
मंंंंत्री डॉ. व्यास के घर के बाहर से चंदन चोरी का प्रयास, कटा चंदन का पेड़ और कार जब्त
उदयपुर। केंद्रीयमं त्री और चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर आज तड़के तस्कारों ने परिपक्व चंदन का पेड़ काट दिया। इस बीच पुलिस के गश्ती दल ने तस्करों को देख लिया, जिससे एएसपी डॉ. राजेश भारद्वाज के नेतृृत्व में पुलिस अधिकारियों और जाब्ते ने घेरा डाला। करीब डेढ़ किलोमीटर पीछा करने के बाद एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीन तस्कर भागने में सफल हो गए। पुुलिस ने मौके से कार और कटा हुआ चंदन का पेड़ बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार रात दो बजे सफेद कार में चार चंदन तस्कर डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर पहुंचे, जिन्होंने इलेक्ट्री आरी से चंदन के पेड़ के तने को काट डाला। इसी बीच पुलिस के गश्ती दल ने डॉ. व्यास के घर के बाहर सफेद कार व चार जनों को खड़ा देखा। इसकी सूचना कंट्रोल रूम पर दी गई। इस पर एएसपी सिटी डॉ. राजेश भारद्वाज के नेतृत्व में भूपालपुरा थानाधिकारी रतन चावला और हाथीपोल थानाधिकारी बोराजसिंह ने जाब्ते के साथ घेरा डाला। पुलिस जाब्ते को देखकर तस्कर वहां से दौड़कर भागे, जिनका करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया गया। पुलिस ने इनमें से एक तस्कर को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम वीरापुरा (सराड़ा) निवासी मोहन पुत्र नाथू मीणा बताया। उसने बताया कि इस वारदात में उसके साथ गोवर्धनविलास निवासी हीरालाल और निकुंभ निवासी दिनेश और रामलाल शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि शहर में गुलाबबाग व अन्य इलाकों से कई दफा चंदन पेड़ चोरी होने की घटनाएं सामने आई है। इससे पहले तस्करों ने एसीबी में करीब पांच साल पहले तत्कालीन डीआईजी रहे वीके गोदीका के बंगले से भी चंदन के पेड़ चोरी हुए थे।रात दो बजे : सफेद रंग की कार में चार चंदन तस्कर केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर पहुंचे और चंदन पेड़ को इलेक्ट्रिक आरी से काटना शुरू किया।
रात ढाई बजे : गश्ती पुलिस दल ने तस्करों को पेड़ काटते देखा। सूचना पर आला अधिकारी ने जाब्ते के साथ घेरा डाला। कार व कटा पेड़ छोड़कर तस्कर भागे।
रात तीन बजे : पुलिस की टीमों ने पैदल भागे तस्करों को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन तीन तस्कर भागने में सफल हो गए, जबकि एक तस्कर पकड़ा गया।
रात दो बजे : सफेद रंग की कार में चार चंदन तस्कर केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर पहुंचे और चंदन पेड़ को इलेक्ट्रिक आरी से काटना शुरू किया।
रात ढाई बजे : गश्ती पुलिस दल ने तस्करों को पेड़ काटते देखा। सूचना पर आला अधिकारी ने जाब्ते के साथ घेरा डाला। कार व कटा पेड़ छोड़कर तस्कर भागे।
रात तीन बजे : पुलिस की टीमों ने पैदल भागे तस्करों को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन तीन तस्कर भागने में सफल हो गए, जबकि एक तस्कर पकड़ा गया।
पुलिस ने घेरा डालकर चंदन तस्कर को पकड़ा
कपासन थानाधिकारी सहित दो जवानों को हटाया
डोडा-चूरा बरामदगी के झूठे मामले के विरोध के बाद एसपी ने कार्रवाई

कपासन। एसपी प्रसन्नकुमार खमेसरा ने डोडा-चूरा बरामदगी के कथित झूठे मामले में उपजे आक्रोश के बाद मामले की जांच बेंगू डीएंसपी राजेश चौधरी को सांैपी है। जांच होने तक कपासन सीआई मानाराम गर्ग को यहां से हटाकर Èिलहाल जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके साथ कांस्टेबल रोशनलाल को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि दूसरे कांस्टेबल सुभाष को उसके मूल नियुक्ति वाले थाने में भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय पुलिस ने 16 अप्रैल की रात को रंडिसारड़ी-संडिसारड़ी मार्ग एक ट्रैक्टर से ले जाए जा रहे डोडा-चूरा को जब्त कर दो जनों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की सूचना मिलते ही क्षेत्र के किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया, क्योंकि उक्त डोडा-चूरा पट्टे की अÈीम का था। शुक्रवार सुबह जाट छात्रावास में सैकडों की संख्या में किसान एकत्र हुए। इधर, प्रशासन को भी आंदोलन की भनक लगने पर भारी तादाद में पुलिस बल बुला लिया। आरोप है कि मौसम खराब होने से डोडा-चूरा व पोस्त दाने खेत से घर लाते समय दो किसानों को Èर्जी मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है, जबकि उक्त माल पट्टे की अÈीम का था। किसानों के बढ़ते विरोध को देखते हुए एसपी प्रसन्न कुमार खमेसरा ने आज सुबह थानाधिकारी मानाराम गर्ग को कपासन थाने से हटाकर एसपी ऑÈिस में लगा दिया, जबकि एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर करते हुए एक अन्य कांस्टेबल को उसके मूल नियुक्ति थाने में भेज दिया गया। इसके बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ।
हिरण को मारकर 25 फीट ऊंचे पेड़ पर ले गई मादा तेंदुआ

सेवेन्ना. इंसान हो या जानवर, हर मां के जेहन में बच्चों की भूख जलती है। इसी कारण जब इस मादा तेंदुए ने हिरण का शिकार किया, तो उसे खाया नहीं, बल्कि अपने बच्चे के लिए उसे लेकर 25 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गई। वो लम्हा नजरिए को एक शिकार और शिकारी की दास्तां बयां नहीं कर रहा था, बल्कि एक मां की अपने बच्चे के लिए की जाने वाली जद्दोजहद को बता रहा था।


चुनाव प्रचार के बाजार ने नेताओं के उतारे कपड़े

सोनिया हो या मोदी, सबके साथ वाट्सएप पर भद्दा मजाक, प्रशासन बेबस
उदयपुर। वाट्सएप पर चुनाव से जुड़े प्रचार के बाजार ने अपने कपड़े उतार दिए हैं। यहां नंगे शब्द ही नहीं, बल्कि ऐसी-ऐसी तस्वीरें डाली जा रही है कि कोई भी व्यक्ति घर में मोबाइल को स्विच ऑÈ या लॉक किए बिना नहीं रख सकता। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव को वाट्सएप पर पोर्न उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। वाट्सएप पर हो रही हरकत को आप जो भी नाम दे। ये अश्लीलता की हद से गुजर गया है।
अश्लीलता के साथ भड़काऊ बातें
वाट्सएप पर अश्लीलता के बड़े बाजार के साथ-साथ लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का भी पूरा मसाला है। बाबरी मस्जिद का विध्वंस कैसे किया गया?, उसे अजीब तरीके से दिखाया गया है। अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी से जुड़ी कई आपत्तिजनक बातें भी है। लड़कियों की नंगी तस्वीरों पर अनाप-शनाप स्लोगन लिखे हुए हैं। एक तरÈ चुनाव आयोग इलेक्शन से जुड़ी हर गड़बड़ी पर नजर टिकाए रहा, लेकिन दूसरी तरÈ वाट्सएप पर दिख रहे गंदे शब्द और अश्लील तस्वीरें लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव को पोर्न उत्सव में तब्दील कर रही है। अति उत्साही लोगों की करामात ने न सोनिया गांधी को बक्शा है न ही प्रियंका, न नरेंद्र मोदी और न ही केजरीवाल को।
वॉट्सएप पर नहीं पहरा
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भले ही इलेक्शन कमीशन अपनी नजर गड़ाए हुए रहा, लेकिन वाट्सएप पर कोई पहरा नहीं था। अबकी बार मोदी सरकार नारे पर डेली वाट्सएप पर सैंकड़ों मैसेज व Èोटो लगातार शेयर किए गए। हालांकि यह पर्सनल मैसेजिंग का अड्डा है, जिस पर कमीशन कुछ भी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। आलम यह हो गया है कि ऐसे-ऐसे अश्लील मैसेज आ रहे हैं, जिन्हें आपको बिना पढ़े ही डिलिट करना पड़ता है।
Èैल रहा है जहर
ऐसे मैसेजेज पिक्स, टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो सभी Èॉर्म में सर्कुलेट हो रहे हैं। वेबसाइट एक्सपटर््स कहते हैं कि सोशल साइट्स पर तो धीरे-धीरे गवर्नमेंट अपना कंट्रोल कर रही है पर वाट्सएप पर कोई कंट्रोलिंग नहीं है। शायद इसी कारण घोर आपत्तिजनक मैसेजेज सर्कुलेट हो रहे हैं, जिनके जरिये लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाकर जहर Èैलाया जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर फॉयरिंग

उदयपुर। प्रतापगढ़ में बीती रात नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर अज्ञात बदमाशों ने गोलियां बरसाईं, जो उनके मकान के दरवाजे में धंस गई। हमलावर बाइक पर आए थे। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाÈ रिपोर्ट दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बीती रात करीब साढ़े 11 से 12 बजे के बीच नगर पालिका अध्यक्ष सालनपुरा निवासी कमलेश दोशी के घर पर बाइक पर आए अज्ञात बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। चार Èायर किए। गोलियां दोशी के मकान के दरवाजे में धंसी मिली। गोलियां बरसा कर बदमाश चले गए। घर की महिलाओं और पड़ोसियों ने रात में हुई Èायरिंग की घटना के बारे में बताया कि उन्हें लगा कि शादी-ब्याह का सीजन है। इस कारण वे पटाखों की आवाज सुनकर सो गए। इस दौरान दुपहिया वाहन की भी आवाज आई थी। इस कारण माना जा रहा है कि हमलावर बाइक पर सवार थे।
आज सुबह जब घर की महिलाओं ने दरवोज में धंसे कारतूस देखे, तो रात को हुई Èायरिंग का पता चला। नगरपालिका अध्यक्ष कमलेश दोषी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके से चार खाली कारतूस के खोल बरामद किए, जो बंद दरवाजे पर किये गए थे।
दरवाजे पर चार Èायर के निशान भी थे। सुबह घटना की जानकारी जैसे-जैसे लोगों को मिलती गई, वैसे-वैसे पालिका अध्यक्ष के घर भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नेताओं की भीड़ जुटने लगी। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंच गए। अध्यक्ष कमलेश दोषी ने पुलिस को बताया कि उनकी किसी से ना तो कोई रंजिश है, ना ही उनका कोई जमीन संबंधी या किसी अन्य मामले में किसी से विवाद है, जिसकी वजह से किसी पर शक किया जा सके। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाÈ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है, कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी जारी है।
हापुस, सोच-समझकर चूस!
उदयपुर। इन दिनों बाजारों में रसीले हापुस आमों की बहार आई हुई है। लेकिन इन पीले-रसीले हापुसों को चूसने से पहले जरा सोच-समझ लें। ये आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकते हैं। इन दिनों मार्केंट में मिलने वाला हापुस आम उपभोक्तोओं की सेहत पर असर डाल सकता है, क्योंकि इन रसीले हापुसों को जानलेवा केमिकल से पकाया गया है। केमिकल्स से पके इन आमों को खाते ही पेट दर्द, दस्त, लीवर और किडनी से जुड़ी शिकायतें पैदा हो सकती है।
इन दिनों Èलों के राजा हापुस आम की बाजार में काÈी डिमांड है। इस डिमांड को पूरा करने के लिए जहां व्यापारी हापुस का मनमाना दाम वसूल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे पकाने के लिए केल्शियम कार्बाइड जैसे जानलेवा केमिकल का इस्तेमाल भी कर रहे हैं, जो कि सेहत के लिए प्राणघातक है। डॉक्टरों की मानें, तो ग्राहक और व्यापारियों के बीच डिमांड और सप्लाई के इस खेल में सिर्È और सिर्È उपभोक्ता को ही नुकसान पहुंचने वाला है, क्योंकि व्यापारी जिस हापुस आम को बाजारों में बेच रहे हैं। उसे पकाने के लिए वे केल्शियम का इस्तेमाल कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि केल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल विशेष कर केले और आम को पकाने के लिए किया जाता है। केल्शियम कार्बाइड एक Óवलनशील पदार्थ है और पानी के संपर्क में आने से कैल्शियम डाय आक्सइड बनता है, जो कि काÈी Óवलनशील होता है। इस पदार्थ से पके Èलों को खाने से सिरदर्द, चक्कर आना, किडनी, लीवर में शिकायत के अलावा ब्रेन में पानी की गांठ बन जाती है। इतना ही नहीं उपभोक्ता की लंबे समय के लिए मेमारी लॉस हो सकती है। बता दें कि केल्शियम कार्बाइड जब पानी के संपर्क में आता है, तो वह गैस में तब्दील हो जाता है। जिससे पानी का तापमान 305 डिग्री के ऊपर चला जाता है। यह इतना Óवलनशील होता है कि हवा के संपर्क में आने पर यह विस्Èोटक का काम करता है।
हाँ मेने किया अपने अधिकार का प्रयोग और डाल दिया अपना एक वोट, उदयपुर में हुआ 63.63 प्रतिशत मतदान ( PHOTO )
उदयपुर । शहर के चाहे नौजवान हो या बूढ़े महिलाएं हो या पुरुष अधिकतर लोगों ने मतदान को अपनी पहली जिम्मेदारी समझ कर मतदान किया । सरकार चाहे किसी की भी बने लेकिन लोगों ने अपने मत के अधिकार को समझा और मत का प्रयोग किया
प्राप्त जानकारी के अनुसार उदयपुर लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभा में 63.63 प्रतिशत मतदान हुआ । जिसमे सबसे अधिक झाड़ोल विधान सभा में 73.56 प्रतिशत मतदान हुआ और सबसे कम 61.58 प्रतिशत सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र का रहा । जानकारी के अनुसार बाकी विधान सभाओं में गोगुन्दा में 63.37 खेरवाड़ा में 61.95 उदयपुर ग्रामीण 69.26, धारियावाद 67.34 व् आसपुर 63.25 प्रतिशत मतदान रहा।
हम यहां शहर के कुछ जिम्मेदार नागरिकों के फोटो प्रकाशित कर रहे है । जिन्होंने अपना वोट डालने के साथ साथ सोशल साइट पर लोगों को वोट डालनी अपील भी की ।
गर्म हवाओं पर सवार मतदान का जोश




॥दोपहर १.२० तक ३४.५६ प्रतिशत मतदान
॥सुबह उमड़ी भीड़, दोपहर में धीमा हुआ उत्साह
उदयपुर। लोकसभा चुनाव का उत्साह मतदाताओं पर इस कदर हावी है कि उन्हें गर्मी और लू के थपेड़े भी नहीं रोक पा रहे हैं। प्रशासन के मतदाता जागरूकता अभियान का इस बार काफी गहरे तक असर देखा गया है। तेज और तीखी धूप के बावजूद शहर और ग्रामीण इलाकों में मतदान उत्सव अपने परवान पर है। महिलाएं, युवक-युवतियां और बुर्जर्ग, कोई भी मतदान से नहीं चूका। ऐसा मतदाताओं की भीड़ को देखकर प्रतीत हो रहा है।
उदयपुर लोकसभा सीट पर दोपहर १.२० तक ३४.५६ प्रतिशत मतदान हो चुका था। सुबह 11 बजे तक सभी जगह बंपर मतदान हुआ। इसके बाद में थोड़ा धीमा पड़ा। उम्मीद जताई जा रही है कि शाम चार बजे से छह बजे तक मतदान बढ़ेगा। उदयपुर लोकसभा की आठों विधानसभा सीटों में से धरियावाद विधानसभा में इस समय तक (39.47 प्रतिशत) सबसे अधिक मतदान हुआ है। बाकी जगह भी शाम तक 70 प्रतिशत से ऊपर तक मतदान होने की संभावना है। उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में हालांकि दिन में एक बजे तक 28.31 प्रतिशत बाकी जगह की तुलना में सब से कम मतदान हुआ है। आठों विधानसभा क्षेत्रों में दिन में एक बजे तक उदयपुर शहर में 28.31 प्रतिशत, उदयपुर ग्रामीण में 34.81 प्रतिशत, गोगुंदा में 33.75 प्रतिशत, झाड़ोल में 34.83 प्रतिशत, खेरवाड़ा 34.84 प्रतिशत, सलूंबर 30.93 प्रतिशत, धरियावद 39.47 प्रतिशत और आसपुर में 30.68 प्रतिशत मतदान हुआ है। शहर में दोपहर तक सबसे अधिक तैय्यबियाह स्कूल में 55 प्रतिशत तक मतदान हो गया था। तैय्यबियाह स्कूल में मतदान करने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा अंबामाता, मल्लातलाई, किशनपोल क्षेत्र में भी मतदान 40 से 50 प्रतिशत तक रहा।


भाजयुमो उपाध्यक्ष ने वोट करते हुए फोटो किया वायरल

चुनाव आयोग के आदेशों की अवहेलना, तीन माह तक की सजा का प्रावधान
उदयपुर। चुनाव आयोग के स्पष्ट आदेश के बावजूद भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष लव बागड़ी मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल ले गए और वोटिंग करते हुए स्वयं का फोटो खींचकर सोशल साइट पर अपलोड कर दिया। इस बारे में चुनाव आयोग के स्पष्ट आदेश है कि कोई भी मतदाता, मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल नहीं ले जा सकेगा और अंदर किसी भी प्रकार के फोटो नहीं खिंचेगा। पत्रकारों को आबंटित किए गए प्रवेश पत्र में भी उल्लेख है कि कोई भी पत्रकार या फोटो जर्नलिस्ट मतदान केंद्र के भीतर का फोटो नहीं खींच सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, १९५१ की धारा १३१ (१) (ख) के अधीन जुर्माने के साथ तीन माह तक की सजा या दोनों सजाओं का प्रावधान है।
फटाफट क्रिकेट की शुरू हुई धमाल
कई होंगे कंगाल, तो कई मालामाल
उदयपुर। जिस तरह हॉर्स रेस कोर्ट में घोड़ों को खरीदा जाता था, उसी तरह पिछले चार सालों से खिलाडियों को खरीदने का नया खेल क्रिकेट में भी शुरू हुआ है। आईपीएल के नाम से प्रसिद्धि पा चुके इस एक महीने के टूर्नामेंट में खिलाडिय़ों की खरीद-फरोख्त पर करोड़ों रुपए लगाए जाते हैं। इसमे नेता, अभिनेता, बिल्डर और बड़े उद्योगपति शामिल है, जो देश के विभिन्न राज्यों के नाम से अपनी टीम का निर्माण करते हैं। बुधवार से फिर से इस फटाफट क्रिकेट की धमाल शुरू हो गई, जो एक माह तक चलेगी।
॥ सट्टा कारोबार का रहेगा बोलबाला : कल से शुरू हुए फटाफट क्रिकेट में सट्टा कारोबार का बोलबाला रहेगा। इस मैच में थड़ी वाले से लेकर बड़े उद्योगपति तक अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। एक महीने के इस अवैध कारोबार में उदयपुर से ही अरबों रुपयों का दांव लग चुका है। इससे सटोरिए काफी खुश दिखाई पड़ रहे हैं। शहर के अंदरूनी और सुनसान इलाकों में बुकियों ने अपनी दुकानें जमा ली है, जो डायरियों, कंप्यूटर और टीवी सेट के साथ ही ढेरों मोबाइल पर लगे हुए हैं। तीन घंटे के इस खेल में एक बुकी लोगों के 20 लाख से ज्यादा लगा रुपए लगा देते हैं।
॥ दाऊद से जुड़े हैं तार : अंडर वल्र्ड डॉन दाऊद सट्टा बाजार का सबसे बड़ा किंग है। टेस्ट क्रिकेट, वन-डे क्रिकेट से शुरू हुए सट्टे और फिक्सिंग के इस गोरखधंधे के बाद आईपीएल में भी दाऊद की भागीदारी से इनकार नहीं किया जा सकता। दुबई से रोजाना सट्टा खुलता है और बाद में मुंबई, अहमदाबाद, इंदौर से नई बुकिंग खुलती है।
॥ उदयपुर में यहां से आते है भाव : उदयपुर में करीब दो दर्जन से ज्यादा बुकी इस मैच में बुक चलाते हैं, इनके पास निम्बाहेड़ा, चित्तौड़ और मध्यप्रदेश से भाव आता है।
॥ सेशन या हार जीत पर लगता है सट्टा: फटाफट क्रिकेट में चार सेशन में 20 ऑवर पूरे होते हैं, जो पांच, १०, १५ और 20 ओवर पर होते हंै। इसमें रनों और विकेटों पर दांव लगता है। इसमें दांव लगाने वाला अगर पहले सेशन में हारता है, तो दूसरी बार डबल पंूजी लगाता है, ताकी उसका पिछला पैसा कवर हो जाए, लेकिन अगर दूसरा भी हारता है, तो बुकी मालामाल हो जाते हैं।






































