उदयपुर। शिव सेना की युवा शाखा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पहले इंडियन आइडल अभिजीत सावंत ने कहा कि देश को नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री की जरूरत है, क्योंकि वे एक अच्छे राजनीतिज्ञ होने के साथ ही एक अच्छे व्यक्ति भी है, जो देश के अच्छे प्रधानमंत्री भी साबित होंगे। वहीं आदित्य ठाकरे ने समारोह में कहा कि युवा चाहे तो राजस्थान ही नहीं देश का चेहरा बदल सकते है। १८ साल के होते ही अगर युवा वोट डाल सकता है, तो विधायक या सांसद का चुनाव क्यों नहीं लड़ सकता। सभी युवा तैयार रहे चुनाव आ गए है। ठाकरे और सावंत यहां सुखाडिय़ा ऑडिटोरियम में आयोजित केंद्रीय छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में शिव सेना की युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे, जिनका एयरपोर्ट से यूनिवर्सिटी तक मार्ग में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।
समारोह में बतौर अतिथि मुंबई के सांसद अनिल देसाई, समाजसेवी जेके तायलिया, छात्र कल्याण अधिष्ठाता दरियावसिंह चूंडावत, कुलपति आईवी त्रिवेदी भी मौजूद थे।
समारोह में अभिजीत सावंत ने मोहब्बतें लुटाऊंगा…, बचना ए हसीनों… सहित कई नगमें सुनाकर सभी को आनंदित कर दिया। इस अवसर पर अभिजीत सावंत और आदित्य ठाकरे ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित पालीवाल को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिलीप जोशी, दीपक शर्मा और छात्रनेता सूर्यप्रकाश सुहालका ने अभिजीत सावंत और आदित्य ठाकरे का मालाएं और पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया गया। यूनिवर्सिटी स्थित सुखाडिय़ा ऑडिटोरियम छात्र-छात्राओं से खचाखच भरा था।
जगह-जगह स्वागत: एयरपोर्ट से लेकर यूनिवर्सिटी तक शिव सेना की युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
आदित्य ठाकरे का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। भव्य जुलूस के साथ ठाकरे यूनिवर्सिटी स्थित सुखाडिय़ा ऑडिटोरियम तक पहुंचे। यहां प्रतापनगर चौराहे पर मोहनसिंह राठौड़, खुमानसिंह चूंडावत, प्रकाश प्रजापत, मनोहरसिंह राव, हीरालाल साहू, रणजीतसिंह राठौड़, विनोद प्रजापत, महेंद्रसिंह, करणसिंह ने आदित्य ठाकरे को पगड़ी व मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
कई जगह लगा जाम :आदित्य ठाकरे जुलूस के रूप में एयरपोर्ट से रवाना हुए, तो सैंकड़ों कार्यकर्ताओं का काफिला उसमें शामिल था। देबारी, प्रतापनगर, सुंदरवास, ठोकर चौराहा, यूनिवर्सिटी रोड पर जगह-जगह जुलूस के कारण जाम लग गया। इस कारण पुलिस को काफी मशक्कत करते हुए यातायात को बहाल कराना पड़ा।
अभिजित सावंत और आदित्य ठाकरे ने छात्रों को दी जीत की बधाई
बिस्तर समेत उठा ले गया बच्ची को पैंथर
उदयपुर। जावरमाइंस थाना क्षेत्र के सिंघटवाड़ा थड़ा कृष्णापुरा गांव से बीती रात एक पैंथर घर के आंगन में परिवार के साथ सो रही नौ वर्षीय बच्ची को बिस्तर समेत उठा ले गया। यह भयानक दृश्य उसका बड़ा भाई अनिल देख रहा था, लेकिन डर के मारे वह किसी को कुछ बता नहीं पाया। सुबह पांच बजे उसने उठकर पिता को इसकी जानकारी दी। पूरा परिवार जाग गया और हल्ला मचाया। पूरा गांव एकत्र हुआ। सुबह छह बजे थाने में रिपोर्ट दी। इसके बाद तलाश शुरू हुई और घर से करीब डेढ़ किलो मीटर दूर जंगल में बच्ची का अधखाया शव मिला, जिसे देखकर सभी का दिल दहल गया।
सूत्रों के अनुसार सिंघटवाड़ा थड़ा कृष्णापुरा गांव में पदमा मीणा का परिवार घर के आंगन में सो रहा था। पदमा के पास उसकी पत्नी, बेटा अनिल, बेटी दुर्गा और छोटी बेटी सो रही थी। रात करीब एक बजे पैंथर आया, जो नौ वर्षीय दुर्गा को बिस्तर समेत खींचने लगा। इस दौरान उसका बड़ा भाई अनिल जाग गया, लेकिन पैंथर को देखकर वह सहम गया। वह इतना डर गया कि परिजनों को उठा भी नहीं सका। सुबह पांच बजे उसने पिता को बताया कि दुर्गा को पैंथर उठाकर ले गया है।
हल्ला मचा, गांव जगा
अनिल द्वारा रात की घटना बताते ही पूरा परिवार जोर-जोर से रोने लगा। इससे पूरा गांव जाग गया और पदमा के घर के बाहर एकत्र हो गया। ग्रामीणों की टोलियां जंगल में दुर्गा की तलाश के लिए निकल गई। सुबह छह बजे जावरमाइंस थाने में सूचना दी गई। पुलिस भी ग्रामीणों के साथ दुर्गा की तलाश करने लगी। करीब सात बजे पदमा के घर से डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में दुर्गा का आधा शव पड़ा मिला, जिससे देखकर सभी के रौंगटे खड़े हो गए।
ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों ने बताया कि दो पैंथरों के गांव के आसपास घूमने की जानकारी वन विभाग को कुछ समय पूर्व दी गई थी। दो दिन पहले भी ग्रामीणों ने पैंथर को गांव के आसपास देखा था, लेकिन वन विभाग की अनदेखी के कारण पैंथर बच्ची का शिकार कर गया। पुलिस ने देवपुरा डिस्पेंसरी में मृत बच्ची का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
चेता वन विभाग
कृष्णापुरा गांव में पैंथर द्वारा बच्ची को मारने की घटना के बाद वन विभाग के विनोद रॉय के नेतृत्व में वनकर्मियों का एक दल वहां पहुंचा है, जो गांव के आसपास पैंथर को पकडऩे के प्रयास कर रहा है। वन कर्मियों ने जंगल में पैंथर को पकडऩे के लिए पिंजरे लगाए हैं, और वहां बकरे भी
बांधे गए हैं।
:पैंथर को पकडऩे के लिए पिजरे लगा दिए गए है और गांव वालों की सुरक्षा के सभी इंजाम कर दिए गए है। सोमवार को कलेक्टर से बात कर बीपीएल परिवार होने के कारण मुआवजा दिलाया जाएगा।
-हरिणी वी, डीएफओ, उदयपुर
मोदी को मोस्ट बैचलर बता कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश की
उदयपुर। अगर मोदी यहां होते तो फिर बाकी के ये 16 बेचलर यहां नही क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ही देश के मोस्ट इलिजीबल बैचलर है।ञ्ज यह कहकर बिंदास और हॉट इमेज की मल्लिका बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा अपनाया है। लेकिन जब उन्हें बाबाराम देव और आशाराम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को तो वे जानती है, लेकिन आसाराम को वे नहीं जानती। कहकर उन्होंने विवादों के बापू से अपना पीछा छुड़ाया।
रियलिटी शो “मेरे ख्यालों की मल्लिका” की प्रेस वार्ता के दौरान देशभर से मीडियाकर्मी यहां फतहगढ़ होटल में शुक्रवार रात को एकत्र हुए। इस दौरान मल्लिका ने कहा कि सच्चे प्यार की तलाश उन्हें इस शो तक ले आई है। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया देखने के बाद भी जब उन्हें सच्चा प्यार नहीं मिला, तो इस शो के सहारे वो उसकी तलाश में जुटी है। उन्होंने बताया की अपनी हाई लाइफ में ओबामा तक से वे मिल चुकी है और जिस दुनिया में वह रहती है। वहां सिर्फ पैसा ही है, प्यार नजऱ नहीं आता और उन्हें तलाश है सच्चे प्यार की। मल्लिका ने कहाकि हर लड़की को उसका जीवन साथी चुनने का अधिकार होना चाहिए। लाइफ ओके टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाला रियलिटी शो मेरे ख्यालों की मल्लिका की शूटिंग झीलों की नगरी में विभिन्न जगहों पर चल रही है। शो के लिए लाखों बैचलर्स के आवेदन आये थे, लेकिन उनमे से 30 को सेलेक्ट किया गया और इनमे से अब सिर्फ 16 बचे हैं। आने वालों दिनों में मल्लिका शेरावत को इम्प्रेस करने और अपने प्यार का यकीन दिलाने के लिए तरह-तरह के जतन करेंगे और इन्हीं में से मल्लिका कोई एक हमसफऱ चुनेगी। इसमें उनका साथ देंगे इस शो के होस्ट रोहित रॉय। यह शो अक्टूबर माह में प्रसारित होगा। चैनल लाइफ ओके के महाप्रबंधक अजित ठाकुर ने बताया की इस शो के लिए मल्लिका से बेहतर कोई और थी ही नहीं, जिसकी लोकप्रियता हिन्दुस्तान के हर घर में हंै।
प्रेस वार्ता में सारे सवाल उन्ही के फर्जी लोगों ने किये
कल रात होटल फतहगढ़ में रोशनी से चकाचौंध शो की स्टार कास्ट और बैचलर प्रतिभागी मल्लिका शेरावत से मीडिया को रूबरू कराने के लिए प्रेस को बुलाया गया था, लेकिन जब मल्लिका से सवाल पूछने की बारी आई, तो उनके अपने ही लोग फर्जी मीडिया वाले बन कर बैठे और मैनेज पत्रकारों ने ही सवाल किये तथा उन्हीं सवालों के जवाब मल्लिका ने दिए। जब शहर के पत्रकारों ने सवाल पूछने की कोशिश की, तो एक तो उन्हें माइक नहीं दिया गया और जब बिना माइक के पूछा तो मल्लिका सवाल टाल गई। ईटीवी के पत्रकार रवि शर्मा के सवाल पर तो पीछे खड़ी चैनल की प्रबंधक फजिला चिढ़ तक गई।
फ़िल्म रिव्यू: शुद्ध देसी रोमांस

यशऱाज बैनर की ‘शुद्ध देसी रोमांस’ आधुनिक भारत के उन युवाओं की कहानी है जो किसी भी तरह के ‘कमिटमेंट’ से डरते हैं.
रघुराम उर्फ़ रघु (सुशांत सिंह राजपूत) जयपुर में एक टूरिस्ट गाइड है. बारातों में केटरिंग की भूमिका निभाने वाले गोयल (ऋषि कपूर) से उसकी मित्रता है.
उसकी शादी तारा क्लिक करें (वाणी कपूर) से तय होती है. वो बारात लेकर वाणी के शहर की ओर रवाना होता है. बारात में गोयल और गायत्री क्लिक करें (परिणीति चोपड़ा) भी शामिल है.
वो यात्रा के दौरान ही गायत्री से घुल मिल जाता है और तारा के शहर पहुंचते पहुंचते गायत्री से प्यार करने लगता है और तारा को छोड़कर भाग खड़ा होता है.
जल्द ही रघु और गायत्री क्लिक करें ‘लिव इन पार्टनर’ की तरह रहने लगते हैं. कुछ दिनों बाद रघु, गायत्री से शादी करने का फै़सला करता है. लेकिन इससे पहले ही उसे गायत्री छोड़कर भाग जाती है.
कुछ दिनों बाद रघु की मुलाक़ात अजीबोगरीब परिस्थिति में एक बार फिर से तारा से होती है. तारा उससे मिलती है और जल्द ही दोनों में प्यार हो जाता है. दोनों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा होता है कि एक दिन अचानक फिर से गायत्री रघु की ज़िंदगी में दस्तक देने लगती है.
फिर क्या होता है ? क्या रघु और गायत्री एक हो जाते हैं ? तारा का क्या होता है ? क्या रघु तारा के साथ बाकी की ज़िंदगी बिताएगा ? गायत्री भला क्यों रघु की ज़िंदगी से भाग जाती है ?
अलग कहानी
जयदीप साहनी की लिखी कहानी बेहद अलग है. फ़िल्म में मुख्य तौर से दिखाया गया है कि आजकल का युवा वर्ग किसी भी तरह के ‘कमिटमेंट’ से डरता है.
स्क्रीनप्ले काफी सहज है और इसमें कई घटनाओं को संयोगवश दिखाया गया है.
जैसे रघु का दोबारा तारा से मिलना, ब्रेक अप के बाद दोबारा गायत्री से मिलना बिलकुल संयोग है. गायत्री और रघु का कमिटमेंट से डरना एक बार फिर से संयोग ही है.
इंटरवल से पहले फ़िल्म काफ़ी मनोरंजक है. रघु और गायत्री के किरदार बेहद प्यारे और ताज़ा तरीन लगते हैं जो दर्शकों को भा जाते हैं.
राजस्थानी शादियों का पूरा माहौल और पैसे देकर बाराती बुलाने वाला जो एंगल है उसे बखूबी दिखाया गया है. रघु और गायत्री के बीच नोंक झोंक और गोयल (ऋषि कपूर) का किरदार भी लोगों का ख़ासा मनोरंजन करते हैं.
इंटरवल के बाद दोहराव
इंटरवल के बाद तारा जब रघु के जीवन में दोबारा आती हैं तो कहानी अपने आपको दुहराती सी लगती है.
कहानी में ट्विट्स लाने की सहूलियत लेने के लिए लेखक जयदीप साहनी ने तारा और रघु को दोबारा मिला दिया.
लेकिन कहानी में ये नहीं बताया गया कि भला क्यों तारा, रघु को माफ़ कर देती है ?
कहानी तब और उलझ जाती है जब रघु और तारा के जीवन में फिर से गायत्री आ जाती है.
बोल्ड विषय
संभव है कि पुरानी पीढ़ी के लोगों को तारा और गायत्री के किरदारों पसंद ना आएँ. क्योंकि दोनों बिना किसी कमिटमेंट के रघु के साथ रहने को, उसके साथ सोने तक को तैयार हैं. उन्हें ‘लिव इन रिलेशन’ की इस अवधारणा को पचाने में दिक्कत पेश आएगी.
क्लाइमेक्स, फ़िल्म की थीम के हिसाब से बिलकुल ठीक है लेकिन दर्शकों के एक वर्ग को ये ठीक नहीं लगेगा. हां, युवा वर्ग को ज़रूर क्लाइमेक्स पसंद आ सकता है. वो क्लाइमेक्स की उदारवादी सोच को ख़ासा पसंद कर सकते हैं.
जयदीप साहनी के लिखे संवादों में हास्य भी है और वो असरदार भी हैं.
अभिनय
क्लिक करें सुशांत सिंह राजपूत बेहद स्वाभाविक लगे हैं और उन्होंने अपना काम बखूबी निभाया है. युवा लड़कियों के बीच में वो बहुत लोकप्रिय हो सकते हैं.
परिणीति चोपड़ा भी अपने रोल में ज़बरदस्त रही हैं और वो भी ख़ासी स्वाभाविक लगी हैं. उन्होंने बहुत ख़ूबी से अपने भावों को व्यक्त किया है.
अपने कमज़ोर रोल के बावजूद वाणी कपूर ने बॉलीवुड में अच्छी शुरूआत की है. गोयल के किरदार में क्लिक करें ऋषि कपूर अद्भुत रहे हैं. वो जब भी स्क्रीन पर आते हैं जादू जगा देते हैं.
राजेश शर्मा ने छोटे से रोल में प्रभाव छोड़ा है. तरुण व्यास, तृप्ति शर्मा, इम्तियाज़ अहमद, क्रेग और एलेक्स (विदेशी पर्यटकों के रोल में, भुवन अरोरा, अमित मोहंती, प्रतीक जायसवाल और अनुज पंडित (रघु के दोस्त) ने भी अच्छा काम किया है.
निर्देशन
मनीष शर्मा ने बतौर निर्देशक स्क्रिप्ट के साथ पूरा न्याय किया है. कहानी की तरह ही उनका निर्देशन युवा वर्ग को अपील करेगा.
सचिन-जिगर का संगीत अच्छा है. ‘तेरे-मेरे बीच में’, ‘गुलाबी’ और दूसरे गाने अच्छे बन पड़े हैं. जयदीप साहनी के बोल मधुर हैं.
बृंदा और गणेश आचार्य की कोरियोग्राफ़ी बिलकुल सटीक है. बैकग्राउंड संगीत (सचिन-जिगर) भी अच्छा है.
मनु आनंद की सिनेमोटोग्राफ़ी भी प्रभावशाली है. उन्होंने राजस्थानी माहौल को बेहतरीन तरीके से पकड़ा है. रश्मि सेठी के सेट और नम्रता राव की एडीटिंग भी माकूल है.
कुल-मिलाकर शुद्ध देसी रोमांस को मिली जुली प्रतिक्रिया मिलेगी. युवा और शहरी दर्शकों को फ़िल्म पसंद आएगी लेकिन छोटे शहर के दर्शकों को ये ख़ासी बोल्ड लग सकती है.
बॉक्स ऑफ़िस पर कम लागत में बनी ये फ़िल्म निर्माताओं के लिए मुनाफ़े का सौदा साबित होगी.
उत्तराखंड आपदा में उदयपुर के 21 व्यक्ति स्थाई रूप से लापता
उदयपुर। उत्तराखंड में 16 जून को हुई प्राकृतिक आपदा में उदयपुर जिले के 21 व्यक्ति स्थाई रूप से लापता घोषित किए गए हैं। लापता व्यक्तियों के संबंध में 30 दिन के भीतर कोई भी जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाई जा सकती है। इसके बाद लापता व्यक्ति के विधिक उत्तराधिकारी को घोषित पैकेज के अनुसार राहत प्रदान की जाएगी। जिला कलेक्टर आशुतोष पेढणेकर ने बताया कि उत्तराखंड में हुई प्राकृतिक आपदा में उदयपुर जिले के 21 स्थाई रूप से लापता व्यक्तियों की सूची जारी की गई है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र कुमार चौबीसा, तारा देवी, डॉ. बद्रीलाल चौबीसा, गीता देवी चौबीसा, जगदीश लाल चौबीसा, रमा चौबीसा, पुष्पा देवी, मनीष चौहान, इंद्रा चौहान, अभिषेक चौहान, अंकिता चौहान, रतन देवी चौबीसा, मोहन लाल, रूप लाल, रमेशचंद्र व्यास, सरस्वती व्यास, रमेशचंद्र उपाध्याय, कैलाश देवी उपाध्याय, शकुन्तला मन्दावत, लहरी देवी व्यास एवं सावित्री देवी व्यास को स्थाई रूप से लापता घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि घोषित सूची के अनुसार लापता व्यक्तियों की किसी भी व्यक्ति को जानकारी या सूचना उपलब्ध हो तो दूरभाष नंबर 0294-2413448 एवं 0294-2413278 तथा पत्र के जरिये 30 दिवस की अवधि में सूचित किया जा सकता है। तीस दिवस में लापता व्यक्तियों के बारे में यदि कोई सूचना प्राप्त नही होती है, तो उनके विधिक उत्तराधिकारियों को राजस्थान सरकार द्वारा घोषित पैकेज के अनुसार राहत प्रदान की जाएगी।
आज से पीएफ खाते की ऑनलाइन जानकारी लें
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन [ईपीएफओ] शुक्रवार से कर्मचारियों के भविष्य निधि [पीएफ] खाते की ऑनलाइन अपडेशन की सुविधा शुरू करेगा। यानी इंटरनेट के माध्यम से सीधे यह पता चल जाएगा कि आपके पीएफ खाते में कितनी राशि है और नियोक्ता हर महीने अपनी हिस्सेदारी इसमें डाल रहा है या नहीं। इससे ईपीएफओ के पांच करोड़ से ज्यादा अंशधारक लाभान्वित होंगे। ईपीएफओ के सेंट्रल प्रॉविडेंट फंड कमिश्नर केके जालान ने कहा कि खाते की जानकारी अब रियल टाइम आधार पर अपडेट होगी। फिलहाल अंशधारकों को साल में केवल एक बार अकाउंट स्टेटमेंट मिलता है। ईपीएफओ सालाना पीएफ अकाउंट स्टेटमेंट सितंबर में जारी करता है।
डॉ. गोयल के खिलाफ कई संगठन एकजुट
उदयपुर। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के बाल अस्पताल के एचओडी डॉ. सुरेश गोयल के खिलाफ शहर के विभिन्न संगठन उतर आए हैं। रेजिडेंट डॉ. विभा चौधरी को सबके सामने अश्लील और भद्दी टिपण्णी करने के विरोध में सभी संगठनों ने उनके निलंबन की मांग की है। इन संगठनों ने डॉ. विभा का हर प्रकार से समर्थन देने का निर्णय लिया है। कल शहर के विभिन्न संगठनों, महिला संगठनों, आम आदमी पार्टी, की बैठक हुई, जिसमें एक शिक्षक द्वारा शिष्या के साथ की गई अश्लील व भद्दी टिप्पणी को गुरु-शिष्य के रिश्तों पर कलंक बताया है। साथ ही आरएनटी मेडिकल कॉलेज में बनी हुई कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीडऩ की रोकथाम कमेटी की भी कड़े शब्दों में भत्र्सना की गई।
आंदोलन की चेतावनी:
विभिन्न संगठनों ने निर्णय लिया है कि यदि एचओडी डॉ. सुरेश गोयल पर तीन दिन के अंदर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो महिलाओं के हक लिए सड़कों पर भी उतरना पड़ा, तो उतरेंगे और परचा वितरित कर कलेक्ट्री के बाहर धरना लगाया जाएगा। बैठक में डॉ. विभा के खिलाफ झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया गया। बैठक में महिला अत्याचार विरोधी मंच के अश्वनी पालीवाल, शकुंतला चौधरी, डीएस पालीवाल, जनवादी महिला समिति की श्रीकांता श्रीमाली, पुष्पा चौहान, भारतीय मैत्री दल के इंद्र कुमार भट्ट, बोहरा यूथ के हातिम अली ताज, जनवादी मजदूर यूनियन के डालचंद मेघवाल, भारत की जनवादी नौजवान सभा के राजेश सिंघवी, भाकपा (माले) के डॉ$ लालाराम जाट, आम आदमी पार्टी के शकुन टंडन, भरत कुमावत, एकलिंग पालीवाल, सुधीर माहेश्वरी, पुनित जैन, एसएन स्वाती के साथ ही अजेय टाया, अशोक शर्मा तथा अशोक मंथन आदि उपस्थित थे।
थाने में बयान दर्ज:
इधर इस प्रकरण में हाथीपोल थाने में पीडि़ता और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कल पीडि़ता डॉ. विभा चौधरी को हाथीपोल थाने में बुलाकर बयान दर्ज किए गए थे और आज सुबह विभा की माता और पति हिमांशु चौधरी के बयान दर्ज किए गए। इस मामले पर महिला आयोग की अध्यक्ष लाड़ कुमारी जैन पहले ही कह चुकी है कि ये सेक्सुअल हेरेशमेंट का मामला है और इसी धरा में दर्ज किया जाना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर को पत्र भी लिखा है।
हमारी बेटी का अपमान
जाट समाज उदयपुर के अध्यक्ष चमनसिंह जाट ने कहा कि बाल अस्पताल के एचओडी डॉ. गोयल ने अभद्र भाषा का प्रयोग करके हमारी बेटी डॉ. विभा चौधरी का अपमान किया है। ये समस्त समाज के साथ ही संपूर्ण नारी जाति का अपमान है। जाट ने कहा कि अगर पुलिस इस मामले में केस दर्ज करके जल्द ही कार्रवाई नहीं करती है और डॉ. गोयल की गिरफ्तारी नहीं करती है, तो समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।
राहुल से करेंगे हाईकोर्ट बैंच की मांग
उदयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की उदयपुर में स्थापना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिए गए बयान और वकीलों को गिरफ्तार करने विरोध में वकीलों ने आज विरोध रैली निकाली। साथ ही 11 सितम्बर तक न्यायिक कार्यों के बहिष्कार की घोषणा की है। 11 सितम्बर को प्रस्तावित कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सभा के दौरान श्री गांधी से मिलकर हाईकोर्ट बैंच की मांग रखने का निर्णय लिया गया है।
आज निकाली गई वाहन रैली में वकीलों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार और अशोक गहलोत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा रैली न्यायालय परिसर से शुरू होकर हॉस्पीटल रोड, चेतक सॢकल, हाथीपोल, अश्विनी बाजार, देहली गेट, बापू बाजार, सूरजपोल, टाउन हॉल होते हुए कलेक्ट्री पहुंचे, जहां कुछ देर प्रदर्शन के बाद कोर्ट परिसर पहुंचकर रैली समाप्त हुई। रैली के दौरान वकीलों ने टू व्हीलर वाहन पर सवार होकर सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। रैली में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत कुमार जोशी, महासचिव भरत कुमार वैष्णव, संभागीय महासचिव शांतिलाल पामेचा, संरक्षक फतहलाल नागौरी, जिला संयोजक सत्येंद्रपालसिंह छाबड़ा, जिला महासचिव मनीष शर्मा के सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद थे। इससे पूर्व कल हुई साधारण सभा की बैठक में वकीलों ने एक स्वर में राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं राजस्थान उच्च न्यायालय से मेवाड़-वागड़ क्षेत्र, जिसमें उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तोडग़ढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर व सिरोही क्षेत्र की निर्धन आदिवासी बाहुल्य जनता को सस्ता सुलभ न्याय दिलाने के लिए तत्काल उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ खोले जाने की मांग की। उदयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा उक्त मांग के संदर्भ में जो वक्तव्य दिया। उसकी कठोर शब्दों में निंदा की। सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि 11 सितम्बर तक अधिवक्ता उक्त मांग के समर्थन में न्यायिक कार्रवाईयों में भाग नहीं लेंगे। 11 सितम्बर को राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें मेवाड़-वागड़ की हाईकोर्ट बैंच की मांग से अवगत कराया जाएगा।
दिन दहाड़े भरे बाज़ार में फायरिंग
उदयपुर। हिरणमगरी सेक्टर 11 में आज सुबह छह बदमाश व्यापारियों पर रिवाल्वर से फायरिंग करके भाग गए। इन बदमाशों में से तीन जवाहर जैन स्कूल के बताए जाते हैं, जो लड़की के चक्कर में मंगलश्री कॉम्पलैक्स में एक युवक पर हमला करने की नीयत से आए थे, लेकिन क्षेत्रीय व्यापारियों के एकजुट हो जाने से ये बदमाश वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों को पकडऩे के लिए नाकाबंदी करवाई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बदमाशों को पकडऩे में पुलिस कामयाब नहीं हो पाई थी।
सूत्रों के अनुसार आज सुबह 11 बजे जवाहर जैन स्कूल के बाहर छह बदमाश हथियारों से लैस होकर खड़े थे। इसी बीच एक फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी निर्भयसिंह वहां पहुंचा, जो इन बदमाशों को देखकर स्कूल के पास ही स्थित मंगलश्री कॉम्पलैक्स में घुस गया। वहां वह कामांक्षी फाइनेंस के ऑफिस में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। ये बदमाश उसके पीछे-पीछे अंदर घुसे, जिनके हाथों में हथियार थे। एक बदमाश के पास रिवाल्वर थी और कुछ ने डंडे और बैस बॉल के बल्ले हाथों में ले रखे थे। इन बदमाशों की कोशिश के बाद जब कामाक्षी फाइनेंस का दरवाजा नहीं खुला तो हंगामा करते हुए ये बदमाश वापस काम्पलैक्स से नीचे उतरे। इस दौरान नवलकिशोर शर्मा नामक व्यापारी ने नीचे से काम्पलैक्स का चैनल गेट बंद कर दिया, लेकिन बदमाशों में से एक ने नवलकिशोर को रिवाल्वर दिखाई, जिससे वह किनारे हो गया। ये बदमाश जैसे ही बाहर निकले, तो बाहर सेक्टर 11 स्थित आजाद मार्केट के व्यापारी एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर डिप्टी अनंत कुमार, दिव्या मित्तल, हिरणमगरी थानाधिकारी गजेंद्रसिंह, गोवर्धनविलास थानाधिकारी बद्रीलाल, प्रतापनगर थानाधिकारी लाबूराम जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, जिनके सामने व्यापारियों ने खासी नाराजगी जाहिर की।
व्यापारियों को देखकर किए फायर
सेक्टर 11 स्थित आजाद मार्केट के व्यापारी जब एकजुट होकर बदमाशों के सामने हुए, तो बदमाशों ने रिवाल्वर निकालकर हवा में तीन फायर किए। इससे
अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक बदमाश ने व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेश त्रिवेदी पर बैस बॉल के बल्ले से हमला कर दिया। इससे व्यापारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने मोटरसाइकिलों पर भागते बदमाशों का पीछा किया, लेकिन बदमाश भागने में सफल हो गए। पुलिस को घटनास्थल से एक कारतूस का खोल भी मिला है।
लड़की का चक्कर
बदमाशों में से तीन लड़के सेक्टर 11 स्थित जवाहर जैन स्कूल में पढ़ते हैं। बताया जा रहा है कि निर्भयसिंह (बदमाश जिस पर हमला करने आए थे) के छोटे भाई का किसी लड़की को लेकर इन बदमाशों से तीन पहले झगड़ा हो गया था। निर्भयसिंह की स्कूल मेंं इन बदमाशों से कहासुनी हुई थी, तभी से ये बदमाश निर्भयसिंह पर हमला करने की फिराक मे घूम रहे थे। बदमाशों में राजेश मीणा, अरविंद कोटेड, हरीश मीणा, अनिरूद्धसिंह सहित छह युवक शामिल बताए जा रहे हैं।
बाजार बंद करने की चेतावनी
आजाद मार्केट व्यापार मंडल के अध्यक्ष पर बैस बॉल से हमला और क्षेत्र की शांति भंग करने से क्षेत्रीय व्यापारियों में भारी रोष है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के
समक्ष भी व्यापारियों ने काफी नाराजगी प्रकट की। साथ ही अपराधियों को शाम तक गिरफ्तार नहीं करने पर बाजार बंद करके रास्ता जाम करने की चेतावनी दी है।
‘अश्लील रैकेट’ चलाता था आसाराम, पूरी टीम करती थी मदद, CD से होगा भंडाफोड़
आजतक ने अपनी साईट पर कुछ देर पहले आसाराम पर अपने सहयोगियों की मदद से आश्रम में अश्लील सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया है. यदि यह आरोप सच है तो पूरे धर्मभीरु समाज के लिए कितना भयावह हो सकता है. पढ़िए आजतक की रिपोर्ट…
आप शायद चौंक जाएंगे यह जानकर कि आसाराम अपने आश्रम में एक अश्लील रैकेट चलाता था और उसकी पूरी टीम इस काम में मदद करती थी. अभी तक की जांच में सबूत मिले हैं कि एक साजिश के तहत मासूम बच्चियों को फंसाया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, आसाराम के सेवादार शिवा ने जोधपुर पुलिस को ‘सेक्स और सम्मोहन’ से जुड़ी एक सीडी के बारे में बताया है, जो आसाराम के आश्रमों में दिखाई जाती थी. सीडी बरामद करने के लिए पुलिस शिवा को लेकर आसाराम के अहमदाबाद आश्रम जाने वाली है.evil-asaram
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को आसाराम और उसके सहयोगियों शिल्पी, शिवा और शरतचंद्र राही के कॉल डिटेल से कई अहम सुराग मिले हैं. 5 अगस्त से लेकर घटना के दिन यानी 15 अगस्त तक चारों आरोपी लगातार बातचीत करते रहे. जबकि 5 अगस्त से पहले और 15 अगस्त के बाद इन चारों के बीच बेहद कम बातचीत होती थी. पुलिस के मुताबिक, शिल्पी और शिवा आसाराम के सबसे ख़ास लोगों में से थे. शिल्पी छिंदवाड़ा आश्रम की वॉर्डन है और शरद राही डायरेक्टर है.
हालांकि आधिकारिक रूप से पुलिस ने अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी है. डीसीपी अजय लांबा ने बताया कि शिवा ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनके बारे में अभी बताना मुनासिब नहीं होगा. उसी की निशानदेही पर पुलिस की टीम अहमदाबाद जाएगी.
आसाराम का निजी सेवादार शिवा पुलिस को बता चुका है कि ‘अनुष्ठान’ के नाम पर आसाराम अपनी ‘ध्यान की कुटिया’ में महिलाओं से अकेले मिलता था. इस दौरान किसी को वहां जाने की इजाज़त नहीं होती थी.
शिल्पी ने बहकाया था लड़की को
आसाराम के खिलाफ जो FIR दर्ज हुई थी उसमें शिल्पी और शरद दोनों सहआरोपी हैं. 25 और 26 अगस्त को शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें समन देकर 29 अगस्त तक पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था. बताया जाता है कि छिंदवाड़ा से दोनों जोधपुर के लिए रवाना भी हुए थे, लेकिन अब तक नहीं पहुंचे. शिल्पी ने ही लड़की से कहा था कि तुम्हारे ऊपर भूत-प्रेत का साया है और बापू तुम्हें ठीक कर देंगे.
4-5 बच्चियों को आसाराम के पास भेज चुकी है शिल्पी
संभवत: अहमदाबाद की रहने वाली 25-26 साल की शिल्पी पिछले साल ही छिंदवाड़ा आई थी. वह आसाराम की करीबी मानी जाती है. शिल्पी ही पीड़ित लड़की को आसाराम के पास जोधपुर छोड़ कर आई थी. सूत्रों के मुताबिक, शिल्पी पहले भी 4-5 बच्चियों को आसाराम के पास भेज चुकी है. इसी तरह 38-40 साल के शरतचंद्र राही को साल भर पहले ही छिंदवाडा आश्रम में डायरेक्टर बनाया गया था. वह अमेरिका से आया हुआ बताया जाता है.
रसोइया प्रकाश जानता है सब कुछ
आसाराम का खास रसोइया प्रकाश भी अभी फरार है. वह वारदात की रात का अहम गवाह है. बताया जाता है कि उसे मालूम है कि उस रात लड़की के साथ क्या हुआ था. शिवा ने यह भी बताया है कि आसाराम कई प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के संपर्क में थे.
जेल में झल्लाता रहा आसाराम
उधर, जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद आसाराम को लगातार तीसरी रात जेल में काटनी पड़ी. जेल में वकील ने उससे मुलाकात की, जिसके बाद उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन देखा गया. जेल में आसाराम को एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है. कानूनी पहलू के डर से पैदा हुए डिप्रेशन के अलावा वह जेल में मच्छरों से भी खासा परेशान है. जानकारी के मुताबिक, मच्छरों ने आसाराम की नींद हराम कर रखी है. बुधवार रात आसाराम ने जेल का खाना ठुकरा दिया और सिर्फ दूध पीकर सो गया.







