लाल बत्ती की गाड़ी में बदमाश गिरफ्तार

IMG_0344एक रिवाल्वर, दस कारतूस, एक लाख दस हजार रूपये बरामद
उदयपुर। सेंट्रल जेल के बाहर कल शाम सूरजपोल पुलिस ने लाल बत्ती लगी स्कार्पियो से चार बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक लोडेड रिवाल्वर, दस कारतूस और एक लाख दस हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। यह आरोपी यहां सेंट्रल जेल में बंद लूट के आरोपी से मिलने आए थे। इन बदमाशों को जेल के बाहर हुई फायरिंग के २० मिनट पहले किया गया।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की हरियाणा पासिंग स्कार्पियो में हथियार बंद बदमाश घूम रहे हैं। इस पर नाकाबंदी कराई गई। सेंट्रल जेल के बाहर यह स्कोर्पियो पुलिस को दिखाई दी। इस पर सूरजपोल थानाधिकारी रमेशचंद्र ने स्कोर्पियो को रूकवाया, तो बदमाश गाड़ी छोड़कर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने घेरा डालकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम लखवीर सिंह पुत्र हरदीपसिंह जाट निवासी फतेहाबाद (हरियाणा), आनंद पुत्र भगवान अत्रिय निवासी रोहतक (हरियाणा), मंजीत पुत्र प्रताप कौशिक सोनीपत (हरियाणा) और प्रदीप पुत्र शेरसिंह जाट निवासी फतेहाबाद (हरियाणा) होना बताया।
इन बदमाशों की तलाशी के दौरान लखवीरसिंह के कब्जे से एक लोडेड रिवाल्वर, चार कारतूस व अन्य बदमाशों से छह कारतूस बरामद किए गए। गाड़ी की तलाशी में एक लाख दस हजार रुपए नगद मिले, जिसे जब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि विगत 20 दिनों में अवैध हथियारों की धरपकड़ के दौरान शहर में आठ अवैध पिस्टल, दो चाकू व 1$10 लाख रुपए के साथ 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी हार्डकोर एव गेंगस्टर है।
फायरिंग से २० मिनट पहले गिरफ्तारी:
केंद्रीय कारागृह के सामने हुई फायरिंग की घटना से ठीक 20 मिनट पहले ही सूरजपोल थानाधिकारी द्वारा उपरोक्त अपराधियों को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। उसके बाद जेल के सामने फायरिंग की घटना हुई।
एक आरोपी शराब का ठेकेदार:
अब तक की पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त लखवीरसिह ने बताया कि वह शराब का ठेकेदार हैं। उसका हरियाणा में शराब का गोदाम है। जेल में बंद अपराधी दौलतराम पिता रघुनाथ मेवाड़ा ने उसके यहां सेल्समैन का काम किया था, जिससे वह मुलाकात करने यहां आया था।
दौलतराम लूट का आरोपी:
लखवीरसिंह जिस आरोपी दौलतराम से यहां केंद्रीय कारागृह में मिलने आया था। वह सोने की लूट की वारदात का आरोपी है। गोर्वधनविलास थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, जो यहां सेंट्रल जेल में बंद हैं।
दौलतराम व उसके साथी करण सिंह, जितेन्द्र प्रजापत ने नौ जनवरी, २०१३ को गोवर्धनविलास क्षेत्र में प्रार्थी धनराज व उसके साथी का अपहरण कर दो किलो सोना लूटा था।

जेल के बाहर फायरिंग के मामले में एक आरोपी नामजद

आरोपियों की तलाश के लिए सात टीमों का गठन
उदयपुर। यहां सेंट्रल जेल के बाहर गुरुवार रात पौने आठ बजे भाजयुमो राणा प्रताप मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश बापना और जेल से जमानत पर छूटे अनिल अग्रवाल पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने खेरोदा निवासी भगवतसिंह को नामजद किया है। भगवतसिंह के साथ दो अन्य युवक भी थे। इसकी तलाश के लिए एसपी अजय लांबा ने सात टीमों का गठन किया है, जो आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। इस वारदात में घायल हुए अनिल और नरेश की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। गौरतलब है कि सेक्टर 5, गायत्री नगर निवासी अनिल पुत्र प्रेमचंद अग्रवाल को धोखाधड़ी के एक प्रकरण में कुराबड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसे जेल भेज दिया गया। कल शाम को अनिल अग्रवाल जमानत पर रिहा हुआ था। उसे लेने के लिए भाजयुमो ग्रामीण मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश पुत्र गणेशलाल बापना उसके दोस्त पंकज विजयवर्गीय, रवि अग्रवाल, और जगदीश नागदा के साथ जेल पहुंचे थे, जहां अनिल अग्रवाल और नरेश बापना दोनों एक बाइक पर सवार हो कर वहां से रवाना होने वाले ही थे, तभी उदियापोल की तरफ से आए तीन युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस दौरान चार गोलियां दागी गई। जिसमें तीन गोलियां अनिल अग्रवाल और एक गोली नरेश बापना को लगी। वारदात के बाद आरोपी पैदल ही वहां से भाग छूटे। दोनों को घायल भट्टजी की बाड़ी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इस वारदात में शामिल भगवतसिंह ने धोखे से शादी कराने का मामला अनिल अग्रवाल और अन्य के खिलाफ कुराबड़ थाने में दर्ज कराया था।

चेटक कॉम्प्लैक्स की निर्माण स्वीकृति गैर कानूनी

सभापति व अफसरों ने मिलकर किया आपराधिक कृत्य
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उदयपुर। शहर के सर्वाधिक महत्वपूर्ण चेटक सर्किल पर राजनेताओं और अफसरों की मिलीभगत से आम सड़क को खोदकर बनाए जा रहे व्यावसायिक काम्पलैक्स की निर्माण अनुमति ही गैर कानूनी है। चूंकि इस भूखंड के बेचान के बाद अभी तक इसका सब डिवीजन नहीं हुआ है और चूंकि इस मुतल्लिक एक वाद हाईकोर्ट में भी लंबित है, इसलिए कानूनन इस पर निर्माण स्वीकृति नहीं दी जा सकती। ऐसे में सभापति, कमिश्नर और उनके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा जल्दबाजी मेें एक शिविर के दौरान दी गई चेटक कॉम्पलैक्स की निर्माण अनुमति कानूनों की आपराधिक अवहेलना है।
उल्लेखनीय है कि चेटक सिनेमा के पिछवाड़े का एक भू-भाग इसके कथित मालिक सैफुद्दीन बोहरा ने सतराम दास गेहरीमल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किया था। सतरामदास ने उसके हिस्से की इमारत के जीर्णोद्धार की स्वीकृति का आवेदन किया, लेकिन इमारत ध्वस्त कर नींव से नई इमारत बनाना शुरू कर दिया। विवाद उठा। म्युनिसिपेलिटी ने ४८ घंटे के भीतर निर्माण हटा लेने का नोटिस दिया। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि ऐसा नहीं किया गया, तो निर्माण ध्वस्त करने का खर्चा भी वसूल किया जाएगा। इस पर सतरामदास म्युनिसिपेलिटी के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले आया। स्टे यानी यथास्थिति। लेकिन सतरामदास ने अपना निर्माण जारी रखा और स्टे की अवधि के दौरान ही पूरी इमारत बनवा दी। यह सारी जानकारी प्राप्त होने पर जस्टिस बीजे सेठना नाराज हुए और उन्होंने सतरामदास एंड कंपनी की याचिका खारिज करते हुए निर्माण को अवैध माना तथा इमारत ध्वस्त करने का आदेश दे दिया।
बताया गया है कि न्यायमूर्ति बीजे सेठना उस समय स्वयं मौका देखने उदयपुर आए थे। बाद में अदालत के आदेश से बचने के लिए सतरामदास ने डबल बेंच में अपील कर दी। यह अपील अभी विचाराधीन है। ऐसे में इसी भू-भाग के दूसरे हिस्से पर निर्माण स्वीकृति जारी करना न केवल गैर कानूनी है, बल्कि आपराधिक कृत्य है।

डेढ़ सौ छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़

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संत टेरेसा स्कूल से हिन्दी भाषा निष्कासित
स्कूल में अभिभावकों व छात्राओं ने किया प्रदर्शन उदयपुर। मिशनरी स्कूल संत टेरेसा के प्रबंधन ने डेढ़ सौ छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। स्कूल प्रबंधन ने तानाशाही रवैया अपनाकर हिंदी मीडियम को बंद कर दिया और छात्राओं से जबरन स्कूल से निकाले जाने वाले नोटिस पर हस्ताक्षर भी करवा लिए, जिससे अब उनके आगे की पढ़ाई अधरझूल हो गई है। साथ ही इन छात्राओं का दूसरे स्कूल में भी एडमिशन नहीं हो पा रहा है। इसका विरोध करते हुए अभिभावकों और छात्राओं ने आज स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संत टेरेसा गल्र्स स्कूल, जिसमे पिछले कई सालों से हिंदी मीडियम में छात्राएं अध्ययनरत है, अब स्कूल प्रशासन उनको निकालने पर तुला हुआ है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन द्वारा हिंदी मीडियम बंद किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन के पास हिंदी मीडियम के टीचर ही नहीं है, जिसमें छात्राओं का कोई दोष नहीं है। जो छात्राएं आठवीं क्लास पासकर नवीं कक्षा में गई है तथा जो छात्राएं दसवीं पास कर ११वीं में जाएगी, उनको अब स्कूल प्रशासन ने आगे नहीं पढ़ाने का निर्णय लेते हुए स्कूल से निकालने का नोटिस जारी कर दिया है।
धोखाधड़ी से कराए हस्ताक्षर : १०वीं और आठवीं की छात्राओं के अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने डायरी में अगली क्लास में नहीं बैठाने के नोट पर दबाव डालकर अभिभावकों और छात्राओं के हस्ताक्षर करवा लिए और उसकी कॉपी स्कूल प्रबंधन ने अपने पास रख ली, जिसके आधार पर छात्राओं को स्कूल से निकालने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की मीटिंग नहीं बुलाई। आज सुबह जब अभिभावक स्कूल की प्रिंसीपल सिस्टर जस्लीना से मिले, तो उन्होंने कहा कि हमारे पास हिंदी मीडियम के टीचर नहीं है। यहां सिर्फ इंग्लिश मीडियम की ही पढ़ाई होती है।
नहीं मिल रहा एडमिशन : अभिभावकों की परेशानी यह भी है कि १०वीं का रिजल्ट अभी नहीं आया और जब तक रिजल्ट आएगा, तब तक दूसरे स्कूलों में एडमिशन भी बंद हो जाएगा। दूसरी तरफ, शहर में हिंदी मीडियम की स्कूल भी कुछ गिनी चुनी है। ऐसे में कहां एडमिशन करवाए? यह भी एक समस्या है, जो छात्राएं अभी आठवीं पास कर नौवीं में गई है, उनका हिंदी मीडियम की छात्राएं होने के कारण कहीं एडमिशन नहीं हो रहा है।
अभिभावकों ने किया प्रदर्शन: स्कूल के तानाशाही रवैये को देखते हुए कई अभिभावकों और क्षेत्रीय पार्षद शिप्रा उपाध्याय तथा कांग्रेसी नेता भारत आमेटा ने स्कूल में प्रदर्शन किया तथा १०वीं की छात्राओं और आठवीं की छात्राओं को इसी स्कूल में आगे एडमिशन देने की मांग की। अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल प्रशासन नहीं माना, तो वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे।
॥मेरी बच्ची ने १०वीं की परीक्षा दी है, जिसका अभी रिजल्ट आना बाकी है। ऐसे में बिना मार्कशीट के दूसरे स्कूल में भी एडमिशन नहीं हो पाएगा। यह स्कूल अपने तानाशाही रवैये पर अड़ा हुआ है।
-कन्हैयालाल बाबेल, अभिभावक
॥मेरी बच्ची दसवीं क्लास में इसी स्कूल में अध्ययनरत है और अब स्कूल प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिया कि बच्ची का कहीं और एडमिशन करवाओ, जबकि मार्कशीट अभी नहीं आई है। ऐसे में दूसरे स्कूूल में एडमिशन भी नहीं करवा पा रहा हूं।
-भरत आमेटा, अभिभावक
॥हमने बच्चों की डायरी में नोट लिख कर दिया था, जिस पर अभिभावकों के साइन है, जिसकी फोटो कॉपी हमारे पास पड़ी है। हम आगे हिंदी मीडियम में नहीं पढ़ा सकते, क्योंकि हमारे पास टीचर ही नहीं है।
-सिस्टर जसविना, प्रिंसीपल, संत टेरेसा, गल्र्स स्कूल

गर्मी का कहर बरसना शुरू

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बाजारों में शीतल पेय की मांग बढ़ी
गर्मी आते ही यहां लगी आग
केस एक पुराने आरटीओ कार्यालय से सटी गूगला मगरा क्षेत्र में मंगलवार शाम आग लग गई। सूखी घास और सूखी झाडिय़ां ज्यादा होने से आग लगभग आठ हैक्टेयर में फैल गई। इसे बुझाने की मशक्कत देर रात तक चलती रही। लपटों को देख वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर दमकल व वन विभाग की टीम पहुंची। हवा के साथ आग का फैलाव पहाड़ी क्षेत्र में बढ़ता गया। टीम ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया।
केस दो गोवर्धनविलास थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर अचानक आग लग गई। लकडिय़ां सूखी और जलाऊ होने के कारण आग कुछ ही देर में फैल गई। यह देखकर क्षेत्रवासियों ने बड़े हादसे की आशंका पर दमकल को सूचना दी। सूचना मिलने पर मौके पर तत्काल दो दमकल पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। इस दौरान काफी संख्या में क्षेत्रवासी एकत्रित हो गए।
केस तीन देबारी में एक पहाड़ी पर ऊंचाई पर आग लग गई। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जिस पर कर्मचारियों ने तत्काल ही दमकल विभाग को सूचना दी गई। इस पर एक दमकल की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया।
मटकों की बढ़ी मांग
बाजार में देशी फ्रीज कहे जाने वाले मटकों की डिमांड बढ़ गई है, क्योंकि गर्मी में मटके का पानी ही लोगों को सुकून देता है। महंगाई की मार मटकों की कीमतों में भी दिख रही है। अभी गर्मियों के दौरान मिट्टी से बनी मटकियों की मंाग बढ़ गई है, जैसे ही गर्मी बढ़ रही है, मटकों की पूछ-परख ज्यादा हो जाती है। मटकी बाजार में ४० से लेकर २०० रुपए तक साइज के हिसाब से मटकों के रेट में वृद्धि हो गई।
टोपी-चश्मे की बिक्री बढ़ी
गर्मी में तेज धूप से बचने के लिए बाजारों में विभिन्न वस्तुओं की खरीद बढ़ गई है। सर्वाधिक बिक्री टोपी और चश्में की खरीद बढ़ी है। धूप से बचने के लिए लोग टोपी-चश्मे का उपयोग कर रहे हैं, ताकि वे तेज धूप से बच सके।
गर्मी में आग का खतरा
लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला मौसम गर्मी का है, जिससे लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। गर्मी का मौसम आते ही विधुत पोल पर लगे ट्रासंफार्मर भी जवाब देने लगते हैं। साथ ही शहर के आस-पास की पहाडिय़ों पर लेगे सूखे पेड़-पौधों में भी आग लगने का डर होता है।
सेहत का रखें ध्यान
डाक्टर बताते हंै कि गर्मी में लू लगने का डर ज्यादा रहता है। इस मौसम में लोग उल्टी-दस्त का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने लोगों को धूप से बचने के लिए कॉटन कपड़े का उपयोग करने की रॉय दी।
गर्मी में अधिक पानी पीना चाहिए। इस मौसम में बैक्टेरिया व कीटाणु वातावरण के अनुकूल जल्द ही पनपते हैं। इसलिए बसी भोजन न करें।

पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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उदयपुर। प्रतापनगर थाने में एक व्यक्ति ने पिता-पुत्र के खिलाफ उधार दी गई राशि की दोगुनी राशि मांगने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार खेमपुरा निवासी भैरूलाल पुत्र उदा डांगी ने रेलवे फाटक के पास रहने वाले त्रिलोकसिंह पुत्र लाभसिंह और उसके पुत्र अंशुमनसिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया। भैरूलाल ने रिपोर्ट में बताया कि वह आरोपी त्रिलोकसिंह का अच्छा मित्र था। कुछ समय पूर्व उसकी आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसने आरोपी से दस लाख रुपए उधार लिए थे, जिसके एवज में उसने चैक और स्टॉम्प दिए थे। इस बीच भैरूलाल ने बतौर ब्याज तीन लाख रुपए त्रिलोकसिंह को दे दिए। कुछ समय बीत जाने के बाद आरोपी पिता-पुत्र ने उससे बीस लाख रुपए की मांग की। इस पर भैरूलाल ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज करा जांच शुरू कर दी।
दुकान से लाखों की नकदी चोरी
उदयपुर। घंटाघर थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान का शटर तोड़कर चोर लाखों का सामान चुरा ले गए।
पुलिस के अनुसार न्यू अहिंसापुरी निवासी ललित कुमार पुत्र बहादुरमल मेहता ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी मोहली चोहट्टा में सागर इलेक्ट्रोनिक्स के नाम से एक दुकान है।
इस दुकान में गत रात्रि को अज्ञात चोर शटर को तोड़कर वहां से मोबाइल व दुकान के मेज से दो लाख रुपए की नकदी चुरा ले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ललित मेहता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जीप चोरी
प्रतापनगर क्षेत्र के सुशील पुत्र रघुवीर शर्मा हाल मैनेजर केएस गोदाम ने रिपोर्ट में बताया कि उसने शोरूम के बाहर उसकी एक स्कार्पियों जीप खड़ी की थी। 31 मार्च की दोपहर को अज्ञात चोर शोरूम के बाहर खड़ी स्कार्पियों को दूसरी चाबी से स्टार्ट कर चुरा ले गए।

पुल से लटका कंटेनर

 

 

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उदयपुर। सुबह साढ़े 11 बजे बस को ओवरटैक करने के प्रयास में मारूति कारों से भरा एक कंटेनर सविना के निकट एक पुलिया से लटक गया। कंटेनर में छह कारें थीं। कंटेनर ड्राइवर ने सजगता रखते हुए कंटेनर की स्पीड को कंट्रोल किया और कंटेनर को नदी में गिरने से बचा लिया और खुद की जान भी बचा ली।
कंटेनर ड्राइवर और लोगों ने एक के्रन को मौके पर बुलाया, जिसने पुल से लटके केबिन को उठाकर फिर से सड़क पर रखा।
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मोदी लहर पर अर्जुन सवार गुटबाजी में फंसे रघुवीर

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उदयपुर। उदयपुर संसदीय सीट पर आठ प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक समर की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन खास मुकाबला कांग्रेस एवं भाजपा के बीच ही होगा, क्योंकि अन्य प्रत्याशियों का फिलहाल कोई खास राजनीतिक वजूद यहां नहीं दिखाई पड़ रहा है। इधर, भाजपा प्रत्याशी अर्जुनलाल जहां मोदी लहर पर सवार होकर वोटर्स को आकर्षित करने में एक पायदान ऊपर नजर आ रहे हैं, वहीं कांग्रेसी प्रत्याशी रघुवीर मीणा कांग्रेस की गुटबाजी में फंसे दिखाई पड़ रहे हैं।
भाजपा में उत्साह : जनजाति प्रत्याशी के लिए आरक्षित उदयपुर लोकसभा सीट पर भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में सात सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस के पास मात्र एक सीट झाड़ोल (फलासिया) है। शेष उदयपुर शहर, उदयपुर ग्रामीण, खेरवाड़ा, सलूंबर, गोगुंदा, आसपुर तथा धरियावद में भाजपा का परचम है। वैसे भी तीन जिलों में बंटे इस संसदीय क्षेत्र का भौगोलिक आधार भी जनजाति को समाहित किए हुए हैं। ऐसे परिदृश्य में इस सीट पर आदिवासी वोटों का विभाजन होना निश्चित है, वहीं जीत का आधार अन्य व स्वर्ण जातियों के मतों पर ही निर्भर करेगा।
अर्जुन को मिल सकता है लाभ : भाजपा के प्रत्याशी अर्जुनलाल मीणा को जहां कांग्रेस विरोधी लहर का लाभ मिल सकता है, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के एकजुट होकर उनके समर्थन में जुटने से मोदी लहर पर सवार अर्जुन की चुनावी नाव को गति मिल रही है। मंडल स्तर से लेकर जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं का सुव्यवस्थित चुनाव-प्रचार अर्जुन को आगे बढऩे के लिए उत्साहित कर रहा है। अर्जुन को वसुंधरा राजे के नजदीक माना जाता है और वे जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष है। युवा होना तथा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के लगातार संपर्क में रहना उनके लिए लाभदायक साबित होगा। इसके साथ संघ का जी-जान से उनके समर्थन में जुट जाना भी निश्चित रूप से भाजपा का वोट बैंक बढ़ाएगा।
कांग्रेस में गुटबाजी : कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर मीणा में स्वच्छ छवि, निष्कलंक कार्यशैली, मिलनसारिता आदि गुण है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निकटस्थ माने जाने वाले रघुवीर को लंबे समय से सीपी जोशी और उनके समर्थकों का विरोध झेलना पड़ रहा है। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत एवं मंत्री पद के लिए उपयुक्त होने के उपरांत भी सीपी जोशी के विरोध के चलते उन्हें मंत्री पद से वंचित रहना पड़ा था। उसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में वे सांसद चुने गए तथा उनके स्थान पर उनके विधानसभा क्षेत्र सलूंबर में हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी बसंती देवी कांग्रेस की विधायक चुनी गई। इधर, उदयपुर ग्रामीण की पूर्व विधायक सज्जन कटारा से भी उनकी तकरार रही है। श्रीमती सज्जन कटारा पूर्व मंत्री स्व. खेमराज कटारा की पत्नी है तथा कटारा को सीपी जोशी का निकटस्थ माना जाता है। इसी निकटता के चलते कटारा के पुत्र विवेक कटारा युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव है, तो विवेक की पत्नी सुखबीर कटारा गिर्वा पंचायत समिति की प्रधान है। सज्जन कटारा का आरोप है कि सांसद रघुवीर ने उदयपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक भी पंचायत के विकास कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध न करवाकर उन्हें हतोत्साहित किया है। उनका यह भी आरोप है कि विधानसभा चुनाव में रघुवीर ने भीतरघात किया और वे हार गई। यही कारण है कि ऊपरी तौर पर तो वे कांग्रेस के साथ है, लेकिन आंतरिक तौर पर वे रघुवीर की जड़े काटने में जुटी है। इधर, शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिय़ा का रूख भी स्पष्ट नहीं है। युवक कांग्रेस भी अभी सक्रिय नहीं हुई है। कुछ कार्यकर्ता व्यक्तिगत निकटता के कारण रघुवीर के समर्थन में प्रचार जरूर कर रहे हैं, लेकिन युवक कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में नहीं। सीपी जोशी से जुड़े कांग्रेस कार्यकर्ता भी अभी खुलकर रघुवीर के समर्थन में नहीं उतरे हैं। वर्तमान में एक ही परिवर्तन हुआ है, जिसमें देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला उनके समर्थन में उतरे हैं, क्योंकि उदयपुर विधानसभा सीट से लालसिंह झाला का टिकट कटवाने में सीपी जोशी ने अहम भूमिका निभाई थी। झाला इससे खिन्न होकर जोशी से विमुख हो गए। झाला का देहात जिला क्षेत्र में वर्चस्व होने के साथ ही गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र में भी अच्छा प्रभाव है। इस प्रभाव और वर्चस्व का लाभ रघुवीर को मिलेगा, ऐसी उम्मीद जताई जा सकती है। इधर वर्षों तक कांग्रेसी नेताओं की चाटुकारिता कर पार्टी के नाम पर धन-यश कमाने वाले कुछ कार्यकर्ता केवल नाम के लिए पार्टी के साथ जुड़े हैं, जो रघुवीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

चुनाव हैं, जमकर करो बिजली की चोरी!

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निगम अधिकारियों ने कर्मचारियों को दिए मौखिक आदेश्
ा उदयपुर। अरबों रुपए के घाटे में चल रहे अजमेर विद्युत वितरण निगम ने आचार संहिता के दौरान बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं। यह बिजली चोरों के लिए चुनावी तोहफा भी कहा जा सकता है। निगम अधिकारियों ने कर्मचारियों को चुनाव तक बिजली चोरी नहीं पकडऩे और कोई भी कनेक्शन नहीं काटने तथा विजिलेंस चेकिंग रिपोर्ट (वीसीआर) नहीं भरने के मौखिक निर्देश दिए हैं। विजिलेंस और ओ एंड एम विंग को चुनाव समाप्ति तक कोई कारवाई नहीं करने को कहा गया है। इसके अलावा अति आवश्यक होने पर ही क्षेत्र में बिजली बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र में पूरी बिजली उपलब्ध करवाने का भी मौखिक फरमान सुनाया गया है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ अभियंताओ ने इन मौखिक निर्देशों के बारे में क्रमददगारञ्ज को बताया। इससे उन्हें काम से तो राहत मिल गई, लेकिन राजस्व हासिल करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। राजस्व हासिल नहीं कर पाने के कारण अभियंताओं को चार्जशीट का डर भी सता रहा है। बकाया राशि जमा नहीं होने पर कनेक्शन काटा जाता है, तो उपभोक्ता को राशि चुकानी पड़ती है, जब कनेक्शन ही नहीं काटे जाएंगे, तो उपभोक्ता क्यों बकाया राशि जमा करेगा। ऐसे में राजस्व लक्ष्य भले ही पूरे ना हो, लेकिन निगम अपने राजनैतिक आकाओं का हुकुम बजा रहा है और अपने नंबर बढ़वा रहा है।
तीन महीने पहले भी चुप्पी : राज्य में इससे पूर्व विधानसभा के चुनाव के कारण निगम प्रबंधन अक्टूबर से दिसंबर तक सुस्त रहा, इस दौरान भी बिजली चोरी पकडऩे और वीसीआर भरने के मामले को बस्ते में डालकर ठंडा किया गया। अब लोकसभा चुनाव के कारण चुप्पी साध ली है। निगम प्रबंधन प्रति वर्ष पांच प्रतिशत छीजत कम करने तथा प्रत्येक बैठक में राजस्व बढ़ाने और छीजत घटाने के निर्देश देता आया है, जबकि नतीजे इसके उलट आ रहे हैं। अब विजिलेंस नहीं करने तथा वीसीआर नहीं भरने पर यह घाटा और बढ़ जाएगा।
॥हमने इस तरह के कोई आदेश नहीं दिए हैं। हम निर्धारित समय में अपने लक्ष्य पूरे करेंगे। घाटे को भी कम करेंगे।
-बी. राणावत,
प्रबंधन निदेशक,
अजमेर विद्युत वितरण निगम

सुप्रीम कोर्ट के ऊपर डाक विभाग!

आधार कार्ड के नाम पर पेंशनधारियों को किया जा रहा है परेशान
उदयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही सरकारी दस्तावेज में आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने का आदेश दिया हो, लेकिन लगता है कि डाक विभाग के लिए यह आदेश कोई मायने नहीं रखते। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सभी पेंशनधारियों की पेंशन सीधे खाते में जमा होनी है। ऐसे में खाता खुलवाने के लिए बुजुर्ग उपभोक्ता डाकघर पहुंच रहे हैं, लेकिन आधार कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें बेरंग लौटाया जा रहा है। विभागीय कर्मचारी उपभोक्ताओं को ऊपरी निर्देश का हवाला देते हुए आधार कार्ड के बिना खाता नहीं खोलने की बात कह रहे हंै। शहर के अधिकतर डाकघरों में यही हाल है। पेंशनधारियों ने इसकी शिकायत विभागीय अफसरों से भी की, लेकिन इसका कुछ असर नहीं हुआ।
गौरतलब है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन शुरू की थी, लेकिन कई बार एक ही व्यक्ति के नाम दो-तीन मनीऑर्डर जारी हो गए, तो कई लोगों के यहां मनीऑर्डर पहुंचे ही नहीं। इसको देखते हुए सरकार ने पेंशनधारियों की रकम सीधे खाते में जमा करने की अनिवार्यता लागू कर दी। ऐसे पेंशनधारियों के शून्य बैलेंस पर डाक घर में खाते खोले जा रहे हैं।
केवल यह जरूरी है : डाकघर में खाता खुलवाने के लिए पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ), पासपोर्ट साइज फोटो और पेंशनधारी का स्वयं डाकघर में उपस्थित होना जरूरी है।
यह वैकल्पिक है : आधार कार्ड यदि भविष्य में जारी हो गया तो, उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर ट्रांजेक्शन की जानकारी मिल सकेगी।
डाकघर के कर्मचारी आधार कार्ड मांग रहे हैं, तो वे गलत है। आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। हमने आदेश जारी कर दिए हैं। अगर कहीं से शिकायत आई है, तो सभी पोस्ट ऑफिस में निर्देश दे दिए जाएंगे। -एलएस पटेल, संभाग सहायक निदेशक, उदयपुर पोस्ट ऑफिस