उदयपुर । शहर की सबसे पुरानी हेरिटेज मानीजाने वाली पांच सितारा होटल दी ललित लक्ष्मी विलास ने अपने दो रेस्टोरेंट “पद्मिनी” और “आँगन” के लिए ख़ास और स्पेशल मैन्यू लांच किया।
दी ललित लक्ष्मी विलास के एक्सिक्यूटिव शेफ स्वप्निल सेखेदर ने बताया कि ललित लक्ष्मी विलास के “पद्मिनी” और आउट डोर रेस्टोरेंट “आँगन” में ट्यूरिस्ट और रेग्युलर कस्टमरों की बेहद मांग पर एक नया और स्पेशल मैन्यू लांच किया है। जिसमे विदेशी पर्यटकों को उनकी पसंद का और देसी मेहमानों को हिन्दुस्तानी खाने का लज़ीज़ स्वाद मिलेगा । नए मैन्यू में होटल में आने वाले विदेशी मेहमानों का जहां ख़ास ध्यान रखा गया है। तो शहर के नियमित मेहमानों और देशी मेहमानों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है । जहाँ पद्मिनी रेस्टोरेंट में इंडियन और कॉन्टिनेंटल स्वाद मिलेगा वही शाम को ठंडी फ़िज़ां में आबाद होने वाले “आँगन” रेस्टोरेंट में ठेठ भारत के हर कोने कोने के ज़ायके चखने को मिलेगे ।
गौर तलब है कि शहर वासियों के लिए दी ललित लक्ष्मी विलास समय समय पर फ़ूड फेस्टिवल आयोजित कर भारत के कोने कोने के जायकों से रूबरू करवाता है। और फ़ूड फेस्टिवल के लिए ग्रुप के बेस्ट शेफ आकर खानों के ज़ायके बढ़ाते है । ललित लक्ष्मी विलास के मेनेजर ने बताया कि आगामी अगस्त सितम्बर तक फिर से फ़ूड फेस्टिवल शुरू करेगें । अभी नए मैन्यू के साथ शाम को हैप्पी आवर्स भी शुरू किये गए है । जिसमे आने वाले मेहमानों को विशेष छूट दी जायेगी।
द ललित लक्ष्मी विलास होटल के “आंगन” और “पद्मिनी” में नए ज़ायकों का मैन्यू लांच
बाल संप्रेषण गृह में यौन उत्पीड़न
उदयपुर। चित्रकूट नगर में महिला थाने के पीछे स्थित बाल संप्रेषण गृह में एक बाल अपचारी के साथ यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी थाने के गोमाना का रहने वाला पीडित संप्रष्ाण गृह में केवल तीन दिन ही रहा था।
इस कारण से पीडित छात्र उक्त आरोपी को जानता नहीं है लेकिन संभवतया वहां काम करने वाला कोई कर्मचारी है। पीडित के पिता की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि उक्त आरोपी ने बालक को नंगा कर दिया। इसके बाद उससे मारपीट की। बालक इस दौरान रोता रहा लेकिन कर्मचारी ने उसे घरवालों को फोन कर पैसे मंगाने को कहा। इसके बाद आरोपी से शराब लाने को भी कहा। पीडित बाल अपचारी इस संप्रेषण गृह में 21 मार्च को भर्ती हुआ था और उसकी 24 मार्च को जमानत हो गई। इस तीन दिन की अवधि में ही उससे साथ यह घटना हुई। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो पीडित के पिता ने न्यायालय को पत्र लिखा। इस पर न्यायालय से सुखेर थाना को मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं लेकिन अब तक गिरफ्तारी या अन्य कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कोटड़ा में मासूम जिन्दा जली
Udaipur. कोटड़ा। उपला थला गांव में शनिवार सुबह एक फूस छप्परपोश मकान में आग लगने से पांच साल की बच्ची जिन्दा जल गई। घटना के वक्त बच्ची का पिता अजा व माता खेत में काम कर रहे थे। घर को आग की लिपटों में घिरा देखकर वे भाग कर आए और आग बुझाई लेकिन तब तक बच्ची चन्द्रिका की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार सुबह 10 बजे अजा व उसकी पत्नी घर के कामकाज निपटा कर खेत पर चले गए थे। चन्द्रिका पड़ोस के बच्चों के साथ घर में खेल रही थी।
इसी दौरान घर के चूल्हे में रखी आग से चिंगारी घास फूस के छप्पर तक पहुंच गई। पलक झपकते ही आग ने विकराल रूप ले लिया।
सिर्फ राख मिली : दूसरे बच्चे तो आग देख कर भाग गए। बच्ची अन्दर ही फंसी रह गई। मकान से आग की लपटें उठते देख उसके माता-पिता व अन्य ग्रामीण भाग कर आए। आग बुझाई लेकिन तब तक मासूम चन्द्रिका सहित घर में रखा अनाज-कपड़े जलकर राख हो चुके थे।
पत्नी के दुष्कर्म की बनाई क्लीपिंग, दहेज के लिए किया ब्लैकमेल
Udaipur.पत्नी से अप्राकृतिक दुष्कर्म की क्लीपिंग बनाने और दहेज की मांग कर घर से निकाल देने के आरोप में महिला थाना पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज कराया। इसी क्रम में देवर पर दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में अलग मामला दर्ज किया गया। विवाहिता ने रिपोर्ट में कहा कि उसकी शादी 2007 में महेश के साथ हुई थी। पति व सास ने तंग किया और उसकी अश्लील क्लीपिंग बना कर धमकाना शुरू कर दिया। इसी प्रकार एक अन्य विवाहिता ने पति भारत उर्फ युवराज पर दहेज के लिए तंग करने व देवर पर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया।
चाचा ससुर पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप
पांचू. दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाकर बंधाला गांव की एक विवाहिता ने चाचा ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार परिवादी महिला ने इस्तगासे से दर्ज रिपोर्ट में कहा कि उसका पति मजदूरी करने के लिए बाहर रहता है। इस दौरान उसका चाचा ससुर देवीलाल उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा तथा शारीरक सम्बन्ध बनाने की नीयत रखने लगा।
गत वर्ष 10 नवम्बर को वह घर पर अकेली थी। इस दौरान आरोपी घर में घुसकर जबरदस्ती करने लगा। शोर मचाने पर पड़ौसी चुकी देवी व गोमती देवी छुड़ाने आई। इस दौरान आरोपी के परिवार के ही रणजीत, बनवारी, सुमेर, दिनेश आए तथा गोमती व चुकी के साथ मारपीट करने लगे।
खाजूवाला. चक 17 केवाईडी स्थित एक ढाणी में घुसकर विवाहिता के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में शनिवार को मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी मजीदखां ने बातया कि खाजूवाला वार्ड सात निवासी विवाहिता ने रिपोर्ट में बताया कि चक 17 केवाईडी स्थित ढाणी में जमीन हिस्से लेकर खेती का काम करते है।
शुक्रवार रात सुरेन्द्र सिंवर व शिशपाल जाट उसके घर आए। दोनों आरोपियों ने उसे पकड़कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर उसके पति के आने पर दो आरोपी भाग गए इस सम्बन्ध बहिन व बहनोई को बताया तो इनके द्वारा आरोपियों की शिकायत करने पर धनराज, सुरेन्द्र, शिशपाल, कैलाश, राजू रसोईया तथा तीन-चार अन्य लोगों ने उसके बहिन-बहनोई व पति के साथ मारपीट की। इन्होंने बहिन की सोने की बाली तोड़ ली तथा बहनोई के जेब से 1500 रूपए निकाल लिए।
ममता की क्षमता, मैया की दुआ गैया का प्यार पाए, एक तेंदुआ

नाथद्वारा की श्री गौशाला में गाय के साथ बैठे पैंथर को देखकर आपको यहीं विचार आ रहा होगा कि शायद फोटोशॉप का कमाल है या मिक्सिंग की गई है। लेकिन यह ओरिजनल फोटो है। यह दुर्लभ फोटो खींचा है अरविंद राज गहलोत ने। इसे देखकर यही विचार मन में आता है कि एक-दूसरे से विपरीत प्रवृत्ति के जानवर मिलजुल कर कैसे बैठे है ? इस संबंध में वन अधिकारी सतीश शर्मा ने बताया कि शिकारी जानवरों की सहज प्रवृत्ति होती है कि वे पेट खाली होने पर ही हिंसक होते है, यदि पैंथर का पेट भरा हो तो वह अनावश्यक हमला नहीं करते। साथ ही शिकारी जानवर की ताकत को भी शिकार होने वाले जानवर भांप लेते है। यदि शिकारी के मुकाबले शिकार ज्यादा बलवान हो तो वह ज्यादा विचलित नहीं होता है। इस चित्र में अनुसार गाय पैंथर से ज्यादा ताकतवर मालूम हो रही है और आसानी से उसका मुकाबला भी कर सकती है, शायद यहीं कारण है कि पैंथर के बिल्कुल सटकर बैठने के बावजूद वह जरा भी भयभीत नहीं दिख रही है।


संत तरेसा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

उदयपुर। संत तरेसा गल्र्स स्कूल से डेढ़ सौ छात्रों को निकाले जाने और उनको टीसी थमाने के सन्दर्भ में आज पीडि़त अभिभावकों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्कूल प्रबंधन को छात्रों को स्कूल से नहीं निकालने के लिए पाबंद करने की मांग की है।
संत तरेसा गल्र्स स्कूल में करीब 150 छात्रों के भविष्य को अधर-झूल में लटका कर उन्हें हिंदी मीडियम का हवाला देते हुए टीसी थमा दी गई है। इस मामले में आज अभिभावकों ने जिला कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला कलेक्टर यासीन पठान को ज्ञापन दिया। अभिभावकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन अपनी बात पर अड़ा हुआ है और हिंदी मीडियम समाप्त करने के तर्क को लेकर दसवीं की 100 से अधिक और आठवीं की 40 छात्राओं का भविष्य बिगाडऩे पर तुला हुआ है। मोहम्मद यासीन पठान ने कहा कि वे आज ही डीओ को वहां भेजकर जांच करवाएंगे।
लाल बत्ती की गाड़ी में बदमाश गिरफ्तार
एक रिवाल्वर, दस कारतूस, एक लाख दस हजार रूपये बरामद
उदयपुर। सेंट्रल जेल के बाहर कल शाम सूरजपोल पुलिस ने लाल बत्ती लगी स्कार्पियो से चार बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक लोडेड रिवाल्वर, दस कारतूस और एक लाख दस हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। यह आरोपी यहां सेंट्रल जेल में बंद लूट के आरोपी से मिलने आए थे। इन बदमाशों को जेल के बाहर हुई फायरिंग के २० मिनट पहले किया गया।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की हरियाणा पासिंग स्कार्पियो में हथियार बंद बदमाश घूम रहे हैं। इस पर नाकाबंदी कराई गई। सेंट्रल जेल के बाहर यह स्कोर्पियो पुलिस को दिखाई दी। इस पर सूरजपोल थानाधिकारी रमेशचंद्र ने स्कोर्पियो को रूकवाया, तो बदमाश गाड़ी छोड़कर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने घेरा डालकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम लखवीर सिंह पुत्र हरदीपसिंह जाट निवासी फतेहाबाद (हरियाणा), आनंद पुत्र भगवान अत्रिय निवासी रोहतक (हरियाणा), मंजीत पुत्र प्रताप कौशिक सोनीपत (हरियाणा) और प्रदीप पुत्र शेरसिंह जाट निवासी फतेहाबाद (हरियाणा) होना बताया।
इन बदमाशों की तलाशी के दौरान लखवीरसिंह के कब्जे से एक लोडेड रिवाल्वर, चार कारतूस व अन्य बदमाशों से छह कारतूस बरामद किए गए। गाड़ी की तलाशी में एक लाख दस हजार रुपए नगद मिले, जिसे जब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि विगत 20 दिनों में अवैध हथियारों की धरपकड़ के दौरान शहर में आठ अवैध पिस्टल, दो चाकू व 1$10 लाख रुपए के साथ 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी हार्डकोर एव गेंगस्टर है।
फायरिंग से २० मिनट पहले गिरफ्तारी:
केंद्रीय कारागृह के सामने हुई फायरिंग की घटना से ठीक 20 मिनट पहले ही सूरजपोल थानाधिकारी द्वारा उपरोक्त अपराधियों को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। उसके बाद जेल के सामने फायरिंग की घटना हुई।
एक आरोपी शराब का ठेकेदार:
अब तक की पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त लखवीरसिह ने बताया कि वह शराब का ठेकेदार हैं। उसका हरियाणा में शराब का गोदाम है। जेल में बंद अपराधी दौलतराम पिता रघुनाथ मेवाड़ा ने उसके यहां सेल्समैन का काम किया था, जिससे वह मुलाकात करने यहां आया था।
दौलतराम लूट का आरोपी:
लखवीरसिंह जिस आरोपी दौलतराम से यहां केंद्रीय कारागृह में मिलने आया था। वह सोने की लूट की वारदात का आरोपी है। गोर्वधनविलास थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, जो यहां सेंट्रल जेल में बंद हैं।
दौलतराम व उसके साथी करण सिंह, जितेन्द्र प्रजापत ने नौ जनवरी, २०१३ को गोवर्धनविलास क्षेत्र में प्रार्थी धनराज व उसके साथी का अपहरण कर दो किलो सोना लूटा था।
जेल के बाहर फायरिंग के मामले में एक आरोपी नामजद
आरोपियों की तलाश के लिए सात टीमों का गठन
उदयपुर। यहां सेंट्रल जेल के बाहर गुरुवार रात पौने आठ बजे भाजयुमो राणा प्रताप मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश बापना और जेल से जमानत पर छूटे अनिल अग्रवाल पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने खेरोदा निवासी भगवतसिंह को नामजद किया है। भगवतसिंह के साथ दो अन्य युवक भी थे। इसकी तलाश के लिए एसपी अजय लांबा ने सात टीमों का गठन किया है, जो आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। इस वारदात में घायल हुए अनिल और नरेश की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। गौरतलब है कि सेक्टर 5, गायत्री नगर निवासी अनिल पुत्र प्रेमचंद अग्रवाल को धोखाधड़ी के एक प्रकरण में कुराबड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसे जेल भेज दिया गया। कल शाम को अनिल अग्रवाल जमानत पर रिहा हुआ था। उसे लेने के लिए भाजयुमो ग्रामीण मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश पुत्र गणेशलाल बापना उसके दोस्त पंकज विजयवर्गीय, रवि अग्रवाल, और जगदीश नागदा के साथ जेल पहुंचे थे, जहां अनिल अग्रवाल और नरेश बापना दोनों एक बाइक पर सवार हो कर वहां से रवाना होने वाले ही थे, तभी उदियापोल की तरफ से आए तीन युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस दौरान चार गोलियां दागी गई। जिसमें तीन गोलियां अनिल अग्रवाल और एक गोली नरेश बापना को लगी। वारदात के बाद आरोपी पैदल ही वहां से भाग छूटे। दोनों को घायल भट्टजी की बाड़ी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इस वारदात में शामिल भगवतसिंह ने धोखे से शादी कराने का मामला अनिल अग्रवाल और अन्य के खिलाफ कुराबड़ थाने में दर्ज कराया था।
चेटक कॉम्प्लैक्स की निर्माण स्वीकृति गैर कानूनी
सभापति व अफसरों ने मिलकर किया आपराधिक कृत्य

उदयपुर। शहर के सर्वाधिक महत्वपूर्ण चेटक सर्किल पर राजनेताओं और अफसरों की मिलीभगत से आम सड़क को खोदकर बनाए जा रहे व्यावसायिक काम्पलैक्स की निर्माण अनुमति ही गैर कानूनी है। चूंकि इस भूखंड के बेचान के बाद अभी तक इसका सब डिवीजन नहीं हुआ है और चूंकि इस मुतल्लिक एक वाद हाईकोर्ट में भी लंबित है, इसलिए कानूनन इस पर निर्माण स्वीकृति नहीं दी जा सकती। ऐसे में सभापति, कमिश्नर और उनके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा जल्दबाजी मेें एक शिविर के दौरान दी गई चेटक कॉम्पलैक्स की निर्माण अनुमति कानूनों की आपराधिक अवहेलना है।
उल्लेखनीय है कि चेटक सिनेमा के पिछवाड़े का एक भू-भाग इसके कथित मालिक सैफुद्दीन बोहरा ने सतराम दास गेहरीमल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किया था। सतरामदास ने उसके हिस्से की इमारत के जीर्णोद्धार की स्वीकृति का आवेदन किया, लेकिन इमारत ध्वस्त कर नींव से नई इमारत बनाना शुरू कर दिया। विवाद उठा। म्युनिसिपेलिटी ने ४८ घंटे के भीतर निर्माण हटा लेने का नोटिस दिया। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि ऐसा नहीं किया गया, तो निर्माण ध्वस्त करने का खर्चा भी वसूल किया जाएगा। इस पर सतरामदास म्युनिसिपेलिटी के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले आया। स्टे यानी यथास्थिति। लेकिन सतरामदास ने अपना निर्माण जारी रखा और स्टे की अवधि के दौरान ही पूरी इमारत बनवा दी। यह सारी जानकारी प्राप्त होने पर जस्टिस बीजे सेठना नाराज हुए और उन्होंने सतरामदास एंड कंपनी की याचिका खारिज करते हुए निर्माण को अवैध माना तथा इमारत ध्वस्त करने का आदेश दे दिया।
बताया गया है कि न्यायमूर्ति बीजे सेठना उस समय स्वयं मौका देखने उदयपुर आए थे। बाद में अदालत के आदेश से बचने के लिए सतरामदास ने डबल बेंच में अपील कर दी। यह अपील अभी विचाराधीन है। ऐसे में इसी भू-भाग के दूसरे हिस्से पर निर्माण स्वीकृति जारी करना न केवल गैर कानूनी है, बल्कि आपराधिक कृत्य है।
डेढ़ सौ छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़

संत टेरेसा स्कूल से हिन्दी भाषा निष्कासित
स्कूल में अभिभावकों व छात्राओं ने किया प्रदर्शन उदयपुर। मिशनरी स्कूल संत टेरेसा के प्रबंधन ने डेढ़ सौ छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। स्कूल प्रबंधन ने तानाशाही रवैया अपनाकर हिंदी मीडियम को बंद कर दिया और छात्राओं से जबरन स्कूल से निकाले जाने वाले नोटिस पर हस्ताक्षर भी करवा लिए, जिससे अब उनके आगे की पढ़ाई अधरझूल हो गई है। साथ ही इन छात्राओं का दूसरे स्कूल में भी एडमिशन नहीं हो पा रहा है। इसका विरोध करते हुए अभिभावकों और छात्राओं ने आज स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संत टेरेसा गल्र्स स्कूल, जिसमे पिछले कई सालों से हिंदी मीडियम में छात्राएं अध्ययनरत है, अब स्कूल प्रशासन उनको निकालने पर तुला हुआ है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन द्वारा हिंदी मीडियम बंद किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन के पास हिंदी मीडियम के टीचर ही नहीं है, जिसमें छात्राओं का कोई दोष नहीं है। जो छात्राएं आठवीं क्लास पासकर नवीं कक्षा में गई है तथा जो छात्राएं दसवीं पास कर ११वीं में जाएगी, उनको अब स्कूल प्रशासन ने आगे नहीं पढ़ाने का निर्णय लेते हुए स्कूल से निकालने का नोटिस जारी कर दिया है।
धोखाधड़ी से कराए हस्ताक्षर : १०वीं और आठवीं की छात्राओं के अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने डायरी में अगली क्लास में नहीं बैठाने के नोट पर दबाव डालकर अभिभावकों और छात्राओं के हस्ताक्षर करवा लिए और उसकी कॉपी स्कूल प्रबंधन ने अपने पास रख ली, जिसके आधार पर छात्राओं को स्कूल से निकालने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की मीटिंग नहीं बुलाई। आज सुबह जब अभिभावक स्कूल की प्रिंसीपल सिस्टर जस्लीना से मिले, तो उन्होंने कहा कि हमारे पास हिंदी मीडियम के टीचर नहीं है। यहां सिर्फ इंग्लिश मीडियम की ही पढ़ाई होती है।
नहीं मिल रहा एडमिशन : अभिभावकों की परेशानी यह भी है कि १०वीं का रिजल्ट अभी नहीं आया और जब तक रिजल्ट आएगा, तब तक दूसरे स्कूलों में एडमिशन भी बंद हो जाएगा। दूसरी तरफ, शहर में हिंदी मीडियम की स्कूल भी कुछ गिनी चुनी है। ऐसे में कहां एडमिशन करवाए? यह भी एक समस्या है, जो छात्राएं अभी आठवीं पास कर नौवीं में गई है, उनका हिंदी मीडियम की छात्राएं होने के कारण कहीं एडमिशन नहीं हो रहा है।
अभिभावकों ने किया प्रदर्शन: स्कूल के तानाशाही रवैये को देखते हुए कई अभिभावकों और क्षेत्रीय पार्षद शिप्रा उपाध्याय तथा कांग्रेसी नेता भारत आमेटा ने स्कूल में प्रदर्शन किया तथा १०वीं की छात्राओं और आठवीं की छात्राओं को इसी स्कूल में आगे एडमिशन देने की मांग की। अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल प्रशासन नहीं माना, तो वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे।
॥मेरी बच्ची ने १०वीं की परीक्षा दी है, जिसका अभी रिजल्ट आना बाकी है। ऐसे में बिना मार्कशीट के दूसरे स्कूल में भी एडमिशन नहीं हो पाएगा। यह स्कूल अपने तानाशाही रवैये पर अड़ा हुआ है।
-कन्हैयालाल बाबेल, अभिभावक
॥मेरी बच्ची दसवीं क्लास में इसी स्कूल में अध्ययनरत है और अब स्कूल प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिया कि बच्ची का कहीं और एडमिशन करवाओ, जबकि मार्कशीट अभी नहीं आई है। ऐसे में दूसरे स्कूूल में एडमिशन भी नहीं करवा पा रहा हूं।
-भरत आमेटा, अभिभावक
॥हमने बच्चों की डायरी में नोट लिख कर दिया था, जिस पर अभिभावकों के साइन है, जिसकी फोटो कॉपी हमारे पास पड़ी है। हम आगे हिंदी मीडियम में नहीं पढ़ा सकते, क्योंकि हमारे पास टीचर ही नहीं है।
-सिस्टर जसविना, प्रिंसीपल, संत टेरेसा, गल्र्स स्कूल







