिला एसपी को निर्देश दिए हैं कि बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए संपत्ति संबंधी, चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी, लूट व अन्य अपराधों का खुलासा व वारंटी और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए हर केस पर अब पुलिसकर्मियों को नंबर दिए जाएंगे। इनमें 15 प्रकार के मामले शामिल किए गए हैं, जो पुलिसकर्मी सबसे अधिक खुलासे व गिरफ्तारियां कर अधिक अंक हासिल करेगा, उसे ईनाम के साथ प्रमोशन भी दिया जाएगा। इन सभी मामलों में संपत्ति से जुड़े मामलों को भी काफी तरजीह दी गई है।
माइनस मार्किंग भी होगी : जानकारी के अनुसार नंबर देने की लिस्ट पांच पेज कि बताई जाती है। किसी पुलिसकर्मी के रिश्वत या अन्य किसी गलत काम के मामले में सस्पेंड और लाइन हाजिर होने पर माइनस मार्किंग भी की जाएगी और विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। माइनस में 50 नंबर तक दिए जा सकते हैं। वारदात करने पर यदि थानाधिकारी उसको कंट्रोल करने में विफल रहते हंै, तो ऐसे में एसपी व आईजी को पहुंचना पड़ेगा, तो थानाधिकारी को भी माइनस मार्किंग दी जाएगी।
बीट कांस्टेबल क्षेत्र में रहेंगे : बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीट के कांस्टेबल को सप्ताह मे एक रात बीट में ही रहने के आदेश दिए गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों से संपर्क बढ़ेगा और नये आने वाले व्यक्तियों के बारे में पता भी चलेगा। हर कांस्टेबल पर एक बीट प्रभारी होगा, जो रात्रि विश्राम व अन्य कार्य की निगरानी रखेगा तथा बीट प्रभारी का रजिस्टर समय-समय पर एसपी और आईजी चैक करेंगे।
॥कल जयपुर मुख्यालय से काम के आधार पर पुलिसकर्मियों की मार्किंग करने के आदेश मिले हैं। इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। काम और अधिक अ’छे ढंग से होगा। -अजय लांबा, एसपी उदयपुर
गहलोत का जन्मदिन भूले कांग्रेसी !
मददगार रिपोर्टर
उदयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आज जन्मदिन है, लेकिन स्थानीय कांग्रेसी नेता उनके जन्मदिन को भूल गए हैं। अगर आज गहलोत मुख्यमंत्री होते, तो उनका जन्मदिन काफी धूमधाम से मनाया जाता। आज तीन मई को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 6& वर्ष के हो गए और पार्टी के कार्यकत्र्ता तथा शहर जिला कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी उन्हें भुलाए बैठे हैं, जहां पिछले साल तक हर कार्यालय और जगह-जगह जन्मदिन के दिन गोष्ठियां आयोजित की जाती थी। रक्तदान किया जाता था, लेकिन आज उनका यहां पर कोई नाम लेवा भी नहीं रहा। जब जन प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं से पूछा गया, तो कई लोगों को तो याद ही नहीं था कि आज गहलोत का जन्मदिन है। शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिय़ा से पूछा, तो पहले वह सोचने लगी फिऱ याद कर बोली हां है, लेकिन अभी मैं बाहर हूं। ऐसे ही कई जवाब बाकी कांग्रेसियों ने भी दिए।
॥आज गहलोत साहब का जन्मदिन है, लेकिन अभी मैं शहर में नहीं हूं। आकर बात करती हूं।
-नीलिमा सुखाडिय़ा, शहर जिलाध्यक्ष, उदयपुर
॥आज वैशाख माह की चतुर्थी है, मैं चित्तौड़ में हूं। आप ने याद दिलाया, शाम तक गहलोतजी का जन्मदिन मनाएंगे।
-हेमंत श्रीमाली, देहात प्रवक्ता।
॥मनाई मनाई ने थांको भाई साहब, अबे तो भूली ग्यो।
-जयप्रकाश नीमावत, पूर्व जिलाध्यक्ष, यूथ कांग्रेस
॥मैने सुबह-सुबह ही शुुभकामना संदेश गहलोत जी को भेज दिया। हम उनके उÓÓवल भविष्य की कामना करते हैं। साथ ही कांग्रेस पार्टी को फिर से ऊर्जावान बनाएंगे।
-दिनेश श्रीमाली, नेता प्रतिपक्ष
॥ हां जन्मदिन तो है, लेकिन कोई कार्यक्रम तय नहीं है। फिर भी मैं पूछ कर आपको बताता हूं।
-फिरोज अहमद, कांग्रेस प्रवक्ता
॥ हां आज अशोकजी का जन्मदिन है। कहां मनाया ये तो पंकजजी बता सकते हैं। उन्होंने न्यूज भेजी होगी।
-दिनेश दवे, पूर्व प्रवक्ता, कांग्रेस
मार झपट्टा छीनते, यहां गले से चेन।
गुण्डे छुट्टे फिर रहे, महिलाएं बेचैन।।
लाड कंवर हिरण मगरी, आंसू रही बहाय।
स्वर्णिम मंगलसूत्र और चेन छिन गई हाय।।
-अलमस्त फकीरा
मार्किंग से पुलिस वालों की तरक्की

राÓयभर में पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए नया तरीका होगा लागू, मार्किंग के आधार पर होगी तरक्की
उदयपुर। पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने और अपराधों पर लगाम कसने के लिए अब पुलिस मुख्यालय ने नया तरीका खोज निकाला है। अब हर पुलिसकर्मी को उसके कार्य के हिसाब से नंबर दिए जाएंगे। यही नंबर उस पुलिसकर्मी की तरक्की का आधार भी बनेंगे। यह नंबर कांस्टेबल से लेकर थानाधिकारी तक को दिए जाएंगे।
मुख्यालय का आदेश : पुलिस अधीक्षक अजय लांबा ने बताया कि जयपुर पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार को वीडियो कांÈ्रेंस के जरिये एडीजी क्राइम ब्रांच अजीतसिंह ने सभी जिला एसपी को निर्देश दिए हैं कि बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए संपत्ति संबंधी, चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी, लूट व अन्य अपराधों का खुलासा व वारंटी और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए हर केस पर अब पुलिसकर्मियों को नंबर दिए जाएंगे। इनमें 15 प्रकार के मामले शामिल किए गए हैं, जो पुलिसकर्मी सबसे अधिक खुलासे व गिरफ्तारियां कर अधिक अंक हासिल करेगा, उसे ईनाम के साथ प्रमोशन भी दिया जाएगा। इन सभी मामलों में संपत्ति से जुड़े मामलों को भी काÈी तरजीह दी गई है।
माइनस मार्किंग भी होगी : जानकारी के अनुसार नंबर देने की लिस्ट पांच पेज कि बताई जाती है। किसी पुलिसकर्मी के रिश्वत या अन्य किसी गलत काम के मामले में सस्पेंड और लाइन हाजिर होने पर माइनस मार्किंग भी की जाएगी और विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। माइनस में 50 नंबर तक दिए जा सकते हैं। वारदात करने पर यदि थानाधिकारी उसको कंट्रोल करने में विÈल रहते हंै, तो ऐसे में एसपी व आईजी को पहुंचना पड़ेगा, तो थानाधिकारी को भी माइनस मार्किंग दी जाएगी।
बीट कांस्टेबल क्षेत्र में रहेंगे : बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीट के कांस्टेबल को सप्ताह मे एक रात बीट में ही रहने के आदेश दिए गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों से संपर्क बढ़ेगा और नये आने वाले व्यक्तियों के बारे में पता भी चलेगा। हर कांस्टेबल पर एक बीट प्रभारी होगा, जो रात्रि विश्राम व अन्य कार्य की निगरानी रखेगा तथा बीट प्रभारी का रजिस्टर समय-समय पर एसपी और आईजी चैक करेंगे।
॥कल जयपुर मुख्यालय से काम के आधार पर पुलिसकर्मियों की मार्किंग करने के आदेश मिले हैं। इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। काम और अधिक अ’छे ढंग से होगा। -अजय लांबा, एसपी उदयपुर













