शराब की दुकानों के लिए लॉटरी 20 को

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उदयपुर – आबकारी बंदोबस्त के लिए जिले में देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 फरवरी है। जिला आबकारी अधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि लॉटरी प्रक्रिया के आधार पर सफल आवेदकों का चयन किया जाएगा।
लॉटरी प्रक्रिया कलेक्टर आशुतोष पेडणेकर की अध्यक्षता में गठित समिति 20 फरवरी को सुबह 11 बजे सुखाडिय़ा रंगमंच टाउन हॉल में की जाएगी। आवश्यकता पडऩे पर अगले दिन भी प्रक्रिया जारी रहेगी। इस कार्रवाई के दौरान दुकान के सभी आवेदक उपस्थित रहेंगे। लॉटरी निकालने की इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ((आवेदन पत्र आवेदन पत्र का भाग-तृतीय)) की रसीद साथ लाना जरूरी होगा।

संदिग्धावस्था में अधेड़ का शव मिला

जयसमंद – जावर माइंस क्षेत्र के पलोदडा चौकी में आने वाले अमरपुरा पंचायत के झरियाणा गांव के पास उदयपुर जयसमंद मार्ग स्थित खेत में अधेड़ का शव मिला। सूचना पर पलोदडा व केवड़ा चौकी सहित जावरमाइंस एएसआई रमेश मीणा, टीड़ी थानाधिकारी भय्यालाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला बताया है। बुधवार सुबह करीब सात बजे खेत पर सब्जियां लेने गई महिलाओं ने खेत में शव पड़ा देखा सूचना पर खेत मालिक और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सरपंच पति की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बताया कि अधेड़ के आसपास किसी जगह पर पेड़ पर फांसी लगाई होगी। बाद में किसी ने उसके शव को पेड़ से उतारकर खेत में डाल गया होगा। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि जिस पेड़ के नीचे शव मिला वहां फंदा लगाने जैसे कोई लक्षण नहीं दिख रहे। सूचना पर सराड़ा डीएसपी अजय भार्गव ने घटनास्थल पर पहुंचकर आत्महत्या बताते हुए शव को उदयपुर के लिए भेजा। अधेड़ की उम्र 60 से 65 साल के बीच होगी। उसका रंग गेंहूआ, सफे द घनी लंबी दाढी, सिर पर बालों लंबे बालों की जटा, लंबाई करीब छह फीट है।

हक के लिए उठी आवाज में मासूम की नींद

उदयपुर. कच्ची बस्तियों में रहने वाले सैकड़ों परिवार बुधवार को सड़कों पर उतर आए। आवास अधिकार संघर्ष मंच के बैनर तले जुटे इन परिवारों में अधिकतर महिलाएं भी थीं, जो बच्चों को भी लाई थीं। इनकी मांग है कि प्रशासन नीति बनाकर उन्हें स्थायी आवास मुहैया कराए ताकि उनका और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो। यूआईटी के बाहर प्रदर्शन के दौरान एक मासूम को नींद आने पर मां ने उसी हाथ ठेले पर सुला दिया, जिस पर लाउड स्पीकर्स थे।घर के लिए उतरे सड़कों पर तीन घंटे किया प्रदर्शन
हर आदमी का अपना घर हो। इसके लिए सरकार व प्रशासन आवास नीति तैयार करे। इस मांग को लेकर बुधवार को आवास अधिकार संघर्ष मंच के बैनर तले लोगों ने शहर में रैली निकाली और यूआईटी के बाहर प्रदर्शन किया। इनमें कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोग शामिल थे, जो यूआईटी कार्यालय की मेन फाटक के बाहर तीन घंटे जमे रहे। इस दौरान यूआईटी में आवाजाही ठप हो गई। बाद में सुविधा की दृष्टि से सहेलियों की बाड़ी रोड स्थित यूआईटी की फाटक को खोलना पड़ा।
रैली की शुरुआत टाउन हॉल से हुई। इसमें शामिल लोग नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गो से यूआईटी बाहर पहुंचे। यहां पर सभा हुई और यूआईटी सचिव को ज्ञापन सौंपा गया। सभा में माकपा के राज्य सचिव प्रो. वासुदेव शर्मा ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना घर हो, यह उसका सपना ही नहीं, अधिकार भी है। सरकार आम जनता के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होकर काम करे। वरना लोकसभा चुनाव में परिणाम भुगतना पड़ेगा। सभा को माकपा पार्षद राजेश सिंघवी, जिला सचिव बी.एल. सिंघवी, मंच के अध्यक्ष मोहनलाल खोखावत, गुमान सिंह राव, भीम सिंह सिसोदिया व भूरी बाई ने भी संबोधित किया।
मांग : न्यूनतम दर पर दें हजार वर्गफीट का प्लॉट
उदयपुर में सभी आवासहीन लोगों को न्यूनतम रेट पर 1000 वर्गफीट का प्लॉट दिया जाए या मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर यूआईटी न्यूनतम किश्त पर फ्लैट दे। भूखंडों की नीलामी बंद की जाए। माकपा पार्षद राजेश सिंघवी ने बताया कि इस मामले में 2 मार्च तक यूआईटी व प्रशासन द्वारा लिखित समझौता नहीं करने पर 3 मार्च से कलेक्ट्री बाहर बेमियादी पड़ाव डाला जाएगा। आंदोलन को मजबूती देने के लिए माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात 3 मार्च को उदयपुर आएंगी।

तेजाब पीडि़ता रात को भी अनशन पर

उदयपुर. तेजाब कांड पीडि़ता शालू जैन बुधवार को आमरण अनशन पर बैठ गई। वह आर्थिक सहायता और रियायती दर पर आवास देने की मांग कर रही है। पहले उसे इसके लिए आश्वासन दिया गया था। अनशन पर बैठने के एक घंटे बाद ही सुबह 11 बजे एडीएम प्रशासन नारायण सिंह मौके पर पहुंचे और परमीशन लेटर दिखाने को कहा। तेजाब पीडि़ता ने कलेक्टर और एसपी से ली रिसिप्ट दिखाई तो उन्होंने कहा यह परमिशन नहीं है। एडीएम ने टेंट को हटाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए। पुलिस ने जबरन टेंट हटवा दिया। शालू पूरे दिन और रातभर कलेक्ट्री के सामने बिना कुछ खाए-पिए बैठी रही, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। अनशन के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक श्वेता फगेडिय़ा ने पीडि़ता से मुलाकात की।

26 सीटें गंवा कर भी नहीं सीखा कांग्रेस ने सबक, रेल बजट में मेवाड़ वंचित

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उदयपुर. मेवाड़-वागड़ की 28 में से 26 विधानसभा सीटें खोने के बावजूद कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। इस क्षेत्र में चारों लोकसभा क्षेत्रों के लिए रेल विकास से वंचित ही रखा गया है। यह स्थिति तब है, जब संसद में मेवाड़ का मजबूत प्रतिनिधित्व है। दो बार कार्यवाहक रेल मंत्री रहे डॉ. सीपी जोशी व केंद्रीय गरीबी उन्मूलन मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास, उदयपुर सांसद रघुवीर मीणा और राजसमंद से सांसद गोपालसिंह शेखावत भी अपने क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए पैरवी नहीं कर सके। रेलवे के अंतरिम बजट को मेवाड़ के लिए बेहद निराशजनक माना जा रहा है। रेलवे सलाहकार समिति, उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, मार्बल प्रोसेसर्स समिति, चैंबर ऑफ कॉमर्स ने रेल बजट मे मेवाड़ की उपेक्षा पर खेद जताया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि नई ट्रेन मिलना तो दूर, वर्तमान में चल रही ट्रेनों के रूट विस्तार, वाया बदलने या फेरे बढ़ाने की जहमत भी नहीं उठाई गई। नई रेल लाइन डालने की दो मुख्य परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट स्वीकृति नहीं दी गई।
उदयपुर सिटी के लोगों की डिमांड
बड़ी मांग : कोटा तक इंटरसिटी
उदयपुर-जयपुर के बीच रेगुलर प्रीमियम ट्रेन चलाने, उदयपुर से बैंगलुरू या चेन्नई के लिए सुपरफास्ट ट्रेन चलाने, जोधपुर तक वाया अजमेर, मारवाड़ ट्रेन चलाने तथा उदयपुर-कोटा के बीच नियमित इंटरसिटी ट्रेन चलाने की मांग रेलवे सलाहकार समिति एवं गैर राजनीतिक संगठनों द्वारा की जा रही थी।
नए प्लेटफार्म की नहीं मिली स्वीकृति
सिटी स्टेशन पर ट्रेनों के प्लेटफार्म कम पडऩे से दो नए प्लेटफार्म बनाने की स्वीकृति की मांग रेल अधिकारी भी कर रहे थे। राणा प्रतापनगर स्टेशन पर माल की उतराई व लदान बंद करके सिर्फ यात्री स्टेशन के रूप में डवलप करने की मांग भी की जाती रही है।
ये काम अब तक पूरे नहीं
सिटी स्टेशन यार्ड पर आर-पार ओवरब्रिज बनाने की निर्माण राशि नगर निगम द्वारा देने की मेयर रजनी डांगी की घोषणा के बावजूद रेल प्रशासन ने एनओसी नहीं दी। सिटी स्टेशन पर मेन प्लेटफार्म से 2-3 के बीच सेकंड फुट ओवर ब्रिज की मांग तथा एस्केलेटर्स लगाने की घोषणाओं को लटका रखा है। इसके लिए निगम की ओर से सहमति दी जा चुकी है। इसके बावजूद रेलवे की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। सिटी स्टेशन के बाहर बजट होटल के नाम से भवन का ढांचा खड़ा कर दिया गया, जिसका अधूरा निर्माण पूरा कर रेल यात्रियों को सस्ते किराए पर कमरे उपलब्ध कराने की योजना ठप कर दी गई। इस भवन का कोई उपयोग नहीं हो रहा है।

संसद का शर्मनाक दिन

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चाकू निकाला, मिर्च पाउडर छिड़का
खुदकुशी की कोशिश
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udaipur नई दिल्ली। लोकसभा में तेलंगाना बिल को लेकर जारी गतिरोध के बीच बृहस्पतिवार को सदन में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्पीकर समेत कई सांसद अचानक खांसने लगे। इसके तुरंत बाद संसद भवन में तीन एम्बुलेंस बुलाई गई और तीन सांसदों को अस्पताल भेजा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संसद में अलग तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर जैसे ही गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बिल पेश किया वहां जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया। आंध्र प्रदेश के कुछ कांग्रेस सांसदों ने बिल की प्रति गृहमंत्री के हाथ से छीनने की कोशिश की, वहीं विजयवाड़ा से कांग्रेस सांसद लगड़ापति राजागोपाल ने अन्य सांसदों की ओर मिर्च पाउडर से भरा स्प्रे उड़ाना शुरू कर दिया। कुछ सांसदों को तेज खांसी आने लगी, जिसमें से तीन को तुंरत एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा गया। कई और सांसदों के बीमार होने की खबर है। इस बीच, तेलगूदेशम पार्टी के सांसद वेणुगोपाल रेड्डी ने माइक तोड़कर खुद के पेट में घुसाने की कोशिश की। इसके अलावा सदन में चाकू लहराने की भी बात सामने आई, लेकिन कुछ सांसद इस बात को गलत बता रहे हैं। कुछ अन्य तेलंगाना विरोधी सांसदों ने शीशे तोड़ दिए और काले कागज लहराने लगे। इस दौरान तेलंगाना समर्थक और विरोधी सांसदों के बीच हाथापाई भी हुई।
यूं चला घटनाक्रम
12:38 हंगामा खड़ा करने वालों में कांग्रेस के एल राजगोपाल और टीडीपी के सांसद वेणुगोपाल का नाम सामने आ रहा है।
12:36 स्वाभिमानी पक्ष के सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि स्प्रे से तीन-चार सासंद बेहोश हो गए।
12:33 टीडीपी सांसद वेणुगोपाल पर लोकसभा में चाकू निकालने का आरोप।
12:31 हंगामा करने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने और गिरफ्तार किए जाने की सिफारिश होगी।
12:29 श्रावस्ती से सांसद विनय पांडे बीमार पड़े। सांसदों ने एक सुर में की निंदा।
12:28 सांसदों को खांसी और आंख से पानी निकलने की शिकायत के बाद ऐंबुलेंस बुलाई गई।
12:21 कांग्रेस के सीमांध्र से निष्कासित 6 सांसदों में से एक हैं एल राजगोपाल। विजयवाड़ा से हैं सांसद।
12:21 कांग्रेस के सीमांध्र से निष्कासित 6 सांसदों में से एक हैं राजगोपाल। विजयवाड़ा से हैं सांसद।
12:15 लोकसभा में विजयवाड़ा से कांग्रेस सांसद राजगोपाल ने सदन में स्प्रे किया।
12:11 बिल पर स्प्रे छिड़कने से कुछ सांसदों की तबियत खराब। संसद में तीन एंबुलेंस बुलाई गई।
12:10 तेलंगाना बिल पर स्प्रे छिड़का गया। कुछ सांसदों की तबियत खराब हुई।
12:09 गृह मंत्री शिंदे से तेलंगाना बिल छीनने की कोशिश की गई।
12:08 लोकसभा में कांग्रेस सांसद राजगोपाल का हंगामा।
12:08 विरोध में लोकसभा में स्पीकर के माइक के तार नोचे गए।
12:07 गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने तेलंगाना बिल लोकसभा में पेश किया।
12:06 सदन की कार्यवाही शुरू होते ही तेलंगाना समर्थकों और विरोधियों का हंगामा।
12:05 शोरगुल और हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर तक के लिए स्थगित हुई।
12:04 लोकसभा में तेलंगाना के गठन पर विरोध के बीच कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
12:02 लोकसभा में तेलंगाना के गठन पर विरोध के बीच कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
11:59 तेलंगाना बिल आज पेश किया जाए या सोमवार को इस पर चर्चा की मांग की कमलनाथ ने
11:56 बिल की वजह से बुधवार को लगातार छठे दिन बाधित रहा संसद का कामकाज।
11:55 संसद के बाहर तेलंगाना बिल के समर्थक और विरोधियों की भीड़।

भूमाफियाओं व दलालों का यूआईटी में प्रवेश वर्जित

उदयपुर। भूमाफियाओं व दलालों के यूआईटी में कर्मचारियों की तरह काम-काज करने, कमीशनखोरी करने सहित कई अन्य शिकायतों की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने ऐसे लोगों का यूआईटी में प्रवेश वर्जित करने के आदेश दिए तथा बाकायदा कुछ लोगों के नाम भी जारी किए है। इनमें ललित वारी, भग्गा गमेती, अनिशा, बबलू पूर्बिया (ताराचंद), सतीश, नरेश सोनी, सुशील हरिजन, महेश माली, राजेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र हरिजन, जसवन्त हरिजन प्रमुख है। इसके अलावा यूआईटी परिसर के भीतर सुरक्षाकर्मियों द्वारा पूछताछ के बाद केवल पासधारी वाहनों का ही प्रवेश करने की व्यवस्था की गई है। (चित्र में) वाहन को रोककर पूछताछ करते सुरक्षाकर्मी, पास लगा हुआ वाहन एवं यूआईटी परिसर के बाहर लगी वाहनों की कतार।

यूआईटी सचिव ने फिर लगाया अडंगा

उदयपुर। पत्रकारों को रियायती दर पर भूखंड आवंटन की प्रक्रिया फिर अटक गई है। इस बार भी इसका कारण यू.आई.टी सचिव डॉ. आर. पी. शर्मा को ही बताया जा रहा है। बताया गया है कि तीन दिन के धरने के बाद हुई वार्ता में जिला कलक्टर आशुतोष पेंढरेकर ने डॉ. शर्मा को समुचित निर्देश दिए थे। पत्रकार संघर्ष समिति ने ९५ पत्रकारों की सूची सौंपी थी, जिनमें से यू. आई. टी सचिव ६८ पत्रकारों को पात्र मानते हुए उनकी सूची लेकर जिला कलेक्टर के पास पहुंचे लेकिन वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि वैसे तो ४० ही पात्र हैं। यह सुनकर श्री पेढंरेकर ने उन्हे जोरदार फटकार लगाते हुए आडे हाथों लिया। उन्होंने मसला सुलझाने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया है।

प्रीमियम ट्रेनों के किराए सुनकर उड़ सकते हैं आपके होश

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13_02_2014-13viptrainudaipur नई दिल्ली। प्रीमियम ट्रेनों के शुरू होने से बहुत ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। हो सकता है कि इन ट्रेनों के किराये को सुन कर आपके होश उड़ जाएं। क्योंकि इन ट्रेनों के किराये बाजार से तय होंगे। जब भीड़ होगी तो इनके किराये अपने आप बढ़ जाएंगे। किराया तय करने का यह तरीका इस समय एयरलाइन कंपनियां इस्तेमाल करती हैं। बहरहाल, रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े की तरफ से घोषित सभी 17 प्रीमियम ट्रेनों को ‘जयहिंदÓ एक्सप्रेस के नाम से चलाया जाएगा। रेलवे चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार का स्पष्ट तौर पर कहना है, ‘प्रीमियम ट्रेनों में ज्यादा सहूलियत देंगे और किराया भी अधिक वसूलेंगे।Ó इन ट्रेनों में कोई स्थायी किराया नहीं होगा। दिन और मांग के हिसाब से किराया बदलेगा। यात्रा के दिन अगर करीब हैं तो किराया महंगा होगा। अगर उस रूट में ज्यादा भीड़ है और अन्य ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट काफी लंबी है तो फिर इसका किराया ज्यादा होगा। किराया क्या होगा इसके बारे में रेलवे के अधिकारी मुंह नहीं खोल रहे। मोटे तौर पर यह अनुमान है कि राजधानी के मुकाबले इन ट्रेनों का किराया 50 से 100 फीसद तक ज्यादा हो सकता है।

पदक जीतने की खुशी में कपड़े खोलने लगी खिलाड़ी

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udaipur सोची। सोची ओलिंपिक गेम्स में एक स्पीड स्केटर पदक जीतने की खुशी में इतनी डूब गई कि वे अंग प्रदर्शन करने लगी। जीत की खुशी में ग्राफ ने अपने स्किन सूट की जिप खोल दी। ग्राफ ने स्किन सूट के अलावा कुछ नहीं पहना था। रूसी स्पीड स्केटर ओल्गा ग्राफ ने ओलंपिक गेम्स के 3000 मीटर्स की स्केटिंग दौड़ में कांस्य पदक जीता अपनी खुशी जाहिर करने का ग्राफ बेहद अलग तरीका अपनाया। ग्राफ ने सोचि गेम्स में रूस के लिए पहला मेडल जीता था।
ग्राफ ने खुशी में अपनी स्किन सूट की जिप खोल दी जिससे वे वॉर्डरोब मॉलफंक्शन की शिकार होने से बच गईं। खुशी के मारे ग्राफ ने अपने सूट की जिप नाभी तक खोल दी और बाहें फैलाकर दर्शकों का अभिवादन कर रही थीं।
ग्राफ ने टाइट सूट के अंदर कोई अंडरगार्मेंट्‍स भी नहीं पहना था। अचानक उन्हें अहसास हुआ कि वे खुशी में पागल होकर कुछ ज्यादा ही कर गई हैं, तो उन्होंने हंसते हुए जिप वापस बंद कर दी।