उदयपुर । राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंखयक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. खानु खान बुधवाली ने महमूद खान कानोड़ को उदयपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस कमिटी अल्प संखयक विभाग का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया तथा उन्होंने महमूद खान को ब्लाक एवं जिला कार्यकारणी बनाने के अधिकार भी दिए ।महमूदखान ने जल्दी ही अपनी कार्यकारणी बनाने की घोषणा की है, तथा उन्होंने बताया की राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अल्पसंखयकों के लिए चलायी जारही कल्याण कारी योजनाओं की जानकारी तथा उनका पूरा लाभ अल्पसंख्यकों को मिलता रहे इस बात की मोनिटरिंग करेगें, तथा अल्पसंख्यकों के हितों के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगे ।
महमूद खान कानोड़ अल्पसंखयक विभाग के देहात जिलाध्यक्ष नियुक्त
उदयपुर बन गया हादसों का शहर
उदयपुर। प्रतापनगर-सुंदरवास मार्ग पर बीती रात वीडियोकोच की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत और उसकी पत्नी के गंभीर रूप से घायल होने का मामला थमा नहीं था और आज सुबह प्रतापनगर चौराहे पर आलोक स्कूल की बस ने मोटरसाइकिल सवार तीन जनों को चपेट में ले लिया। इनमें से एक गंभीर महिला को अहमदाबाद रेफर किया गया है। इधर, रात में हुई दुर्घटना में मृतक का शव लेकर क्षेत्रीय पार्षद धनपाल स्वामी के नेतृत्व में क्षेत्रवासी आज सुबह कलेक्ट्री पहुंचे, जहां प्रदर्शन किया गया, जहां पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में भारी वाहनों वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की गई। रात सवा दस बजे सुंदरवास में प्रीतम पहलवान की गली के पास एक वीडियो कोच ने स्कूटर सवार पति-पत्नी को चपेट में ले लिया। हादसे में प्रतानगर निवासी जमनलाल सालवी (४०) का सिर टायर से कुचला गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी मांगीबाई दूसर जा गिरी, जो शव को देखकर मूर्ति हो गई। इससे क्षेत्रवासी आक्रोशत हो गई। वहां से गुजरने वाले वाहनों के कांच तोड़ दिए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग किया। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। आज सुबह एमबी अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान भारी भीड़ जमा थी। वहां पर पार्षद धनपाल स्वामी भी मौजूद थे, जो पोस्टमार्टम के बाद शव को क्षेत्रवासियों के साथ लेकर कलेक्ट्री पहुंचे, जहां पर प्रदर्शन किया गया। क्षेत्रवासियों ने डिप्टी अनंत कुमार को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ ही वीडियो कोच के ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। बाद में क्षेत्रवासी शव लेकर मृतक के घर पर चले गए।
रमजान का पहला जुमा, मस्जिदों में नमाजियों की भीड़
उदयपुर। रहमतों की बारिश ले कर आये रमजान के दूसरे दिन पहले जुमा की नमाज शहर की हर मस्जिद में बड़े अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई।
वैसे तो जुमा की बड़ी Èजीलत है और आम दिनों में भी नमाजियों की तादाद काÈी रहती है। लेकिन रमजान महीने के जुमा में आम जुमा की अपेक्षा बहुत बड़ी तादाद में नमाज पढ़ाने के लिए लोग आते है, इसी कारण हर मस्जिद में नमाज पढऩे के लिए अलग से व्यवस्था करनी है।
जुमा की अजान से पूर्व ही रोजेदार मुस्लिम धर्मावलंबी अपने काम-काज छोड़कर बेहतरीन लिबास पहन खुशबू लगा मस्जिदों में पहुंच गए। अजान के बाद सुन्नतें अदा की। इस दौरान पेश इमाम व आलिमों ने रमजान की अहमियत, सवाब तथा दीनी बातों पर तकरीर की।
खुतबा होने के बाद लगभग 1.30 बजे जमाअत के साथ जुमा की नमाज़ अदा की गई।
शहर की पलटन मस्जिद , रहमानिया कॉलोनी मस्जिद, आयड़ में छीपा मस्जिद, लौहारों की मस्जिद, खांजीपीर की बड़ी मस्जिद, हाथीपोल में ऊपर व नीचे की मस्जिद, सवीना, धोली बावड़ी, मल्लातलाई सहित हर मस्जिद में नमाजियों की भीड़ रही। कई मस्जिदों की छतों पर भी नमाजियों के लिए व्यवस्था की गई। चमनपुरा स्थित जुम्मा मस्जिद में दो बजे जमाअत के साथ नमाज अदा की गई।
पेट दर्द होने पर छात्रा ने ज़हर खाया ..!
उदयपुर। जावर माइन्स के इम्मनुयल मिशन स्कूल की 10 वीं की 15 वर्षीय बालिका ने पेट दर्द होने पर सेल्फोस का इंजेक्शन पी लिया और स्कूल में पहुचने पर जब उसकी हालत ख़राब हुई तो उसको स्कूल की अध्यापिका महाराणा भूपाल चिकत्सालय ले कर पहुची।
सूत्रों के अनुसार आज सुबह जावर माइन्स की इमानुएल मिशन स्कूल की १० वीं की १५ वर्षीय बालिका ने पेट दर्द होने पर घर में रखा हुआ सेल्फोस का इंजेक्शन पी लिया और स्कूल की चली गयी स्कूल में जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसने अपनी टीचर को बताया की उसको मासिक धर्म के पहले पेट दर्द हो रहा था जो उसको सहन नहीं हुआ जब उसने अपनी माता को इस बारे में बताया तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया तब उसने घर में ही रखा हुआ गेहूं में रखने का सेल्फोस का इंजेक्शन पी लिया की शायद इससे पेट दर्द ख़त्म हो जाये । हालत ज्यादा बिगड़ने पर स्कूल की अध्यापिका उसको एम् बी चिकित्सालय ले कर आई जहाँ अब उसकी हालत खतरे के बहार बताई जा रही है ।
12 हजार नहीं देने पर जेल में दी फांसी
पुलिस ने किया आत्महत्या का मामला दर्ज, परिजन कराएंगे हत्या का मामला दर्ज
उदयपुर। उदयपुर की सेंट्रल जेल में बंदियों से नकद वसूली का खौफनाक चेहरा सामने आया है। घरवालों द्वारा 12 हजार रुपए समय पर नहीं पहुंचाने पर एक बंदी को फांसी पर लटका दिया गया। जेल प्रशासन इसको आत्महत्या बता रहा है, जबकि सूत्र इसमें जेल अफसरों की भी परोक्ष मिलीभगत बता रहे है। उनका कहना है कि जेल में बंदियों को पैसे की जरूरत पिटाई से बचने तथा नशीली वस्तुएं मंगवाने के लिए पड़ती है। वसूली के लिए बंदियों की पिटाई या तो जेल अधिकारी करते है या वे अन्य बंदियों से ऐसा करवाते हैं, जिससे उन्हें ऊपर की अच्छी कमाई हो जाती है। पहले तो ‘वसूली’ के लिए पिटाई ही होती थी, लेकिन अब तो ‘हत्या’ तक की जाने लगी है। उल्लेखनीय है कि युवक दिनेश बलात्कार के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद था और 12 हजार रुपए नहीं देने पर परसों रात उसे फांसी पर लटका दिया गया।
बंदी दिनेश की हत्या परसों रात को की गई। जेल अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कल शाम को टॉयलेट में शव देखा। शव के हाथ-पांव बंधे हुए थे फिर भी पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया है। वैसे यह मामला न्यायिक हिरासत में हत्या तथा मानवाधिकारों के उल्लंघन का है।
वहीं आज सुबह एमबी अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर मृतक बंदी दिनेश के पिता ने खुलासा किया है कि जेल में अन्य कैदियों द्वारा दिनेश के साथ आए दिन मारपीट की जाती थी। दो दिन पहले ही दिनेश ने फोन करके उसकी बहन सीता को बताया था कि ‘जेल में 12 हजार रूपए पहुंचाओ, नहीं तो उसे जान से मार दिया जाएगा।’
आज सुबह एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में मृतक बंदी दिनेश का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान मृतक के पिता केलवा (राजसमंद) निवासी देवीलाल सालवी ने बताया कि दिनेश को पूर्व में भी कई बार जेल में अन्य कैदियों द्वारा पीटा गया और रूपयों की मांग की गई। दो दिन पूर्व उसकी बेटी सीता के पास जेल से दिनेश ने फोन करके 12 हजार रूपए मांगे थे, लेकिन इतना रूपया नहीं होने के कारण उसने जमीन गिरवी रखी और आज सुबह रूपए जेल में पहुंचाने ही वाले थे कि रात डेढ़ बजे जेल से फोन आया कि उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली है। दिनेश के पिता ने कहा कि उसका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है। जेल में उसकी हत्या की गई है। सारे हालात संदिग्ध है और इस संबंध में वे सूरजपोल थाने में हत्या का मामला दर्ज कराएंगे।
इन हालात से संदिग्ध बन रहा है मामला
जेल के टायलेट में बंदी को किसी ने चारपाई की निवार (रस्सी) ले जाते हुए नहीं देखा।
यह कहीं नहीं बताया गया कि टायलेट का गेट बंद था, तो मृतक को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया या नहीं।
मृतक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, तो उसके हाथ-पैर कैसे दूसरी रस्सी से बंधे थे।
हाथ-पैर बांध कर कोई आत्महत्या नहीं कर सकता है। इसलिए हत्या की पुष्टि होती है।
बेवकूफी भरा जवाब
जेल अधीक्षक कैलाश त्रिवेदी से जब पूछा गया कि आत्महत्या से पहले बंदी के हाथ-पैर कैसे बंधे थे, तो उनका जवाब था कि आत्महत्या करते समय वह तड़पा होगा। इसलिए उसके हाथ-पैर बंध गए होंगे।
मुबारक मुबारक रमजान मुबारक
उदयपुर। अल्लाह की बेशकीमती नेअमतों से सरफराज पवित्र माह रमज़ानुल-मुबारक का पहला रोज़ा आज से शुरू हो गया। बुधवार को सूर्यास्त के कुछ देर बाद जैसे ही चांद नजर आया, लोगों ने एक-दूसरे को माहे रमजान की मुबारकबाद दी।
शहर के अकीदतमंद मुसलमानों ने बाद नमाजे-इशा बीस रकअत विशेष ‘नमाजे -तरावीहÓ अदा कर पहले रोजे की नीयत की। तरावीह में बीस रकअत नमाज अदा की जाती है। इस्लामी कैलेंडर के नौंवें महीने रमज़ानुल- मुबारक का चांद दिखाई देने के साथ ही रोजों का आगाज हो गया। शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों खासकर मुखर्जी चौक, पलटन की मस्जिद, हाथीपोल, सिलावट वाडी, खांजी पीर, मल्लाह तलाई , सज्जन नगर, सवीना में देर रात तक माहे- रमजान की रौनक और चहल पहल नजर आई। आज सुबह सेहरी के वक्त से ही महिलाओं, युवाओं और बच्चों में पहला रोज़ा रखने का भरपूर जोश दिखाई दिया।
सेहरी से इफ्तार तक रोज़े में इबादत
माहे रमजान के पहले रोजे से ही सेहरी के वक्त मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल पहल शुरू हो गयी थी और मस्जिदों में सेहरी के वक्त का एलान होना शुरू हो गया था। सेहरी सूर्योदय से पहले की जाती है, जिसमें लोग कुछ खा-सकते हैं। उसके बाद रोजा शुरू हो जाता है। शाम को सूर्यास्त के बाद इफ्तार से रोजा खोला जाता है। इस बीच रोजेदारों का दिन नमाज, इबादत और कुरआन शरीफ की तिलावत में गुजरता है।
घरों में रोजे के महीने की तैयारियां
इस बीच गृहिणियों ने रोजा इफ्तार की तैयारियां शुरू कर दी। शहर की मस्जिदों में हाफिज मुकर्रर किए गए हैं। हाफिज को कुरआन शरीफ कंठस्थ होता है और तरावीह की नमाज के दौरान कुरआन शरीफ के पारे पढ़ते हैं। बाजार में दिन भर रोजे के महीने के लिए खरीदारी करने को महिलाओं की भीड़ नजर आई। उन्होंने सेहरी के लिए खरीदारी की।
मस्जिदों-दरगाहों पर विद्युत सज्जा
रमजान माह की खुशी में शहर की विभिन्न मस्जिदों व दरगाहों पर विद्युत सज्जा की गई है। रमजान के आमद की खुशी में इन्हें खूब सजाया-संवारा गया है।
ठुमके लगाते महाराणा प्रताप!
उदयपुर। सोनी टीवी पर सप्ताह में चार दिन 10 बजे दिखाए जा रहे धारावाहिक महाराणा प्रताप में एक अद्भुत दृश्य दिखाया गया, जिसमें किशोरवय प्रताप नाच रहे थे। सीरियल के निर्माता ने प्रताप से काफी देर तक ठुमके लगवाए।
सोमवार रात दिखाए गए इस एपीसोड में प्रात:स्मरणीय महाराणा प्रताप को ठुमके लगाते देखकर उनके प्रति श्रद्धा रखने वालों ने अपना सिर पीट लिया। इस बारे में राजघराने के उत्तराधिकारी महेन्द्रसिंह क्रमेवाड़ञ्ज से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि वे सीरियल नहीं देखते, जबकि सिटी पैलेस में रहने वाले इस बारे में बात ही नहीं करना चाहते।
इधर सीरियल के बढ़ते विरोध को देखते हुए निर्माता ने टीवी पर स्क्रॉल पट्टी चलवाई है, जिसमें बताया गया है कि यह धारावाहिक दंत कथाओं पर आधारित है। ऐसा करके उसने कानूनी कार्रवाई से बचाव का एक रास्ता निकाला है। हालांकि यह अलग बात हैं कि कानून में किसी भी इतिहास पुरूष को दंत कथाओं की आड़ में अपमानित करनेे की छूट नहीं है।
गर्ल्स के लिए पुलिस का स्पेशल प्रोजेक्ट
उदयपुर, गर्ल्स के साथ देश में बढती अपराधिक प्रवार्तियाँ बढ़ने के साथ ही राज्य में राजस्थान पुलिस का स्पेशल प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है।जिसमे स्कूल कोलेज में पढने वाली गर्ल्स की समस्या को गोपनीय रखते हुए उसका समाधान किया जायेगा। राजस्थान पुलिस का यह प्रयास है। कि स्कूल, घर, कॉलोनी, कम्यूनिटी या फिर किसी भी जगह। गल्र्स किसी भी तरह की समस्या से परेशान हैं तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। अपराध का डटकर सामना करें, क्योंकि आपकी हैल्प करने के लिए अब राजस्थान पुलिस की ओर से स्पेशल टीम होगी। इसके जरिए स्टूडेंट की प्रॉब्लम्स को गोपनीय रखते हुए सॉल्व की जाएगी। इसके लिए प्रोजेक्ट नो यूआर पुलिस (केवाईपी) और नो यूआर स्टूडेंट (केवाईएस) पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे ।
इसके तहत शहर के सभी थानों में तीन-तीन पुलिसकर्मियों की टीम बनाई जाएगी। इनमें गल्र्स की बात सही ढंग से समझने के लिए 2 महिला अवश्य हैं।
ऐसे शुरू हुआ प्रोजेक्ट:
इसे शुरू करने से पहले डीजीपी हरीशचंद्र मीना ने जयपुर में स्वयं स्कूल संचालकों और विशेषज्ञों की 8 फरवरी को मीटिंग की थी। उसके बाद हर तीन सदस्यों का चयन इंटरव्यू से किया गया। उन्हें 26-28 फरवरी को पै्रक्टिकल और साइकोलॉजी बिहेवियर की स्पेशल ट्रेनिंग दी गई। समर वेकेशन में भी ये टीम स्कूल फैकल्टीज और स्टाफ से लगातार मिल रही है।अब यह टीम जयपुर शहर के 18 सर्किल स्टेशन के 19 थानों पर सफलता पूर्वक कार्य कर रही है। जिसकी सफलता के बाद राज्य के अन्य शहरों में भी जल्द लागू कर दिया जायेगा जिसमे उदयपुर मुख्य है ।
ऐसे काम करेगी टीम
इस टीम के सदस्य अपने सर्किल के स्कूलों में जाकर स्टूडेंट से एक कॉन्फ्रेंस के जरिए मिलेगें। इसमें गल्र्स को पुलिस डिपार्टमेंट की जानकारी देने के साथ
उनके कॉन्फिडेंस बढ़ाते हुए गोपनीय रूप से समस्या सुनेगें। फिर अपना कॉन्टेक्ट नंबर उन्हें देते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया जायेगा की कोई भी समस्या आये इस नंबर पर कभी कॉल किया जा सकता है।
मुख्य उद्देश्य :
देश के साथ शहरों में भी गर्ल्स के साथ तरह तरह के अपराध और शोषण सामने आरहे है। जिनमे अधिकतर गर्ल्स के स्कूली छात्र होने और पुलिस के व् अन्य घरवालों के डर से सामने नहीं आते कई बार गर्ल्स पर घरेलु हिंसा या परिवार में ही कई तरह से शोषण किया जाता है। और स्कूली गर्ल्स अपने डर की वजह से किसी से कह नहीं पाती ऐसी ही समस्याओं से निपटने और ऐसे अपराधों को कम करने कि नियत से यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है ।
हिन्दुस्तान जिंक ने किया उच्च षिक्षा के लिए ग्रामीण छात्राओं का चयन
15 छात्राओं का वेदांता पीजी गर्ल्स कॉलेज में पढ़ाई के लिए किया मनोनित
वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा-चॉंदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक की रामपुरा आगुचा खान ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आस-पास के गांवों की 8 छात्राओं का उच्च षिक्षा के लिए वेदान्ता पी.जी. गर्ल्स कॉलेज रींगस में अध्ययन के लिए चयन किया गया है। ये 8 छात्राएं आगुचा, कोठिया एवं हुरड़ा ग्राम पंचायत की निवासी है तथा इन्होंने 12वीं कक्षा में 60 प्रतिषत से ज्यादा अंक प्राप्त किये हैं। आगुचा खान के स्थानीय गा्रमीण संसाधन केन्द्र द्वारा चयनित गरीबी रेखा से नीचे परिवार की ये छात्राएं तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में अध्ययन करेंगी। इससे पहले आगुचा माइन्स से 6 छात्राएं वेदान्ता पीजी कॉलेज में अध्ययन कर रही है वे भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थी। हिन्दुस्तान जिं़क की जावर माइंस इकाई से 7 आदिवासी बालिकाओं को रिंगस स्थित वेदान्ता पीजी गर्ल्स कॉलेज में पढ़ाई के लिए भेजा जा रहा है।
हिन्दुस्तान जिं़क का प्रयास है कि इकाईयों के आस-पास के गांवों की जनता ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो। अब तक हिन्दुस्तान जिं़क की सभी इकाईयों से लगभग 50 छात्राएं रींगस गर्ल्स कॉलेज में अध्ययन कर रही है।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कॅार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि छात्राओं के लिए हॉस्टल, शुल्क, यूनिफार्म एवं पुस्तकों की व्यवस्था हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत राजस्थान सरकार के सहयोग से ग्रामीण विकास एवं समाज उत्थान के लिए हिन्दुस्तान जिं़क अनेकों महत्ती परियोजनाओं का निर्वहन कर रहे है जिससे इकाई के आस-पास के गांवों के लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
वेदान्ता समूह के चेयरमैन, श्री अनिल जी अग्रवाल के दादाजी, स्व. श्री लक्ष्मीनारायण जी अग्रवाल ने 1995 में सीकर जिले के रींगस क्षेत्र में महिलाओं में शिक्षा स्तर बढ़ाने के लिए इस महिला महाविद्यालय की स्थापना की थी। वर्तमान में यह वेदान्ता पी.जी. गर्ल्स कॉलेज के रूप में संचालित है। इस महिला महाविद्यालय में वाणिज्य, कला एवं विज्ञान तथा कम्प्यूटर विज्ञान संकायों में लगभग 65 गांवों के 2600 छात्राएं अध्ययनरत् है।

